RBSE Class 11th 2024 Physics-AP (XI)-2024 Previous Year Papers

You opened the RBSE Class 11th 2024 Physics-AP (XI)-2024 Previous Year Papers page — a focused place to read the real previous year question paper for that subject and year. RBSE Solution keeps exam-year sets together so you can practise the same cycle your seniors faced.

Previous year papers reward patience: read instructions, note mark distribution, then attempt questions before peeking at solutions elsewhere on the site. This URL always loads the same free previous year papers content for Physics-AP (XI)-2024 (2024).

Use the details table to confirm class and year, then scroll to the paper images or PDF below. More subjects from 2024 are linked later on this page.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2024
Subject Physics-AP (XI)-2024
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 11th, year 2024, and subject Physics-AP (XI)-2024 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

Turning 2024 papers into insight

One Physics-AP (XI)-2024 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.

Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 11th expect clear numbering even in practice sessions.

RBSE Class 11th 2024 Physics-AP (XI)-2024

Scroll through the Previous Year Papers pages for Physics-AP (XI)-2024 (2024).

RBSE Class 11th 2024 Physics-AP (XI)-2024 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 11th 2024 Physics-AP (XI)-2024 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com
RBSE Class 11th 2024 Physics-AP (XI)-2024 Previous Year Papers 2
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 11th Physics-AP (XI)-2024 2024 solved Previous Year Question Papers

भौतिक विज्ञान - 5500

परीक्षा वर्ष - 2023-24

विषय : भौतिक विज्ञान

समय : 3¼ घंटे    कक्षा - XI (ग्यारहवीं)    पूर्णांक : 70

निर्देश:

  1. सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य है।
  2. प्रत्येक प्रश्न के अंक प्रश्न के सामने अंकित हैं।
  3. सर्वप्रथम विद्यार्थी अपना नामांक प्रश्न-पत्र पर अनिवार्यतः लिखें।

खण्ड – अ

1. बहुविकल्पात्मक प्रश्न – प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है – 10×1=10

  1. जब वस्तु समान समयान्तरालों में समान दूरियाँ तय करती है, तब उसकी गति होती है –

    • (अ) मंदित गति
    • (ब) त्वरित गति
    • (स) असमान गति
    • (द) एक समान गति

    व्याख्या: यदि कोई वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करती है, तो उसकी गति एकसमान गति कहलाती है।

  2. एकसमान वृत्तीय गति में –

    • (अ) वेग व त्वरण दोनों परिवर्तित होते हैं।
    • (ब) वेग व त्वरण दोनों नियत होते हैं।
    • (स) वेग नियत रहता है व त्वरण परिवर्तित होता है।
    • (द) त्वरण नियत रहता है व वेग परिवर्तित होता है।

    व्याख्या: एकसमान वृत्तीय गति में चाल नियत रहती है, लेकिन दिशा बदलने के कारण वेग परिवर्तित होता है तथा त्वरण (अभिकेंद्र त्वरण) नियत रहता है।

  3. न्यूटन के गति के नियम लागू होते हैं –

    • (अ) घूर्णी तंत्र में
    • (ब) त्वरित तंत्र में
    • (स) अजड़त्वीय निर्देश तंत्र में
    • (द) जड़त्वीय निर्देश तंत्र में

    व्याख्या: न्यूटन के गति नियम केवल जड़त्वीय निर्देश तंत्र में ही मान्य होते हैं।

  4. यदि एक बल F किसी पिण्ड पर लगाने से उस पिण्ड को v वेग प्राप्त होता है तो शक्ति होगी –

    • (अ) F / v
    • (ब) F / v2
    • (स) Fv
    • (द) F / v

    व्याख्या: शक्ति P = F · v होती है, जहाँ F बल और v वेग है।

  5. पृथ्वी तल से h ऊँचाई पर g के मान में उतना ही परिवर्तन होता है, जितना पृथ्वी के भीतर x गहराई पर (x तथा h दोनों पृथ्वी की त्रिज्या से बहुत छोटी है) –

    • (अ) x = h
    • (ब) x = h / 2
    • (स) x = 2h
    • (द) x = h / 2

    व्याख्या: पृथ्वी तल से ऊँचाई h पर g में कमी = 2gh/R तथा गहराई x पर g में कमी = gx/R; समान परिवर्तन के लिए x = 2h

  6. बरनौली प्रमेय आधारित है –

    • (अ) द्रव्यमान संरक्षण सिद्धान्त पर
    • (ब) संवेग संरक्षण सिद्धान्त पर
    • (स) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त पर
    • (द) उपर्युक्त सभी पर

    व्याख्या: बरनौली का प्रमेय ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो किसी आदर्श द्रव के प्रवाह में दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के योग को नियत बताता है।

  7. सेन्टीग्रेड (सेल्सियस) ताप पैमाना व केल्विन ताप पैमाने में संबंध होता है –

    • (अ) C = K + 273
    • (ब) C = K – 273
    • (स) C = K + 100
    • (द) C = K – 100

    व्याख्या: केल्विन और सेल्सियस पैमाने में संबंध K = C + 273 है, अतः C = K – 273।

खण्ड (अ) – बहुविकल्पीय प्रश्न

(viii) किसी आदर्श गैस के एकांक आयतन में गैस की औसत गतिज ऊर्जा किसमें संग्रहित होती है?

