RBSE Class 10th 2018 Science-S-07-2018-With Solution Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2018 |
| Subject | Science-S-07-2018-With Solution |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2018 Science-S-07-2018-With Solution
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Rajasthan Board Class 10th Science-S-07-2018-With Solution 2018 solved Previous Year Question Papers
RBSE 206 Solved Paper (Solution Attached) X Science
नामांक Roll No.
No. of Questions — 30 S-07- Science
No. of Printed Pages — 2
माध्यमिक परीक्षा, 208
SECONDARY EXAMINATION -- 208
विज्ञान
SCIENCE
समय : 34 घण्टे पूर्णाक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidates must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
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RBSE 206 Solved Paper (Solution Attached) X Science
2
(4) जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
(5) प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि/अंतर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
(6)
| खण्ड (Section) | प्रश्न संख्या (Question Nos.) | अंक (Marks Per Question) |
|---|---|---|
| क (A) | 1 – 11 | 1 |
| ख (B) | 2 – 21 | 3 |
| ग (C) | 22 – 27 | 4 |
| घ (D) | 28 – 30 | 5 |
(7) प्रश्नक्रमांक 27 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
There are internal choices in Q. No. 27 to 30.
S._07-Science
खण्ड-अ / SECTION -A
-
लार ग्रंथि द्वारा स्रावित एन्जाइम का नाम लिखिए।
Write the name of enzyme secreted by salivary gland.उत्तर: टायलिन (पाचक एन्जाइम) / Answer: Ptyalin (digestive enzyme)
-
सर्वदाता रक्त समूह का नाम लिखिए।
Write the name of universal donor blood group.उत्तर: O रक्त समूह (O Negative) / Answer: O blood group (O Negative)
-
एल्काइन श्रेणी का सामान्य सूत्र लिखिए।
Write General formula of alkyne series.उत्तर: CnH2n-2 / Answer: CnH2n-2
-
एक किलोवॉट घंटा (1 kWh) में जूल मात्रकों की संख्या लिखिए।
Write joule units in one kilowatt hour (1 kWh).उत्तर: 1 kWh = 3.6 × 106 जूल (J) / Answer: 1 kWh = 3.6 × 106 Joules
-
मनाली अभयारण्य किस राज्य में स्थित है?
Manali Sanctuary is situated in which state?उत्तर: हिमाचल प्रदेश / Answer: Himachal Pradesh
-
खरीफ की एक फसल का नाम लिखिए।
Write the name of one Kharif crop.उत्तर: धान (चावल) / Answer: Paddy (Rice)
-
विश्व में जैव-विविधता के कुल कितने तप्त स्थल हैं?
How many hotspots of biodiversity are in the world?उत्तर: 36 (छत्तीस) / Answer: 36 (Thirty-six)
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खण्ड-अ (Section-A)
8. रक्तचाप मापने वाले यंत्र का नाम लिखिये।
Write the name of instrument which is used to measure the blood-pressure.
9. माँ के दूध में पाये जाने वाले प्रतिरक्षी का नाम लिखिए।
Write the name of an antibody present in mother’s milk.
10. गर्भ रक्ताणुकोरकता रोग के उपचार में कौन से टीके का उपयोग किया जाता है?
Which vaccine is used in the treatment of erythroblastosis foetalis?
11. एक ही पदार्थ व समान लम्बाई के विभिन्न चालक तारों के अनुप्रस्थ-काट के क्षेत्रफल (A) एवं प्रतिरोध के मध्य ग्राफ (आरेख) बनाइये।
Draw graph between area of cross-section (A) and resistance of different conducting wires which are made by same material having equal length.
खण्ड-ब (Section-B)
12. पृथ्वी की आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियाँ किसे कहते हैं? किन्हीं दो शक्तियों को समझाइये।
What are internal tectonic forces of earth? Explain any two forces.
दो शक्तियाँ:
1. संचलन शक्ति (Diastrophic Force): यह पृथ्वी की पर्पटी में धीमी गति से होने वाली हलचल है, जैसे – महाद्वीपों का उत्थान या अवतलन, जिससे पर्वत, घाटियाँ और पठार बनते हैं।
2. ज्वालामुखी शक्ति (Volcanic Force): पृथ्वी के अंदर पिघली हुई चट्टान (मैग्मा) के दबाव से उत्पन्न शक्ति, जो सतह पर लावा, राख और गैसों के रूप में निकलती है, जिससे ज्वालामुखी पर्वत और क्रेटर बनते हैं।
13. जीवाश्म किसे कहते हैं? मानव शरीर में पाये जाने वाले दो अवशेषांगों के नाम लिखिए।
What is fossil? Write the name of two vestigial organs found in human body.
मानव शरीर में दो अवशेषांग (Vestigial Organs):
1. अपेंडिक्स (Appendix) – बड़ी आंत का एक छोटा थैलीनुमा भाग।
2. कोक्सीक्स (Coccyx) – रीढ़ की हड्डी के निचले सिरे पर स्थित छोटी हड्डी (टेलबोन)।
4. भारत के प्रथम अन्तरिक्ष यान का नाम लिखिए | भारत द्वारा छोड़े गये उपग्रहों का महत्त्व समझाइये |
Write the name of first spacecraft of India. Explain the importance of satellites launched by India. (1+2=3)
उत्तर: भारत का प्रथम अन्तरिक्ष यान आर्यभट्ट (Aryabhata) था, जिसे 19 अप्रैल 1975 को प्रक्षेपित किया गया था।
भारत द्वारा छोड़े गये उपग्रहों का महत्त्व:
- संचार (Communication) – टेलीफोन, टेलीविजन और इंटरनेट सेवाओं में सहायक।
- मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasting) – मौसम की जानकारी और आपदा प्रबंधन में उपयोगी।
- नेविगेशन (Navigation) – GPS और नेविगेशन प्रणाली में सहायता।
- सुदूर संवेदन (Remote Sensing) – कृषि, वन, जल संसाधन और शहरी नियोजन में उपयोग।
- रक्षा (Defence) – सैन्य संचार और निगरानी में सहायक।
5. (अ) श्वास विश्लेषक द्वारा शरीर में कितनी मात्रा में एल्कोहल पाया जाता है, तो दण्डनीय है ? (ब) “सड़क सुरक्षा शिक्षा” के बिन्दुओं को समझाइये |
(a) What quantity of alcohol in body is required for punishment when measured by breath analyzer?
(b) Explain the points of “Road Safety Education”. (1+2=3)
उत्तर (अ): श्वास विश्लेषक (Breath Analyzer) द्वारा यदि शरीर में एल्कोहल की मात्रा 30 mg प्रति 100 ml रक्त (या 30 mg/100ml) से अधिक पाई जाती है, तो यह दण्डनीय है।
उत्तर (ब): “सड़क सुरक्षा शिक्षा” के प्रमुख बिन्दु:
- हमेशा हेलमेट (दोपहिया) या सीट बेल्ट (चारपहिया) पहनें।
- यातायात नियमों का पालन करें – लाल बत्ती पर रुकें, हरी बत्ती पर चलें।
- शराब पीकर या नशे में गाड़ी न चलाएं।
- गति सीमा (Speed Limit) का पालन करें।
- सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें।
- मोबाइल फोन का उपयोग वाहन चलाते समय न करें।
- बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम सिखाएं।
6. (अ) विषाणुजनित कोई दो रोगों के नाम लिखिए | (ब) तम्बाकू में पाये जाने वाले एल्केलॉयड का नाम लिखिए | (स) तम्बाकू चबाने से होने वाली दो हानियाँ लिखिए |
(a) Write any two diseases caused by virus.
(b) Write the name of alkaloid found in tobacco.
(c) Write two harmful effects of chewing tobacco. (1+1+1=3)
उत्तर (अ): विषाणुजनित दो रोग:
- इन्फ्लुएंजा (Flu)
- एड्स (AIDS) – HIV विषाणु से
उत्तर (ब): तम्बाकू में पाया जाने वाला एल्केलॉयड निकोटीन (Nicotine) है।
उत्तर (स): तम्बाकू चबाने से होने वाली दो हानियाँ:
- मुंह का कैंसर (Oral Cancer) – तम्बाकू में कार्सिनोजन होते हैं।
- दांतों का पीला पड़ना और मसूड़ों की बीमारी (Gum Disease) – तम्बाकू से दांत कमजोर होते हैं और मसूड़ों में सूजन आती है।
7. निम्नलिखित में कोई एक अन्तर लिखिए : (अ) धनात्मक एवं ऋणात्मक उत्प्रेरक (ब) ऊष्मीय-अपघटन एवं विद्युत-अपघटन (स) संकलन एवं विस्थापन अभिक्रिया
Write any one difference between the following:
(a) Positive and Negative catalyst.
(b) Thermolysis and Electrolysis.
