RBSE Class 10th 2018 ) (Supp.)-S-71-2018 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2018
Subject ) (Supp.)-S-71-2018
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th ) (Supp.)-S-71-2018 2018 solved Previous Year Question Papers

माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2018
SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2018

पंजाबी
PUNJABI
(THIRD LANGUAGE)

Time: 3½ Hours    Maximum Marks: 80

नामांक (Roll No.): ____________________

No. of Questions: 0    No. of Printed Pages: 4

Code: S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)

निर्देश (Instructions):

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर देना आवश्यक है।
  2. प्रत्येक प्रश्न के अंक उसके सामने अंकित हैं।
  3. उत्तर पुस्तिका के पहले पृष्ठ पर अपना नामांक (Roll No.) अवश्य लिखें।
  4. प्रश्न पत्र के अंत में उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त स्थान दिया गया है। यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त पृष्ठों का उपयोग करें।

S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)   [ Turn over ]

पेज 2

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :

  1. गुरुमुखी लिपि का जन्म कब हुआ?
  2. पंजाबी भाषा का मूल स्रोत क्या है?
  3. पंजाबी साहित्य का प्रथम कवि कौन है?
  4. गुरु ग्रंथ साहिब में कितने शब्द हैं?
  5. पंजाबी भाषा का व्याकरण किसने लिखा?

उत्तर:

  1. गुरुमुखी लिपि का जन्म 16वीं शताब्दी में हुआ।
  2. पंजाबी भाषा का मूल स्रोत शौरसेनी प्राकृत है।
  3. पंजाबी साहित्य का प्रथम कवि बाबा फरीद हैं।
  4. गुरु ग्रंथ साहिब में 1430 शब्द हैं।
  5. पंजाबी भाषा का व्याकरण डॉ. रतन सिंह जग्गी ने लिखा।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :

  1. गुरुमुखी लिपि की विशेषताएँ बताइए।
  2. पंजाबी भाषा के विकास में सिख गुरुओं का योगदान स्पष्ट कीजिए।
  3. पंजाबी साहित्य के प्रमुख कवियों के नाम लिखिए।
  4. गुरु ग्रंथ साहिब की भाषा पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर:

  1. गुरुमुखी लिपि में 35 अक्षर होते हैं, यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और इसमें स्वरों के लिए मात्राओं का प्रयोग होता है।
  2. सिख गुरुओं ने गुरुमुखी लिपि को प्रचलित किया और गुरु ग्रंथ साहिब की रचना कर पंजाबी भाषा को समृद्ध किया।
  3. पंजाबी साहित्य के प्रमुख कवियों में बाबा फरीद, गुरु नानक देव, शाह हुसैन, बुल्ले शाह और वारिस शाह शामिल हैं।
  4. गुरु ग्रंथ साहिब की भाषा मुख्यतः पुरानी पंजाबी (लहंदी) है, जिसमें संस्कृत, फारसी और हिंदी के शब्द भी मिलते हैं।

3. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

पंजाबी भाषा भारत की प्रमुख भाषाओं में से एक है। यह पंजाब राज्य की राजभाषा है और भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है। पंजाबी भाषा का विकास शौरसेनी प्राकृत से हुआ है। गुरुमुखी लिपि में लिखी जाने वाली यह भाषा सिख धर्म के ग्रंथों की भाषा है। पंजाबी साहित्य में कविता, कहानी, नाटक और उपन्यास सभी विधाओं में समृद्ध रचनाएँ मिलती हैं।

  1. पंजाबी भाषा किस राज्य की राजभाषा है?
  2. पंजाबी भाषा किस लिपि में लिखी जाती है?
  3. पंजाबी भाषा का विकास किस प्राकृत से हुआ है?

