RBSE Class 11th 2023 Chemistry-220523-2023 Previous Year Papers

Class 11th students hunting authentic previous year papers for Chemistry-220523-2023 (2023) land here for a reason: the paper below matches how RBSE assessments are remembered from that year. RBSE Solution does not mix years on one page; each combination gets its own notes.

Skim the overview sections, then work through the scanned pages. Pair this practice with RBSE books and solutions when you need to relearn a concept a question exposed.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2023
Subject Chemistry-220523-2023
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 11th, year 2023, and subject Chemistry-220523-2023 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

Turning 2023 papers into insight

One Chemistry-220523-2023 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.

Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 11th expect clear numbering even in practice sessions.

RBSE Class 11th 2023 Chemistry-220523-2023

Scroll through the Previous Year Papers pages for Chemistry-220523-2023 (2023).

RBSE Class 11th 2023 Chemistry-220523-2023 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 11th 2023 Chemistry-220523-2023 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 11th Chemistry-220523-2023 2023 solved Previous Year Question Papers

वार्षिक परीक्षा – 2022-23

कक्षा: 11 | पूर्णांक: 70 | समय: 3.15 घण्टे | विषय: रसायन विज्ञान

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश:

  1. सभी प्रश्न करना अनिवार्य है।
  2. सभी प्रश्नों के अंक उनके सामने अंकित हैं।

खण्ड – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

  1. 1 मोल CO₂ में कितने ग्राम CO₂ उपस्थित है?

    • (अ) 4.0 gm
    • (ब) 2.5 gm
    • (स) 4.4 gm
    • (द) 3.2 gm

    सही उत्तर: (स) 4.4 gm

    व्याख्या: CO₂ का मोलर द्रव्यमान = 12 + 2×16 = 44 g/mol, अतः 1 मोल = 44 ग्राम।

  2. निम्नलिखित में से सान्द्रता का कौनसा मात्रक ताप पर निर्भर करता है?

    • (अ) मोललता
    • (ब) मोलरता
    • (स) मोल अंश
    • (द) द्रव्यमान प्रतिशत

    सही उत्तर: (ब) मोलरता

    व्याख्या: मोलरता (M) = मोल/आयतन (L), आयतन ताप पर निर्भर करता है, अतः मोलरता ताप पर निर्भर करती है।

  3. ClF₃ की संरचना में केन्द्रीय परमाणु Cl पर एकाकी युग्म इलेक्ट्रॉनों की संख्या है?

    • (अ) एक
    • (ब) दो
    • (स) चार
    • (द) तीन

    सही उत्तर: (ब) दो

    व्याख्या: ClF₃ में Cl का संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 7, तीन F से 3 बंध बनाता है, शेष 4 इलेक्ट्रॉन = 2 एकाकी युग्म।

  4. निम्न में से किस मिश्रण में द्विध्रुव-द्विध्रुव आकर्षण होगा?

    • (अ) जल तथा KCl
    • (ब) बेन्जीन तथा एथेनॉल
    • (स) बेन्जीन तथा कार्बन टेट्राक्लोराइड
    • (द) NH₃ तथा H₂O

    सही उत्तर: (द) NH₃ तथा H₂O

    व्याख्या: NH₃ और H₂O दोनों ध्रुवीय अणु हैं, अतः इनमें द्विध्रुव-द्विध्रुव आकर्षण होता है।

  5. सभी तत्वों की एन्थैल्पी उनकी मानक अवस्था में होती है?

    • (अ) इकाई
    • (ब) शून्य
    • (स) < 0
    • (द) सभी तत्वों के लिए भिन्न

    सही उत्तर: (ब) शून्य

    व्याख्या: मानक अवस्था में किसी तत्व की एन्थैल्पी शून्य मानी जाती है।


खण्ड – ब (रिक्त स्थानों की पूर्ति)

  1. नाभिकीय आवेश बढ़ने पर आयनन ऊर्जा बढ़ती है।
  2. 3 इलेक्ट्रॉन निकालने के बाद M³⁺ की ऑक्सीकरण अवस्था +3 है।
  3. परम्यूटिट का रासायनिक सूत्र NaAlSi₂O₆·xH₂O है।
  4. ब्यूट-1-ईन में π बन्ध की संख्या एक होती है।
  5. डी.डी.टी. का सम्पूर्ण नाम डाइक्लोरो डाइफेनिल ट्राइक्लोरोएथेन है।

खण्ड – स (लघु उत्तरीय प्रश्न)

  1. सीमान्त अभिकर्मक क्या है? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।

