RBSE Class 10th 2010 Science-S-07-1-2010 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2010 |
| Subject | Science-S-07-1-2010 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2010 Science-S-07-1-2010
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Rajasthan Board Class 10th Science-S-07-1-2010 2010 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2010
SECONDARY EXAMINATION, 2010
विज्ञान — प्रथम पत्र
(SCIENCE — First Paper)
समय : 3 घण्टे 15 मिनट | पूर्णांक : 40
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
General Instructions for Examinees :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - प्रश्न क्रमांक 23 व 24 में आन्तरिक विकल्प हैं ।
There are internal choices in Question Nos. 23 & 24. - प्रश्न क्रमांक 2 से 5 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं ।
Question Nos. 2 to 5 are Very Short Answer type questions. - जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ क्रमवार लिखें ।
For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न क्रमांक 1 में 4 भाग (i, ii, iii तथा iv) हैं । प्रत्येक भाग के चार विकल्प आ, ब, स और द दिये गये हैं । सही उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर दीजिए :
| भाग | उत्तराक्षर |
|---|---|
| (i) | |
| (ii) | |
| (iii) | |
| (iv) |
S—07—1—Science I | [ S—203 ] | [ Turn over ]
प्रश्न पत्र – विज्ञान (S-07-1-2010) – पृष्ठ 2
प्रश्न संख्या 1 के चार भाग (i, ii, iii, iv) हैं। प्रत्येक भाग के चार विकल्प A, B, C और D दिए गए हैं। सही विकल्प के अक्षर को नीचे दी गई तालिका के अनुसार उत्तर-पुस्तिका में लिखें:
| प्रश्न क्रमांक Question No. |
उत्तर का क्रमाक्षर Correct letter of the Answer |
|---|---|
| 1. (i) | |
| 1. (ii) | |
| 1. (iii) | |
| 1. (iv) |
1. (i) फ्रेऑन-11 का अणु सूत्र है
Molecular formula of Freon-11 is:
- (A) CFC3
- (B) C2FCl3
- (C) C2F2Cl2
- (D) C2F3Cl
सही उत्तर: (A) CFC3
फ्रेऑन-11 (Freon-11) का रासायनिक नाम ट्राइक्लोरोफ्लोरोमीथेन है, जिसका अणु सूत्र CCl3F या CFC3 होता है।
1. (ii) एक कम्प्यूटर पर काम करते हुए दुनिया के किसी भाग में स्थित कम्प्यूटर पर काम करने की सुविधा देता है
The facility of working on any computer in any part of the world during working at one computer, is given by:
- (A) ई-मेल (E-mail)
- (B) टेलनेट (Telnet)
- (C) प्रोटोकॉल (Protocol)
- (D) वर्ल्ड वाइड वेब (World wide web)
सही उत्तर: (B) टेलनेट (Telnet)
टेलनेट एक नेटवर्क प्रोटोकॉल है जो उपयोगकर्ता को एक कम्प्यूटर से दूसरे दूरस्थ कम्प्यूटर पर लॉग इन करके उस पर काम करने की सुविधा देता है।
1. (iii) प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र है
Formula of Plaster of Paris is:
- (A) CaSO4·2H2O
- (B) CaSO4·½H2O
- (C) CaSO4
- (D) CaSO4·½H2O
सही उत्तर: (B) CaSO4·½H2O
प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris) कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है, जिसका रासायनिक सूत्र CaSO4·½H2O होता है। यह जिप्सम (CaSO4·2H2O) को गर्म करने पर बनता है।
1. (iv) [प्रश्न स्पष्ट नहीं है]
इस भाग का प्रश्न पृष्ठ पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। कृपया मूल प्रश्न पत्र देखें।
प्रश्न 4 (iv)
भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान है
- (अ) एस०एल०वी०-3
- (ब) आर्यभट्ट
- (स) ऐपल
- (द) पृथ्वी
The first Indian satellite launch vehicle is
- (A) SLV-3
- (B) Aryabhatta
- (C) Apple
- (D) Earth
सही उत्तर: (अ) एस०एल०वी०-3 / (A) SLV-3
व्याख्या: SLV-3 (Satellite Launch Vehicle-3) भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान था, जिसे 1980 में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। आर्यभट्ट भारत का पहला उपग्रह था, लेकिन इसे सोवियत संघ के प्रक्षेपण यान से छोड़ा गया था।
प्रश्न 5
भाभा के कुशल निर्देशन में स्थापित कोई दो परमाण्वीय रिएक्टरों के नाम लिखिए।
Write the names of any two atomic reactors founded in the expert leadership of Bhabha.
