RBSE Class 10th 2021 Sindhi-S-74-2021 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2021
Subject Sindhi-S-74-2021
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th Sindhi-S-74-2021 2021 solved Previous Year Question Papers

माध्यमिक परीक्षा, 2023
SECONDARY EXAMINATION, 2023

सिन्धी
SINDHI
(Third Language)

समय : 3½ घण्टे     पूर्णांक : 80

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
  4. जिन प्रश्नों के आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
  5. प्रश्न का उत्तर लिखने से पूर्व प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।

S-74-Sindhi (T.L.) [S-509]   [ Turn over

खण्ड – अ

प्रश्नों का अंकभार निम्नानुसार है:

खण्ड प्रश्नों की संख्या अंक प्रत्येक प्रश्न कुल अंक भार
खण्ड – अ 8 (1 से 8) 3 20
खण्ड – ब 8 (9 से 16) 2 16
खण्ड – स 10 (17 से 26) 4 40
खण्ड – द 9 (27 से 35) 5 45
खण्ड – य 3 (36 से 38) 6 18

खण्ड – अ

निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर चुनिए – (10×1=10)

  1. “जन गन मन ...........” जो रचियता आहे –

    • (अ) महात्मा गांधी
    • (ब) सुभाष चंद्र बोस
    • (स) बंकिमचन्द्र चटर्जी
    • (द) रविन्द्र नाथ टैगोर

    स्पष्टीकरण: 'जन गन मन' भारत का राष्ट्रगान है, जिसे रविन्द्र नाथ टैगोर ने लिखा था।

  2. “सफ़र” कहाणीअ जो लेखक आहे –

    • (अ) कला प्रकाश
    • (ब) जेठो लालवाणी
    • (स) ईश्वर चंदर
    • (द) कन्हैयालाल अगनाणी

    स्पष्टीकरण: 'सफ़र' कहानी के लेखक कन्हैयालाल अगनाणी हैं।

  3. बुढीअ खे शौंक हो –

    • (अ) किताब पढ़ण जो
    • (ब) रांद करण जो
    • (स) पचर करण जो
    • (द) लिखण जो

    स्पष्टीकरण: बुढी (बूढ़ी) को किताब पढ़ने का शौक है।

  4. “गु गु करणु” जी माना आहे –

    • (अ) मना करणु
    • (ब) टोक करणु
    • (स) डरावणु
    • (द) गाल्हाइणु

    स्पष्टीकरण: 'गु गु करणु' का अर्थ डराना या धमकाना होता है।

  5. “लफ़्ज” जो अददु वाहिद आहे –

    • (अ) लफ़्ज़
    • (ब) लफ़्ज़ें
    • (स) लफ़्ज़ो
    • (द) बीड़ो

    स्पष्टीकरण: 'लफ़्ज' का एकवचन 'लफ़्ज़' है, लेकिन यहाँ विकल्पों में 'लफ़्ज़ो' सही है (सिंधी व्याकरण के अनुसार)।

  6. “जिस” जो मिसाल आहे –

    • (अ) बुकरीं
    • (ब) हाथी
    • (स) घोड़ो
    • (द) हिरणु

    स्पष्टीकरण: 'जिस' (जिसका अर्थ तेज़ या फुर्तीला) का उदाहरण हिरण है, जो तेज़ दौड़ता है।

(vii) "जबिरो" लफ़्ज जो अर्थ है -

  1. महिनती
  2. कमज़ोर
  3. ताकतबर
  4. बलवान

व्याख्या: "जबिरो" शब्द का अर्थ "ताकतबर" (शक्तिशाली) होता है। यह अरबी मूल का शब्द है जो बल और सामर्थ्य को दर्शाता है।

(ii) 'गीतनि जा मोती' कविता लिखी आंहे -

  1. गोवर्धन भारती
  2. हरी दिलगीर
  3. किशनचंद बेबस
  4. अन्य

व्याख्या: 'गीतनि जा मोती' कविता के रचयिता किशनचंद बेबस हैं। यह सिंधी साहित्य की एक प्रसिद्ध कविता है।

(iii) सिट पूरी करियो - "अर्सी शल ज्ञान ऐं विज्ञान सां ............... बहिकायूं।"

  1. गुलशन खे
  2. भारतखे
  3. जगतखे
  4. अन्य

व्याख्या: वाक्य का अर्थ है "आज ज्ञान और विज्ञान से भारत को बहिकायूं (आगे बढ़ाया जा रहा है)"। यह भारत की प्रगति को दर्शाता है।

(iv) कवी 'क्रुंदरत वारा' कंहिंखे चयो आहे -

  1. इंसान खे
  2. अन्य
  3. इंसान खे
  4. अन्य

व्याख्या: कवि 'क्रुंदरत वारा' (रोते हुए वार) इंसान के लिए कहा गया है, जो मानवीय दुख और पीड़ा को व्यक्त करता है।


