RBSE Class 10th 2020 )-S-74-2020 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2020 |
| Subject | )-S-74-2020 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2020 )-S-74-2020
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Rajasthan Board Class 10th )-S-74-2020 2020 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2020
SECONDARY EXAMINATION – 2020
सिन्धी
SINDHI
(Third Language)
समय : 3 घंटे | पूर्णांक : 80
नोट : सभेई सुवाल करणु जरूरी आहिनि।
Sl. No. : ___________ नामांक / Roll No. : ___________
No. of Questions – 26 | S-74-Sindhi (T.L.)
No. of Printed Pages – 7
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S-74-Sindhi (T.L.) | 5309 | [Turn over]
RBSE Class 10th 2020 – Sindhi (T.L.) – Previous Year Question Paper (Page 2 of 7)
प्रश्न 1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
विद्यार्थी जीवन तियारीअ अंत जीवन आहे, जंहिं में इंसान खे फेस वक्त जी मुसीबतुनि, औरस ऐं अणवर्णदड़ आज़मूदनि जो मुक़बिलो करणु जी तियारी करिणी थी पवे। उन वक्ति ई बार खे तड़लीम हासिलु करण लाइ, कहिं न अ स्कूल में वजिणो थो वल उन अफद बार जो मन कोमल ऐं कचिड़ो थिए एत ऐं संदसि मन ते जेके असर पवनि था, से सजी उमिरि काइयु रहनि था। सिस्ट करे विद्यार्थी जीवनु मनुष्य जीवन जो हिक अस्त अहिमियत अंत स्टेट आहे। हर मुल्क जी अच्छ सास विद्यार्थियुनि ते आधारु रखे थी। आदर्श ऐं लाइकु विद्यार्थी पहिंजे मुल्क ऐं समाज जे लाइ वडो सहारो आहिनि। अग्रिते हली से खे ई मुल्क जे कारोबार जी...
नोट : सभी सवाल करण ज़रूरी आहिनि।
प्रश्न 2. हेठिएँ टुकिरे खे पढ़ी सुवालनि जा जवाब लिखो:
- विद्यार्थी जीवन किसे तियारीअ अंत जीवन आहे?
- विद्यार्थी जीवन में मन कोमल ऐं कचिड़ो क्यों थिए?
- आदर्श ऐं लाइकु विद्यार्थी पहिंजे मुल्क ऐं समाज जे लाइ क्या आहिनि?
- हर मुल्क जी अच्छ सास किस ते आधारु रखे थी?
प्रश्न 3. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ):
- विद्यार्थी जीवन को किस रूप में देखा गया है?
- (1) तियारीअ अंत जीवन
- (2) मुसीबतुनि जी जिंदगी
- (3) आराम जी जिंदगी
- (4) कोई नहीं
सही उत्तर: (1) तियारीअ अंत जीवन
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, विद्यार्थी जीवन तियारीअ अंत जीवन (तैयारी का जीवन) है, जहाँ इंसान भविष्य की मुसीबतों का सामना करने की तैयारी करता है।
- विद्यार्थी जीवन में मन कोमल ऐं कचिड़ो क्यों थिए?
- (1) उम्र के कारण
- (2) तड़लीम हासिल करण लाइ
- (3) मुसीबतुनि जी वजह से
- (4) स्कूल में वजिणो थो
सही उत्तर: (1) उम्र के कारण
व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि उस बार (उस समय) मन कोमल और कचिड़ो (कोमल और कच्चा) होता है, जो उम्र के कारण होता है।
- आदर्श ऐं लाइकु विद्यार्थी पहिंजे मुल्क ऐं समाज जे लाइ क्या आहिनि?
- (1) बोझ
- (2) सहारो
- (3) समस्या
- (4) कोई नहीं
सही उत्तर: (2) सहारो
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, आदर्श और लायक विद्यार्थी अपने मुल्क और समाज के लिए बड़ा सहारा (सहारो) होते हैं।
- हर मुल्क जी अच्छ सास किस ते आधारु रखे थी?
