RBSE Class 10th 2020 Science-S-07-2020 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2020
Subject Science-S-07-2020
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th Science-S-07-2020 2020 solved Previous Year Question Papers

माध्यमिक परीक्षा, 2020
SECONDARY EXAMINATION, 2020

विज्ञान
SCIENCE

समय : 3¼ घण्टेपूर्णांक : 80


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidates must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.

नामांक Roll No.SI.No. :

No. of Questions - 30S-07-Science
No. of Printed Pages —

प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER

S-07-Science 5303   [ Turn Over

खण्ड - अ / SECTION - A

1) प्रत्येक जबड़े में रदनकों की संख्या कितनी होती है?
How many canines in each jaw?

उत्तर / Answer: प्रत्येक जबड़े में 2 रदनक (canines) होते हैं।
There are 2 canines in each jaw.


प्रश्न-पत्र संबंधी सामान्य निर्देश / General Instructions

5) प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि / अंतर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।

If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

6) खण्ड, प्रश्न संख्या एवं अंक विवरण / Section, Q. Nos. & Marks Details:

खण्ड / Section प्रश्न संख्या / Q. Nos. प्रत्येक प्रश्न के अंक / Marks Per Question
A 1 1
B 2 – 21 3
C 22 – 27 4
D 28 – 30 5

7) प्रश्न क्रमांक 27 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं ।
There are internal choices in Q. No. 27 to 30.


S-07-Science 5303

प्रश्न 2 से 7 (लघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 2

कौनसा प्रतिरक्षी प्रथम उत्पादित किया गया था?

Which antibody was first produced?

उत्तर: प्रथम उत्पादित प्रतिरक्षी IgM (इम्यूनोग्लोबुलिन M) है। यह संक्रमण के प्रारंभिक चरण में शरीर द्वारा निर्मित होता है और रक्त में पाया जाता है।

प्रश्न 3

श्रृंखलन से आप क्या समझते हैं?

What do you understand by "Catenation"?

उत्तर: श्रृंखलन (Catenation) कार्बन परमाणुओं की वह क्षमता है जिसमें वे आपस में सहसंयोजक बंधों द्वारा जुड़कर लंबी श्रृंखलाएँ, शाखाएँ या वलय बना सकते हैं। यह कार्बन का एक विशिष्ट गुण है, जिसके कारण कार्बनिक यौगिकों की असंख्य संभावनाएँ होती हैं।

प्रश्न 4

ऊर्जा संरक्षण नियम लिखिए।

Write the law of conservation of energy.

उत्तर: ऊर्जा संरक्षण नियम के अनुसार, "ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।" किसी पृथक निकाय में कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।

प्रश्न 5

राजस्थान का राज्य वृक्ष कौनसा है? इसका वैज्ञानिक नाम लिखिए।

Which is the state tree of Rajasthan? Write its scientific name.

उत्तर: राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी (Khejri) है। इसका वैज्ञानिक नाम Prosopis cineraria है।

प्रश्न 6

कोरल (प्रवाल) का बाह्य कंकाल किस रासायनिक पदार्थ का बना होता है?

Exo-skeleton of Coral is formed from which chemical substance?

उत्तर: कोरल (प्रवाल) का बाह्य कंकाल कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) का बना होता है। यह प्रवाल पॉलिप द्वारा स्रावित किया जाता है और कठोर संरचना प्रदान करता है।

प्रश्न 7

भारत के किस घाट पर मैकाक बंदर पाये जाते हैं?

Lion tail Macaque Monkeys are found at which ghat of India?

उत्तर: लायन टेल्ड मैकाक (शेरपूंछी बंदर) भारत के पश्चिमी घाट (Western Ghats) के वर्षावनों में पाए जाते हैं। यह एक लुप्तप्राय प्रजाति है और मुख्यतः केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के क्षेत्रों में पाई जाती है।

8) केल्सिफिरोल (D) की कमी से कौनसा रोग हो जाता है?

Which disease is caused by deficiency of calciferol (D)?

उत्तर: केल्सिफिरोल (विटामिन D) की कमी से रिकेट्स (Rickets) रोग हो जाता है, जिसमें हड्डियाँ मुलायम और कमजोर हो जाती हैं।

9) कौनसा आर एच (Rh) कारक सबसे महत्वपूर्ण है?

Which Rh factor is most important?

उत्तर: Rh D (Rh पॉजिटिव) कारक सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सबसे अधिक प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है और रक्त आधान तथा गर्भावस्था में समस्या पैदा कर सकता है।

0) सर्वग्राही रक्त समूह कौनसा है?

