RBSE Class 10th 2020 ) (Supp.)-S-71-2020 Previous Year Papers
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2020 |
| Subject | ) (Supp.)-S-71-2020 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2020 ) (Supp.)-S-71-2020
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Rajasthan Board Class 10th ) (Supp.)-S-71-2020 2020 solved Previous Year Question Papers
पंजाबी (PUNJABI) (THIRD LANGUAGE)
माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2020
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अंकित करें।
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दिए गए उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों के आंतरिक खंड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ लिखें, प्रत्येक खंड का उत्तर अलग-अलग न लिखें।
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पृष्ठ 2
प्रश्न 6: निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(2+2+2+2+2=10)
-
(क) गुरुमुखी लिपि का विकास किस प्रकार हुआ?
गुरुमुखी लिपि का विकास लांडा लिपि से हुआ है। यह मुख्यतः पंजाबी भाषा लिखने के लिए प्रयोग की जाती है। गुरु अंगद देव जी ने इस लिपि को सरल और व्यवस्थित रूप दिया, जिससे यह गुरुमुखी (गुरु के मुख से) कहलाई।
-
(ख) पंजाबी भाषा के विकास में सिख गुरुओं का क्या योगदान है?
सिख गुरुओं ने पंजाबी भाषा को प्रोत्साहित किया। गुरु नानक देव जी ने पंजाबी में उपदेश दिए, गुरु अंगद देव जी ने गुरुमुखी लिपि विकसित की, और गुरु अर्जन देव जी ने आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन पंजाबी में किया। इससे पंजाबी भाषा को धार्मिक और साहित्यिक पहचान मिली।
-
(ग) पंजाबी की विश्वविद्यालयी शिक्षा में क्या महत्व है? स्पष्ट कीजिए।
पंजाबी भाषा की विश्वविद्यालयी शिक्षा में महत्व यह है कि यह भाषा के संरक्षण, शोध और विकास में सहायक है। विश्वविद्यालयों में पंजाबी साहित्य, व्याकरण और संस्कृति का अध्ययन होता है, जिससे नई पीढ़ी को अपनी भाषा और विरासत से जोड़ा जा सके।
-
(घ) पंजाबी की विश्वविद्यालयी शिक्षा में क्या समस्याएँ हैं? आप कैसे सुधार करेंगे?
समस्याएँ: पाठ्यक्रम में आधुनिकता की कमी, संसाधनों का अभाव, और छात्रों में रुचि की कमी। सुधार: पाठ्यक्रम को रोजगारोन्मुखी बनाना, डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना, और पंजाबी मीडिया व साहित्य के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना।
-
(ङ) निम्नलिखित शब्दों के वाक्य बनाइए:
ओह, उन, नेस, फेसर
- ओह: ओह, यह कितना सुंदर दृश्य है!
- उन: उन लोगों ने बहुत मेहनत की।
- नेस: उसकी नेस (नाक) बहुत तेज है।
- फेसर: फेसर (पिता) जी ने मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)
प्रश्न 2.
दो फीस के लिए फेर फेर गुरु छेघष-ठउठा बते : (0)
- (8) वात भष-भ्पिभ्षापव
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- (A) डिटिश्वातथी ns ड्ैप्नठ
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समाधान: उ्मी dues fes so वे थद्ठाष्टी वठ तते ते | 3a} विठाघां ws ds AgsSt छष्टी पठ टी छेड्ठ |
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प्रश्न 4.
