RBSE Class 10th 2014 )-S-74-2014 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2014 |
| Subject | )-S-74-2014 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2014 )-S-74-2014
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Rajasthan Board Class 10th )-S-74-2014 2014 solved Previous Year Question Papers
S—74—Sindhi (T. L.)
No. of Questions — 11
No. of Printed Pages — 7
SECONDARY EXAMINATION, 2014
SINDHI
(THIRD LANGUAGE)
Time : 3 Hours 5 Minutes | Maximum Marks : 80
नोट : सभेई सुवाल करणु जरुरी आहिनि।
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प्रश्न 1: दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (1+2+2=5)
जीवति जो सचो मज़ो कडहिं आहे, तडहिं जडहिं बियनि जो भलो कजे, हयाती बियनि जी शेवा में लगाइजे। इन्सान जेसिताई आपे जी वेर लाथी नाहे, तेसिताईं सफा नेतारो फाए ई छो अत? फग फा मन-मारण सां अमृत बणजियो वा मनुष फा जेकडहिं पहिंजी मगिरुरी मिटाए, हलको थिए त हूंदि गुल बांगुर फ्रत झूमे ऐं टिड़े पाण बि खुश ऐं मंझाउसि बिया फा खुश। पर कीनो मारे केरु, कुर्बानी केरु करे।
-
मथिएं टुकिरे जो सिरो (शीर्षक) लिखो।
उत्तर: "जीवति जो सचो मज़ो" अथवा "बियनि जी सेवा"
-
जीवति जो सचो मज़ो कडहिं आहे?
उत्तर: जीवति जो सचो मज़ो तडहिं आहे, जडहिं बियनि जो भलो कजे, यानी जब दूसरों का भला किया जाता है और उनकी सेवा की जाती है।
-
मथिएं टुकिरे जो सार लिखो।
उत्तर: इस गद्यांश का सार यह है कि मनुष्य को अपने अहंकार को त्यागकर दूसरों की सेवा करनी चाहिए। जो व्यक्ति अपने मन को वश में कर लेता है और विनम्र हो जाता है, वही सच्चा सुख पाता है। दूसरों के लिए कुर्बानी देना ही सच्ची मानवता है।
2. कहिं फा फ्यू विषय ते अटिकल 200 लफ्ज़नि में मज़मून लिखो :
-
(i) कम्प्यूटर जी अहमियत
कम्प्यूटर आज जी जिंदगी में एक अहम जरूरत बन चुको है। एहि जी मदद सान काम जल्दी ऐं सही तरीके सान थी सगन। कम्प्यूटर शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा, संचार ऐं मनोरंजन जैन अनेक क्षेत्रन में उपयोगी है। एहि सान डेटा स्टोर करण, गणना करण, इंटरनेट चलावण ऐं दस्तावेज तैयार करण जैन काम आसानी सान थी सगन। कम्प्यूटर जी अहमियत दिन-ब-दिन वधदी वी रही है।
-
(ii) एकता जो अवतारु 'झूलेलाल'
झूलेलाल सिंधी समाज जे एकता जो प्रतीक आहिन। उहिन जी पूजा-अर्चना सिंधी लोक बड़ी श्रद्धा सान करन। झूलेलाल जी शिक्षा सान प्रेम, भाईचारो ऐं एकता जो संदेश मिले थे। उहिन जी जीवन कथा सान सब कु छ सीखण जो मौका मिले थे। झूलेलाल जी जयंती चेटी चंड जे दिन मनाई वेंदी है, जेहि सान सिंधी समाज एकजुट थी थे।
-
(iii) स्कूल जो सालियानो जलसो
स्कूल जो सालियानो जलसो एक खुशी जो मौको हो थे। एहि में विद्यार्थी, शिक्षक ऐं अभिभावक सब शामिल थी सगन। जलसे में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-कूद ऐं इनाम वितरण जैन गतिविधियां थी सगन। एहि सान विद्यार्थी अपनी प्रतिभा दिखा सगन ऐं उत्साह वधे थे। सालियानो जलसो स्कूल जी शैक्षणिक गतिविधियन जो एक अहम हिस्सो है।