(c) Addition and Replacement reaction. (1+1+1=3)
उत्तर (अ): धनात्मक एवं ऋणात्मक उत्प्रेरक में अन्तर:
| धनात्मक उत्प्रेरक (Positive Catalyst) | ऋणात्मक उत्प्रेरक (Negative Catalyst) |
|---|---|
| अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है। | अभिक्रिया की दर को घटाता है। |
| उदाहरण: लोहा (Fe) – हैबर प्रक्रम में अमोनिया बनाने में। | उदाहरण: फॉस्फोरिक अम्ल (H₃PO₄) – हाइड्रोजन पेरॉक्साइड के अपघटन को धीमा करने में। |
उत्तर (ब): ऊष्मीय-अपघटन एवं विद्युत-अपघटन में अन्तर:
| ऊष्मीय-अपघटन (Thermolysis) | विद्युत-अपघटन (Electrolysis) |
|---|---|
| यौगिक को ऊष्मा (गर्मी) देकर तोड़ा जाता है। | यौगिक को विद्युत धारा प्रवाहित करके तोड़ा जाता है। |
| उदाहरण: CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर) | उदाहरण: H₂O → H₂ + O₂ (विद्युत अपघटन द्वारा) |
उत्तर (स): संकलन एवं विस्थापन अभिक्रिया में अन्तर:
| संकलन अभिक्रिया (Addition Reaction) | विस्थापन अभिक्रिया (Replacement/Displacement Reaction) |
|---|---|
| दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं। | एक अधिक अभिक्रियाशील तत्व कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है। |
| उदाहरण: H₂ + Cl₂ → 2HCl | उदाहरण: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu |
8. झूम खेती से क्या तात्पर्य है ? सामाजिक वानिकी के दो प्रमुख घटकों के नाम लिखिए।
What is the meaning of Jhoom cultivation? Write two main components of social forestry.
झूम खेती (Jhoom cultivation): यह एक प्रकार की स्थानांतरित कृषि (shifting agriculture) है, जिसमें वनों के एक भाग को काटकर जला दिया जाता है और उस भूमि पर कुछ वर्षों तक फसल उगाई जाती है। जब भूमि की उर्वरता कम हो जाती है, तो किसान दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। इसे 'स्लैश एंड बर्न' कृषि भी कहते हैं।
सामाजिक वानिकी के दो प्रमुख घटक:
- वृक्षारोपण (Afforestation) – खाली पड़ी भूमि पर पेड़ लगाना।
- सामुदायिक वन (Community Forests) – गाँव के सामूहिक उपयोग के लिए वन क्षेत्र का प्रबंधन।
9. 'मिसाईल मेन' के नाम से किसे जाना जाता है ? डॉ. पंचानन माहेश्वरी का वनस्पति विज्ञान में योगदान लिखिए।
Who is known as Missile man? Give the role of Dr. Panchanan Maheshwari in the field of botany.
मिसाइल मैन (Missile Man): डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (Dr. A.P.J. Abdul Kalam) को 'मिसाइल मैन' के नाम से जाना जाता है।
डॉ. पंचानन माहेश्वरी का योगदान: डॉ. पंचानन माहेश्वरी एक प्रसिद्ध भारतीय वनस्पतिशास्त्री थे। उन्होंने आवृतबीजी पादपों (angiosperms) के भ्रूणविज्ञान (embryology) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 'टेस्ट ट्यूब फर्टिलाइजेशन' (कृत्रिम निषेचन) की तकनीक विकसित की और पादप भ्रूणविज्ञान पर एक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी।
20. निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए :
Write IUPAC names of the following compounds:
-
CH₃ – C ≡ C – CH₃
IUPAC नाम: ब्यूट-2-आइन (But-2-yne)
-
CH₃ – CH = CH – CH₃
IUPAC नाम: ब्यूट-2-ईन (But-2-ene)
-
CH₃ – CH – CH₂ – CH₃
|
ClIUPAC नाम: 2-क्लोरोब्यूटेन (2-Chlorobutane)
21. अपशिष्ट किसे कहते हैं ? अपशिष्ट प्रबंधन के दो तरीकों को समझाइये।
What is waste? Explain two methods of waste management.
अपशिष्ट (Waste): अपशिष्ट वे पदार्थ हैं जो हमारे दैनिक जीवन में उपयोग के बाद बेकार हो जाते हैं और जिनका कोई उपयोग नहीं रह जाता। इसे कचरा भी कहते हैं।
अपशिष्ट प्रबंधन के दो तरीके:
- पुनर्चक्रण (Recycling): इसमें अपशिष्ट पदार्थों जैसे कागज, प्लास्टिक, कांच और धातु को एकत्र करके उन्हें नए उत्पादों में बदला जाता है। इससे संसाधनों की बचत होती है और प्रदूषण कम होता है।
- कम्पोस्टिंग (Composting): इसमें जैविक अपशिष्ट (जैसे सब्जियों के छिलके, पत्ते) को सूक्ष्मजीवों की सहायता से विघटित करके खाद (कम्पोस्ट) बनाया जाता है, जिसका उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता है।
खण्ड-स
SECTION -C
22. (अ) रेशम कीट के लार्वा का नाम लिखिए।
(ब) मधुमक्खी-पालन से प्राप्त दो उत्पादों को लिखिए।
(स) रेशम कीट द्वारा रेशम का धागा कैसे बनाया जाता है?
(a) Write the name of silk worm Larva.
(b) Write the two products of Apiculture.
(c) How the thread of silk is made by silk worm? (4+%+%+2=4)
उत्तर:
(अ) रेशम कीट के लार्वा को कैटरपिलर (Caterpillar) या रेशम का कीड़ा (Silkworm) कहते हैं।
(ब) मधुमक्खी-पालन से प्राप्त दो उत्पाद हैं:
- शहद (Honey)
- मोम (Beeswax)
(स) रेशम कीट अपने मुख के पास स्थित रेशम ग्रंथियों से एक तरल पदार्थ (फाइब्रोइन) स्रावित करता है। यह तरल हवा के संपर्क में आकर जम जाता है और एक पतला धागा बनाता है। कीट इस धागे को अपने चारों ओर लपेटकर कोकून (Cocoon) बनाता है। इस कोकून को उबालकर या भाप देकर नरम किया जाता है, फिर धागे को खोलकर रेशम का धागा प्राप्त किया जाता है।
23. व्युत्क्रम संकरण (Reciprocal cross) क्या है? जब F1 पीढ़ी का संकरण प्रभावी समयुग्मजी जनक से कराया जाता है, तो प्राप्त संतति में लक्षण-प्ररूप व जीनी-प्ररूप अनुपात को समझाइये।
What is reciprocal cross? Explain the phenotypic and genotypic ratio obtained in offsprings, when F1 generation is crossed with Homozygous dominant parents. (1+3=4)
उत्तर:
व्युत्क्रम संकरण (Reciprocal Cross): इसमें दो माता-पिता के लिंग को बदल दिया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि पहले संकरण में नर में लक्षण A और मादा में लक्षण B है, तो व्युत्क्रम संकरण में नर में लक्षण B और मादा में लक्षण A लिया जाता है। इससे यह पता चलता है कि लक्षण का वंशानुक्रम लिंग से जुड़ा है या नहीं।
F1 पीढ़ी का प्रभावी समयुग्मजी जनक से संकरण (Test Cross):
मान लीजिए कि एक लक्षण के लिए प्रभावी एलील T (लंबा) और अप्रभावी एलील t (बौना) है।
- F1 पीढ़ी (Tt) - विषमयुग्मजी लंबा
- प्रभावी समयुग्मजी जनक (TT) - शुद्ध लंबा
संकरण: Tt × TT
युग्मक: T, t (F1 से) और T, T (जनक से)
संतति:
| युग्मक | T (जनक) | T (जनक) |
|---|---|---|
| T (F1) | TT | TT |
| t (F1) | Tt | Tt |
जीनी-प्ररूप (Genotypic Ratio): TT : Tt = 2 : 2 = 1 : 1
लक्षण-प्ररूप (Phenotypic Ratio): सभी संतति लंबी होंगी (TT और Tt दोनों लंबे होते हैं), इसलिए अनुपात 100% लंबा या 4 : 0 होगा।
24. (अ) विरंजक चूर्ण का सूत्र लिखिए। इसकी विरंजन क्रिया को समझाइये।
(ब) Zn धातु की तनु H2SO4 से होने वाली रासायनिक अभिक्रिया का नामांकित चित्र बनाइये।
(a) Write formula of bleaching powder. Explain its bleaching process.
(b) Draw labelled diagram of chemical reaction of Zn metal with dilute H2SO4. (2+2=4)
उत्तर:
(अ) विरंजक चूर्ण का सूत्र: CaOCl2 (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड)
विरंजन क्रिया: विरंजक चूर्ण हवा या अम्ल के संपर्क में आने पर क्लोरीन गैस (Cl2) मुक्त करता है। यह क्लोरीन पानी से अभिक्रिया करके नवजात ऑक्सीजन (Nascent Oxygen) उत्पन्न करता है, जो रंगीन पदार्थों को ऑक्सीकृत करके रंगहीन बना देता है।
रासायनिक समीकरण: CaOCl2 + H2O → Ca(OH)2 + Cl2; Cl2 + H2O → 2HCl + [O] (नवजात ऑक्सीजन)
(ब) Zn धातु की तनु H2SO4 से अभिक्रिया:
जब जिंक धातु को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में डाला जाता है, तो जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन गैस बनती है।
रासायनिक समीकरण: Zn + H2SO4 (तनु) → ZnSO4 + H2↑
नामांकित चित्र:
_________________________
| |
| परखनली (Test Tube) |
| |
| Zn धातु के टुकड़े |
| (Zinc granules) |
| |
| तनु H₂SO₄ |
| (Dilute H₂SO₄) |
|_________________________|
|
| (हाइड्रोजन गैस के बुलबुले)
|
v
(हाइड्रोजन गैस का निकास)
चित्र में परखनली, उसमें Zn धातु के टुकड़े, तनु H2SO4, और निकलने वाली हाइड्रोजन गैस के बुलबुले दर्शाए गए हैं।
RBSE 206 Solved Paper (Solution Attached) X Science
25.
