RBSE Class 11th 2026 HALF-YEARLY-HINDI-LITERATURE-1117-041225 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2026
Subject HALF-YEARLY-HINDI-LITERATURE-1117-041225
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 11th 2026 HALF-YEARLY-HINDI-LITERATURE-1117-041225

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Rajasthan Board Class 11th HALF-YEARLY-HINDI-LITERATURE-1117-041225 2026 solved Previous Year Question Papers

खण्ड - क

प्र.1. निम्न अपठित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -

प्राचीन भारतीय संस्कृति में धार्मिक कृत्यों में एकान्त साधना पर अधिक बल दिया गया है, यद्यपि सामूहिक प्रार्थना का अभाव नहीं है। हमारे कीर्तन आदि तथा महात्मा गाँधी द्वारा प्रार्थित प्रार्थना सभाएँ आदि में एकत्व की सामाजिक भावना को उत्पन्न करती आई हैं।

हमारे यहाँ सामाजिकता की अपेक्षा पारिवारिकता को महत्त्व दिया गया है। पारिवारिकता को खोकर सामाजिकता को ग्रहण करना तो मूर्खता होगी; किन्तु पारिवारिकता के साथ-साथ सामाजिकता बढ़ाना श्रेयस्कर होगा। भाषा और पोशाक में अपनत्व खोने जातीय व्यक्तित्व को तिलांजलि देना होगा। हमें अपनी सम्मिलित परिवार की प्रथा को इतना न बढ़ा देना चाहिए कि व्यक्ति व्यक्तित्वहीन हो जाए और न व्यक्ति को इतना महत्त्व देना चाहिए कि गुरुजनों को आदर भाव भी न रहे और पारिवारिक एकता पर कुठाराघात हो।

  1. (क) प्राचीन भारतीय संस्कृति में धार्मिक कृत्यों में किस पर अधिक बल दिया गया है?

    प्राचीन भारतीय संस्कृति में धार्मिक कृत्यों में एकान्त साधना पर अधिक बल दिया गया है।

  2. (ख) हमारे यहाँ सामाजिकता की अपेक्षा किसको महत्व दिया गया है?

    हमारे यहाँ सामाजिकता की अपेक्षा पारिवारिकता को महत्व दिया गया है।

  3. (ग) पारिवारिकता के साथ-साथ क्या बढ़ाना श्रेयस्कर है?

    पारिवारिकता के साथ-साथ सामाजिकता बढ़ाना श्रेयस्कर है।

  4. (घ) व्यक्ति का व्यक्तित्व कब समाप्त हो जाता है?

    जब सम्मिलित परिवार की प्रथा को इतना बढ़ा दिया जाए कि व्यक्ति व्यक्तित्वहीन हो जाए, तब व्यक्ति का व्यक्तित्व समाप्त हो जाता है।

  5. (ङ) "भाषा और पोशाक में अपनत्व खोने" से क्या तात्पर्य है?

    इसका तात्पर्य है कि यदि हम अपनी भाषा और पोशाक में दूसरों की नकल करके अपनी पहचान खो देंगे, तो हमें अपने जातीय व्यक्तित्व को त्यागना होगा।

  6. (च) "एकान्त" शब्द का विपरीतार्थक शब्द लिखिए।

    "एकान्त" का विपरीतार्थक शब्द "सामूहिक" या "सार्वजनिक" है।

  7. (छ) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।

    उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक "पारिवारिकता और सामाजिकता का संतुलन" या "भारतीय संस्कृति में पारिवारिकता का महत्व" हो सकता है।

खण्ड-क (अपठित बोध)