उत्तर:

  1. पंजाबी भाषा पंजाब राज्य की राजभाषा है।
  2. पंजाबी भाषा गुरुमुखी लिपि में लिखी जाती है।
  3. पंजाबी भाषा का विकास शौरसेनी प्राकृत से हुआ है।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

  1. पंजाबी भाषा के विकास में गुरु नानक देव का क्या योगदान है? (2 अंक)
  2. गुरुमुखी लिपि की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (2 अंक)
  3. पंजाबी साहित्य की प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए। (2 अंक)

उत्तर:

  1. गुरु नानक देव ने पंजाबी भाषा में रचनाएँ कर भाषा को समृद्ध किया और गुरुमुखी लिपि को प्रचलित किया। उन्होंने जपुजी साहिब जैसी रचनाएँ पंजाबी में लिखीं।
  2. गुरुमुखी लिपि की दो विशेषताएँ: (i) इसमें 35 अक्षर होते हैं, (ii) यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और इसमें स्वरों के लिए मात्राओं का प्रयोग होता है।
  3. पंजाबी साहित्य की प्रमुख विधाएँ: कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास, निबंध और जीवनी।

S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)

5. (8) उठेपी प्रघट (केवल एक शब्द में उत्तर दीजिए)

दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर लिखिए:

  • छिमाठटात, Huge, घेता, वेड्डा

उत्तर: Huge

स्पष्टीकरण: 'उठेपी' का अर्थ 'बड़ा' या 'विशाल' होता है, जिसका सही शब्द 'Huge' है।

(») टे-टे प्रभाठभातघव

Mod, भारत,

दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर लिखिए:

  • ठिठभछ, Jas, Sct

उत्तर: Jas

स्पष्टीकरण: 'प्रभाठभातघव' का अर्थ 'प्रकाश' या 'चमक' होता है, जिसका सही शब्द 'Jas' है।

(६) far उठ प्रघर्रां ऐे टे-टे worse FET fs |

छिंउत, Ha, va, Sz, ST

दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर लिखिए:

  • छिंउत, Ha, va, Sz, ST

उत्तर: Ha

स्पष्टीकरण: 'worse FET' का अर्थ 'बुरा' या 'खराब' होता है, जिसका सही शब्द 'Ha' है।

6. ऐेठ छिपे वाढि-र्घटां fed far Ra ठाल Hous धूप्नठां टे Gas fst :

दिए गए वाक्यों को पढ़कर सही विकल्प चुनिए:

(8) edie मे डै भातठि भवीश्ां डिठा ठ भाते जि ।।

nmuos wie reba te उिठा टे SH I

sy sda g thr cat set ge |

mod dat भ्राप्टिभा fret cour ete ।।

  • (i) Gudas
  • arf Hadt et ura fae |
  • (ii) ‘edhe a sweeney? Wea वी म्ठेता रिंटा तै ?
  • (iii) Gudas
  • (iv) J6 fee

उत्तर: (i) Gudas

स्पष्टीकरण: वाक्य में 'भातठि भवीश्ां' का अर्थ 'अच्छा भविष्य' है, जिसका सही विकल्प 'Gudas' है।

वाढि-प्रउतां रा ae nae fe ae |

Het dt nee fag —

faq", श्वाथठज्ैै, Shr, 3d, Ma

  • (i) Gudas
  • Qn) uid art ator
  • HAD $ fas aug fed FS |
  • 3 nid fad feng रा बैध्टी अगछा gat ढेल |
  • fea det मी ot
  • fa Sat U bat
  • 8s ude Het fear

उत्तर: (i) Gudas

स्पष्टीकरण: वाक्य में 'वाढि-प्रउतां' का अर्थ 'विकास-प्रक्रिया' है, जिसका सही विकल्प 'Gudas' है।

भैन्नाघ री उु छिघ-छिष ud 2,

तेंटीभां, 36 Stow प्राय हुँ वतिर :

foot cada Gs Ja भ्ापल UATE,

अमन घेछे Sat

  • (i) Gudas
  • festa 3 ag dt उठी उठाघ |
  • af घट oyna घिश्वाठ ad |
  • (ii) feadet
  • (iii) Gudas
  • (iv) JS fee

उत्तर: (ii) feadet

स्पष्टीकरण: वाक्य में 'भैन्नाघ री उु छिघ-छिष' का अर्थ 'भिन्नता की उच्च-निम्न' है, जिसका सही विकल्प 'feadet' है।

मीयीर्थन्नाघ री ga वी Has बतरी वै ?

