RBSE Class 11th 2025 Political Science-(1114)-2025 Previous Year Papers
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 11th |
| Exam year | 2025 |
| Subject | Political Science-(1114)-2025 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 11th 2025 Political Science-(1114)-2025
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Rajasthan Board Class 11th Political Science-(1114)-2025 2025 solved Previous Year Question Papers
कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा, 2025
राजनीति विज्ञान / POLITICAL SCIENCE
[1114]
सामान्य निर्देश / General Instructions:
- परीक्षार्थी पहले पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अवश्य लिखें। / Write Roll No. on the first page of the Question Paper.
- प्रत्येक प्रश्न के सामने उसका अंक भार अंकित है। / Marks for every question are indicated alongside.
खण्ड - अ : वस्तुनिष्ठ प्रश्न / Section - A : Objective Type Questions
-
दल बदल कानून किस संविधान संशोधन द्वारा बनाया गया है?
By what Constitutional Amendment, Anti-Defection Law has been made?- 51वाँ संशोधन / 51st Amendment
- 42वाँ संशोधन / 42nd Amendment
- 44वाँ संशोधन / 44th Amendment
- 52वाँ संशोधन / 52nd Amendment
व्याख्या: दल बदल कानून 52वें संविधान संशोधन (1985) द्वारा बनाया गया था, जिसे 10वीं अनुसूची के रूप में जोड़ा गया।
-
संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई?
When was the first meeting of the Constituent Assembly held?- 1946
- 1947
- 1949
- 1950
व्याख्या: संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी, लेकिन इसका पुनर्गठन 1947 में भारत विभाजन के बाद हुआ। प्रश्न में दिए गए विकल्पों में 1947 सही है।
-
राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना कब हुई?
When was the State Reorganization Commission established?- 1954
- 1952
- 1953
- 1956
व्याख्या: राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना 1953 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई थी, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति फजल अली ने की।
-
स्थानीय स्वशासन से सम्बन्धित प्रावधान कौनसी अनुसूची में है?
In which Schedule the Provision related to Local Self-Government is present?- 9वीं / 9th
- 10वीं / 10th
- 11वीं / 11th
- 12वीं / 12th
व्याख्या: 73वें और 74वें संविधान संशोधन (1992) के बाद, स्थानीय स्वशासन (पंचायत और नगरपालिका) से संबंधित प्रावधान 11वीं और 12वीं अनुसूची में जोड़े गए। प्रश्न में सही उत्तर 12वीं अनुसूची है।
-
प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
Who appoints the Prime Minister?- राष्ट्रपति / President
- मुख्य न्यायाधीश / Chief Justice
- राज्यपाल / Governor
- कोई नहीं / None
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है। प्रधानमंत्री वह व्यक्ति होता है जो लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है।
खंड-ब (Section-B)
बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
-
राष्ट्र निर्माण के लिए साझे राजनीतिक आदर्श है /हैं -
- (अ) लोकतंत्र
- (ब) उदारवाद
- (स) धर्मनिरपेक्षता
- (द) उपरोक्त सभी
व्याख्या: राष्ट्र निर्माण के लिए लोकतंत्र, उदारवाद और धर्मनिरपेक्षता सभी साझे राजनीतिक आदर्श हैं। ये तीनों मिलकर एक समावेशी और लोकतांत्रिक राष्ट्र की नींव रखते हैं।
-
भारत में नागरिकता कैसे हासिल की जा सकती है?
- (अ) जन्म से
- (ब) वंश परम्परा से
- (स) पंजीकरण से
- (द) उपरोक्त सभी से
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार नागरिकता जन्म, वंश परम्परा और पंजीकरण सहित विभिन्न तरीकों से प्राप्त की जा सकती है।
-
धर्मनिरपेक्षता किसका विरोध करती है?
- (अ) समानता
- (ब) स्वतंत्रता
- (स) अधिकार
- (द) धार्मिक वर्चस्व
व्याख्या: धर्मनिरपेक्षता किसी एक धर्म के वर्चस्व का विरोध करती है और सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाती है।
-
विश्व मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है?