Which blood group is universal blood recipient?

उत्तर: AB पॉजिटिव (AB+) रक्त समूह सर्वग्राही (universal recipient) होता है, क्योंकि इसमें A और B दोनों प्रतिजन होते हैं और यह किसी भी रक्त समूह से रक्त ले सकता है।

l) एक छड़ चुम्बक के लिए चुम्बकीय रेखाएँ प्रदर्शित कीजिए।

Represent the magnetic field lines of a bar magnet.

उत्तर: एक छड़ चुम्बक के लिए चुम्बकीय रेखाएँ उत्तरी ध्रुव (N) से निकलकर दक्षिणी ध्रुव (S) में प्रवेश करती हैं। ये रेखाएँ बंद वक्र होती हैं और चुम्बक के बाहर N से S की ओर तथा चुम्बक के अंदर S से N की ओर जाती हैं। रेखाएँ ध्रुवों के पास अधिक घनी होती हैं।

खण्ड - ब
SECTION - B

2) अपक्षयण की शक्तियाँ क्या हैं? कृषि में ये किस प्रकार उपयोगी हैं? समझाइए।

What are weathering forces? How are they useful in agriculture? Explain.

उत्तर: अपक्षयण की शक्तियाँ वे प्राकृतिक कारक हैं जो चट्टानों को तोड़कर मिट्टी में बदल देती हैं। इनमें मुख्यतः जल, वायु, तापमान परिवर्तन और जैविक क्रियाएँ शामिल हैं।

कृषि में उपयोगिता: अपक्षयण से चट्टानें टूटकर छोटे-छोटे कणों में बदल जाती हैं, जो मिट्टी का निर्माण करते हैं। यह मिट्टी में खनिज तत्व (जैसे पोटैशियम, फॉस्फोरस) छोड़ता है, जो पौधों के लिए पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इस प्रकार अपक्षयण उपजाऊ मिट्टी बनाने में सहायक होता है।

3) "उत्परिवर्तन" शब्द किसने दिया? लैमार्क के मतानुसार नई जातियों के उद्भव को समझाइए।

Who coined the term "Mutation"? Explain the origin of new species by Lamarck theory.

उत्तर: "उत्परिवर्तन" (Mutation) शब्द ह्यूगो डी व्रीज़ (Hugo de Vries) ने दिया था।

लैमार्क के मतानुसार नई जातियों का उद्भव: लैमार्क ने अपने "उपार्जित लक्षणों का वंशानुक्रम" सिद्धांत में बताया कि जीव अपने पर्यावरण के अनुसार नए अंगों का विकास करते हैं (उपयोग-अनुपयोग का नियम) और ये उपार्जित लक्षण अगली पीढ़ी में स्थानांतरित हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, जिराफ की लंबी गर्दन ऊँचे पेड़ों की पत्तियाँ खाने के लिए लगातार गर्दन खींचने से विकसित हुई और यह लक्षण संतानों में चला गया, जिससे नई जाति का उद्भव हुआ।

प्रश्न 4

कल्पना कीजिए आप अन्तर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाकर आये हैं। वहाँ आपने जो अनुभव किया, अपने मित्रों से साझा कीजिए।

अनुभव साझा करने के लिए मुख्य बिंदु:

  • अंतरिक्ष स्टेशन पर भारहीनता का अनुभव होता है, जहाँ वस्तुएँ तैरती रहती हैं।
  • पृथ्वी को ऊपर से देखना अद्भुत होता है, जहाँ महाद्वीप, महासागर और बादल स्पष्ट दिखाई देते हैं।
  • सूर्योदय और सूर्यास्त हर 90 मिनट में होते हैं, जो बहुत तेजी से बदलते हैं।
  • अंतरिक्ष में भोजन और पानी विशेष पैकेट में होते हैं, और सोने के लिए स्लीपिंग बैग का उपयोग किया जाता है।
  • वैज्ञानिक प्रयोग करना और पृथ्वी के वातावरण का अध्ययन करना रोमांचक होता है।

प्रश्न 5

a) वाहनों की हैडलाइट पर पीले रंग का पेपर क्यों चिपकाया जाता है?

