RBSE Class 10th 2018 Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2018 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2018
Subject Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2018
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 10th 2018 Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2018

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Rajasthan Board Class 10th Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2018 2018 solved Previous Year Question Papers

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा-10) परीक्षा, 2018

लेवल - द्वितीय वर्ष

विषय - एपरल मेड-अप एण्ड होम फर्नीशिंग

समय : 2 घण्टे 5 मिनट

No. of Questions — 38


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में निर्धारित शब्द-सीमा में लिखें।
  4. प्रश्न संख्या 1 से 10 तक (बहुविकल्पीय प्रश्नों) के उत्तर तालिका बनाकर उत्तर-पुस्तिका में लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 11 से 30 तक एक पंक्ति में उत्तर लिखें।
  6. प्रश्न संख्या 31 से 36 तक दो से चार पंक्तियों में उत्तर लिखें।
  7. प्रश्न संख्या 37 एवं 38 के उत्तर दो पृष्ठों तक लिखें।

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खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न 1 से 5 तक)

सही विकल्प चुनें : (1 × 5 = 5)

  1. साटिन बुनाई (satin weave) है

    • (A) सादा बुनाई का
    • (B) प्लेन वीव का
    • (C) रिब वीव का
    • (D) कम्पाउण्ड वीव का

    सही उत्तर: (A) सादा बुनाई का

    व्याख्या: साटिन बुनाई सादा बुनाई का ही एक रूपांतर है, जिसमें ताना या बाना धागे सतह पर तैरते हैं, जिससे चिकनी और चमकदार सतह बनती है।

  2. बाथ टॉवल में प्रयुक्त बुनाई (weave) है

    • (A) पाइल वीव
    • (B) मैट वीव
    • (C) ट्वील वीव
    • (D) प्लेन वीव

    सही उत्तर: (A) पाइल वीव

    व्याख्या: बाथ टॉवल में पाइल वीव (लूप वाली बुनाई) का उपयोग किया जाता है, जो पानी सोखने की क्षमता बढ़ाता है और मुलायम बनावट देता है।

  3. निम्न में से कार्यकारी परिसज्जा (Functional finish) है

    • (A) वाटर-प्रूफ
    • (B) कैलेण्डरिंग
    • (C) ब्लीचिंग
    • (D) सिजिंग

    सही उत्तर: (A) वाटर-प्रूफ

    व्याख्या: कार्यकारी परिसज्जा वह होती है जो कपड़े को विशेष गुण प्रदान करती है, जैसे जलरोधक (वाटर-प्रूफ), अग्निरोधक, एंटी-स्टैटिक आदि। कैलेण्डरिंग, ब्लीचिंग और सिजिंग सामान्य या यांत्रिक परिसज्जा हैं।

  4. पारम्परिक परिधान का प्रकार है

    • (A) साड़ी
    • (B) कोट
    • (C) स्विम-सूट
    • (D) गाउन

    सही उत्तर: (A) साड़ी

    व्याख्या: साड़ी भारतीय उपमहाद्वीप का पारम्परिक परिधान है, जबकि कोट, स्विम-सूट और गाउन पश्चिमी या आधुनिक परिधान हैं।

  5. ट्रू-बायस (True Bias) में कपड़ा किनारी से निम्न कोण पर काटा जाता है :

    • (A) 90°
    • (B) 60°
    • (C) 45°
    • (D) 75°

    सही उत्तर: (C) 45°

    व्याख्या: ट्रू-बायस कटिंग में कपड़े को ताने और बाने के बीच 45° के कोण पर काटा जाता है, जिससे कपड़े में सबसे अधिक खिंचाव और लचीलापन आता है।

6. परिधान के अन्दर की तरफ उसे फिनिशिंग प्रदान करने के लिए लगाई जाती है

  • (अ) इन्टरफेसिंग
  • (ब) नेट का कपड़ा
  • (स) फोम
  • (द) अस्तर या लाइनिंग ✓ सही उत्तर

अस्तर या लाइनिंग परिधान के अंदर की तरफ फिनिशिंग प्रदान करने के लिए लगाई जाती है, जो कपड़े को साफ-सुथरा रूप देती है और पहनने में आरामदायक बनाती है।

