RBSE Class 10th 2019 Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2019
Subject Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 10th 2019 Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2019

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Rajasthan Board Class 10th Apparel Made Up & Home Furnishing Meaning-V-108-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा – X) परीक्षा, 2019

लेवल - द्वितीय वर्ष

विषय - एपरल मेड-अप एण्ड होम फर्नीशिंग

समय : 2 घण्टे 5 मिनट] [ पूर्णांक : 30

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में निर्धारित शब्द-सीमा में लिखें।
  4. प्रश्न संख्या 1 से 30 तक (बहुविकल्पीय प्रश्नों) के उत्तर तालिका बनाकर उत्तर-पुस्तिका में लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 1 से 30 तक एक पंक्ति में उत्तर लिखें।
  6. प्रश्न संख्या 31 से 36 तक दो से चार पंक्तियों में उत्तर लिखें।
  7. प्रश्न संख्या 37 एवं 38 के उत्तर दो पृष्ठों तक लिखें।

No. of Questions — 38
No. of Printed Pages — 7

V-108

खण्ड-अ

(बहुविकल्पीय प्रश्न 1 से 10 तक)

I. सही विकल्प चुनिए : [10×½=5]

  1. बेबी फ्रॉक के लिए उपयुक्त कपड़ा है -

    • (अ) नायलॉन
    • (ब) लाइक्रा
    • (स) सूती
    • (द) नेट

    व्याख्या: बेबी फ्रॉक के लिए सूती कपड़ा सबसे उपयुक्त होता है क्योंकि यह मुलायम, हल्का और त्वचा के लिए आरामदायक होता है, जो शिशु की संवेदनशील त्वचा के लिए आवश्यक है।

  2. कपड़े में बुनाई का प्रकार है -

    • (अ) टूवील बुनाई
    • (ब) साटिन बुनाई
    • (स) सादा बुनाई
    • (द) रिव बुनाई

    व्याख्या: सादा बुनाई सबसे सामान्य और मजबूत बुनाई है, जिसमें ताना और बाना धागे एक-दूसरे के ऊपर और नीचे से गुजरते हैं। यह अधिकांश कपड़ों में पाई जाती है।

  3. निम्न परिधान में 'ए-लाइन' बाह्य आकृति (silhouette) का प्रयोग किया जाता है -

    • (अ) बन-पीस ड्रेस
    • (ब) बेबी-फ्रॉक
    • (स) गाउन
    • (द) उपर्युक्त सभी

    व्याख्या: ए-लाइन सिल्हूट का प्रयोग बन-पीस ड्रेस, बेबी-फ्रॉक और गाउन सभी में किया जाता है, क्योंकि यह कंधों से नीचे की ओर चौड़ा होता जाता है, जो इन सभी परिधानों में फिट बैठता है।

  4. निम्न में से कपड़े पर निशान लगाने (marking) का सही तरीका है -

    • (अ) टेलर्स चाक द्वारा
    • (ब) पेन्सिल द्वारा
    • (स) पेन द्वारा
    • (द) स्केच पेन द्वारा

    व्याख्या: टेलर्स चाक कपड़े पर निशान लगाने का सबसे उपयुक्त तरीका है, क्योंकि यह आसानी से धुल जाता है और कपड़े को नुकसान नहीं पहुँचाता। पेन, पेंसिल या स्केच पेन के निशान स्थायी हो सकते हैं या कपड़े को खराब कर सकते हैं।

ए-08 438

प्रश्न 5

पाइपिंग को काटा जाता है -

  • (अ) ट्र-बायस में (तिरछा)
  • (ब) आड़े ग्रेन में
  • (स) जिग-जेग
  • (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर: (अ) ट्र-बायस में (तिरछा)

व्याख्या: पाइपिंग को तिरछे (बायस) में काटा जाता है ताकि वह मोड़ने और सिलाई करने में आसान हो तथा कपड़े के किनारों पर अच्छी तरह फिट हो सके।

प्रश्न 6

बास्टिंग है -

  • (अ) स्थायी टाँका
  • (ब) अस्थायी रनिंग टाँका
  • (स) चैन टाँका
  • (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर: (ब) अस्थायी रनिंग टाँका

व्याख्या: बास्टिंग एक अस्थायी टाँका होता है जिसका उपयोग सिलाई से पहले कपड़े के टुकड़ों को जोड़ने या चिह्नित करने के लिए किया जाता है। यह बाद में आसानी से निकाला जा सकता है।