उत्तर: डॉ. होमी जे. भाभा के कुशल निर्देशन में स्थापित दो परमाणु रिएक्टर हैं:
- अप्सरा रिएक्टर (Apsara Reactor) – भारत का पहला परमाणु अनुसंधान रिएक्टर, जो 1956 में ट्रॉम्बे (मुंबई) में स्थापित हुआ।
- साइरस रिएक्टर (CIRUS Reactor) – कनाडा-भारत संयुक्त प्रयास से 1960 में स्थापित, जो अनुसंधान और आइसोटोप उत्पादन के लिए उपयोग हुआ।
प्रश्न 6
ऑरलॉन बहुलक के अवयवी यौगिक का नाम दीजिए।
Name the constituent compound of the polymer orlon.
उत्तर: ऑरलॉन बहुलक का अवयवी यौगिक एक्रिलोनाइट्राइल (Acrylonitrile) है। इसका रासायनिक सूत्र CH₂=CH-CN है। ऑरलॉन एक सिंथेटिक फाइबर है जो पॉलीएक्रिलोनाइट्राइल से बनता है।
प्रश्न 7
INSAT का पूरा नाम बताइए।
Write the full name of INSAT.
उत्तर: INSAT का पूरा नाम भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली (Indian National Satellite System) है। यह भारत की एक बहुउद्देशीय उपग्रह प्रणाली है जो दूरसंचार, प्रसारण, मौसम विज्ञान और आपदा प्रबंधन सेवाएं प्रदान करती है।
प्रश्न 8
सर सी० वी० रमन को नोबल पुरस्कार द्वारा क्यों सम्मानित किया गया था?
Why was Sir C. V. Raman honoured by a Nobel prize?
उत्तर: सर सी. वी. रमन को 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार रमन प्रभाव (Raman Effect) की खोज के लिए प्रदान किया गया था। उन्होंने यह प्रदर्शित किया कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन होता है, जिसे रमन प्रकीर्णन कहते हैं। यह खोज प्रकाश के क्वांटम सिद्धांत को समझने में महत्वपूर्ण थी।
प्रश्न 9
अभिक्रिया mA + nB ⇌ m₁C + n₁D के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखिए एवं इसका वेग स्थिरांकों से सम्बन्ध बताइए।
Write the expression for equilibrium constant of the reaction mA + nB ⇌ m₁C + n₁D and show its relationship with rate constants.
उत्तर:
साम्य स्थिरांक (Kc) का व्यंजक:
Kc = [C]m₁ [D]n₁ / [A]m [B]n
जहाँ [A], [B], [C], [D] साम्यावस्था पर सांद्रताएँ हैं।
वेग स्थिरांकों से सम्बन्ध:
अग्र अभिक्रिया का वेग = kf [A]m [B]n
प्रतीप अभिक्रिया का वेग = kb [C]m₁ [D]n₁
साम्यावस्था पर, अग्र वेग = प्रतीप वेग
kf [A]m [B]n = kb [C]m₁ [D]n₁
अतः Kc = kf / kb
अर्थात साम्य स्थिरांक अग्र एवं प्रतीप अभिक्रिया के वेग स्थिरांकों के अनुपात के बराबर होता है।
प्रश्न 10
ऐल्केन व ऐल्काइन के सामान्य सूत्र लिखिए।
Write the general formulae of Alkane and Alkyne.
उत्तर:
- ऐल्केन (Alkane) का सामान्य सूत्र: CnH2n+2 (जहाँ n = 1, 2, 3, ...)
- ऐल्काइन (Alkyne) का सामान्य सूत्र: CnH2n-2 (जहाँ n = 2, 3, 4, ...)
उदाहरण: मीथेन (CH₄) ऐल्केन है, एथाइन (C₂H₂) ऐल्काइन है।
प्रश्न 11
कांच का क्रान्तिक कोण कितना है? पूर्ण परावर्तक प्रिज्म द्वारा प्रकाश किरणों का परावर्तन दर्शाइए।
What is the critical angle for glass? Show the reflection of light rays by totally reflecting prism.