7. वन-वे फैब्रिक में सभी पैटर्न के टुकड़ों को ले-आउट करते समय रखा जाता है

  • (अ) एक ही दिशा में ✓ सही उत्तर
  • (ब) कपड़े को लम्बाई में फोल्ड करके
  • (स) कपड़े को चौड़ाई में फोल्ड करके
  • (द) कपड़े को तिरछा फोल्ड करके

वन-वे फैब्रिक (जैसे प्रिंटेड या नैप वाले कपड़े) में सभी पैटर्न के टुकड़ों को एक ही दिशा में रखा जाता है ताकि डिज़ाइन या बनावट एक समान रहे।

8. सोडियम हाइपोक्लोराइट है

  • (अ) ब्लीच ✓ सही उत्तर
  • (ब) डिटरजेंट
  • (स) फर्ट
  • (द) फैब्रिक सॉफ्टनर

सोडियम हाइपोक्लोराइट एक ब्लीचिंग एजेंट है, जिसका उपयोग कपड़ों से दाग हटाने और सफेदी बढ़ाने के लिए किया जाता है।

9. कपड़ों को मशीन से धोने के लिए 'केयर लेबल' पर प्रयुक्त चिन्ह है

  • (अ) /\ (a) a |

प्रश्न में दिए गए चिन्ह स्पष्ट नहीं हैं। सामान्यतः मशीन धुलाई के लिए केयर लेबल पर एक टब या वॉशिंग मशीन का चिन्ह होता है। कृपया सही चिन्ह के लिए मूल प्रश्न पत्र देखें।

10. फिल्मों एवं नाटकों में थीम के अनुसार परिधानों को डिज़ाइन करने वाले फैशन डिज़ाइन को कहते हैं

  • (अ) फैशन डिजाइनर
  • (ब) एक्सेसरी डिजाइनर
  • (स) कॉस्ट्यूम डिजाइनर ✓ सही उत्तर
  • (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

फिल्मों और नाटकों में थीम के अनुसार परिधान डिज़ाइन करने वाले को कॉस्ट्यूम डिजाइनर कहा जाता है, जो पात्रों की भूमिका और कहानी के अनुरूप वेशभूषा तैयार करता है।

खण्ड-ब

I. बहु लघु उत्तरीय प्रश्न : (20 × 4 = 0)

  1. जब कपड़े को किसी प्रकार की परिसज्जा (फिनिश) प्रदान नहीं की जाती है तो उसे ग्रे फैब्रिक कहा जाता है।

    उत्तर: ग्रे फैब्रिक (Grey Fabric) – यह वह कपड़ा है जिसे बुनाई के बाद किसी भी प्रकार की फिनिशिंग (जैसे रंगाई, छपाई, सॉफ्टनिंग आदि) नहीं दी गई होती है।

  2. ह्यू (Hue) से तात्पर्य है –

    • रंग का शुद्ध स्वरूप (Pure Color)
    • रंग की गहराई
    • रंग की चमक
    • रंग का तापमान

    व्याख्या: ह्यू (Hue) रंग के मूल स्वरूप को दर्शाता है, जैसे लाल, नीला, पीला आदि। यह रंग की पहचान है, न कि उसकी गहराई या चमक।

  3. लम्बे व पतले व्यक्ति को परिधानों में क्षैतिज (Horizontal) रेखाओं एवं प्रिन्ट युक्त कपड़े का प्रयोग करना चाहिए।

    उत्तर: क्षैतिज रेखाएँ और बड़े प्रिंट शरीर को चौड़ा दिखाते हैं, जो लम्बे व पतले व्यक्ति के लिए उपयुक्त होते हैं।

  4. परिधानों की बाहरी रूपरेखा या परिधान की सम्पूर्ण आकृति सिल्हूट (Silhouette) कहलाती है।

    उत्तर: सिल्हूट (Silhouette) – यह परिधान की बाहरी रूपरेखा या सम्पूर्ण आकृति को दर्शाता है, जैसे ए-लाइन, फिटेड, फ्लेयर्ड आदि।

