RBSE Class 11th 2024 Political Science-APS (1104)-2024 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2024
Subject Political Science-APS (1104)-2024
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 11th 2024 Political Science-APS (1104)-2024

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Rajasthan Board Class 11th Political Science-APS (1104)-2024 2024 solved Previous Year Question Papers

वार्षिक परीक्षा सत्र 2023-24

कक्षा — 11

विषय — राजनीति विज्ञान

समय : 3¼ घंटे      पूर्णांक : 100

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने उत्तर पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. भारतीय संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे—

    • (अ) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
    • (ब) सच्चिदानन्द सिन्हा
    • (स) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
    • (द) डॉ. एस. राधाकृष्णन्

    व्याख्या: डॉ. भीमराव अम्बेडकर भारतीय संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। उन्हें 'भारतीय संविधान के निर्माता' के रूप में जाना जाता है।

  2. वे कौन से अधिकार हैं, जिनका हनन होने पर व्यक्ति न्यायपालिका की शरण ले सकता है?

    • (अ) औपचारिक अधिकार
    • (ब) कानूनी अधिकार
    • (स) मौलिक अधिकार
    • (द) प्राकृतिक अधिकार

    व्याख्या: मौलिक अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त वे अधिकार हैं जिनका उल्लंघन होने पर व्यक्ति सीधे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में जा सकता है।

  3. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'संवैधानिक उपचारों का अधिकार' से सम्बन्धित है?

    • (अ) अनु. 31
    • (ब) अनु. 32
    • (स) अनु. 33
    • (द) अनु. 34

    व्याख्या: अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने का अधिकार देता है। इसे डॉ. अम्बेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।

  4. राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल कितने वर्ष होता है?

    • (अ) 4 वर्ष
    • (ब) 3 वर्ष
    • (स) 5 वर्ष
    • (द) 6 वर्ष

    व्याख्या: मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।

  5. सामूहिक रूप से मंत्रीपरिषद किसके प्रति उत्तरदायी होती है?

    • (अ) राष्ट्रपति
    • (ब) लोकसभा
    • (स) प्रधानमंत्री
    • (द) राज्य सभा

    व्याख्या: संसदीय प्रणाली में मंत्रीपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव पारित करती है तो मंत्रीपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है।

  6. संसद द्वारा कार्यपालिका को उत्तरदायी बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है—

    • (अ) शून्यकाल
    • (ब) अविश्वास प्रस्ताव
    • (स) दलबदल
    • (द) विधेयक

    व्याख्या: अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में सरकार के विरुद्ध लाया जाने वाला प्रस्ताव है। यदि यह पारित हो जाता है तो सरकार को इस्तीफा देना अनिवार्य हो जाता है।

  7. सरकार का वह अंग जो कानूनों की व्याख्या करता है—

    • (अ) व्यवस्थापिका
    • (ब) कार्यपालिका
    • (स) न्यायपालिका
    • (द) नौकरशाही

    व्याख्या: न्यायपालिका का कार्य कानूनों की व्याख्या करना और विवादों का निपटारा करना है। यह सुनिश्चित करती है कि कानून संविधान के अनुरूप हों।

  8. निम्न में से राष्ट्रीय महत्त्व का विषय जो संघ सूची में शामिल है—

    • (अ) प्रतिरक्षा
    • (ब) कृषि
    • (स) स्थानीय प्रशासन
    • (द) भूमि

    व्याख्या: प्रतिरक्षा संघ सूची का विषय है, जिस पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है। कृषि, स्थानीय प्रशासन और भूमि राज्य सूची के विषय हैं।

Political Science (APS-1104) – 2024 – Page 2

  1. ग्राम पंचायत का मुखिया कौन होता है?