  • (अ) P
  • (ब) Pk
  • (स) P = 3k
  • (द) P

व्याख्या: आदर्श गैस के एकांक आयतन में औसत गतिज ऊर्जा दाब (P) के समानुपाती होती है। सही विकल्प (द) है।

(ix) सरल आवर्त गति की माध्य स्थिति में होगी—

  • (अ) गतिज ऊर्जा अधिकतम तथा स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम
  • (ब) गतिज ऊर्जा न्यूनतम तथा स्थितिज ऊर्जा अधिकतम
  • (स) गतिज ऊर्जा व स्थितिज ऊर्जा दोनों अधिकतम
  • (द) गतिज ऊर्जा व स्थितिज ऊर्जा दोनों न्यूनतम

व्याख्या: माध्य स्थिति पर वेग अधिकतम होता है, अतः गतिज ऊर्जा अधिकतम और स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है। सही विकल्प (अ) है।

(x) ध्वनि की चाल किसमें अधिकतम होगी?

  • (अ) पानी
  • (ब) लोहे
  • (स) निर्वात्

व्याख्या: ध्वनि की चाल ठोसों में अधिकतम होती है, क्योंकि उनमें प्रत्यास्थता अधिक होती है। लोहे में ध्वनि की चाल पानी और निर्वात् से अधिक होती है। सही विकल्प (ब) है।

खण्ड (ब) – रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
  2. प्रक्षेप्य गति का पथ परवलयाकार होता है।
  3. न्यूटन की गति का प्रथम नियम जड़त्व का नियम कहलाता है।
  4. विरूपक बल की वह अधिकतम सीमा जिसके आगे बल बढ़ाने पर वस्तु अपनी प्रारंभिक अवस्था में नहीं लौटती है, प्रत्यास्थ सीमा कहलाती है।
  5. गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ती है।
  6. जिस बिंदु पर पदार्थ की तीनों अवस्थाएँ साम्य में होती हैं, त्रिक बिंदु कहलाता है।
  7. दो टक्करों के मध्य अणु द्वारा तय की गई दूरी को मुक्त पथ कहते हैं।
  8. वे तरंगें जो माध्यम में आगे नहीं बढ़ती बल्कि माध्यम की दो सीमाओं के मध्य स्थिर रहती हैं, अप्रगामी तरंगें कहलाती हैं।

खण्ड (स) – लघुत्तरात्मक प्रश्न

  1. दो विमाहीन भौतिक राशियों के नाम लिखिए।

    दो विमाहीन भौतिक राशियाँ हैं: (i) कोण (रेडियन में) (ii) विकृति (स्ट्रेन)।

  2. पार्श्विक विकृति किसे कहते हैं?

    जब किसी वस्तु पर अनुदैर्ध्य बल लगाया जाता है, तो उसकी लंबाई में परिवर्तन के साथ-साथ चौड़ाई या मोटाई में भी परिवर्तन होता है। चौड़ाई में परिवर्तन तथा मूल चौड़ाई के अनुपात को पार्श्विक विकृति कहते हैं।

  3. रैखिक प्रसार गुणांक (α), क्षेत्रीय प्रसार गुणांक (β) व आयतन प्रसार गुणांक (γ) में संबंध लिखिए।

    रैखिक प्रसार गुणांक (α), क्षेत्रीय प्रसार गुणांक (β) और आयतन प्रसार गुणांक (γ) में संबंध है:

    β = 2α तथा γ = 3α

  4. विशिष्ट ऊष्मा धारिता किसे कहते हैं?

    किसी पदार्थ के एकांक द्रव्यमान का ताप 1°C (या 1 K) बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा धारिता कहते हैं। इसका SI मात्रक जूल/किग्रा-केल्विन है।

  5. किस ताप पर फारेनहाइट तथा सेल्सियस पैमानों का पाठ्यांक समान होता है?

    फारेनहाइट और सेल्सियस पैमानों का पाठ्यांक -40° पर समान होता है। अर्थात् -40°C = -40°F।

  6. बॉयल का नियम क्या है?