- (अ) 10 दिसम्बर
- (ब) 10 अक्टूबर
- (स) 10 जनवरी
- (द) 10 जून
व्याख्या: विश्व मानवाधिकार दिवस प्रतिवर्ष 10 दिसम्बर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया गया था।
-
"न्याय के सिद्धांत" पुस्तक के लेखक हैं -
- (अ) डायसी
- (ब) ऑस्टिन
- (स) प्लेटो
- (द) जॉन रॉल्स
व्याख्या: "न्याय के सिद्धांत" (A Theory of Justice) पुस्तक के लेखक अमेरिकी दार्शनिक जॉन रॉल्स हैं, जिन्होंने न्याय के सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks)
-
भारतीय संविधान एक लिखित दस्तावेज है।
Indian Constitution is a written document. -
73वां संविधान संशोधन 1992 में पारित हुआ।
73rd Constitutional Amendment was passed in 1992. -
भारत में कुल 28 राज्य हैं।
There are total 28 states in India. -
भारत का राष्ट्रपति सरकार का संवैधानिक प्रधान है।
The President of India is the Constitutional Head of the Government. -
'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' पुस्तक के लेखक जवाहरलाल नेहरू हैं।
Jawaharlal Nehru is the author of the book 'Discovery of India'.
अति लघुत्तरात्मक प्रश्न - Very Short Answer Type Questions
प्र.22 नेल्सन मंडेला ....
Nelson Mandela was the resident of ............................
उत्तर: दक्षिण अफ्रीका (South Africa)
प्र.23 भारत में नागरिकता का ....
The form of Citizenship in India is ............
उत्तर: एकल नागरिकता (Single Citizenship)
प्र.24 'द रिपब्लिक' में प्लेटो ने ....
Plato discussed the ............ in 'The Republic'.
उत्तर: न्याय (Justice) के मुद्दों पर चर्चा की है।
अति लघुत्तरात्मक प्रश्न - Very Short Answer Type Questions
प्र.25 भारत के संविधान संशोधन में राज्यों की भूमिका स्पष्ट करें।
Explain the role of states in the Constitutional Amendment of India.
उत्तर: भारत के संविधान संशोधन में राज्यों की भूमिका सीमित है। कुछ संशोधनों (जैसे अनुच्छेद 368 के तहत) के लिए कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों की स्वीकृति आवश्यक है। राज्य संघीय ढांचे, उच्च न्यायालयों, और राज्यों के प्रतिनिधित्व से संबंधित मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्र.26 एक अच्छे संविधान की क्या विशेषताएं होनी चाहिए?
What should be the qualities of a good Constitution?
उत्तर: एक अच्छे संविधान की विशेषताएं: (1) लिखित और स्पष्ट होना, (2) लचीला और कठोर का संतुलन, (3) मौलिक अधिकारों की गारंटी, (4) शक्तियों का पृथक्करण, (5) न्यायपालिका की स्वतंत्रता, (6) लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होना।
प्र.27 ग्राम सभा क्या है?
What is Gram Sabha?
उत्तर: ग्राम सभा गाँव के सभी वयस्क मतदाताओं की एक बैठक है। यह पंचायती राज व्यवस्था का मूल निकाय है, जो ग्राम पंचायत को जवाबदेह बनाती है और गाँव के विकास से संबंधित निर्णय लेती है।
प्र.28 जनहित याचिका क्या है?
What is PIL?
उत्तर: जनहित याचिका (PIL) एक कानूनी उपाय है जिसमें कोई भी नागरिक या संगठन जनहित के मामले में अदालत जा सकता है। यह उन लोगों के लिए न्याय सुलभ बनाता है जो स्वयं अदालत नहीं जा सकते।
प्र.29 संसदीय समितियों को लघु विधायिका क्यों कहते हैं?
Why Parliamentary Committees are called Small Legislature?
उत्तर: संसदीय समितियों को लघु विधायिका इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये संसद के सदस्यों से बनी होती हैं और विधेयकों की विस्तृत जाँच, बजट की समीक्षा, और सरकार की नीतियों की निगरानी करती हैं, जिससे संसद का कार्यभार कम होता है।
प्र.30 राष्ट्रपति के पद की योग्यता क्या है?
