RBSE Class 10th 2021 Plumber-V-111-2021 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2021 |
| Subject | Plumber-V-111-2021 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2021 Plumber-V-111-2021
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Rajasthan Board Class 10th Plumber-V-111-2021 2021 solved Previous Year Question Papers
व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा - X) परीक्षा, 2021
लेबल - द्वितीय वर्ष
विषय - प्लम्बर
समय : 3 घंटे 15 मिनट | पूर्णांक : 30
प्रश्न संख्या — 14
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
- परीक्षार्थी यथासंभव प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में अपने शब्दों में निर्धारित शब्द सीमा में लिखें।
- प्रश्न संख्या 1 से 3 तक के उत्तर एक पंक्ति में लिखें।
- प्रश्न संख्या 4 से 9 तक के उत्तर दो से चार पंक्तियों में लिखें।
- प्रश्न संख्या 10 से 14 तक के उत्तर दो पृष्ठ तक लिखें।
खण्ड - अ
1. ऊर्जा का निम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत अक्षय स्रोत है?
- सौर ऊर्जा (सही उत्तर)
- लकड़ी
- पेट्रोल
- कोयला
2. यदि एक डॉक्टर का अपना स्वयं का क्लिनिक है तो वह है...
- उद्योगपति
- पारिश्रमिक
- नियोजित व्यक्ति
- स्वनियोजित व्यक्ति (सही उत्तर)
- श्रमिक
3. अंकित साल के अन्त में सर्वश्रेष्ठ छात्र का पुरस्कार पाने के लिए कड़ी मेहनत करता है। यह किस प्रकार की प्रेरणा है?
- बाहरी (सही उत्तर)
- आंतरिक
- बाह्य व आंतरिक दोनों
- किसी विशेष प्रकार की प्रेरणा नहीं
खण्ड - ब
4. प्रभावी संचार के लिए बाधाओं को दूर करने के चार प्रभावी तरीके लिखिए।
प्रभावी संचार में बाधाओं को दूर करने के चार प्रभावी तरीके निम्नलिखित हैं:
- स्पष्ट और सरल भाषा का प्रयोग: संदेश को सरल और स्पष्ट शब्दों में व्यक्त करें ताकि सुनने वाला आसानी से समझ सके।
- सक्रिय श्रवण (Active Listening): दूसरे व्यक्ति की बात को ध्यान से सुनें और उसे समझने का प्रयास करें।
- प्रतिक्रिया (Feedback) लेना: संदेश भेजने के बाद सुनिश्चित करें कि दूसरे व्यक्ति ने उसे सही ढंग से समझा है या नहीं।
- उपयुक्त माध्यम का चयन: संचार के लिए सही माध्यम (जैसे मौखिक, लिखित, ईमेल आदि) का चुनाव करें जो संदेश के अनुकूल हो।
5. कम्प्यूटर के संदर्भ में लॉग इन व लॉग आउट का अर्थ लिखिए।
लॉग इन (Log In): कम्प्यूटर या किसी सिस्टम में अपने उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड के माध्यम से प्रवेश करना। यह सिस्टम तक पहुँच प्राप्त करने की प्रक्रिया है।
लॉग आउट (Log Out): सिस्टम से बाहर निकलना या अपने सत्र को समाप्त करना। इससे सिस्टम सुरक्षित रहता है और अन्य लोग आपके खाते का उपयोग नहीं कर सकते।
6. ज्यादातर काम आने वाले छः प्लम्बिंग फिक्सचरों के नाम लिखिए।
ज्यादातर काम आने वाले छः प्लम्बिंग फिक्सचर निम्नलिखित हैं:
- वॉश बेसिन (Wash Basin)
- शौचालय (Water Closet / Toilet)
- सिंक (Kitchen Sink)
- बाथटब (Bathtub)