उत्तर:
कांच का क्रान्तिक कोण: सामान्य कांच (जैसे क्राउन ग्लास) के लिए क्रान्तिक कोण लगभग 42° होता है। यह मान कांच के प्रकार और अपवर्तनांक पर निर्भर करता है।
पूर्ण परावर्तक प्रिज्म द्वारा प्रकाश किरणों का परावर्तन:
पूर्ण परावर्तक प्रिज्म एक समकोण समद्विबाहु प्रिज्म होता है जिसमें प्रकाश किरण पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है। जब प्रकाश किरण प्रिज्म के एक फलक पर लंबवत आपतित होती है, तो यह बिना विचलन के प्रिज्म में प्रवेश करती है और कर्ण फलक पर 45° के कोण पर आपतित होती है। चूंकि यह कोण कांच के क्रान्तिक कोण (42°) से अधिक होता है, इसलिए पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है और किरण 90° या 180° के कोण पर परावर्तित होकर बाहर निकलती है। इसका उपयोग दूरबीनों और परावर्तकों में किया जाता है।
प्रश्न 12
भू-स्थिर उपग्रह किसे कहते हैं? भारत द्वारा शिक्षा क्षेत्र में विस्तार के लिए समर्पित स्वदेशी भू-स्थिर उपग्रह का नाम लिखिए।
What is geostationary satellite? Name the Indian geostationary satellite which is working in the field of education extension in India.
उत्तर:
भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite): यह एक ऐसा उपग्रह है जो पृथ्वी के चारों ओर भूमध्य रेखा के ऊपर एक निश्चित कक्षा में घूमता है, जिसकी परिक्रमण अवधि पृथ्वी के घूर्णन काल (24 घंटे) के बराबर होती है। यह पृथ्वी से देखने पर आकाश में एक स्थान पर स्थिर दिखाई देता है। इसकी ऊँचाई लगभग 36,000 किमी होती है।
भारत का शिक्षा क्षेत्र में समर्पित भू-स्थिर उपग्रह: एडुसैट (EDUSAT) या जीसैट-3 (GSAT-3) भारत का पहला शिक्षा-समर्पित भू-स्थिर उपग्रह है, जिसे 2004 में प्रक्षेपित किया गया था। यह दूरस्थ शिक्षा और डिजिटल कक्षाओं के विस्तार के लिए कार्य करता है।
चरक के अनुसार शरीर में रोग उत्पन्न होने का क्या कारण है ?
According to Charak, what is the cause of disease in body?
चरक के अनुसार, शरीर में रोग उत्पन्न होने का कारण तीन दोषों (वात, पित्त, कफ) का असंतुलन है। जब ये दोष अपनी सामान्य अवस्था से बिगड़ जाते हैं, तो रोग उत्पन्न होते हैं।
प्रबल एवं दुर्बल विद्युत अपघट्य किसे कहते हैं ? उदाहरण दीजिए।
What are weak and strong electrolytes? Give example.
प्रबल विद्युत अपघट्य (Strong Electrolyte): वे पदार्थ जो जल में पूर्णतः आयनित हो जाते हैं और विद्युत धारा का अच्छा चालन करते हैं। उदाहरण: NaCl, HCl, NaOH।
दुर्बल विद्युत अपघट्य (Weak Electrolyte): वे पदार्थ जो जल में आंशिक रूप से आयनित होते हैं और विद्युत धारा का कम चालन करते हैं। उदाहरण: CH₃COOH, NH₄OH, H₂CO₃।
उत्क्रमणीय अभिक्रिया के तीन प्रमुख लक्षण लिखिए।
Give three main characteristics of reversible reactions.
- अभिक्रिया दोनों दिशाओं (अग्र एवं प्रतीप) में एक साथ होती है।
- अभिक्रिया कभी पूर्ण नहीं होती, साम्यावस्था स्थापित होती है।
- साम्यावस्था पर अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता स्थिर रहती है।
श्वेत फास्फोरस से लाल एवं काला फास्फोरस कैसे प्राप्त किया जाता है ? श्वेत फास्फोरस की संरचना बनाइए।
How are red and black phosphorus obtained from white phosphorus? Draw the structure of white phosphorus.
लाल फास्फोरस: श्वेत फास्फोरस को वायु की अनुपस्थिति में 250°C–300°C तक गर्म करने पर लाल फास्फोरस प्राप्त होता है।
काला फास्फोरस: श्वेत फास्फोरस को उच्च दाब (लगभग 12000 atm) पर गर्म करने पर काला फास्फोरस प्राप्त होता है।
श्वेत फास्फोरस की संरचना: श्वेत फास्फोरस में चार फास्फोरस परमाणु एक चतुष्फलकीय (tetrahedral) संरचना बनाते हैं, जिसे P₄ अणु के रूप में दर्शाया जाता है।
P
/ \
P P
\ /
P
सी०एन०जी० तथा एल०पी०जी० के पूरे नाम लिखिए। सुरक्षा की दृष्टि से कौन-सी गैस अधिक उपयोगी है और क्यों?