(A) ओम के नियम का प्रयोग करते समय एक प्रेक्षक निम्नानुसार दो प्रेक्षण प्राप्त करता है :
| S.No. | अमीटर पाठ्यांक (Ammeter reading) | वोल्टमीटर पाठ्यांक (Voltmeter reading) |
|---|---|---|
| (i) | 0.50 एम्पीयर (Amp.) | 2 वोल्ट (Volt) |
| (ii) | 0.75 एम्पीयर (Amp.) | 3 वोल्ट (Volt) |
प्रत्येक प्रेक्षण के लिए चालक तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
हल (Solution):
ओम के नियम के अनुसार, प्रतिरोध (R) = वोल्टेज (V) / धारा (I)
प्रेक्षण (i): R = 2 V / 0.50 A = 4 Ω
प्रेक्षण (ii): R = 3 V / 0.75 A = 4 Ω
दोनों प्रेक्षणों में चालक तार का प्रतिरोध 4 Ω है।
(B) 25 Ω की नाइक्रोम की प्रतिरोध कुण्डली को 2 वोल्ट के संचायक सेल (बैटरी) से जोड़ते हैं एवं इसमें 5 मिनट तक विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है। कुण्डली में उत्पन्न ऊष्मा का मान ज्ञात कीजिये।
हल (Solution):
दिया गया है: प्रतिरोध (R) = 25 Ω, वोल्टेज (V) = 2 V, समय (t) = 5 मिनट = 5 × 60 = 300 सेकंड
सर्वप्रथम धारा (I) ज्ञात करें: I = V / R = 2 V / 25 Ω = 0.08 A
उत्पन्न ऊष्मा (H) = I² × R × t = (0.08)² × 25 × 300
H = 0.0064 × 25 × 300 = 0.16 × 300 = 48 जूल (J)
अतः कुण्डली में उत्पन्न ऊष्मा 48 जूल है।
(2+2=4)
26.
(A) 40 kg की एक वस्तु पर एक बल लगाने से इसका वेग 1 मीटर/सेकण्ड से बढ़कर 2 मीटर/सेकण्ड हो जाता है। बल द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
हल (Solution):
दिया गया है: द्रव्यमान (m) = 40 kg, प्रारंभिक वेग (u) = 1 m/s, अंतिम वेग (v) = 2 m/s
कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, किया गया कार्य (W) = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
W = ½ m v² - ½ m u² = ½ m (v² - u²)
W = ½ × 40 × (2² - 1²) = 20 × (4 - 1) = 20 × 3 = 60 जूल (J)
अतः बल द्वारा किया गया कार्य 60 जूल है।
(B) K = 4 × 10³ N/m बल नियतांक की एक स्प्रिंग को 2 सेमी संपीडित करने में स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
हल (Solution):
दिया गया है: स्प्रिंग नियतांक (K) = 4 × 10³ N/m, संपीडन (x) = 2 सेमी = 0.02 मीटर
स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा (U) = ½ K x²
U = ½ × (4 × 10³) × (0.02)² = ½ × 4000 × 0.0004
U = 2000 × 0.0004 = 0.8 जूल (J)
अतः स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा 0.8 जूल है।
S.07-Science
Science (S-07-2018) – With Solution
Question 26
(a) A force is applied upon a body of 40 kg then its velocity increases from 1 metre/second to 2 metre/second. Determine work done by the force.
(b) A spring of spring constant K = 4 × 10³ N/m is compressed by 2 cm then determine potential energy stored in spring.
(2+2=4 marks)
Solution (a):
Mass of body, m = 40 kg
Initial velocity, u = 1 m/s
Final velocity, v = 2 m/s
Work done = Change in kinetic energy = ½ m(v² – u²)
= ½ × 40 × (2² – 1²) = 20 × (4 – 1) = 20 × 3 = 60 J
Answer: Work done = 60 J
Solution (b):
Spring constant, K = 4 × 10³ N/m
Compression, x = 2 cm = 0.02 m
Potential energy stored = ½ K x² = ½ × 4 × 10³ × (0.02)²
= ½ × 4000 × 0.0004 = 2000 × 0.0004 = 0.8 J
Answer: Potential energy = 0.8 J
Question 27
What is Biodiversity? Explain the in-situ and ex-situ conservation. (2+2=4 marks)
अथवा / OR
What is genetic diversity? Explain two reasons of threats to biodiversity. (2+2=4 marks)
Answer:
Biodiversity: Biodiversity refers to the variety of life forms on Earth, including different species of plants, animals, microorganisms, and the ecosystems they form. It includes diversity within species (genetic diversity), between species (species diversity), and of ecosystems (ecological diversity).
In-situ conservation: Conservation of species in their natural habitats, e.g., national parks, wildlife sanctuaries, biosphere reserves.
Ex-situ conservation: Conservation of species outside their natural habitats, e.g., zoos, botanical gardens, gene banks, seed banks.
OR
Genetic diversity: Genetic diversity is the total number of genetic characteristics in the genetic makeup of a species. It refers to the variation in genes and alleles within a species.
Two reasons for threats to biodiversity:
- Habitat destruction: Deforestation, urbanization, and agriculture destroy natural habitats, leading to loss of species.
- Overexploitation: Excessive hunting, fishing, and harvesting of species beyond their natural regeneration capacity reduces population sizes.
खण्ड-द / SECTION - D
Question 28
(अ) श्वसन किसे कहते हैं? / (a) What is respiration?
(ब) मानव श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये। / (b) Draw a labelled diagram of human respiratory system.
(स) श्वसन की क्रियाविधि समझाइये। / (c) Explain the mechanism of respiration.
(1+2+2=5 marks)
अथवा / OR
(Alternative question not fully provided in text)
Answer (a): Respiration is the process by which living organisms take in oxygen from the environment and release carbon dioxide, along with the breakdown of glucose to release energy. It involves breathing (external respiration) and cellular respiration (internal respiration).
Answer (b): [Diagram description – not drawn here] The human respiratory system includes: nostrils, nasal cavity, pharynx, larynx, trachea, bronchi, bronchioles, and alveoli (lungs). A labelled diagram should show these parts clearly.
Answer (c): Mechanism of respiration involves two phases:
- Inhalation (Inspiration): The diaphragm contracts and flattens, and the intercostal muscles contract, lifting the rib cage upward and outward. This increases the volume of the thoracic cavity, decreasing pressure inside the lungs. Air rushes into the lungs from outside.
- Exhalation (Expiration): The diaphragm relaxes and moves upward, intercostal muscles relax, rib cage moves downward and inward. The volume of thoracic cavity decreases, pressure inside increases, and air is pushed out of the lungs.
Gas exchange occurs in the alveoli: oxygen diffuses into blood and carbon dioxide diffuses out of blood.
प्रश्न 28
(अ) मादाओं में प्राथमिक लैंगिक अंग का नाम लिखिए।
(ब) मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये।
(स) मानव प्रजनन की दो अवस्थाओं को समझाइये।
(a) Write the name of primary sex organ in female.
(b) Draw a labelled diagram of female reproductive system.
(c) Explain two phases of human reproduction. 4+2+4+2=5
उत्तर:
(अ) मादाओं में प्राथमिक लैंगिक अंग अंडाशय (Ovary) है।
(ब) मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र:
[चित्र में अंडाशय, डिंबवाहिनी, गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, योनि आदि को दर्शाया जाना चाहिए।]
(स) मानव प्रजनन की दो अवस्थाएँ:
- निषेचन (Fertilization): यह वह प्रक्रिया है जिसमें शुक्राणु और अंडाणु का संलयन होता है, जिससे युग्मनज (zygote) बनता है। यह आमतौर पर डिंबवाहिनी में होता है।
- गर्भावस्था (Pregnancy): युग्मनज गर्भाशय में स्थापित होकर भ्रूण में विकसित होता है। यह अवस्था लगभग 9 महीने तक चलती है, जिसमें भ्रूण का पोषण और विकास होता है।
प्रश्न 29
(अ) आवर्त सारणी में किस ब्लॉक के तत्त्व परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं?
(ब) ऋणायन का आकार अपने संगत परमाणु से बड़ा होता है, क्यों?
(स) CaH₂, NaH, SiH₄, AlH₃ — उपरोक्त यौगिकों में Ca, Na, Si तथा Al की संयोजकता बताइये।
(a) Elements of which block shows variable valency in periodic table?
(b) Why size of anion is greater than its atom?
(c) CaH₂, NaH, SiH₄, AlH₃ — Give valencies of Ca, Na, Si and Al in the above compounds. 2+4+2=5
उत्तर:
(अ) d-ब्लॉक के तत्त्व (संक्रमण तत्त्व) परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनमें (n-1)d और ns कक्षकों के इलेक्ट्रॉन भाग ले सकते हैं।
(ब) जब कोई परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणायन बनता है, तो उसके इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण बढ़ता है और आकार बड़ा हो जाता है।
(स) यौगिकों में संयोजकता:
- CaH₂ में Ca की संयोजकता = 2
- NaH में Na की संयोजकता = 1
- SiH₄ में Si की संयोजकता = 4
- AlH₃ में Al की संयोजकता = 3
अथवा
(अ) किन्हीं दो उपधातुओं के नाम लिखिए।
(ब) किसी आवर्त में बायें से दायें जाने पर परमाणु आकार किस प्रकार परिवर्तित होता है? कारण सहित समझाइये।
(स) निम्नलिखित तत्त्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु आकार के क्रम में व्यवस्थित कीजिए: Na, Cs, Li, K
उत्तर:
(अ) दो उपधातुएँ: सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge)।
(ब) किसी आवर्त में बायें से दायें जाने पर परमाणु आकार घटता है। कारण: नाभिकीय आवेश बढ़ने से इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक आकर्षित होते हैं, जिससे परमाणु त्रिज्या कम हो जाती है।
(स) बढ़ते परमाणु आकार का क्रम: Li < Na < K < Cs।
30.
