RBSE Class 10th 2013 )-S-74-2013 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2013
Subject )-S-74-2013
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 10th 2013 )-S-74-2013

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Rajasthan Board Class 10th )-S-74-2013 2013 solved Previous Year Question Papers

S—74—Sindhi (T. L.)

No. of Questions — 11 | No. of Printed Pages — 7

SECONDARY EXAMINATION, 2013

SINDHI (THIRD LANGUAGE)

Time : 3 Hours 5 Minutes | Maximum Marks : 80

नोट : सभेई सुवाल करणु जरुरी आहिनि।


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प्रश्न 1 (लघु उत्तरीय प्रश्न)

l+2+2=5

स्त्री पुरुष जी शक्ति आहे. हूअ माउ भेण पत्नी ऐ धीउ वगैरह रूपनि में पुरुष में कर्तव्य जी भावना जगाईनदी आहे। हूअ ममता जी मूरत आहे, गुल जियां कोमल आहे, पर चोट खाई हूअ अत्याचार न सही तीर कमान खां fa कठोर थी पवन्दी आहे, Us हूअ न माउ Weal आहे न पत्नी हूअ हिक दुर्गा जो रूप धारण eh आहे वास्तव में नारी सृष्टिअ जो रूप आहे तंहि में सभु शक्तियूं समायल आहिनि।

  1. (0) मथियें टुकरे जो सिरो लिखो।

    उत्तर: स्त्री पुरुष जी शक्ति आहे।

  2. (i) खालु भरियो :

    नारी ................. जो रूप धारण Heat आहे।

    उत्तर: नारी दुर्गा जो रूप धारण करे आहे।

  3. (ii) . Ae टुकरे जो सार लिखो।

    उत्तर: स्त्री पुरुष जी शक्ति आहे। हूअ माउ, भेण, पत्नी ऐ धीउ वगैरह रूपनि में पुरुष में कर्तव्य जी भावना जगाईनदी आहे। हूअ ममता जी मूरत आहे, गुल जियां कोमल आहे, पर चोट खाई हूअ अत्याचार न सही तीर कमान खां कठोर थी पवन्दी आहे। हूअ न माउ आहे न पत्नी, हूअ हिक दुर्गा जो रूप धारण करे आहे। वास्तव में नारी सृष्टि जो रूप आहे तंहि में सभु शक्तियूं समायल आहिनि।

S—74—Sindhi (TL.) [s-8

2. कंहिं फा विषय ते अटिकल 200 लफ्ज़नि में मज़मून लिखो :

  1. फारा डीह
  2. डेती लेती हिक मर्जु
  3. विद्यार्थी जीवन
  4. स्कूल जो सालियानो जलिसो

3. स्पर जी बुक बैंक मां किताब बठण लाए स्कूल जे प्रिंसीपल खे दरख्वास्त लिखो।

या पंहिजे दोस्त/साहेड़ीअ खे गरमियुनि जे मोकलुनि में अजमेर घुमण लाए नीड पत्र लिखो।

4. 50 अखरनि में रिपोर्ट दर्ज करायो।

स्कूल जे बाहिरा खुलियल शराब जो दुकान बन्द कराइण लाए वास्तेदार आफोसर खे लगभग 50 अखरनि में रिपोर्ट दर्ज करायो।

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प्रश्न 5.

(i) ज़मीर जी परिभाषा लिखन्दे पंज मिसाल जुमला ठाहे लिखो :

परिभाषा: ज़मीर (सर्वनाम) वो लफ्ज़ है जो किसी नाव (संज्ञा) की जगह इस्तेमाल किया जाता है।

मिसाल जुमला:

  1. वो स्कूल गयो।
  2. हम खेल रहे हैं।
  3. तू किताब पढ़।
  4. उनका घर बड़ा है।
  5. मैं रोटी खाता हूँ।

(ii) फरद ठाहियो : आलाणि, कीमत।

आलाणि का फरद: आलाणु (एक आलाणु)

