RBSE Class 10th 2016 Mathematics-S-09-2016 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2016 |
| Subject | Mathematics-S-09-2016 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2016 Mathematics-S-09-2016
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Rajasthan Board Class 10th Mathematics-S-09-2016 2016 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2016
SECONDARY EXAMINATION, 2016
गणित
MATHEMATICS
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES:
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्नपत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि /अंतर /विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi and English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
खण्ड प्रश्न संख्या अंक प्रत्येक प्रश्न
| खण्ड | प्रश्न संख्या | अंक प्रत्येक प्रश्न |
|---|---|---|
| क | 1-15 | 1 |
| ख | 16-25 | 2 |
| ग | 26-30 | 3 |
| घ | 31-35 | 4 |
S—09—Maths V-005 | Turn over
खण्ड — अ
Part—A
प्र. 1. अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा पूर्णांक 375 और 675 का HCF ज्ञात कीजिए।
Find the HCF of integers 375 and 675 by the prime factorisation method.
हल:
375 का अभाज्य गुणनखण्ड:
375 = 3 × 5 × 5 × 5 = 3 × 5³
675 का अभाज्य गुणनखण्ड:
675 = 3 × 3 × 3 × 5 × 5 = 3³ × 5²
HCF = उभयनिष्ठ गुणनखण्डों का गुणनफल = 3 × 5² = 3 × 25 = 75
अतः HCF = 75
प्र. 2. A.P. -77, -2, -7, ... में 44वाँ पद ज्ञात कीजिए।
Find 44th term of the A.P. -77, -2, -7, ...
हल:
दी गई A.P.: -77, -2, -7, ...
प्रथम पद (a) = -77
सार्व अंतर (d) = (-2) - (-77) = -2 + 77 = 75
nवाँ पद = a + (n-1)d
44वाँ पद = -77 + (44-1) × 75
= -77 + 43 × 75
= -77 + 3225
= 3148
अतः 44वाँ पद = 3148
प्र. 3. यदि cos A = ½, तो cot A का मान परिकलित कीजिए।
If cos A = ½, then calculate cot A.
हल:
cos A = ½ = आधार/कर्ण
माना समकोण त्रिभुज में, आधार = 1, कर्ण = 2
पाइथागोरस प्रमेय से:
लंब² = कर्ण² - आधार² = 2² - 1² = 4 - 1 = 3
लंब = √3
cot A = आधार/लंब = 1/√3
अतः cot A = 1/√3
प्र. 4. त्रिकोणमितीय अनुपात tan A को sec A के पदों में लिखिए।
Express the trigonometric ratio tan A in terms of sec A.
हल:
हम जानते हैं: 1 + tan² A = sec² A
tan² A = sec² A - 1
tan A = ±√(sec² A - 1)
अतः tan A = √(sec² A - 1) या -√(sec² A - 1)
प्र. 5. दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात 6:8 है तो इनकी भुजाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए।
The areas of two similar triangles are in ratio 6:8. Find the ratio of its sides.
हल:
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात = संगत भुजाओं के वर्गों का अनुपात
माना भुजाओं का अनुपात = x : y
तब, x² : y² = 6 : 8
x/y = √(6/8) = √(3/4) = √3/2
अतः भुजाओं का अनुपात = √3 : 2
प्र. 6. दी गयी आकृति में O एक वृत्त का केन्द्र है जिसके बाह्य बिन्दु Q से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ QP और QR खींची गई हैं। कोण POR का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है: O वृत्त का केन्द्र है। Q बाह्य बिन्दु है। QP और QR स्पर्श रेखाएँ हैं।
स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच का कोण 90° होता है।
अतः ∠OPQ = 90° और ∠ORQ = 90°
चतुर्भुज OQPR में:
∠OPQ + ∠ORQ + ∠POR + ∠PQR = 360° (चतुर्भुज के कोणों का योग)
90° + 90° + ∠POR + ∠PQR = 360°
∠POR + ∠PQR = 180°
यदि ∠PQR = 60° दिया हो (जैसा कि सामान्यतः ऐसे प्रश्नों में होता है), तब:
∠POR = 180° - 60° = 120°
अतः ∠POR = 120°
प्र. 6. दिए गए चित्र में, O वृत्त का केंद्र है तथा QP और QR वृत्त पर बाह्य बिंदु Q से दो स्पर्श रेखाएँ हैं। कोण POR का मान ज्ञात कीजिए।
हल: चूँकि QP और QR स्पर्श रेखाएँ हैं, इसलिए ∠OPQ = ∠ORQ = 90° (त्रिज्या स्पर्श बिंदु पर स्पर्श रेखा पर लंब होती है)।
चतुर्भुज OPQR में, ∠OPQ + ∠POR + ∠ORQ + ∠PQR = 360°
⇒ 90° + ∠POR + 90° + ∠PQR = 360°
⇒ ∠POR + ∠PQR = 180°
अतः ∠POR = 180° – ∠PQR
नोट: यदि ∠PQR दिया हो तो ∠POR ज्ञात किया जा सकता है। सामान्यतः, बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण और केंद्र पर बने कोण का योग 180° होता है।
प्र. 7. 5 सेमी. त्रिज्या वाले वृत्त के केंद्र से 9 सेमी. दूर बाह्य बिंदु से कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
हल: किसी वृत्त के बाह्य बिंदु से अधिकतम दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं। यहाँ बिंदु वृत्त के बाहर है (9 सेमी > 5 सेमी), अतः दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
उत्तर: 2 स्पर्श रेखाएँ।
प्र. 8. उस वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसका क्षेत्रफल 66 वर्ग सेमी. है।
हल: वृत्त का क्षेत्रफल = πr² = 66
⇒ (22/7) × r² = 66
⇒ r² = 66 × (7/22) = 3 × 7 = 21
⇒ r = √21 सेमी.
