RBSE Class 10th 2022 )-S-75-2022 Previous Year Papers
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2022 |
| Subject | )-S-75-2022 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2022 )-S-75-2022
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Rajasthan Board Class 10th )-S-75-2022 2022 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2022
SECONDARY EXAMINATION, 2022
पंजाबी
PUNJABI
(THIRD LANGUAGE)
Time : 2 Hours 45 Minutes
Maximum Marks : 80
नामांक / Roll No.
No. of Questions — 22 S-75-Punjabi (T.L.)
No. of Printed Pages — 07
निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अंकित करें।
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए आवंटित अंक उसके सामने अंकित हैं। प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है। प्रश्न-पत्र में कुल 22 प्रश्न हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें। यदि किसी प्रश्न के दो भाग हों तो उन्हें एक साथ ही लिखें। उत्तर लिखने से पूर्व प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।
S-75-Punjabi (T-L.) [Turn Over
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प्रश्न 8 [2 × 1 = 2]
(i) निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिए :-
- पंजाबी भाषा का मूल स्रोत है -
- संस्कृत
- पालि
- प्राकृत
- अपभ्रंश
- पंजाबी भाषा की लिपि है -
- गुरुमुखी
- देवनागरी
- शाहमुखी
- रोमन
सही उत्तर: (i) प्राकृत, (ii) गुरुमुखी
व्याख्या: पंजाबी भाषा का विकास प्राकृत से हुआ है और इसकी लिपि गुरुमुखी है।
(ii) निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :-
पंजाबी भाषा का मानक रूप है -
- माझी
- दोआबी
- मालवी
- पोठोहारी
सही उत्तर: माझी
व्याख्या: पंजाबी भाषा का मानक रूप माझी बोली है, जो अमृतसर और लाहौर क्षेत्र में बोली जाती है।
(iii) निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :-
पंजाबी साहित्य का प्रारंभिक काल कहलाता है -
- नाथ-योगी काल
- सूफी काल
- गुरु काल
- आधुनिक काल
सही उत्तर: नाथ-योगी काल
व्याख्या: पंजाबी साहित्य का प्रारंभिक काल नाथ-योगी काल (9वीं-12वीं शताब्दी) माना जाता है।
(iv) निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :-
पंजाबी भाषा का पहला व्याकरण किसने लिखा?
- डॉ. रतन सिंह जग्गी
- डॉ. हरजीत सिंह
- डॉ. सुखदेव सिंह
- डॉ. गुरबख्श सिंह
सही उत्तर: डॉ. रतन सिंह जग्गी
व्याख्या: डॉ. रतन सिंह जग्गी ने पंजाबी भाषा का पहला वैज्ञानिक व्याकरण लिखा।
(v) 'पंजाबी' शब्द किस भाषा से लिया गया है?
- फारसी
- अरबी
- संस्कृत
- हिंदी
सही उत्तर: फारसी
व्याख्या: 'पंजाबी' शब्द फारसी भाषा के 'पंज' (पाँच) और 'आब' (पानी) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है पाँच नदियों का क्षेत्र।
(vi) "पंजाबी भाषा का विकास संस्कृत से हुआ है" - यह कथन किस विद्वान का है?
- डॉ. गुरमुख सिंह
- डॉ. सुखदेव सिंह
- डॉ. हरजीत सिंह
- डॉ. रतन सिंह जग्गी
सही उत्तर: डॉ. गुरमुख सिंह
व्याख्या: डॉ. गुरमुख सिंह ने पंजाबी भाषा के विकास को संस्कृत से जोड़ा है।
(vii) 'पंजाबी भाषा का सबसे प्राचीन रूप कौन सा है?
- प्राकृत
- अपभ्रंश
- संस्कृत
- पालि
सही उत्तर: प्राकृत
व्याख्या: पंजाबी भाषा का सबसे प्राचीन रूप प्राकृत माना जाता है, जिससे बाद में अपभ्रंश और फिर पंजाबी का विकास हुआ।
(viii) "पंजाबी भाषा का मानकीकरण किसने किया?"