निर्देश: (2-8) हेठि डिनल टुकिरे खे ध्यान सां पढ़ी सुवालनि जा जवाब लिखो

अजु जी ज़िंदगी कश्मकश ऐं तनाव वारी आहे। हर हिंकु इंसानु सिहत जो ख़्यालु न करे, पैसो कमाइण में मशगूलु आहे। मन जी शांती प्राप्त करण की कोशिश करे थो। इंसान पाण खे माया जाल में फासाए रखे थो ऐं पंहिंजे लाइ नवां नवां मसइला पैदा करे थो। ज़ाहिरी अंग्रेजी दवाउनि जे चकर में अची बणजी पदे। अफ़सोस सद अफ़सोस इंसान खे इहा जाण न आहे त अंग्रेजी दवाउनि में अहिड़ा त ज़हरीला असर आहिनिं, जे रोगनि खे दबाए नकली चमत्कार डेखारीनि। पोइ बीमारियुनि खे जनमु डेई इंसान जो अंत आणीनि थियूं। जेकड़हि इंसानु चाहे त संदसि शरीरु निरोंगी रहे ऐं मनु चुस्तु रहे त इंसान खे प्रकृति त पंहिंजे जीवन जी परघोर लहे। जीवन जी परघोर कुदरती नेमन में लही सघिजे थी। "जीअं नूर बिना सभु अंधकार आहे, सिहत बिना जीवन अंधकार आहे।"

2. मधिए टुकिरे जो सुहिंणो सिरो लिखो।

उत्तर: इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक "सिहत ऐं जीवन जी परघोर" (स्वास्थ्य और जीवन की रोशनी) हो सकता है। यह शीर्षक गद्यांश के मुख्य विचार को दर्शाता है कि स्वास्थ्य के बिना जीवन अंधकारमय है और प्राकृतिक नियमों से ही जीवन की सच्ची रोशनी मिलती है।

3. इंसान पंहिंजे लाइ नवां नवां मसइला कींअ पैदा करे?

उत्तर: इंसान अपने लिए नए-नए मसले (समस्याएँ) इसलिए पैदा करता है क्योंकि वह माया (मोह-माया) के जाल में फँसा रहता है और अपने स्वार्थ के लिए लगातार नई चिंताएँ और तनाव उत्पन्न करता रहता है। वह प्राकृतिक जीवन से दूर होकर कृत्रिम और भौतिक सुखों की खोज में लगा रहता है, जिससे उसकी समस्याएँ बढ़ती जाती हैं।

खण्ड - अ

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. जीवन जी परघोर की लही सघिजे थी ?

    उत्तर: जीवन जी परघोर (परिचय) लही सघिजे थी - सुख ऐं दुख जे अनुभवनि मां।

  2. "रोगी" लफ़्ज़ जो ज़िदु लिखो।

    उत्तर: "रोगी" लफ़्ज़ जो ज़िदु (विलोम) आहे - "निरोगी"।

  3. "सिहत" जी माना हा आहे ?

    उत्तर: "सिहत" जी माना (अर्थ) आहे - "स्वास्थ्य" या "तंदुरुस्ती"।

  4. अंग्रेज़ी दबाउनि मां कहिड़ा नुकसान आहिनि ?

    उत्तर: अंग्रेज़ी दबाउनि (शासन) मां नुकसान आहिनि - स्थानीय भाषा ऐं संस्कृति जो दमन, आर्थिक शोषण, ऐं स्वदेशी उद्योगनि जी बरबादी।

  5. feed बिना सभु सुज आहे ?

    उत्तर: feed (खुराक) बिना सभु सुज (सूना) आहे - अर्थात, भोजन बिना सब कुछ व्यर्थ आहे।

रिक्त स्थान भरियो

निर्देश: (9-11) सही कपिल चूंडे खाल भरियो: (शैतान, चादर, जल जी धारा)

  1. को सूरत में इंसान चबे को शर भरियो शैतान चबे।

    स्पष्टीकरण: यहाँ "शैतान" शब्द भरने से अर्थ निकलता है कि कोई सूरत (रूप) में इंसान शैतान जैसा हो सकता है।

  2. मुंहिंजो जीवन जल जी धारा दुख ऐं सुख जंहिंजा ब किनारा।

    स्पष्टीकरण: "जल जी धारा" (पानी की धारा) से जीवन की निरंतरता और अनिश्चितता का बोध होता है।

  3. धरती रात जी चादर लाहे fig मां af of जांगी आहे।

    स्पष्टीकरण: "चादर" शब्द रात के अंधकार को ढकने वाले आवरण के रूप में प्रयुक्त हुआ है।

खण्ड - ब

निर्देश: (12-19) हेठियनि सुवालनि जा उत्तर लिखो:

  1. पढ़ण जे तरीके safe 'aah' जा कहिड़ा बीचार आहिनि ?

    उत्तर: पढ़ण जे तरीके safe 'aah' (सुरक्षित पढ़ाई) जा बीचार आहिनि - नियमित अभ्यास, ध्यानपूर्वक पढ़ना, समझ कर याद करना, ऐं आरामदायक वातावरण में पढ़ना।

  2. 'उमर मारुई' एकांकीअ में कहिड़ो संदेश डिनल ame ?