  5. ड्रेस फॉर्म या डमी पर कपड़े को लटकाकर परिधान को मनचाही आकृति व डिज़ाइन प्रदान करना ड्रेपिंग (Draping) कहलाता है।

    उत्तर: ड्रेपिंग (Draping) – यह एक तकनीक है जिसमें कपड़े को डमी पर लटकाकर सीधे डिज़ाइन तैयार किया जाता है।

  6. कफ का नाप कलाई की परिधि (Wrist Circumference) के लिए आवश्यक है।

    उत्तर: कफ बनाने के लिए कलाई की परिधि का माप लिया जाता है, ताकि कफ हाथ पर ठीक से फिट हो सके।

  7. कपड़े सिलते समय कपड़े की सिलाई रेखा एवं कटिंग रेखा के बीच की कपड़े की मात्रा को सीवन भत्ता (Seam Allowance) कहा जाता है।

    उत्तर: सीवन भत्ता (Seam Allowance) – यह कटिंग लाइन और सिलाई लाइन के बीच का अतिरिक्त कपड़ा होता है, जो सिलाई के बाद कपड़े को फटने से बचाता है।

8. कपड़े की पट्टी को तिरछा (Bias) काटकर उसमें पतली डोरी का प्रयोग करते हुए कपड़े के किनारे व फेसिंग के बीच लगाने को कहा जाता है | यह गले की सजावट में प्रयोग आती है |

उत्तर: पाइपिंग (Piping)

9. टेबल टॉप की सुरक्षा एवं चाय को गर्म रखने के लिए _________ का प्रयोग किया जाता है।

उत्तर: टी-कोज़ी (Tea Cozy) या टेबल मैट

20. बाथरूम के पर्दे (Mat Hew) _________ सामग्री से बनाए जाते हैं ।

उत्तर: जलरोधक (Waterproof) या प्लास्टिक/विनाइल

2. रंगीन कपड़ों को _________ में सुखाया जाना चाहिए |

उत्तर: छाया (Shade) में

22. प्योर सिल्क के कपड़ों को धोने के बजाए _________ करवाना उपयुक्त रहता है।

उत्तर: ड्राई क्लीन (Dry Clean)

23. ऊनी या निटेड कपड़ों को धोते समय _________ डिटर्जेण्ट का प्रयोग करना चाहिए |

उत्तर: हल्का (Mild) या ऊनी कपड़ों के लिए विशेष

24. डेनिम पैब्रिक में _________ बुनाई का प्रयोग होता है |

उत्तर: ट्विल (Twill)

25. रिब बुनाई _________ का प्रकार है।

उत्तर: बुनाई (Knitting)

26. _________ एक सजावटी प्रक्रिया है, जिसमें कपड़े या लेस को डिज़ाइन में काटकर मुख्य कपड़े पर लगाया जाता है।

उत्तर: एप्लीक (Appliqué)

27. गारमेण्ट इन्डस्ट्री में परिधानों की गुणवत्ता पर नियंत्रण _________ द्वारा रखा जाता है |

उत्तर: गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) विभाग

खण्ड-स

I. दो से चार पंक्तियों में उत्तर दीजिए (6 × 1½ = 9)

31. परिधान में रंगों का चयन करते समय ध्यान में रखने योग्य बिन्दु बताइये।

परिधान में रंगों का चयन करते समय निम्नलिखित बिन्दुओं पर ध्यान देना चाहिए:

  • पहनने वाले की त्वचा का रंग, आयु और व्यक्तित्व।
  • अवसर (दैनिक उपयोग, औपचारिक, त्योहार आदि) के अनुसार रंग का चयन।
  • मौसम (गर्मी में हल्के, सर्दी में गहरे रंग) का ध्यान।
  • फैशन ट्रेंड और रंगों का समन्वय (कलर को-ऑर्डिनेशन)।