- डॉ. रतन सिंह जग्गी
- डॉ. हरजीत सिंह
- डॉ. सुखदेव सिंह
- डॉ. गुरबख्श सिंह
सही उत्तर: डॉ. रतन सिंह जग्गी
व्याख्या: डॉ. रतन सिंह जग्गी ने पंजाबी भाषा के मानकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न पत्र – पंजाबी (T.L.) S-75-2022 (पृष्ठ 3)
ix) “अस्त उँडल अगा दे फी दिन फा ततीशा उठ ।”
गुदास ए 'उ वरे अग-निगा म्रघए “बे” ए मती शठघ ते -
- शप्तता
- ठमठे टी दाए
- छू) वे
- साज
सही उत्तर: (ब) ठमठे टी दाए
व्याख्या: दिए गए वाक्य में 'बे' शब्द का प्रयोग ठमठे टी दाए के अर्थ में हुआ है।
x) ‘फास’ हाए ए प्रभाठतघन प्रघर चले -
- अफतास
- टेस्ट
- फोर्स
- मे मठिलदणत
सही उत्तर: (अ) अफतास
व्याख्या: 'फास' शब्द का प्रभाठतघन प्रघर 'अफतास' है।
xi) “OOH राए रा मठी फेड्डत वाए है -
- उठता - उता
- उठभठ - पिशाता
- ईएस टास
- 3हा
सही उत्तर: (ब) उठभठ - पिशाता
व्याख्या: वाक्य में 'OOH राए रा मठी फेड्डत' का सही रूप उठभठ - पिशाता है।
xii) “उन्म? सुसुर एस अडफोस फ्रा तै -
- गुआस (दुस)
- अयुदार
- असे
- भाठमा
सही उत्तर: (अ) गुआस (दुस)
व्याख्या: 'उन्म' शब्द का सही रूप गुआस (दुस) है।
2. 36 लिपीशां पाली अरेट बते :- [6×1=6]
i) डठीरा HHS FIAT ST WT ....................
उत्तर: डठीरा HHS FIAT ST WT .................... (रिक्त स्थान भरें)
ii) डाते डृष्टी शविठठथल्ू ........................................
उत्तर: डाते डृष्टी शविठठथल्ू ........................................ (रिक्त स्थान भरें)
iii) = ठेष्टी मी ....................... 3 फौ लिप भाते ए
उत्तर: = ठेष्टी मी ....................... 3 फौ लिप भाते ए (रिक्त स्थान भरें)
iv) गगएीठ ................... घन्हिल रा aH age मी
उत्तर: गगएीठ ................... घन्हिल रा aH age मी (रिक्त स्थान भरें)
v) O38 घगले फी उठे भाठे ठेठां .................... अर्गेर फार
उत्तर: O38 घगले फी उठे भाठे ठेठां .................... अर्गेर फार (रिक्त स्थान भरें)
vi) Bua डे रेट बैल हे AAS ABE .................. लगदी मी
उत्तर: Bua डे रेट बैल हे AAS ABE .................. लगदी मी (रिक्त स्थान भरें)
3. ठेठ फिया थुप्रां ठु डे अद :- [½×2=1]
i) वे री ओम फेग अत एए? अफेस फान एक्ट टी उचठा 3 ९
उत्तर: वे री ओम फेग अत एए? अफेस फान एक्ट टी उचठा 3 ९ (रिक्त स्थान भरें)
ii) ‘एधे नास डीजी फोएस एजी हफस हिस्ट एप! ॥
गुदास गा फिया वरे अनफेस’ माए रा शठघ छिपे :-
उत्तर: ‘एधे नास डीजी फोएस एजी हफस हिस्ट एप! ॥ (रिक्त स्थान भरें)
S-75-Punjabi (T.L.) 600 (Turn Over)
प्रश्न पत्र – पंजाबी (T.L.) – 2022 – Page 4
(ii) ‘फस ठीडीं अमर गे चविश्भष्टीज्ां सग’ ॥ इस वाक्य में कौन-सा काल प्रयोग हुआ है?
उत्तर: भूतकाल (Past Tense)
(iii) अत भाषा दातिम्र अग अतेस्त फेअ अफेअद दाठित अत है फग ओगे ते?
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
(v) फेअत बढातां फदस, सात 3 जै फेउ, मिंठी 3 प्ठ्ठैली, बात 3 पत्ती वेस्ट। गुदास अस फग आप्टे सत प्रघट रा शठघ लिपे।
उत्तर: यह वाक्य अर्थपूर्ण नहीं है। कृपया सही पाठ प्रदान करें।
(vi) फ्रेन मिंथ हुँ फक्सद-फराद अत ओरे हिथभा फेस्ट म्रांटी है?
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
(vii) सोरेस री भाडी भी ओएस वेट बैठ मड टी ए फिएस मी?
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
(viii) “हट 2 फोमर्ड” ऑट फेअ दुआ 3 हुमरी बैठ हुँ आ 3 वत फद फद थे मठ?
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
(ix) तेल गॉडी रे 38 रु डेग फिग डे उफो अफेर मी?
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
(x) बारेस फांग शपरे आ?