Write the full names of C.N.G. and L.P.G. From safety point of view, which gas is more useful and why?
C.N.G.: Compressed Natural Gas (संपीडित प्राकृतिक गैस)
L.P.G.: Liquefied Petroleum Gas (द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस)
सुरक्षा की दृष्टि से C.N.G. अधिक उपयोगी है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और रिसाव होने पर ऊपर उड़ जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। जबकि L.P.G. हवा से भारी होती है और नीचे जमा हो सकती है, जिससे विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।
प्राकृतिक रबड़ के एकलक यौगिक का नाम दीजिए। इसकी गुणवत्ता कैसे बढ़ाई जाती है? समझाइए।
Give the name of monomer of natural rubber. How is its efficiency increased? Explain.
प्राकृतिक रबड़ का एकलक यौगिक आइसोप्रीन (2-मिथाइल-1,3-ब्यूटाडाईन) है।
इसकी गुणवत्ता वल्कनीकरण (Vulcanization) प्रक्रिया द्वारा बढ़ाई जाती है। इसमें रबड़ को सल्फर के साथ गर्म किया जाता है, जिससे रबड़ की श्रृंखलाओं के बीच क्रॉस-लिंक बनते हैं। इससे रबड़ अधिक मजबूत, लचीला और ताप-प्रतिरोधी बन जाता है।
विद्युत-चुम्बकीय प्रेरण किसे कहते हैं ? प्रत्यावर्ती धारा जनित्र का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।
What is electromagnetic induction? Draw a neat and labelled diagram of A.C. generator.
विद्युत-चुम्बकीय प्रेरण: जब किसी चालक कुंडली से जुड़े चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो कुंडली में विद्युत वाहक बल (emf) उत्पन्न होता है। इस घटना को विद्युत-चुम्बकीय प्रेरण कहते हैं।
प्रत्यावर्ती धारा जनित्र का नामांकित चित्र:
N
|
| (चुम्बकीय क्षेत्र)
|
----[कुंडली]----
| | | |
| | | |
| [सर्पी वलय] |
| | | |
| [ब्रुश] | |
| | | |
[बाह्य परिपथ]
चित्र में: N-S चुम्बक, कुंडली (coil), सर्पी वलय (slip rings), ब्रुश (brushes), और बाह्य परिपथ (external circuit) दर्शाए गए हैं।
लोहे के तीन ऑक्साइड अयस्क लिखिए।
Write three oxide ores of iron.
- हेमेटाइट (Hematite): Fe₂O₃
- मैग्नेटाइट (Magnetite): Fe₃O₄
- लिमोनाइट (Limonite): Fe₂O₃·3H₂O
विद्युत-चुम्बक की तीव्रता का मान किन-किन कारकों पर निर्भर करता है ? विद्युत-चुम्बक के उपयोग दीजिए।
On which factors does the intensity of electromagnet depend? Give the application of electromagnet.
विद्युत-चुम्बक की तीव्रता निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है:
- कुंडली में प्रवाहित धारा की मात्रा (धारा बढ़ने पर तीव्रता बढ़ती है)।
- कुंडली में फेरों की संख्या (फेरे बढ़ने पर तीव्रता बढ़ती है)।
- क्रोड के पदार्थ का प्रकार (नर्म लोहे का क्रोड अधिक तीव्रता देता है)।
विद्युत-चुम्बक के उपयोग:
- विद्युत घंटी (Electric bell) में
- भारी वस्तुओं को उठाने के लिए क्रेन (Crane) में
- डायनेमो और मोटर में
- टेलीफोन और टेलीग्राफ में
- चिकित्सा उपकरणों (जैसे MRI) में
9. निम्न के उपयोग लिखिए :
Give uses of the following :
-
सल्फ्यूरिक अम्ल (Sulphuric acid)
उपयोग: इसका उपयोग बैटरियों में, उर्वरकों के निर्माण में, पेट्रोलियम शोधन में, और रासायनिक उद्योगों में किया जाता है।
-
विरंजक चूर्ण (Bleaching powder)
उपयोग: इसका उपयोग पानी को शुद्ध करने, कपड़ों को विरंजित करने, और कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है।
-
हाइड्रोजन परॉक्साइड (Hydrogen peroxide)
उपयोग: इसका उपयोग घावों को साफ करने, बालों को ब्लीच करने, और रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकरण एजेंट के रूप में किया जाता है।
20. ई-बैंकिंग क्या है? इसके क्या लाभ हैं?