प्रश्न 7

तौलिए की विशेषता है -

  • (अ) अवशोषक
  • (ब) मुलायम
  • (स) सूती
  • (द) उपर्युक्त सभी

सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी

व्याख्या: तौलिया अवशोषक, मुलायम और सूती होता है। ये सभी गुण तौलिए को पानी सोखने और त्वचा पर कोमल लगने में मदद करते हैं।

प्रश्न 8

डाइनिंग टेबल कवर के लिए सबसे उपयुक्त सामग्री है -

  • (अ) सूती
  • (ब) प्लास्टिक/विनायल कवर
  • (स) लिनेन
  • (द) साटिन

सही उत्तर: (ब) प्लास्टिक/विनायल कवर

व्याख्या: डाइनिंग टेबल कवर के लिए प्लास्टिक या विनायल सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह जलरोधक होता है, आसानी से साफ हो जाता है और गंदगी या दाग से टेबल की सुरक्षा करता है।

खण्ड-ब (बहुविकल्पीय प्रश्न)

प्रश्न 9:

पेपर पैटर्न बनाने वाला कहलाता है -

  • (अ) सिलाई मास्टर
  • (ब) पैटर्न मेकर
  • (स) फैशन पत्रकार
  • (द) फैशन डिजाइनर

सही उत्तर: (ब) पैटर्न मेकर

पैटर्न मेकर वह व्यक्ति होता है जो कपड़े के टुकड़ों को काटने के लिए पेपर पैटर्न (नमूना) तैयार करता है। यह सिलाई प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रश्न 10:

आयरन नहीं करने के लिए उपयुक्त केयर लेबल है -

  • (अ) BC
  • (ब) ZA
  • (स) (कोई विकल्प नहीं दिया गया)
  • (द) (कोई विकल्प नहीं दिया गया)

सही उत्तर: (ब) ZA

केयर लेबल पर 'ZA' का अर्थ है कि वस्त्र को आयरन नहीं करना चाहिए। यह एक मानक प्रतीक है जो कपड़े की देखभाल के निर्देशों को दर्शाता है।

खण्ड-ब (लघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 11:

ईविनिंग गाउन के लिए उपयुक्त कपड़ा है -

  • साटिन
  • सूती

सही उत्तर: साटिन

ईविनिंग गाउन के लिए साटिन अधिक उपयुक्त है क्योंकि यह चमकदार, मुलायम और शानदार दिखता है, जो शाम के कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त है। सूती कपड़ा सामान्य दैनिक उपयोग के लिए अधिक उपयुक्त है।

प्रश्न 12:

कपड़े की चमक बढ़ाने के लिए फैब्रिक फिनिशिंग का प्रयोग किया जाता है -

  • मर्सराइजिंग
  • ब्लीचिंग

सही उत्तर: मर्सराइजिंग

मर्सराइजिंग एक फैब्रिक फिनिशिंग प्रक्रिया है जो कपड़े की चमक, मजबूती और रंग धारण क्षमता को बढ़ाती है। ब्लीचिंग का उपयोग कपड़े को सफेद करने या रंग हटाने के लिए किया जाता है, चमक बढ़ाने के लिए नहीं।

रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

  1. ताने व बाने के धागों को साधारण रूप से आड़ी व सीधी बुनाई (weave) करने की विधि को कहते हैं -

    उत्तर: सादा बुनाई / रिब बुनाई
  2. सर्दी से बचाव के लिए .................... कपड़े पहने जाते हैं।

    उत्तर: ऊनी (Woollen)
  3. .................... एक प्राथमिक रंग है।

    उत्तर: लाल, पीला या नीला (Red, Yellow or Blue)
  4. महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला पारम्परिक परिधान है ....................।

    उत्तर: साड़ी (Saree)
  5. .................... एवं .................... दो विपरीत (काम्प्लीमैन्ट्री) रंग हैं।

    उत्तर: लाल और हरा (Red and Green) / नीला और नारंगी (Blue and Orange) / पीला और बैंगनी (Yellow and Purple)
  6. गर्मी के मौसम में .................... रंगों के कपड़ों का चयन करना चाहिए।

    उत्तर: हल्के (Light)
  7. कमर का नाप लेने के लिए .................... का प्रयोग किया जाता है।

    उत्तर: मापने वाला फीता (Measuring Tape)
  8. पेपर पैटर्न पर कपड़े के धागों की दिशा को .................... द्वारा दर्शाया जाता है।