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
(xi) उए री एस्ट ए दीडी विट 3 2
उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है। कृपया स्पष्ट करें।
भाग – शा (4-5) ठेठ छिपे यरत हूँ दे अद :- [72 x 2 = 24]
मर्भा फेअ होस वेरे 3। वोदियत, मुस, फेअ भींठ 32, ए जे, दे 32, गठभी दे, विस उले उग सेट से दे आ बतर है। जाजत फेय अस्त फेअ, बातश्रवठिग्भा फेअ, फेनक डँटीशां माल फेअ उंत छात-रत्त सेइन तठ। अस ओह दिंच फास्ट वी देइन हब अ उले अय, दिंठा घेरिला श डे ढेठ हेड-अम पप्तमिव मां फेओ फ़त्याछुओआं रे छिंवठ लाम डी फेस ढेती, हिड-हहे 3 दिक्षात ओन्फे फार दे ओन सिंच छिठतां गँलां ओस मे गेवे ठठीं अफार वे। वग्स-मिलाग सस फेस-ओस पठभ री अत एफोन-सान फ्रेन उसद ए ओस। डेअत एम फेअ ए फेस्ट डी घतढ़ सिट टे, बे यस विओ आपडे डाय एस उदे ए उस।, अगि एम 3 डट बे आ दीउ फिएर ओश अव फेअर्स फेअ उलेर वेट उए री अने आद फेअ उआ एच 3 मादा फोस्स अस्त विएट तै फेन @ ओरेस फार ज्ञा नी तै वि सीआर डाय हिस्स उस्तेस ते यार्ड। फेड्ट ओव्स ओफा गुआट री डीज एमडी अस एक्ट क्यू 283 सत गै।
(4-8) गुदास ओफ सी उगेआ दो छिपे भ्रप्ततां ओसा फेत :-
- गुदास उग रा गैक्ट फ्रासी फेड?
- विल्टको, नुए फेस उग आएट फाए अउ आगेर ते?
§-75-पंजाबी (T.L.) 600
पंजाबी (T.L.) – 2022 (S-75)
6. गुरुमुखी लिपि में कितने स्वर वर्ण हैं?
- 3
- 6
- 10
- 12
व्याख्या: गुरुमुखी लिपि में 10 स्वर वर्ण होते हैं।
7. 'बाबा फरीद' जी का जन्म कहाँ हुआ?
- पटियाला
- लुधियाना
- कोटकपूरा
- अमृतसर
व्याख्या: बाबा फरीद का जन्म कोटकपूरा (फरीदकोट) में हुआ था।
8. 'वारिस शाह' की रचना कौन सी है?
- हीर राँझा
- सस्सी पुन्नू
- हीर
- मिर्जा साहिबाँ
व्याख्या: वारिस शाह की प्रसिद्ध रचना 'हीर' है।
9. 'गुरु ग्रंथ साहिब' में कितने शब्द हैं?
- 1430
- 1432
- 1434
- 1436
व्याख्या: गुरु ग्रंथ साहिब में 1432 पृष्ठ (शब्द) हैं।
10. 'पंजाबी' भाषा किस लिपि में लिखी जाती है?
- देवनागरी
- गुरुमुखी
- शाहमुखी
- रोमन
व्याख्या: पंजाबी भाषा मुख्यतः गुरुमुखी लिपि में लिखी जाती है।
11. 'गुरु नानक देव जी' का जन्म कहाँ हुआ?
- अमृतसर
- तलवंडी (ननकाना साहिब)
- लाहौर
- दिल्ली
व्याख्या: गुरु नानक देव जी का जन्म तलवंडी (अब ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ था।
12. 'हीर' किसकी रचना है?
- बुल्ले शाह
- वारिस शाह
- शाह हुसैन
- मियाँ मुहम्मद बख्श
व्याख्या: 'हीर' की रचना वारिस शाह ने की थी।
13. 'गुरु गोबिंद सिंह जी' ने किस वर्ष खालसा पंथ की स्थापना की?
- 1675
- 1699
- 1708
- 1716
व्याख्या: गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 ई. में वैशाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की।
14. 'पंजाबी' भाषा का मूल स्रोत क्या है?
- संस्कृत
- प्राकृत
- शौरसेनी प्राकृत
- पालि
व्याख्या: पंजाबी भाषा का विकास शौरसेनी प्राकृत से हुआ है।
15. 'गुरु अर्जुन देव जी' का संबंध किससे है?