(b)
- Write names of any two metalloids.
- How does atomic size change on moving from left to right in a period? Explain with reason.
- Arrange the following elements in the ascending order of their atomic size: Na, Cs, Li, K
4+2+2=5
Solution:
- Two metalloids: Boron (B) and Silicon (Si).
- Atomic size decreases on moving from left to right in a period. Reason: As we move from left to right, the nuclear charge increases, which pulls the electrons closer to the nucleus, reducing the atomic radius.
- Ascending order of atomic size: Li < Na < K < Cs.
सूर्योदय से कुछ समय पहले एवं सूर्यास्त के कुछ समय पश्चात् तक सूर्य दिखाई देता है, कारण स्पष्ट कीजिए।
Solution: यह प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है। जब सूर्य क्षितिज के नीचे होता है, तब उसकी किरणें वायुमंडल की विभिन्न परतों से गुजरते हुए अपवर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, जिससे सूर्य वास्तविक स्थिति से ऊपर दिखाई देता है। इसी कारण सूर्योदय से कुछ समय पहले और सूर्यास्त के कुछ समय बाद तक सूर्य दिखाई देता है।
श्वेत प्रकाश के वर्ण विक्षेपण से क्या अभिप्राय है?
Solution: श्वेत प्रकाश के वर्ण विक्षेपण का अर्थ है कि जब श्वेत प्रकाश (जैसे सूर्य का प्रकाश) किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो वह अपने विभिन्न रंगों (बैंगनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित हो जाता है। यह इसलिए होता है क्योंकि विभिन्न रंगों की तरंगदैर्ध्य अलग-अलग होती है और वे प्रिज्म में अलग-अलग कोणों पर अपवर्तित होते हैं।
प्रकाश के पूर्ण आन्तरिक परावर्तन से क्या तात्पर्य है?
Solution: प्रकाश का पूर्ण आन्तरिक परावर्तन वह घटना है जब प्रकाश किसी सघन माध्यम (जैसे कांच या पानी) से विरल माध्यम (जैसे वायु) में जाते समय, यदि आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो, तो प्रकाश पूरी तरह से सघन माध्यम में वापस परावर्तित हो जाता है और विरल माध्यम में प्रवेश नहीं करता।
एक अवतल लेंस से प्रतिबिम्ब का बनना, दर्शाने का किरण चित्र बनाइये, जबकि बिम्ब अनन्त एवं इसके प्रकाशिक केन्द्र "O" के मध्य स्थित हो।
Solution: जब बिम्ब अनन्त और प्रकाशिक केन्द्र O के मध्य स्थित हो, तो अवतल लेंस द्वारा बना प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा और छोटा होता है। किरण चित्र में:
- एक किरण प्रकाशिक केन्द्र O से सीधी जाती है।
- दूसरी किरण मुख्य अक्ष के समानांतर आती है और लेंस से अपवर्तित होकर इस प्रकार दिखती है जैसे वह फोकस F से आ रही हो।
- ये दोनों किरणें पीछे की ओर बढ़ाने पर एक बिंदु पर मिलती हैं, जो प्रतिबिम्ब का स्थान दर्शाता है।
(किरण चित्र यहाँ दर्शाया नहीं जा सकता, कृपया पाठ्यपुस्तक देखें।)
The sun is visible a little before the actual sunrise and a little bit after the actual sunset. Explain the reason.
Solution: This happens due to the refraction of light. When the sun is below the horizon, its rays pass through different layers of the atmosphere and bend towards the Earth, making the sun appear higher than its actual position. Thus, we see the sun a few minutes before actual sunrise and after actual sunset.
What does mean by the dispersion of white light?
Solution: Dispersion of white light means the splitting of white light (e.g., sunlight) into its constituent colors (violet, indigo, blue, green, yellow, orange, red) when it passes through a prism. This occurs because different colors have different wavelengths and refract at different angles.
What does mean by the total internal reflection of light?
Solution: Total internal reflection is the phenomenon where light traveling from a denser medium (like glass or water) to a rarer medium (like air) is completely reflected back into the denser medium if the angle of incidence is greater than the critical angle.
Draw ray diagram for image formation by concave lens when the object is placed between infinity and optical centre ‘O’.
Solution: When the object is placed between infinity and the optical centre O, the image formed by a concave lens is virtual, erect, and diminished. In the ray diagram:
- One ray passes straight through the optical centre O.
- Another ray parallel to the principal axis appears to diverge from the focus F after refraction.
- These rays appear to meet at a point behind the lens, which is the position of the image.
(Ray diagram cannot be shown here; please refer to the textbook.)
4+2+2=5
अथवा/ OR
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प्रश्न 12
(अ) पानी से भरे काँच के पात्र में आंशिक डूबी हुई कोई पेंसिल तिरछी दिखाई देती है, क्यों?
उत्तर: यह प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है। जब पेंसिल का डूबा हुआ भाग पानी में होता है, तो उससे आने वाली प्रकाश किरणें पानी से हवा में आते समय अपवर्तित हो जाती हैं। अपवर्तन के कारण पेंसिल का डूबा हुआ भाग अपनी वास्तविक स्थिति से ऊपर उठा हुआ और तिरछा दिखाई देता है।
(ब) लेंस की क्षमता से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: लेंस की क्षमता (Power of Lens) उसकी प्रकाश किरणों को अभिसरित या अपसरित करने की क्षमता को दर्शाती है। इसे लेंस की फोकस दूरी (f) के व्युत्क्रम के रूप में परिभाषित किया जाता है।
सूत्र: P = 1/f (जहाँ f मीटर में है)।
इसका मात्रक डायोप्टर (D) है। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक और अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
(स) मानव नेत्र में दृष्टि वैषम्य दोष क्या है?
उत्तर: दृष्टि वैषम्य (Astigmatism) मानव नेत्र का एक दोष है जिसमें नेत्र की कॉर्निया या लेंस की सतह पूरी तरह गोलाकार नहीं होती, बल्कि अंडाकार या अनियमित होती है। इसके कारण विभिन्न दिशाओं से आने वाली प्रकाश किरणें रेटिना पर एक ही बिंदु पर फोकस नहीं हो पातीं, जिससे वस्तुएँ धुंधली या विकृत दिखाई देती हैं। इस दोष को बेलनाकार लेंस (Cylindrical Lens) के चश्मे से ठीक किया जाता है।
(द) एक अवतल दर्पण से प्रतिबिम्ब का बनना दर्शाने का किरण चित्र बनाइये, जबकि वस्तु इसके वक्रता केन्द्र ‘C’ व फोकस ‘F’ के मध्य स्थित हो।
उत्तर: जब वस्तु अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र (C) और फोकस (F) के बीच रखी जाती है, तो प्रतिबिम्ब वक्रता केंद्र (C) से परे बनता है। यह प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा और आकार में बड़ा होता है।
किरण चित्र के चरण:
- वस्तु को C और F के बीच रखें।
- पहली किरण: वस्तु के शीर्ष से मुख्य अक्ष के समानांतर चलती है और दर्पण से परावर्तित होकर फोकस F से होकर जाती है।
- दूसरी किरण: वस्तु के शीर्ष से वक्रता केंद्र C की ओर जाती है और दर्पण से परावर्तित होकर उसी मार्ग से वापस लौटती है।
- दोनों परावर्तित किरणें C से परे एक बिंदु पर मिलती हैं, जहाँ प्रतिबिम्ब बनता है।
प्रतिबिम्ब की विशेषताएँ: वास्तविक, उल्टा, आकार में बड़ा (वस्तु से बड़ा), और वक्रता केंद्र C से परे बनता है।
English Version
(a) A pencil partly immersed in water in a glass tumbler appears askew. Why?
Answer: This happens due to refraction of light. When light rays from the immersed part of the pencil travel from water to air, they bend (refract) at the surface. Due to refraction, the immersed part appears raised and bent (askew) compared to its actual position.
(b) What does mean by the power of a lens?
Answer: The power of a lens is its ability to converge or diverge light rays. It is defined as the reciprocal of the focal length (f) of the lens.
Formula: P = 1/f (where f is in meters).
Its unit is diopter (D). Convex lens has positive power and concave lens has negative power.
(c) What is astigmatism in human eye?
Answer: Astigmatism is a defect of the human eye in which the cornea or lens is not perfectly spherical but is oval or irregular. Due to this, light rays from different directions do not focus at a single point on the retina, causing blurred or distorted vision. This defect is corrected using cylindrical lenses.
(d) Draw ray diagram for image formation by concave mirror when object is placed between centre of curvature ‘C’ and focus ‘F’.
Answer: When the object is placed between the centre of curvature (C) and focus (F) of a concave mirror, the image is formed beyond the centre of curvature (C). The image is real, inverted, and larger than the object.
Steps for ray diagram:
- Place the object between C and F.
- First ray: From the top of the object, draw a ray parallel to the principal axis. After reflection, it passes through the focus F.
- Second ray: From the top of the object, draw a ray passing through the centre of curvature C. After reflection, it retraces its path.
- The two reflected rays meet at a point beyond C, where the image is formed.
Characteristics of image: Real, inverted, larger than object (magnified), and formed beyond C.