- (1) शिक्षकों पर
- (2) विद्यार्थियों पर
- (3) अभिभावकों पर
- (4) सरकार पर
सही उत्तर: (2) विद्यार्थियों पर
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट है कि हर मुल्क की अच्छी सास (अच्छी स्थिति) विद्यार्थियों पर आधारित होती है।
प्रश्न 4. लघु उत्तरीय प्रश्न:
- विद्यार्थी जीवन को तियारीअ अंत जीवन क्यों कहा गया है?
उत्तर: विद्यार्थी जीवन को तियारीअ अंत जीवन (तैयारी का जीवन) इसलिए कहा गया है क्योंकि इस समय इंसान भविष्य में आने वाली मुसीबतों, कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने की तैयारी करता है। यह जीवन का वह चरण है जहाँ शिक्षा और अनुभव के माध्यम से व्यक्ति को आगे के जीवन के लिए मजबूत बनाया जाता है।
- आदर्श ऐं लाइकु विद्यार्थी समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: आदर्श और लायक विद्यार्थी समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे अपने मुल्क और समाज के लिए बड़ा सहारा (सहारो) होते हैं। वे शिक्षित, नैतिक और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज की उन्नति में योगदान देते हैं। उनके आदर्श व्यवहार और ज्ञान से समाज को दिशा मिलती है।
प्रश्न 5. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
गद्यांश के आधार पर विद्यार्थी जीवन के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: गद्यांश के अनुसार, विद्यार्थी जीवन मनुष्य जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अस्त (हिस्सा) है। यह जीवन तियारीअ अंत (तैयारी का) है, जहाँ इंसान भविष्य की मुसीबतों, कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने की तैयारी करता है। इस समय मन कोमल और कचिड़ो (कोमल और कच्चा) होता है, जिस पर जो भी असर पड़ता है, वह जीवन भर रहता है। इसलिए इस समय शिक्षा और संस्कारों का विशेष महत्व है। हर मुल्क की अच्छी स्थिति विद्यार्थियों पर आधारित होती है, क्योंकि आदर्श और लायक विद्यार्थी ही अपने मुल्क और समाज के लिए बड़ा सहारा (सहारो) बनते हैं। इस प्रकार, विद्यार्थी जीवन न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
— पृष्ठ 2 का अंत —
प्रश्न 42
विद्यार्थी जीवन कहिड़ो जीवन ae? समाज ऐं मुल्क जी तरकी जो आधार केरु आहिनि। विद्यार्थीअ लाइ छा ज़रूरी आहे ?
मथिएँ टुकिरे जो सारु लिखो |
उत्तर: विद्यार्थी जीवन एक ऐसो जीवन आहे जे समाज आणि मुल्क जी तरकी जो आधार आहे। विद्यार्थीअ लाइ पंहिंजे जीवनु ठाहिनि आणि गुणनि जो विकास कनि, जींअं त ह् मुल्क जा सचा रहिबर बणिजी सघनि।
प्रश्न 43
ज़िद लिखो :- आशा
उत्तर: आशा जो ज़िद: उम्मीद, आस, भरोसो।
प्रश्न 44
जिंस बदिलायो :- dis
उत्तर: dis जो जिंस बदिलायो: दिन (दिवस)।
प्रश्न 45
weg बदिलायो :- बकिरी
उत्तर: बकिरी जो weg बदिलायो: बकरा (नर बकरी)।
प्रश्न 46
माना लिखो :- मिस्कीन
उत्तर: मिस्कीन जो माना: गरीब, दीन, निर्धन।
प्रश्न 47
इस्मु छा खे चड़बो आहे?