उत्तर: त्रिज्या = √21 सेमी. (लगभग 4.58 सेमी.)
प्र. 9. यदि एक वृत्त के दीर्घ त्रिज्यखंड का कोण 250° है, तो लघु त्रिज्यखंड का कोण ज्ञात कीजिए।
हल: वृत्त में कुल कोण = 360°
दीर्घ त्रिज्यखंड का कोण = 250°
लघु त्रिज्यखंड का कोण = 360° – 250° = 110°
उत्तर: 110°
प्र. 10. एक सिक्के को एक बार उछाला जाता है। इसके पट नहीं आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल: सिक्का उछालने पर संभावित परिणाम = {चित, पट} = 2
पट नहीं आने का अर्थ है चित आना। अनुकूल परिणाम = 1
प्रायिकता = अनुकूल परिणाम / कुल संभावित परिणाम = 1/2
उत्तर: 1/2
खण्ड - ब (Part - B)
प्र. 4. यदि दो बिंदु A(-2, 5) और B(-5, y) का मध्य बिंदु (-3, 3) है, तो बिंदु A और B के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: मध्य बिंदु सूत्र: ((x₁ + x₂)/2, (y₁ + y₂)/2) = (-3, 3)
⇒ ((-2 + (-5))/2, (5 + y)/2) = (-3, 3)
पहला निर्देशांक: (-7)/2 = -3 (सत्य)
दूसरा निर्देशांक: (5 + y)/2 = 3 ⇒ 5 + y = 6 ⇒ y = 1
अतः B(-5, 1)
दूरी AB = √[(-5 + 2)² + (1 – 5)²] = √[(-3)² + (-4)²] = √(9 + 16) = √25 = 5
उत्तर: AB = 5 इकाई
प्र. 5. एक ठोस अर्धगोले का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 462 वर्ग सेमी. है। इसकी त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल: ठोस अर्धगोले का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 3πr²
⇒ 3 × (22/7) × r² = 462
⇒ (66/7) × r² = 462
⇒ r² = 462 × (7/66) = 7 × 7 = 49
⇒ r = 7 सेमी.
उत्तर: त्रिज्या = 7 सेमी.
प्र. 6. एक गाँव की ढाणी के 25 परिवारों का प्रतिदिन व्यय निम्न बारंबारता बंटन द्वारा दिया गया है। प्रत्यक्ष विधि द्वारा परिवारों का माध्य व्यय ज्ञात कीजिए।
| प्रतिदिन व्यय (रु.) | 25-35 | 35-45 | 45-55 | 55-65 | 65-75 |
|---|---|---|---|---|---|
| परिवारों की संख्या (f) | 3 | 7 | 6 | 6 | 3 |
हल (प्रत्यक्ष विधि):
प्रत्येक वर्ग का मध्य बिंदु (x) ज्ञात करते हैं:
- 25-35: (25+35)/2 = 30
- 35-45: (35+45)/2 = 40
- 45-55: (45+55)/2 = 50
- 55-65: (55+65)/2 = 60
- 65-75: (65+75)/2 = 70
अब fx की गणना:
- 3 × 30 = 90
- 7 × 40 = 280
- 6 × 50 = 300
- 6 × 60 = 360
- 3 × 70 = 210
Σf = 3 + 7 + 6 + 6 + 3 = 25
Σfx = 90 + 280 + 300 + 360 + 210 = 1240
माध्य = Σfx / Σf = 1240 / 25 = 49.6
उत्तर: माध्य व्यय = 49.6 रुपये
प्र. 4.
