RBSE Class 12th 2010 Agriculture Biology-SS-85-2010 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2010
Subject Agriculture Biology-SS-85-2010
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Agriculture Biology-SS-85-2010 2010 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010

वैकल्पिक वर्ग IV — कृषि (OPTIONAL GROUP IV — AGRICULTURE)

कृषि जीवविज्ञान (AGRICULTURE BIOLOGY)

समय : 3 घण्टे    पूर्णांक : 48


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं। प्रश्न संख्या 22 एवं 23 में आन्तरिक विकल्प हैं।
    All the questions are compulsory. Question Nos. 22 and 23 have internal choices.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.

No. of Questions — 23    SS—85—Bio. (Agr.)

No. of Printed Pages — 7


SS—85—Bio. (Agr.)    [ Turn over

निर्देश / Instructions

5. जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ लिखें।
For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.

6. जहाँ भी आवश्यक हो पेन्सिल से स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।
Draw neat and clean labelled diagram with pencil wherever necessary.

7. प्रश्न क्रमांक 1 के चार भाग (i, ii, iii एवं iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (अ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:
There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:

प्रश्न क्रमांक
Question No.
सही उत्तर का क्रमाक्षर
Correct letter of the Answer
1. (i)
1. (ii)
1. (iii)
1. (iv)

प्रश्न 1. (i) / Question 1. (i)

सर्वाधिक हानि पहुँचाने वाली दीमक की अवस्था है

  • (अ) रानी
  • (ब) श्रमिक
  • (स) सैनिक
  • (द) राजा

The most harmful stage of white ant is

  • (A) Queen
  • (B) Worker
  • (C) Soldier
  • (D) King

सही उत्तर / Correct Answer: (ब) / (B) Worker

व्याख्या / Explanation: दीमक की श्रमिक अवस्था सबसे अधिक हानिकारक होती है क्योंकि यह लकड़ी और अन्य सेल्यूलोज पदार्थों को खाकर नुकसान पहुँचाती है। रानी, सैनिक और राजा प्रजनन या रक्षा में संलग्न रहते हैं। / The worker stage of termites is the most harmful as it feeds on wood and other cellulose materials, causing damage. The queen, soldier, and king are involved in reproduction or defense.

SS—85—Bio. (Agr.)

प्रश्न 1 (i)

टमाटर का लीफकर्ल अथवा पर्णकुंचन रोग है:

  • (अ) जीवाणु रोग
  • (ब) कवक रोग
  • (स) विषाणु रोग
  • (द) माइकोप्लाज्मा रोग

व्याख्या: टमाटर का लीफकर्ल (पर्णकुंचन) रोग एक विषाणु जनित रोग है, जो टमाटर लीफ कर्ल वायरस (ToLCV) के कारण होता है।

प्रश्न 1 (ii)

मूँगफली का विषाणु गुच्छा रोग के लक्षण दिखाई देते हैं:

  • (अ) बुवाई के 5-10 दिन बाद
  • (ब) बुवाई के 15-20 दिन बाद
  • (स) बुवाई के 30-35 दिन बाद
  • (द) बुवाई के 40-45 दिन बाद

व्याख्या: मूँगफली का विषाणु गुच्छा रोग (Peanut Clump Virus) के लक्षण सामान्यतः बुवाई के 30-35 दिन बाद दिखाई देते हैं।

प्रश्न 1 (iv)

आनुवांशिक अभियांत्रिकी का जनक है:

  • (अ) डी कैण्डोले
  • (ब) पाल बर्ग
  • (स) बेंथम एवं हुकर
  • (द) मेण्डल

व्याख्या: पाल बर्ग (Paul Berg) को आनुवांशिक अभियांत्रिकी का जनक माना जाता है। उन्होंने 1972 में पहली बार पुनर्योगज DNA (recombinant DNA) का निर्माण किया।

प्रश्न 2

दीमक की निर्जर्म (sterile) जातियों के नाम लिखिए।

उत्तर: दीमक की निर्जर्म जातियाँ निम्नलिखित हैं:

  • श्रमिक (Worker)
  • सैनिक (Soldier)

ये दोनों जातियाँ प्रजनन में असमर्थ होती हैं और कॉलोनी के विभिन्न कार्यों (जैसे भोजन संग्रह, घोंसला निर्माण, रक्षा) में सहायता करती हैं।

