RBSE Class 10th 2019 Science-S-07-2019 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | Science-S-07-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2019 Science-S-07-2019
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Rajasthan Board Class 10th Science-S-07-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2019
SECONDARY EXAMINATION, 2019
विज्ञान
SCIENCE
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
No. of Questions — 30 S-07-Science
No. of Printed Pages — 11
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
Candidates must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
खण्ड - अ / SECTION - A
1. कौनसे दाँत भोजन को चीरने-फाड़ने का कार्य करते हैं? [ ]
Which teeth are used in tearing and chopping of the food?
- (A) कृन्तक (Incisors)
- (B) रदनक (Canines)
- (C) अग्रचर्वणक (Premolars)
- (D) चर्वणक (Molars)
सही उत्तर: (B) रदनक (Canines)
व्याख्या: रदनक (Canines) दाँत भोजन को चीरने और फाड़ने के लिए विशेष रूप से विकसित होते हैं। ये नुकीले और मजबूत होते हैं, जो मांस या कठोर खाद्य पदार्थों को फाड़ने में सहायक होते हैं।
नोट: प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि / अंतर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
| खण्ड | प्रश्न संख्या | अंक प्रत्येक प्रश्न |
|---|---|---|
| अ (A) | 1-11 | 1 |
| ब (B) | 2-21 | 3 |
| स (C) | 22-27 | 4 |
| द (D) | 28-30 | 5 |
प्रश्न क्रमांक 27 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं। / There are internal choices in Q. No. 27 to 30.
S-07-Science 5003
2. रक्त का विभिन्न समूहों में वर्गीकरण किसके द्वारा किया गया ?
Who classified the blood into different groups?
उत्तर: रक्त का विभिन्न समूहों में वर्गीकरण कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) द्वारा किया गया।
Answer: Blood was classified into different groups by Karl Landsteiner.
3. C.N.G. का पूरा नाम लिखिए |
Write full form of C.N.G.
उत्तर: C.N.G. का पूरा नाम "संपीडित प्राकृतिक गैस" (Compressed Natural Gas) है।
Answer: The full form of C.N.G. is Compressed Natural Gas.
4. स्थितिज ऊर्जा की परिभाषा लिखिए |
Write definition of potential energy.
उत्तर: स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकृति के कारण संचित रहती है। उदाहरण: ऊँचाई पर रखी गेंद में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है।
Answer: Potential energy is the energy stored in an object due to its position or shape. Example: A ball kept at a height has gravitational potential energy.
5. नवीन करणीय संसाधन का एक उदाहरण दीजिए |
Give one example of renewable resource.
उत्तर: नवीन करणीय संसाधन का एक उदाहरण सौर ऊर्जा (Solar Energy) है।
Answer: One example of a renewable resource is Solar Energy.
6. कॉफी पादप का वैज्ञानिक नाम लिखिए |
Write scientific name of Coffee plant.
उत्तर: कॉफी पादप का वैज्ञानिक नाम Coffea arabica है।
Answer: The scientific name of Coffee plant is Coffea arabica.
7. आनुवांशिक विविधता को परिभाषित कीजिए |
Define genetic diversity.
उत्तर: आनुवांशिक विविधता एक ही प्रजाति के विभिन्न व्यक्तियों में पाए जाने वाले जीनों में भिन्नता को कहते हैं। यह प्रजातियों के अनुकूलन और उत्तरजीविता में सहायक होती है।
Answer: Genetic diversity refers to the variation in genes among individuals of the same species. It helps in adaptation and survival of species.
8. रूधिर में हिमोग्लोबिन का निर्माण कौनसा तत्व करता है? [ ]
Which element take part in formation of haemoglobin in blood.
- (A) कैल्शियम (Calcium)
- (B) आयरन (Iron)
- (C) मैग्नीशियम (Magnesium)
- (D) पोटैशियम (Potassium)
सही उत्तर: (B) आयरन (Iron)
हिमोग्लोबिन का निर्माण आयरन (लोहा) तत्व द्वारा होता है, क्योंकि यह हीम समूह का मुख्य घटक है जो ऑक्सीजन को बांधता है।
9. कौनसी प्रतिरक्षी प्रत्युर्जता या ऐलर्जी क्रियाओं में हिस्सा लेती है? [ ]
Which antibody participates in allergic reactions?
- (A) IgA
- (B) IgG
- (C) IgE
- (D) IgM
सही उत्तर: (C) IgE
IgE प्रतिरक्षी एलर्जी क्रियाओं में भाग लेती है, यह मास्ट कोशिकाओं से हिस्टामिन स्रावित करती है।
10. 'A' व 'B' के अतिरिक्त लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर कौनसा प्रतिजन पाया जाता है? [ ]
Which antigen is found on the surface of the red blood corpuscles in addition to ‘A' and 'B'?
- (A) Rh प्रतिजन (Rh antigen)
- (B) O प्रतिजन (O antigen)
- (C) AB प्रतिजन (AB antigen)
- (D) M प्रतिजन (M antigen)
सही उत्तर: (A) Rh प्रतिजन (Rh antigen)
A और B प्रतिजनों के अतिरिक्त लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर Rh प्रतिजन (Rh factor) पाया जाता है, जो रक्त समूह निर्धारण में महत्वपूर्ण है।
11. ओम के नियमानुसार विभवान्तर (V) तथा विद्युत धारा (I) के बीच ग्राफ (आरेख) बनाइये। [ ]
Draw graph between potential difference (V) and electric current (I) according to Ohm's law.