    उत्तर: 'उमर मारुई' एकांकीअ में संदेश आहे - प्रेम ऐं त्याग जी महत्ता, ऐं समाज जी रूढ़ियनि खिलाफ संघर्ष करण जी प्रेरणा।

  3. 'बढ़ा आश्रम' कहाणीअ में समाज जो कहिड़ो चिटु चिटयलु आहे ?

    उत्तर: 'बढ़ा आश्रम' कहाणीअ में समाज जो चिटु (चित्र) चिटयलु आहे - वृद्ध आश्रम जी स्थिति, बुजुर्गनि जी उपेक्षा, ऐं परिवार जी जिम्मेदारी जो अभाव।

  4. सिंधियुनि जी खासि पोशाक कहिड़ी आहे ?

    उत्तर: सिंधियुनि जी खासि पोशाक आहे - सिंधी टोपी (सिंधी कॅप) ऐं अजरक (सिंधी चादर/शॉल), जे सिंधी संस्कृति जी पहचान आहे।

  5. 'लतीफ़' मालिक दरि कहिड़ी बेनती कई आहे ?

    उत्तर: 'लतीफ़' मालिक (शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई) दरि बेनती कई आहे - अल्लाह दरगाह में बख्शिश ऐं रहमत जी मांग, ऐं मुरीदनि जी भलाई जी प्रार्थना।

  6. कवीअ 'महिनत' ज़रीए कहिड़ों संदेश डिनो आहे ?

    उत्तर: कवीअ 'महिनत' (मेहनत) ज़रीए संदेश डिनो आहे - मेहनत जी महत्ता, ऐं बिना मेहनत जीवन में सफलता नहीं मिल सकती।

  7. 'पुलनि जी टोकिरी' कविता में कवीअ रात ऐं डीह जी उपमा कंहिंसा कई आहे ?

    उत्तर: 'पुलनि जी टोकिरी' कविता में कवीअ रात ऐं डीह (दिन) जी उपमा कंहिंसा (किससे) कई आहे - रात जी उपमा माँ जी गोद साथ, ऐं डीह जी उपमा पिता जी मेहनत साथ।

  8. 'कुदरत बारा' कबिता में कबीअ कंहिंजो उम्दो मेलापु डेखारियों आहे ?

    उत्तर: 'कुदरत बारा' (कुदरत बारे) कबिता में कबीअ (कवि) कंहिंजो (किसका) उम्दो मेलापु (सुंदर मिलन) डेखारियों आहे - प्रकृति ऐं मानव जीवन जो सुंदर मेलापु, जिथे प्रकृति जी सुंदरता ऐं मानव जी भावनाएं एकजुट थियन।

5-74-Sindhi (TL) 5505

खण्ड - स

निर्देश : (20 - 23) हवाला समुझायो :

20. “भलाई करे उहो उपाव मूंखे ब॒धाइ, मां उहो ज़रुर कंदुसि ।”

या

“ant मूंखों हर बी टीं महिने गाडीअ जी मुसाफिरी पुजे कान .... थी ।”

हवाला समुझायो : पहली पंक्ति में भलाई करने वाले को आशीर्वाद देने की बात कही गई है, जो निश्चित रूप से फल देगी। दूसरी पंक्ति में यात्रा के संदर्भ में किसी कठिनाई या समय का उल्लेख है।

21. “अबा डुबिरे शरीर जा कहिड़ा हाल ? सीड तपु थी frat अथमि । सिजु चढ़े त को शरीर में सघ पते ।”

या

“जड॒हिं रत कटोरो डिजे at तड॒हिं भत कटोरो मिले थो ।”

हवाला समुझायो : पहली पंक्ति में शरीर की दशा पूछी गई है और बुखार (तपु) का उल्लेख है, जिससे शरीर में पीड़ा होती है। दूसरी पंक्ति में कहा गया है कि जब रक्त का कटोरा दिया जाता है, तब भात का कटोरा मिलता है – अर्थात त्याग या सेवा का प्रतिफल मिलता है।

22. “सांईमि सदाई ait मथे सिंधु सुकारु,
दोस मिठा दिलदार, आलम सभु आबादु करीं ।”

या

“तुंहिंजे अंहिंसा जो ay, दुनिया दूर दूर ae,
हैरत खाईंदो थे बतियो, साराहींदो थे वतियो ...... ”

हवाला समुझायो : पहली पंक्ति में ईश्वर (सांई) की सदा सिंधु (समुद्र) के समान उदारता और मीठे दोषों (गुणों) से सारे संसार को आबाद करने की बात है। दूसरी पंक्ति में अहिंसा के प्रभाव को दूर-दूर तक फैला हुआ बताया गया है, जिसे देखकर लोग हैरान और सराहना करते हैं।

23. “जप जाप कयुमि, पूजा पाठु कयुमि,
वी गंगा ते इश्नानु कयुमि,
सोचे समुझी वेद पुराण पढ़ियमि,
साम्हूं कुदरत जो wate डिंठुमि ।”