पीले रंग का पेपर इसलिए चिपकाया जाता है क्योंकि पीला प्रकाश कोहरे, धुंध या बारिश में कम बिखरता है। यह सफेद प्रकाश की तुलना में अधिक दूर तक जाता है और विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों के चालकों को चकाचौंध नहीं करता, जिससे सुरक्षित ड्राइविंग में मदद मिलती है।

b) सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अच्छी नेत्र दृष्टि का महत्व समझाइए।

अच्छी नेत्र दृष्टि सुरक्षित ड्राइविंग के लिए आवश्यक है क्योंकि:

  • यह सड़क के संकेतों, ट्रैफिक लाइटों और अन्य वाहनों को स्पष्ट रूप से देखने में मदद करती है।
  • दूरी और गति का सही अनुमान लगाने में सहायक होती है, जिससे दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
  • रात में या खराब मौसम में भी वस्तुओं को पहचानने में सक्षम बनाती है।
  • खराब दृष्टि से चालक को देर से प्रतिक्रिया करनी पड़ती है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है।

प्रश्न 6

a) अफीम पादप के कौनसे भाग से प्राप्त होती है?

अफीम पादप के कच्चे फल (कैप्सूल) से प्राप्त होती है। फल को काटने पर निकलने वाले दूधिया रस को सुखाकर अफीम बनाई जाती है।

b) अफीम का उपयोग लिखिए।

  • चिकित्सा में दर्द निवारक (जैसे मॉर्फिन) के रूप में उपयोग होता है।
  • अनिद्रा और खांसी की दवाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • अवैध रूप से नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग होता है, जो हानिकारक है।

c) अफीम के पादप का वानस्पतिक नाम लिखिए।

अफीम के पादप का वानस्पतिक नाम Papaver somniferum है।

प्रश्न 7

a) समांगी एवं विषमांगी उत्प्रेरण में अन्तर लिखिए। प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।

समांगी उत्प्रेरण विषमांगी उत्प्रेरण
उत्प्रेरक और अभिकारक एक ही प्रावस्था में होते हैं (जैसे दोनों गैस या द्रव)। उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न प्रावस्थाओं में होते हैं (जैसे ठोस उत्प्रेरक और गैस अभिकारक)।
उदाहरण: सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) द्वारा एथिलीन का जलयोजन कर एथेनॉल बनाना। उदाहरण: लोहा (Fe) उत्प्रेरक द्वारा हेबर विधि में अमोनिया का निर्माण।

b) एक उदासीनीकरण अभिक्रिया का उदाहरण लिखिए।

उदासीनीकरण अभिक्रिया का उदाहरण: HCl (अम्ल) + NaOH (क्षार) → NaCl (लवण) + H₂O (जल)

इसमें अम्ल और क्षार आपस में अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।

8) वन्य जीवों की संकट ग्रस्त जातियाँ कौनसी हैं? वन्य जीवों के विलुप्त होने के कोई चार कारण लिखिए।

Which are the endangered species of wild life? Write any four reasons for the extinction of wild life?

उत्तर: संकटग्रस्त जातियाँ वे हैं जिनके विलुप्त होने का खतरा है, जैसे बंगाल टाइगर, भारतीय गैंडा, एशियाई शेर, और हिमालयी भालू।

वन्य जीवों के विलुप्त होने के चार कारण:

  1. आवास का विनाश (वनों की कटाई, शहरीकरण)
  2. अवैध शिकार और व्यापार
  3. प्रदूषण (जल, वायु, मृदा)
  4. जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएँ

9) अ) रमन प्रभाव किसे कहते हैं?
ब) भारत में विज्ञान दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
स) हमारे देश में पहला परमाणु बिजली घर कहाँ स्थापित किया गया?

a) What is Raman effect?
b) On which date science day is celebrated in India?
c) Where was the first atomic power plant established in our country?

उत्तर:

अ) रमन प्रभाव: जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन हो जाता है। इसे सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने 1928 में खोजा था।

ब) भारत में विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है (रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में)।

स) भारत का पहला परमाणु बिजली घर तारापुर, महाराष्ट्र में स्थापित किया गया था (1969 में)।

20) अ) निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए:
i) CH₃-CH₂-CH₂-CH₃
ii) CH₃-CH=CH₂
ब) नाइलॉन-66 के एकलकों के नाम लिखिए।

a) Write IUPAC names of the following compounds.
i) CH₃-CH₂-CH₂-CH₃
ii) CH₃-CH=CH₂
b) Write the names of the monomers of Nylon-66.