ओम के नियमानुसार, V ∝ I, अर्थात V = IR (जहाँ R नियतांक है)।
ग्राफ एक सीधी रेखा होगी जो मूल बिंदु (0,0) से गुजरती है।
X-अक्ष पर विद्युत धारा (I) और Y-अक्ष पर विभवान्तर (V) लें।
ग्राफ का ढलान प्रतिरोध (R) को दर्शाता है।
V (वोल्ट) | | / | / | / | / | / | / | / | / |/_________________ I (एम्पियर)
खण्ड - ब (SECTION - B)
12. पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह का क्या नाम है? इस उपग्रह की उत्पत्ति कैसे हुई होगी? पृथ्वी के लिए इसके दो महत्व बताइए। [1+1+3=5]
What is the name of natural satellite of earth? How would have this satellite originated? Mention its two importance for earth.
नाम: पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह का नाम चंद्रमा (Moon) है।
उत्पत्ति: चंद्रमा की उत्पत्ति के बारे में सबसे प्रचलित सिद्धांत विशाल प्रभाव सिद्धांत (Giant Impact Hypothesis) है। इसके अनुसार, लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले, मंगल ग्रह के आकार का एक पिंड (जिसे थिया कहा जाता है) पृथ्वी से टकराया। इस टक्कर से पृथ्वी का कुछ भाग टूटकर अंतरिक्ष में चला गया, जो बाद में चंद्रमा के रूप में संगठित हो गया।
पृथ्वी के लिए दो महत्व:
- ज्वार-भाटा नियंत्रण: चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी पर ज्वार-भाटा (समुद्री जल स्तर में वृद्धि और कमी) उत्पन्न होते हैं, जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए आवश्यक हैं।
- पृथ्वी की धुरी स्थिरता: चंद्रमा पृथ्वी के अक्षीय झुकाव को स्थिर रखने में मदद करता है, जिससे मौसमी परिवर्तन नियमित रहते हैं और जलवायु स्थिर बनी रहती है।
प्रश्न 3
जीवाश्म निर्माण की प्रक्रिया बताइए । जीवाश्म की आयु की गणना किस विधि से की जा सकती है? [2+1=3]
Explain the process of fossil formation. By which method the age of fossil can be determined?
जीवाश्म निर्माण की प्रक्रिया: जीवाश्म तब बनते हैं जब मृत जीवों के अवशेष (जैसे हड्डियाँ, दाँत, या पौधों के भाग) तलछट (जैसे रेत, मिट्टी) में दब जाते हैं। समय के साथ, ये तलछट ठोस चट्टान में बदल जाती है, और जीव के कठोर भागों के खनिज धीरे-धीरे चट्टान के खनिजों द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं, जिससे जीवाश्म बनता है।
आयु निर्धारण की विधि: जीवाश्म की आयु की गणना कार्बन-14 डेटिंग (रेडियोकार्बन डेटिंग) विधि से की जा सकती है। यह विधि कार्बन-14 (एक रेडियोधर्मी समस्थानिक) के क्षय पर आधारित है, जो जीवित प्राणियों में पाया जाता है और मृत्यु के बाद निश्चित दर से क्षय होता है।
प्रश्न 4
प्रथम अंतरिक्ष यात्री का नाम बताइए | अन्तरिक्ष में भोजन व भारहीनता में रहने की समस्या का समाधान करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर कौनसी सुविधाएँ उपलब्ध है? [1+1+1=3]
Write the name of first astronaut. Which facilities are available to solve the problem of food and living in Weightlessness on International space station?
प्रथम अंतरिक्ष यात्री: यूरी गगारिन (सोवियत संघ) – उन्होंने 12 अप्रैल 1961 को अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति बने।
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर सुविधाएँ:
- भोजन: विशेष रूप से पैक किया गया भोजन (फ्रीज-ड्राइड, डिब्बाबंद) जो लंबे समय तक खराब न हो। पानी को रीसाइकिल किया जाता है।
- भारहीनता में रहना: अंतरिक्ष यात्री सोने के लिए स्लीपिंग बैग का उपयोग करते हैं जो दीवारों से जुड़े होते हैं। व्यायाम उपकरण (ट्रेडमिल, साइकिल) मांसपेशियों और हड्डियों के क्षरण को रोकने के लिए होते हैं। शौचालय में वायु प्रवाह का उपयोग करके अपशिष्ट निपटान किया जाता है।
प्रश्न 5
अ) राजमार्गों पर तेज प्रकाश पुंज का प्रयोग क्यों करना चाहिए?
ब) सुरक्षित ड्राइविंग के लिए वाहनों की हैड लाइट तथा पीछे का दृश्य देखने के लिए किस प्रकार के दर्पणों का उपयोग किया जाता है? [1+1+1=3]
a) Why high beams of light should be used on highways?
b) For safe driving which type of mirrors are used in head lights and rear view mirror of vehicles?