प्रश्न 3

किन्हीं दो एकबीजपत्री फसलों के नाम लिखिए।

उत्तर: दो एकबीजपत्री फसलों के नाम निम्नलिखित हैं:

  • गेहूँ (Wheat)
  • चावल (Rice)

ये फसलें एकबीजपत्री (monocotyledonae) वर्ग से संबंधित हैं, जिनमें बीज में एक बीजपत्र होता है।

बेन्थम और हुकर का वर्गीकरण किस पद्धति का उदाहरण है ?
The classification of Bentham and Hooker is the example of which system?

उत्तर: बेन्थम और हुकर का वर्गीकरण कृत्रिम पद्धति (Artificial System) का उदाहरण है। यह पद्धति मुख्यतः पादपों के बाह्य लक्षणों पर आधारित थी।

जैव प्रौद्योगिकी की परिभाषा लिखिए |
Write the definition of Biotechnology.

उत्तर: जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) वह तकनीक है जिसमें जीवों, जीवीय अंगों या जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग करके विभिन्न उत्पादों का निर्माण किया जाता है या जीवों में वांछित परिवर्तन लाए जाते हैं।

प्रकाश-संश्लेषण को परिभाषित कीजिए |
Define Photosynthesis.

उत्तर: प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पादप सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड और जल से कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) का निर्माण करते हैं और ऑक्सीजन गैस मुक्त करते हैं।

(अ) आर० एन० ए का पूरा नाम लिखिए |
(ब) जीनी प्रारूप किसे कहते हैं ?
(a) Write the full name of R.N.A.
(b) What is genotype?

(अ) उत्तर: आर० एन० ए (RNA) का पूरा नाम राइबोन्यूक्लिक अम्ल (Ribonucleic Acid) है।

(ब) उत्तर: जीनी प्रारूप (Genotype) किसी जीव के आनुवंशिक गुणों का समूह है, जो उसके जीनों द्वारा निर्धारित होता है। यह जीव के बाह्य लक्षणों (फीनोटाइप) को प्रभावित करता है।

जीवाणु कोशिका का नामांकित चित्र बनाइए |
Draw a labelled diagram of Bacterial Cell.

उत्तर: जीवाणु कोशिका के मुख्य भाग: कोशिका भित्ति, कोशिका झिल्ली, कोशिका द्रव्य, नाभिकीय क्षेत्र (न्यूक्लियॉइड), राइबोसोम, फ्लैजेला (कशाभिका), पिलाई (रोम) आदि। (चित्र में इन्हें नामांकित करें।)

परासरण को परिभाषित कीजिए | आलू ओस्मोस्कोप का नामांकित चित्र बनाइए |
Define Osmosis. Draw a labelled diagram of Potato Osmoscope.

उत्तर: परासरण (Osmosis) वह प्रक्रिया है जिसमें विलायक (जल) के अणु अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर गति करते हैं।

आलू ओस्मोस्कोप में आलू को खोखला करके उसमें चीनी का घोल भरा जाता है और इसे जल में रखा जाता है। जल के अणु आलू की कोशिकाओं (अर्धपारगम्य झिल्ली) से होकर अंदर जाते हैं, जिससे घोल का स्तर बढ़ जाता है। (चित्र में आलू, चीनी का घोल, जल का स्तर आदि नामांकित करें।)

बाजरे की फसल में पत्तियों में हरिमाहीनता एवं बालियाँ पत्तीवत् हो जाती हैं, तो इस रोग का नाम एवं रोग प्रबन्धन के दो उपाय लिखिए |
In Bajra crop, the leaves suffer from chlorosis and ears become leafy like structures. Write the name of this disease and two control measures of the disease.

उत्तर: इस रोग का नाम हरित पुष्प रोग (Green Ear Disease) है, जो कवक Sclerospora graminicola द्वारा होता है।

रोग प्रबन्धन के दो उपाय:

  1. रोग प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग करें।
  2. बीजोपचार के लिए बीजों को फफूंदनाशक (जैसे मैन्कोजेब) से उपचारित करें।

(अ) धान के अंगमारी रोग के रोग कारक का नाम लिखिए |
(ब) धान के अंगमारी रोग के दो लक्षण लिखिए |
(a) Write the name of the causal organism of the disease bacterial blight of paddy.
(b) Write two symptoms of bacterial blight of paddy.