कीमत का फरद: कीमत (यह पहले से फरद है)

(iii) हेठियनि लफ्ज़नि जी जात बदलायो : मासी, नौकर, हाथी, पीउ, बकर, मर्द।

  • मासी → मासो (मर्दाना)
  • नौकर → नौकरानी (ज़नाना)
  • हाथी → हथिनी (ज़नाना)
  • पीउ → पीउणी (ज़नाना)
  • बकर → बकरी (ज़नाना)
  • मर्द → मर्दानी (ज़नाना)

(iv) हेठियनि इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिलनि में कमु आणियो : परलोक सिधारजणि, वातु पाणी थियणु, दिल खरी थियणु, पाणी बिलोड़णु, पुठी ढपणु।

  • परलोक सिधारजणि → मृत्यु होणी (मर जाणा)
  • वातु पाणी थियणु → बातचीत करणी (गप्प मारणी)
  • दिल खरी थियणु → मन खुश होणु (प्रसन्न होणा)
  • पाणी बिलोड़णु → पाणी मथणु (पाणी हल्लावणा)
  • पुठी ढपणु → पीठ छुपाणी (पीठ दिखाणी)

प्रश्न 6.

कोबि हिक हवालो लिखो :

  1. (i) “वठण खां डियण वधीक मुबारक आहे”

    हवालो: यह कथन इस्लामी शिक्षाओं पर आधारित है जिसमें दान (डियण) को लेन (वठण) से अधिक पुण्य का काम बताया गया है। इसका अर्थ है कि दूसरों को देना, लेने से बेहतर और बरकत वाला है।

  2. (ii) “शल हीअ पितिकिड़ी नाजुकु 'धुंध वहिंतलमुंध' (लांच) अजिगर-जहिड़े आबशार बटां सुख सां वापसि az”

    हवालो: यह पंक्ति सिंधी साहित्य या शायरी का हिस्सा है जो प्रेम, विरह या प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन करती है। इसमें 'पितिकिड़ी' (पत्ती) और 'धुंध' (कोहरा) जैसे शब्दों के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त किया गया है।

— S—74—Sindhi (T.L.) [s-8] —

7. श्याम में कहिड़ा गुण हुआ ? मीनूअ आखिर श्याम सां शादी करण जो फैसलो किउं कियो ?

उत्तर: श्याम में सच्चाई, ईमानदारी, और मेहनत जेहा गुण हुआ। मीनूअ आखिर श्याम सां शादी करण जो फैसलो इंदे कारण कियो कि श्याम एक सच्चो, भरोसेमंद, और प्यार करण वालो मनुष्य हुआ। ओह मीनूअ जी खुशी और सुरक्षा खातिर हमेशा तैयार रहंदो हुआ।

या

"बंद दरवाज़ो" मिनी कहाणीअ में श्री ठाकुर चांवला कहिड़ो संदेश डियण थो चाहे।

उत्तर: "बंद दरवाज़ो" मिनी कहाणीअ में श्री ठाकुर चांवला एहो संदेश डियण थो चाहे कि मनुष्य जी जिंदगी में कठिनाइयां और समस्याएं आवण थियां, परंतु हिम्मत और धैर्य सां ओहन सामना करणो चाहीदो. बंद दरवाज़ो मतलब है कि जेकर रास्ता बंद होई जावे, तो दूजो रास्ता ढूंढणो चाहीदो. कहाणी जरिए लेखक जीवन में आशा और संघर्ष जो संदेश देवण थो चाहे.