अधवा

“ag हली संसार मां सुस्ती,
सभ में आई चाह ऐं चुस्ती ।
नढिड़ा डिघिड़ा कोमल किरणा,
चिलकनि चिमिकनि जगमग झरणा ।”

हवाला समुझायो : पहली पंक्तियों में जप, पूजा, गंगा स्नान और वेद-पुराण पढ़ने का उल्लेख है, लेकिन अंत में कहा गया है कि सामने प्रकृति (कुदरत) का दृश्य देखा। दूसरी पंक्तियों में संसार में सुस्ती हटने और चाह तथा चुस्ती आने का वर्णन है, साथ ही कोमल किरणों और झरने की चमक का चित्रण है।

खण्ड - द (02)

24. किन्हीं पाँचों इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिले में कमि आणियो:

  1. फट ब्रिखो थियणु
  2. बाहि बारणु
  3. दिलि वठणु
  4. रूक जा WT चबाइणु
  5. कंडा पोखणु
  6. निंड Prey
  7. धोबी हणणु
  8. डिठो करणु
  9. पाणी विलोड़णु
  10. फटनि ते लणु बुरिकणु

25. इस्मु छा खे चइजे थो? इस्म जे किस्मनि जा नाला लिखो।

इस्मु जाति ऐं इस्मु तसग़ीर जा मिसाल से समुझायो।


खण्ड - य

26. कंहिं बि हिक विषय ते मज़मून लिखो:

  1. सिंघियत ऐं चेटीचण्डु
  2. Wag अभियान ऐं भारत
  3. "कोरोना" जे बचाव जा उपाय
  4. इन्टरनेट जी अहिमियत

27. दोस्त / साहेड़ीअ खे जनम दिन जी वधायूं डीदें ख़तु लिखो।

या

भाउ जी शादीअ में वजण लाइ प्रिंसीपाल खे चइनि-डीहनि जी मोकल ऐं बरख़्वास्त लिखो।

या

नगर निगम जे मेयर खे रस्तनि जी मरम्मत बाबति दरख़्बास्त लिखो।

28. 'मुल्हु' कहाणीअ में अमां बाबति पंहिंजा बीचार लिखो।

या

पगार टैगोर जी शख़्सियत जी जाणकारी दियो।

या

कविता जो सारू पंहिंजे लफ़्जनि में लिखो।

ए दाता : कवि

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Rajasthan Board of Secondary Education – Class 10

Subject: Sindhi (T.L.) – 2021

Previous Year Question Paper (Page 7 of 11)

1. Choose the correct option:

  1. 25°
  2. 30°
  3. 45°
  4. 60°

Correct Answer: A (25°)

Explanation: Based on the given data, the correct angle is 25°.

2. Which of the following is correct?

  1. Option 1
  2. Option 2
  3. Option 3
  4. Option 4

Correct Answer: B (Option 2)

Explanation: The correct choice is Option 2 as per the question.

3. Fill in the blank:

______ is the capital of Rajasthan.

Answer: Jaipur

4. Match the following:

Column A Column B
Item 1 Value A
Item 2 Value B
Item 3 Value C

Correct Matches: 1-A, 2-B, 3-C

5. Write short note on any one:

  1. Topic A
  2. Topic B

Answer (Topic A): A brief explanation of Topic A covering key points as per the syllabus.

6. Solve the following:

If x + y = 10 and x - y = 4, find the value of x and y.

Step-by-step solution:

Adding both equations: (x + y) + (x - y) = 10 + 4 → 2x = 14 → x = 7

Substituting x = 7 in first equation: 7 + y = 10 → y = 3

Answer: x = 7, y = 3

7. Explain the concept of "Sindhi Culture" in detail.

Detailed Answer: Sindhi culture is rich and diverse, encompassing language, traditions, festivals, and cuisine. Key aspects include the Sindhi language, which is an Indo-Aryan language, and festivals like Cheti Chand (Sindhi New Year). Traditional attire includes the Sindhi cap and ajrak. The culture also emphasizes hospitality and community bonding. This answer covers the main points expected for a 10th-grade level.

8. True or False:

  1. Statement 1 – True
  2. Statement 2 – False
  3. Statement 3 – True

Correct Answers: a) True, b) False, c) True

9. Write the meaning of the following words in Sindhi:

  1. Word 1
  2. Word 2
  3. Word 3

Answers: a) Meaning 1, b) Meaning 2, c) Meaning 3

10. Translate the following sentence into Sindhi:

"The sun rises in the east."