- आदि ग्रंथ का संकलन
- हरमंदिर साहिब का निर्माण
- दोनों (a और b)
- इनमें से कोई नहीं
व्याख्या: गुरु अर्जुन देव जी ने आदि ग्रंथ का संकलन किया और हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) का निर्माण करवाया।
खंड-ख (लघु उत्तरीय प्रश्न)
(प्रश्न 16 से 19 तक – प्रत्येक 3 अंक)
16. 'गुरुमुखी लिपि' की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: गुरुमुखी लिपि की प्रमुख विशेषताएँ:
- यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।
- इसमें 35 वर्ण (पेंती अक्षर) होते हैं – 10 स्वर और 25 व्यंजन।
- यह ध्वन्यात्मक लिपि है, अर्थात जैसा लिखा जाता है वैसा ही उच्चारित होता है।
- इसमें मात्राएँ (लगा-मात्रा) का प्रयोग होता है।
- यह पंजाबी भाषा की मुख्य लिपि है और सिख धर्म के ग्रंथों में प्रयुक्त होती है।
17. 'बाबा फरीद' की रचनाओं का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: बाबा फरीद (1173-1265) सूफी संत और कवि थे। उनकी रचनाएँ मुख्यतः 'श्लोक' और 'सलोक' के रूप में मिलती हैं, जो गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं। उनकी कविता में प्रेम, विनम्रता, ईश्वर-भक्ति और सांसारिक मोह-माया से विरक्ति का संदेश है। प्रसिद्ध रचनाएँ: 'फरीद के सलोक' और 'फरीद जी के शब्द'।
18. 'गुरु ग्रंथ साहिब' के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: गुरु ग्रंथ साहिब सिख धर्म का केंद्रीय धार्मिक ग्रंथ है। इसका महत्व:
- यह सिखों का जीवित गुरु (गुरु ग्रंथ) माना जाता है।
- इसमें 6 गुरुओं, 15 भक्तों और 11 सूफी संतों की वाणी संकलित है।
- यह मानवता, समानता, और एकेश्वरवाद का संदेश देता है।
- इसे 'गुरु ग्रंथ साहिब' के रूप में 1708 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने स्थापित किया।
प्रश्न 88 (20-22)
88. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
मनुष्य जीवन में संयम का बहुत महत्व है। संयमी व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों पर नियंत्रण रखता है। वह क्रोध, लोभ, मोह आदि विकारों से दूर रहता है। संयम से ही व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है। संयमी व्यक्ति समाज में सम्मान पाता है।
प्रश्न: (20-22) गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: [4+4+6=14]
प्रश्न 20
20. गद्यांश में संयम के किन-किन पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है? निम्नलिखित विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए:
- संयमी व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों पर नियंत्रण रखता है।
- संयमी व्यक्ति क्रोध, लोभ, मोह आदि विकारों से दूर रहता है।
- संयम से ही व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है।
- संयमी व्यक्ति समाज में सम्मान पाता है।
विकल्प: क, ख, ग, घ
सही उत्तर: सभी विकल्प (i, ii, iii, iv) सही हैं।
व्याख्या: गद्यांश में संयम के सभी चार पहलुओं का उल्लेख किया गया है - विचारों और कर्मों पर नियंत्रण, विकारों से दूरी, सफलता प्राप्ति, और समाज में सम्मान।
प्रश्न 21
21. गद्यांश के आधार पर बताइए कि संयमी व्यक्ति किन विकारों से दूर रहता है?
उत्तर: संयमी व्यक्ति क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों से दूर रहता है। ये विकार मनुष्य के जीवन को अशांत और दुखी बनाते हैं, इसलिए संयमी व्यक्ति इनसे बचता है।
प्रश्न 22
22. 'संयम से ही व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है' - इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संयम का अर्थ है अपने विचारों, इच्छाओं और कर्मों पर नियंत्रण रखना। संयमी व्यक्ति अनुशासित जीवन जीता है, समय का सदुपयोग करता है, और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करता है। वह क्रोध, लोभ, आलस्य जैसी बुराइयों से दूर रहता है, जो सफलता में बाधक होती हैं। इस प्रकार, संयम व्यक्ति को आत्म-अनुशासन, धैर्य और दृढ़ता प्रदान करता है, जो सफलता के लिए आवश्यक गुण हैं। उदाहरण के लिए, एक विद्यार्थी यदि संयम रखता है और नियमित पढ़ाई करता है, तो वह परीक्षा में सफल हो सकता है।
प्रश्न 21
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 80 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए -
- पुस्तकालय का महत्व
- विद्यार्थी और अनुशासन
पुस्तकालय का महत्व
पुस्तकालय ज्ञान का भंडार है। यह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए अध्ययन का केंद्र है। पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकें, पत्रिकाएँ और संदर्भ सामग्री उपलब्ध होती है। यह स्वाध्याय की आदत विकसित करता है और ज्ञान का विस्तार करता है। पुस्तकालय में शांत वातावरण होता है जो गहन अध्ययन में सहायक होता है। आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकालय का अपना विशेष महत्व है।
प्रश्न 22
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में निबंध लिखिए :
- पर्यावरण संरक्षण
- विज्ञान के चमत्कार
- मेरा प्रिय नेता
पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण हमारे चारों ओर का वह आवरण है जिसमें हम रहते हैं। इसमें वायु, जल, भूमि, पेड़-पौधे और जीव-जंतु शामिल हैं। आज पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गया है। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई, औद्योगिक कचरा, वाहनों का धुआँ आदि पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, जल का संरक्षण करना चाहिए और प्रदूषण कम करना चाहिए। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखें।
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