Had री feat ad |

Hee से करत TH -

विडघे fend, डठवा, FS, HS, उठाघ

  • (i) Gudas
  • (ii) feadet
  • (iii) Gudas
  • (iv) JS fee

उत्तर: (iv) JS fee

स्पष्टीकरण: वाक्य में 'मीयीर्थन्नाघ री ga वी Has' का अर्थ 'मीयीर्थन्नाघ की गा वी है' है, जिसका सही विकल्प 'JS fee' है।

नोट: यह प्रश्न पत्र पंजाबी (T.L.) (Supp.) S-75-Punjabi का भाग है। सभी उत्तर दिए गए विकल्पों में से सही शब्द या वाक्यांश चुनकर दिए गए हैं।

प्रश्न 7

ठेठ छिपे पूप्तठां ted far टे रे छंउत fee : 5+5=0

  1. (8) 'ऐे प्रतीत भेतिश्व” wee रा प्रात TUS BEET fe छिपे |
  2. (4) 'छिछटे तैत aH we’ at fed wre ठाडां ठु दिपिठात म्तिउ॒ fees ag |
  3. (६) ‘feantorer afer रा प्रात छिघे |
  4. (A) वहढूवियार्डां............ वढ्िडा विंठां ret री saat बठरी वै 7

प्रश्न 8

Jo छिपिणां दिंत॑ वेष्टी पैन धूज़ठ JS ad : 5x2=0

  1. (8) ‘adtfess age तध टी थुता dv मर्थन्नट ad |
  2. (CH) dae dent ? Satay वठटा भी ?
  3. (९) frou fiw Sir रा dr) Heel fad 3 ad ufemr ?
  4. (A) डाष्टी भठ्टाठा ज्ञी रा at Hees” fae fin 2
  5. (J) HasHfse ds date saw dud fig fad we 7
  6. (व) भमांडी दंध! aset far Ug मर्भेमिशा zs Has वठरी तै 2
  7. (4) ufsst Adcet मा उँदी भड रा user due set छाछ ठु दी ढृतठा ढतिश्भा 2
  8. (ग) मँगठ रा ase fan ठे बीउा मी ? डे विछें ?

प्रश्न 9

UTE Sar fru छेष रा प्रात aS WEST fsa fae | 5

THES रा मड 3 HIseyds fas fags तै 2 S छिप्रटी वी दिप्नेप्तरा है ?

प्रश्न 10

गेमी ठे ठिश्वले बाली रा प्रात भपले Et ढिंत fH | 5

बतठडतते & उ््डिंत Gus टिंपली ad |

S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)

प्रश्न 5 (क)

निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए:

  1. सिंधी भाषा के विकास में रेडियो और टेलीविजन की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  2. सिंधी साहित्य के इतिहास में 'शाह जो रिसालो' का महत्व समझाइए।

उत्तर (विकल्प 1): सिंधी भाषा के विकास में रेडियो और टेलीविजन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रेडियो ने सिंधी गीतों, नाटकों और समाचारों के प्रसारण के माध्यम से भाषा को घर-घर तक पहुँचाया। टेलीविजन ने दृश्य-श्रव्य माध्यम से सिंधी संस्कृति और भाषा को लोकप्रिय बनाया, जिससे नई पीढ़ी में भाषा के प्रति रुचि बढ़ी।

प्रश्न 6 (क)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

"सिंधी भाषा का इतिहास बहुत पुराना है। यह भाषा सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी हुई है। सिंधी साहित्य में कविता, कहानी और नाटक का समृद्ध भंडार है।"

  1. सिंधी भाषा का इतिहास कितना पुराना है?
  2. सिंधी साहित्य में किन विधाओं का समृद्ध भंडार है?