    • (अ) प्रधान
    • (ब) सरपंच
    • (स) जिला प्रमुख
    • (द) ग्राम सचिव

    सही उत्तर: (ब) सरपंच

    व्याख्या: ग्राम पंचायत का मुखिया सरपंच होता है, जो ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा चुना जाता है।

  2. भारतीय संविधान को एक 'जीवन्त दस्तावेज' कहा जाता है, क्योंकि—

    • (अ) भारतीय संविधान संशोधनीय है।
    • (ब) भारतीय संविधान गतिशील है।
    • (स) समयानुसार परिवर्तनशील है।
    • (द) उपर्युक्त सभी

    सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी

    व्याख्या: भारतीय संविधान संशोधनीय, गतिशील और समयानुसार परिवर्तनशील है, इसलिए इसे जीवन्त दस्तावेज कहा जाता है।

  3. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में किस प्रकार के न्याय की बात की गई है?

    • (अ) सामाजिक
    • (ब) राजनीतिक
    • (स) आर्थिक
    • (द) उपर्युक्त सभी

    सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी

    व्याख्या: प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का उल्लेख है।

  4. “हिन्द स्वराज” किसकी कृति है?

    • (अ) पं. जवाहरलाल नेहरू
    • (ब) महात्मा गांधी
    • (स) स्वामी विवेकानन्द
    • (द) डॉ. अम्बेडकर

    सही उत्तर: (ब) महात्मा गांधी

    व्याख्या: 'हिन्द स्वराज' पुस्तक महात्मा गांधी द्वारा 1909 में लिखी गई थी।

  5. जन्मजात विशिष्टताओं और योग्यताओं का परिणाम होती है—

    • (अ) प्राकृतिक असमानता
    • (ब) आर्थिक असमानता
    • (स) राजनीतिक समानता
    • (द) सामाजिक असमानता

    सही उत्तर: (अ) प्राकृतिक असमानता

    व्याख्या: प्राकृतिक असमानता जन्मजात विशिष्टताओं और योग्यताओं का परिणाम है, जैसे बुद्धि, शारीरिक क्षमता आदि।

  6. “धर्मनिरपेक्षता का मतलब सभी धर्मों को राज्य द्वारा समान संरक्षण है।” यह विचार किसका है?

    • (अ) सुभाष चन्द्र बोस
    • (ब) पं. जवाहरलाल नेहरू
    • (स) महात्मा गांधी
    • (द) डॉ. भीमराव अम्बेडकर

    सही उत्तर: (ब) पं. जवाहरलाल नेहरू

    व्याख्या: पं. जवाहरलाल नेहरू ने धर्मनिरपेक्षता को सभी धर्मों को समान संरक्षण के रूप में परिभाषित किया।

  7. निम्न में से कौनसा कारक भारत के राष्ट्रवाद के उदय में सहायक नहीं रहा है?

    • (अ) भारतीय प्रेस
    • (ब) सामाजिक-धार्मिक आन्दोलन
    • (स) पश्चिमी शिक्षा
    • (द) सामुदायिकता

    सही उत्तर: (द) सामुदायिकता

    व्याख्या: सामुदायिकता (communalism) राष्ट्रवाद के उदय में बाधक रही है, जबकि प्रेस, सामाजिक-धार्मिक आन्दोलन और पश्चिमी शिक्षा सहायक थे।


रिक्त स्थान की पूर्ति उचित शब्द से कीजिए: (10×1=10)

  1. ATR एक राजनीतिक समुदाय की सामूहिक और व्यक्तिगत सदस्यता है।

    उत्तर: सामूहिक, व्यक्तिगत
  2. नारीवाद स्त्री-पुरुष के समान अधिकारों का पक्ष लेने वाला सिद्धान्त है।

    उत्तर: स्त्री-पुरुष
  3. “द रिपब्लिक” पुस्तक के लेखक प्लेटो हैं।

    उत्तर: प्लेटो
  4. मत देने का अधिकार हमारा राजनीतिक अधिकार है।

    उत्तर: राजनीतिक
  5. धर्म को जनसमुदाय के लिए 'अफीम की संज्ञा' दी गई है।

    उत्तर: धर्म
  6. अन्तिम रूप से भारतीय संविधान पर 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर कर इसे अंगीकृत व अधिनियमित किया।

    उत्तर: 284
  7. स्वतंत्रता के सबसे महत्त्वपूर्ण अधिकारों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता है।

    उत्तर: व्यक्तिगत स्वतंत्रता
  8. कार्यपालिका सरकार का वह अंग है जो विधायिका द्वारा स्वीकृत नीतियों और कानूनों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।

    उत्तर: विधायिका
  9. गाँव और जिला स्तर के शासन को स्थानीय स्वशासन कहते हैं।

    उत्तर: स्थानीय स्वशासन
  10. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के अन्तर्गत भारतीय संविधान संशोधन प्रक्रिया वर्णित है।

    उत्तर: 368

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (1×15=15)

  1. संविधान किसे कहते हैं?