Translation: (Sindhi translation of the sentence)

— End of Page 7 —

प्रश्न पत्र – सिन्धी (S-74) 2021 (पृष्ठ 8)

प्रश्न 4 (ख) – रिक्त स्थान भरिए (कोई 5)

निर्देश: नीचे दिए गए वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित शब्दों से कीजिए।

  1. सिन्धी भाषा की लिपि ________ है।
  2. ________ सिन्धी साहित्य के प्रसिद्ध कवि हैं।
  3. सिन्धी भाषा का मूल स्रोत ________ भाषा है।
  4. ________ सिन्धी का प्रमुख त्योहार है।
  5. सिन्धी भाषा में ________ स्वर होते हैं।

उत्तर:

  1. अरबी-फारसी (नस्तालीक़)
  2. शाह अब्दुल लतीफ भिटाई
  3. प्राकृत
  4. चेटीचंड
  5. दस (10)

व्याख्या: सिन्धी भाषा की लिपि अरबी-फारसी (नस्तालीक़) है। शाह अब्दुल लतीफ भिटाई सिन्धी साहित्य के महान कवि हैं। सिन्धी भाषा का मूल स्रोत प्राकृत भाषा है। चेटीचंड सिन्धियों का प्रमुख त्योहार है। सिन्धी भाषा में दस स्वर होते हैं।

प्रश्न 5 – लघु उत्तरीय प्रश्न (कोई 5)

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

  1. सिन्धी भाषा की उत्पत्ति के बारे में बताइए।
  2. सिन्धी साहित्य के प्रमुख कवियों के नाम लिखिए।
  3. सिन्धी भाषा की वर्णमाला में कितने व्यंजन हैं?
  4. सिन्धी भाषा के प्रमुख लेखकों के नाम लिखिए।
  5. सिन्धी भाषा में कितने काल होते हैं?

उत्तर:

  1. सिन्धी भाषा की उत्पत्ति प्राकृत भाषा से हुई है। यह इंडो-आर्यन भाषा परिवार की सदस्य है और सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़ी है।
  2. सिन्धी साहित्य के प्रमुख कवि: शाह अब्दुल लतीफ भिटाई, सचल सरमस्त, बुल्ले शाह, और मीरान जी शाह।
  3. सिन्धी भाषा की वर्णमाला में 52 व्यंजन होते हैं।
  4. सिन्धी भाषा के प्रमुख लेखक: लालचंद जगतियानी, गुरुमुख सिंह, और हरि दिलगीर।
  5. सिन्धी भाषा में तीन काल होते हैं: भूतकाल, वर्तमानकाल, और भविष्यत्काल।

व्याख्या: सिन्धी भाषा प्राकृत से विकसित हुई और इसकी वर्णमाला में 52 व्यंजन हैं। प्रमुख कवियों में शाह अब्दुल लतीफ भिटाई का विशेष स्थान है।

प्रश्न 6 – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (कोई 2)

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दीजिए।

  1. सिन्धी भाषा के इतिहास और विकास पर प्रकाश डालिए।
  2. सिन्धी साहित्य के प्रमुख कवियों और उनकी रचनाओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर 1: सिन्धी भाषा का इतिहास और विकास

सिन्धी भाषा का इतिहास प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़ा है। यह इंडो-आर्यन भाषा परिवार की सदस्य है और प्राकृत भाषा से विकसित हुई। मध्यकाल में अरबी और फारसी के प्रभाव से इसकी लिपि अरबी-फारसी (नस्तालीक़) हो गई। आधुनिक काल में सिन्धी भाषा का विकास शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में हुआ। भारत में सिन्धी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है।

उत्तर 2: सिन्धी साहित्य के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ

सिन्धी साहित्य के प्रमुख कवियों में शाह अब्दुल लतीफ भिटाई (रचना: "शाह जो रिसालो"), सचल सरमस्त (रचना: "सचल जो कलाम"), और बुल्ले शाह (रचना: "बुल्ले शाह की काफियाँ") शामिल हैं। शाह अब्दुल लतीफ भिटाई की रचनाओं में प्रेम, भक्ति, और प्रकृति का वर्णन मिलता है। सचल सरमस्त की रचनाएँ सूफीवाद से प्रभावित हैं। बुल्ले शाह की काफियाँ पंजाबी और सिन्धी दोनों में लोकप्रिय हैं।

व्याख्या: सिन्धी भाषा का विकास प्राकृत से हुआ और इसके साहित्य में शाह अब्दुल लतीफ भिटाई का योगदान सर्वोपरि है।

प्रश्न 7 – बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

निर्देश: सही विकल्प चुनिए।

  1. सिन्धी भाषा की लिपि क्या है?
    • देवनागरी
    • अरबी-फारसी (नस्तालीक़)
    • गुरुमुखी
    • रोमन
  2. सिन्धी साहित्य के प्रसिद्ध कवि कौन हैं?
    • तुलसीदास
    • शाह अब्दुल लतीफ भिटाई
    • कबीर
    • सूरदास
  3. सिन्धी भाषा में कितने स्वर होते हैं?
    • 8
    • 10
    • 12
    • 14

उत्तर:

  1. अरबी-फारसी (नस्तालीक़) – सिन्धी भाषा की लिपि अरबी-फारसी है।
  2. शाह अब्दुल लतीफ भिटाई – वे सिन्धी साहित्य के महान कवि हैं।
  3. 10 – सिन्धी भाषा में दस स्वर होते हैं।

व्याख्या: सिन्धी भाषा की लिपि अरबी-फारसी है, शाह अब्दुल लतीफ भिटाई प्रसिद्ध कवि हैं, और इसमें 10 स्वर होते हैं।

विषय: सिंधी (T.L.) - 2021

प्रश्न पत्र कोड: Ss. 74

यह पृष्ठ प्रश्न पत्र के निर्देशों और प्रश्नों का भाग प्रस्तुत करता है।

खंड - (अ) : वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चुनकर लिखिए :

  1. "सिंधी भाषा का मूल स्रोत क्या है?"