अ) राजमार्गों पर तेज प्रकाश पुंज का प्रयोग: राजमार्गों पर तेज प्रकाश पुंज (हाई बीम) का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि वे लंबी दूरी तक प्रकाश फैलाते हैं, जिससे ड्राइवर को आगे की सड़क, बाधाओं और अन्य वाहनों को दूर से देखने में मदद मिलती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।
ब) दर्पणों के प्रकार:
- हेडलाइट (हैड लाइट): इनमें अवतल दर्पण (concave mirror) का उपयोग किया जाता है। अवतल दर्पण प्रकाश को एक केंद्रित और समानांतर किरण पुंज में परावर्तित करता है, जिससे दूर तक रोशनी पहुँचती है।
- रियर व्यू मिरर (पीछे का दृश्य): इनमें उत्तल दर्पण (convex mirror) का उपयोग किया जाता है। उत्तल दर्पण एक विस्तृत दृश्य क्षेत्र प्रदान करता है, जिससे ड्राइवर पीछे के क्षेत्र को बेहतर ढंग से देख सकता है और सुरक्षित ड्राइविंग कर सकता है।
प्रश्न 6
अ) नारू रोग (बाला) के रोगजनक का नाम लिखिए |
ब) अफीम में पाये जाने वाले दो एल्केलॉयडों के नाम लिखिए |
स) गुटखा चबाने से होने वाले रोग का नाम लिखिए | [1+1+1=3]
a) Write the name of pathogen of naru (Bala) disease.
b) Write the name of two alkaloids found in opium.
c) Write the name of disease caused by Chewing gutkha.
अ) नारू रोग (बाला) का रोगजनक: नारू रोग (जिसे बाला या गिनी वर्म रोग भी कहते हैं) का रोगजनक एक परजीवी कृमि है – ड्रैकुनकुलस मेडिनेंसिस (Dracunculus medinensis)।
ब) अफीम में पाए जाने वाले दो एल्केलॉयड:
- मॉर्फिन (Morphine)
- कोडीन (Codeine)
(अन्य: पैपावेरिन, थेबाइन भी मान्य हैं)
स) गुटखा चबाने से होने वाला रोग: गुटखा चबाने से मुँह का कैंसर (oral cancer) या मुख गुहा का कैंसर हो सकता है।
प्रश्न 7
निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों में -
(i) C + O2 → CO2
(ii) 2H2O विद्युत अपघटन→ 2H2 + O2
- रासायनिक समीकरण (i) तथा (ii) को पहचानकर उसका प्रकार लिखिए।
- समीकरण (i) तथा (ii) में कोई एक अन्तर लिखिए।
- उत्प्रेरक विष तथा उत्प्रेरक वर्धक में एक अन्तर लिखिए।
[I+I+l=3]
उत्तर:
(a) समीकरणों के प्रकार:
- समीकरण (i): C + O2 → CO2 — यह संयोजन अभिक्रिया है, क्योंकि दो अभिकारक (कार्बन और ऑक्सीजन) मिलकर एक उत्पाद (कार्बन डाइऑक्साइड) बनाते हैं।
- समीकरण (ii): 2H2O → 2H2 + O2 — यह अपघटन अभिक्रिया है, क्योंकि एक यौगिक (जल) विद्युत धारा के प्रभाव में दो सरल पदार्थों (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन) में टूट जाता है।
(b) समीकरण (i) और (ii) में अन्तर:
- समीकरण (i) में दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं (संयोजन), जबकि समीकरण (ii) में एक अभिकारक टूटकर दो उत्पाद बनाता है (अपघटन)।
(c) उत्प्रेरक विष तथा उत्प्रेरक वर्धक में अन्तर:
- उत्प्रेरक विष (Catalytic Inhibitor): यह उत्प्रेरक की सक्रियता को कम कर देता है या पूरी तरह समाप्त कर देता है।
- उत्प्रेरक वर्धक (Catalytic Promoter): यह उत्प्रेरक की सक्रियता को बढ़ा देता है, जिससे अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है।
प्रश्न 8
वन उपजाऊ मिट्टी की रक्षा कैसे करते हैं? वनों के संरक्षण हेतु प्रयुक्त चार उपाय बताइए।
[I+I+l=3]
उत्तर:
वन उपजाऊ मिट्टी की रक्षा कैसे करते हैं?
- वनों के पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं, जिससे वायु और जल द्वारा मिट्टी का कटाव (soil erosion) नहीं होता।
- पेड़ों की पत्तियाँ और अन्य जैविक पदार्थ मिट्टी में मिलकर उसे उपजाऊ बनाते हैं और नमी बनाए रखते हैं।
वनों के संरक्षण हेतु चार उपाय:
- वृक्षारोपण (Afforestation): अधिक से अधिक पेड़ लगाना और वन क्षेत्र का विस्तार करना।
- अवैध कटाई पर रोक: वनों की अवैध कटाई को रोकने के लिए सख्त कानून बनाना और उनका पालन करना।
- जागरूकता अभियान: लोगों को वनों के महत्व के बारे में शिक्षित करना और उन्हें संरक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित करना।
- वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान: वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए संरक्षित क्षेत्र बनाना।
प्रश्न 9
प्राचीनतम ग्रन्थ “चरक संहिता” किस भाषा में लिखा गया है? आनुवांशिकी के संदर्भ में चरक की जानकारी समझाइए।
[I+2=3]
उत्तर:
प्राचीनतम ग्रन्थ “चरक संहिता” किस भाषा में लिखा गया है?