    संविधान उन नियमों और सिद्धांतों का समूह है जो किसी देश के शासन के ढांचे, सरकार के अंगों के कार्यों और नागरिकों के अधिकारों को निर्धारित करता है।
  2. भारतीय संविधान के किस भाग में मौलिक अधिकारों का उल्लेख है?

    भारतीय संविधान के भाग 3 (अनुच्छेद 12-35) में मौलिक अधिकारों का उल्लेख है।
  3. 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' प्रणाली का अर्थ क्या है?

    यह एक चुनावी प्रणाली है जिसमें किसी निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाला उम्मीदवार विजयी घोषित होता है, भले ही उसे कुल मतों का बहुमत न मिला हो।
  4. कार्यपालिका का प्रमुख कार्य बताइए।

    कार्यपालिका का प्रमुख कार्य कानूनों को लागू करना और देश के प्रशासन का संचालन करना है।
  5. धन विधेयक संसद के किस सदन में पहले प्रस्तुत किया जाता है?

    धन विधेयक संसद के लोकसभा में पहले प्रस्तुत किया जाता है।
  6. राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में मनोनीत सदस्यों की संख्या कितनी होती है?

    राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं।
  7. भारत में न्यायिक सक्रियता का मुख्य साधन क्या है?

    भारत में न्यायिक सक्रियता का मुख्य साधन जनहित याचिका (PIL) है।
  8. संघ सूची के चार विषयों का उल्लेख कीजिए।

    संघ सूची के चार विषय हैं: रक्षा, विदेशी मामले, रेलवे, और मुद्रा।
  9. पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को कितने प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है?

    पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33% (एक-तिहाई) आरक्षण प्रदान किया गया है।
  10. भारतीय संविधान के दर्शन के मुख्य तत्त्व कौन-कौन से हैं?

    भारतीय संविधान के दर्शन के मुख्य तत्त्व हैं: न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व।
  11. मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कब की गई?

    मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 10 दिसंबर 1948 को की गई।
  12. ग्राम सभा किसे कहते हैं?

    ग्राम सभा उन सभी वयस्क व्यक्तियों का निकाय है जो ग्राम पंचायत के क्षेत्र में रहते हैं और जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।
  13. "हमें सर्प की कुण्डली की तरह जकड़ रखा है।" यह प्रसिद्ध कथन किस विचारक का है?

    यह प्रसिद्ध कथन महात्मा गांधी का है।
  14. अल्पसंख्यक से क्या अभिप्राय है?

    अल्पसंख्यक से अभिप्राय उस समूह से है जो किसी समाज में संख्यात्मक रूप से कम होता है और जिसकी भाषा, धर्म या संस्कृति बहुसंख्यक से भिन्न होती है।
  15. कठोर संविधान किसे कहते हैं?

    कठोर संविधान वह होता है जिसमें संशोधन के लिए सामान्य कानूनों की तुलना में अधिक जटिल और कठिन प्रक्रिया अपनाई जाती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न (5×2=10)

  1. संविधान की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।

    संविधान की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से है: (1) यह सरकार के ढांचे और शक्तियों को निर्धारित करता है, (2) यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है, (3) यह सरकार के विभिन्न अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन करता है, और (4) यह देश के शासन के लिए एक स्थायी और स्पष्ट ढांचा प्रदान करता है।
  2. भारत में चुनाव प्रक्रिया सुधार हेतु कोई दो सुझाव दीजिए।