एक सीधे व 8 मीटर ऊंचे पोल पर यातायात नियंत्रण के लिए CCTV केमरा लगा है। जो पोल के शीर्ष से 17 मीटर दूर दृष्टि रेखा तक यातायात देख सकता है। पोल के चारों ओर यह कैमरा कितना क्षेत्रफल यातायात देख सकता है?
For traffic control, a CCTV camera is fixed on a 8m straight pole. The camera can see 17m distance sight line from the top. Find the area visible by the camera around the pole?
हल: पोल की ऊंचाई = 8 मीटर, दृष्टि रेखा की दूरी = 17 मीटर। कैमरा पोल के शीर्ष से देखता है, इसलिए यह एक समकोण त्रिभुज बनाता है जिसमें कर्ण = 17 मीटर, लंब = 8 मीटर। आधार (जमीन पर त्रिज्या) = √(17² - 8²) = √(289 - 64) = √225 = 15 मीटर।
कैमरा पोल के चारों ओर वृत्ताकार क्षेत्र देखता है, जिसकी त्रिज्या 15 मीटर है।
क्षेत्रफल = πr² = 3.14 × 15 × 15 = 3.14 × 225 = 706.5 वर्ग मीटर।
उत्तर: कैमरा 706.5 वर्ग मीटर क्षेत्रफल देख सकता है।
प्र. 75.
एक मोटर कार स्थान A से स्थान B तक 475 किमी दूरी 70 किमी/घण्टा समान गति से सभी दस हरे यातायात सिग्नलों को पार करती है। भारी यातायात के कारण यह प्रथम सिग्नल पर एक मिनट, दूसरे सिग्नल पर 3 मिनट, तीसरे सिग्नल पर 5 मिनट एवम् इसी प्रकार दसवें सिग्नल पर 19 मिनट रूकती है। स्थान B तक पहुँचने में इसे कुल कितना समय लगेगा। उपयुक्त गणितीय विधि से हल कीजिए।
A Motor car travels 475 km distance from a place A to place B, at a uniform speed 70 km/hr passes through all ten green traffic signals. Due to heavy traffic it stops for one minute at first signal, 3 minutes at second signal, 5 minutes at third signal and so on stops for 19 minutes at tenth signal. How much total time it takes to reach at the place B. Solve by suitable mathematical method.
हल: दूरी = 475 किमी, गति = 70 किमी/घंटा।
यात्रा का समय (बिना रुके) = दूरी/गति = 475/70 = 95/14 घंटे = 6.7857 घंटे ≈ 6 घंटे 47 मिनट (लगभग)।
रुकने का समय: पहले सिग्नल पर 1 मिनट, दूसरे पर 3 मिनट, तीसरे पर 5 मिनट, ... दसवें पर 19 मिनट। यह एक समांतर श्रेणी है जिसमें प्रथम पद a = 1, सार्व अंतर d = 2, पदों की संख्या n = 10।
दसवें पद की जाँच: a + (n-1)d = 1 + 9×2 = 1 + 18 = 19 मिनट (सही है)।
कुल रुकने का समय = n/2 × (पहला पद + अंतिम पद) = 10/2 × (1 + 19) = 5 × 20 = 100 मिनट = 1 घंटा 40 मिनट।
कुल समय = यात्रा का समय + रुकने का समय = 6 घंटे 47 मिनट + 1 घंटा 40 मिनट = 8 घंटे 27 मिनट।
उत्तर: कार को स्थान B तक पहुँचने में कुल 8 घंटे 27 मिनट लगेंगे।
खण्ड — स (Part — C)
प्र. 1. सिद्ध कीजिए √6 एक अपरिमेय संख्या है।
Prove that √6 is an irrational number.
हल: मान लीजिए √6 एक परिमेय संख्या है। तब इसे p/q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p और q सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और q ≠ 0।
√6 = p/q ⇒ 6 = p²/q² ⇒ p² = 6q²
इससे p², 6 से विभाज्य है, अतः p भी 6 से विभाज्य होगा। माना p = 6k, तब (6k)² = 6q² ⇒ 36k² = 6q² ⇒ q² = 6k²
इससे q² भी 6 से विभाज्य है, अतः q भी 6 से विभाज्य होगा। इस प्रकार p और q दोनों 6 से विभाज्य हैं, जो सह-अभाज्य होने की शर्त का विरोध करता है।
अतः हमारी मान्यता गलत है। इसलिए √6 एक अपरिमेय संख्या है।
प्र. 2. द्विघात बहुपद x² + x - 2 के शून्यक ज्ञात कीजिए और शून्यकों तथा गुणांकों के बीच के संबंध की सत्यता की जांच कीजिए।
Find the zeroes of the quadratic polynomial x² + x - 2, and verify the relationship between the zeroes and coefficients.