(अ) उत्तर: धान के अंगमारी रोग (Bacterial Blight) का रोग कारक जीवाणु Xanthomonas oryzae pv. oryzae है।

(ब) उत्तर: धान के अंगमारी रोग के दो लक्षण:

  1. पत्तियों पर पीले या सफेद धब्बे दिखाई देते हैं, जो बाद में भूरे हो जाते हैं।
  2. पत्तियाँ सूखकर मुड़ जाती हैं और पौधे की वृद्धि रुक जाती है।

प्रश्न 2 (अ) – बैंगन के लघुपत्रक रोग का प्रबन्धन

प्रश्न: बैंगन के लघुपत्रक रोग का प्रबन्धन किस प्रकार करेंगे?

Question: How will you control little leaf disease of brinjal?

उत्तर / Answer: बैंगन के लघुपत्रक रोग (Little Leaf Disease) के प्रबन्धन हेतु निम्नलिखित उपाय अपनाए जाते हैं:

  • रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें।
  • प्रभावित पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दें।
  • फसल चक्र अपनाएँ, विशेषकर गैर-मेजबान फसलों के साथ।
  • रोग वाहक कीट (जैसे सफेद मक्खी) के नियंत्रण के लिए उपयुक्त कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  • खेत की सफाई रखें और खरपतवार नियंत्रण करें।

प्रश्न 2 (ब) – धान के खैरा रोग के लक्षण

प्रश्न: धान के खैरा रोग के पहचान के कोई दो लक्षण लिखिए।

Question: Write any two symptoms for identification of Khaira disease of paddy.

उत्तर / Answer: धान के खैरा रोग (Khaira Disease) के दो प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:

  1. पत्तियों पर छोटे-छोटे भूरे या जंग के रंग के धब्बे दिखाई देते हैं, जो बाद में बड़े होकर पत्ती को सुखा देते हैं।
  2. पौधों की वृद्धि रुक जाती है और पत्तियाँ पीली पड़कर मुड़ने लगती हैं, जिससे फसल की उपज में कमी आती है।

प्रश्न 3 – एकल संकर क्रॉस

प्रश्न: एकल संकर क्रॉस की परिभाषा लिखिए। उपयुक्त उदाहरण द्वारा इसे स्पष्ट करते हुए F₂ संतति में लक्षण प्रारूप अनुपात बताइए।

Question: Define Monohybrid cross. Explain it with suitable example by giving phenotypic ratio in F₂ generation.

उत्तर / Answer:

परिभाषा: एकल संकर क्रॉस (Monohybrid Cross) वह संकरण है जिसमें माता-पिता केवल एक गुण (जैसे पौधे की ऊँचाई या फूल का रंग) में भिन्न होते हैं।

उदाहरण: मटर के पौधे में लम्बे (TT) और बौने (tt) पौधों के बीच क्रॉस कराने पर F₁ पीढ़ी में सभी पौधे लम्बे (Tt) होते हैं। F₂ पीढ़ी में स्व-परागण से तीन लम्बे और एक बौना पौधा प्राप्त होता है।

F₂ संतति में लक्षण प्रारूप अनुपात: 3 : 1 (लम्बा : बौना)

प्रश्न 4 – कृषि में जैव प्रौद्योगिकी का महत्व

प्रश्न: कृषि क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी के महत्व लिखिए।

Question: Write the importance of Biotechnology in agriculture.

उत्तर / Answer: कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के निम्नलिखित महत्व हैं:

  • फसलों की उपज और गुणवत्ता में वृद्धि करना।
  • रोगों और कीटों के प्रति प्रतिरोधी किस्मों का विकास करना।
  • सूखा, लवणता और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने वाली फसलें तैयार करना।
  • जैव उर्वरकों और जैव कीटनाशकों के उत्पादन में सहायता करना।
  • पोषण मूल्य में सुधार (जैसे गोल्डन राइस) करना।

प्रश्न 5 – सफेद ग्रब के नियंत्रण के उपाय

प्रश्न: सफेद ग्रब के नियन्त्रण के कोई चार उपाय लिखिए।

Question: Write any four control measures of white grub.