- “चरक संहिता” संस्कृत भाषा में लिखा गया है। यह आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
आनुवांशिकी के संदर्भ में चरक की जानकारी:
- चरक ने अपने ग्रंथ में बताया कि बच्चे में माता-पिता दोनों के गुण आते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि संतान में कुछ लक्षण पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं, जो आनुवंशिकी (genetics) की मूल अवधारणा है।
- चरक के अनुसार, गर्भ में शिशु के निर्माण में माता-पिता के शुक्र और शोणित (रक्त) का योगदान होता है, जो आधुनिक आनुवंशिकी में जीन के माध्यम से वंशानुक्रम के सिद्धांत से मेल खाता है।
प्रश्न 20
(अ) टेरीलीन में प्रयुक्त किसी एक एकलक का नाम लिखिए।
उत्तर: टेरीलीन में प्रयुक्त एकलक एथिलीन ग्लाइकॉल (HO–CH₂–CH₂–OH) या टेरेफ्थैलिक अम्ल (HOOC–C₆H₄–COOH) है।
(ब) मार्श गैस का संरचना सूत्र लिखिए।
उत्तर: मार्श गैस (मीथेन) का संरचना सूत्र:
H – C – H
|
H
या रेखीय रूप में: CH₄
(स) CH₃–CH–CH₂–CH=CH₂ का I.U.P.A.C नाम लिखिए।
|
Cl
उत्तर: इस यौगिक का IUPAC नाम 4-क्लोरोपेंट-1-ईन है।
व्याख्या: सबसे लंबी श्रृंखला में 5 कार्बन हैं, द्विबंध कार्बन 1 पर है, और क्लोरीन कार्बन 4 पर जुड़ा है।
प्रश्न 21
जैव चिकित्सीय अपशिष्ट क्या है? इनसे होने वाले दो रोगों के नाम बताइए। भस्मीकरण विधि द्वारा इनके निस्तारण की प्रक्रिया समझाइए।
उत्तर:
जैव चिकित्सीय अपशिष्ट: यह वह अपशिष्ट पदार्थ है जो अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं और चिकित्सा अनुसंधान केंद्रों में उत्पन्न होता है, जैसे प्रयुक्त सुई, बैंडेज, शरीर के अंग, रक्त, रसायन आदि।
इनसे होने वाले दो रोग:
- हेपेटाइटिस B (पीलिया)
- एड्स (HIV संक्रमण)
भस्मीकरण विधि द्वारा निस्तारण: इस विधि में जैव चिकित्सीय अपशिष्ट को उच्च तापमान (800-1000°C) पर विशेष भट्टियों में जलाया जाता है। प्रक्रिया में अपशिष्ट को पहले अलग किया जाता है, फिर भस्मक में डालकर जलाया जाता है। इससे रोगाणु नष्ट हो जाते हैं और राख बचती है, जिसे सुरक्षित रूप से निपटाया जाता है।
खण्ड-स (SECTION - C)
प्रश्न 22
(अ) मछली में किस पोषक तत्व की अधिकता होती है?
उत्तर: मछली में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड की अधिकता होती है।
(ब) अलवणीय जल की मछलियों के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: अलवणीय जल (मीठे पानी) की मछलियों के उदाहरण:
- रोहू (Labeo rohita)
- कतला (Catla catla)
(स) इनका भोजन क्या है?
उत्तर: अलवणीय जल की मछलियों का भोजन मुख्यतः प्लवक (जूप्लवक और फाइटोप्लवक), छोटे कीट, केंचुए, और जलीय पौधे होते हैं।
(द) जलाशय में मछलियों का अधिकतम उत्पादन कैसे किया जाता है?
उत्तर: जलाशय में मछलियों का अधिकतम उत्पादन निम्नलिखित विधियों से किया जाता है:
- मिश्रित मत्स्य पालन: विभिन्न प्रकार की मछलियों (जैसे रोहू, कतला, मृगल) को एक साथ पाला जाता है ताकि जल के सभी स्तरों का उपयोग हो सके।
- उर्वरकों का प्रयोग: जलाशय में जैविक और अजैविक उर्वरक डालकर प्लवक की वृद्धि बढ़ाई जाती है, जो मछलियों का भोजन है।
- संतुलित आहार: मछलियों को पूरक आहार दिया जाता है।
- जल गुणवत्ता प्रबंधन: ऑक्सीजन, तापमान और pH का नियंत्रण किया जाता है।
23) मेण्डल के प्रभाविता के नियम को सउदाहरण समझाइये | मेण्डल के वंशागति के नियमों के कोई दो महत्त्व लिखिए | [2+2=4]
Explain Mendel's law of dominance with example. Write any two importance of Mendel's laws of inheritance.
मेण्डल का प्रभाविता का नियम (Law of Dominance): इस नियम के अनुसार, जब दो विपरीत लक्षणों वाले शुद्ध जीवों (जैसे लम्बे और बौने मटर के पौधे) के बीच संकरण कराया जाता है, तो प्रथम पीढ़ी (F1) में केवल एक लक्षण (प्रभावी लक्षण) ही प्रकट होता है, जबकि दूसरा लक्षण (अप्रभावी) दब जाता है।
उदाहरण: मटर के पौधे में लम्बाई का लक्षण। शुद्ध लम्बे (TT) और शुद्ध बौने (tt) पौधों के संकरण से F1 पीढ़ी में सभी पौधे लम्बे (Tt) प्राप्त हुए। यहाँ लम्बाई का लक्षण प्रभावी है और बौनापन अप्रभावी।
मेण्डल के वंशागति नियमों के दो महत्त्व:
- इन नियमों ने आनुवंशिकी की नींव रखी और लक्षणों के पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरण को समझाया।
- इनके आधार पर कृषि में उन्नत फसलों और पशुओं की नस्लों का विकास संभव हुआ।
24) a) निम्नलिखित कथनो के कारण स्पष्ट कीजिए | [1+1=2]
Give reasons of the following statements -
i) मिल्क ऑफ मैग्नीशिया को आमाशय की अम्लता के उपचार मे प्रयुक्त करते है ।
कारण: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (Mg(OH)₂) एक क्षारीय पदार्थ है। यह आमाशय में उपस्थित अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) को उदासीन कर देता है, जिससे अम्लता से राहत मिलती है।
Reason: Milk of magnesia (Mg(OH)₂) is a base. It neutralizes the excess hydrochloric acid (HCl) present in the stomach, providing relief from acidity.