    दो सुझाव: (1) चुनावों में धन और बल के प्रभाव को कम करने के लिए चुनाव खर्च पर सख्त नियंत्रण लागू किया जाए, और (2) राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए दलबदल विरोधी कानून को और मजबूत किया जाए।
  3. संसदीय कार्यपालिका और अध्यक्षात्मक कार्यपालिका में कोई दो अन्तर बताइए।

    दो अंतर: (1) संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) विधायिका (संसद) के प्रति उत्तरदायी होती है, जबकि अध्यक्षात्मक प्रणाली में कार्यपालिका (राष्ट्रपति) विधायिका के प्रति उत्तरदायी नहीं होती। (2) संसदीय प्रणाली में राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) और सरकार का प्रमुख (प्रधानमंत्री) अलग-अलग होते हैं, जबकि अध्यक्षात्मक प्रणाली में दोनों एक ही व्यक्ति (राष्ट्रपति) में निहित होते हैं।
  4. दलबदल किसे कहते हैं?

    दलबदल से अभिप्राय किसी निर्वाचित प्रतिनिधि (सांसद या विधायक) द्वारा अपने राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़कर किसी अन्य दल में शामिल होने या स्वतंत्र रूप से कार्य करने की प्रक्रिया से है।
  5. संसद कार्यपालिका को किन-किन माध्यमों से नियंत्रित करती है?

    संसद कार्यपालिका को निम्नलिखित माध्यमों से नियंत्रित करती है: (1) प्रश्नकाल और शून्यकाल के माध्यम से मंत्रियों से प्रश्न पूछना, (2) स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार को हटाने की धमकी देना, (3) विभिन्न समितियों (जैसे प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति) के माध्यम से सरकार के कार्यों की जांच करना।
  6. स्थानीय शासन से क्या अभिप्राय है? इसकी आवश्यकता के सम्बन्ध में कोई एक तर्क दीजिए।

    स्थानीय शासन से अभिप्राय ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जनता द्वारा चुनी गई संस्थाओं (जैसे पंचायत, नगरपालिका) के माध्यम से शासन की व्यवस्था से है। आवश्यकता का एक तर्क: यह लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है क्योंकि यह लोगों को अपने स्थानीय मुद्दों के समाधान में सीधे भागीदारी का अवसर देता है।
  7. सार्वभौम मताधिकार से आपका क्या अभिप्राय है?

    सार्वभौम मताधिकार का अर्थ है कि किसी देश के सभी वयस्क नागरिकों को, बिना किसी जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या संपत्ति के भेदभाव के, मतदान का अधिकार प्राप्त हो।
  8. "राजनीतिक सिद्धान्त का अध्ययन हमारे लिए आवश्यक है।" इसके पक्ष में दो तर्क दीजिए।

    दो तर्क: (1) राजनीतिक सिद्धांत का अध्ययन हमें राजनीतिक घटनाओं और प्रणालियों को समझने के लिए एक सैद्धांतिक ढांचा प्रदान करता है। (2) यह हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता जैसे मूल्यों की आलोचनात्मक समझ विकसित करने में मदद करता है, जो एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए आवश्यक है।
  9. गांधी के अनुसार 'स्वराज' क्या है? स्पष्ट कीजिए।

    गांधी के अनुसार 'स्वराज' केवल ब्रिटिश शासन से मुक्ति नहीं थी, बल्कि इसका अर्थ आत्म-शासन और आत्म-अनुशासन से था

खंड-दीर्घ लघुत्तरात्मक प्रश्न

55. 'एक संस्कृति एक राज्य' की माँग का क्या आशय है? (2 अंक)

उत्तर: 'एक संस्कृति एक राज्य' की माँग का आशय है कि प्रत्येक सांस्कृतिक समूह को अपना अलग राज्य बनाने का अधिकार होना चाहिए। इसका तात्पर्य है कि जहाँ एक विशिष्ट भाषा, धर्म, परंपरा या जीवन-पद्धति वाले लोग रहते हैं, वहाँ उनकी अपनी एक अलग राजनीतिक इकाई (राज्य) होनी चाहिए। यह माँग अक्सर सांस्कृतिक पहचान, भाषाई अल्पसंख्यकों या क्षेत्रीय अस्मिता के संरक्षण के लिए उठाई जाती है। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक समूह को आत्म-निर्णय का अधिकार देना और उनकी विशिष्ट पहचान को राजनीतिक सीमाओं के माध्यम से सुरक्षित करना है।