- शॉवर (Shower)
- नल (Tap / Faucet)
7. स्टॉप कॉक या टैप के लीक होने के तीन संभावित स्थानों के नाम लिखिए।
स्टॉप कॉक या टैप के लीक होने के तीन संभावित स्थान निम्नलिखित हैं:
- नल के मुख (Spout) से: जब नल बंद होने के बाद भी पानी टपकता रहे।
- हैंडल के आसपास (Handle area): जब हैंडल के नीचे से पानी रिसने लगे।
- पाइप कनेक्शन (Pipe connection): जहाँ नल पाइप से जुड़ा होता है, वहाँ से पानी लीक हो सकता है।
8. गीजर के बारे में संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
गीजर (Geyser) एक विद्युत उपकरण है जो पानी को गर्म करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह आमतौर पर बाथरूम या रसोई में लगाया जाता है। गीजर में एक हीटिंग एलिमेंट होता है जो बिजली से गर्म होता है और पानी को गर्म करता है। गीजर का उपयोग मुख्य रूप से नहाने, बर्तन धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए गर्म पानी प्राप्त करने में किया जाता है। यह सुरक्षा के लिए थर्मोस्टेट और प्रेशर रिलीफ वाल्व से सुसज्जित होता है।
9. एक बिबकॉक में वाशर को बदलने के लिए काम आने वाले औजारों के नाम लिखिए।
एक बिबकॉक (Bibcock) में वाशर (Washer) को बदलने के लिए निम्नलिखित औजारों की आवश्यकता होती है:
- पाना (Spanner / Wrench): बिबकॉक के नट को खोलने और कसने के लिए।
- पेचकस (Screwdriver): यदि बिबकॉक में पेंच हों तो उन्हें खोलने के लिए।
- प्लास (Pliers): पुराने वाशर को निकालने और नए वाशर को लगाने में सहायता के लिए।
खण्ड - स -
प्रश्न 10. पाइप और फिटिंग के बीच सीपीवीसी विलायक लगाने की प्रक्रिया लिखिए।
सीपीवीसी विलायक (सॉल्वेंट) लगाने की प्रक्रिया:
- पाइप और फिटिंग के सिरों को साफ करें और उन्हें सूखा लें।
- पाइप के बाहरी सिरे और फिटिंग के अंदरूनी भाग पर सीपीवीसी प्राइमर लगाएं और कुछ सेकंड सूखने दें।
- प्राइमर सूखने के बाद, पाइप के बाहरी सिरे पर सीपीवीसी विलायक (सीमेंट) की एक समान परत लगाएं।
- फिटिंग के अंदरूनी भाग पर भी विलायक की पतली परत लगाएं।
- पाइप को फिटिंग में डालें और एक चौथाई मोड़ दें ताकि विलायक समान रूप से फैल जाए।
- जोड़ को 30-60 सेकंड तक दबाए रखें ताकि वह मजबूती से जुड़ जाए।
- जोड़ को कम से कम 24 घंटे तक सूखने दें और दबाव न डालें।
प्रश्न 11. पाइपलाइन और प्लम्बिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाने वाले कारणों को लिखिए।
पाइपलाइन और प्लम्बिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कारण:
- जमना (फ्रीजिंग): ठंड के मौसम में पाइपों में पानी जमने से पाइप फट सकते हैं।
- उच्च दबाव: अत्यधिक पानी के दबाव से पाइप और जोड़ कमजोर हो सकते हैं।
- रासायनिक प्रभाव: कठोर रसायन या अम्लीय पानी पाइपों को खराब कर सकते हैं।
- यांत्रिक क्षति: निर्माण कार्य या भारी वाहनों के दबाव से पाइप टूट सकते हैं।
- जड़ों का प्रवेश: पेड़ों की जड़ें पाइपों में घुसकर उन्हें ब्लॉक या नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- गलत स्थापना: खराब फिटिंग या गलत सामग्री के उपयोग से सिस्टम कमजोर हो जाता है।