राजस्थान बोर्ड परीक्षा प्रश्न-पत्र (हल सहित)
माध्यमिक परीक्षा, 2018
विज्ञान
समय : 3¼ घंटे (पूर्णांक : 80)
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
-
खण्ड प्रश्न संख्या अंक प्रत्येक प्रश्न अ 1-11 1 ब 12-21 2 स 22-27 3 द 28-30 4 - प्रश्न संख्या 27 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
खण्ड-अ
प्रश्न 1: खरीफ की एक फसल का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: खरीफ की एक फसल चावल होती है।
प्रश्न 2: लार ग्रन्थि द्वारा स्रावित एन्जाइम का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: लार ग्रन्थि द्वारा स्रावित एन्जाइम का नाम टायलिन होता है।
प्रश्न 3: विश्व में जैव-विविधता के कुल कितने तप्त स्थल हैं? (1 अंक)
उत्तर: विश्व में कुल 34 जैव-विविधता तप्त स्थल हैं।
प्रश्न 4: सर्वदाता रक्त समूह का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: 'O' रक्त समूह, सर्वदाता रक्त समूह है।
प्रश्न 5: रक्तचाप मापने वाले यंत्र का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: रक्तचाप मापने वाले यंत्र का नाम रक्तचापमापी (स्पाइग्नोमैनोमीटर) है।
प्रश्न 6: एल्काइन श्रेणी का सामान्य सूत्र लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: एल्काइन श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n-2 होता है।
प्रश्न 7: माँ के दूध में पाये जाने वाले प्रतिरक्षी का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: माँ के दूध में पाये जाने वाली प्रतिरक्षी का नाम IgA है।
प्रश्न 8: एक किलोवॉट घण्टा (1 kWh) में जूल मात्रकों की संख्या लिखिए। (1 अंक)
उत्तर: एक किलोवॉट घण्टा (kWh) = 3.6 × 106 जूल।
प्रश्न 9: गर्भ रक्ताणुकोरकता रोग के उपचार में कौनसे टीके का उपयोग किया जाता है? (1 अंक)
उत्तर: गर्भ रक्ताणुकोरकता रोग के उपचार में Anti-D प्रतिरक्षियों (IgG RhD) के टीके का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 10: मनाली अभयारण्य किस राज्य में स्थित है? (1 अंक)
उत्तर: मनाली अभयारण्य हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
खण्ड-ब
Q.2: एक ही पदार्थ व समान लम्बाई के विभिन्न चालक तारों के अनुप्रस्थ-काट के क्षेत्रफल (A) एवं प्रतिरोध के मध्य ग्राफ (आरेख) बनाइये।
उत्तर: हम जानते हैं, प्रतिरोध (R) अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अतः R और A के मध्य ग्राफ एक अतिपरवलय (hyperbola) होता है।
(ग्राफ: x-अक्ष पर A, y-अक्ष पर R; वक्र नीचे की ओर झुका हुआ)
Q.3: पृथ्वी की आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियाँ किसे कहते हैं? कोई दो शक्तियों को समझाइये।
उत्तर: पृथ्वी की आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियाँ वे शक्तियाँ हैं जो पृथ्वी के अंदर रहकर कार्य करती हैं तथा बाहर से दिखाई नहीं देतीं। इनकी उत्पत्ति पृथ्वी की सतह के नीचे गहराई में उपस्थित ताप से चट्टानों के फैलने-सिकुड़ने व पृथ्वी के भीतर उपस्थित गर्म तरल पदार्थ मैग्मा के कारण होती है।
दो प्रमुख आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियाँ:
- ज्वालामुखी (Volcano): इसमें पृथ्वी के अन्दर होने वाली हलचल के कारण धरती हिलती है तथा भूपटल को फोड़कर धुआं, राख, वाष्प व गैसें बाहर निकलने लगती हैं। अनेक बार अधिक गर्म मैग्मा लावा के रूप में बाहर बहने लगती है। पृथ्वी की सतह पर बने मुख से ज्वालाएँ निकलने के कारण इनका हिन्दी नाम ज्वालामुखी पड़ा।
- भूकम्प (Earthquake): भूकम्प शब्द का अर्थ भू-सतह के कम्पन से है। भूगर्भ में होने वाली हलचल से कम्पन होता है। जहाँ से हलचल से कंपन प्रारम्भ होते हैं उसे कम्प केन्द्र (एपीसेन्टर) कहते हैं। कम्प-केन्द्र से प्रारम्भ होकर तरंगें चारों ओर फैलती जाती हैं। ये तरंगें जब गहराई से भूमि की सतह पर पहुँचती हैं तो सतह कभी आगे-पीछे तो कभी ऊपर-नीचे होती है। भूकम्प अपनी तीव्रता के अनुसार पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन लाता है।
Q.4: जीवाश्म किसे कहते हैं? मानव शरीर में पाये जाने वाले दो अवशेषांगों के नाम लिखिए।
उत्तर: लाखों वर्ष पूर्व पृथ्वी की सतह के अंदर दबे पेड़, पौधे तथा जीव-जन्तु, जो उच्च ताप तथा दाब के कारण सतह के अंदर जीवाश्म ईंधन के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं, जीवाश्म ईंधन कहलाते हैं।
मानव शरीर में पाये जाने वाले दो अवशेषांग:
- अक्कल दाढ़ (Wisdom tooth)
- आंत पर पाई जाने वाली एपेंडिक्स (Appendix)
Q.5: भारत के प्रथम अन्तरिक्ष यान का नाम लिखिए। भारत द्वारा छोड़े गये उपग्रहों का महत्व समझाइये।
उत्तर: भारत के प्रथम अन्तरिक्ष यान का नाम आर्यभट्ट है।
भारत द्वारा छोड़े गये उपग्रहों का महत्त्व: भारत द्वारा छोड़े गये उपग्रहों से मौसम आदि के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। रेडियो, दूरदर्शन, टेलीफोन, इंटरनेट, टेलीमेडिसन, दूरशिक्षा आदि के संचालन में इन उपग्रहों से सहायता प्राप्त होती है।
Q.6: (अ) श्वास विश्लेषक द्वारा शरीर में कितनी मात्रा में एल्कोहल पाया जाता है, तो दण्डनीय है? (ब) सड़क सुरक्षा शिक्षा के बिन्दुओं को समझाइये।
उत्तर:
(अ) श्वास विश्लेषक द्वारा शरीर में 400 ml रक्त में 30 mg से अधिक मात्रा में एल्कोहल पाया जाता है, तो दण्डनीय है।
(ब) सड़क सुरक्षा के मुख्य बिन्दु निम्नलिखित हैं:
- रतौंधी या कम नजर से पीड़ित व्यक्ति को रात्रि में वाहन नहीं चलाना चाहिए।
- शराब पीकर वाहन नहीं चलाना चाहिए।
- रात्रिकाल में वाहन धीमी गति से चलाना चाहिए।
- चार पहिया वाहनों की विंड स्क्रीन साफ रखनी चाहिए। गंदी स्क्रीन दृष्टि को दुर्बल बनाती है।
- कम दिखाई देने की स्थिति में कोहरे में प्रयुक्त लैम्प या डीपर का प्रयोग करना चाहिए।
- ओवरटेकिंग के समय तथा मोड़ पर विशेष सावधानीपूर्वक गाड़ी चलानी चाहिए।
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।
Q.7: (अ) विषाणुजनित कोई दो रोगों के नाम लिखिए। (ब) तम्बाकू में पाये जाने वाले एल्केलॉयड का नाम लिखिए। (स) तम्बाकू चबाने से होने वाली दो हानियाँ लिखिए।
उत्तर:
(अ) विषाणु जनित दो रोग:
- हिपेटाइटिस (Hepatitis)
- टायफाइड (Typhoid)
(ब) तम्बाकू में पाया जाने वाला एल्केलॉयड निकोटिन (Nicotine) होता है।
(स) तम्बाकू चबाने के कारण होने वाली दो हानियाँ:
- तम्बाकू के लगातार सेवन से मुँह, जीभ, गले व फेफड़ों आदि का कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
- तम्बाकू में पाया जाने वाला निकोटिन धमनियों की दीवारों को मोटा कर देता है, जिससे रक्तदाब (B.P.) व हृदय स्पंदन (Heart Beat) की दर बढ़ जाती है।
Q.14: निम्नलिखित में कोई एक अन्तर लिखिए- (अ) धनात्मक एवं ऋणात्मक उत्प्रेरक (ब) ऊष्मीय-अपघटन एवं विद्युत-अपघटन
उत्तर: (कोई एक अन्तर)
(अ) धनात्मक एवं ऋणात्मक उत्प्रेरक में अन्तर:
| धनात्मक उत्प्रेरक | ऋणात्मक उत्प्रेरक |
|---|---|
| अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है। | अभिक्रिया की दर को घटाता है। |
अथवा
(ब) ऊष्मीय-अपघटन एवं विद्युत-अपघटन में अन्तर:
| ऊष्मीय-अपघटन | विद्युत-अपघटन |
|---|---|
| ऊष्मा (ताप) के प्रभाव से यौगिक का अपघटन होता है। | विद्युत धारा के प्रभाव से यौगिक का अपघटन होता है। |
Q.8: (स) संकलन एवं विस्थापन अभिक्रिया।