56. "मौलिक अधिकार अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं।" स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)

उत्तर: मौलिक अधिकार अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि ये नागरिकों को राज्य के मनमाने हस्तक्षेप से सुरक्षा प्रदान करते हैं और लोकतांत्रिक समाज की नींव होते हैं। ये अधिकार संविधान में निहित होते हैं और न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय होते हैं। इनके महत्त्व के कारण:

  • व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा: ये नागरिकों को जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा का अधिकार देते हैं।
  • सरकार की शक्ति पर अंकुश: ये सरकार को मनमाने कानून बनाने या नागरिकों के अधिकारों का हनन करने से रोकते हैं।
  • लोकतंत्र को मजबूत बनाना: ये अभिव्यक्ति, संगठन और धर्म की स्वतंत्रता जैसे अधिकार देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाते हैं।
  • अल्पसंख्यकों की सुरक्षा: ये अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों को बहुमत के अत्याचार से बचाते हैं।

इस प्रकार, मौलिक अधिकार नागरिकों के व्यक्तित्व के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य हैं।

57. "भारतीय संविधान एक जीवन्त दस्तावेज है" कैसे? स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)

उत्तर: भारतीय संविधान को 'जीवन्त दस्तावेज' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह समय की माँग और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने में सक्षम है। इसके जीवन्त होने के प्रमुख कारण:

  • संशोधन की प्रक्रिया: संविधान में संशोधन का प्रावधान है, जिससे इसे आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है। अब तक 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं।
  • न्यायिक व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न निर्णयों के माध्यम से संविधान के प्रावधानों की व्याख्या कर उन्हें नया अर्थ दिया है (जैसे, मूल ढाँचा सिद्धांत)।
  • लचीलापन: संविधान के कुछ भाग कठोर हैं तो कुछ लचीले, जिससे बदलाव संभव होता है।
  • समावेशी दृष्टिकोण: यह विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तनों को समाहित करता है, जैसे पंचायती राज, सूचना का अधिकार आदि।

इस प्रकार, संविधान स्थिर भी है और परिवर्तनशील भी, जो इसे एक जीवंत दस्तावेज बनाता है।

58. "विशेष जरूरत का विशेष उपचार" सिद्धान्त को स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)

उत्तर: "विशेष जरूरत का विशेष उपचार" सिद्धान्त का अर्थ है कि समाज में कुछ वर्ग ऐसे होते हैं जो ऐतिहासिक, सामाजिक या आर्थिक कारणों से पिछड़े हुए हैं, और उन्हें समानता के स्तर पर लाने के लिए विशेष प्रावधानों की आवश्यकता होती है। यह सिद्धांत समानता के औपचारिक दृष्टिकोण (सभी के साथ समान व्यवहार) के बजाय वास्तविक समानता (परिणामों में समानता) पर जोर देता है।

उदाहरण के लिए, भारतीय संविधान में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान इसी सिद्धांत पर आधारित है। इसका उद्देश्य इन वर्गों को शिक्षा, सरकारी नौकरियों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में विशेष अवसर प्रदान करना है, ताकि वे मुख्यधारा में शामिल हो सकें। यह सिद्धांत सकारात्मक कार्रवाई (affirmative action) का आधार है।

59. लोकतान्त्रिक देशों में कौन-कौन से राजनीतिक अधिकार नागरिकों को प्रदान किये गये हैं? (3 अंक)

उत्तर: लोकतान्त्रिक देशों में नागरिकों को निम्नलिखित प्रमुख राजनीतिक अधिकार प्रदान किये गये हैं:

  1. मतदान का अधिकार: नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार है।
  2. चुनाव लड़ने का अधिकार: योग्य नागरिक चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं।
  3. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: नागरिक अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, सरकार की आलोचना कर सकते हैं।
  4. संगठन बनाने का अधिकार: राजनीतिक दल, दबाव समूह या संघ बनाने का अधिकार।
  5. सभा करने का अधिकार: शांतिपूर्ण सभा और प्रदर्शन का अधिकार।
  6. याचिका का अधिकार: सरकार से शिकायत या माँग करने का अधिकार।
  7. सूचना का अधिकार: सरकारी कामकाज के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार।

ये अधिकार नागरिकों को सरकार के गठन और संचालन में भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।

खंड-निबंधात्मक प्रश्न

60. धर्मनिरपेक्ष राज्य से आप क्या समझते हैं? धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना की अनिवार्य शर्तें क्या हैं? (6 अंक)

उत्तर:

धर्मनिरपेक्ष राज्य का अर्थ: धर्मनिरपेक्ष राज्य वह राज्य है जो किसी विशेष धर्म को राजकीय धर्म के रूप में मान्यता नहीं देता और सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण रखता है। ऐसे राज्य में धर्म और राज्य के कार्य अलग-अलग होते हैं। राज्य धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता और न ही किसी धर्म को विशेष लाभ देता है। भारत, अमेरिका, फ्रांस आदि धर्मनिरपेक्ष राज्यों के उदाहरण हैं।

धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना की अनिवार्य शर्तें:

  1. धर्म और राज्य का पृथक्करण: राज्य को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और धर्म को राजनीति से अलग रखना चाहिए।
  2. सभी धर्मों के प्रति समानता: राज्य को सभी धर्मों को समान सम्मान और संरक्षण देना चाहिए, बिना किसी भेदभाव के।
  3. धार्मिक स्वतंत्रता: प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छानुसार किसी भी धर्म को मानने, बदलने या न मानने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
  4. कानून का शासन: सभी नागरिकों पर समान कानून लागू होने चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।
  5. धर्मनिरपेक्ष शिक्षा: शिक्षा प्रणाली में धार्मिक तटस्थता बनाए रखना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।
  6. सहिष्णुता और आपसी सम्मान: समाज में विभिन्न धर्मों के प्रति सहिष्णुता और आपसी सम्मान की भावना होनी चाहिए।

अथवा

राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? राष्ट्रवाद के सम्बन्ध में रविन्द्रनाथ टैगोर के द्वारा प्रस्तुत समालोचना पर प्रकाश डालिए। (6 अंक)

उत्तर:

राष्ट्रवाद का अर्थ: राष्ट्रवाद एक राजनीतिक और सांस्कृतिक विचारधारा है जो किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र, भाषा, संस्कृति, इतिहास या साझा मूल्यों से जुड़े लोगों में एकता और अपने राष्ट्र के प्रति निष्ठा की भावना पैदा करती है। यह लोगों को एक राष्ट्र के रूप में संगठित करता है और उन्हें आत्म-निर्णय का अधिकार देता है।

रवीन्द्रनाथ टैगोर की समालोचना: रवीन्द्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रवाद की कड़ी आलोचना की। उनके अनुसार:

  • राष्ट्रवाद मानवता के लिए खतरा: टैगोर का मानना था कि पश्चिमी राष्ट्रवाद संकीर्ण, आक्रामक और हिंसक है, जो मानवता के व्यापक हितों के विरुद्ध है।
  • यांत्रिक और अमानवीय: उन्होंने राष्ट्रवाद को एक यांत्रिक शक्ति बताया जो व्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मकता को दबाती है।
  • सांस्कृतिक विविधता का दमन: टैगोर ने चेतावनी दी कि राष्ट्रवाद सांस्कृतिक विविधता को नष्ट कर सकता है और एकरूपता थोप सकता है।
  • वैश्विक मानवता पर जोर: उन्होंने राष्ट्रवाद के बजाय 'विश्व-मानवता' (universal humanism) की वकालत की, जहाँ सभी राष्ट्र और संस्कृतियाँ आपसी सहयोग और सम्मान से रहें।
  • भारतीय संदर्भ: टैगोर ने भारत में र