32. ग्रेडेड पेपर पैटर्न को समझाइये।

ग्रेडेड पेपर पैटर्न एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक मूल पैटर्न (बेसिक पैटर्न) को विभिन्न आकारों (साइज़) में बढ़ाया या घटाया जाता है। इसे 'ग्रेडिंग' कहते हैं। इस प्रक्रिया में पैटर्न के विभिन्न बिंदुओं (जैसे कंधा, छाती, कमर) पर निश्चित अंतर (ग्रेड) जोड़कर या घटाकर कई साइज़ तैयार किए जाते हैं, ताकि एक ही डिज़ाइन को विभिन्न आकारों में बड़े पैमाने पर उत्पादित किया जा सके।

33. कपड़े की किनारी (सेलवेज) को परिभाषित कीजिए।

कपड़े की किनारी (सेलवेज) कपड़े के दोनों लंबे किनारों पर बनी हुई मजबूत और संकरी पट्टी होती है। यह बुनाई के दौरान ताने (वार्प) के धागों को एक साथ बांधकर बनाई जाती है, जिससे कपड़े के किनारे फटने या खुलने से बचते हैं। सेलवेज पर अक्सर निर्माता का नाम या कपड़े की जानकारी छपी होती है।

34. तकिए की विशेषताएँ बताइए।

तकिए की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • यह सिर और गर्दन को सहारा देकर आरामदायक नींद प्रदान करता है।
  • इसका आकार और मोटाई उपयोगकर्ता की आवश्यकता के अनुसार होनी चाहिए।
  • तकिए का कवर (कवर) मुलायम, सांस लेने योग्य (ब्रीदेबल) और धोने योग्य कपड़े का होना चाहिए।
  • भराव (फिलिंग) सामग्री (जैसे फोम, फाइबर, पंख) हाइपोएलर्जेनिक और टिकाऊ होनी चाहिए।

35. कारपेट (गलीचा) क्या होता है?

कारपेट (गलीचा) एक मोटा, भारी कपड़ा या फर्श को ढकने वाला आवरण होता है, जिसे आमतौर पर ऊन, कपास, रेशम या सिंथेटिक धागों से बुना या निर्मित किया जाता है। इसका उपयोग फर्श को सजाने, गर्मी और ध्वनि को नियंत्रित करने तथा पैरों को आराम देने के लिए किया जाता है। यह विभिन्न आकारों, डिज़ाइनों और रंगों में उपलब्ध होता है।

36. ड्राइक्लीन के लाभ लिखिए।

ड्राइक्लीन (ड्राई क्लीनिंग) के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • यह उन कपड़ों की सफाई के लिए उपयुक्त है जो पानी से खराब हो सकते हैं (जैसे रेशम, ऊन, सूट)।
  • यह कपड़ों को सिकोड़ने (श्रिंक) या रंग उड़ने से बचाता है।
  • यह गहरे दाग-धब्बों (जैसे तेल, ग्रीस) को प्रभावी ढंग से हटाता है।
  • कपड़ों की बनावट और चमक बरकरार रहती है, और उनकी उम्र बढ़ती है।

खण्ड-द्

[५. दो पृष्ठों तक में उत्तर दीजिए :]

37. रसोईघर की टेक्सटाइल की विशेषता बताते हुए उसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।

रसोईघर की टेक्सटाइल की विशेषताएँ:

  • जल सोखने की क्षमता अधिक होनी चाहिए।
  • जल्दी सूखने वाली होनी चाहिए।
  • साफ करने में आसान होनी चाहिए।
  • टिकाऊ और मजबूत होनी चाहिए।
  • गर्मी सहन करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • फफूंद और बैक्टीरिया से बचाव होना चाहिए।

रसोईघर की टेक्सटाइल के प्रकार:

  1. तौलिया (Kitchen Towel): हाथ, बर्तन और सतह पोंछने के लिए उपयोग किया जाता है। यह सूती या माइक्रोफाइबर का बना होता है।
  2. एप्रन (Apron): खाना बनाते समय कपड़ों को गंदा होने से बचाने के लिए पहना जाता है।
  3. पोथोल्डर (Pot Holder): गर्म बर्तनों को पकड़ने के लिए उपयोग किया जाता है। यह मोटे कपड़े से बना होता है।
  4. ओवन मिट (Oven Mitt): ओवन से गर्म बर्तन निकालने के लिए उपयोग किया जाता है।
  5. टेबल मैट/रनर (Table Mat/Runner): मेज की सतह को साफ रखने और सजावट के लिए उपयोग किया जाता है।
  6. डस्टर/कपड़ा (Duster/Cloth): सतहों को साफ करने और पोंछने के लिए उपयोग किया जाता है।