उत्तर:

अ) i) CH₃-CH₂-CH₂-CH₃ का IUPAC नाम: ब्यूटेन (Butane)

ii) CH₃-CH=CH₂ का IUPAC नाम: प्रोपीन (Propene)

ब) नाइलॉन-66 के एकलक: हेक्सामेथिलीनडाइऐमीन (Hexamethylenediamine) और एडिपिक अम्ल (Adipic acid)

प्रश्न 22: कृषि अपशिष्ट किसे कहते हैं? इनके निस्तारण की कोई दो विधियाँ समझाइए। (1+2=3)

कृषि अपशिष्ट: कृषि कार्यों से उत्पन्न होने वाले अवशिष्ट पदार्थ जैसे फसलों के डंठल, भूसी, पशुओं का गोबर, आदि कृषि अपशिष्ट कहलाते हैं।

निस्तारण की दो विधियाँ:

  1. कम्पोस्टिंग (खाद बनाना): कृषि अपशिष्ट को गड्ढों में डालकर सड़ने दिया जाता है, जिससे जैविक खाद (कम्पोस्ट) बनती है।
  2. बायोगैस उत्पादन: पशुओं के गोबर और अन्य अपशिष्ट को बायोगैस प्लांट में डालकर मीथेन गैस प्राप्त की जाती है, जो ईंधन के रूप में उपयोग होती है।

प्रश्न 23: खण्ड-स (SECTION-C)

(क) फल को परिभाषित कीजिए।

फल: पुष्प के निषेचन के बाद अंडाशय से विकसित होने वाली संरचना जिसमें बीज होते हैं, फल कहलाती है।

(ख) खरीफ की फसल का एक उदाहरण लिखिए।

उदाहरण: चावल (धान) खरीफ फसल का एक प्रमुख उदाहरण है।

(ग) दालों का राजा किस पादप को कहते हैं? इसका वैज्ञानिक नाम लिखिए।

पादप: अरहर (तूर) को दालों का राजा कहा जाता है।

वैज्ञानिक नाम: Cajanus cajan

(घ) अपमार्जक का कार्य करने वाले किसी एक कीट का नाम बताइए।

कीट का नाम: गोबर भृंग (Dung beetle) अपमार्जक का कार्य करता है।

प्रश्न 24: संकरपूर्वज संकरण व परीक्षण संकरण को सउदाहरण समझाइए। (2+2=4)

संकरपूर्वज संकरण (Back Cross): जब F1 संतति का संकरण उसके किसी एक जनक (पिता या माता) से कराया जाता है, तो इसे संकरपूर्वज संकरण कहते हैं।

उदाहरण: मान लीजिए एक पौधे में लंबा तना (TT) और बौना तना (tt) है। F1 संतति (Tt) को लंबे जनक (TT) से संकरण कराने पर संतति में TT और Tt प्राप्त होते हैं।

परीक्षण संकरण (Test Cross): जब F1 संतति का संकरण अप्रभावी जनक (homozygous recessive) से कराया जाता है, तो इसे परीक्षण संकरण कहते हैं। इससे संतति के जीनोटाइप का पता चलता है।

उदाहरण: F1 संतति (Tt) का संकरण बौने जनक (tt) से कराने पर संतति में Tt और tt 1:1 अनुपात में प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 25: विरंजक चूर्ण का रासायनिक नाम एवं सूत्र लिखिए। (2)

रासायनिक नाम: कैल्सियम हाइपोक्लोराइट

रासायनिक सूत्र: CaOCl₂

प्रश्न 26: अम्ल और क्षार की आरेनियस अवधारणा को लिखिए। (2)

आरेनियस अवधारणा:

  • अम्ल: वे पदार्थ जो जल में घुलकर H⁺ आयन (हाइड्रोजन आयन) उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। उदाहरण: HCl → H⁺ + Cl⁻
  • क्षार: वे पदार्थ जो जल में घुलकर OH⁻ आयन (हाइड्रॉक्साइड आयन) उत्पन्न करते हैं, क्षार कहलाते हैं। उदाहरण: NaOH → Na⁺ + OH⁻

प्रश्न 27: धातु की अम्ल के साथ होने वाली अभिक्रिया का नामांकित चित्र बनाइए। (2)

नामांकित चित्र:

        ┌─────────────────────┐
        │   परखनली            │
        │   ┌─────────────┐   │
        │   │  अम्ल (HCl)  │   │
        │   │  +           │   │
        │   │  जिंक (Zn)   │   │
        │   └─────────────┘   │
        │        │            │
        │        ▼            │
        │   हाइड्रोजन गैस    │
        │   (H₂) का उत्सर्जन │
        └─────────────────────┘

अभिक्रिया: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑

व्याख्या: धातु (जिंक) अम्ल (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है, जो जलती हुई मोमबत्ती के पास ले जाने पर पॉप ध्वनि के साथ जलती है।

25) किसी विद्युत बल्ब को 220 वोल्ट के स्रोत से जोड़ने पर उसमें विद्युत धारा 0.5 एम्पियर है। बल्ब का प्रतिरोध एवं शक्ति ज्ञात कीजिए।

An electric bulb is connected to a source of 220 volt and the current flowing through the circuit is 0.5 ampere. What will be the resistance and power of the bulb?