-
(iv) बेरोज़गारी ऐं उनजो हलु
बेरोज़गारी आज जो एक वडो समस्या है। एहि जे कारण लोगन खे रोजगार नहीं मिले थे, जेहि सान गरीबी ऐं अपराध वधे थे। बेरोज़गारी जो हलु काढ़ण खे सरकार खे नई उद्योग लगावण, कौशल विकास कार्यक्रम चलावण ऐं शिक्षा जे स्तर में सुधार करण जी जरूरत है। स्वरोजगार खे प्रोत्साहन देवण सान भी बेरोज़गारी घटाई सगी है।
3. स्कूल जे प्रिंसीपाल खे पीउ जी बिए शहर में बदिली थियण ले टी.सी. डियण बाबत दरख्वास्त लिखो।
सेवा में,
श्रीमान प्रिंसीपाल साहिब,
[स्कूल का नाम], [शहर का नाम]।
विषय: टी.सी. (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) हेतु प्रार्थना पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं [अपना नाम] आपके विद्यालय का [कक्षा] का छात्र/छात्रा हूँ। मेरे पिता जी का स्थानांतरण [शहर का नाम] में हो गया है, जिसके कारण हमारा पूरा परिवार वहाँ जा रहा है। अतः मुझे अपना स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टी.सी.) जारी करने की कृपा करें।
आपकी अति कृपा होगी।
धन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या,
[आपका नाम]
[कक्षा], [रोल नंबर]
दिनांक: [तारीख]
या
पहिंजे दोस्त/साहेड़ीअ खे भाउ जी शादीअ में अचण लाए नींड पत्र लिखो।
पता: [अपना पता]
दिनांक: [तारीख]
प्यारे दोस्त [दोस्त का नाम],
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तू खुश होगा। मैं तुझे यह सूचित करने के लिए पत्र लिख रहा हूँ कि मेरे भाई जी की शादी [तारीख] को [शहर/गाँव का नाम] में हो रही है। यह समारोह बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। मैं चाहता हूँ कि तू इस शुभ अवसर पर जरूर आए। तेरे आने से हमारी खुशी दोगुनी हो जाएगी।
कृपया अपनी उपस्थिति की पुष्टि करना।
तेरा प्यारा दोस्त,
[आपका नाम]
4. 'स्वास्थ्य अधिकारी' खे नालियुनि जी सफाईअ लाइ अटिकल 1000 लफ्ज़नि में रिपोर्ट दर्ज करायो।
सेवा में,
श्रीमान स्वास्थ्य अधिकारी साहिब,
[नगर निगम/स्वास्थ्य विभाग का नाम], [शहर का नाम]।
विषय: नालियों की सफाई हेतु रिपोर्ट।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे क्षेत्र [क्षेत्र का नाम] में नालियों की सफाई का कार्य ठीक से नहीं हो रहा है। अधिकांश नालियाँ गंदगी और कचरे से भरी हुई हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे बीमारियाँ फैलने का खतरा है।
निवासियों को स्वच्छता की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अतः आपसे निवेदन है कि नालियों की सफाई का कार्य शीघ्र करवाया जाए, ताकि क्षेत्र को स्वच्छ रखा जा सके और बीमारियों से बचाव हो सके।
आपकी अति कृपा होगी।
धन्यवाद।
भवदीय,
[आपका नाम]
[पता], [मोबाइल नंबर]
दिनांक: [तारीख]
प्रश्न 5
(i) इस्मु जी परिभाषा लिखंदे पंज मिसाल जुमिला ठाहे लिखो।
परिभाषा: इस्मु (संज्ञा) किसे जात, वस्तु, स्थान, गुण या भाव के नांव को कहेंदे हैं।
पंज मिसाल (उदाहरण):
- गाडी (वस्तु)
- घोड़ो (जानवर)
- कमरो (स्थान)
- खट (वस्तु)
- राणी (व्यक्ति)
(ii) अददु बदलियो [ के बिटे ]:
गाडी, घोड़ो, कमरो, खट
उत्तर: अददु (वचन) बदलियो:
- गाडी → गाडियाँ (एकवचन → बहुवचन)
- घोड़ो → घोड़ा (एकवचन → बहुवचन)
- कमरो → कमरा (एकवचन → बहुवचन)
- खट → खट्ट (एकवचन → बहुवचन)
(iii) जिन्स बदलियो [ के बिटे ]:
राणी, छोकरी, हाथी, मामो
उत्तर: जिन्स (लिंग) बदलियो:
- राणी (स्त्रीलिंग) → राजा (पुल्लिंग)
- छोकरी (स्त्रीलिंग) → छोकरो (पुल्लिंग)
- हाथी (पुल्लिंग) → हथिनी (स्त्रीलिंग)
- मामो (पुल्लिंग) → मामी (स्त्रीलिंग)
(iv) हेठियनि इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिलनि में कमु आणियो (के पंज):
पाणी-पाणी थियणु, कनु भरणु, अखि डेखारणु, दालि न गरणु, गदि-गदि थियणु, हैरानु थियनु।
उत्तर: इन इस्तलाहन (मुहावरों) के माना (अर्थ) और जुमिलनि (वाक्य) में प्रयोग:
- पाणी-पाणी थियणु – अर्थ: बहुत शर्मिंदा होना। जुमिलो: चोरी करते पकड़े जाने पर ओ पाणी-पाणी थी गियो।
- कनु भरणु – अर्थ: कान भरना (चुगली करना)। जुमिलो: उसने मेरे कनु भर दिया।
- अखि डेखारणु – अर्थ: आंख दिखाना (धमकाना)। जुमिलो: उसने मुझे अखि डेखारी।
- दालि न गरणु – अर्थ: दाल न गलना (काम न बनना)। जुमिलो: उसकी दालि न गरी।
- गदि-गदि थियणु – अर्थ: गद्गद होना (बहुत खुश होना)। जुमिलो: बेटे को देखकर मां गदि-गदि थी गई।
- हैरानु थियनु – अर्थ: हैरान होना (परेशान होना)। जुमिलो: वह काम से हैरानु थी गियो।
प्रश्न 6
(i) [प्रश्न स्पष्ट नहीं है, कृपया पुनः जांचें]
पृष्ठ पर अधूरा पाठ होने के कारण यह प्रश्न स्पष्ट नहीं है।
(ii) [प्रश्न स्पष्ट नहीं है, कृपया पुनः जांचें]
पृष्ठ पर अधूरा पाठ होने के कारण यह प्रश्न स्पष्ट नहीं है।
पृष्ठ 4 का अंत।
6. को बि हिक हवालो लिखो : 6
- “अजु कम जे रासि थियणु जी आशा रखणु आहे जणु बबुरनि खां बेर घुरणु।”
- “हीअ बि रांझ्यूअ संदी Ta”
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7. धने, राधा जी आत्मा जी शांतीअ लाइ कहिड़ी कोशिश कई 2? अटिकल i00 लफ्ज़नि में लिखो। 6
या
“टुटल जंजीरुं” पाठ में लेखक श्री कृष्ण खटवाणीअ कहिड़ो संदेश feat आहे ? अटिकल 00 लफ्ज़नि में लिखो।
उत्तर: प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से किसी एक का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखना है। यहाँ दोनों विकल्पों के लिए संक्षिप्त उत्तर दिए गए हैं:
विकल्प 1: धने, राधा जी की आत्मा की शांति के लिए उनके परिवार और गाँव वालों ने प्रार्थना, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए। उन्होंने गरीबों को भोजन और वस्त्र दिए, और मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले।
विकल्प 2: “टुटल जंजीरुं” पाठ में लेखक श्री कृष्ण खटवाणी का संदेश है कि मनुष्य को अपने अतीत की कड़वी यादों और बंधनों से मुक्त होकर आगे बढ़ना चाहिए। टूटी हुई जंजीरें स्वतंत्रता और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक हैं।
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S—74—Sindhi (T.L.) S-8 | [ Turn over
खंड 6 (Page 6)
8. हेठियनि मां किनि बि पंजनि सुवालनि जा जवाब अटिकल 20 लफ्ज़नि में लिखो:
Q+24+2+2+2=0
- मूड जो गुलामु से थींदो आहे?