हल: दिया गया बहुपद: x² + x - 2
गुणनखंड करने पर: x² + 2x - x - 2 = x(x + 2) - 1(x + 2) = (x + 2)(x - 1)
शून्यक: x + 2 = 0 ⇒ x = -2, और x - 1 = 0 ⇒ x = 1
अतः शून्यक α = -2 और β = 1 हैं।
शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध की जाँच:
बहुपद ax² + bx + c में, a = 1, b = 1, c = -2
शून्यकों का योग = α + β = -2 + 1 = -1 = -b/a = -1/1 = -1 (सत्य)
शून्यकों का गुणनफल = αβ = (-2)(1) = -2 = c/a = -2/1 = -2 (सत्य)
अतः संबंध सत्य है।
प्र. 3. A.P. के प्रथम 45 पदों का योग ज्ञात कीजिए, जिसका पाँचवाँ और नवाँ पद क्रमशः 26 और 42 है।
Find the sum of first 45 terms of an A.P. whose 5th and 9th terms are 26 and 42 respectively.
हल: माना A.P. का प्रथम पद a और सार्व अंतर d है।
पाँचवाँ पद: a + 4d = 26 ...(i)
नवाँ पद: a + 8d = 42 ...(ii)
(ii) में से (i) घटाने पर: (a + 8d) - (a + 4d) = 42 - 26 ⇒ 4d = 16 ⇒ d = 4
d का मान (i) में रखने पर: a + 4(4) = 26 ⇒ a + 16 = 26 ⇒ a = 10
प्रथम 45 पदों का योग: Sₙ = n/2 [2a + (n-1)d]
S₄₅ = 45/2 [2(10) + (45-1)4] = 45/2 [20 + 44×4] = 45/2 [20 + 176] = 45/2 × 196 = 45 × 98 = 4410
उत्तर: प्रथम 45 पदों का योग 4410 है।
प्र. 4. एक मीनार के पाद से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है और भवन के पाद से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार की ऊंचाई 48 मीटर है तो भवन की ऊंचाई ज्ञात कीजिए।
The angle of elevation of the top of a building from the foot of the tower is 30° and the angle of elevation of the top of the tower from the foot of the building is 60°. If the tower is 48 meters high, find the height of the building.
हल: माना मीनार की ऊंचाई = 48 मीटर, भवन की ऊंचाई = h मीटर, और दोनों के बीच की दूरी = d मीटर।
मीनार के पाद से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है:
tan 30° = h/d ⇒ 1/√3 = h/d ⇒ d = h√3 ...(i)
भवन के पाद से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है:
tan 60° = 48/d ⇒ √3 = 48/d ⇒ d = 48/√3 ...(ii)
(i) और (ii) से: h√3 = 48/√3 ⇒ h = 48/(√3 × √3) = 48/3 = 16 मीटर
उत्तर: भवन की ऊंचाई 16 मीटर है।
प्र. 5. दी गई आकृति में O एक वृत्त का केन्द्र है जिसके बाह्य बिन्दु C से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएं CA, CB खींची गई है, तो सिद्ध कीजिए ∠AOB + ∠ACB = 180° हैं।
In the given figure, O is the centre of a circle. From an external point C, two tangents CA and CB are drawn to the circle. Prove that ∠AOB + ∠ACB = 180°.
हल: दिया है: O वृत्त का केन्द्र है। C बाह्य बिन्दु है। CA और CB स्पर्श रेखाएँ हैं।
स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच का कोण 90° होता है।
∴ ∠OAC = 90° और ∠OBC = 90°
चतुर्भुज OACB में, कोणों का योग = 360°
∠OAC + ∠OBC + ∠AOB + ∠ACB = 360°
90° + 90° + ∠AOB + ∠ACB = 360°
180° + ∠AOB + ∠ACB = 360°
∠AOB + ∠ACB = 360° - 180° = 180°
अतः सिद्ध हुआ कि ∠AOB + ∠ACB = 180°।
प्र. 26.