What is E-banking? What are its advantages?
ई-बैंकिंग (E-banking): यह इंटरनेट के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने की सुविधा है, जिसमें खाता देखना, पैसे ट्रांसफर करना, और बिल भुगतान शामिल है।
लाभ:
- 24 घंटे सेवा उपलब्ध होती है।
- समय और पैसे की बचत होती है।
- लेन-देन सुरक्षित और तेज होता है।
- कहीं से भी बैंकिंग की जा सकती है।
21. मल्टीमीटर एक बहु उपयोगी यन्त्र है। क्यों?
Multimeter is a useful device. Why?
कारण: मल्टीमीटर एक बहु-उपयोगी यन्त्र है क्योंकि यह वोल्टेज, धारा, और प्रतिरोध को माप सकता है। यह एक ही उपकरण में कई मापन क्षमताएँ प्रदान करता है, जिससे विद्युत परिपथों की जाँच और समस्या निवारण आसान हो जाता है।
22. रेफ्रिजरेटर की कार्यप्रणाली को समझाइए तथा इसे उपयोग में लेते समय बरती जाने वाली तीन सावधानियाँ दीजिए।
Explain the working of refrigerator and give three precautions during its use.
कार्यप्रणाली: रेफ्रिजरेटर एक बंद प्रणाली में रेफ्रिजरेंट गैस का उपयोग करता है। कंप्रेसर गैस को संपीड़ित करता है, जिससे वह गर्म हो जाती है और कंडेनसर में ठंडी होकर द्रव बनती है। यह द्रव एक्सपेंशन वाल्व से गुज़रकर दबाव कम करता है और वाष्पित्र में प्रवेश करता है, जहाँ यह गर्मी अवशोषित करके वाष्प बनता है, जिससे अंदर का तापमान कम हो जाता है। यह चक्र दोहराया जाता है।
सावधानियाँ:
- रेफ्रिजरेटर को समतल और हवादार जगह पर रखें।
- गर्म भोजन को तुरंत अंदर न रखें, पहले ठंडा करें।
- दरवाज़ा बार-बार न खोलें और न ही लंबे समय तक खुला रखें।
23. एक मकान में तीन कमरे हैं। प्रत्येक कमरे में 100 वाट का बल्ब तथा 40 वाट की ट्यूबलाइट लगी है। प्रत्येक कमरे में बल्ब एक घण्टे तथा ट्यूबलाइट 4 घण्टे प्रतिदिन कार्य में आती है। 30 दिन में कुल खर्च यूनिट का मान ज्ञात कीजिए।
There are three rooms in a house. Each room has a 100 watt bulb and a 40 watt tubelight. Everyday the bulb is used for one hour and tubelight is used for 4 hours in each room. Calculate total electric energy consumed in units in 30 days.
हल:
प्रति कमरे में बल्ब की शक्ति = 100 वाट, ट्यूबलाइट की शक्ति = 40 वाट
प्रति कमरे में प्रतिदिन बल्ब द्वारा खपत ऊर्जा = 100 वाट × 1 घंटा = 100 वाट-घंटा
प्रति कमरे में प्रतिदिन ट्यूबलाइट द्वारा खपत ऊर्जा = 40 वाट × 4 घंटे = 160 वाट-घंटा
प्रति कमरे में प्रतिदिन कुल खपत = 100 + 160 = 260 वाट-घंटा
तीन कमरों में प्रतिदिन कुल खपत = 3 × 260 = 780 वाट-घंटा
30 दिनों में कुल खपत = 780 × 30 = 23400 वाट-घंटा
1 यूनिट = 1000 वाट-घंटा, अतः कुल यूनिट = 23400 / 1000 = 23.4 यूनिट
उत्तर: 30 दिनों में कुल खपत 23.4 यूनिट है।
24. प्राथमिक एवं द्वितीयक सेल में अन्तर बताइए।
Write the difference between primary and secondary cells.
| प्राथमिक सेल (Primary Cell) | द्वितीयक सेल (Secondary Cell) |
|---|---|
| इसे पुनः आवेशित नहीं किया जा सकता। | इसे पुनः आवेशित किया जा सकता है। |
| रासायनिक अभिक्रिया अपरिवर्तनीय होती है। | रासायनिक अभिक्रिया प्रतिवर्ती होती है। |
| उदाहरण: शुष्क सेल, वोल्टीय सेल। | उदाहरण: लेड-एसिड संचायक, Ni-Cd सेल। |
25. सीसा संचायक सेल का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।
Draw neat and labelled diagram of lead accumulator cell.