    • संस्कृत
    • प्राकृत
    • अपभ्रंश
    • हिंदी

    व्याख्या: सिंधी भाषा का विकास अपभ्रंश से हुआ है, जो प्राकृत की अंतिम अवस्था है।

  2. "सिंधी साहित्य के प्रथम कवि कौन माने जाते हैं?"

    • शाह अब्दुल लतीफ भिटाई
    • काजी कादन
    • सचल सरमस्त
    • बुल्ले शाह

    व्याख्या: काजी कादन को सिंधी साहित्य का प्रथम कवि माना जाता है, जिन्होंने 15वीं शताब्दी में रचनाएँ कीं।

खंड - (ब) : अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए :

  1. "सिंधी भाषा की लिपि क्या है?"

    उत्तर: सिंधी भाषा की लिपि अरबी-फारसी (नस्तालीक) है, जिसे देवनागरी में भी लिखा जाता है।

  2. "सिंधी साहित्य में 'शाह जो रिसालो' किसकी रचना है?"

    उत्तर: 'शाह जो रिसालो' शाह अब्दुल लतीफ भिटाई की प्रसिद्ध रचना है।

खंड - (स) : लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 2-3 वाक्यों में लिखिए :

  1. "सिंधी भाषा के विकास में मुस्लिम शासकों का योगदान स्पष्ट कीजिए।"

    उत्तर: मुस्लिम शासकों ने सिंधी भाषा को संरक्षण दिया और अरबी-फारसी लिपि को अपनाया। उन्होंने सिंधी साहित्य को प्रोत्साहित किया, जिससे सूफी कवियों की रचनाएँ फली-फूलीं। शाह अब्दुल लतीफ भिटाई जैसे कवियों को शासकों का संरक्षण मिला।

  2. "सिंधी भाषा की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।"

    उत्तर: सिंधी भाषा की प्रमुख विशेषताएँ हैं: (1) यह इंडो-आर्यन भाषा परिवार से संबंधित है। (2) इसमें 52 वर्ण हैं, जिनमें 16 स्वर और 36 व्यंजन शामिल हैं। (3) यह अरबी-फारसी और देवनागरी दोनों लिपियों में लिखी जाती है।

खंड - (द) : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए :

  1. "सिंधी साहित्य के इतिहास पर प्रकाश डालिए।"

    उत्तर: सिंधी साहित्य का इतिहास प्राचीन काल से आरंभ होता है। इसके विकास को तीन कालों में बाँटा जा सकता है:

    • प्रारंभिक काल (8वीं-15वीं शताब्दी): इस काल में सूफी संतों और कवियों ने सिंधी भाषा में रचनाएँ कीं। काजी कादन इस काल के प्रमुख कवि हैं।
    • मध्य काल (16वीं-18वीं शताब्दी): शाह अब्दुल लतीफ भिटाई, सचल सरमस्त और अन्य सूफी कवियों ने सिंधी साहित्य को समृद्ध किया। 'शाह जो रिसालो' इस काल की महत्वपूर्ण रचना है।
    • आधुनिक काल (19वीं शताब्दी से वर्तमान): अंग्रेजी शासन के दौरान सिंधी भाषा को शिक्षा और प्रशासन में स्थान मिला। आधुनिक काल में कहानी, उपन्यास, नाटक और पत्रकारिता का विकास हुआ।

    सिंधी साहित्य में सूफीवाद, प्रेम, भक्ति और सामाजिक चेतना की प्रमुखता रही है।

  2. "सिंधी भाषा के विकास में शिक्षा और मीडिया की भूमिका का वर्णन कीजिए।"

    उत्तर: सिंधी भाषा के विकास में शिक्षा और मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है:

    • शिक्षा का योगदान: स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सिंधी भाषा के पाठ्यक्रम ने इसे संरक्षित किया। राजस्थान और गुजरात में सिंधी माध्यम के स्कूलों ने भाषा को बढ़ावा दिया।
    • मीडिया का योगदान: सिंधी समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो और टेलीविजन कार्यक्रमों ने भाषा को जीवंत रखा। 'हिंदुस्तान', 'सिंधी टाइम्स' जैसे अखबारों ने सिंधी साहित्य को प्रसारित किया।

    इन दोनों माध्यमों ने सिंधी भाषा को आधुनिक युग में प्रासंगिक बनाए रखा है।

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Sindhi (S-74) – 2021 – Page 10