हल:

दिया गया है:

  • वोल्टेज (V) = 220 V
  • धारा (I) = 0.5 A

प्रतिरोध (R) ज्ञात करना:

ओम के नियम से, V = I × R

R = V / I = 220 / 0.5 = 440 Ω

शक्ति (P) ज्ञात करना:

P = V × I = 220 × 0.5 = 110 W

उत्तर: बल्ब का प्रतिरोध 440 Ω और शक्ति 110 W है।


26) अ) 5 m/s वेग से चल रहे 40 kg द्रव्यमान पर एक बल लगाया जाता है जिससे उसका वेग बढ़कर 10 m/s हो जाता है। बल द्वारा किये गये कार्य का परिकलन कीजिए।

a) An object of 40 kg mass is moving with 5 m/s velocity. Now force is applied on the object such that its velocity increases to 10 m/s. Calculate the work done by the force.

हल:

दिया गया है:

  • द्रव्यमान (m) = 40 kg
  • प्रारंभिक वेग (u) = 5 m/s
  • अंतिम वेग (v) = 10 m/s

कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन

प्रारंभिक गतिज ऊर्जा (KE₁) = ½ m u² = ½ × 40 × (5)² = ½ × 40 × 25 = 500 J

अंतिम गतिज ऊर्जा (KE₂) = ½ m v² = ½ × 40 × (10)² = ½ × 40 × 100 = 2000 J

किया गया कार्य (W) = KE₂ – KE₁ = 2000 – 500 = 1500 J

उत्तर: बल द्वारा किया गया कार्य 1500 जूल है।

26) ब) एक वस्तु पर अधिकतम 200 जूल कार्य करने पर वह 10 मीटर से विस्थापित हो जाती है। वस्तु पर कार्यरत बल का मान ज्ञात कीजिए।

b) A body is displaced by 10 m when maximum work of 200 joule is done on it. Calculate the force acting on this body.

हल:

दिया गया है:

  • कार्य (W) = 200 J
  • विस्थापन (s) = 10 m

अधिकतम कार्य के लिए, बल और विस्थापन की दिशा समान होनी चाहिए।

कार्य का सूत्र: W = F × s

F = W / s = 200 / 10 = 20 N

उत्तर: वस्तु पर कार्यरत बल का मान 20 न्यूटन है।


27) पारिस्थितिक तंत्र विविधता से आपका क्या अभिप्राय है? जैव विविधता में पर्यावरणीय महत्व की भूमिका को समझाइए।

What do you mean by Ecosystem diversity? Explain the role of environmental value in biodiversity.

उत्तर:

पारिस्थितिक तंत्र विविधता (Ecosystem Diversity): इसका अर्थ है किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक तंत्रों (जैसे वन, घास के मैदान, रेगिस्तान, आर्द्रभूमि, नदी, झील, समुद्र आदि) की विविधता। यह जैव विविधता का एक स्तर है जो विभिन्न आवासों, जीवों के समुदायों और पारिस्थितिक प्रक्रियाओं की विविधता को दर्शाता है।

जैव विविधता में पर्यावरणीय महत्व की भूमिका:

  • पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ: विविध पारिस्थितिक तंत्र स्वच्छ हवा और पानी, मिट्टी की उर्वरता, परागण, जलवायु नियमन और अपशिष्ट अपघटन जैसी आवश्यक सेवाएँ प्रदान करते हैं।
  • स्थिरता और लचीलापन: उच्च जैव विविधता वाले पारिस्थितिक तंत्र पर्यावरणीय परिवर्तनों (जैसे सूखा, बीमारी) के प्रति अधिक स्थिर और लचीले होते हैं।
  • जलवायु नियमन: वन और महासागर कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद करते हैं।
  • जैविक संसाधन: विविध पारिस्थितिक तंत्र भोजन, दवाइयाँ, ईंधन और आश्रय जैसे संसाधन प्रदान करते हैं।
  • पोषक चक्रण: विभिन्न जीव पोषक तत्वों के चक्रण (जैसे नाइट्रोजन चक्र, कार्बन चक्र) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

इस प्रकार, पारिस्थितिक तंत्र विविधता और जैव विविधता का पर्यावरणीय महत्व पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने और मानव कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

प्रजाति विविधता से आपका क्या अभिप्राय है? विलुप्त प्रजातियाँ, संकट ग्रस्त प्रजातियाँ व अति संवेदनशील प्रजातियाँ क्या है? समझाइए।