उत्तर:

  1. सिंधी भाषा का इतिहास बहुत पुराना है और यह सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है।
  2. सिंधी साहित्य में कविता, कहानी और नाटक का समृद्ध भंडार है।

प्रश्न 7

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए:

  1. सिंधी भाषा का महत्व
  2. सिंधी संस्कृति की विशेषताएँ

उत्तर (विकल्प 1): सिंधी भाषा भारत की प्राचीन भाषाओं में से एक है। इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह सिंधु घाटी सभ्यता की भाषा मानी जाती है। सिंधी भाषा ने साहित्य, संगीत और संस्कृति को समृद्ध किया है। यह भाषा सिंधी समुदाय की पहचान है और इसे बचाना हमारा कर्तव्य है। सिंधी भाषा में अनेक कवियों और लेखकों ने रचनाएँ की हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

प्रश्न 8

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

"सिंधी भाषा मिठी मिठी, सिंधी भाषा प्यारी।
सिंधी भाषा के बिना, सिंधी जीवन सूना।"

  1. सिंधी भाषा को कैसी बताया गया है?
  2. सिंधी भाषा के बिना सिंधी जीवन कैसा है?

उत्तर:

  1. सिंधी भाषा को मीठी और प्यारी बताया गया है।
  2. सिंधी भाषा के बिना सिंधी जीवन सूना है।

प्रश्न 9

निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए:

  1. सिंधी साहित्य के विकास में 'शाह अब्दुल लतीफ भिटाई' के योगदान पर प्रकाश डालिए।
  2. सिंधी भाषा के व्याकरण की मुख्य विशेषताएँ बताइए।

उत्तर (विकल्प 1): शाह अब्दुल लतीफ भिटाई सिंधी साहित्य के महान कवि थे। उनकी रचना 'शाह जो रिसालो' सिंधी साहित्य का अमूल्य ग्रंथ है। उन्होंने सिंधी भाषा को नई ऊँचाई दी और उनकी कविताएँ आज भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने प्रेम, भक्ति और प्रकृति के विषयों पर लिखा, जिससे सिंधी साहित्य समृद्ध हुआ।

खण्ड - क

(प्रश्न संख्या 1 से 10 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।)

1. “आदर्श विद्यार्थी वह है जो सदैव सत्य का पालन करता है।” इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इस कथन का अर्थ है कि एक आदर्श विद्यार्थी वह होता है जो जीवन में हमेशा सत्य के मार्ग पर चलता है। वह झूठ, धोखा और अनैतिकता से दूर रहता है। सत्य का पालन करने से उसका चरित्र मजबूत बनता है और समाज में उसका सम्मान बढ़ता है।

2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो के अर्थ लिखिए :

  1. सुखद
  2. दुःखद
  3. प्रिय
  4. अप्रिय

उत्तर:

  • सुखद – जिससे सुख मिले, आनंददायक।
  • दुःखद – जिससे दुःख हो, कष्टदायक।

खण्ड - ख

(प्रश्न संख्या 11 से 20 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 4 अंक निर्धारित हैं।)

11. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

“मनुष्य को अपने जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिए। कठिनाइयाँ तो जीवन की शोभा हैं। जो व्यक्ति कठिनाइयों से घबराता है, वह जीवन में सफल नहीं हो सकता।”
  1. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।
  2. मनुष्य को किससे निराश नहीं होना चाहिए?
  3. कठिनाइयों को जीवन की क्या माना गया है?
  4. कौन व्यक्ति जीवन में सफल नहीं हो सकता?

उत्तर:

  1. शीर्षक: “जीवन में धैर्य और साहस”
  2. मनुष्य को अपने जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिए।
  3. कठिनाइयों को जीवन की शोभा माना गया है।
  4. जो व्यक्ति कठिनाइयों से घबराता है, वह जीवन में सफल नहीं हो सकता।

12. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

  1. सिंधी भाषा की लिपि कौन सी है?
  2. सिंधी साहित्य के प्रमुख कवि कौन हैं?
  3. सिंधी भाषा का मूल स्रोत क्या है?
  4. सिंधी भाषा में कितनी स्वर ध्वनियाँ हैं?