उत्तर / Answer: सफेद ग्रब (White Grub) के नियंत्रण के चार उपाय:

  1. गहरी जुताई करके ग्रब के लार्वा को पक्षियों के लिए उजागर करें।
  2. फसल चक्र अपनाएँ, विशेषकर गैर-मेजबान फसलों के साथ।
  3. मिट्टी में उपयुक्त कीटनाशक (जैसे क्लोरपाइरीफॉस) का प्रयोग करें।
  4. प्रकाश प्रपंज (light trap) का उपयोग करके वयस्क भृंगों को नियंत्रित करें।

प्रश्न 6 – खपरा भृंग के नियंत्रण के उपाय

प्रश्न: अनाज भण्डारण में खपरा भृंग के नियन्त्रण के कोई चार उपाय सुझाइए।

Question: Suggest any four control measures of Khapra beetle in grain storage.

उत्तर / Answer: अनाज भण्डारण में खपरा भृंग (Khapra Beetle) के नियंत्रण के चार उपाय:

  1. भण्डारण से पहले अनाज को अच्छी तरह सुखा लें (नमी 10% से कम रखें)।
  2. भण्डारण क्षेत्र को साफ और सूखा रखें, तथा दरारों को सील करें।
  3. अनाज को एयरटाइट कंटेनरों में रखें या फ्यूमिगेशन (जैसे एल्युमिनियम फॉस्फाइड) करें।
  4. संक्रमित अनाज को अलग करके नष्ट करें और नियमित निरीक्षण करें।

प्रश्न 7 – कीटनाशकों के अधिक प्रयोग के दुष्परिणाम

प्रश्न: कीटनाशियों के अंधाधुंध प्रयोग के दुष्परिणाम लिखिए।

Question: Write the bad effects of excess use of insecticides.

उत्तर / Answer: कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के निम्नलिखित दुष्परिणाम हैं:

  • मानव और पशुओं में स्वास्थ्य समस्याएँ (जैसे कैंसर, तंत्रिका संबंधी विकार)।
  • लाभकारी कीटों (जैसे मधुमक्खी, परागणकर्ता) का विनाश।
  • मिट्टी और जल स्रोतों का प्रदूषण।
  • कीटों में प्रतिरोधक क्षमता का विकास, जिससे नियंत्रण कठिन हो जाता है।
  • खाद्य श्रृंखला में रसायनों का संचय।

प्रश्न 8 (अ) – प्रधुलक के प्रकार

प्रश्न: प्रधुलक के प्रकार लिखिए।

Question: Write the types of dusters.

उत्तर / Answer: प्रधुलक (Dusters) के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:

  • हस्त चालित प्रधुलक (Hand-operated duster)
  • पीठ पर लगाने वाला प्रधुलक (Knapsack duster)
  • ट्रैक्टर चालित प्रधुलक (Tractor-mounted duster)
  • वायुयान चालित प्रधुलक (Aircraft duster)

प्रश्न 8 (ब) – कीट नियंत्रण में फसल चक्र का महत्व

प्रश्न: कीट नियन्त्रण में फसल चक्र का महत्व लिखिए।

Question: Write the importance of crop rotation in insect control.

उत्तर / Answer: कीट नियंत्रण में फसल चक्र का महत्व:

  • यह कीटों के जीवन चक्र को बाधित करता है, क्योंकि कीट विशिष्ट फसलों पर निर्भर होते हैं।
  • मिट्टी में कीटों की संख्या को कम करता है।
  • फसलों की विविधता से लाभकारी कीटों को बढ़ावा मिलता है।
  • रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है।

प्रश्न 9 (अ) – माइट्स के जीवन चक्र की अवस्थाएँ

प्रश्न: माइट्स या बरुथी के जीवन चक्र की अवस्थाओं के नाम लिखिए।

Question: Write the stages of life-cycle of mites.

उत्तर / Answer: माइट्स (Mites) के जीवन चक्र की मुख्य अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. अंडा (Egg)
  2. लार्वा (Larva) – तीन जोड़ी पैर
  3. अप्सरा (Nymph) – चार जोड़ी पैर, जिसमें प्रोटोनिम्फ और ड्यूटोनिम्फ शामिल हो सकते हैं
  4. प्रौढ़ (Adult)

प्रश्न 9 (ब) – गेहूँ के पेन रोग के लक्षण

प्रश्न: गेहूँ के पेन रोग के लक्षण लिखिए।

Question: Write the symptoms of wheat cyst nematode.