दिए गए चित्र में, O वृत्त का केंद्र है और वृत्त के बाहर स्थित बिंदु C से दो स्पर्श रेखाएँ CA और CB खींची गई हैं। सिद्ध कीजिए कि ∠AOB और ∠ACB संपूरक हैं।
हल:
दिया है: O वृत्त का केंद्र है। CA और CB बिंदु C से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ हैं।
सिद्ध करना है: ∠AOB + ∠ACB = 180°
उपपत्ति:
चूँकि CA स्पर्श रेखा है और OA त्रिज्या है, अतः ∠OAC = 90° (स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच का कोण 90° होता है)।
इसी प्रकार, ∠OBC = 90°
अब, चतुर्भुज OACB में,
∠OAC + ∠OBC + ∠AOB + ∠ACB = 360° (चतुर्भुज के कोणों का योग)
⇒ 90° + 90° + ∠AOB + ∠ACB = 360°
⇒ 180° + ∠AOB + ∠ACB = 360°
⇒ ∠AOB + ∠ACB = 180°
अतः ∠AOB और ∠ACB संपूरक हैं। (सिद्ध)
प्र. 27.
4 cm, 5 cm और 7 cm भुजाओं वाले एक त्रिभुज की रचना कीजिए और फिर एक अन्य त्रिभुज की रचना कीजिए, जिसकी भुजाएँ दिए हुए त्रिभुज की संगत भुजाओं की 3/4 गुनी हों।
हल:
रचना के चरण:
- सर्वप्रथम, 7 cm लंबाई का एक रेखाखंड BC खींचिए।
- B को केंद्र मानकर 4 cm त्रिज्या का एक चाप खींचिए।
- C को केंद्र मानकर 5 cm त्रिज्या का दूसरा चाप खींचिए जो पहले चाप को A पर काटता है।
- AB और AC को मिलाइए। इस प्रकार ΔABC प्राप्त होता है जिसकी भुजाएँ AB = 4 cm, AC = 5 cm और BC = 7 cm हैं।
- अब, BC के नीचे की ओर एक न्यूनकोण बनाती हुई किरण BX खींचिए।
- B से शुरू करके BX पर चार बिंदु B₁, B₂, B₃, B₄ इस प्रकार अंकित कीजिए कि BB₁ = B₁B₂ = B₂B₃ = B₃B₄ हो।
- B₄ को C से मिलाइए।
- B₃ से B₄C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को C' पर काटती है।
- C' से AC के समांतर एक रेखा खींचिए जो AB को A' पर काटती है।
- इस प्रकार ΔA'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ΔABC की संगत भुजाओं की 3/4 गुनी हैं।
प्र. 22.
एक वृत्त का चाप केंद्र पर 45° का कोण अंतरित करता है। यदि इसके लघु त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल 77 cm² है, तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है: केंद्र पर कोण θ = 45°, लघु त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = 77 cm²
त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ/360°) × πr²
⇒ 77 = (45°/360°) × (22/7) × r²
⇒ 77 = (1/8) × (22/7) × r²
⇒ 77 = (22/56) × r²
⇒ 77 = (11/28) × r²
⇒ r² = 77 × (28/11)
⇒ r² = 7 × 28
⇒ r² = 196
⇒ r = 14 cm
अतः वृत्त की त्रिज्या 14 cm है।
प्र. 23.
एक चाँदी के घनाभ जिसकी विमाएँ 8 cm × 9 cm × 11 cm हैं, को पिघलाकर समान त्रिज्या के सात गोले बनाए गए हैं। एक चाँदी के गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल:
घनाभ का आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई = 8 × 9 × 11 = 792 cm³
माना प्रत्येक गोले की त्रिज्या r cm है।
एक गोले का आयतन = (4/3)πr³
सात गोलों का आयतन = 7 × (4/3)πr³ = (28/3)πr³
पिघलाने पर आयतन समान रहता है, अतः
घनाभ का आयतन = सात गोलों का आयतन
⇒ 792 = (28/3) × (22/7) × r³
⇒ 792 = (28 × 22)/(3 × 7) × r³
⇒ 792 = (4 × 22)/3 × r³
⇒ 792 = (88/3) × r³
⇒ r³ = 792 × (3/88)
⇒ r³ = 9 × 3
⇒ r³ = 27
⇒ r = 3 cm
अतः एक चाँदी के गोले की त्रिज्या 3 cm है।
प्र. 24.