What is the qualification for the post of President?
उत्तर: राष्ट्रपति पद के लिए योग्यता: (1) भारत का नागरिक हो, (2) 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो, (3) लोकसभा का सदस्य चुने जाने योग्य हो, (4) केंद्र या राज्य सरकार के अधीन लाभ का पद धारण न करता हो।
प्र.31 संघवाद को परिभाषित कीजिए।
Define Federalism.
उत्तर: संघवाद शासन की एक ऐसी प्रणाली है जिसमें शक्तियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच संविधान द्वारा विभाजित किया जाता है। दोनों स्तर अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्र होते हैं।
प्र.32 भारतीय संविधान में कौन-कौनसे मूल अधिकार का उल्लेख मिलता है?
Which Fundamental Rights are mentioned in the Indian Constitution?
उत्तर: भारतीय संविधान में छह मूल अधिकार हैं: (1) समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18), (2) स्वतंत्रता का अधिकार (19-22), (3) शोषण के विरुद्ध अधिकार (23-24), (4) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (25-28), (5) सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार (29-30), (6) संवैधानिक उपचारों का अधिकार (32)।
प्र.33 राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व से क्या अभिप्राय है?
What do you mean by Directive Principles of State Policy?
उत्तर: राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व (DPSP) संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 36-51) में दिए गए दिशानिर्देश हैं। ये न्यायसंगत नहीं हैं, लेकिन राज्य को कानून बनाने में मार्गदर्शन करते हैं और सामाजिक-आर्थिक न्याय स्थापित करने का लक्ष्य रखते हैं।
प्र.34 भारतीय धर्मनिरपेक्षता की आलोचना क्या-क्या है?
What is the criticism of Indian Secularism?
उत्तर: भारतीय धर्मनिरपेक्षता की आलोचना: (1) यह सभी धर्मों में हस्तक्षेप करती है, (2) राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग, (3) अल्पसंख्यकों के प्रति तुष्टिकरण, (4) पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता से भिन्न होने के कारण अस्पष्टता, (5) धार्मिक संघर्षों को रोकने में असमर्थता।
प्र.35 राजनीतिक सिद्धान्त से क्या अभिप्राय है?
What do you mean by Political Theory?
उत्तर: राजनीतिक सिद्धान्त राजनीति के मूलभूत प्रश्नों का अध्ययन है, जैसे शक्ति, न्याय, स्वतंत्रता, समानता, और अधिकार। यह राजनीतिक विचारों और आदर्शों का व्यवस्थित विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
निम्नलिखित लघुत्तरात्मक प्रश्नों के उत्तर दीजिए - Answer the following short answer type questions
प्र.36 भारतीय संविधान में संशोधन किस अनुच्छेद द्वारा और कैसे किया जाता है?
By which Article and how an Amendment is made in the Indian Constitution?
उत्तर: भारतीय संविधान में संशोधन अनुच्छेद 368 द्वारा किया जाता है। प्रक्रिया: (1) संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जाता है। (2) इसे प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत (कुल सदस्यों का बहुमत और उपस्थित व मतदान करने वालों का दो-तिहाई बहुमत) से पारित होना चाहिए। (3) कुछ संशोधनों के लिए कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों की स्वीकृति भी आवश्यक है। (4) राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह कानून बन जाता है।
प्र.37 राष्ट्र और राष्ट्रवाद में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Explain the difference between Nation and Nationalism.