निम्न अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -

पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश,
पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश।
मेखलाकार पर्वत अपार
अपने सहस्त्र दृग-सुमन फाड़,
वह रहा है बार-बार
नीचे जल में निज महाकार,
जिसके चरणों में पला ताल
दर्पणरसा फैला है विशाल!
झरने के गौरव गाकर झर-झर
मद में नस-नस उत्तेजित कर
मोती की लड़ियों-से सुंदर
गिर रहे हैं झाग भरे प्रपात!
  1. (0) प्रस्तुत काव्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
    उत्तर: 'पर्वत प्रदेश में पावस' या 'पावस ऋतु का सौंदर्य'।
  2. (i) पर्वत का आकार कैसा है?
    उत्तर: पर्वत का आकार मेखलाकार (कमरबंद के समान गोलाकार) है।
  3. (ii) पर्वत अपने सहस्त्र नेत्रों से क्या देख रहा है?
    उत्तर: पर्वत अपने सहस्त्र नेत्रों से नीचे जल में अपना महाकार (विशाल रूप) देख रहा है।
  4. (iii) पर्वत के चरणों में क्या पला है?
    उत्तर: पर्वत के चरणों में ताल (तालाब) पला है।
  5. (iv) पर्वत प्रदेश में किस ऋतु का वर्णन है?
    उत्तर: पर्वत प्रदेश में पावस ऋतु (वर्षा ऋतु) का वर्णन है।
  6. (v) मोती की लड़ियों से सुंदर किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
    उत्तर: मोती की लड़ियों से सुंदर झाग भरे प्रपात (झरने) के लिए प्रयुक्त हुआ है।
  7. (vi) "दर्पणरसा फैला है विशाल" में कौनसा अलंकार है?
    उत्तर: इसमें उपमा अलंकार है। तालाब को दर्पण के समान बताया गया है।
  8. (vii) पर्वत का गौरव गान कौन कर रहा है?
    उत्तर: झरने पर्वत का गौरव गान कर रहे हैं।

खण्ड-ख (रचनात्मक एवं व्यावहारिक लेखन)

प्रश्न 1: जनसंचार के कार्य बताइए।

उत्तर: जनसंचार के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
  1. सूचना प्रदान करना: समाज को विभिन्न घटनाओं, समाचारों और जानकारियों से अवगत कराना।
  2. शिक्षा एवं जागरूकता: लोगों को शिक्षित करना और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाना।
  3. मनोरंजन: फिल्मों, संगीत, नाटक आदि के माध्यम से मनोरंजन प्रदान करना।
  4. समाजीकरण: सामाजिक मूल्यों, परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित एवं प्रसारित करना।
  5. जनमत निर्माण: सार्वजनिक मुद्दों पर लोगों की राय बनाने में सहायता करना।
  6. विज्ञापन एवं प्रचार: उत्पादों, सेवाओं और विचारों का प्रचार-प्रसार करना।

प्रश्न 2: ऑडियो-वीडियो संचार साधनों के नाम बताइए।

उत्तर: ऑडियो-वीडियो संचार साधनों के प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:
  1. दूरदर्शन (टेलीविजन)
  2. रेडियो
  3. सिनेमा (फिल्म)
  4. इंटरनेट (यूट्यूब, वेबिनार, वीडियो कॉलिंग)
  5. मोबाइल फोन (वीडियो कॉल, ऑडियो मैसेज)
  6. सीडी/डीवीडी
  7. पॉडकास्ट

प्रश्न 3: निम्न में से किसी एक विषय पर 300 शब्दों का निबंध लिखिए —

  1. साइबर अपराध के बढ़ते कदम
  2. महिला सशक्तिकरण
  3. मेक इन इंडिया (स्वदेशी उद्योग)
निबंध: महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और शैक्षिक रूप से सक्षम बनाना ताकि वे समाज में समान अधिकारों और अवसरों का लाभ उठा सकें। यह किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया है। आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजनीतिक क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण ने उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनाया है।

हालांकि, अभी भी कई चुनौतियाँ हैं जैसे कि कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, और शिक्षा में लैंगिक असमानता। इन समस्याओं को दूर करने के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

महिला सशक्तिकरण से न केवल महिलाओं का जीवन स्तर सुधरता है बल्कि पूरे समाज का विकास होता है। एक सशक्त महिला अपने परिवार और समाज को बेहतर दिशा दे सकती है। इसलिए हमें महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

प्रश्न 4: अपने जिला कलेक्टर को गांव में फैली मौसमी बीमारियों यथा मलेरिया, डेंगू आदि के नियंत्रण हेतु चिकित्सकों की टीम भेजने के लिए कार्यालयी पत्र लिखिए।