ii) किसी देश की औद्योगिक प्रगति को सल्फ्यूरिक अम्ल के उपभोग के आधार पर मापी जाती है।
कारण: सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) को रसायनों का राजा कहा जाता है। इसका उपयोग उर्वरक, पेंट, डिटर्जेंट, पेट्रोलियम शोधन, और अनेक रासायनिक उद्योगों में कच्चे माल के रूप में होता है। अतः इसकी खपत देश के औद्योगिक विकास का संकेतक है।
Reason: Sulphuric acid (H₂SO₄) is called the king of chemicals. It is used as a raw material in fertilizers, paints, detergents, petroleum refining, and many chemical industries. Hence, its consumption indicates a country's industrial progress.
24) b) हाइड्रोजन गैस बनाने का नामांकित चित्र बनाइए | [2]
Draw a labelled diagram for preparation of Hydrogen gas.
हाइड्रोजन गैस का प्रयोगशाला में निर्माण:
प्रयोगशाला में हाइड्रोजन गैस जिंक के टुकड़ों और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) की अभिक्रिया से बनाई जाती है।
अभिक्रिया: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
नामांकित चित्र के भाग:
- गैस जनित्र (Gas generator): एक गोल तली फ्लास्क जिसमें जिंक के टुकड़े रखे हैं।
- ड्रॉपिंग फनल (Dropping funnel): इसमें तनु H₂SO₄ भरा है, जो धीरे-धीरे फ्लास्क में टपकता है।
- डिलीवरी ट्यूब (Delivery tube): फ्लास्क से निकलकर पानी के बर्तन में जाती है।
- गैस संग्रह बर्तन (Gas collection jar): पानी के ऊपर उल्टा रखा जाता है, जिसमें हाइड्रोजन गैस एकत्र होती है।
- पानी का बर्तन (Water trough): गैस को पानी के विस्थापन द्वारा एकत्र करने के लिए।
Note: Diagram should show these parts clearly labelled.
25) प्रत्यावर्ती धारा जनित्र की बनावट एवं कार्यविधि का वर्णन कीजिए | [2+2=4]
Explain the construction and working of alternating current generator.
प्रत्यावर्ती धारा जनित्र (AC Generator) की बनावट:
- क्षेत्र चुंबक (Field Magnet): एक शक्तिशाली स्थायी चुंबक या विद्युत चुंबक जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
- आर्मेचर कुंडली (Armature Coil): तांबे के तार की एक आयताकार कुंडली जो चुंबकीय क्षेत्र में घूमती है।
- स्लिप रिंग (Slip Rings): दो वलय जो कुंडली के सिरों से जुड़े होते हैं और कुंडली के साथ घूमते हैं।
- ब्रश (Brushes): कार्बन के ब्रश जो स्लिप रिंगों पर स्थिर रहते हैं और बाहरी सर्किट से जुड़े होते हैं।
कार्यविधि (Working):
- जब आर्मेचर कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में यांत्रिक ऊर्जा (जैसे टरबाइन या इंजन) द्वारा घुमाया जाता है, तो कुंडली में चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है।
- फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न होता है।
- जैसे-जैसे कुंडली घूमती है, प्रेरित धारा की दिशा प्रत्येक अर्ध-चक्र के बाद बदलती है, जिससे प्रत्यावर्ती धारा (AC) उत्पन्न होती है।
- यह धारा स्लिप रिंग और ब्रश के माध्यम से बाहरी सर्किट में प्रवाहित होती है।
महत्वपूर्ण: AC जनित्र में स्लिप रिंग का उपयोग होता है, जबकि DC जनित्र में कम्यूटेटर का।
26)
आ) 75 kg का एक व्यक्ति 25 सेकंड में 5 m ऊँचाई तक चढ़ता है। व्यक्ति द्वारा व्यय शक्ति ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s²)
ब) 9 kg का एक गुटका घर्षण रहित पृष्ठ पर 4 m/s के वेग से गतिमान है। यह एक स्प्रिंग को संपीडित करके विरामावस्था में आ जाता है। यदि स्प्रिंग नियतांक 4 × 10⁴ N/m हो तो स्प्रिंग में संपीडन ज्ञात कीजिए।
[2+2=4]
A person of 75 kg climbs up to a height of 5 m in 25 sec. Calculate the power consumed by person. (g = 10 m/s²)
A block of 9 kg is moving with velocity of 4 m/s on frictionless surface. The block comes to rest by compressing the spring. If spring constant is 4 × 10⁴ N/m then find the compression in the spring.