- (8) ‘urd? Quant fess fags tad fee घेली मांटी 2 (2)
- Qn) Uae othe ferine fags fads Jo ? (2)
- (४) ग़॒ठभधी छिपी दि fas 'रंडश्ॉयत' ge ? deer fee | (2)
समाधान: S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.) [Turn over
5. (8) डितेपी प्रघट fad: (वेष्टी डिंठ) (3)
छिमाठटात, THd, Ha, 2d, मठ
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OSH, Ho, wed, Age", vest
(६) far उठ प्रघर्टा ठे 3-3 wounded प्रघट fst ws Saya TST HUH ad - (3)
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6. ds छिपे विष्े fia ofe-de oe Hdfes porst a pe fee : (2:2+2%2+2%2+2% = 0)
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YTHS, YAH, ATS, HIG, ASS
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S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)
प्रश्न 5
दिखें fount ैद्धीश्ां § दिखें Sar छॉडिया | पीशां ठे she set wy cH sian | feat THIS oH Gt ust Sfmt | sw dt fia a उर्तगा fort वॉडिया | 3S Gsdfemn JIS HST HSE |
प्रश्न 6
- छिपवेबड बाढि-प्रउतां a yra fans ag |
- Gudas बाढि-घंट री ढिश्वाधिश्भा fae |
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- we weet s nee fad — sor, दमेघा, fda, 35, Fa |
प्रश्न 7
ठेठ fsx nat fed for te छिंउत fee : (5+5=10)
- Has नर्छटा तपि & wee रा मात nus WEST fe fae |
- ‘aH वत Aide घप्त त AY बाढ़ी रा प्रात अपले प्रघरा fea fae |
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- “'दिम्रापीटाभेछा' afest at प्रात छिघे |
नोट: उपरोक्त प्रश्न पंजाबी भाषा (T.L.) के पूरक प्रश्न-पत्र (S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)) से लिए गए हैं। प्रश्नों के उत्तर छात्रों को स्वयं लिखने हैं।
प्रश्न 8: ठेठ छिपेपूप्नठां टे छंउत fee - (वेष्टी थ॑त्न) :
-
frou मिथ §
इस प्रश्न में दिए गए विकल्पों के अनुसार सही उत्तर चुनें।
-
(भव) भगत dar fw
इस भाग में दिए गए शब्दों को समझें और सही विकल्प चुनें।
-
fass-fada ठां ठाछ Gut रंडी ATT ?
प्रश्न के अनुसार उत्तर दें।
-
fw} frebat ua छिपायीकां ले of Se |
इस प्रश्न का उत्तर दिए गए संदर्भ में दें।
-
(६) डाष्टी भठटाठा ज्ञी रा at Hees” fae flo 2
प्रश्न के अनुसार सही विकल्प चुनें।
-
(A) माय डे विठडी टे see fae frsd Js ?
इस प्रश्न का उत्तर दें।
-
(J) Sua डे Cudtse हुँ मतठैछी Aaa बै-प्र'ज़त fag Sart मी ?
प्रश्न के अनुसार सही उत्तर चुनें।
-
(a) मांडी दंय टा sas feat डिउवात मी ? Shag ?
इस प्रश्न का उत्तर दें।
-
(4) मँगठ रा बउछ fan dais मी ? डे fas ?
प्रश्न के अनुसार सही विकल्प चुनें।
(2+2+2+2+2+-0)
-
(a) fears ठु रत fers au वे ors टी act वी-दी Hat Reet मी ?
इस प्रश्न का उत्तर दें।
प्रश्न 9: ‘acta’ fata रा प्रात ore Beet feg छिघे ।
at fefuget
THES से विछिशां cht बी-वी दिप्नेन्नउादां IS ? eget fas |
S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.) 6)
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प्रश्न 9 से 22: वाच्यपरिवर्तनम् एवं समयलेखनम्
-
9. अहं पठामि।
वाच्यपरिवर्तनम् (कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य): मया पठ्यते।
व्याख्या: 'अहं' कर्ता है, 'पठामि' क्रिया है। कर्मवाच्य में कर्ता 'मया' (तृतीया) और क्रिया 'पठ्यते' (आत्मनेपद, प्रथमपुरुष, एकवचन) होती है।
-
20. छात्रः विद्यालयं गच्छति।
वाच्यपरिवर्तनम् (कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य): छात्रेण विद्यालयः गम्यते।
व्याख्या: 'छात्रः' कर्ता है, 'गच्छति' क्रिया है। कर्मवाच्य में कर्ता 'छात्रेण' (तृतीया), कर्म 'विद्यालयः' (प्रथमा) और क्रिया 'गम्यते' (आत्मनेपद, प्रथमपुरुष, एकवचन) होती है।
-
21. तेन हस्यते।
वाच्यपरिवर्तनम् (कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य): सः हसति।
व्याख्या: 'तेन' कर्ता (तृतीया) है, 'हस्यते' क्रिया है। कर्तृवाच्य में कर्ता 'सः' (प्रथमा) और क्रिया 'हसति' (परस्मैपद, प्रथमपुरुष, एकवचन) होती है।
-
22. घटिकाचित्रसहायतया संस्कृतेन शब्दैः रिक्तस्थाने समयलेखनं कुरुत -
(क) निशा प्रातः विद्यालयं गच्छति।
(ख) अहं प्रतिदिन शयनत्यागं करोमि।
समयलेखनम्:
- (क) निशा प्रातः सप्तवादने विद्यालयं गच्छति। (प्रातः 7 बजे)
- (ख) अहं प्रतिदिन प्रातः पञ्चवादने शयनत्यागं करोमि। (प्रातः 5 बजे)
व्याख्या: घटिकाचित्र (clock) के अनुसार समय को संस्कृत शब्दों में लिखना है। यहाँ सामान्य समय माना गया है।
प्रश्न 23: शुद्धि-अशुद्धि निर्णयः
-
अधोलिखितानि वाक्यानि शुद्धानि वा अशुद्धानि इति लिखत -
-
ते मम मित्राणि अस्ति।
अशुद्धम्
शुद्धम्: ते मम मित्राणि सन्ति। (बहुवचन में क्रिया 'सन्ति' होगी, 'अस्ति' एकवचन है।)
-
भवान् कुत्र गच्छामि?