निम्नलिखित सारिणी एक स्कूल की कक्षा X के 50 विद्यार्थियों के गणित में प्राप्त अंकों को दर्शाती है। माध्यक अंक ज्ञात कीजिए।
| प्राप्तांक (अंक) | 20-30 | 30-40 | 40-50 | 50-60 | 60-70 | 70-80 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या | 5 | 9 | 10 | 12 | 13 | 3 |
हल:
कुल विद्यार्थी N = 50
माध्यक वर्ग ज्ञात करने के लिए संचयी बारंबारता सारिणी बनाते हैं:
| प्राप्तांक | बारंबारता (f) | संचयी बारंबारता (cf) |
|---|---|---|
| 20-30 | 5 | 5 |
| 30-40 | 9 | 14 |
| 40-50 | 10 | 24 |
| 50-60 | 12 | 36 |
| 60-70 | 13 | 49 |
| 70-80 | 3 | 52 |
N/2 = 50/2 = 25
25 से बड़ी संचयी बारंबारता 36 है, अतः माध्यक वर्ग 50-60 है।
माध्यक = l + [(N/2 - cf)/f] × h
जहाँ, l = माध्यक वर्ग की निम्न सीमा = 50
cf = माध्यक वर्ग से पहले वर्ग की संचयी बारंबारता = 24
f = माध्यक वर्ग की बारंबारता = 12
h = वर्ग अंतराल = 10
माध्यक = 50 + [(25 - 24)/12] × 10
= 50 + (1/12) × 10
= 50 + 10/12
= 50 + 0.833
= 50.833 (लगभग)
अतः माध्यक अंक लगभग 50.83 हैं।
प्र. 25.
एक पिग्गी बैंक में, 1 रु. के सौ सिक्के, 2 रु. के 25 सिक्के, 5 रु. के 5 सिक्के और 10 रु. के दस सिक्के हैं। यदि पिग्गी बैंक को हिलाकर उल्टा करने पर कोई एक सिक्का गिरने के परिणाम समप्रायिक हैं, तो इसकी क्या प्रायिकता है कि वह गिरा हुआ सिक्का—
(i) 2 रु. का होगा? (ii) 5 रु. का नहीं होगा?
हल:
कुल सिक्कों की संख्या = 100 (1 रु.) + 25 (2 रु.) + 5 (5 रु.) + 10 (10 रु.) = 140
(i) 2 रु. के सिक्कों की संख्या = 25
P(2 रु. का सिक्का) = अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल संभावित परिणामों की संख्या = 25/140 = 5/28
(ii) 5 रु. के सिक्कों की संख्या = 5
5 रु. का सिक्का न होने की प्रायिकता = 1 - P(5 रु. का सिक्का)
P(5 रु. का सिक्का) = 5/140 = 1/28
अतः P(5 रु. का सिक्का नहीं) = 1 - 1/28 = 27/28
प्रश्न 25 (Piggy Bank Problem)
A piggy bank contains hundred coins of Rs. 1, twenty five coins of Rs. 2, fifteen coins of Rs. 5 and ten coins of Rs. 10. If it is equally likely that one coin will fall, when the bank is turned upside down, what is the probability that the coin -
- Will be a Rs. 2 coin?
- Will not be a Rs. 5 coin?
Solution:
Total number of coins = 100 (Rs. 1) + 25 (Rs. 2) + 15 (Rs. 5) + 10 (Rs. 10) = 150 coins.
(i) Probability of getting a Rs. 2 coin:
Number of Rs. 2 coins = 25.
P(Rs. 2 coin) = 25/150 = 1/6.
(ii) Probability of not getting a Rs. 5 coin:
Number of Rs. 5 coins = 15.
Number of coins that are not Rs. 5 = 150 - 15 = 135.
P(not Rs. 5 coin) = 135/150 = 9/10.
खण्ड - द (Part - D)
प्र. 26.
2 अभ्यास पुस्तिका और 3 पेन्सिलों का कुल मूल्य 47 रुपए है, जबकि 3 अभ्यास पुस्तिका और 4 पेन्सिलों का कुल मूल्य 24 रुपए है। इस समस्या को बीजगणितीय रूप में व्यक्त कर ग्राफ विधि से हल कीजिए।
The cost of 2 exercise books and 3 pencils is Rs. 47 and the cost of 3 exercise books and 4 pencils is Rs. 24. Formulate the problem algebraically and solve it graphically.
Solution:
Let the cost of one exercise book be Rs. x and the cost of one pencil be Rs. y.
Algebraic representation:
2x + 3y = 47 ...(i)
3x + 4y = 24 ...(ii)
Graphical solution:
For equation (i): 2x + 3y = 47
When x = 1, y = (47 - 2)/3 = 15 → (1, 15)
When x = 10, y = (47 - 20)/3 = 9 → (10, 9)
When x = 22, y = (47 - 44)/3 = 1 → (22, 1)
For equation (ii): 3x + 4y = 24
When x = 0, y = 6 → (0, 6)
When x = 4, y = (24 - 12)/4 = 3 → (4, 3)
When x = 8, y = (24 - 24)/4 = 0 → (8, 0)
Plot these points on a graph paper. The two lines intersect at the point ( -100, 81 ) approximately. However, since cost cannot be negative, there seems to be an inconsistency in the given data. Rechecking: The equations are 2x + 3y = 47 and 3x + 4y = 24. Solving algebraically: Multiply (i) by 3 and (ii) by 2: 6x + 9y = 141 and 6x + 8y = 48. Subtracting: y = 93. Then 2x + 279 = 47 → 2x = -232 → x = -116. This gives negative cost, which is not possible. The problem likely has a typo; the correct equations should be 2x + 3y = 47 and 3x + 4y = 64 (or similar). For the given data, the graphical solution shows no feasible positive solution.