    उत्तर: सीमान्त अभिकर्मक वह अभिकर्मक है जो किसी रासायनिक अभिक्रिया में पूर्णतः खर्च हो जाता है और उत्पाद की मात्रा निर्धारित करता है। उदाहरण: N₂ + 3H₂ → 2NH₃ में यदि 1 मोल N₂ और 2 मोल H₂ लें, तो H₂ सीमान्त अभिकर्मक होगा क्योंकि यह पहले समाप्त होगा।

  2. बोर मॉडल की कमियाँ बताइए।

    उत्तर: बोर मॉडल की कमियाँ: (i) यह बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं की व्याख्या नहीं कर सकता। (ii) यह ज़ीमान प्रभाव और स्टार्क प्रभाव की व्याख्या नहीं करता। (iii) यह इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति को नहीं समझाता। (iv) यह रासायनिक बंधन की व्याख्या नहीं कर सकता।

  3. हेस का स्थिर उष्मा संकलन नियम लिखिए।

    उत्तर: हेस का नियम: किसी अभिक्रिया की एन्थैल्पी परिवर्तन (ΔH) केवल प्रारंभिक और अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है, मध्यवर्ती पथ पर नहीं। अर्थात् ΔH = ΣΔHउत्पाद – ΣΔHअभिकारक

  4. जल की स्थायी व अस्थायी कठोरता का वर्णन कीजिए।

    उत्तर: अस्थायी कठोरता: Ca(HCO₃)₂ और Mg(HCO₃)₂ के कारण, उबालने पर दूर हो जाती है। स्थायी कठोरता: CaCl₂, MgSO₄ आदि के कारण, उबालने पर दूर नहीं होती, इसके लिए रासायनिक उपचार (जैसे सोडियम कार्बोनेट) आवश्यक है।

  5. क्षार धातु के द्रव अमोनिया विलयन रंगीन क्यों होते हैं?

    उत्तर: क्षार धातु द्रव अमोनिया में घुलकर विलायती इलेक्ट्रॉन (solvated electron) उत्पन्न करते हैं, जो नीला रंग देते हैं। ये इलेक्ट्रॉन प्रकाश को अवशोषित करते हैं, जिससे विलयन रंगीन दिखता है।

  6. निम्नलिखित की महत्ता बताइए:

    (i) चूना पत्थर

    उत्तर: चूना पत्थर (CaCO₃) का उपयोग सीमेंट, चूना, कांच निर्माण और लौह-इस्पात उद्योग में फ्लक्स के रूप में होता है।

    (ii) प्लास्टर ऑफ पेरिस

    उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) का उपयोग चिकित्सा में पट्टी बनाने, मूर्तियाँ बनाने और भवन निर्माण में होता है।

  7. निम्न को सन्तुलित समीकरण लिखिए:

    (i) BF₃ + LiH →

    उत्तर: BF₃ + 3LiH → B₂H₆ + 3LiF (असंतुलित), सही: 2BF₃ + 6LiH → B₂H₆ + 6LiF

    (ii) H₃BO₃ →

    उत्तर: H₃BO₃ → HBO₂ + H₂O (गर्म करने पर), या 4H₃BO₃ → H₂B₄O₇ + 5H₂O

  8. हैलोजन के आकलन की कैरिअस विधि में 0.5 g कार्बनिक यौगिक 0.12 g AgCl देता है। यौगिक में Cl का प्रतिशत ज्ञात कीजिए।

    हल: AgCl का मोलर द्रव्यमान = 108 + 35.5 = 143.5 g/mol। AgCl में Cl का द्रव्यमान = (35.5/143.5) × 0.12 = 0.0297 g। Cl का प्रतिशत = (0.0297/0.5) × 100 = 5.94%।

  9. प्रकाश रासायनिक धूम कोहरे के निर्माण के दौरान होने वाली अभिक्रिया लिखिए।

    उत्तर: प्रकाश रासायनिक धूम कोहरा (photochemical smog) निम्न अभिक्रियाओं से बनता है: NO₂ → NO + O (सूर्य प्रकाश), O + O₂ → O₃, O₃ + NO → NO₂ + O₂, तथा हाइड्रोकार्बन + O₃ → एल्डिहाइड, पेरॉक्सीएसिल नाइट्रेट (PAN) आदि।

  10. निम्न इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के लिए n, l, m, s क्वाण्टम संख्याओं के मान लिखिए:

    (i) 3s¹

    उत्तर: n=3, l=0, m=0, s=+½

    (ii) 4p⁵

    उत्तर: n=4, l=1, m=-1,

22. क्रान्तिक स्थिरांको को परिभाषित कीजिए।

क्रान्तिक स्थिरांक वे भौतिक राशियाँ हैं जो किसी पदार्थ की क्रान्तिक अवस्था (Critical State) को परिभाषित करती हैं। क्रान्तिक अवस्था वह ताप और दाब है जिस पर द्रव और वाष्प के बीच का अंतर समाप्त हो जाता है। तीन प्रमुख क्रान्तिक स्थिरांक हैं:

  • क्रान्तिक ताप (Tc): वह अधिकतम ताप जिस पर किसी गैस को दाब द्वारा द्रवित किया जा सकता है।
  • क्रान्तिक दाब (Pc): क्रान्तिक ताप पर गैस को द्रवित करने के लिए आवश्यक न्यूनतम दाब।
  • क्रान्तिक आयतन (Vc): क्रान्तिक ताप और क्रान्तिक दाब पर एक मोल गैस का आयतन।

23. गिब्ज ऊर्जा क्या होती है ? इससे किसी अभिक्रिया की स्वतः प्रवर्तिता की व्याख्या किस प्रकार की जाती है ? समझाइए।

गिब्ज ऊर्जा (G) एक ऊष्मागतिकी फलन है जो किसी निकाय की एन्थैल्पी (H), ताप (T) और एन्ट्रॉपी (S) से संबंधित है: G = H - TS

स्वतः प्रवर्तिता की व्याख्या: किसी अभिक्रिया की स्वतः प्रवर्तिता गिब्ज ऊर्जा में परिवर्तन (ΔG) पर निर्भर करती है:

  • यदि ΔG < 0 (ऋणात्मक), तो अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित (Spontaneous) होती है।
  • यदि ΔG > 0 (धनात्मक), तो अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित नहीं होती।
  • यदि ΔG = 0, तो निकाय साम्यावस्था में होता है।

ΔG = ΔH - TΔS के अनुसार, कम एन्थैल्पी (ΔH ऋणात्मक) और उच्च एन्ट्रॉपी (ΔS धनात्मक) स्वतः प्रवर्तिता को बढ़ावा देते हैं।

24. विद्युत रासायनिक श्रेणी की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए और इसके प्रमुख उपयोग भी बताइए।

विद्युत रासायनिक श्रेणी (Electrochemical Series) धातुओं और अधातुओं को उनके मानक अपचयन विभव (E°) के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करती है। इसमें सबसे ऊपर Li (सबसे प्रबल अपचायक) और सबसे नीचे F2 (सबसे प्रबल ऑक्सीकारक) होता है।

प्रमुख उपयोग:

  • अभिक्रियाओं की स्वतः प्रवर्तिता का निर्धारण (धनात्मक E°cell वाली अभिक्रिया स्वतः होती है)।
  • विभिन्न धातुओं की तुलनात्मक अभिक्रियाशीलता ज्ञात करना।
  • वैद्युत अपघटन में इलेक्ट्रोड अभिक्रियाओं का पूर्वानुमान।
  • गैल्वेनिक सेल का EMF ज्ञात करना।

25. निम्नलिखित से आप क्या समझते हैं?

(i) अक्रिय युग्म प्रभाव (Inert Pair Effect): यह प्रभाव भारी p-ब्लॉक तत्वों (जैसे Tl, Pb, Bi) में देखा जाता है, जहाँ ns2 इलेक्ट्रॉन युग्म अभिक्रियाओं में भाग नहीं लेता, जिससे निम्न ऑक्सीकरण अवस्था अधिक स्थायी होती है। उदाहरण: Pb(II) Pb(IV) से अधिक स्थायी है।

(ii) अपररूप (Allotropy): किसी तत्व के भिन्न-भिन्न भौतिक रूपों को अपररूप कहते हैं, जो एक ही रासायनिक अवस्था में होते हैं। उदाहरण: कार्बन के अपररूप – हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन।

(iii) भ्रुखलन (Deformation): यह शब्द संभवतः "विकृति" या "विरूपण" के अर्थ में प्रयोग हुआ है। रसायन विज्ञान में यह आणविक ज्यामिति में परिवर्तन या बंध कोणों में विचलन को दर्शाता है।

26. अनुनाद प्रभाव क्या होता है तथा यह कितने प्रकार का होता है ? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।

अनुनाद प्रभाव (Resonance Effect): यह एक अणु में π-इलेक्ट्रॉनों के विस्थानीकरण (Delocalization) के कारण उत्पन्न होता है, जिससे अणु की वास्तविक संरचना विभिन्न काल्पनिक संरचनाओं (अनुनादी संरचनाओं) का मिश्रण होती है।

प्रकार:

  • धनात्मक अनुनाद प्रभाव (+R): जब समूह π-इलेक्ट्रॉनों को अणु की ओर धकेलता है। उदाहरण: -OH, -NH2 समूह।
  • ऋणात्मक अनुनाद प्रभाव (-R): जब समूह π-इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर खींचता है। उदाहरण: -NO2, -CN समूह।

उदाहरण: बेंजीन (C6H6) में अनुनाद के कारण सभी C-C बंधों की लंबाई समान होती है।

27. (i) अष्टक नियम को परिभाषित कीजिए तथा इस नियम के महत्व और सीमाओं को लिखिए। (ii) O2 अणु का अणुकक्षक आरेख बनाइये व इसके आधार पर इसके बंध क्रम व चुंबकीय प्रकृति को समझाइए।

(i) अष्टक नियम (Octet Rule): यह नियम कहता है कि परमाणु रासायनिक बंध बनाते समय अपने बाह्यतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, जिससे वे उत्कृष्ट गैसों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को प्राप्त कर सकें।

महत्व: यह आयनिक और सहसंयोजक बंधों के निर्माण की व्याख्या करता है।

सीमाएँ:

  • H, He, Li जैसे तत्वों के लिए लागू नहीं (द्विक नियम)।
  • कुछ यौगिकों में अष्टक से अधिक इलेक्ट्रॉन (जैसे PCl5, SF6) या कम इलेक्ट्रॉन (जैसे BF3) होते हैं।
  • संक्रमण धातुओं के लिए लागू नहीं।

(ii) O2 अणु का अणुकक्षक आरेख:

O2 (16 इलेक्ट्रॉन) का अणुकक्षक विन्यास: σ1s2, σ*1s2, σ2s2, σ*2s2, σ2pz2, π2px2 = π2py2, π*2px1 = π*2py1

बंध क्रम: (10 - 6)/2 = 2।

चुंबकीय प्रकृति: O2 में दो अयुग्मित इलेक्ट्रॉन (π* कक्षकों में) होते हैं, अतः यह अनुचुंबकीय (Paramagnetic) है।

अथवा

27. (i) फार्मल आवेश किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित समझाइए। (ii) हाइड्रोजन बंध किसे कहते हैं तथा यह कितने प्रकार का होता है ? उदाहरण सहित समझाइए।

(i) फार्मल आवेश (Formal Charge): यह किसी अणु या आयन में एक परमाणु पर आवेश का अनुमान है, जो यह मानकर निकाला जाता है कि सभी सहसंयोजक बंधों में इलेक्ट्रॉन समान रूप से साझा होते हैं। सूत्र: फार्मल आवेश = संयोजी इलेक्ट्रॉन - (अबंधित इलेक्ट्रॉन + 1/2 × बंधित इलेक्ट्रॉन)।

उदाहरण: NO3- आयन में N का फार्मल आवेश = 5 - (0 + 1/2 × 8) = +1।

(ii) हाइड्रोजन बंध (Hydrogen Bond): यह एक अंतर-आणविक या अंतरा-आणविक आकर्षण बल है जो एक विद्युत-ऋणात्मक परमाणु (जैसे F, O, N) से बंधे हाइड्रोजन और दूसरे विद्युत-ऋणात्मक परमाणु के बीच बनता है।

प्रकार:

  • अंतर-आणविक हाइड्रोजन बंध: विभिन्न अणुओं के बीच। उदाहरण: H2O अणुओं के बीच।
  • अंतरा-आणविक हाइड्रोजन बंध: एक ही अणु के भीतर। उदाहरण: o-नाइट्रोफीनॉल में।

28. (i) निम्नलिखित अणुओं में σ व π आबंध दर्शाइए। C2H6, C2H4, CH3Cl, CH2=C=CH2 (ii) साम्य को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए। (iii) Kp व Kc सम्बन्ध स्थापित कीजिए।

(i) σ व π आबंध:

  • C2H6 (ईथेन): 7 σ बंध (6 C-H + 1 C-C), 0 π बंध।
  • C2H4 (एथीन): 5 σ बंध (4 C-H + 1 C-C), 1 π बंध (C=C में)।
  • CH3Cl (क्लोरोमेथेन): 4 σ बंध (3 C-H + 1 C-Cl), 0 π बंध।
  • CH2=C=CH2 (प्रोपाडाइईन): 6 σ बंध (4 C-H + 2 C-C), 2 π बंध (दो द्विबंधों में)।

(ii) साम्य को प्रभावित करने वाले कारक: सांद्रता, दाब, ताप, उत्प्रेरक (ले-शातेलिए सिद्धांत के अनुसार)।

(iii) Kp व Kc में सम्बन्ध: Kp = Kc (RT)Δn, जहाँ Δn = ग