- जंग (कोरोजन): धातु के पाइपों में समय के साथ जंग लगने से छेद हो सकते हैं।
प्रश्न 12. पाइपों के परीक्षण से आप क्या समझते हैं? प्रेशर हाइड्रॉलिक परीक्षण को विस्तार से समझाइये।
पाइपों का परीक्षण: पाइपों के परीक्षण का अर्थ है कि पाइपलाइन सिस्टम को स्थापित करने के बाद यह जांचना कि वह सही ढंग से काम कर रहा है और कहीं कोई रिसाव या कमजोरी तो नहीं है।
प्रेशर हाइड्रॉलिक परीक्षण (दबाव जल परीक्षण):
- उद्देश्य: यह परीक्षण पाइपलाइन की मजबूती और रिसाव की जांच के लिए किया जाता है।
- प्रक्रिया:
- पाइपलाइन के सभी सिरों को बंद कर दिया जाता है और एक सिरे पर प्रेशर गेज लगाया जाता है।
- पाइपलाइन में पानी भरा जाता है और हवा निकाल दी जाती है।
- हाइड्रॉलिक पंप की मदद से पाइपलाइन में निर्धारित दबाव (आमतौर पर कार्य दबाव से 1.5 गुना) डाला जाता है।
- दबाव को कम से कम 30 मिनट तक बनाए रखा जाता है।
- इस दौरान प्रेशर गेज की रीडिंग देखी जाती है और पाइपों में किसी भी प्रकार के रिसाव की जांच की जाती है।
- परिणाम: यदि दबाव स्थिर रहता है और कोई रिसाव नहीं होता, तो पाइपलाइन को सुरक्षित माना जाता है। यदि दबाव गिरता है या रिसाव दिखता है, तो उसे ठीक किया जाता है और पुनः परीक्षण किया जाता है।
प्रश्न 13. मूल चिनाई में काम आने वाले चिनाई औजारों (किन्हीं दो) का वर्णन कीजिये।
मूल चिनाई में काम आने वाले दो प्रमुख औजार:
- ट्रॉवेल (करणी): यह एक हाथ का औजार है जिसका उपयोग मोर्टार (सीमेंट-रेत मिश्रण) को फैलाने, ईंटों पर लगाने और अतिरिक्त मोर्टार को हटाने के लिए किया जाता है। इसका ब्लेड त्रिकोणीय या आयताकार होता है और हैंडल लकड़ी या प्लास्टिक का होता है।
- हथौड़ा (हैमर): चिनाई में उपयोग होने वाला हथौड़ा आमतौर पर एक सिरा चपटा और दूसरा नुकीला होता है। इसका उपयोग ईंटों को काटने, आकार देने और उन्हें सही स्थान पर बैठाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 14. वॉटर क्लोसेट (W.C.) की मरम्मत के चरण लिखिए।
वॉटर क्लोसेट (शौचालय) की मरम्मत के चरण:
- पानी की आपूर्ति बंद करें: सबसे पहले शौचालय के पास लगे वाल्व को बंद कर दें या मुख्य पानी की लाइन बंद करें।
- पानी निकालें: फ्लश टैंक और कटोरे में बचा पानी निकाल दें। स्पंज या कपड़े से सुखा लें।
- समस्या की पहचान करें: देखें कि रिसाव कहाँ से हो रहा है (फ्लैपर, फिल वाल्व, या पाइप जोड़) या फ्लश में कोई खराबी है।
- खराब पार्ट्स बदलें: यदि फ्लैपर खराब है तो उसे नए से बदलें। फिल वाल्व या फ्लश हैंडल को भी आवश्यकतानुसार बदलें।
- जोड़ों को कसें: ढीले पाइप जोड़ों या नट्स को रिंच से कस दें। यदि टेफ्लॉन टेप की आवश्यकता हो तो लगाएं।
- पानी की आपूर्ति चालू करें: वाल्व खोलें और जांचें कि रिसाव बंद हुआ या नहीं। फ्लश करके देखें कि सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है।
- अंतिम जांच: सुनिश्चित करें कि कोई रिसाव नहीं है और फ्लश सामान्य रूप से काम कर रहा है।