- हिक दोस्त पंधु हलणु छो न चाहियो?
- जेठी सिपाही मलाणी जो जनम किथे ऐं कड॒हिं थियो?
- बाम्बे प्रेज़ीडंसी' कहिंजे राज जो सूबो हो?
- सिधु जो गजंदड़ शेर केरु हो?
- ‘अग पोटा फेन डाडे जा' सबक में लेखक कहिड़ो संदेशु feat आहे?
मूड जो गुलामु मनुख जी अपनी इच्छा अनुसार कार्य करण जी स्वतंत्रता न होंदी आहे।
हिक दोस्त पंधु हलणु मतलब आहे तो साथी बिना रस्तो न हलणो चाहियो।
जेठी सिपाही मलाणी जो जनम राजस्थान जी जोधपुर नगरी में थियो।
बाम्बे प्रेज़ीडंसी ब्रिटिश राज जो सूबो हो।
सिधु जो गजंदड़ शेर केरु मतलब आहे तो सिंधु नदी जो शेर केरु (बहाव) हो।
इस सबक में लेखक संदेशु दितो आहे तो मनुख कठिनाइयनि में भी हिम्मत न हारे।
9. हेठियें बैत जो मतलबु लिखो:
- विसारिनि भले सभु, विसारिज न लक्ष्मण, सचलु, शाहु, सामी ऐं बेदिल जी वाणी!
- दुख, दर्द, तमनाऊं ऐं अर्मान हज़ारें, हिक दिल में रहनि कींअ था महिमान हज़ारें!
मतलब: सभु कुछ भूल सको पर लक्ष्मण, सचलु, शाहु, सामी और बेदिल जी वाणी न भूलो।
मतलब: हिक दिल में हज़ारें दुख, दर्द, तमनाऊं और अर्मान मेहमान जियां रहनि करन था।
S—74—Sindhi (T.L.) S-8
खण्ड – (स) – 74 – 2014
प्रश्न 10.
“डा. चोइथराम गिदवाणी” पाठ के लेखक श्री राम पंजवाणी का परिचय अटकल 100 शब्दों में लिखिए।
उत्तर: श्री राम पंजवाणी सिंधी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक एवं निबंधकार हैं। उनका जन्म सिंध प्रांत में हुआ था। वे सिंधी भाषा के प्रति समर्पित रहे और उन्होंने अनेक पाठ्यपुस्तकों का लेखन किया। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट एवं प्रभावशाली है। वे सिंधी संस्कृति और साहित्य के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा लिखित “डा. चोइथराम गिदवाणी” पाठ एक प्रेरणादायक जीवनी है।
प्रश्न 10 (वैकल्पिक)
“पखीअ जी पुकार” बैत के कवि श्री किशनचंद ‘सफा’ का परिचय अटकल 100 शब्दों में लिखिए।
उत्तर: श्री किशनचंद ‘सफा’ सिंधी भाषा के प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार हैं। उनका जन्म सिंध प्रांत में हुआ था। वे अपनी कविताओं में प्रकृति, प्रेम और मानवीय भावनाओं का सुंदर चित्रण करते हैं। “पखीअ जी पुकार” उनकी प्रसिद्ध रचना है, जिसमें पक्षियों की पुकार के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों को उजागर किया गया है। उनकी भाषा सरल, मधुर एवं प्रवाहपूर्ण है। वे सिंधी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 11.
कहीं भी दो में से किसी एक का सार अटकल 100 शब्दों में लिखिए:
- सामीअ जा फटका
- रात गुज़ारि अ सही
उत्तर (सामीअ जा फटका): “सामीअ जा फटका” एक प्रेरणादायक रचना है जो संत सामी के जीवन और उनके उपदेशों पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि कैसे संत सामी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वासों का विरोध किया। उन्होंने सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश दिया। यह पाठ हमें सिखाता है कि जीवन में सादगी और ईमानदारी का पालन करना चाहिए। संत सामी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा दिखाने में सहायक हैं।