RBSE Class 10th 2021 Telecom-V-112-2021 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2021
Subject Telecom-V-112-2021
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th Telecom-V-112-2021 2021 solved Previous Year Question Papers

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा - 10) परीक्षा, 2022

लेवल - द्वितीय

विषय - टेलीकॉम

समय : 3 घंटे 15 मिनट     पूर्णांक : 30


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
  3. परीक्षार्थी यथासंभव प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में अपने शब्दों में निर्धारित शब्द सीमा में लिखें।
  4. प्रश्न संख्या 1 से 3 तक के उत्तर एक पंक्ति में लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 4 से 9 तक के उत्तर दो से चार पंक्तियों में लिखें।
  6. प्रश्न संख्या 10 से 14 के उत्तर एक पृष्ठ में लिखें।

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खण्ड - अ

6. स्व-प्रेरणा का अर्थ समझाइये।

स्व-प्रेरणा का अर्थ है अपने आप को किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करना, बिना किसी बाहरी दबाव या प्रोत्साहन के। यह आंतरिक इच्छा और आत्मविश्वास से उत्पन्न होती है, जो व्यक्ति को लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर करती है।

7. उद्यमशीलता क्या है?

उद्यमशीलता एक नया व्यवसाय या उद्यम शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया है, जिसमें जोखिम उठाना, नवाचार करना और संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करना शामिल है। यह आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन है।

8. स्थायी विकास क्या है?

स्थायी विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करता है, बिना भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए। इसमें आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं का संतुलन शामिल है।

खण्ड - ब

9. संचार चक्र के तत्व कौन से हैं?

संचार चक्र के मुख्य तत्व निम्नलिखित हैं:

  1. प्रेषक (Sender) - संदेश भेजने वाला व्यक्ति
  2. संदेश (Message) - जो जानकारी भेजी जाती है
  3. माध्यम (Channel/Medium) - संदेश पहुँचाने का मार्ग (जैसे मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रॉनिक)
  4. प्राप्तकर्ता (Receiver) - संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति
  5. प्रतिक्रिया (Feedback) - प्राप्तकर्ता की प्रतिक्रिया
  6. शोर (Noise) - संचार में बाधा डालने वाले कारक

10. आप दूसरों को अपने कम्प्यूटर का उपयोग करने से कैसे रोकेंगे?

दूसरों को अपने कम्प्यूटर का उपयोग करने से रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  1. पासवर्ड सेट करें - एक मजबूत पासवर्ड बनाएं और इसे किसी के साथ साझा न करें।
  2. स्क्रीन लॉक (Screen Lock) - कम्प्यूटर को छोड़ते समय तुरंत लॉक करें (Windows + L दबाएं)।
  3. बायोमेट्रिक सुरक्षा - यदि उपलब्ध हो, तो फिंगरप्रिंट या फेशियल रिकॉग्निशन का उपयोग करें।
  4. गेस्ट अकाउंट - यदि किसी को अस्थायी उपयोग देना है, तो सीमित अधिकारों वाला गेस्ट अकाउंट बनाएं।

11. आप्टिकल फाइबर केबल के दो प्रकारों के केवल नाम लिखिए।

आप्टिकल फाइबर केबल के दो प्रकार हैं:

  1. सिंगल-मोड फाइबर (Single-mode Fiber)
  2. मल्टी-मोड फाइबर (Multi-mode Fiber)

12. आप्टिकल फाइबर केबल (installation) में काम आने वाले चार औजारों के नाम लिखिए।

आप्टिकल फाइबर केबल स्थापना में काम आने वाले चार औजार:

  1. फाइबर स्ट्रिपर (Fiber Stripper) - केबल की बाहरी परत हटाने के लिए
  2. फाइबर कटर (Fiber Cleaver) - फाइबर को सटीकता से काटने के लिए
  3. फ्यूजन स्प्लिसर (Fusion Splicer) - दो फाइबर को जोड़ने के लिए
  4. पॉलिशिंग टूल (Polishing Tool) - कनेक्टर के सिरे को चिकना करने के लिए

13. आप्टिकल फाइबर केबल लगाते समय काम आने वाले चार परसनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेन्ट (Personal protective equipment) के केवल नाम लिखिए।

आप्टिकल फाइबर केबल लगाते समय उपयोग किए जाने वाले चार व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE):

  1. सुरक्षा चश्मा (Safety Glasses) - आँखों को फाइबर के छोटे टुकड़ों से बचाने के लिए
  2. दस्ताने (Gloves) - हाथों को कटने और रसायनों से बचाने के लिए
  3. फेस मास्क (Face Mask) - धूल और कणों को साँस के माध्यम से जाने से रोकने के लिए
  4. सुरक्षा जूते (Safety Shoes) - पैरों को भारी वस्तुओं से बचाने के लिए

14. आप्टिकल टेक्नोलोजी के फायदे बताइये।

आप्टिकल फाइबर टेक्नोलोजी के प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:

  1. उच्च बैंडविड्थ - बहुत अधिक डेटा ट्रांसफर क्षमता (तेज इंटरनेट)
  2. कम सिग्नल हानि - लंबी दूरी तक सिग्नल कमजोर नहीं होता
  3. विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप से मुक्त - बिजली के उपकरणों से प्रभावित नहीं होता
  4. हल्का और पतला - तांबे के केबल की तुलना में कम जगह लेता है
  5. सुरक्षित - डेटा चोरी करना मुश्किल (टैप करना कठिन)
  6. लंबी उम्र - टिकाऊ और कम रखरखाव की आवश्यकता

खण्ड - स

15. आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए रास्ते का चुनाव करते समय कौनसी मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए?

आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए रास्ता चुनते समय निम्नलिखित मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. भूमिगत बाधाएँ - पानी के पाइप, गैस लाइन, बिजली के केबल आदि से दूरी बनाए रखें।
  2. सड़क और निर्माण कार्य - भविष्य में होने वाले उत्खनन या निर्माण से बचने के लिए स्थिर रास्ता चुनें।
  3. पेड़ों की जड़ें - जड़ों से केबल को नुकसान से बचाने के लिए उचित गहराई पर बिछाएं।
  4. मोड़ की त्रिज्या (Bend Radius) - केबल को बहुत तेज मोड़ पर न बिछाएं, न्यूनतम मोड़ त्रिज्या का ध्यान रखें।
  5. सुरक्षा क्षेत्र - केबल को यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए डक्ट या पाइप का उपयोग करें।
  6. भविष्य की आवश्यकता - भविष्य में विस्तार या मरम्मत के लिए पहुँच आसान होनी चाहिए।

16. आप्टिकल फाईबर डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेम का क्या कार्य है? इसके चार फीचर्स (Features) भी लिखिए।

आप्टिकल फाइबर डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेम (ODF) एक उपकरण है जो आप्टिकल फाइबर केबलों को व्यवस्थित और प्रबंधित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य कार्य विभिन्न फाइबर कनेक्शनों को एक केंद्रीय स्थान पर जोड़ना और वितरित करना है, ताकि नेटवर्क में आसानी से बदलाव और रखरखाव किया जा सके।

चार प्रमुख फीचर्स (Features):

  1. उच्च घनत्व (High Density) - कम जगह में अधिक फाइबर कनेक्शन को समायोजित कर सकता है।
  2. मॉड्यूलर डिज़ाइन (Modular Design) - आवश्यकतानुसार विस्तार या पुनर्व्यवस्थित किया जा सकता है।
  3. सुरक्षा (Protection) - फाइबर को धूल, नमी और यांत्रिक क्षति से बचाता है।
  4. आसान पहुँच (Easy Access) - रखरखाव और परीक्षण के लिए फाइबर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।

2. आप्टिकल फाईबर में वेल्डिंग लॉस (Welding loss) बहुत ज्यादा है तो क्या कारण हो सकते हैं ?

उत्तर: आप्टिकल फाइबर में वेल्डिंग लॉस (Welding loss) बहुत ज्यादा होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  1. फाइबर का गलत संरेखण (Misalignment): दो फाइबर के सिरों को सही ढंग से न जोड़ना, जिससे प्रकाश का रिसाव होता है।
  2. फाइबर के सिरों की गंदगी या खरोंच: वेल्डिंग से पहले फाइबर के सिरों की सफाई न करना या उनमें खरोंच होना।
  3. अनुचित तापमान या समय: वेल्डिंग मशीन का सही तापमान या समय न होना, जिससे जोड़ कमजोर हो जाता है।
  4. फाइबर के प्रकार में अंतर: दो अलग-अलग प्रकार के फाइबर (जैसे सिंगल-मोड और मल्टी-मोड) को जोड़ना।
  5. वेल्डिंग मशीन की खराबी: मशीन का सही ढंग से कैलिब्रेट न होना या उसमें तकनीकी समस्या होना।

3. आप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए ट्रेंचिंग प्रक्रिया को समझाइये।

उत्तर: आप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए ट्रेंचिंग प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में की जाती है:

  1. मार्ग का चयन (Route Selection): सबसे पहले फाइबर बिछाने के लिए उपयुक्त मार्ग का चयन किया जाता है, जहाँ भूमिगत बाधाएँ कम हों।
  2. खाई खोदना (Trenching): चयनित मार्ग पर एक खाई (ट्रेंच) खोदी जाती है। इसकी गहराई आमतौर पर 1-1.5 मीटर होती है, ताकि फाइबर सुरक्षित रहे।
  3. रेत या मिट्टी की परत बिछाना: खाई के तल में रेत या मुलायम मिट्टी की एक परत बिछाई जाती है, जिससे फाइबर को नुकसान न हो।
  4. फाइबर केबल बिछाना: फाइबर ऑप्टिक केबल को खाई में सावधानीपूर्वक बिछाया जाता है। इसे सीधा और बिना मोड़ के रखा जाता है।
  5. ढकना और संरक्षण: केबल के ऊपर फिर से रेत या मिट्टी की परत डाली जाती है, और फिर खाई को मिट्टी से भर दिया जाता है। कभी-कभी चेतावनी टेप भी बिछाया जाता है।
  6. परीक्षण: बिछाने के बाद फाइबर की गुणवत्ता और सिग्नल की जाँच की जाती है।

4. मल्टीप्लेक्सिंग (Multiplexing) से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर: मल्टीप्लेक्सिंग (Multiplexing) एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक ही संचार माध्यम (जैसे एक तार या फाइबर) पर एक साथ कई अलग-अलग सिग्नलों को भेजा जाता है। इसका उद्देश्य संचार माध्यम का अधिकतम उपयोग करना और डेटा ट्रांसमिशन की क्षमता बढ़ाना है।

उदाहरण: टेलीफोन लाइनों में एक ही तार पर कई कॉलों को भेजना मल्टीप्लेक्सिंग का एक सामान्य उदाहरण है।

मुख्य प्रकार:

  • फ्रीक्वेंसी डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग (FDM): अलग-अलग सिग्नलों को अलग-अलग आवृत्तियों पर भेजा जाता है।
  • टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग (TDM): अलग-अलग सिग्नलों को समय के अलग-अलग स्लॉट में भेजा जाता है।
  • वेवलेंथ डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग (WDM): ऑप्टिकल फाइबर में अलग-अलग तरंगदैर्ध्य (रंग) के प्रकाश का उपयोग करके कई सिग्नल भेजे जाते हैं।