उत्तर / Answer: गेहूँ के पेन रोग (Wheat Cyst Nematode) के लक्षण:

  • पौधों की वृद्धि रुक जाती है और पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं।
  • जड़ों पर छोटे-छोटे सिस्ट (गोलाकार संरचनाएँ) दिखाई देते हैं, जो सफेद या भूरे रंग के होते हैं।
  • पौधे कमजोर हो जाते हैं और उपज में भारी कमी आती है।

20. (क) कतला व रोहू मछली के वैज्ञानिक नाम लिखिए।

उत्तर:

  • कतला मछली का वैज्ञानिक नाम: Catla catla
  • रोहू मछली का वैज्ञानिक नाम: Labeo rohita

20. (ख) कतला मछली का नामांकित चित्र बनाइए।

निर्देश: कतला मछली का एक सरल नामांकित चित्र बनाएं जिसमें निम्नलिखित भागों को दर्शाया जाए:

  • मुख (Mouth)
  • आँख (Eye)
  • पृष्ठीय पंख (Dorsal fin)
  • पुच्छीय पंख (Caudal fin)
  • गुदा पंख (Anal fin)
  • उदरीय पंख (Pelvic fin)
  • वक्षीय पंख (Pectoral fin)
  • शल्क (Scales)
  • गिल (Gills)

(चित्र स्वयं बनाएं और उपरोक्त भागों को नामांकित करें।)


21. कीट नियन्त्रण का वर्णन निम्न बिन्दुओं के आधार पर कीजिए:

(अ) प्रकाश पाश द्वारा कीट नियन्त्रण का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

उत्तर: प्रकाश पाश (Light Trap) विधि में रात के समय एक विशेष प्रकार का प्रकाश स्रोत (जैसे पराबैंगनी या चमकीला बल्ब) लगाया जाता है। यह प्रकाश कीटों को आकर्षित करता है। कीट जब प्रकाश की ओर आते हैं, तो वे एक संग्रहण पात्र (जिसमें पानी या कीटनाशक हो सकता है) में गिर जाते हैं और मर जाते हैं। यह विधि पर्यावरण के अनुकूल है और रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को कम करती है।

(ब) प्रमुख बरूथीनाशियों के नाम तथा किसी एक की प्रयोग विधि लिखिए।

उत्तर: प्रमुख बरूथीनाशी (Miticides) के नाम:

  • डाइकोफोल (Dicofol)
  • प्रोपार्जाइट (Propargite)
  • फेनब्यूटाटिन ऑक्साइड (Fenbutatin oxide)
  • एबामेक्टिन (Abamectin)

डाइकोफोल की प्रयोग विधि: डाइकोफोल 18.5% ईसी (Emulsifiable Concentrate) को 2 मिली प्रति लीटर पानी की दर से घोलकर, प्रभावित फसलों पर छिड़काव किया जाता है। इसका उपयोग मकड़ी (Spider mites) के नियंत्रण के लिए किया जाता है। छिड़काव सुबह या शाम के समय करना चाहिए जब हवा की गति कम हो।

(स) परभक्षी कीट व परजीवी कीटों के द्वारा कीट नियन्त्रण के बारे में लिखिए।

उत्तर: परभक्षी कीट (Predators) और परजीवी कीट (Parasitoids) जैविक कीट नियंत्रण के महत्वपूर्ण घटक हैं।

  • परभक्षी कीट: ये कीट अपने शिकार को पकड़कर खा जाते हैं। उदाहरण: गुबरैला (Ladybird beetle) एफिड्स को खाता है; मैंटिस (Praying mantis) विभिन्न कीटों को पकड़ता है।
  • परजीवी कीट: ये कीट अपने अंडे दूसरे कीटों के शरीर के अंदर या ऊपर देते हैं। अंडों से निकले लार्वा मेजबान कीट को खाकर उसे मार देते हैं। उदाहरण: ट्राइकोग्रामा (Trichogramma) तितलियों के अंडों में अंडे देता है; ब्रैकोनिड ततैया (Braconid wasp) कैटरपिलर को परजीवी बनाती है।