- (A) ६२
- (B) ७०
- (C) ५०
- (D) ४४
उत्तर: (B) ७०
स्पष्टीकरण: प्रश्न अनुसार, इस्मु छा खे चड़बो आहे, याचो सही उत्तर ७० आहे।
प्रश्न 48
हेठियनि इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिले में कमि आणियो (के fa a)
- Hat जो कारो हुअणु
- पुठी ठपणु
- कनु भरणु
- गीह जा डीआ बारणु
उत्तर:
- Hat जो कारो हुअणु: हात जो काम हुअणु (हाताचे काम होणे)
- पुठी ठपणु: पाठी ठपणु (पाठीवर ठप्पा लावणे)
- कनु भरणु: कान भरणु (कान भरणे)
- गीह जा डीआ बारणु: गीह जा डीआ बारणु (घराचे दिवे बारणे)
जुमिले में कमि आणियो: या इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिले में कमि आणियो आहे।
प्रश्न 4 (I3) डुखियनि लफ़्ज़नि जी माना लिखो :- (के fag)
- मुराद
- डातारू
- Geet
- हैरत
उत्तर:
- मुराद – इच्छा या मंशा
- डातारू – दाता या देने वाला
- Geet – गीत
- हैरत – आश्चर्य
प्रश्न 5 (I4) हेठियनि जुमिलनि मां ज़मीर चूंडे लिखो :-
- असीं सुभाणे पिकनिक ते बेंदासीं।
- हीअ मुंहिजी कार ae।
उत्तर:
- असीं सुभाणे पिकनिक ते बेंदासीं। – इसमें 'असीं' सर्वनाम है।
- हीअ मुंहिजी कार ae। – इसमें 'हीअ' सर्वनाम है।
प्रश्न 6 (I5) सागीअ माना वारा लफ़्ज लिखो :- (के faa)
- arta
- पीड़ा
- कोमल
- मर्ज़ी
उत्तर:
- arta – आर्त (दुखी)
- पीड़ा – पीड़ा (दर्द)
- कोमल – कोमल (नरम)
- मर्ज़ी – मर्ज़ी (इच्छा)
प्रश्न 7 (6) कंहि fa हिक विषय ते अटिकल 200 लफ़्ज़नि में मज़मून लिखो।
- मोबाइल फोन वरदान या अभिशाप।
- असांजा सिन्धी डिणवार।
- वधन्दड़ बेरोजगारी ऐं उनजो हलु।
- मुंहिजो सुहिणो सपनो।
उत्तर: यह एक निबंधात्मक प्रश्न है। विद्यार्थी को दिए गए विषयों में से किसी एक पर लगभग 200 शब्दों में निबंध लिखना है।
प्रश्न 8 (7) aegis मोहल्ले में गंदे पाणीअ जी सप्लाई बाबत जलदाय विभाग खे दरख्वास्त लिखो।
या
पहिंजे दोस्त/साहेड़ीअ खे भाउ जी शादीअ में अचण लाइ नींड भरियो ख़तु लिखो।
उत्तर: यह एक पत्र लेखन का प्रश्न है। विद्यार्थी को दिए गए दो विकल्पों में से किसी एक पर पत्र लिखना है।
(18) स्कूल में 'हेमू कालाणी' जयंती मनाइणु जी रिपोर्ट लिखो।
रिपोर्ट: हेमू कालाणी जयंती समारोह
दिनांक: 15 अक्टूबर 2020, हमारे विद्यालय में हेमू कालाणी जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई। प्रधानाचार्य ने हेमू कालाणी के बलिदान पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने भाषण और गीत प्रस्तुत किए। अंत में मिठाई वितरण की गई। यह कार्यक्रम सफल रहा।
(19) हवालो समझायो:
हवालो: "हिकिड़ो चांहि जो कोपु पीयणो, तंहिं केतिरो खणी आडम्बरू हत अथव, केडा क़ाइदा कढिया अथव।"
अर्थ: इस हवाले का अर्थ है कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणामों पर विचार करना चाहिए। यह जीवन में सावधानी और विवेक की आवश्यकता को दर्शाता है।
या: "जागाइणु डोहु हय पर सुम्हारणु डोहु आहे।"
अर्थ: इस हवाले का अर्थ है कि जागरूक रहना और सावधानी बरतना जीवन में महत्वपूर्ण है। यह हमें सतर्कता और समझदारी से काम लेने की सीख देता है।
(20) हेठियनि मां किनि टिनि सुवालनि जा जवाब लिखो (30-40 लफ्ज़नि में):
- शीरींअ जो अग कींअं ज़ाहिर थियो?
शीरींअ का अग ज़ाहिर नहीं था, बल्कि वह छिपा हुआ था। यह उसकी विनम्रता और सादगी को दर्शाता है। - मारुईअ उमर जे कोट में कीअ गुज़ारियो?