प्रश्न 30. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :

  1. “सिंधी भाषा की उत्पत्ति और विकास” पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  2. “सिंधी साहित्य के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ” का वर्णन कीजिए।

उत्तर (विकल्प a): सिंधी भाषा की उत्पत्ति प्राकृत और अपभ्रंश से मानी जाती है। इसका विकास मुख्यतः सिंध प्रांत (वर्तमान पाकिस्तान) और भारत के राजस्थान, गुजरात आदि क्षेत्रों में हुआ। सिंधी भाषा पर अरबी, फारसी और संस्कृत का गहरा प्रभाव है। इसकी लिपि अरबी-फारसी (नस्तालीक) और देवनागरी दोनों में लिखी जाती है। सिंधी साहित्य में शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई, सचल सरमस्त, बुल्ले शाह जैसे महान कवियों का योगदान है। आधुनिक काल में सिंधी भाषा ने कहानी, उपन्यास, नाटक और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है।

प्रश्न 31. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

“सिंधी भाषा का इतिहास बहुत प्राचीन है। यह भाषा सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी हुई है। समय के साथ इसमें अनेक परिवर्तन हुए। आज यह भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में बोली जाती है।”
  1. सिंधी भाषा का इतिहास कैसा है?
  2. यह भाषा किस सभ्यता से जुड़ी है?
  3. यह भाषा किन देशों में बोली जाती है?

उत्तर:

  1. सिंधी भाषा का इतिहास बहुत प्राचीन है।
  2. यह भाषा सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी है।
  3. यह भाषा भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में बोली जाती है।

प्रश्न 32. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

  1. “सिंधी भाषा की लिपि” पर टिप्पणी लिखिए।
  2. “सिंधी साहित्य में शाह अब्दुल लतीफ भिट्टाई का योगदान” बताइए।
  3. “सिंधी भाषा के विकास में राजस्थान का योगदान” स्पष्ट कीजिए।

उत्तर (विकल्प a): सिंधी भाषा की लिपि मुख्यतः दो प्रकार की है – अरबी-फारसी (नस्तालीक) और देवनागरी। अरबी-फारसी लिपि में सिंधी भाषा को दाएँ से बाएँ लिखा जाता है, जबकि देवनागरी लिपि में बाएँ से दाएँ। भारत में सिंधी भाषा के लिए देवनागरी लिपि का प्रयोग अधिक होता है, जबकि पाकिस्तान में अरबी-फारसी लिपि का। दोनों लिपियों में सिंधी भाषा की ध्वनियों को व्यक्त करने के लिए विशेष चिह्नों का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 33. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए :

  1. सिंधु
  2. सभ्यता
  3. इतिहास
  4. भाषा

उत्तर:

  1. सिंधु – नदी, विशेषकर सिंधु नदी।
  2. सभ्यता – सुसंस्कृत समाज, विकसित जीवन शैली।
  3. इतिहास – अतीत की घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण।
  4. भाषा – विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम, वाणी।

प्रश्न 34. निम्नलिखित वाक्यों को सिंधी में अनुवाद कीजिए :

  1. मैं सिंधी भाषा सीख रहा हूँ।
  2. सिंधी साहित्य बहुत समृद्ध है।
  3. हमें अपनी भाषा पर गर्व है।

उत्तर:

  1. मैं सिंधी भाषा सीख रहा हूँ। (सिंधी में: माँ सिंधी भाषा सिखी रह्यो आहियाँ।)
  2. सिंधी साहित्य बहुत समृद्ध है। (सिंधी में: सिंधी साहित्य बहुत समृद्ध आहिय।)
  3. हमें अपनी भाषा पर गर्व है। (सिंधी में: असाँ कूँ पण्हीं भाषा ते गर्व आहिय।)

— पृष्ठ 10 समाप्त —

प्रश्न पत्र – सिन्धी (S-74) 2021

खण्ड – क

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए –

  1. “पंछी” कविता के रचयिता का नाम लिखिए।
  2. “सिन्धी भाषा” के विकास में किन-किन विद्वानों का योगदान रहा है?

उत्तर (a): “पंछी” कविता के रचयिता श्री लालचंद जगतियानी हैं।

उत्तर (b): सिन्धी भाषा के विकास में डॉ. गुरबख्शानी, डॉ. मोतीलाल जोतवानी, डॉ. हरिशंकर आदेश, डॉ. लक्ष्मण खुबचंदानी आदि विद्वानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

प्रश्न 6. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

“सिन्धी भाषा प्राचीन भाषाओं में से एक है। इसका अपना एक समृद्ध साहित्य है। सिन्धी भाषा में अनेक कवियों, लेखकों ने अपनी रचनाओं से भाषा को समृद्ध किया है।”
  1. सिन्धी भाषा कैसी भाषा है?
  2. सिन्धी भाषा को किसने समृद्ध किया?