हल (Solution):
आ) शक्ति ज्ञात करना:
व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य = m × g × h = 75 kg × 10 m/s² × 5 m = 3750 J
समय = 25 s
शक्ति = कार्य / समय = 3750 J / 25 s = 150 W
उत्तर: व्यक्ति द्वारा व्यय शक्ति 150 वॉट है।
ब) स्प्रिंग में संपीडन ज्ञात करना:
गुटके की गतिज ऊर्जा = ½ m v² = ½ × 9 kg × (4 m/s)² = ½ × 9 × 16 = 72 J
यह ऊर्जा स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है:
स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा = ½ k x²
जहाँ k = 4 × 10⁴ N/m, x = संपीडन
½ × (4 × 10⁴) × x² = 72
2 × 10⁴ × x² = 72
x² = 72 / (2 × 10⁴) = 36 × 10⁻⁴
x = √(36 × 10⁻⁴) = 6 × 10⁻² m = 0.06 m
उत्तर: स्प्रिंग में संपीडन 0.06 मीटर (या 6 cm) है।
27) जैव विविधता से आपका क्या अभिप्राय है? जैव विविधता के कोई दो महत्व समझाइए। [2+2=4]
What do you mean by Biodiversity? Explain any two importance of biodiversity.
उत्तर:
जैव विविधता (Biodiversity): जैव विविधता से अभिप्राय पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी प्रकार के जीवों (पौधों, जंतुओं, सूक्ष्मजीवों) तथा उनके बीच पारिस्थितिकी तंत्रों की विविधता से है। इसमें प्रजातियों की विविधता, आनुवंशिक विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की विविधता शामिल है।
जैव विविधता के दो महत्व:
- पारिस्थितिकी संतुलन: जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में मदद करती है। विभिन्न प्रजातियाँ खाद्य श्रृंखला और जैव-भू-रासायनिक चक्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे प्रकृति में संतुलन बना रहता है।
- आर्थिक महत्व: जैव विविधता मनुष्य को भोजन, औषधि, ईंधन, लकड़ी, रेशे आदि प्रदान करती है। कई फसलों और पशुओं की नस्लें जैव विविधता का ही परिणाम हैं, जो कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक हैं।
अथवा / OR
आनुवांशिक विविधता से आपका क्या अभिप्राय है? जैवविविधता संकट के कोई दो कारण समझाइए।
What do you mean by genetic diversity? Explain any two reasons of threats to biodiversity.
उत्तर:
आनुवांशिक विविधता (Genetic Diversity): आनुवांशिक विविधता से अभिप्राय एक ही प्रजाति के विभिन्न सदस्यों के बीच जीनों में पाए जाने वाले अंतर से है। यह विविधता प्रजातियों को विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में अनुकूलित होने में मदद करती है।
जैवविविधता संकट के दो कारण:
- आवास का विनाश: वनों की कटाई, शहरीकरण, कृषि विस्तार और बाँध निर्माण के कारण जीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं, जिससे प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर पहुँच रही हैं।
- अति-दोहन: मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों (जैसे मछली, वन्य जीव, औषधीय पौधे) का अत्यधिक उपयोग और शिकार करने से कई प्रजातियों की संख्या तेजी से घट रही है।
खण्ड - द (SECTION - D)
उत्सर्जन क्या है? मूत्र निर्माण की गुच्छीय निस्पंदन क्रियाविधि को समझाइए। मानव उत्सर्जन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइए। [1+2+2=5]
What is excretion? Explain the mechanism of glomerular filtration in urine formation. Draw a labelled diagram of human excretory system.
उत्तर:
उत्सर्जन (Excretion): उत्सर्जन वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें शरीर से अपशिष्ट पदार्थों (जैसे यूरिया, कार्बन डाइऑक्साइड, अतिरिक्त लवण) को बाहर निकाला जाता है। यह शरीर के आंतरिक वातावरण को संतुलित रखने के लिए आवश्यक है।
गुच्छीय निस्पंदन की क्रियाविधि (Mechanism of Glomerular Filtration):
- रक्त वृक्क धमनी के माध्यम से वृक्क में प्रवेश करता है और गुच्छिका (ग्लोमेरुलस) तक पहुँचता है।
- गुच्छिका में रक्त उच्च दाब पर होता है, जिससे रक्त का तरल भाग (प्लाज्मा) गुच्छिका की केशिकाओं की दीवारों से छनकर बोमैन कैप्सूल में आ जाता है।
- इस निस्पंदन में पानी, ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, लवण और यूरिया जैसे छोटे अणु आ जाते हैं, जबकि रक्त कोशिकाएँ और बड़े प्रोटीन अणु रक्त में ही रह जाते हैं।
- इस प्रक्रिया को गुच्छीय निस्पंदन कहते हैं, और यह मूत्र निर्माण की पहली अवस्था है।
मानव उत्सर्जन तंत्र का नामांकित चित्र:
[चित्र: मानव उत्सर्जन तंत्र में दो वृक्क, दो मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग दिखाए गए हैं। वृक्क में वृक्क धमनी, वृक्क शिरा, गुच्छिका, बोमैन कैप्सूल, नेफ्रॉन आदि का नामांकन किया गया है।]
अथवा / OR
(प्रश्न पत्र में अथवा का कोई विकल्प नहीं दिया गया है।)
29.
तंत्रिका तंत्र का कौनसा भाग पाचक रस के स्त्रावण में वृद्धि करता है।
तंत्रिका आवेग व सन्धि स्थल (Synapse) को परिभाषित कीजिए।
तंत्रिका की संरचना का नामांकित चित्र बनाइये।
[7+2+2=5]
Which part of nervous system increase the secretion of digestive juices.