मारुईअ ने अपनी उमर कोट में कठिनाइयों और संघर्षों के बीच गुज़ारा। वहाँ उसने धैर्य और साहस का परिचय दिया। - गेद उत्तमचन्दाणी जो जनम कडहिं ऐं किथे थियो?
गेद उत्तमचन्दाणी का जनम सिंध में हुआ था। वह एक प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। - कत्लाराम पंहिंजी आखिरी ख्वाहिश कहिड़ी प्रकट कई?
कत्लाराम ने अपनी आखिरी ख्वाहिश यह प्रकट की कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी याद में कुछ अच्छा काम किया जाए।
(21) 'पराए मास में काती' कहाणी अ लफ़्ज़नि में लिखो।
या: 'सफेद गा' कहाणीअ में कहिड़ो संदेश समायल आहे? समुझायो।
उत्तर: 'पराए मास में काती' कहानी में एक व्यक्ति की कहानी है जो दूसरों के घर में काम करता है और अपने परिवार से दूर रहता है। यह कहानी मानवीय संबंधों और त्याग की भावना को दर्शाती है।
या: 'सफेद गा' कहानी में संदेश यह है कि सच्चाई और ईमानदारी ही जीवन में सफलता दिलाती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि कठिनाइयों के बावजूद सही रास्ते पर चलना चाहिए।
प्रश्न 22
(22) 'पढ़िजे' मज़मून जे लेखक परमानन्द मेवाराम जो परिचय लिखो।
या
या 'पंढ़ी जो साथी' सफ़रनामे जे लेखक श्री जेठो लालवाणी जो परिचय लिखो।
परमानन्द मेवाराम जो परिचय: परमानन्द मेवाराम सिन्धी साहित्य के मशहूर लेखक और शिक्षाविद् थे। उनका जन्म सिन्ध में हुआ था। उन्होंने 'पढ़िजे' जैसे मज़मून (निबंध) लिखे जो सिन्धी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उनकी लेखनी सरल और प्रभावशाली है।
या
श्री जेठो लालवाणी जो परिचय: श्री जेठो लालवाणी सिन्धी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक और यात्री थे। उन्होंने 'पंढ़ी जो साथी' नामक सफ़रनामा (यात्रा वृत्तांत) लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी यात्राओं के अनुभवों का वर्णन किया है। उनकी रचनाएँ सिन्धी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 23
(23) बैत जो मतलबु लिखो :
हीरो जनमु न हारि, मूर्ख मन जे भाइ तूं,
मिली साध संगति सां, अविद्या भरमु निवारि,
पंहिजो पाणु संभारि, त सुखी थिएं 'सामी' चए!
या
मुहिंजो जीवनु जल जी धारा,
आहिं ऐं गं जंहिंजा ब॒ किनारा,
सहसे सूरज चंड, सितारा,
गोया मुहिंजी जीवन-जोती !
पहली बैत का मतलब: इस बैत में 'सामी' कहते हैं कि हे मूर्ख मन के भाई! तू अपना जन्म (जीवन) मत हार। यदि तू साधु-संतों की संगति पाएगा, तो तेरी अज्ञानता और भ्रम दूर हो जाएंगे। अपने प्राणों को संभाल (सावधान रह), तभी तू सुखी होगा।
या
दूसरी बैत का मतलब: इस बैत में कवि कहता है कि मेरा जीवन जल की धारा के समान है, जिसका कोई किनारा नहीं है। सूरज, चाँद और तारे सहनशील हैं, मानो मेरे जीवन की ज्योति हैं। यह जीवन की अनिश्चितता और प्रकृति के साथ तादात्म्य को दर्शाता है।
प्रश्न 24
(24) [4]
निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
- बैत जो मतलबु लिखो: "हीरो जनमु न हारि..." (पूर्ण बैत)
- बैत जो मतलबु लिखो: "मुहिंजो जीवनु जल जी धारा..." (पूर्ण बैत)
- उपरोक्त बैतों में से किसी एक का भावार्थ लिखो।
उत्तर: यह प्रश्न पिछले प्रश्न (23) से संबंधित है। विद्यार्थी को दो बैतों में से किन्हीं दो का मतलब या भावार्थ लिखना है। ऊपर दिए गए उत्तरों का उपयोग करें।
प्रश्न 24 से 26 (उत्तर सहित)
(24) हेठियनि मां किनि fa टिनि सुवालनि जा जवाब लिखो: (अटिकल 30-40 लफ्ज़नि में) [2+2+2=6]
-
हारी छा-छा कनि था?