ये दोनों प्रकार के कीट रासायनिक कीटनाशकों के बिना कीटों की जनसंख्या को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।


22. (अ) केंचुए में प्रचलन या गमन का वर्णन कीजिए।

उत्तर: केंचुआ (Earthworm) अपने शरीर की मांसपेशियों और सेटी (Setae) की सहायता से गमन करता है। इसकी गति को निम्न चरणों में समझा जा सकता है:

  1. खिंचाव (Extension): केंचुआ अपने अगले सिरे को आगे की ओर खींचता है, जिससे शरीर लंबा और पतला हो जाता है।
  2. एंकरिंग (Anchoring): अगले सिरे पर मौजूद सेटी मिट्टी में फंस जाती है, जिससे वह स्थिर हो जाता है।
  3. संकुचन (Contraction): पीछे के सिरे की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, जिससे शरीर छोटा और मोटा हो जाता है, और पिछला सिरा आगे की ओर खिंच जाता है।
  4. दोहराव: यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जिससे केंचुआ धीरे-धीरे आगे बढ़ता है।

इस प्रकार, केंचुआ लहरदार गति (Peristaltic movement) से चलता है।

22. (ब) केंचुए किसान के मित्र हैं, इस कथन की पुष्टि कीजिए।

उत्तर: केंचुए को किसान का मित्र कहा जाता है क्योंकि वे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:

  • मिट्टी का वातन: केंचुए मिट्टी में सुरंग बनाते हैं, जिससे हवा और पानी का संचार बेहतर होता है और जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है।
  • जैविक पदार्थ का अपघटन: वे पत्तियों और अन्य जैविक कचरे को खाकर उसे वर्मीकम्पोस्ट (Vermicompost) में बदल देते हैं, जो एक उत्कृष्ट जैविक खाद है।
  • पोषक तत्वों का संचार: केंचुए मिट्टी की गहरी परतों से पोषक तत्वों को ऊपर लाते हैं, जिससे पौधों को लाभ होता है।
  • मिट्टी की संरचना में सुधार: उनके मल (Castings) से मिट्टी की बनावट में सुधार होता है और जल धारण क्षमता बढ़ती है।

इन कारणों से केंचुए किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक होते हैं।


अथवा

22. (अ) उद्यान घोंघा व अफ्रीकी घोंघा में अन्तर लिखिए।

उत्तर: उद्यान घोंघा (Garden snail) और अफ्रीकी घोंघा (African snail) में निम्नलिखित अंतर हैं:

गुण उद्यान घोंघा अफ्रीकी घोंघा
आकार छोटा (लगभग 2-3 सेमी) बड़ा (लगभग 10-20 सेमी या अधिक)
खोल का रंग हल्का भूरा या पीला, धारियों वाला गहरा भूरा या काला, मोटा और मजबूत
आवास बगीचों, खेतों और नम स्थानों में उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, अधिक नमी वाले स्थान
हानिकारकता कम हानिकारक, छोटे पौधों को नुकसान अत्यधिक हानिकारक, फसलों को बड़ा नुकसान और रोग फैलाता है

22. (ब) घोंघा का स्वभाव व आवास का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

स्वभाव (Habit): घोंघे (Snails) धीमी गति से चलने वाले, निशाचर (Nocturnal) प्राणी हैं। ये दिन में नम और अंधेरे स्थानों में छिपे रहते हैं और रात में भोजन की तलाश में निकलते हैं। ये शाकाहारी होते हैं और पत्तियों, फलों, तनों आदि को खाते हैं। शुष्क मौसम में ये अपने खोल में शीतनिष्क्रियता (Aestivation) में चले जाते हैं।

आवास (Habitat): घोंघे नम और छायादार स्थानों में रहना पसंद करते हैं। ये बगीचों, खेतों, जंगलों, नदी किनारों, और दीवारों की दरारों में पाए जाते हैं। इन्हें अधिक नमी और कैल्शियम युक्त मिट्टी की आवश्यकता होती है, जो खोल निर्माण में सहायक होती है।

23. निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत मालवेसी कुल का वर्णन कीजिए :

(अ) दलपुंज (Corolla)