चित्र विवरण: सीसा संचायक सेल में दो प्लेटें होती हैं: धनाग्र (PbO₂) और ऋणाग्र (Pb), जो तनु H₂SO₄ में डूबी होती हैं। चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाएँ:
- धनाग्र (PbO₂ प्लेट) - भूरे रंग की
- ऋणाग्र (Pb प्लेट) - स्लेटी रंग की
- विद्युत-अपघट्य (तनु H₂SO₄)
- सेल का पात्र
- टर्मिनल (धन और ऋण)
(नोट: यहाँ चित्र नहीं बनाया जा सकता, कृपया उपरोक्त विवरण के अनुसार चित्र बनाएँ।)
26. सीसा संचायक सेल को आवेशित करने पर धनाग्र एवं ऋणाग्र पर क्या अभिक्रियाएँ होती हैं?
On charging of lead accumulator cell give reactions at anode and cathode.
आवेशन के दौरान अभिक्रियाएँ:
धनाग्र (Anode) पर: PbSO₄ + 2H₂O → PbO₂ + H₂SO₄ + 2H⁺ + 2e⁻
ऋणाग्र (Cathode) पर: PbSO₄ + 2e⁻ → Pb + SO₄²⁻
कुल अभिक्रिया: 2PbSO₄ + 2H₂O → PbO₂ + Pb + 2H₂SO₄
इस प्रकार, आवेशन के दौरान धनाग्र पर PbO₂ और ऋणाग्र पर Pb बनता है, और H₂SO₄ का पुनर्निर्माण होता है।
23.
(i) सरल सूक्ष्मदर्शी यन्त्र क्या है ? किरण चित्र बनाते हुए उसकी कार्यविधि को समझाइए ।
(ii) अवतल लेन्स से किस प्रकार का प्रतिबिम्ब बनता है, प्रकाश किरण चित्र बनाकर समझाइए ।
(iii) लेन्स की फोकस दूरी ज्ञात करने का सूत्र लिखिए ।
अथवा
(i) उत्तल लेन्स के सामने F और 2F के मध्य वस्तु रखी है, तो प्रकाश किरण चित्र बनाकर बताइए कि प्रतिबिम्ब कैसा होगा ।
(ii) निकट दृष्टि-दोष एवं उसके निवारण में प्रयुक्त लेन्स उपयोग को किरण चित्र की सहायता से समझाइए ।
(iii) संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता का सूत्र लिखिए ।
What is a simple microscope ? Explain its working by drawing a ray diagram.
Drawing ray diagram explain the nature of image when the object is put in front of concave lens.
Write the formula to determine the focal length of a lens.
OR
Drawing ray diagram state the nature of image when the object is put in front of convex lens in between F and 2F.
Explain Myopia and the lens used for its correction with the help of ray diagram.
Write the expression for magnifying capacity of a compound microscope.