प्र. 27.
एक आयताकार खेत का विकर्ण उसकी छोटी भुजा से 40 मी. अधिक लम्बा है। यदि बड़ी भुजा छोटी भुजा से 20 मी. अधिक हो तो खेत की भुजाएं ज्ञात कीजिए।
The diagonal of a rectangular field is 40 meters more than the shorter side. If longer side is 20 meters more than the shorter side, find the sides of the field.
Solution:
Let the shorter side be x meters. Then longer side = (x + 20) meters. Diagonal = (x + 40) meters.
By Pythagoras theorem: (x + 40)² = x² + (x + 20)²
Expanding: x² + 80x + 1600 = x² + x² + 40x + 400
Simplifying: x² + 80x + 1600 = 2x² + 40x + 400
Bring all terms to one side: 0 = 2x² + 40x + 400 - x² - 80x - 1600
0 = x² - 40x - 1200
x² - 40x - 1200 = 0
Factorizing: (x - 60)(x + 20) = 0
So x = 60 or x = -20 (reject negative).
Thus, shorter side = 60 m, longer side = 80 m, diagonal = 100 m.
Answer: The sides of the field are 60 m and 80 m.
अथवा (Or)
प्र. 27.
47 मीटर व्यास वाले एक वृत्ताकार पार्क की परिसीमा के एक बिन्दु पर एक खंभा इस प्रकार गाड़ना है कि इस पार्क के एक व्यास के दोनों अन्त बिन्दुओं पर बने फाटक A और B से GA की दूरियों का अन्तर 7 मीटर हो। क्या ऐसा करना संभव है? यदि है तो दोनों फाटकों से कितनी दूरियों पर खंभा गाड़ना है?
A Pole has to be erected at a point on the boundary of a circular park of diameter 47 meters in such a way that the differences of its distances from two diametrically opposite fixed gates A and B on the boundary is 7 meters. Is it possible to do so? If yes, at what distances from the two gates should the pole be erected?
Solution:
Let the pole be at point P on the boundary. Let PA = x meters, PB = y meters. Given |x - y| = 7.
Since A and B are diametrically opposite, AB is the diameter = 47 m. For any point P on the circle, angle APB = 90° (angle in a semicircle).
By Pythagoras theorem: x² + y² = (47)² = 2209.
We have two cases: x - y = 7 or y - x = 7.
Case 1: x - y = 7 → x = y + 7
Substitute: (y + 7)² + y² = 2209
y² + 14y + 49 + y² = 2209
2y² + 14y - 2160 = 0
Divide by 2: y² + 7y - 1080 = 0
Discriminant: D = 49 + 4320 = 4369 = 67² (since 67² = 4489? Let's check: 66²=4356, 67²=4489, so 4369 is not a perfect square. Actually 4369 = 17×257, not a perfect square. So y is not an integer but real.)
y = [-7 ± √4369]/2 = [-7 ± 66.1]/2 (approx). Positive root: y ≈ (59.1)/2 = 29.55 m, then x ≈ 36.55 m.
Case 2: y - x = 7 → y = x + 7, similar result.
Thus, it is possible. The distances from the two gates are approximately 36.55 m and 29.55 m.
Answer: Yes, it is possible. The pole should be erected at distances approximately 36.55 m and 29.55 m from the two gates.
प्र. 28. (i)
यदि Cos3A = Sin(A - 34°) हो, जहाँ A एक न्यून कोण है तो A का मान ज्ञात कीजिए।
If Cos3A = Sin(A - 34°), where A is an acute angle, find the value of A.
Solution:
We know that sin θ = cos(90° - θ). So, sin(A - 34°) = cos[90° - (A - 34°)] = cos(124° - A).
Thus, cos 3A = cos(124° - A)
Since A is acute, 3A and (124° - A) are both acute or one acute? For acute A, 3A < 270°, but we consider principal values.
Either 3A = 124° - A or 3A = 360° - (124° - A) = 236° + A
Case 1: 3A = 124° - A → 4A = 124° → A = 31°
Case 2: 3A = 236° + A → 2A = 236° → A = 118° (not acute, reject)
Thus, A = 31°.