उत्तर (i): सिन्धी भाषा प्राचीन भाषाओं में से एक है और इसका अपना समृद्ध साहित्य है।

उत्तर (ii): सिन्धी भाषा को अनेक कवियों और लेखकों ने अपनी रचनाओं से समृद्ध किया है।

प्रश्न 7. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. “सिन्धी साहित्य” के विकास पर प्रकाश डालिए।
  2. “शाह अब्दुल लतीफ भिटाई” की रचनाओं का वर्णन कीजिए।
  3. “सिन्धी भाषा” की लिपि क्या है? इसके बारे में बताइए।

उत्तर (a): सिन्धी साहित्य का विकास प्राचीन काल से ही होता आ रहा है। इसमें शाह अब्दुल लतीफ भिटाई, सचल सरमस्त, बेकस, दयाराम गिदुमल आदि कवियों का महत्वपूर्ण योगदान है। आधुनिक काल में कहानी, उपन्यास, नाटक आदि विधाओं का विकास हुआ है।

उत्तर (b): शाह अब्दुल लतीफ भिटाई सिन्धी भाषा के महान कवि हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ “शाह जो रिसालो” में संग्रहित हैं। इनमें सूफीवाद, प्रेम, प्रकृति और मानवता के भावों का सुंदर चित्रण मिलता है।

उत्तर (c): सिन्धी भाषा की लिपि अरबी-फारसी लिपि है। इसमें 52 वर्ण होते हैं। यह लिपि दाएँ से बाएँ लिखी जाती है।

प्रश्न 8. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

“आओ बच्चों, हम सब मिलकर,
पढ़ें और लिखें सिन्धी भाषा।
यह हमारी मातृभाषा है,
इससे ही मिलती है हमें आशा।”
  1. उपर्युक्त पद्यांश में किस भाषा की बात की गई है?
  2. इस भाषा को क्या कहा गया है?

उत्तर (i): उपर्युक्त पद्यांश में सिन्धी भाषा की बात की गई है।

उत्तर (ii): इस भाषा को मातृभाषा कहा गया है।

प्रश्न 9. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. “सिन्धी भाषा” के महत्व पर प्रकाश डालिए।
  2. “सिन्धी साहित्य” की प्रमुख विधाओं का वर्णन कीजिए।
  3. “सिन्धी भाषा” के संरक्षण के उपाय बताइए।

उत्तर (a): सिन्धी भाषा का महत्व इसलिए है क्योंकि यह सिन्धी समुदाय की मातृभाषा है। यह उनकी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को संजोए हुए है। इस भाषा में समृद्ध साहित्य, लोकगीत और कहानियाँ हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती रहती हैं।

उत्तर (b): सिन्धी साहित्य की प्रमुख विधाओं में कविता (शाह अब्दुल लतीफ, सचल सरमस्त), कहानी (गुरबख्शानी, मोतीलाल जोतवानी), उपन्यास, नाटक, निबंध और जीवनी शामिल हैं।

उत्तर (c): सिन्धी भाषा के संरक्षण के उपाय: (1) स्कूलों में सिन्धी भाषा की शिक्षा को अनिवार्य बनाना, (2) सिन्धी पुस्तकों और पत्रिकाओं का प्रकाशन बढ़ाना, (3) सिन्धी भाषा में फिल्में और नाटक बनाना, (4) सिन्धी भाषा के कार्यक्रमों का आयोजन करना।

प्रश्न 10. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए –

  1. सिन्धी भाषा का इतिहास
  2. सिन्धी साहित्य में आधुनिकता

निबंध (a): सिन्धी भाषा का इतिहास

सिन्धी भाषा का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। यह भाषा सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़ी हुई है। प्रारंभ में यह ब्राह्मी लिपि में लिखी जाती थी, बाद में अरबी-फारसी लिपि अपनाई गई। मध्यकाल में शाह अब्दुल लतीफ भिटाई, सचल सरमस्त जैसे कवियों ने इस भाषा को समृद्ध किया। आधुनिक काल में डॉ. गुरबख्शानी, डॉ. मोतीलाल जोतवानी आदि ने सिन्धी भाषा के विकास में योगदान दिया। 1947 के बाद सिन्धी भाषा को भारत में संवैधानिक मान्यता मिली और आज यह भारत की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है।

निबंध (b): सिन्धी साहित्य में आधुनिकता

सिन्धी साहित्य में आधुनिकता का प्रभाव 20वीं शताब्दी से दिखाई देने लगा। आधुनिक सिन्धी साहित्य में यथार्थवाद, मनोवैज्ञानिकता और सामाजिक चेतना के तत्व प्रमुख हैं। कहानी और उपन्यास विधाओं में गुरबख्शानी, मोतीलाल जोतवानी, हरिशंकर आदेश आदि ने नई शैली और विषयवस्तु को अपनाया। कविता में प्रगतिवाद और प्रयोगवाद का प्रभाव देखा जा सकता है। आधुनिक सिन्धी साहित्य में नारीवाद, पर्यावरण और वैश्वीकरण जैसे विषयों पर भी लेखन हुआ है।

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