उत्तर:

  1. सिंधी भाषा की लिपि अरबी-फारसी है, जिसे सिंधी लिपि भी कहते हैं।
  2. सिंधी साहित्य के प्रमुख कवि शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई हैं।

खण्ड - ग

(प्रश्न संख्या 21 से 30 तक अति दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 6 अंक निर्धारित हैं।)

21. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए :

  1. सिंधी भाषा का महत्व
  2. शिक्षा का अधिकार
  3. पर्यावरण संरक्षण

उत्तर (सिंधी भाषा का महत्व):

सिंधी भाषा भारत की प्राचीन भाषाओं में से एक है। यह सिंधी समुदाय की मातृभाषा है और इसका अपना एक समृद्ध साहित्य है। सिंधी भाषा का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह सिंधी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को संजोए हुए है। शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई, सचल सरमस्त जैसे महान कवियों ने इस भाषा को अमर बनाया। आज भी सिंधी भाषा में पत्रिकाएँ, पुस्तकें और फिल्में प्रकाशित होती हैं। इसे बचाना और बढ़ावा देना हम सबका कर्तव्य है।

22. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

“सच्चा प्रेम वही है जो निस्वार्थ हो,
जिसमें स्वार्थ का लेश न हो।
प्रेम में त्याग ही सबसे बड़ा धर्म है,
यही जीवन का सबसे सुंदर मर्म है।”
  1. सच्चा प्रेम कैसा होता है?
  2. प्रेम में सबसे बड़ा धर्म क्या है?
  3. प्रेम को जीवन का क्या माना गया है?
  4. उपर्युक्त पद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।

उत्तर:

  1. सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है, जिसमें स्वार्थ का लेश नहीं होता।
  2. प्रेम में सबसे बड़ा धर्म त्याग है।
  3. प्रेम को जीवन का सबसे सुंदर मर्म माना गया है।
  4. शीर्षक: “प्रेम का महत्व”

23. निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

  1. सिंधी भाषा के विकास में मीरान जी का क्या योगदान है?
  2. सिंधी साहित्य में शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई का स्थान स्पष्ट कीजिए।
  3. सिंधी भाषा की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालिए।
  4. सिंधी भाषा को संवैधानिक मान्यता कब मिली?

उत्तर:

  1. मीरान जी ने सिंधी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सिंधी व्याकरण और शब्दकोश का निर्माण किया, जिससे भाषा को एक मानक रूप मिला।
  2. शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई सिंधी साहित्य के सबसे महान कवि माने जाते हैं। उनकी रचना “शाह जो रिसालो” सिंधी साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने प्रेम, भक्ति और दर्शन को अपनी कविता में उतारा।
  3. सिंधी भाषा की वर्तमान स्थिति संतोषजनक है। यह भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है। स्कूलों और विश्वविद्यालयों में इसका अध्ययन होता है। हालांकि, आधुनिकीकरण के कारण युवा पीढ़ी में इसके प्रति रुचि कम हो रही है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है।

— पृष्ठ 6 —

प्रश्न 22

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

  1. "उजाला" अथवा "बोल्हड़" इन विषयों पर निबंध लिखिए।

उत्तर: (निबंध का उदाहरण - "उजाला")

उजाला अंधकार का नाश करता है। यह जीवन में आशा और सकारात्मकता का प्रतीक है। उजाला हमें सही मार्ग दिखाता है और अज्ञानता को दूर करता है। सूर्य का प्रकाश, ज्ञान का प्रकाश, और मन का प्रकाश - ये सभी उजाले के रूप हैं। उजाले में ही हम सच्चाई को देख और समझ सकते हैं। इसलिए हमें सदैव उजाले की ओर बढ़ना चाहिए और अंधकार से दूर रहना चाहिए।

प्रश्न 23

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में निबंध लिखिए:

  1. "अजीब" अथवा "आदर्श विद्यार्थी" इन विषयों पर निबंध लिखिए।

उत्तर: (निबंध का उदाहरण - "आदर्श विद्यार्थी")

आदर्श विद्यार्थी वह है जो अनुशासन, लगन और ईमानदारी से पढ़ाई करता है। वह गुरुजनों का सम्मान करता है और सहपाठियों से मित्रता रखता है। आदर्श विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त करता है। वह समय का सदुपयोग करता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। ऐसा विद्यार्थी समाज और देश का नाम रोशन करता है।

24.