(अ) वे पदार्थ जिनकी सहायता से अभिक्रिया के वेग को बढ़ाया जाता है, उन्हें धनात्मक उत्प्रेरक कहते हैं। जबकि ऋणात्मक उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया के वेग को कम करते हैं। उदाहरणार्थ-
धनात्मक उत्प्रेरक-
2SO₂ + O₂ → 2SO₃
ऋणात्मक उत्प्रेरक-
2H₂O₂ → 2H₂O + O₂
(ब) ऊष्मीय अपघटन में यौगिक को ऊष्मा देने पर वह छोटे अणुओं में टूट जाता है जबकि विद्युत अपघटन में किसी यौगिक की गलित या द्रव अवस्था में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर वह अपघटित होकर कैथोड तथा एनोड पर भिन्न-भिन्न उत्पाद बनाता है।
(स) संकलन (योगात्मक या संयुग्मन) अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक आपस में संयोग करके एक ही उत्पाद बनाते हैं जबकि विस्थापन अभिक्रिया में एक अभिकारक में उपस्थित परमाणु या समूह दूसरे अभिकारक के परमाणु या समूह द्वारा विस्थापित होता है।
Q.9: झूम खेती से क्या तात्पर्य है? सामाजिक वानिकी के दो प्रमुख घटकों के नाम लिखिए।
झूम खेती- इस प्रकार की खेती में किसी क्षेत्र विशेष की वनस्पति को जलाकर राख कर दिया जाता है जिसके परिणामस्वरूप वहाँ की भूमि की उर्वरता में वृद्धि होने से दो-तीन वर्ष अच्छी फसल की जा सकती है। उर्वरता कम होने पर क्षेत्र में यही विधि अपनाई जाती है।
सामाजिक वानिकी के दो प्रमुख घटक- (1) कृषि वानिकी तथा (2) वन विभाग द्वारा नहरों, सड़कों, अस्पताल आदि सार्वजनिक स्थानों पर सामुदायिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वृक्षारोपण करना इत्यादि।
Q.20: मिसाइल मैन के नाम से किसे जाना जाता है? डॉ. पंचानन माहेश्वरी का वनस्पति विज्ञान में योगदान लिखिए।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को मिसाइलमैन कहा जाता है, क्योंकि इन्होंने कई मिसाइलों का आविष्कार किया था।
डॉ. पंचानन माहेश्वरी का वनस्पति विज्ञान में योगदान- डॉ. माहेश्वरी ने पादप भ्रूण विज्ञान पर विशेष कार्य किया। इन्होंने भ्रूण विज्ञान पर पादप क्रिया विज्ञान के सम्मिश्रण से एक नई शाखा का निर्माण कर फूलों के विभिन्न भागों की कृत्रिम पोषण द्वारा वृद्धि कराने में पर्याप्त सफलता हासिल की।
Q.22: निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए :
(a) CH₃ – C = CH₂
|
CH₃
(b) CH₃ – CH = CH – CH₃
(c) CH₃ – CH – CH₂ – CH₃
|
Cl
(a) 2-मेथिल-1-प्रोपीन
(b) 2-ब्यूटीन
(c) 2-क्लोरो ब्यूटेन
Q.23: अपशिष्ट किसे कहते हैं? अपशिष्ट प्रबन्धन के दो तरीकों को समझाइए।
अपशिष्ट- अनुपयोगी या अवांछित या फेंक दिए गए पदार्थों को अपशिष्ट पदार्थ कहते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं-
(अ) ठोस अपशिष्ट - नगरपालिका का कचरा, औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि अपशिष्ट, आदि।
(ब) गैसीय अपशिष्ट - उद्योगों की चिमनी एवं वाहनों से निकला धुँआ।
(स) तरल अपशिष्ट - वाहित मल, औद्योगिक रसायन, रंजक, आदि।
अपशिष्ट प्रबन्धन के दो तरीके निम्न हैं-
(अ) पुनःचक्रण - इसके अंतर्गत पुनः उपयोग में आ सकने वाले अपशिष्टों का अन्य पदार्थों के कच्चे माल के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण- लकड़ी, लोहा एवं अन्य धातुएँ, कागज, रबर आदि।
(ब) कम्पोस्टिंग - इसके अंतर्गत असंक्रामक जैवनिम्नीकृत अपशिष्टों; जैसे- घरेलू कचरा, चमड़ा, पादप अपशिष्ट, आदि का उपयोग भूमि में दबाकर खाद निर्माण में किया जाता है।
खण्ड-स
Q.27: (अ) रेशम कीट के लार्वा का नाम लिखिए। (ब) मधुमक्खी-पालन से प्राप्त दो उत्पादों को लिखिए। (स) रेशम कीट द्वारा रेशम का धागा कैसे बनाया जाता है?
(अ) रेशम कीट के लार्वा का नाम कैटरपिलर लार्वा होता है।
(ब) (1) शहद (2) मधुमोम
(स) रेशम कीट के अंडज उत्पत्ति के बाद अंडे से लार्वा बाहर निष्काषित हो जाता है, जिसे कैटरपिलर कहते हैं। लार्वा में एक जोड़ी लार ग्रन्थियाँ उपस्थित होती हैं, जो कि रेशम ग्रन्थियाँ कहलाती हैं। जब ये पूर्ण विकसित हो जाते हैं, तब यह रेशम का स्रावण द्रव के रूप में करते हैं जो हवा के सम्पर्क में आने पर कठोर हो जाता है। कुछ समय बाद लार्वा भोजन करना बन्द कर देता है व इससे फिर कोकून बनता है जो चारों ओर रेशम का स्रावण कर स्वयं उसमें पूर्णतः बन्द हो जाता है। कोकून लगभग 1000-1200 मीटर लम्बे रेशम के धागे का बना होता है।
Q. (अगला प्रश्न): व्युत्क्रम संकरण क्या है? जब F₁ पीढ़ी का संकरण प्रभावी समयुग्मजी जनक से कराया जाता है, तो प्राप्त संतति में लक्षण-प्ररूप व जीनी-प्ररूप अनुपात को समझाइये।
व्युत्क्रम संकरण- वह संकरण जिसमें ‘A’ पादप (TT) को नर व ‘B’ पादप (tt) को मादा जनक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है तथा दूसरे संकरण में ‘A’ पादप (TT) को मादा व ‘B’ (tt) पादप को नर जनक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है, उसे व्युत्क्रम संकरण (Reciprocal Cross) कहते हैं।
RBSE 2018 Solved Paper – 10th Class Science
प्रश्न 1 (दीर्घ उत्तर):
जब मटर में पीले गोल तथा हरे झुर्रीदार बीज वाले शुद्ध जनक पौधों में संकरण कराया जाता है, तो प्रथम पीढ़ी (F₁) में सभी संकर पौधे गोल तथा पीले बीज वाले होते हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि बीजों का पीला रंग एवं गोल आकार प्रभावी गुण है तथा हरा रंग एवं झुर्रीदार आकार अप्रभावी गुण है। F₁ पीढ़ी के पौधों में स्व-परागण कराने पर F₂ पीढ़ी में चार प्रकार के बीज वाले पौधे 9:3:3:1 के अनुपात में प्राप्त होते हैं।
- (अ) पीले गोल – 9
- (ब) हरे गोल – 3
- (स) पीले झुर्रीदार – 3
- (द) हरे झुर्रीदार – 1
उपर्युक्त प्रयोग को हम निम्न रेखाचित्र द्वारा समझ सकते हैं:
जनक (P): पीला गोल (RRYY) × हरा झुर्रीदार (rryy)
युग्मक: RY और ry
F₁ पीढ़ी: सभी संकर पीला गोल (RrYy)
F₁ में स्व-परागण: RrYy × RrYy
F₂ पीढ़ी:
- पीला गोल (R_Y_) – 9
- हरा गोल (rrY_) – 3
- पीला झुर्रीदार (R_yy) – 3
- हरा झुर्रीदार (rryy) – 1
लक्षणप्रारूप अनुपात: 9 : 3 : 3 : 1
जीनप्रारूप अनुपात: 1:2:2:4:1:2:1:2:1
प्रश्न 2 (लघु उत्तर):
(अ) विरंजक चूर्ण का सूत्र लिखिए। इसकी विरंजन क्रिया को समझाइए।
विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र CaOCl₂ (कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड) होता है।
विरंजन क्रिया: विरंजक चूर्ण वायु की उपस्थिति में क्लोरीन गैस देता है, जो जल से क्रिया कर नवजात ऑक्सीजन [O] बनाती है। यह ऑक्सीजन ही विरंजन क्रिया करती है और ऑक्सीकारक की भाँति व्यवहार करती है।
रासायनिक समीकरण:
Cl₂ + H₂O → 2HCl + [O] (परमाण्विक ऑक्सीजन)
रंगीन पदार्थ + [O] → रंगहीन पदार्थ
(ब) Zn धातु की तनु H₂SO₄ से होने वाली रासायनिक अभिक्रिया का नामांकित चित्र बनाइए।
रासायनिक अभिक्रिया:
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
नामांकित चित्र: (एक परखनली में जिंक के टुकड़े और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल लेकर, उसमें से हाइड्रोजन गैस निकलती दिखाई गई है। परखनली के मुख पर एक गैस संग्रहण नली लगी है।)
प्रश्न 3 (संख्यात्मक):
(अ) ओम के नियम का प्रयोग करते समय एक प्रेक्षक निम्नानुसार दो प्रेक्षण प्राप्त करता है:
| क्र.सं. | अमीटर पाठ्यांक | वोल्टमीटर पाठ्यांक |
|---|---|---|
| 1 | 0.50 एम्पीयर | 2 वोल्ट |
| 2 | 0.75 एम्पीयर | 3 वोल्ट |
प्रत्येक प्रेक्षण के लिए चालक तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