Solution (Hindi):
(i) सरल सूक्ष्मदर्शी: यह एक उत्तल लेन्स होता है जिसकी फोकस दूरी कम होती है। कार्यविधि: वस्तु को लेन्स के फोकस और प्रकाशिक केन्द्र के बीच रखा जाता है। लेन्स से वस्तु का सीधा, आभासी और बड़ा प्रतिबिम्ब बनता है। किरण चित्र में वस्तु से दो किरणें लेन्स पर आपतित होती हैं—एक प्रकाशिक केन्द्र से सीधी जाती है, दूसरी फोकस से गुज़रकर समान्तर निकलती है। ये किरणें वस्तु की ओर से पीछे मिलती हैं, जिससे आभासी प्रतिबिम्ब बनता है।
(ii) अवतल लेन्स से प्रतिबिम्ब: अवतल लेन्स हमेशा सीधा, आभासी और छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है। किरण चित्र में वस्तु से दो किरणें लेन्स पर आपतित होती हैं—एक प्रकाशिक केन्द्र से सीधी जाती है, दूसरी लेन्स से अपवर्तित होकर फोकस की ओर मुड़ती है। ये किरणें वस्तु की ओर से पीछे मिलती हैं, जिससे आभासी प्रतिबिम्ब बनता है।
(iii) लेन्स की फोकस दूरी का सूत्र: लेन्स सूत्र: 1/f = 1/v - 1/u, जहाँ f = फोकस दूरी, v = प्रतिबिम्ब दूरी, u = वस्तु दूरी।
अथवा:
(i) उत्तल लेन्स (F और 2F के बीच वस्तु): प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा और बड़ा होता है। किरण चित्र में वस्तु से दो किरणें—एक प्रकाशिक केन्द्र से सीधी, दूसरी फोकस से गुज़रकर समान्तर—लेन्स के दूसरी ओर मिलती हैं।
(ii) निकट दृष्टि-दोष (Myopia): इसमें निकट की वस्तुएँ स्पष्ट दिखती हैं, पर दूर की नहीं। कारण: नेत्र लेन्स की फोकस दूरी कम होना या नेत्रगोलक का लम्बा होना। निवारण: अवतल लेन्स का उपयोग किया जाता है, जो प्रकाश किरणों को फैलाकर रेटिना पर फोकस करता है। किरण चित्र में अवतल लेन्स किरणों को अपसारित करता है।
(iii) संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता का सूत्र: M = (L/f₀) × (1 + D/fₑ), जहाँ L = नली की लम्बाई, f₀ = अभिदृश्यक लेन्स की फोकस दूरी, fₑ = नेत्रिका लेन्स की फोकस दूरी, D = स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (25 cm)।
24.
(i) भौतिक व रासायनिक परिवर्तन किसे कहते हैं ? उदाहरण दीजिए ।
(ii) आक्सीकारक एवं अपचायक को इलेक्ट्रॉनिक धारणा से समझाइए ।
(iii) निम्नलिखित प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए :
(अ) संयोजन अभिक्रिया
(ब) ताप अपघटन अभिक्रिया
(स) विस्थापन अभिक्रिया ।
अथवा
(i) भौतिक व रासायनिक परिवर्तन किसे कहते हैं ? उदाहरण दीजिए ।
(ii) आक्सीकारक एवं अपचायक को इलेक्ट्रॉनिक धारणा से समझाइए ।
(iii) निम्नलिखित प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए :
(अ) संयोजन अभिक्रिया
(ब) ताप अपघटन अभिक्रिया
(स) विस्थापन अभिक्रिया ।
Solution (Hindi):
(i) भौतिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ का केवल भौतिक गुण (जैसे आकार, अवस्था) बदलता है, पर रासायनिक संरचना नहीं। उदाहरण: बर्फ का पिघलना, पानी का उबलना।
रासायनिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ की रासायनिक संरचना बदल जाती है और नया पदार्थ बनता है। उदाहरण: लोहे में जंग लगना, दूध का दही बनना।
(ii) आक्सीकारक एवं अपचायक (इलेक्ट्रॉनिक धारणा): आक्सीकारक वह पदार्थ है जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है (स्वयं अपचित होता है), जैसे O₂, Cl₂। अपचायक वह पदार्थ है जो इलेक्ट्रॉन दान करता है (स्वयं ऑक्सीकृत होता है), जैसे Na, H₂। उदाहरण: 2Na + Cl₂ → 2NaCl में Na अपचायक (इलेक्ट्रॉन दान) और Cl₂ आक्सीकारक (इलेक्ट्रॉन ग्रहण) है।
(iii) उदाहरण:
- (अ) संयोजन अभिक्रिया: 2H₂ + O₂ → 2H₂O (दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं)।
- (ब) ताप अपघटन अभिक्रिया: CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर एक पदार्थ टूटकर दो या अधिक में बदलता है)।
- (स) विस्थापन अभिक्रिया: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील को विस्थापित करती है)।
60) तीव्र एवं मन्द अभिक्रियाएँ किसे कहते हैं ? उदाहरण दीजिए।
तीव्र अभिक्रिया (Fast Reaction): वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जो बहुत कम समय (सेकंड या मिनट) में पूरी हो जाती हैं, तीव्र अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण: सिल्वर नाइट्रेट (AgNO₃) और सोडियम क्लोराइड (NaCl) के विलयन को मिलाने पर तुरंत सिल्वर क्लोराइड (AgCl) का सफेद अवक्षेप बनता है।
मन्द अभिक्रिया (Slow Reaction): वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जो पूरी होने में अधिक समय (घंटे, दिन या वर्ष) लेती हैं, मन्द अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण: लोहे पर जंग लगना (Fe₂O₃ का बनना) एक मन्द अभिक्रिया है।