    बॉयल के नियम के अनुसार, स्थिर ताप पर किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का दाब (P) उसके आयतन (V) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात् P ∝ 1/V या PV = नियतांक।

  7. किसी गैस के लिए प्रति अणु प्रति स्वातंत्र्य कोटि गतिज ऊर्जा क्या होगी?

    किसी गैस के अणु की प्रति स्वातंत्र्य कोटि औसत गतिज ऊर्जा (1/2)kT होती है, जहाँ k बोल्ट्ज़मान नियतांक है और T परम ताप है।

  8. y = 5 sin (2πx/0.02) cos (2πt/0.02) तरंग समीकरण है। आवृत्ति तथा तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए।

    दिया गया समीकरण: y = 5 sin (2πx/0.02) cos (2πt/0.02)

    यह अप्रगामी तरंग का समीकरण है। मानक समीकरण y = 2A sin (2πx/λ) cos (2πt/T) से तुलना करने पर:

    2π/λ = 2π/0.02 ⇒ λ = 0.02 मीटर

    2π/T = 2π/0.02 ⇒ T = 0.02 सेकंड

    आवृत्ति (ν) = 1/T = 1/0.02 = 50 Hz

    अतः तरंगदैर्ध्य = 0.02 मीटर, आवृत्ति = 50 Hz

भौतिक विज्ञान (AP-XI) – 2024 – प्रश्नपत्र (पृष्ठ 3)

  1. 7-27: p समय तथा L लंबाई है। p की विमा ज्ञात कीजिए।

    हल: p की विमा = [M0L0T0] (विमाहीन) क्योंकि यह समय और लंबाई का अनुपात है।
  2. यदि किसी वस्तु के संवेग में 50 प्रतिशत वृद्धि करें तो उसकी गतिज ऊर्जा कितने गुना हो जाएगी?

    हल: माना प्रारंभिक संवेग p = mv है। 50% वृद्धि के बाद नया संवेग p' = 1.5p। गतिज ऊर्जा K = p²/(2m)। नई गतिज ऊर्जा K' = (1.5p)²/(2m) = 2.25 × p²/(2m) = 2.25 K। अतः गतिज ऊर्जा 2.25 गुना हो जाएगी।
  3. (ix) कलान्तर तथा पथान्तर में संबंध लिखिए।

    हल: कलान्तर (Δφ) = (2π/λ) × पथान्तर (Δx), जहाँ λ तरंगदैर्ध्य है।
  4. (x) प्रगामी तरंगें किसे कहते हैं?

    हल: प्रगामी तरंगें वे तरंगें हैं जो माध्यम में एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ऊर्जा का संचरण करती हैं, जैसे अनुप्रस्थ या अनुदैर्ध्य तरंगें।
  5. केप्लर के ग्रहीय गति के क्षेत्रीय चाल के नियम को समझाइए।

    हल: केप्लर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम): सूर्य से ग्रह को मिलाने वाली रेखा समान समय अंतरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है। इसका अर्थ है कि ग्रह की क्षेत्रीय चाल (dA/dt) नियत होती है।
  6. उष्मीय संचरण की संवहन विधि क्या है?

    हल: संवहन वह विधि है जिसमें ऊष्मा का संचरण द्रव या गैस के अणुओं के स्थानांतरण द्वारा होता है। गर्म द्रव हल्का होकर ऊपर उठता है और ठंडा द्रव भारी होकर नीचे आता है, जिससे संवहन धाराएँ बनती हैं।
  7. उष्मागतिकी के शून्यांकी नियम को समझाइए।

    हल: उष्मागतिकी का शून्यांकी नियम: यदि दो निकाय A और B, तीसरे निकाय C के साथ अलग-अलग ऊष्मीय साम्य में हैं, तो A और B भी परस्पर ऊष्मीय साम्य में होंगे। यह तापमान मापन का आधार है।
  8. अणुगति सिद्धान्त के आधार पर ताप की व्याख्या कीजिए।

    हल: अणुगति सिद्धांत के अनुसार, किसी गैस का ताप उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का माप है। ताप ∝ औसत गतिज ऊर्जा। अर्थात, T ∝ (1/2)mv²।
  9. अणुगति सिद्धान्त के आधार पर आवोगाद्रो नियम का निगमन कीजिए।

    हल: आवोगाद्रो नियम: समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या समान होती है। अणुगति सिद्धांत से, दाब P = (1/3) (N/V) mv²। समान P और T के लिए, N/V स्थिर होता है, अतः समान आयतन में N समान।
  10. सरल आवर्त गति करते हुए कण का सामान्य स्थिति से 3 सेमी. की दूरी पर त्वरण 2 सेमी/से² है। इसका आवर्तकाल ज्ञात कीजिए।