    उत्तर: तीर (Arrow)
  9. गले के आधार से कमर तक की लम्बाई का नाप कहलाता है -

    उत्तर: वेस्ट लेन्थ (Waist length) / बस्ट (Bust)
  10. शारीरिक नापों के अनुसार कागज पर परिधान की आकृति बनाना .................... कहलाता है।

    उत्तर: पैटर्न ड्राफ्टिंग (Pattern Drafting)
  11. कॉलर का प्रयोग करते है -

    उत्तर: शर्ट में (In Shirt)

रिक्त स्थान भरिए (प्रश्न 24-30)

  1. गलीचे (कारपेट) का प्रयोग फर्श पर किया जाता है।
  2. घर में प्रवेश करने से पहले पैरों को पोंछने व झाड़ने के लिए दरवाजे पर बिछाने वाली चटाई (डोरमैट) का प्रयोग किया जाता है।
  3. रसोई में परिधानों की सुरक्षा के लिए एप्रन पहनकर कार्य किया जाता है।
  4. वस्त्र पर ब्लीच का प्रयोग सफेदी लाने या दाग हटाने के लिए किया जाता है।
  5. तकिये का आकार मुख्यतया आयताकार या चौकोर होता है।
  6. सूती कपड़ों पर चिकनाई के धब्बे हटाने के लिए उन्हें गर्म पानी और डिटर्जेंट में भिगोया जाता है।
  7. ड्राइक्लिन के बाद कपड़ों को प्लास्टिक या कपड़े के कवर में पैक किया जाना चाहिए।

खण्ड-स (प्रश्न 31-33)

दो से चार पंक्तियों में उत्तर दीजिए।

31) खेल कूद के परिधानों का संक्षिप्त में वर्णन कीजिए।

खेल-कूद के परिधान हल्के, आरामदायक और शरीर की गति को सुगम बनाने वाले होते हैं। ये आमतौर पर सूती, नायलॉन या स्पैन्डेक्स जैसे कपड़ों से बनाए जाते हैं जो पसीना सोखने और त्वचा को सूखा रखने में सहायक होते हैं। इनमें टी-शर्ट, शॉर्ट्स, ट्रैकसूट और स्पोर्ट्स शूज़ शामिल हैं, जो खिलाड़ी को सुरक्षा और सुविधा प्रदान करते हैं।

32) परिधान निर्माण प्रक्रिया में नाप लेने के महत्व को समझाइये।

परिधान निर्माण में नाप लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कपड़ा पहनने वाले के शरीर के अनुरूप बनता है। सही नाप लेने से परिधान फिटिंग में सुधार होता है, कपड़े की बर्बादी कम होती है और अंतिम उत्पाद अधिक आकर्षक एवं आरामदायक बनता है। गलत नाप लेने से परिधान तंग या ढीला हो सकता है, जिससे उसे दोबारा बनवाना पड़ सकता है।

33) बुकरम का परिधानों में प्रयोग किस प्रकार किया जाता है?

बुकरम (बकरम) एक मोटा, कड़ा कपड़ा होता है जिसका उपयोग परिधानों में आकार और मजबूती देने के लिए किया जाता है। इसे कॉलर, कफ, बेल्ट और पॉकेट के अंदर लगाया जाता है ताकि ये हिस्से अपना आकार बनाए रखें और झुर्रियां न पड़ें। बुकरम को परिधान के अंदरूनी हिस्से पर सिलाई या चिपकाकर लगाया जाता है, जिससे कपड़ा सीधा और टिकाऊ बना रहता है।

34) पर्दे की विशेषताएँ बताइये।

पर्दे की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • गोपनीयता प्रदान करना: पर्दे कमरे के अंदर की गतिविधियों को बाहर से छिपाते हैं, जिससे गोपनीयता बनी रहती है।
  • प्रकाश नियंत्रण: पर्दे सूर्य के प्रकाश को नियंत्रित करते हैं, जिससे कमरे में आवश्यकतानुसार रोशनी आ सके या रोकी जा सके।
  • सजावटी स्वरूप: पर्दे कमरे की सुंदरता बढ़ाते हैं और विभिन्न रंगों, डिजाइनों और कपड़ों में उपलब्ध होते हैं।
  • तापमान नियंत्रण: मोटे पर्दे सर्दियों में गर्मी को अंदर रखते हैं और गर्मियों में बाहर की गर्मी को रोकते हैं।
  • ध्वनि अवशोषण: पर्दे बाहरी शोर को कम करने में सहायक होते हैं, जिससे कमरा शांत रहता है।
  • धूल और गंदगी से बचाव: पर्दे धूल और गंदगी को कमरे में प्रवेश करने से रोकते हैं।