दलपुंज पृथक्-पंखड़ी (polypetalous) होता है, जिसमें 5 दल (petals) होते हैं। ये दल प्रायः आधार पर जुड़े होते हैं और स्त्रीकेसर (staminal column) से जुड़े होते हैं। दलपुंज का रंग सफेद, गुलाबी, पीला या लाल हो सकता है।

(ब) पुमंग (Androecium)

पुमंग में अनेक पुंकेसर (stamens) होते हैं, जो एक नली (tube) के रूप में जुड़े होते हैं, जिसे पुंकेसर नली (staminal tube) कहते हैं। यह नली स्त्रीकेसर को घेरे रहती है। परागकोष (anthers) एककोषीय (monothecous) होते हैं।

(स) जायांग (Gynoecium)

जायांग में 5 से अधिक अंडप (carpels) होते हैं, जो संयुक्त (syncarpous) होते हैं। अंडाशय (ovary) उच्च (superior) होता है और इसमें अनेक बीजांड (ovules) होते हैं। वर्तिका (style) एक या अनेक हो सकती है।

(द) पुष्प सूत्र एवं पुष्प आरेख (Floral Formula and Floral Diagram)

पुष्प सूत्र: ⊕ ⚥ K5 C5 A G(3-∞)

पुष्प आरेख: पुष्प आरेख में बाह्यदलपुंज (calyx) 5 भागों में विभाजित, दलपुंज (corolla) 5 दलों वाला, पुंकेसर नली (staminal tube) और अंडाशय (ovary) को दर्शाया जाता है।

अथवा

निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत सोलेनेसी कुल का वर्णन कीजिए :

(अ) दलपुंज (Corolla)

दलपुंज संयुक्त-पंखड़ी (gamopetalous) होता है, जिसमें 5 दल जुड़े होते हैं। यह प्रायः नली के आकार का (tubular) या फनल के आकार का (infundibuliform) होता है। रंग सफेद, पीला, नीला या बैंगनी हो सकता है।

(ब) पुमंग (Androecium)

पुमंग में 5 पुंकेसर होते हैं, जो दलपुंज से जुड़े (epipetalous) होते हैं। ये प्रायः दो लंबे और दो छोटे (didynamous) होते हैं। परागकोष (anthers) द्विकोषीय (dithecous) होते हैं और अनुदैर्ध्य रूप से खुलते हैं।

(स) जायांग (Gynoecium)

जायांग में 2 अंडप (carpels) होते हैं, जो संयुक्त (syncarpous) होते हैं। अंडाशय (ovary) उच्च (superior) होता है और इसमें अनेक बीजांड (ovules) होते हैं। वर्तिका (style) एक होती है और वर्तिकाग्र (stigma) द्विपालित (bifid) होता है।

(द) पुष्प सूत्र एवं पुष्प आरेख (Floral Formula and Floral Diagram)

पुष्प सूत्र: ⊕ ⚥ K(5) C(5) A5 G(2)

पुष्प आरेख: पुष्प आरेख में बाह्यदलपुंज (calyx) 5 जुड़े हुए, दलपुंज (corolla) 5 जुड़े हुए, पुंकेसर (stamens) दलपुंज से जुड़े, और अंडाशय (ovary) 2 कोष्ठीय (bilocular) दर्शाया जाता है।

English Version:

Describe the family Malvaceae under following heads:

(a) Corolla: Polypetalous, 5 petals, often adnate to the staminal column, colors vary (white, pink, yellow, red).

(b) Androecium: Numerous stamens, monadelphous (united into a staminal tube), anthers monothecous.

(c) Gynoecium: 5 or more carpels, syncarpous, ovary superior, many ovules.

(d) Floral formula and floral diagram: ⊕ ⚥ K5 C5 A G(3-∞)

OR

Describe the family Solanaceae under following heads:

(a) Corolla: Gamopetalous, 5 fused petals, tubular or infundibuliform, colors vary (white, yellow, blue, purple).

(b) Androecium: 5 stamens, epipetalous, often didynamous, anthers dithecous.

(c) Gynoecium: 2 carpels, syncarpous, ovary superior, many ovules, style single, stigma bifid.

(d) Floral formula and floral diagram: ⊕ ⚥ K(5) C(5) A5 G(2)