पत्र:

सेवा में,
जिला कलेक्टर महोदय,
[जिले का नाम]

विषय: गांव में फैली मौसमी बीमारियों के नियंत्रण हेतु चिकित्सकों की टीम भेजने के संबंध में।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि हमारे गांव [गांव का नाम] में पिछले कुछ दिनों से मलेरिया, डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। अब तक कई लोग इन बीमारियों से प्रभावित हो चुके हैं। गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है और निकटतम अस्पताल भी दूर है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया गांव में चिकित्सकों की एक टीम भेजने का कष्ट करें ताकि प्रभावित लोगों का उपचार किया जा सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

धन्यवाद।

भवदीय,
[आपका नाम]
[पता]
दिनांक: [दिनांक]

अथवा

प्रश्न 4 (वैकल्पिक): अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आपने अपनी पाली (गांव) में बिताए गए समय का वर्णन किया हो।

पत्र:

प्रिय मित्र हार्दिक,

सप्रेम नमस्ते।

आशा है तुम सकुशल होगे। मैं यहाँ अपनी पाली (गांव) में बहुत अच्छा समय बिता रहा हूँ। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत है। हरे-भरे खेत, शांत वातावरण और ग्रामीण जीवन की सादगी मन को मोह लेती है।

यहाँ मैंने खेतों में किसानों को काम करते देखा, गाँव के मेले में भाग लिया और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। गाँव के लोग बहुत मिलनसार और सहयोगी हैं।

तुम्हें भी एक बार यहाँ आना चाहिए। तुम्हें यह जगह बहुत पसंद आएगी।

अपना ख्याल रखना।

तुम्हारा मित्र,
[आपका नाम]
[पता]
दिनांक: [दिनांक]

प्रश्न 5: आपकी कक्षा के छ

खण्ड - व्यावहारिक व्याकरण

प्रश्न 9: हिंदी के मात्राएँ

(x2=2)

(४) हिंसक जानवरों के दर्शन अपनी संख्या... है।

हिंसक जानवरों के दर्शन, अपराध, विकृत, कहताती

प्रश्न 10: सही विकल्प चयन करें

  1. हित पैष्टा द्वारा उत्पन्न मन की व्याकुलता, __ है।
  2. रस से किसकी प्राप्ति होती है?
    (क) आनंद की
    (ख) लय की
    (ग) सुर तुक की चमत्कार की
  3. उत्साह स्थायी भाव में मन की स्थिति रहती है -
    (क) सुंदरता की
    (ख) उल्लासपूर्ण
  4. आचार्य ने काव्य के भेद माने -
    (क) दो
    (ख) तीन
    (ग) चार
  5. “गण कितने प्रकार के होते हैं?
    (क) छः
    (ख) आठ
    (ग) दस
    (घ) बारह

प्रश्न 11: प्रधान अलंकार के प्रमुख प्रकारों का सोदाहरण विवेचन कीजिए।

उत्तर: प्रधान अलंकार के प्रमुख प्रकार हैं:

  • अनुप्रास अलंकार: जहाँ वर्णों की आवृत्ति होती है। उदाहरण: "चारु चंद्र की चंचल किरणें"
  • उपमा अलंकार: जहाँ दो वस्तुओं में समानता दिखाई जाए। उदाहरण: "मुख चंद्रमा समान सुंदर है"
  • रूपक अलंकार: जहाँ उपमेय पर उपमान का आरोप हो। उदाहरण: "चरण-कमल बंदौं"
  • उत्प्रेक्षा अलंकार: जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना हो। उदाहरण: "मानो सरसिज खिला"
  • अतिशयोक्ति अलंकार: जहाँ बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए। उदाहरण: "आसमान के तारे तोड़ लाऊँ"

प्रश्न 12: श्लेष अलंकार की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए।

उत्तर: श्लेष अलंकार वह अलंकार है जिसमें एक ही शब्द के अनेक अर्थ निकलते हैं। यह शब्दों के अर्थ-वैचित्र्य पर आधारित होता है।