प्रथम प्रेक्षण के लिए:
धारा, I₁ = 0.50 एम्पीयर, वोल्टेज, V₁ = 2 वोल्ट
प्रतिरोध, R = V/I = 2/0.50 = 4 ओम
द्वितीय प्रेक्षण के लिए:
धारा, I₂ = 0.75 एम्पीयर, वोल्टेज, V₂ = 3 वोल्ट
प्रतिरोध, R = V/I = 3/0.75 = 4 ओम
अतः दोनों प्रेक्षणों में प्रतिरोध 4 ओम है।
(ब) 25 Ω की नाइक्रोम की प्रतिरोध कुण्डली को 2 वोल्ट के संचायक सेल (बैटरी) से जोड़ते हैं एवं इसमें 5 मिनट तक विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है। कुण्डली में उत्पन्न ऊष्मा का मान ज्ञात कीजिए।
दिया है:
नाइक्रोम तार का प्रतिरोध, R = 25 Ω
संचायक सेल की वोल्टता, V = 2 वोल्ट
समय, t = 5 मिनट = 5 × 60 = 300 सेकण्ड
हल:
हम जानते हैं, कुण्डली में उत्पन्न ऊष्मा का मान:
H = I²Rt
परन्तु, I = V/R = 2/25 = 0.08 एम्पीयर
अतः H = (0.08)² × 25 × 300
H = 0.0064 × 25 × 300
H = 0.16 × 300
H = 48 जूल
अतः कुण्डली में उत्पन्न ऊष्मा का मान 48 जूल है।
प्रश्न 0.26 (अ)
40 kg की एक वस्तु पर एक बल लगाने से इसका वेग 0.5 मीटर/सेकण्ड से बढ़कर 2 मीटर/सेकण्ड हो जाता है। बल द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है: वस्तु का द्रव्यमान, m = 40 kg
प्रारंभिक वेग, u = 0.5 m/s
अंतिम वेग, v = 2 m/s
कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, किया गया कार्य (W) = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
W = ½ mv² - ½ mu² = ½ m(v² - u²)
W = ½ × 40 × (2² - 0.5²)
W = 20 × (4 - 0.25)
W = 20 × 3.75
W = 75 जूल
प्रश्न 0.26 (ब)
K = 4 × 10³ N/m बल नियतांक की एक स्प्रिंग को 2 सेमी संपीडित करने में स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है: स्प्रिंग का नियतांक, k = 4 × 10³ N/m
संपीडन, x = 2 cm = 0.02 m
स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा (Ep) = ½ kx²
Ep = ½ × 4 × 10³ × (0.02)²
Ep = ½ × 4 × 10³ × 0.0004
Ep = 2 × 10³ × 0.0004
Ep = 0.8 जूल
प्रश्न 0.27
जैव-विविधता किसे कहते हैं? स्वःस्थाने व बहिःस्थाने संरक्षण को समझाइए।
उत्तर:
जैव-विविधता: पृथ्वी पर उपस्थित जीव-जन्तुओं में पाई जाने वाली भिन्नता, विषमता तथा पारिस्थितिकीय जटिलता को जैव-विविधता कहते हैं।
जैव-विविधता संरक्षण की दो विधियाँ:
(अ) स्वःस्थाने संरक्षण (In-situ conservation): यह वह संरक्षण है जो प्राकृतिक आवास में ही मानव द्वारा प्रदत्त अनुरक्षण से किया जाता है। इसमें संकटग्रस्त प्रजाति के अनुसार चयनित प्राकृतिक आवास में अनुकूल परिस्थितियाँ एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अंतर्गत जीवमण्डल रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य तथा संरक्षण रिजर्व आदि की स्थापना की जाती है।
(ब) बहिःस्थाने संरक्षण (Ex-situ conservation): इसमें प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर कृत्रिम आवास में संरक्षण प्रदान किया जाता है। इसके लिए वानस्पतिक उद्यान, बीज बैंक, ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला आदि की स्थापना की जाती है।
प्रश्न 0.27 (OR)
आनुवंशिक विविधता क्या है? जैव-विविधता संकट के दो कारणों को समझाइए।
उत्तर:
आनुवंशिक विविधता: एक ही प्रजाति के विभिन्न सदस्यों के बीच आनुवंशिक इकाई जीन (gene) के कारण पाई जाने वाली भिन्नता को आनुवंशिक विविधता कहते हैं। यह विविधता एक ही प्रजाति के विभिन्न जनसंख्या समूहों के मध्य पाई जाती है।
जैव विविधता के संकट के कारण:
(अ) प्राकृतिक आवासों का नष्ट होना (Habitat loss): प्रत्येक जीव अपने निश्चित आवास में रहकर जीवनयापन करता है। बढ़ती जनसंख्या के कारण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राकृतिक आवास नष्ट किए जा रहे हैं। वनों की कटाई, कृषि भूमि का विस्तार, शहरीकरण, रेल-रोड मार्ग तथा उद्योगों की स्थापना के लिए निरंतर वनों को साफ किया जा रहा है, जिससे जैवविविधता नष्ट हो रही है।
(ब) कृषि व वानिकी में व्यावसायिक प्रथाएँ (Industrial practices in Agriculture and Forestry): हरित क्रांति से पूर्व किसान विभिन्न किस्मों के अनाज, फल, सब्जी आदि उगाते थे। वर्तमान में अधिक उत्पादन की लालसा में किसान उन्नत बीज वाली कुछ प्रजातियों को ही उगाता है तथा अधिक उत्पादन देने वाले पशुओं की संकर नस्लों को ही रखता है, जिससे आनुवंशिक जैवविविधता तेजी से नष्ट हो रही है।
प्रश्न 0.28
(अ) श्वसन किसे कहते हैं?
(ब) मानव श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये।
(स) श्वसन की क्रियाविधि समझाइये।
उत्तर:
(अ) श्वसन: वह क्रिया जिससे कोशिका में कार्बनिक यौगिकों का ऑक्सीकरण होता है, श्वसन कहलाती है।
(ब) मानव श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र:
[चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाए जाने चाहिए: नासिका छिद्र, नासिका गुहा, ग्रसनी, स्वरयंत्र, श्वासनली, फेफड़े, ब्रांकाई, ब्रांकियोल्स, एल्वियोली, डायाफ्राम]
(स) श्वसन की क्रियाविधि: श्वसन क्रिया दो चरणों में होती है:
1. श्वास लेना (Inhalation): इसमें डायाफ्राम नीचे की ओर सिकुड़ता है और पसलियाँ ऊपर उठती हैं, जिससे वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है। इससे फेफड़ों में वायुदाब कम हो जाता है और बाहरी वायु नासिका छिद्रों के माध्यम से फेफड़ों में प्रवेश करती है।
2. श्वास छोड़ना (Exhalation): इसमें डायाफ्राम ऊपर उठता है और पसलियाँ नीचे आती हैं, जिससे वक्ष गुहा का आयतन कम हो जाता है। इससे फेफड़ों में वायुदाब बढ़ जाता है और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु बाहर निकल जाती है।
फेफड़ों में एल्वियोली में ऑक्सीजन रक्त में विसरित होती है और कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से एल्वियोली में आती है, जिसे बाहर निकाल दिया जाता है।
प्रश्न 0.28 (वैकल्पिक)
(अ) मादाओं में प्राथमिक लैंगिक अंग का नाम लिखिए।
(ब) मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये।
(स) मानव प्रजनन की दो अवस्थाओं को समझाइये।
(अ) मादाओं में प्राथमिक लैंगिक अंग का नाम अण्डाशय (Ovary) है।
(ब) मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र:
अण्डवाहिनी
|
गर्भाशय
|
योनि
(स) मानव प्रजनन की दो अवस्थाएँ निम्न हैं:
- युग्मक जनन (Gametogenesis): युग्मकों के निर्माण की प्रक्रिया युग्मकजनन कहलाती है। इसमें जनन कोशिका में अर्द्धसूत्री विभाजन द्वारा अगुणित कोशिकाओं का निर्माण होता है, जो युग्मक कहलाते हैं। नर में शुक्रजनन मातृकोशिका से चार कोशिकाएँ बनती हैं, जो प्रायः सभी शुक्राणुओं में बदल जाती हैं। मादा में अण्डजनन मातृ कोशिका के अर्द्धसूत्री विभाजन द्वारा बनी चार कोशिकाओं में से केवल एक ही कोशिका परिपक्व होकर अण्डाणु का निर्माण करती है।
- निषेचन (Fertilization): नर व मादा युग्मकों के संयोजन को निषेचन कहते हैं। नर द्वारा मैथुन क्रिया की सहायता से मादा के शरीर में शुक्राणु छोड़ने के फलस्वरूप अण्डवाहिनी में उपस्थित अण्डाणु से मिलना (Fuse) होना निषेचन कहलाता है। यह आन्तरिक निषेचन (Internal Fertilization) कहलाता है। निषेचन के फलस्वरूप द्विगुणित युग्मनज (Zygote) का निर्माण होता है।
प्रश्न 0.29
(अ) आवर्त सारणी में किस ब्लॉक के तत्व परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं?
(ब) ऋणायन का आकार अपने संगत परमाणु से बड़ा होता है, क्यों?