Define nerve impulse and synapse.
Draw a labelled diagram of structure of neuron.
उत्तर:
1. पाचक रस के स्त्रावण में वृद्धि करने वाला भाग: तंत्रिका तंत्र का परानुकंपी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic Nervous System) पाचक रसों के स्त्रावण को बढ़ाता है। यह वेगस तंत्रिका (Vagus nerve) के माध्यम से पाचन अंगों को उत्तेजित करता है।
2. तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse): तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) में उत्पन्न होने वाला विद्युत-रासायनिक संकेत, जो सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाता है, तंत्रिका आवेग कहलाता है।
सन्धि स्थल (Synapse): दो न्यूरॉनों के बीच या न्यूरॉन और प्रभावकारी अंग (जैसे मांसपेशी या ग्रंथि) के बीच का वह सूक्ष्म अंतराल, जहाँ तंत्रिका आवेग एक कोशिका से दूसरी कोशिका में रासायनिक संदेशवाहक (न्यूरोट्रांसमीटर) के माध्यम से स्थानांतरित होता है, सन्धि स्थल कहलाता है।
3. तंत्रिका (न्यूरॉन) की संरचना का नामांकित चित्र:
(चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाए जाने चाहिएं:)
- कोशिका काय (Cell Body/Soma): केंद्रक युक्त मुख्य भाग।
- डेन्ड्राइट (Dendrites): कोशिका काय से निकली छोटी शाखाएँ, जो आवेग ग्रहण करती हैं।
- एक्सॉन (Axon): लंबा तंतु, जो आवेग को कोशिका काय से दूर ले जाता है।
- माइलिन आवरण (Myelin Sheath): एक्सॉन के चारों ओर वसायुक्त आवरण, जो आवेग के तीव्र संचालन में सहायक होता है।
- रैनवियर की संधियाँ (Nodes of Ranvier): माइलिन आवरण के बीच-बीच में छोटे अंतराल।
- एक्सॉन के अंतिम सिरे (Axon Terminals): एक्सॉन के अंत में शाखित भाग, जो सन्धि स्थल बनाते हैं।
30.
वर्ग में तत्वों का परमाणु आकार ऊपर से नीचे की ओर जाने पर बढ़ता है, कारण स्पष्ट कीजिए।
तत्वों के वर्गीकरण हेतु अष्टक नियम देने वाले वैज्ञानिक का नाम लिखकर अष्टक नियम समझाइए।
रदरफोर्ड मॉडल में इलेक्ट्रॉन के केन्द्र पर स्थित परमाणवीय कण का नाम लिखिए। इस मॉडल की एक विशेषता बताइए।
[7+2+2=5]
Explain why the atomic size of elements increases from top to bottom in a group.
Write name of scientist who has given the octaves rule for classification of elements. Explain octaves rule.
Write the name of atomic particle present at the center of electrons in represented Rutherford's model. Write one characteristics of this model.
उत्तर:
1. परमाणु आकार में वृद्धि का कारण: किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर नए कोश (shell) जुड़ते जाते हैं। प्रत्येक नए कोश के जुड़ने से इलेक्ट्रॉनों और नाभिक के बीच की दूरी बढ़ जाती है। साथ ही, आंतरिक कोशों की परिरक्षण प्रभाव (shielding effect) के कारण नाभिक का आकर्षण बल बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर कम प्रभावी होता है, जिससे परमाणु का आकार बढ़ जाता है।
2. अष्टक नियम (Octaves Rule): इस नियम के प्रतिपादक जॉन न्यूलैंड्स (John Newlands) थे। उन्होंने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया और पाया कि प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं, जैसे संगीत के सप्तक में स्वरों की पुनरावृत्ति होती है। इसे ही अष्टक नियम कहते हैं।
3. रदरफोर्ड मॉडल: रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल में इलेक्ट्रॉनों के केंद्र पर स्थित परमाणवीय कण प्रोटॉन (Proton) है।
इस मॉडल की एक विशेषता: परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान और धनावेश एक अत्यंत छोटे केंद्रक (नाभिक) में केंद्रित होता है, जबकि इलेक्ट्रॉन इसके चारों ओर चक्कर लगाते हैं।
अथवा / OR
आवर्त में तत्वों के धात्विक गुण बाएँ से दाएँ ओर जाने पर घटते हैं, कारण स्पष्ट कीजिए।
तत्व के वर्गीकरण का त्रिक नियम देने वाले वैज्ञानिक का नाम लिखिए, त्रिक नियम समझाइए।
थॉमसन के परमाणु प्रतिरूप में गोले के अन्दर उपस्थित परमाणवीय कणों का नाम लिखिए। मॉडल को एक उदाहरण से समझाइए।
[7+2+2=5]
Explain why the metallic character of elements decreases from left to right in period.
Write the name of scientist who has given a triad law for classification of elements. Explain law of triad.
Write name of the atomic particle present in the sphere of represented Thomson atomic model. Explain model with one example.