35) सूती कपड़ों की धुलाई की विधि को क्रम से लिखिए।

सूती कपड़ों की धुलाई की विधि निम्नलिखित क्रम में की जाती है:

  1. छँटाई: सबसे पहले कपड़ों को रंग और कपड़े के प्रकार के अनुसार अलग-अलग कर लें। सफेद और रंगीन कपड़ों को अलग धोना चाहिए।
  2. भिगोना: एक बाल्टी या टब में गुनगुने पानी में उचित मात्रा में डिटर्जेंट मिलाकर कपड़ों को 15-20 मिनट के लिए भिगो दें।
  3. धुलाई: भीगे हुए कपड़ों को हाथों से हल्के-हल्के रगड़कर या मुलायम ब्रश से साफ करें। जिद्दी दागों पर सीधे डिटर्जेंट लगाकर रगड़ें।
  4. खंगालना: कपड़ों को साफ पानी में तब तक खंगालें जब तक सारा डिटर्जेंट निकल न जाए। पानी साफ होने तक 2-3 बार खंगालें।
  5. निचोड़ना: कपड़ों को हल्के हाथों से निचोड़ें, ज्यादा जोर से न मरोड़ें वरना कपड़े खिंच सकते हैं।
  6. सुखाना: कपड़ों को छाया में या हवादार स्थान पर सुखाएं। सीधी धूप में सुखाने से रंग फीके पड़ सकते हैं।
  7. इस्तरी करना: सूखने के बाद कपड़ों को मध्यम आंच पर इस्तरी करें ताकि वे साफ और चिकने दिखें।

36) फैशन डिजाइनर के कार्य को संक्षिप्त में समझाइये।

फैशन डिजाइनर के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:

  • डिजाइन तैयार करना: फैशन डिजाइनर नए और आकर्षक परिधानों के डिजाइन तैयार करता है, जो मौजूदा फैशन ट्रेंड्स के अनुरूप हों।
  • कपड़े और सामग्री का चयन: वह विभिन्न प्रकार के कपड़ों, रंगों, पैटर्न और एक्सेसरीज का चयन करता है जो डिजाइन के लिए उपयुक्त हों।
  • स्केचिंग और ड्राफ्टिंग: डिजाइनर अपने विचारों को कागज पर स्केच करता है और फिर उन्हें पैटर्न ड्राफ्टिंग के माध्यम से वास्तविक रूप देता है।
  • परिधान निर्माण की निगरानी: वह परिधानों के निर्माण प्रक्रिया की देखरेख करता है ताकि डिजाइन सही ढंग से तैयार हो सके।
  • फैशन शो और प्रस्तुति: फैशन डिजाइनर अपने डिजाइनों को फैशन शो, प्रदर्शनियों और मीडिया के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
  • बाजार अनुसंधान: वह बाजार के रुझानों, ग्राहकों की पसंद और प्रतिस्पर्धा का अध्ययन करता है ताकि नए डिजाइन तैयार किए जा सकें।

खण्ड-द

IV. अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (2 अंक प्रत्येक):

37) बेड-टेक्सटाइल (पलंग पर काम में आने वाले वस्त्र) का विस्तार से वर्णन कीजिए।

बेड-टेक्सटाइल उन वस्त्रों को कहा जाता है जो बिस्तर (पलंग) पर उपयोग किए जाते हैं। ये वस्त्र बिस्तर को सजाने, आरामदायक बनाने और सुरक्षा प्रदान करने के लिए उपयोग होते हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • चादर (बेडशीट): यह गद्दे के ऊपर बिछाई जाती है, जो विभिन्न आकारों और कपड़ों (सूती, सिल्क, पॉलिएस्टर) में उपलब्ध होती है।
  • तकिया कवर (पिलो केस): तकियों को ढकने के लिए उपयोग किया जाता है, जो तकिए को गंदगी और धूल से बचाता है।
  • रजाई (क्विल्ट/डुवेट): यह सर्दियों में ओढ़ने के लिए उपयोग की जाती है, जिसमें रूई या फाइबर भरा होता है।
  • कंबल (ब्लैंकेट): यह ऊनी या ऐक्रेलिक कपड़े से बना होता है, जो गर्मी प्रदान करता है।
  • बेडस्प्रेड: यह बिस्तर को ढकने के लिए उपयोग किया जाता है, जो बिस्तर को सजाता है और धूल से बचाता है।
  • गद्दा कवर (मैट्रेस प्रोटेक्टर): यह गद्दे को धूल, दाग और नमी से बचाने के लिए उपयोग किया जाता है।