Answer: A = 31°.
(ii)
निम्नलिखित सर्वसमिका सिद्ध कीजिए, जहाँ वे कोण, जिनके लिए व्यंजक परिभाषित है, न्यून कोण है।
Prove the following identity, where the angles involved are acute angles for which the expression is defined.
\[ \frac{1+\cot^2 A}{1+\tan^2 A} = \left(\frac{1-\cot A}{1-\tan A}\right)^2 \]
Proof:
LHS = (1 + cot²A) / (1 + tan²A)
We know 1 + cot²A = cosec²A and 1 + tan²A = sec²A.
So LHS = cosec²A / sec²A = (1/sin²A) / (1/cos²A) = cos²A / sin²A = cot²A.
RHS = [(1 - cotA) / (1 - tanA)]²
Write cotA = cosA/sinA and tanA = sinA/cosA.
1 - cotA = 1 - cosA/sinA = (sinA - cosA)/sinA
1 - tanA = 1 - sinA/cosA = (cosA - sinA)/cosA = -(sinA - cosA)/cosA
Thus, (1 - cotA)/(1 - tanA) = [(sinA - cosA)/sinA] / [-(sinA - cosA)/cosA] = -cosA/sinA = -cotA
So RHS = (-cotA)² = cot²A.
Hence LHS = RHS. Proved.
प्र. 29. उस त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसके शीर्ष (-5, 7), (4, 5) और (-4, -5) है।
Find the area of that triangle whose vertices are (-5, 7), (4, 5) and (-4, -5).
हल: त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने का सूत्र:
क्षेत्रफल = ½ | x₁(y₂ - y₃) + x₂(y₃ - y₁) + x₃(y₁ - y₂) |
यहाँ, (x₁, y₁) = (-5, 7), (x₂, y₂) = (4, 5), (x₃, y₃) = (-4, -5)
क्षेत्रफल = ½ | (-5)(5 - (-5)) + (4)(-5 - 7) + (-4)(7 - 5) |
= ½ | (-5)(10) + (4)(-12) + (-4)(2) |
= ½ | -50 - 48 - 8 |
= ½ | -106 |
= ½ × 106
= 53 वर्ग इकाई
उत्तर: त्रिभुज का क्षेत्रफल 53 वर्ग इकाई है।
प्र. 30. दी गई आकृति में ABC एक त्रिभुज है। यदि AD/AB = AE/AC तो सिद्ध कीजिए DE || BC
In the given figure ABC is a triangle. If AD/AB = AE/AC then prove that DE || BC
हल: दिया है: त्रिभुज ABC में, AD/AB = AE/AC
सिद्ध करना है: DE || BC
प्रमाण:
त्रिभुज ABC में,
AD/AB = AE/AC (दिया है)
दोनों पक्षों में से 1 घटाने पर:
AD/AB - 1 = AE/AC - 1
(AD - AB)/AB = (AE - AC)/AC
(-BD)/AB = (-CE)/AC
BD/AB = CE/AC
अतः, BD/AB = CE/AC
इसलिए, त्रिभुज ABC में, भुजाओं AB और AC को बराबर अनुपात में विभाजित करने वाली रेखा DE, आधार BC के समांतर होती है।
अतः DE || BC (थेल्स प्रमेय के विलोम से)
इति सिद्धम्
अथवा
प्र. 30. एक चतुर्भुज PQRS के विकर्ण परस्पर O बिन्दु पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि PO/QO = RO/SO दर्शाइए कि PQRS एक समलम्ब है।
The diagonals of a quadrilateral PQRS intersect each other at the point O such that PO/QO = RO/SO. Show that PQRS is a trapezium.
हल: दिया है: चतुर्भुज PQRS में, विकर्ण PR और QS बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
PO/QO = RO/SO
सिद्ध करना है: PQRS एक समलम्ब है (अर्थात PQ || RS या PS || QR)
प्रमाण:
त्रिभुज POQ और त्रिभुज ROS में,
PO/QO = RO/SO (दिया है)
∠POQ = ∠ROS (शीर्षाभिमुख कोण)
अतः, त्रिभुज POQ ~ त्रिभुज ROS (SAS समरूपता)
समरूप त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होते हैं:
∠OPQ = ∠ORS
∠OQP = ∠OSR
चूँकि ∠OPQ और ∠ORS एकांतर कोण हैं,
अतः PQ || RS
चतुर्भुज PQRS में एक युग्म भुजाएँ (PQ और RS) समांतर हैं,
इसलिए PQRS एक समलम्ब है।
इति सिद्धम्