(स) CaH₂, NaH, SiH₄, AlH₃ उपरोक्त यौगिकों में Ca, Na, Si तथा Al की संयोजकता बताइये।
(अ) आवर्त सारणी में d-ब्लॉक के तत्व परिवर्ती संयोजकता प्रदर्शित करते हैं।
(ब) ऋणायन का आकार सदैव उसके संगत परमाणु से बड़ा होता है क्योंकि ऋणायन बनने पर इलेक्ट्रॉनों की संख्या में वृद्धि होती है लेकिन प्रोटॉनों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। अतः प्रभावी नाभिकीय आवेश का मान कम हो जाता है, जिससे नाभिकीय आकर्षण बल के मान में कमी आती है और इलेक्ट्रॉन बादल फैल जाता है।
(स) दिए गए यौगिकों (CaH₂, NaH, SiH₄, AlH₃) में Ca, Na, Si तथा Al की संयोजकता क्रमशः 2, 1, 4 तथा 3 है।
प्रश्न 0.29 (वैकल्पिक)
(अ) दो उपधातुओं के नाम लिखिए।
(ब) किसी आवर्त में बायें से दायें जाने पर परमाणु आकार किस प्रकार परिवर्तित होता है? कारण सहित समझाइये।
(स) निम्नलिखित तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु आकार के क्रम में व्यवस्थित कीजिए: Na, Cs, Li, K
(अ) सिलिकॉन (Si) तथा आर्सेनिक (As) उपधातु हैं।
(ब) किसी आवर्त में बायें से दायें जाने पर परमाणु आकार कम होता है क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण नाभिक इलेक्ट्रॉनों को अधिक मात्रा में आकर्षित करता है, जिससे परमाणु का आकार सिकुड़ जाता है।
(स) Na, Cs, Li, तथा K के परमाणु आकार का बढ़ता क्रम निम्नलिखित है:
Li < Na < K < Cs
प्रश्न 0.30
(अ) सूर्योदय से कुछ समय पहले एवं सूर्यास्त के कुछ समय पश्चात् तक सूर्य दिखाई देता है, कारण स्पष्ट कीजिए।
(ब) श्वेत प्रकाश के वर्ण विक्षेपण से क्या अभिप्राय है?
(स) प्रकाश के पूर्ण आन्तरिक परावर्तन से क्या तात्पर्य है?
(द) एक अवतल लेंस से प्रतिबिम्ब का बनना दर्शाने का किरण चित्र बनाइये।
(अ) सूर्योदय से कुछ समय पहले एवं सूर्यास्त के कुछ समय पश्चात् तक सूर्य दिखाई देने का कारण प्रकाश का वायुमण्डलीय अपवर्तन है। जब सूर्य क्षितिज से नीचे होता है, तब भी उसकी किरणें वायुमण्डल की विभिन्न परतों से होकर अपवर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, जिससे सूर्य वास्तविक स्थिति से ऊपर दिखाई देता है।
(ब) श्वेत प्रकाश के वर्ण विक्षेपण से अभिप्राय है कि जब श्वेत प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो वह अपने घटक रंगों (बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित हो जाता है। यह घटना वर्ण विक्षेपण (Dispersion) कहलाती है।
(स) प्रकाश के पूर्ण आन्तरिक परावर्तन से तात्पर्य है कि जब प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है और आपतन कोण क्रान्तिक कोण से अधिक होता है, तो प्रकाश पूर्णतः वापस सघन माध्यम में परावर्तित हो जाता है। इसे पूर्ण आन्तरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहते हैं।
(द) अवतल लेंस से प्रतिबिम्ब बनना:
वस्तु
|
| (किरणें)
|
[अवतल लेंस]
|
| (अपसारित किरणें)
|
प्रतिबिम्ब (सीधा, छोटा, आभासी)
अवतल लेंस हमेशा सीधा, छोटा तथा आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है, जो लेंस के उसी ओर बनता है जिस ओर वस्तु रखी होती है।
Science
बनाइये, जबकि बिम्ब अनन्त एवं इसके प्रकाशिक केन्द्र 'O' के मध्य स्थित हो। T4+i4+4+2=5
उत्तर
(अ) अग्रिम सूर्योदय तथा विलम्बित सूर्यास्त- जब सूर्य क्षैतिज से थोड़ा नीचे होता है, तो कम सघन वायु से अधिक सघन वायु में जा रहा सूर्य का प्रकाश नीचे की ओर अपवर्तित होता है। इस वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण सूर्य क्षितिज से ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है, जबकि वस्तुतः वह क्षितिज के थोड़ा नीचे होता है, इसलिए सूर्योदय वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले देखा जा सकता है। इसी प्रकार वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण क्षितिज के नीचे सूर्य के अस्त होने के बाद भी सूर्य को लगभग 2 मिनट तक देख सकते हैं।
(ब) वर्ण विक्षेपण- जब श्वेत प्रकाश की किरण किसी पारदर्शी प्रिज्म में से गुजरती है, तो वह अपने मार्ग से विचलित होकर प्रिज्म के आधार की ओर झुक जाती है तथा सात विभिन्न रंगों की किरणों में विभाजित भी हो जाती है। इन किरणों से प्रिज्म के दूसरी ओर रखे सफेद पर्दे पर एक रंगीन पट्टी बन जाती है।
इस प्रकार उत्पन्न विभिन्न रंगों के समूह को वर्णक्रम या स्पेक्ट्रम कहते हैं तथा श्वेत प्रकाश के अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की घटना को प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहते हैं।
R (लाल)
O (नारंगी)
Y (पीला)
G (हरा)
B (नीला)
I (जामुनी)
V (बैंगनी)
श्वेत प्रकाश में स्पेक्ट्रम के वर्ण विद्यमान होते हैं। इस सप्त वर्णी प्रतिरूप के प्राप्त होने का मुख्य कारण यह है कि भिन्न-भिन्न रंगों की किरणें किसी माध्यम में अलग-अलग वेग से गति करती हैं। निर्वात के अतिरिक्त किसी भी माध्यम में लाल रंग के प्रकाश का वेग बैंगनी रंग के प्रकाश से अधिक होता है। अतः अपवर्तन के पश्चात् बैंगनी रंग की किरण अभिलम्ब की तरफ सबसे ज्यादा मुड़ जाती है। रंगों के विक्षेपण के क्रम को (VIBGYOR) बैनीआहपीनाला से भी जाना जाता है।
(स) पूर्ण आन्तरिक परावर्तन- यदि प्रकाश किरण के आपतन कोण को इतना बढ़ाया जाये कि प्रकाश की किरण विरल माध्यम में अपवर्तित होने के स्थान पर सघन माध्यम में ही परावर्तित हो जाती है। इसे पूर्ण आन्तरिक परावर्तन कहते हैं। प्रकाश (optical fibre) द्वारा संचार में इसी प्रभाव का उपयोग किया जाता है।
(द) जब बिम्ब सीमित दूरी पर स्थित हो- यदि बिम्ब अवतल लेंस से किसी सीमित दूरी पर होता है (अनन्त व प्रकाशिक केन्द्र के मध्य) तो बिम्ब का आभासी, सीधा एवं बिम्ब से छोटा प्रतिबिम्ब बनता है। जैसे-जैसे बिम्ब को लेंस के समीप लाते जायेंगे, तब प्रतिबिम्ब का आकार बढ़ता जायेगा किन्तु उसका आकार हमेशा बिम्ब (वस्तु) से छोटा ही होगा।
OR
5.30 : (अ) पानी से भरे काँच के पात्र में आंशिक डूबी हुई कोई पेंसिल तिरछी दिखाई देती है, क्यों?
(ब) लेंस की क्षमता से क्या अभिप्राय है?
(स) मानव नेत्र में दृष्टि वैषम्य दोष क्या है?
(द) एक अवतल दर्पण से प्रतिबिम्ब का बनना, दर्शाने का किरण चित्र बनाइये, जबकि बिम्ब इसके वक्रता केन्द्र (C) व फोकस 'F' के मध्य स्थित हो। L+4+l+2=5
उत्तर
(अ) पेन्सिल के पानी में डूबे हुए भाग से जो प्रकाश हम तक पहुँचता है, वह पेन्सिल के पानी के बाहर के भाग से आने वाले प्रकाश से भिन्न दिशा से आता हुआ प्रतीत होता है। इसलिए पेन्सिल का पानी के भीतर वाला भाग थोड़ा उठा हुआ दिखाई देता है।
(ब) लेंस की क्षमता- किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा को उसकी क्षमता के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसे अक्षर P द्वारा निरूपित करते हैं। किसी f फोकस दूरी के लेंस की क्षमता:
P = 1/f
लेंस की क्षमता का SI मात्रक डाइऑप्टर है, इसे अक्षर D द्वारा दर्शाया जाता है। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक एवं अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
(स) दृष्टि-वैषम्य दोष- दृष्टि-वैषम्य दोष या अबिन्दुकता दोष में समान दूरी पर रखी क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वस्तुएँ एक साथ स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं। इस दोष के कारण एक ही दूरी पर रखी क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर वस्तुएँ रेटिना पर एक साथ फोकस नहीं होती।
अबिन्दुकता का कारण - कॉर्निया की गोलाई में अनियमितता के कारण नेत्र में यह दोष हो जाता है।
निवारण - इस दोष के निवारण हेतु उचित फोकस दूरी अथवा वक्रता त्रिज्या वाले बेलनाकार लेंस का प्रयोग किया जाता है।
(द) अवतल दर्पण से प्रतिबिम्ब का बनना-
इस स्थिति में प्रतिबिम्ब की स्थिति वक्रता केन्द्र (C) तथा अनन्त के मध्य होगी और प्रतिबिम्ब का स्वरूप व आकार वास्तविक व उल्टा और प्रतिबिम्ब से बड़ा होगा।