    हल: सरल आवर्त गति में, त्वरण a = -ω²x। यहाँ x = 3 सेमी, a = 2 सेमी/से² (परिमाण)। अतः ω² = a/x = 2/3, ω = √(2/3) रेडियन/सेकंड। आवर्तकाल T = 2π/ω = 2π√(3/2) सेकंड।
  11. विस्पन्द व व्यतिकरण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

    हल: विस्पन्द (Beats): जब दो निकट आवृत्तियों की तरंगें अध्यारोपित होती हैं, तो ध्वनि की तीव्रता में आवर्ती परिवर्तन होता है। व्यतिकरण (Interference): जब दो समान आवृत्ति की तरंगें अध्यारोपित होती हैं, तो स्थायी रूप से अधिकतम और न्यूनतम तीव्रता के क्षेत्र बनते हैं।
  12. न्यूटन के शीतलन के नियम को समझाइए व आवश्यक प्रतिबंध बतलाइए।

    हल: न्यूटन का शीतलन नियम: किसी पिंड के ठंडा होने की दर उसके ताप और परिवेश के ताप के अंतर के समानुपाती होती है। प्रतिबंध: (i) तापांतर छोटा हो, (ii) पिंड का ताप परिवेश से अधिक हो, (iii) ऊष्मा ह्रास केवल विकिरण द्वारा हो।
  13. मेयर संबंध Cp – Cv = R व्युत्पन्न कीजिए।

    हल: माना 1 मोल गैस को स्थिर आयतन पर ΔT ताप बढ़ाने पर दी गई ऊष्मा Qv = CvΔT। स्थिर दाब पर, Qp = CpΔT। स्थिर दाब पर अतिरिक्त ऊष्मा बाह्य कार्य में जाती है: Qp – Qv = PΔV = RΔT (आदर्श गैस समीकरण से)। अतः CpΔT – CvΔT = RΔT ⇒ Cp – Cv = R।
  14. सरल आवर्त गति में कण के वेग के लिए व्यंजक प्राप्त कर समय के साथ उसके परिवर्तन का आलेख दर्शाइए।

    हल: सरल आवर्त गति में विस्थापन y = A sin(ωt + φ)। वेग v = dy/dt = Aω cos(ωt + φ)। वेग-समय आलेख एक कोसाइन वक्र होता है जो समय अक्ष के सापेक्ष दोलन करता है।
  15. ध्वनि के व्यतिकरण का गणितीय विश्लेषण करके संपोषी व विनाशी व्यतिकरण समझाइए।

    हल: दो तरंगें y₁ = a sin(ωt – kx₁) और y₂ = a sin(ωt – kx₂) मानें। परिणामी तीव्रता I = 4a² cos²(Δφ/2), जहाँ Δφ = k(x₂ – x₁) = (2π/λ)Δx। संपोषी व्यतिकरण: Δx = nλ (n = 0,1,2,…) पर I अधिकतम। विनाशी व्यतिकरण: Δx = (2n+1)λ/2 पर I न्यूनतम।
  16. कार्नो चक्र की व्याख्या कीजिए तथा सिद्ध कीजिए कि कार्नो इंजन की दक्षता η = 1 – T₂/T₁ होती है।

    हल: कार्नो चक्र में चार प्रक्रम होते हैं: (i) समतापी प्रसार (T₁ पर), (ii) रुद्धोष्म प्रसार, (iii) समतापी संपीडन (T₂ पर), (iv) रुद्धोष्म संपीडन। दक्षता η = 1 – Q₂/Q₁ = 1 – T₂/T₁, जहाँ Q₁ = RT₁ ln(V₂/V₁) और Q₂ = RT₂ ln(V₃/V₄) तथा रुद्धोष्म प्रक्रमों से V₂/V₁ = V₃/V₄।
  17. समतापीय तथा रुद्धोष्म प्रक्रम में कार्य के लिए व्यंजक स्थापित कीजिए।

    हल: समतापी प्रक्रम: W = nRT ln(V₂/V₁)। रुद्धोष्म प्रक्रम: W = (P₁V₁ – P₂V₂)/(γ – 1) = nR(T₁ – T₂)/(γ – 1)।
  18. सरल आवर्त गति के कण की स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा एवं कुल ऊर्जा के व्यंजक प्राप्त कर यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण की पुष्टि कीजिए।

    हल: विस्थापन y = A sin(ωt + φ)। गतिज ऊर्जा K = (1/2)mω²A² cos²(ωt + φ)। स्थितिज ऊर्जा U = (1/2)mω²A² sin²(ωt + φ)। कुल ऊर्जा E = K + U = (1/2)mω²A² (नियतांक)। अतः यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
  19. अथवा

    सरल लोलक या पिण्ड लोलक क्या है? अल्प कोणीय विस्थापन के लिए इसकी गति की विवेचना कीजिए। आवर्तकाल के सूत्र का निगमन कीजिए।