उदाहरण: "रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून॥"
यहाँ 'पानी' शब्द के तीन अर्थ हैं - जल, चमक (मोती की), और इज्जत (मनुष्य की)।

अंतरा भाग

प्रश्न 13: निम्न पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए

पद्यांश: "अरे इन दोहुन राह न पाई। हिंदू अपनी करे बडाई, गागर छुवन न देई। मुसलमान के पीर-औलिया मुर्गी मुर्गा खाईं। खाला घरहिं में करे सगाई।"

प्रसंग: यह पद्यांश कबीरदास जी द्वारा रचित है। इसमें कबीर ने हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की कट्टरता और पाखंड पर व्यंग्य किया है।

व्याख्या: कबीर कहते हैं कि हिंदू और मुसलमान दोनों ही सच्चे मार्ग से भटक गए हैं। हिंदू अपनी जाति का बखान करता है और दूसरे को छूने भी नहीं देता। मुसलमान पीर-औलिया की पूजा करता है और मुर्गी-मुर्गा खाता है। दोनों ही अपने-अपने घरों में ही सगाई करते हैं, यानी संकीर्णता में बंधे हैं। कबीर का संदेश है कि सच्चा धर्म इन बाहरी आडंबरों में नहीं, बल्कि प्रेम और एकता में है।

अथवा

पद्यांश: "मुरली तऊ गुपालहिं मावति। सुनि सी सखी जदपि नंदलालहिं; नाना भाँति नचावति। राखति एक पाई करि, अति अधिफार जनावति। कोमल जन आज्ञा करवावति, टेढौ है आवति।"

प्रसंग: यह पद्यांश सूरदास जी द्वारा रचित 'सूरसागर' से लिया गया है। इसमें श्रीकृष्ण की मुरली के प्रति आसक्ति का वर्णन है।

व्याख्या: सूरदास कहते हैं कि मुरली श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है। सखियाँ कहती हैं कि मुरली नंदलाल को तरह-तरह से नचाती है। मुरली एक पैर पर खड़ी होकर भी अत्यधिक अधिकार जताती है। कोमल स्वभाव के श्रीकृष्ण मुरली की आज्ञा मानते हैं और मुरली टेढ़ी होकर भी अपनी बात मनवाती है। यह श्रीकृष्ण और मुरली के अद्भुत प्रेम को दर्शाता है।

प्रश्न 14: निम्न गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए

गद्यांश: "नमाज खत्म हो गई है। लोग आपस में गले मिल रहे हैं। तब मिठाई-और खिलौने की दुकानों पर भीड़ होती है। ग्रामीणों का यह दल इस विषय में बालकों से कम उत्साही नहीं है। यह देखो, हिंडोला है। एक पैसा देकर चढ़ जाओ। कभी ऊपर जाते हुए मालूम होगे, कभी जमीन पर गिरते हुए। यह चर्खी है, लकड़ी के हाथी, घोड़े, लटके हुए हैं। एक पैसा देकर बैठ जाओ और पच्चीस बार का मजा लो।"

प्रसंग: यह गद्यांश प्रेमचंद जी की कहानी 'ईदगाह' से लिया गया है। इसमें ईद के मेले का वर्णन है।

व्याख्या: प्रेमचंद ने ईद के मेले का जीवंत चित्रण किया है। नमाज के बाद लोग गले मिलते हैं और फिर मिठाई-खिलौने की दुकानों पर भीड़ लगती है। ग्रामीण भी बच्चों की तरह उत्साहित होते हैं। लेखक ने हिंडोला और चर्खी का वर्णन किया है - हिंडोला झूलने पर ऊपर-नीचे का अनुभव होता है, और चर्खी पर लकड़ी के हाथी-घोड़े लटके हैं। एक पैसे में पच्चीस बार चर्खी का आनंद लिया जा सकता है। यह ग्रामीण जीवन की सादगी और उल्लास को दर्शाता है।