प्र. 36 से 44 तक के प्रश्न
प्र. 36 - स्थानीय शासन किसे कहते हैं? प्रदेशों में पंचायती राज की संरचना का वर्णन कीजिए।
स्थानीय शासन: स्थानीय शासन से तात्पर्य उस शासन प्रणाली से है जो गाँव, कस्बे या शहर जैसे छोटे भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों की स्थानीय समस्याओं का समाधान करती है। यह लोकतंत्र की नींव है, जहाँ जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर स्थानीय स्तर पर शासन में भाग लेती है।
पंचायती राज की संरचना (त्रिस्तरीय):
- ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर): यह सबसे निचला स्तर है, जो एक या अधिक गाँवों के लिए कार्य करता है। इसमें सरपंच और वार्ड सदस्य होते हैं।
- पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर): यह मध्य स्तर है, जो कई ग्राम पंचायतों को शामिल करता है। इसके सदस्य ग्राम पंचायतों के सरपंच और निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं।
- जिला परिषद (जिला स्तर): यह सबसे ऊपरी स्तर है, जो पूरे जिले के विकास की योजना बनाता है और उसकी निगरानी करता है। इसके सदस्य जिले भर से निर्वाचित होते हैं।
प्र. 37 - भारतीय धर्मनिरपेक्षता को कौन-कौनसी चीज़ें विशिष्ट बनाती हैं? स्पष्ट कीजिए।
भारतीय धर्मनिरपेक्षता की विशिष्टताएँ:
- सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता: भारत में राज्य सभी धर्मों को समान रूप से सम्मान देता है और उनकी रक्षा करता है, न कि केवल धर्म से दूरी बनाए रखता है।
- सर्वधर्म समभाव: राज्य किसी एक धर्म को राजकीय धर्म नहीं मानता, बल्कि सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण रखता है।
- हस्तक्षेप का अधिकार: राज्य को सामाजिक सुधारों के लिए धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है (जैसे, छुआछूत का उन्मूलन)।
- बहुलतावादी दृष्टिकोण: यह विभिन्न धार्मिक समुदायों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने की अनुमति देता है, जबकि राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है।
प्र. 38 - राजनीति उससे कहीं अधिक है जो राजनेता करते हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं?
हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। राजनीति केवल राजनेताओं की गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह एक व्यापक क्षेत्र है जिसमें शामिल हैं:
- नागरिक भागीदारी: मतदान, विरोध प्रदर्शन, और सार्वजनिक बहस में भाग लेना।
- सामाजिक आंदोलन: पर्यावरण संरक्षण, महिला अधिकार, और श्रमिक आंदोलन जैसे मुद्दे।
- नीति निर्माण: सरकारी नीतियों का निर्माण और कार्यान्वयन, जिसमें नागरिकों की राय महत्वपूर्ण होती है।
- शक्ति संबंध: समाज में शक्ति का वितरण और उसका उपयोग, जो केवल राजनेताओं तक सीमित नहीं है।
इस प्रकार, राजनीति एक सामूहिक प्रक्रिया है जिसमें हर नागरिक की भूमिका होती है।
प्र. 39 - सार्वभौमिक नागरिकता किसे कहते हैं? स्पष्ट कीजिए।
सार्वभौमिक नागरिकता: सार्वभौमिक नागरिकता का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह किसी भी देश का नागरिक हो, कुछ मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं का हकदार है। यह अवधारणा राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर मानवता के सामान्य सिद्धांतों पर आधारित है।
व्याख्या: यह विचार इस बात पर जोर देता है कि सभी मनुष्यों को सम्मान, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार है, भले ही वे कहीं भी पैदा हुए हों। यह वैश्विक नागरिकता की भावना को बढ़ावा देता है, जहाँ लोग एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदार महसूस करते हैं और वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, मानवाधिकारों के उल्लंघन आदि पर सहयोग करते हैं।
प्र. 40 - धर्मनिरपेक्षता एवं अन्तर धर्मनिरपेक्षता में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
अंतर:
- धर्मनिरपेक्षता (Secularism): यह एक सिद्धांत है जिसमें राज्य धार्मिक मामलों से अलग रहता है और सभी धर्मों के प्रति तटस्थ रवैया अपनाता है। इसका उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और धर्म के आधार पर भेदभाव को रोकना है।