बेड-टेक्सटाइल का चयन करते समय कपड़े की गुणवत्ता, आराम, रंग और डिजाइन का ध्यान रखा जाता है। ये वस्त्र न केवल आराम प्रदान करते हैं बल्कि कमरे की सजावट को भी बढ़ाते हैं।

38) पेपर पैटर्न किसे कहते हैं? इसके प्रकारों का वर्णन करते हुए परिधान निर्माण में इसके महत्व को समझाइये।

पेपर पैटर्न कागज पर बनाए गए परिधान के विभिन्न भागों (जैसे आस्तीन, बॉडी, कॉलर) के सटीक आकार और आकृति को कहा जाता है। यह एक टेम्पलेट होता है जिसे कपड़े पर रखकर काटा जाता है।

पेपर पैटर्न के प्रकार:

  • रेडी-मेड पैटर्न: ये पहले से तैयार पैटर्न होते हैं जो बाजार में मिलते हैं, जिनमें विभिन्न साइज और डिजाइन उपलब्ध होते हैं।
  • ड्राफ्टेड पैटर्न: ये व्यक्ति के शरीर के माप लेकर स्वयं बनाए जाते हैं, जो सटीक फिटिंग प्रदान करते हैं।
  • ग्रेडेड पैटर्न: ये एक बेसिक पैटर्न से विभिन्न साइज में बदले जाते हैं, जिससे एक ही डिजाइन कई साइज में तैयार किया जा सके।

परिधान निर्माण में पेपर पैटर्न का महत्व:

  • सटीकता: पैटर्न की मदद से कपड़े को सही आकार और आकृति में काटा जा सकता है, जिससे परिधान की फिटिंग बेहतर होती है।
  • समय की बचत: पैटर्न का उपयोग करके कपड़े को जल्दी और आसानी से काटा जा सकता है, जिससे निर्माण में समय कम लगता है।
  • सामग्री की बचत: पैटर्न के अनुसार कपड़े को काटने से कपड़े की बर्बादी कम होती है।
  • डिजाइन की पुनरावृत्ति: एक ही पैटर्न का उपयोग करके एक ही डिजाइन के कई परिधान बनाए जा सकते हैं।
  • गलतियों में कमी: पैटर्न का उपयोग करने से काटने और सिलाई में गलतियों की संभावना कम हो जाती है।

अथवा

ड्राफ्टिंग किसे कहते हैं? पैटर्न ड्राफ्टिंग की उपयोगिता बताते हुए इसके सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।

ड्राफ्टिंग शरीर के माप के अनुसार कागज पर परिधान के विभिन्न भागों का सटीक रेखाचित्र (ड्राफ्ट) तैयार करने की प्रक्रिया को कहा जाता है। यह पैटर्न बनाने की एक मूलभूत विधि है।

पैटर्न ड्राफ्टिंग की उपयोगिता:

  • यह व्यक्ति के शरीर के अनुसार सटीक फिटिंग वाला परिधान तैयार करने में सहायक होता है।
  • इससे कपड़े की बर्बादी कम होती है क्योंकि ड्राफ्ट के अनुसार ही कपड़ा काटा जाता है।
  • ड्राफ्टिंग से विभिन्न डिजाइनों और स्टाइल को आसानी से विकसित किया जा सकता है।
  • यह परिधान निर्माण में समय और श्रम की बचत करता है।
  • ड्राफ्टिंग के माध्यम से एक ही डिजाइन को विभिन्न साइज में तैयार किया जा सकता है।

पैटर्न ड्राफ्टिंग के सिद्धान्त:

  • सटीक माप: ड्राफ्टिंग से पहले शरीर के सभी आवश्यक माप (जैसे छाती, कमर, कूल्हे, लंबाई) सटीक रूप से लिए जाने चाहिए।
  • मापन प्रणाली का पालन: ड्राफ्टिंग में एक निश्चित मापन प्रणाली (जैसे इंच या सेंटीमीटर) का पालन करना चाहिए।
  • ज्यामितीय आकृतियों का उपयोग: ड्राफ्टिंग में वर्ग, आयत, त्रिभुज जैसी ज्यामितीय आकृतियों का उपयोग करके पैटर्न बनाया जाता है।
  • सीम भत्ता (सीम अलाउंस): ड्राफ्ट में सिलाई के लिए आवश्यक अत