अथवा

गद्यांश: "मैंने कहा - 'तुम कुछ भी कहलाओ, वैचतें तुम टॉर्च हो। तुम्हारे और मेरे प्रवचन एक जैसे हैं। चाहे कोई दार्शनिक बने, रात बने या साधु बने, अगर वह लोगों को डर दिखाता है, तो ज़रूर अपनी कंपनी का टॉर्च बेचना चाहता है। तुम जैसे लोगों के लिए हमेशा ही अंधकार छाया रहता है। बताओ तुम्हारे जैसे किसी आदमी ने हज़ारों में कभी भी यह कहा है कि आज दुनिया में प्रकाश फैला है? कभी नहीं कहा। क्यों? इसलिए कि उन्हें अपनी कंपनी का टॉर्च बेचना है।'"

प्रसंग: यह गद्यांश हरिशंकर परसाई जी के व्यंग्य निबंध से लिया गया है।

व्याख्या: परसाई जी ने उन लोगों पर व्यंग्य किया है जो लोगों को डर दिखाकर अपना माल बेचते हैं। वे कहते हैं कि चाहे कोई दार्शनिक हो, रात हो या साधु, अगर वह डर दिखाता है तो वह अपनी कंपनी का टॉर्च बेचना चाहता है। ऐसे लोग हमेशा अंधकार की बात करते हैं क्योंकि उन्हें अपना टॉर्च बेचना है। यह उन पाखंडियों पर करारा व्यंग्य है जो लोगों के डर का फायदा उठाते हैं।

प्रश्न 15: राधा अरोड़ा अथवा हरिशंकर प्रसाई का साहित्यिक परिचय लिखिए।

उत्तर:

राधा अरोड़ा: राधा अरोड़ा हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री हैं। इनका जन्म 1946 में हुआ। इनकी रचनाओं में स्त्री-संवेदना और सामाजिक चेतना प्रमुख है। प्रमुख कृतियाँ: 'कविता का जन्म', 'अपनी आँखों में' आदि।

अथवा

हरिशंकर परसाई: हरिशंकर परसाई (1924-1995) हिंदी के महान व्यंग्यकार थे। इनका जन्म मध्य प्रदेश में हुआ। इन्होंने समाज की विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य लिखा। प्रमुख कृतियाँ: 'विकलांग श्रद्धा का दौर', 'जैसे उनके दिन फिरे', 'तब की बात और थी' आदि। इनकी भाषा सरल और प्रभावशाली है।

प्रश्न 16: पाठ के लेखक का नाम लिखिए।

उत्तर: पाठ के लेखक का नाम - (पाठ के अनुसार लिखें)

प्रश्न 17: हामिद ने मेले में चिमटा कितने में खरीदा?

उत्तर: हामिद ने मेले में चिमटा तीन पैसे में खरीदा।

प्रश्न 18: "जहाँ अपकार है वहीं प्रकाश है" - इसका क्या तात्पर्य है?

उत्तर: इस कथन का तात्पर्य है कि जहाँ संकट या कठिनाई होती है, वहीं समाधान या प्रकाश भी मिलता है। यह जीवन के द्वंद्व को दर्शाता है - अंधकार के बाद प्रकाश, दुख के बाद सुख। यह आशावादी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है कि कठिनाइयों में ही सीखने और आगे बढ़ने का अवसर छिपा होता है।

प्रश्न 19 से 24 (लघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 19. "उन्हें क्या खबर कि चौधरी आज आँखें बदल लें, तो यह सारी ईद मुहर्रम हो जाए" – इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इस कथन का आशय यह है कि चौधरी (जमींदार) की मनमानी और सत्ता इतनी अधिक है कि वह चाहे तो किसी भी त्योहार (ईद) को शोक (मुहर्रम) में बदल सकता है। यह कथन सामंतवादी व्यवस्था में गरीब किसानों की लाचारी और जमींदार के निरंकुश अधिकार को दर्शाता है।

प्रश्न 20. यदि बसंता गूंगी होता तो आपकी दृष्टि में चमेली का व्यवहार उसके प्रति कैसा होता?