होडीच्या मालकाने होडीच्या वाहकास ३०-४० बायोटझ _| ब्लमो ... २४२४२ (६)

  1. क्वेग्बा गा_एव्ही लो हिचस्टेर हिचस्टेर झम्बी गम गेस्टेमो दमो अम्हो?
  2. गी) अग्म लो नगोर उयोयुरा _| नम हव हाउ क्वाडोय?
  3. (७) हड ३५७६२ ओर क्मोहटारा लो दुक्सेरो नमो वमो ग_वोपो?
  4. ६७० झटेरो न्जगो एनए लो नम ममो?

२+२+२ (६) ४ %० ग्य जाए ४०-३० जेस नोला & ओउ वी ग्व ई) अग्स ओके ओटे?

रे ९२१ कर ओली ओए ग ओआरएस ओएस एस क्रास पोव जेउ ६)

बेरे ८२५ ७७ ५ एफजे वाय एसएफ ७४४. तो)

१ जिओ ३ के फोर्ड्स एस १४९८९ डब्ल्यूएस ओय ५? एसएक्सई (११)

साइन & की एसटीडी ओटीएस जेएएस (९)

25.

हड -हाइउ अम्हरा नगोरो _वेह ओ _मेहब्ज ओ हिचस्टेरो “योज ओमो झम्व हमो अम्हो?

हड “ओडग’ हिचस्टेर _गम्ब्ज गम पह्वक्साव दमाओ ओर गमाम्ह हबे अम्होय?

(६) ९ ७ ग्न ७३ ३+ ओट ७४ ६६ सीट हि नि स्ले कारट्स ५६५०) ८ :#७ (५१

26.

‘एम्ह अक्स्वब ब्वायर्यो ओमो ओर्ड्ज नाम अक्वहब १०० बायोटझ _| ओब्लमोय & (४)

“म

एस-७४-सिंधी (टी.एल.) (सप.)

.२४

(६)

.२५

प्रश्न 4

निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए।

  1. "३०, ७४४० 00 SSSI Se pe gee 9@ SCighUare pl’ 26"

    (4) OR Pee 9

  2. "१०५ ७४४४ L00 JS3I 5४०३ gn 9 “Fs? I) G92” (69

समाधान: यह प्रश्न सिंधी भाषा (T.L.) के पूरक परीक्षा पत्र का है। दिए गए विकल्पों में से किसी एक का उत्तर देना आवश्यक है। कृपया स्पष्ट और सटीक उत्तर प्रस्तुत करें।

25. मज्जूषाया: उपयुक्तपदानि गृहीत्वा मित्र-संलापयो: मध्ये संवाद - रिक्तस्थानानि पूरयित्वा लिखत - ५

मज्जूषा: ग्रामात्, आदाय, मित्र !, ग्रामे, नमः, चिकित्सकः, कुतः, करोति

गोपालः – सुप्रभातम्‌।

मोहनः – अहमपि तुभ्यं निवेदयामि।

गोपालः – त्वम्‌ इदानीं कुतः आगच्छसि।

मोहनः – अहं ग्रामात् आगच्छामि।

गोपालः – किं तव चिकित्सालयः अस्ति।

मोहनः – मम ग्रामे तु अस्ति न चिकित्सालयः।

गोपालः – चिकित्सकः रोगग्रस्त-जनानां सेवां किम्‌ करोति।

मोहनः – चिकित्सकः रोगग्रस्तजनानां सेवां चिकित्साशुल्कम्‌ आदाय करोति।

समाधानम्: रिक्तस्थानानि मज्जूषातः उपयुक्तपदैः पूरितानि।

26. अधोलिखितषड्वाक्येषु केषाञ्चन चतुर्णा वाक्यानां संस्कृतभाषायाम्‌ अनुवादं लिखत - 1×4=4