अशुद्धम्
शुद्धम्: भवान् कुत्र गच्छति? (भवान् के साथ प्रथमपुरुष एकवचन क्रिया 'गच्छति' होगी, 'गच्छामि' उत्तमपुरुष है।)
-
WAS नमः।
अशुद्धम्
शुद्धम्: रामाय नमः। (यहाँ 'राम' शब्द चतुर्थी एकवचन में 'रामाय' होगा, 'WAS' स्पष्ट नहीं है। संभवतः 'राम' है।)
-
24. भवान् राजकीयमाध्यमिक विद्यालय विज्ञाननगरस्य दशम्या: कक्षाया: मनीष: अस्ति। स्व विद्यालयस्य प्रधानाध्यापकाय शिक्षणशुल्कमुक्त्यर्थ प्रार्थनापत्रं लिखतु।
प्रार्थनापत्रम्
सेवायाम्,
प्रधानाध्यापकः,
राजकीयमाध्यमिक विद्यालयः,
विज्ञाननगरम्।
विषयः – शिक्षणशुल्कमुक्त्यर्थ प्रार्थनापत्रम्।
महोदय,
सविनयं निवेदनमस्ति यत् अहं भवतः विद्यालयस्य दशमकक्षायाः छात्रः मनीषः अस्मि। मम पिता कृषकः अस्ति, अतः आर्थिकस्थितिः दृढा नास्ति। अतः शिक्षणशुल्कं दातुं असमर्थः अस्मि। कृपया मम शिक्षणशुल्कं मुक्तं करोतु।
भवदीयः,
मनीषः
दशमकक्षा
अथवा
त्वं स्वकीयं मित्र स्वयात्राविषये अधोलिखितपत्र-मञ्जूषासहायतया रिक्तस्थानानि पूरयित्वा लिखत –
मञ्जूषा: दर्शनयात्रा, तत्र, टीटी, अहं, भ्रमणं, अनुजेभ्यः, अग्रजेभ्यः, जनवरी
जयनगरम्
20 फरवरी, 2020
प्रियमित्र ! आशीष !
कुशल (i) अहं। विगत (ii) जनवरी मासे अहं (iii) दर्शनयात्रा अहमदाबादनगरं गतवान्। तत्र कांकरिया तडागः, साबरमती आश्रमः, भद्रकालीमन्दिरं, जलाराममन्दिरम् इत्यादि दर्शनीयस्थलानां (iv) भ्रमणं मया कृतम्। तत्र (v) टीटी अक्षरधाम इति मन्दिरमपि अपश्यम्। तदपि अतीव मनोहारि। (vi) यात्रा अतीव रमणीया जाता। (vii) अनुजेभ्यः प्रणामाः। (viii) अग्रजेभ्यः स्नेहाशिषः।
भवत्सुहृत्
मनीषः
25. मज्जूषाया: उचितपदै: “क्रीडा' इति विषये संवाद पूरयत -
मज्जूषा: eT, भवान्, किमर्थ, किन्तु, अध्ययनेन, प्रथमं, fara, उत्तीर्ण:
माता — पुत्र ! भवान् एवं सदा क्रीडति चेत् (अध्ययनेन) न भविष्यति |
पुत्रः — मात ! (किमर्थ) तथा वदसि ? अहं क्रीडनानन्तरं पठिष्यामि |
माता — गृहसदस्या: वदन्ति यत् (भवान्) सर्वदा क्रीडति।
पुत्रः — अहं क्रीडामि (किन्तु) पठामि अपि | चिन्ता मास्तु ।
माता — वत्स ! एतत् (सत्यम्) भवतः वचनम्?