उत्तर: यदि बसंता गूंगी होता, तो चमेली का व्यवहार उसके प्रति और भी अधिक सहानुभूतिपूर्ण और ममतामयी होता। चमेली पहले से ही बसंता की मासूमियत और प्रेम से प्रभावित थी। गूंगा होने पर वह उसकी शारीरिक अक्षमता के प्रति संवेदनशील होती और उसे और अधिक संरक्षण व प्यार देती।

प्रश्न 21. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. कबीर के गुरु का क्या नाम था?

    उत्तर: कबीर के गुरु का नाम स्वामी रामानंद था।

  2. सूरदास का जन्म कहाँ हुआ था?

    उत्तर: सूरदास का जन्म सीही गाँव (फरीदाबाद, हरियाणा) में हुआ था।

  3. "जाग तुझको दूर जाना" की लेखिका कौन है?

    उत्तर: "जाग तुझको दूर जाना" की लेखिका महादेवी वर्मा हैं।

  4. "संध्या के बाद" पाठ में लेखक का मूल संदेश क्या है?

    उत्तर: "संध्या के बाद" पाठ में लेखक का मूल संदेश यह है कि जीवन में अंधकार (कठिनाइयों) के बाद भी प्रकाश (आशा) अवश्य आता है। संध्या के बाद रात होती है, लेकिन उसके बाद सुबह भी होती है। यह जीवन में धैर्य और आशावादिता का संदेश देता है।

  5. कृष्ण ने नंद-बाबा की गायें देकर दाँव क्यों दिया? बाल मनोविज्ञान पर प्रकाश डालें।

    उत्तर: कृष्ण ने नंद-बाबा की गायें देकर दाँव इसलिए दिया क्योंकि वे बाल-सुलभ चंचलता और उत्सुकता में अपने साथियों के साथ खेल में शामिल होना चाहते थे। बाल मनोविज्ञान के अनुसार, बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं और उनमें जोखिम लेने की प्रवृत्ति होती है। कृष्ण का यह कार्य बाल-मन की निर्भीकता, साहस और खेल-प्रेम को दर्शाता है।

अंतराल भाग - 1

प्रश्न 22. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. 'बेटे जाओ, और जिंदगी को रंगों से भर दो' – ये शब्द किसने किससे कहे?

    उत्तर: ये शब्द मकबूल फिदा हुसैन ने अपने बेटे से कहे थे।

  2. बड़ौदा का आर्ट स्कूल का संचालन करने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति कौन थे?

    उत्तर: बड़ौदा के आर्ट स्कूल का संचालन करने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति राजा रवि वर्मा थे।

  3. मकबूल ने पेंटिंग की शुरुआत कहाँ की थी?

    उत्तर: मकबूल ने पेंटिंग की शुरुआत बड़ौदा के आर्ट स्कूल से की थी।

प्रश्न 23. मकबूल को छुट्टी के दिन दुकान पर बैठने क्यों नहीं जाता था?

उत्तर: मकबूल को छुट्टी के दिन दुकान पर बैठने इसलिए नहीं जाना पड़ता था क्योंकि वह अपने पिता की दुकान पर काम करने के बजाय पेंटिंग और कला में रुचि रखता था। वह अपना समय चित्रकारी और कला-सृजन में बिताना पसंद करता था, जिससे उसकी कला-प्रतिभा का विकास हो सके।

प्रश्न 24. बड़ौदा का बोरिंग स्कूल आत्मकथा के अंश में मकबूल फिदा हुसैन के व्यक्तित्व की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: बड़ौदा के बोरिंग स्कूल आत्मकथा के अंश में मकबूल फिदा हुसैन के व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताएँ उभरकर आती हैं:

  • कला-प्रेमी: वह पेंटिंग और कला के प्रति अत्यधिक समर्पित थे।
  • स्वतंत्र विचारक: उन्होंने पारंपरिक व्यवसाय (दुकानदारी) को छोड़कर कला को अपनाया।
  • संघर्षशील: उन्होंने कठिनाइयों के बावजूद अपनी कला को नहीं छोड़ा।
  • प्रेरणादायक: वे अपने बेटे को जिंदगी को रंगों से भरने की प्रेरणा देते हैं।
  • सृजनशील: उनमें नई चीजें सीखने और बनाने की अद्भुत क्षमता थी।