प्रजाति विविधता (Species Diversity): प्रजाति विविधता का अर्थ है किसी विशेष क्षेत्र या पारिस्थितिकी तंत्र में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की जीव प्रजातियों की संख्या और उनकी सापेक्ष बहुतायत। यह जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण घटक है।

  • विलुप्त प्रजातियाँ (Extinct Species): वे प्रजातियाँ जो पृथ्वी से पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं और जिनका कोई भी जीवित सदस्य अब अस्तित्व में नहीं है। उदाहरण: डोडो पक्षी, डायनासोर।
  • संकट ग्रस्त प्रजातियाँ (Endangered Species): वे प्रजातियाँ जो विलुप्त होने के गंभीर खतरे का सामना कर रही हैं और यदि संरक्षण के उपाय नहीं किए गए तो जल्द ही विलुप्त हो सकती हैं। उदाहरण: बंगाल टाइगर, एक सींग वाला गैंडा।
  • अति संवेदनशील प्रजातियाँ (Vulnerable Species): वे प्रजातियाँ जो भविष्य में विलुप्त होने के खतरे का सामना कर सकती हैं, लेकिन अभी तक संकटग्रस्त श्रेणी में नहीं आती हैं। इनकी संख्या तेजी से घट रही है। उदाहरण: हाथी, चीता।

खण्ड - द (SECTION - D)

28. अ) श्वसन की परिभाषा लिखिए।

श्वसन (Respiration): श्वसन एक जैव रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें जीवित कोशिकाएं ऑक्सीजन की उपस्थिति में भोजन (ग्लूकोज) का ऑक्सीकरण करके ऊर्जा (ATP) उत्पन्न करती हैं, तथा कार्बन डाइऑक्साइड और जल जैसे उपोत्पाद छोड़ती हैं।

ब) ऊपरी श्वसन तंत्र के विभिन्न भागों को समझाइए।

ऊपरी श्वसन तंत्र (Upper Respiratory System) के भाग:

  1. नासिका छिद्र (Nostrils): ये वायु के प्रवेश के द्वार हैं। इनमें बाल होते हैं जो धूल के कणों को छानते हैं।
  2. नासिका गुहा (Nasal Cavity): यह नाक के अंदर का खोखला स्थान है। यह वायु को गर्म, आर्द्र और शुद्ध करता है। इसमें श्लेष्मा झिल्ली होती है जो धूल और कीटाणुओं को फंसाती है।
  3. ग्रसनी (Pharynx): यह नासिका गुहा और मुख गुहा के पीछे स्थित एक सामान्य मार्ग है जो भोजन और वायु दोनों को गुजरने देता है।
  4. स्वरयंत्र (Larynx): इसे 'आवाज बॉक्स' भी कहते हैं। यह ग्रसनी के नीचे स्थित होता है और इसमें स्वर रज्जु (vocal cords) होते हैं जो ध्वनि उत्पन्न करने में मदद करते हैं। यह वायु को श्वासनली में जाने देता है और भोजन को अन्नप्रणाली में जाने से रोकता है।
  5. श्वासनली (Trachea): यह स्वरयंत्र से नीचे की ओर जाने वाली एक लंबी नली है जो वायु को फेफड़ों तक ले जाती है। इसमें C-आकार के उपास्थि वलय होते हैं जो इसे खुला रखते हैं।

स) ऊपरी श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइए।

(चित्र में निम्नलिखित भागों को दर्शाया जाना चाहिए: नासिका छिद्र, नासिका गुहा, ग्रसनी, स्वरयंत्र, श्वासनली।)

(चूंकि यह एक टेक्स्ट-आधारित उत्तर है, कृपया अपनी उत्तर पुस्तिका में एक स्पष्ट नामांकित चित्र बनाएं जिसमें ऊपर बताए गए सभी भागों को दर्शाया गया हो।)


अथवा (OR)

अ) प्रमुख 'पुरुष मानव लिंग हार्मोन' का नाम लिखिए।

प्रमुख पुरुष मानव लिंग हार्मोन: टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)

ब) नर जनन तंत्र के किन्हीं दो द्वितीयक लैंगिक अंगों की संरचना का वर्णन कीजिए।

द्वितीयक लैंगिक अंग (Secondary Reproductive Organs):