38. निम्नलिखित नापों द्वारा ब्लूमर का ड्राफ्ट ¼ स्केल में बनाइये एवं अनुदेश लिखिए।

नाप: हिप = 24", लम्बाई = 0", जांघ का नाप = 3¾"

ड्राफ्ट बनाने के अनुदेश (¼ स्केल में):

  1. आधार रेखा: सबसे पहले एक क्षैतिज रेखा AB खींचें। AB = हिप का ¼ भाग = 24/4 = 6" (¼ स्केल में 1.5")।
  2. लम्बाई रेखा: बिंदु A से नीचे की ओर लम्बाई रेखा AC खींचें। लम्बाई = 0" (¼ स्केल में 0")। चूंकि लम्बाई 0 है, यह एक छोटा ब्लूमर होगा।
  3. जांघ का नाप: बिंदु B से नीचे की ओर जांघ के नाप के बराबर रेखा BD खींचें। BD = जांघ का नाप = 3¾" (¼ स्केल में लगभग 0.94")।
  4. कमर रेखा: बिंदु A और B को मिलाकर कमर रेखा बनाएं।
  5. साइड सीम: बिंदु C और D को मिलाकर साइड सीम रेखा बनाएं।
  6. क्रॉच रेखा: बिंदु D से अंदर की ओर क्रॉच रेखा DE खींचें। DE = हिप का 1/12 भाग = 24/12 = 2" (¼ स्केल में 0.5")।
  7. क्रॉच कर्व: बिंदु E से बिंदु B तक एक घुमावदार रेखा (क्रॉच कर्व) खींचें।
  8. हेम रेखा: बिंदु C और E को मिलाकर हेम रेखा बनाएं।
  9. ड्राफ्ट पूरा करना: सभी रेखाओं को स्पष्ट करें और नापों को लिखें।

नोट: चूंकि लम्बाई 0" दी गई है, यह ब्लूमर बहुत छोटा होगा। सामान्यतः ब्लूमर की लम्बाई हिप के ¼ भाग से अधिक होती है।

अथवा

ड्राफ्टिंग को परिभाषित करते हुए इसके लाभ व हानियों का वर्णन कीजिए।

ड्राफ्टिंग की परिभाषा: ड्राफ्टिंग वह प्रक्रिया है जिसमें किसी वस्त्र या परिधान के विभिन्न भागों को उनके वास्तविक नापों के अनुसार कागज पर बनाया जाता है। यह सिलाई से पहले किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण चरण है जो सही फिट और डिजाइन सुनिश्चित करता है।

ड्राफ्टिंग के लाभ:

  • सही नाप और फिट प्राप्त होता है।
  • कपड़े की बचत होती है क्योंकि ड्राफ्ट के अनुसार ही कपड़ा काटा जाता है।
  • डिजाइन में बदलाव और सुधार आसानी से किया जा सकता है।
  • एक ही ड्राफ्ट का उपयोग कई बार किया जा सकता है।
  • सिलाई में समय की बचत होती है।
  • जटिल डिजाइनों को भी आसानी से बनाया जा सकता है।

ड्राफ्टिंग की हानियाँ:

  • ड्राफ्टिंग के लिए विशेष ज्ञान और कौशल की आवश्यकता होती है।
  • गलत नाप लेने पर पूरा ड्राफ्ट खराब हो सकता है।
  • ड्राफ्ट बनाने में समय लगता है।
  • ड्राफ्ट पेपर और अन्य सामग्री की आवश्यकता होती है।
  • बिना अनुभव के सही ड्राफ्ट बनाना कठिन होता है।
  • कुछ डिजाइनों के लिए कई ड्राफ्ट की आवश्यकता हो सकती है।

— पृष्ठ 7 का अंत —