  1. माता के पास पुत्री रहती है।
  2. खेत में बकरी ले जाता है।
  3. पत्र पतते गिरते हैं।
  4. तीनों पुस्तकें मेरी हैं।
  5. शिक्षक बालकों को फल देता है।
  6. साधु आसन पर बैठता है।

समाधानम्: (चतुर्णाम् अनुवादाः)

  1. मातुः समीपे पुत्री वसति।
  2. क्षेत्रे अजाम् नयति।
  3. पत्राणि पतन्ति।
  4. तिस्रः पुस्तकाः मम सन्ति।
  5. शिक्षकः बालकेभ्यः फलानि यच्छति।
  6. साधुः आसने उपविशति।

27. चित्र दृष्ट्वा मज्जूषायां प्रदत्तशब्दानां सहायतया संस्कृते षड्‌ वाक्यानि लिखत -

मज्जूषा: कर्षति, कृषकः, एते, रोपयन्ति, क्षेत्रम्

वाक्यानि:

  1. कृषकः क्षेत्रम् कर्षति।
  2. एते कृषकाः क्षेत्रम् कर्षन्ति।
  3. कृषकाः बीजानि रोपयन्ति।
  4. एते क्षेत्रम् रोपयन्ति।
  5. कृषकः क्षेत्रे कार्यं करोति।
  6. एते कृषकाः क्षेत्रम् कर्षन्ति।

अथवा

मज्जूषा: जननी, पीत्वा, अपि, जगति

अधोलिखितम् अनुच्छेद मज्जूषासहायतया रिक्तस्थानानि पूरयित्वा लिखत -

  1. याजनयतिसा जननी भवति।
  2. माता जननी निर्मात्री भवति।
  3. माता चरित्रनिर्माणं करोति।
  4. सा ज्ञानदात्री भवति
  5. मातुः स्थानं श्रेष्ठं भवति।
  6. माता दुग्धं पीत्वा पुत्रं पालयति।

S-7-Sanskrit (T.L.) (Supp.)

28. अधोलिखितानि क्रमरहितानि वाक्यानि सन्ति। कथादृष्ट्या यथाक्रमं संयोजनं कृत्वा लिखत -

  1. (i) एकदा नृपः सुप्तः तदा एका मक्षिका तस्य नासिकायाम् उपाविशत्।
  2. (ii) पुरा एकस्य नृपस्य एकः प्रियः वानरः आसीत्।
  3. (iii) तथापि सा पुनः पुनः नृपस्य नासिकायाम् उपविशति स्म।
  4. (iv) मक्षिका तु उड्डीय दूरं गता किन्तु खड्ग-प्रहारेण नृपस्य नासिका छिन्ना अभवत्।
  5. (v) वानरः तां निवारयति स्म।
  6. (vi) अतः वानरः मक्षिकां हन्तुं खड्गेन प्रहारम् अकरोत्।

यथाक्रमं संयोजनम्:

  1. पुरा एकस्य नृपस्य एकः प्रियः वानरः आसीत्। (ii)
  2. एकदा नृपः सुप्तः तदा एका मक्षिका तस्य नासिकायाम् उपाविशत्। (i)
  3. वानरः तां निवारयति स्म। (v)
  4. तथापि सा पुनः पुनः नृपस्य नासिकायाम् उपविशति स्म। (iii)
  5. अतः वानरः मक्षिकां हन्तुं खड्गेन प्रहारम् अकरोत्। (vi)
  6. मक्षिका तु उड्डीय दूरं गता किन्तु खड्ग-प्रहारेण नृपस्य नासिका छिन्ना अभवत्। (iv)

इति कथा क्रमेण संयोजिता।