(i) इलेक्ट्रॉनिक धारणा से आक्सीकरण एवं अपचयन को समझाइए।
आक्सीकरण (Oxidation): इलेक्ट्रॉनिक धारणा के अनुसार, जब किसी परमाणु, अणु या आयन से एक या अधिक इलेक्ट्रॉन निकल जाते हैं, तो उसे आक्सीकरण कहते हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीकरण संख्या बढ़ती है।
उदाहरण: Na → Na⁺ + e⁻ (सोडियम परमाणु एक इलेक्ट्रॉन खोकर ऑक्सीकृत होता है।)
अपचयन (Reduction): इलेक्ट्रॉनिक धारणा के अनुसार, जब किसी परमाणु, अणु या आयन द्वारा एक या अधिक इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए जाते हैं, तो उसे अपचयन कहते हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीकरण संख्या घटती है।
उदाहरण: Cl₂ + 2e⁻ → 2Cl⁻ (क्लोरीन अणु दो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके अपचयित होता है।)
(ii) निम्नलिखित के उदाहरण दीजिए:
- (अ) धनात्मक उत्प्रेरक (Positive Catalyst): वह उत्प्रेरक जो अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है। उदाहरण: सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) के उत्पादन में प्लैटिनम (Pt) का उपयोग धनात्मक उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
- (ब) ऋणात्मक उत्प्रेरक (Negative Catalyst): वह उत्प्रेरक जो अभिक्रिया की दर को घटाता है। उदाहरण: क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) के ऑक्सीकरण को रोकने के लिए एथिल अल्कोहल (C₂H₅OH) का उपयोग ऋणात्मक उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
- (स) जैव उत्प्रेरक (Bio-catalyst): वे उत्प्रेरक जो जीवों में पाए जाते हैं और जैव रासायनिक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। उदाहरण: एंजाइम (जैसे, एमाइलेज, पेप्सिन)।
OR
(@) What are slow and fast chemical reactions? Give example.
Fast Chemical Reaction: Chemical reactions that are completed in a very short time (seconds or minutes) are called fast reactions.
Example: When silver nitrate (AgNO₃) solution is mixed with sodium chloride (NaCl) solution, a white precipitate of silver chloride (AgCl) forms immediately.
Slow Chemical Reaction: Chemical reactions that take a long time (hours, days, or years) to complete are called slow reactions.
Example: Rusting of iron (formation of Fe₂O₃) is a slow reaction.
(i) On the basis of electronic concept explain oxidation and reduction.
Oxidation: According to the electronic concept, when an atom, molecule, or ion loses one or more electrons, it is called oxidation. In this process, the oxidation number increases.
Example: Na → Na⁺ + e⁻ (Sodium atom loses one electron and is oxidized.)
Reduction: According to the electronic concept, when an atom, molecule, or ion gains one or more electrons, it is called reduction. In this process, the oxidation number decreases.
Example: Cl₂ + 2e⁻ → 2Cl⁻ (Chlorine molecule gains two electrons and is reduced.)
(ii) Give one example of each of the following:
- (a) Addition Reaction: A reaction in which two or more reactants combine to form a single product. Example: C₂H₄ + H₂ → C₂H₆ (Ethene adds hydrogen to form ethane.)
- (b) Thermal Decomposition: A reaction in which a compound breaks down into simpler substances on heating. Example: CaCO₃ → CaO + CO₂ (Calcium carbonate decomposes into calcium oxide and carbon dioxide on heating.)
- (c) Displacement Reaction: A reaction in which a more reactive element displaces a less reactive element from its compound. Example: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (Iron displaces copper from copper sulfate solution.)
(iii) Give examples of the following:
- (a) Positive Catalyst: A catalyst that increases the rate of a reaction. Example: Platinum (Pt) is used as a positive catalyst in the production of sulfuric acid (H₂SO₄).
- (b) Negative Catalyst: A catalyst that decreases the rate of a reaction. Example: Ethyl alcohol (C₂H₅OH) is used as a negative catalyst to prevent the oxidation of chloroform (CHCl₃).
- (c) Bio-catalyst: Catalysts found in living organisms that control biochemical reactions. Example: Enzymes (e.g., amylase, pepsin).