उत्तर:
1. धात्विक गुणों में कमी का कारण: आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जिससे संयोजी इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण बल बढ़ जाता है। इससे इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति (धात्विक गुण) कम हो जाती है और इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति (अधात्विक गुण) बढ़ जाती है।
2. त्रिक नियम (Law of Triads): इस नियम के प्रतिपादक जोहान डॉबेराइनर (Johann Döbereiner) थे। उन्होंने समान गुणों वाले तत्वों के तीन-तीन के समूह (त्रिक) बनाए। उनके अनुसार, किसी त्रिक में मध्य वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान, पहले और तीसरे तत्व के परमाणु द्रव्यमानों के औसत के लगभग बराबर होता है। उदाहरण: Li (7), Na (23), K (39) — (7+39)/2 = 23, जो Na का परमाणु द्रव्यमान है।
3. थॉमसन का परमाणु प्रतिरूप: थॉमसन के परमाणु प्रतिरूप (प्लम पुडिंग मॉडल) में गोले के अंदर उपस्थित परमाणवीय कण इलेक्ट्रॉन (Electron) और प्रोटॉन (Proton) हैं।
उदाहरण सहित व्याख्या: थॉमसन के अनुसार, परमाणु एक धनावेशित गोला है जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन एक समान रूप से वितरित रहते हैं, जैसे एक केक में किशमिश (इलेक्ट्रॉन) बिखरी होती हैं। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन परमाणु में एक धनावेशित गोला होता है जिसमें एक इलेक्ट्रॉन स्थित होता है।
प्रश्न 30
अ) माध्यम के अपवर्तनांक की परिभाषा लिखिए।
ब) निकट दृष्टि दोष किसे कहते हैं? इस दोष का निवारण किस प्रकार किया जाता है?
स) काँच के स्लैब में प्रकाश के अपवर्तन का किरण चित्र बनाइए।
[1+2+2=5]
a) Write the definition of refractive index of a medium.
b) What is myopia? How can this defect be corrected?
c) Draw a ray diagram of refraction of light in a glass slab.
अ) माध्यम के अपवर्तनांक की परिभाषा: किसी माध्यम का अपवर्तनांक वह अनुपात है जो निर्वात में प्रकाश की चाल और उस माध्यम में प्रकाश की चाल के बीच होता है। इसे n = c / v द्वारा व्यक्त किया जाता है, जहाँ c निर्वात में प्रकाश की चाल और v माध्यम में प्रकाश की चाल है।
ब) निकट दृष्टि दोष (मायोपिया): यह एक नेत्र दोष है जिसमें व्यक्ति निकट की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। इसका कारण नेत्र लेंस की अत्यधिक वक्रता या नेत्रगोलक का लंबा होना है, जिससे प्रतिबिंब रेटिना के सामने बनता है। निवारण: इस दोष को अवतल लेंस (अपसारी लेंस) के चश्मे का उपयोग करके ठीक किया जाता है, जो प्रकाश किरणों को फैलाकर प्रतिबिंब को रेटिना पर बनने में सहायता करता है।
स) काँच के स्लैब में प्रकाश के अपवर्तन का किरण चित्र: (किरण चित्र में एक आयताकार काँच का स्लैब दिखाया गया है। एक आपतित किरण स्लैब की सतह पर एक कोण पर आपतित होती है, फिर स्लैब के अंदर अपवर्तित होकर दूसरी सतह से बाहर निकलती है। आपतित किरण और निर्गत किरण समानांतर होती हैं, लेकिन उनमें पार्श्व विस्थापन होता है।)
अथवा
अ) आवर्धनता क्या है?
ब) नेत्र की समंजन क्षमता एवं दृष्टि परास को परिभाषित कीजिए।
स) एक बिम्ब उत्तल दर्पण के ध्रुव एवं अनन्त के बीच स्थित है। किरण चित्र बनाकर प्रतिबिम्ब की स्थिति समझाइए।
[1+2+2=5]
a) What is magnification?
b) Define the power of accommodation of an eye and the range of vision.
c) An object is situated between infinite and pole of a convex mirror. Explain the position of image with ray diagram.
अ) आवर्धनता (Magnification): आवर्धनता वह अनुपात है जो किसी दर्पण या लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब के आकार और वस्तु के आकार के बीच होता है। इसे m = h' / h द्वारा व्यक्त किया जाता है, जहाँ h' प्रतिबिम्ब की ऊँचाई और h वस्तु की ऊँचाई है।
ब) नेत्र की समंजन क्षमता (Power of Accommodation): यह नेत्र लेंस की वह क्षमता है जिसके द्वारा वह अपनी फोकस दूरी को बदलकर विभिन्न दूरियों पर स्थित वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकता है। दृष्टि परास (Range of Vision): यह नेत्र द्वारा स्पष्ट दृष्टि की वह सीमा है जो निकट बिंदु (लगभग 25 सेमी) से लेकर दूर बिंदु (अनंत) तक होती है।
स) उत्तल दर्पण में प्रतिबिम्ब की स्थिति: जब वस्तु उत्तल दर्पण के ध्रुव और अनंत के बीच स्थित होती है, तो प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे, ध्रुव और फोकस के बीच बनता है। प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा और छोटा होता है। (किरण चित्र में दो किरणें दिखाई गई हैं: एक किरण दर्पण के ध्रुव पर आपतित होती है और परावर्तित होती है; दूसरी किरण फोकस की ओर जाती है और परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती है। इन परावर्तित किरणों को पीछे बढ़ाने पर वे दर्पण के पीछे एक बिंदु पर मिलती हैं, जो प्रतिबिम्ब की स्थिति दर्शाता है।)
S-07-Science 5003