हारी छा-छा कनि था मतलब है कि हार (पराजय) को स्वीकार करना और उससे सीख लेना। यह जीवन में आगे बढ़ने का एक तरीका है, जहां हार को अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत माना जाता है।
-
कवी हरी 'दिलगीर' ज़िन्दगी कहिंजे मिसलि समझी आहे?
कवी हरी 'दिलगीर' ज़िन्दगी को एक मुश्किल और दुखद सफर के रूप में समझते हैं। उनके अनुसार, ज़िन्दगी में दुख और खुशी दोनों हैं, लेकिन दिलगीर (उदास) व्यक्ति के लिए यह और भी कठिन हो जाती है।
-
"कदुरू कखनि जो कोन सुआणे' जो कहिड़ो मतिलब आहे?
इसका मतलब है कि कड़वी बातें कहने वाला कोई नहीं सुनता। यानी लोग मीठी और चापलूसी भरी बातें सुनना पसंद करते हैं, जबकि सच्ची और कड़वी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं।
-
शाइरू उजिड़ियल चमन खे कीअं at ठाहिण चाहे?
शाइरू उजिड़ियल चमन (बर्बाद बगीचे) को फिर से हरा-भरा करना चाहता है। वह इसे अपनी शायरी और कल्पना के जरिए सजाना और संवारना चाहता है, ताकि वह फिर से खूबसूरत बन सके।
(25) हंदराज दुखायल "अइट जो आवाज़" में कहिड़ो संदेश डिनो आहे? [6]
हंदराज दुखायल की रचना "अइट जो आवाज़" (अंत की आवाज़) में यह संदेश दिया गया है कि जीवन में अंत निश्चित है, लेकिन हमें अपने कर्मों और विचारों से ऐसी छाप छोड़नी चाहिए जो हमेशा याद रखी जाए। यह आवाज़ हमें सचेत करती है कि समय का सदुपयोग करें और दूसरों के लिए प्रेरणा बनें।
या
"पैसे ऐं रूपए जी गुफ़्तगू" पंहिंजनि लफ़्जनि में लिखो। [4]
"पैसे ऐं रूपए जी गुफ़्तगू" में पैसे और रुपए के बीच बातचीत को दर्शाया गया है। पैसा कहता है कि वह छोटा है लेकिन उपयोगी है, जबकि रुपया कहता है कि वह बड़ा है और अधिक मूल्यवान है। यह संवाद दिखाता है कि दोनों का अपना महत्व है, लेकिन इंसान को इनके पीछे नहीं भागना चाहिए बल्कि इनका सही उपयोग करना चाहिए।
(26) अर्जुन शाद' जी गज़ल खे पंहिजनि लफ़्जनि में लिखो। [4]
अर्जुन शाद की गज़ल में प्रेम, विरह और जीवन के दर्द को बयां किया गया है। उनकी गज़ल में शब्दों का चयन बहुत सुंदर है और भावनाओं को गहराई से व्यक्त किया गया है। वे प्रेमी के दिल की बात को सरल और मार्मिक ढंग से पेश करते हैं।
या
कवी बेवसि पहिंजे बैत में कुदरत an si साराह कहिड़े नमूने कई आहे ? समुझायो।
कवी बेवसि अपने बैत (दोहे) में कुदरत (प्रकृति) की सुंदरता और उसके विभिन्न रूपों का वर्णन करते हैं। वे प्रकृति के नमूनों जैसे फूल, पेड़, नदी, और हवा को मानव जीवन से जोड़कर समझाते हैं। उनके अनुसार, कुदरत हमें सिखाती है कि जीवन में सादगी और सुंदरता दोनों का होना जरूरी है।