  1. शुक्रवाहिका (Vas Deferens): यह एक लंबी, पतली नली है जो वृषण (testis) से शुक्राणुओं को मूत्रमार्ग (urethra) तक ले जाती है। यह शुक्राणुओं के परिवहन का मुख्य मार्ग है। इसकी दीवारें मांसपेशियों से बनी होती हैं जो संकुचन करके शुक्राणुओं को आगे धकेलती हैं।
  2. शुक्राशय (Seminal Vesicle): यह एक थैली जैसी संरचना है जो शुक्रवाहिका के अंतिम भाग से जुड़ी होती है। यह एक पीले रंग का, चिपचिपा तरल पदार्थ (शुक्राणु द्रव) स्रावित करता है जो शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करता है और उनकी गति में सहायता करता है। यह स्खलित वीर्य का लगभग 60% भाग बनाता है।

स) नर जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइए।

(चित्र में निम्नलिखित भागों को दर्शाया जाना चाहिए: वृषण, अधिवृषण, शुक्रवाहिका, शुक्राशय, प्रोस्टेट ग्रंथि, मूत्रमार्ग, लिंग।)

(चूंकि यह एक टेक्स्ट-आधारित उत्तर है, कृपया अपनी उत्तर पुस्तिका में एक स्पष्ट नामांकित चित्र बनाएं जिसमें ऊपर बताए गए सभी भागों को दर्शाया गया हो।)

प्रश्न 29

(अ) एक धनायन का आकार उदासीन परमाणु से छोटा क्यों होता है? समझाइये।

उत्तर: धनायन (cation) तब बनता है जब कोई उदासीन परमाणु एक या अधिक इलेक्ट्रॉन खो देता है। इलेक्ट्रॉन हटने से निम्नलिखित कारणों से आकार छोटा हो जाता है:

  • इलेक्ट्रॉनों की संख्या कम हो जाती है, जिससे इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण कम होता है।
  • प्रोटॉनों की संख्या समान रहती है, जबकि इलेक्ट्रॉन कम हो जाते हैं, जिससे नाभिक का प्रभावी आवेश (effective nuclear charge) बढ़ जाता है।
  • बढ़े हुए प्रभावी नाभिकीय आवेश के कारण शेष इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक मजबूती से खिंच जाते हैं, जिससे आकार सिकुड़ जाता है।

(ब) मेण्डेलीफ आवर्त सारणी के कोई दो गुण लिखिए।

उत्तर: मेण्डेलीफ की आवर्त सारणी के दो प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं:

  1. अज्ञात तत्वों की भविष्यवाणी: मेण्डेलीफ ने अपनी सारणी में खाली स्थान छोड़े और उन तत्वों के गुणों की भविष्यवाणी की, जो बाद में खोजे गए (जैसे गैलियम, जर्मेनियम, स्कैंडियम)।
  2. समान गुणों वाले तत्वों का समूहीकरण: समान रासायनिक और भौतिक गुणों वाले तत्वों को एक ही समूह में रखा गया, जिससे उनका अध्ययन सुविधाजनक हुआ।

(स) निम्नलिखित तत्वों को परमाणु आकार के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

Na, Rb, Cs, Li, K

उत्तर: ये सभी तत्व क्षार धातु समूह (समूह 1) से संबंधित हैं। समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है। अतः घटता क्रम:

Cs > Rb > K > Na > Li

व्याख्या: सीज़ियम (Cs) सबसे बड़ा और लिथियम (Li) सबसे छोटा परमाणु है।


वैकल्पिक प्रश्न (OR)

(अ) एक ऋणायन का आकार उदासीन परमाणु से बड़ा क्यों होता है? समझाइये।

उत्तर: ऋणायन (anion) तब बनता है जब कोई उदासीन परमाणु एक या अधिक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। इससे आकार बढ़ने के निम्नलिखित कारण हैं:

  • इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण बढ़ता है।
  • प्रोटॉनों की संख्या समान रहती है, लेकिन इलेक्ट्रॉन अधिक हो जाते हैं, जिससे प्रभावी नाभिकीय आवेश कम हो जाता है।
  • कम प्रभावी नाभिकीय आवेश के कारण इलेक्ट्रॉन नाभिक से कम मजबूती से बंधते हैं और बाहरी कोश का विस्तार हो जाता है।

(ब) मेण्डेलीफ आवर्त सारणी के कोई दो दोष लिखिए।

उत्तर: मेण्डेलीफ की आवर्त सारणी के दो प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं:

  1. हाइड्रोजन का अनिश्चित स्थान: हाइड्रोजन को समूह 1 (क्षार धातु) और समूह 17 (हैलोजन) दोनों में रखा जा सकता था, जिससे इसका स्थान स्पष्ट नहीं था।
  2. समस्थानिकों का स्थान: समस्थानिकों (isotopes) के लिए कोई अलग स्थान नहीं था, क्योंकि उनके परमाणु द्रव्यमान भिन्न होते हैं लेकिन रासायनिक गुण समान होते हैं।