8. हेठियनि मां किनि बि पंजनि सुवालनि जा जवाब अटिकल 20 लफ्ज़नि में लिखो:

(2+2+2+2+2=10)

  1. (i) नारमन कहिड़ो किताब लिखियो।

    उत्तर: नारमन "सिंधी साहित्य जी तारीख" नाम जो किताब लिखियो।

  2. (ii) कि शनलाल जी आपरेशन कराइण जी मर्जी किउं न हुई।

    उत्तर: शनलाल जी आपरेशन कराइण जी मर्जी इंदे कारण न हुई कि ओह डरपोक हुआ और आपरेशन जे दर्द सां डरंदो हुआ।

  3. (iii) हाकिम जो कहिड़ो फर्ज़ आहे।

    उत्तर: हाकिम जो फर्ज़ आहे कि ओह न्याय करे, प्रजा जी रक्षा करे, और देश जी सेवा करे।

  4. (iv) मंदिर में कहिं प्रोग्राम वक्त मिठीअ खा कहिड़ियूं शयूं घुरियूं हुयूं ?

    उत्तर: मंदिर में प्रोग्राम वक्त मिठीअ खा लड्डू, बर्फी, और पेड़ा जेहियूं शयूं घुरियूं हुयूं।

  5. (v) रेखा किथे रहन्दी हुई ?

    उत्तर: रेखा गांव में रहन्दी हुई।

  6. (vi) समयदास खे घणा पुर हुआ ?

    उत्तर: समयदास खे घणा पुर (बहुत साल) हुआ।

9. निम्नलिखित में से किसी एक की प्रसंग सहित व्याख्या कीजिए :

(i) भावना डिए भाड़ो सभ कहिंखे पहिंजो,
समुझी डिसु सामी, चए कडी कीबाड़ो,
साझुर सुपरियुनि डे, करि fers सचीअ लाड़ो,
अहिड़ो डिहाड़ो मोरी ईंदुइ कीन की।

या

(ii) देस मंझा धिकजी बि था करयूं इहा पुकार
साईम | Gas करीं मथे fay सुकार।

व्याख्या (i): प्रस्तुत पंक्तियाँ सिंधी कविता से ली गई हैं। इनमें कवि भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहता है कि मेरे मन की सारी भावनाएँ तुम्हारे सामने हैं, हे स्वामी! तुम समझो कि यह कैसा दुख है। साझा सुपरियुनि (साझा सुख-दुख) के साथ, सच्चा प्यार करो। यह दिन मेरे लिए कितना कठिन है।

व्याख्या (ii): इन पंक्तियों में कवि देश के प्रति अपनी पुकार व्यक्त करता है। वह कहता है कि देश के बीच में हम यह पुकार कर रहे हैं कि हे साईं (प्रभु)! हमें सुख और शांति प्रदान करो।

10. निम्नलिखित में से किसी एक का परिचय लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

(i) 'फेल' पाठ के लेखक 'श्री हरि पंकज' का परिचय लगभग 100 लफ्ज़नि (शब्दों) में लिखो।

या

(ii) 'जोत जागाइबी बैत' के कवि परसराम ज़िया का परिचय लगभग 100 लफ्ज़नि (शब्दों) में लिखो।

परिचय (i) - श्री हरि पंकज: श्री हरि पंकज सिंधी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक एवं कवि हैं। उनका जन्म सिंध प्रांत में हुआ था। वे सिंधी भाषा के उन्नायक माने जाते हैं। उनकी रचनाओं में मानवीय भावनाओं और सामाजिक चेतना का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। 'फेल' उनकी प्रसिद्ध कहानी है जो जीवन के संघर्ष और सफलता को दर्शाती है। उन्होंने सिंधी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

परिचय (ii) - परसराम ज़िया: परसराम ज़िया सिंधी भाषा के प्रसिद्ध कवि हैं। उनका जन्म राजस्थान में हुआ था। वे सिंधी कविता में आध्यात्मिक और सामाजिक विषयों को उठाने के लिए जाने जाते हैं। 'जोत जागाइबी बैत' उनकी प्रसिद्ध रचना है जिसमें जीवन में ज्ञान और प्रकाश की आवश्यकता पर बल दिया गया है। उनकी कविताएँ सरल भाषा में गहरे संदेश देती हैं। उन्होंने सिंधी साहित्य में अमूल्य योगदान दिया।

— पृष्ठ 6 समाप्त —

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