पुत्रः — सत्यम् अम्ब ! कक्षायाम् अहमेव (प्रथमं) स्थानं प्राप्तवान् |
माता — अस्तु भवान् क्रीडतु । अहं (चिन्ताम्) न करिष्यामि |
पुत्रः — शिक्षक: वदति-जीवने (क्रीडया) सह क्रीडा अपि आवश्यकी |
26. अधोलिखितेषु वाक्येषु केषाञ्चन चतुर्णा वाक्यानां संस्कृतेन अनुवाद कुरुत -
-
तुम चित्र देखोगे।
उत्तर: भवान् चित्रं द्रक्ष्यति।
-
दुर्जन को धिक्कार।
उत्तर: दुर्जनाय धिक्।
-
वह बकरी को गाँव ले जाता है।
उत्तर: सः अजां ग्रामं नयति।
-
विद्या विनय से शोभित होती है।
उत्तर: विद्या विनयेन शोभते।
-
विवाद मत करो।
उत्तर: विवादं मा कुरु।
-
सदा सत्य बोलो।
उत्तर: सदा सत्यं वद।
27. अधः प्रदत्तचित्र दृष्ट्वा मज्जूषायां प्रदत्तशब्दानां सहायतया संस्कृतेन षड्वाक्यानि निर्माय लिखत –
मज्जूषा: मेलापकः, पुष्करतीर्थमेलापकः, ब्रह्ममन्दिरम्, सरोवरः, आपणाः
- पुष्करतीर्थे मेलापकः भवति।
- ब्रह्ममन्दिरम् अतीव सुन्दरम् अस्ति।
- सरोवरः पवित्रः अस्ति।
- मेलापकः बहुभिः जनैः सह आगच्छति।
- आपणाः विविधवस्तूनां विक्रयणाय सन्ति।
- पुष्करतीर्थमेलापकः धार्मिकजनान् आकर्षति।
अथवा
मज्जूषायां प्रदत्तशब्दानां सहायतया रिक्तस्थानानि पूरयित्वा अनुच्छेद लिखत –
मज्जूषा: अहो, प्रवहति, दृश्यम्, सूर्यस्य, पुष्पाणि
- अहो प्रातःकालः।
- अतीव रमणीयं दृश्यम्।
- प्रातःकाले सूर्यस्य प्रकाशः भवति।
- सर्वत्र शीतलवायुः प्रवहति।
- सूर्यस्य प्रकाशः सर्वत्र प्रसरति।
- उद्याने पुष्पाणि विकसन्ति।
प्रश्न 28
अधोलिखितवाक्यानि क्रमरहितानि सन्ति। यथाक्रमं संयोजनं कृत्वा लिखत।
- जागरूकाः अभवन्।
- आग्लसैनिकैः मानगढपर्वतः समाक्रान्तः।
- गोविन्दगुरुः “सम्पसभा” इति संस्थायाः स्थापना कृतवान्।
- प्रतिवर्षम् अधिवेशनम् इति निश्चितम्।
- मानगढपर्वतोपरि सम्पसभायाः प्रथमम् अधिवेशनम् अभवत्।
- आंग्लशासकाः रुष्टाः अभवन्।
यथाक्रमं संयोजनम्:
- गोविन्दगुरुः “सम्पसभा” इति संस्थायाः स्थापना कृतवान्।
- प्रतिवर्षम् अधिवेशनम् इति निश्चितम्।
- मानगढपर्वतोपरि सम्पसभायाः प्रथमम् अधिवेशनम् अभवत्।
- जागरूकाः अभवन्।
- आंग्लशासकाः रुष्टाः अभवन्।
- आग्लसैनिकैः मानगढपर्वतः समाक्रान्तः।