(स) निम्नलिखित तत्वों को विद्युत ऋणता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

Be, F, O, N, Li

उत्तर: विद्युत ऋणता (electronegativity) आवर्त में बाएँ से दाएँ बढ़ती है और समूह में ऊपर से नीचे घटती है। दिए गए तत्वों का बढ़ता क्रम:

Li < Be < N < O < F

व्याख्या: फ्लोरीन (F) सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है, जबकि लिथियम (Li) सबसे कम विद्युत ऋणात्मक है।

आवर्धनता (Magnification)

आवर्धनता (Magnification) किसी दर्पण या लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब के आकार तथा वस्तु के आकार के अनुपात को कहते हैं। इसे 'm' से प्रदर्शित किया जाता है।

आवर्धनता का सूत्र: m = प्रतिबिम्ब की ऊँचाई (h') / वस्तु की ऊँचाई (h)

अवतल दर्पण के लिए आवर्धनता का सूत्र व्युत्पन्न (Derivation of Magnification Formula for Concave Mirror)

किरण चित्र की सहायता से व्युत्पन्न:

मान लीजिए कि एक अवतल दर्पण के सामने एक वस्तु AB रखी है। इसका प्रतिबिम्ब A'B' बनता है।

त्रिभुज ABC और त्रिभुज A'B'C समरूप हैं (क्योंकि ∠ABC = ∠A'B'C = 90° और ∠ACB = ∠A'CB' सम्मुख कोण हैं)।

समरूप त्रिभुजों में संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं:

AB / A'B' = BC / B'C

चूँकि AB = वस्तु की ऊँचाई (h) और A'B' = प्रतिबिम्ब की ऊँचाई (h'), तथा BC = वस्तु की दूरी (u) और B'C = प्रतिबिम्ब की दूरी (v),

इसलिए: h / h' = u / v

या, h' / h = v / u

चूँकि आवर्धनता m = h' / h, अतः:

m = v / u

यह अवतल दर्पण के लिए आवर्धनता का सूत्र है।

यदि आवर्धनता (m) धनात्मक है तो प्रतिबिम्ब की प्रकृति

यदि आवर्धनता (m) धनात्मक है, तो प्रतिबिम्ब सीधा (erect) तथा आभासी (virtual) होता है।

कारण: धनात्मक आवर्धनता का अर्थ है कि प्रतिबिम्ब वस्तु के समान दिशा में बनता है, जो केवल आभासी प्रतिबिम्ब के लिए संभव है।


वैकल्पिक प्रश्न (OR)

पूर्ण आंतरिक परावर्तन की परिभाषा

पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection): जब प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होता है, तो प्रकाश पूर्णतः वापस सघन माध्यम में परावर्तित हो जाता है। इस घटना को पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।

शर्तें:

  • प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना चाहिए।
  • आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।

मानव नेत्र का नामांकित चित्र एवं दो प्रमुख भागों का वर्णन

मानव नेत्र के प्रमुख भाग:

1. कॉर्निया (Cornea): यह नेत्र का पारदर्शी अग्र भाग है जो प्रकाश को नेत्र में प्रवेश कराता है और प्रकाश को केंद्रित करने में सहायता करता है।

2. लेंस (Lens): यह एक उत्तल लेंस है जो प्रकाश को रेटिना पर केंद्रित करता है। यह अपनी फोकस दूरी बदलकर विभिन्न दूरियों पर स्थित वस्तुओं को स्पष्ट देखने में सहायता करता है।

अन्य महत्वपूर्ण भाग:

  • पुतली (Pupil): आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
  • रेटिना (Retina): प्रकाश संवेदी स्तर जहाँ प्रतिबिम्ब बनता है।
  • दृष्टि पटलिका (Optic Nerve): संकेतों को मस्तिष्क तक पहुँचाती है।

दृष्टि दोष (Astigmatism) एवं निवारण

दृष्टि दोष (Astigmatism): यह एक दृष्टि दोष है जिसमें व्यक्ति क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाओं को एक साथ स्पष्ट नहीं देख पाता। यह कॉर्निया या लेंस की अनियमित वक्रता के कारण होता है।

निवारण: इस दोष को बेलनाकार लेंस (Cylindrical Lens) वाले चश्मे द्वारा ठीक किया जाता है। यह लेंस विभिन्न दिशाओं में प्रकाश को अलग-अलग मात्रा में अपवर्तित करके प्रतिबिम्ब को स्पष्ट बनाता है।