- अन्तर धर्मनिरपेक्षता (Inter Secularism): यह एक व्यापक अवधारणा है जो विभिन्न धर्मों के बीच संवाद, सहयोग और आपसी सम्मान पर जोर देती है। यह केवल राज्य की तटस्थता तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सक्रिय सहभागिता और समझ को बढ़ावा देती है।
सारांश: धर्मनिरपेक्षता राज्य-धर्म पृथक्करण पर केंद्रित है, जबकि अन्तर धर्मनिरपेक्षता अंतर-धार्मिक संवाद और सह-अस्तित्व पर केंद्रित है।
प्र. 41 - भारतीय संविधान का राजनीतिक दर्शन क्या है? स्पष्ट कीजिए।
भारतीय संविधान का राजनीतिक दर्शन: भारतीय संविधान का राजनीतिक दर्शन उन मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित है जो देश के शासन का मार्गदर्शन करते हैं। यह निम्नलिखित तत्वों से मिलकर बना है:
- लोकतंत्र: जनता द्वारा शासन, जहाँ नागरिकों को मतदान का अधिकार है और वे सरकार चुनते हैं।
- धर्मनिरपेक्षता: राज्य किसी धर्म को बढ़ावा नहीं देता और सभी धर्मों को समान सम्मान देता है।
- समाजवाद: सामाजिक और आर्थिक समानता को बढ़ावा देना, जिसमें संसाधनों का उचित वितरण शामिल है।
- न्याय: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करना।
- स्वतंत्रता और समानता: नागरिकों को विचार, अभिव्यक्ति और आवागमन की स्वतंत्रता, साथ ही कानून के समक्ष समानता।
यह दर्शन संविधान की प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है और यह देश के शासन का आधार है।
प्र. 42 - संविधान में संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता क्यों पड़ती है? समझाइए।
विशेष बहुमत की आवश्यकता के कारण:
- संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखना: संविधान देश का सर्वोच्च कानून है। इसे साधारण कानूनों की तरह आसानी से बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती, अन्यथा यह अस्थिर हो जाएगा।
- व्यापक सहमति सुनिश्चित करना: विशेष बहुमत यह सुनिश्चित करता है कि संशोधन को देश के विभिन्न हिस्सों और राजनीतिक दलों का व्यापक समर्थन प्राप्त हो, न कि केवल सत्तारूढ़ दल का।
- मौलिक अधिकारों की रक्षा: कुछ संशोधन, विशेषकर जो मौलिक अधिकारों को प्रभावित करते हैं, उनके लिए कठोर प्रक्रिया की आवश्यकता होती है ताकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
- संघीय ढाँचे की सुरक्षा: राज्यों के अधिकारों और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े संशोधनों के लिए राज्यों की सहमति भी आवश्यक होती है, जो विशेष बहुमत प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्र. 43 - आपकी राय में, राष्ट्रवाद की सीमाएं क्या हैं?
राष्ट्रवाद की सीमाएँ:
- अतिवादी राष्ट्रवाद: जब राष्ट्रवाद अतिवादी हो जाता है, तो यह दूसरे देशों के प्रति शत्रुता और आक्रामकता को जन्म दे सकता है, जैसा कि फासीवाद में देखा गया।
- अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न: राष्ट्रवाद कभी-कभी बहुसंख्यक समुदाय के वर्चस्व को बढ़ावा देता है, जिससे अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन होता है।
- क्षेत्रीय असमानताएँ: राष्ट्रवाद क्षेत्रीय पहचानों को कमजोर कर सकता है और केंद्रीकरण को बढ़ावा दे सकता है, जिससे क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ सकती हैं।
- वैश्विक सहयोग में बाधा: अत्यधिक राष्ट्रवाद वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और महामारी से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में बाधा डाल सकता है।
प्र. 44 - भारतीय संविधान एक जीवित दस्तावेज है। कैसे? सविस्तार वर्णन कीजिए।
भारतीय संविधान एक जीवित दस्तावेज है: भारतीय संविधान को 'जीवित दस्तावेज' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह समय के साथ बदलती परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को ढालने में सक्षम है। यह निम्नलिखित कारणों से जीवित है:
- संशोधन की प्रक्रिया: संविधान में संशोधन का प्रावधान है, जिससे इसे समय-समय पर अद्यतन क