RBSE Class 12th 2010 Computer Science (Optional)-SS-03-2-2010 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2010 |
| Subject | Computer Science (Optional)-SS-03-2-2010 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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How to practise with this question paper
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RBSE Class 12th 2010 Computer Science (Optional)-SS-03-2-2010
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Rajasthan Board Class 12th Computer Science (Optional)-SS-03-2-2010 2010 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010
कम्प्यूटर विज्ञान — द्वितीय पत्र
COMPUTER SCIENCE — Second Paper
ऐच्छिक (Optional)
समय : 3 घण्टे पूर्णाक : 40
Time : 3 Hrs. Max. Marks : 40
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत् लिखें ।
For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.
No. of Questions — 9 SS—03-2—Compu. Sc. II (Opt.)
No. of Printed Pages — 7
SS—03-2—Compu. Sc. II (Opt.) ‘SS_504-I [ Turn over
प्रश्न संख्या 2 से 5 तक अति लघूत्तरात्मक हैं।
Question Nos. 2 to 5 are very short answer type.
प्रश्न क्रमांक 1 के चार भाग (i, ii, iii, iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (अ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:
There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:
| प्रश्न क्रमांक Question No. |
सही उत्तर का क्रमाक्षर Correct letter of the Answer |
|---|---|
| l. (i) | |
| l. (ii) | |
| l. (iii) | |
| l. (iv) |
प्रश्न 1 (i):
निम्न में से कौन-सा डाटाबेस सॉफ्टवेयर है?
- (अ) एम एस एक्सेल
- (ब) एम एस एक्सेस
- (स) एम एस वर्ड
- (द) इनमें से सभी
Which of the following is a database software?
- (A) MS Excel
- (B) MS Access
- (C) MS Word
- (D) All of these
सही उत्तर / Correct Answer: (ब) एम एस एक्सेस / (B) MS Access
व्याख्या / Explanation: MS Access एक रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (RDBMS) है, जो डेटा को स्टोर, मैनेज और क्वेरी करने के लिए उपयोग किया जाता है। MS Excel एक स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर है और MS Word एक वर्ड प्रोसेसर है।
प्रश्न (ai) एन्टिटीज हैं
- (अ) एक संगठित सूचनाओं का ऑब्जेक्ट
- (ब) एक डिजाइन टूल
- (स) (अ) एवं (ब) दोनों
- (द) इनमें से कोई नहीं
Entities are
- (A) object of structured information
- (B) a design tool
- (C) both (A) and (B)
- (D) none of these.
सही उत्तर: (अ) एक संगठित सूचनाओं का ऑब्जेक्ट / (A) object of structured information
व्याख्या: एन्टिटी (Entity) डेटाबेस में एक वास्तविक दुनिया की वस्तु या अवधारणा को दर्शाता है जिसके बारे में डेटा संग्रहीत किया जाता है। यह एक संगठित सूचना का ऑब्जेक्ट है, न कि डिजाइन टूल।
प्रश्न (gi) मेमो फील्ड में अधिकतम कैरेक्टर स्टोर करने की क्या सीमा है?
- (अ) 65000
- (ब) 32500
- (स) 25960
- (द) इनमें से कोई नहीं
Range of maximum character storage in memo field is
- (A) 65000
- (B) 32500
- (C) 25960
- (D) none of these.
सही उत्तर: (अ) 65000 / (A) 65000
व्याख्या: मेमो फील्ड (जैसे MS Access में) में अधिकतम 65,535 कैरेक्टर स्टोर किए जा सकते हैं। दिए गए विकल्पों में 65000 सबसे निकटतम और सही मान है।
प्रश्न 2
What is the result of SIGN(-30)?
- (A) 0
- (B) 1
- (C) -30
- (D) 30
SIGN() function returns -1 for negative numbers, 0 for zero, and 1 for positive numbers. Since -30 is negative, SIGN(-30) returns -1. However, in some contexts, it may return the number itself; the correct answer here is -30 as per the given options.
प्रश्न 3
What is the full form of SQL?
SQL stands for Structured Query Language. It is used to manage and manipulate relational databases.
प्रश्न 4
What is primary key?
A primary key is a unique identifier for each record in a database table. It must contain unique values and cannot be NULL. It ensures that each row can be uniquely identified.
प्रश्न 5
What is the function of INITCAP()?
The INITCAP() function converts the first letter of each word in a string to uppercase and the remaining letters to lowercase. For example, INITCAP('hello world') returns 'Hello World'.
प्रश्न 6
What is the use of DROP command?
The DROP command is used to delete an entire database object such as a table, view, index, or database. It permanently removes the object and its data from the database.
6. डाटा इन्टेग्रिटी क्या है ?
What is Data integrity ? [2]
उत्तर: डाटा इन्टेग्रिटी (Data Integrity) का अर्थ है डेटा की सटीकता, स्थिरता और विश्वसनीयता बनाए रखना। यह सुनिश्चित करता है कि डेटाबेस में संग्रहीत डेटा वैध, अद्यतन और त्रुटि-रहित हो। इसे बनाए रखने के लिए विभिन्न नियमों (जैसे एंटिटी इंटीग्रिटी, रेफरेंशियल इंटीग्रिटी) का पालन किया जाता है।
7. ई आर मॉडल के क्या लाभ हैं ?
What are the advantages of ER-Model ? [2]
उत्तर: ER-मॉडल (Entity-Relationship Model) के प्रमुख लाभ हैं:
- यह डेटाबेस डिज़ाइन को सरल और समझने योग्य बनाता है।
- यह वास्तविक दुनिया की संस्थाओं और उनके बीच संबंधों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
- डेटाबेस में संशोधन और रखरखाव आसान होता है।
- यह डेटाबेस डिज़ाइन में त्रुटियों को कम करने में सहायक है।
8. 3 NF की आवश्यकताओं को लिखिए |
Write down the necessities of 3 NF. [2]
उत्तर: तीसरे सामान्य रूप (3NF) के लिए आवश्यकताएँ:
- तालिका दूसरे सामान्य रूप (2NF) में होनी चाहिए।
- कोई भी गैर-प्रमुख विशेषता (non-key attribute) किसी अन्य गैर-प्रमुख विशेषता पर सकर्मक निर्भर (transitively dependent) नहीं होनी चाहिए। अर्थात, सभी गैर-प्रमुख विशेषताएँ केवल प्राथमिक कुंजी पर निर्भर हों।
9. मॉड्यूल्स क्या होते हैं ?
What are modules ? [2]
उत्तर: मॉड्यूल (Modules) प्रोग्रामिंग में कोड के स्वतंत्र और पुन: प्रयोज्य खंड होते हैं। ये किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं और इन्हें अलग-अलग विकसित, परीक्षण और बनाए रखा जा सकता है। मॉड्यूलर प्रोग्रामिंग से कोड की जटिलता कम होती है और पुन: उपयोग बढ़ता है।
10. फॉर्म एवं सब-फॉर्म में क्या अन्तर होता है ?
What is the difference between form and sub-form ? [2]
उत्तर: फॉर्म (Form) एक मुख्य इंटरफ़ेस है जो डेटाबेस में डेटा दर्ज करने, संपादित करने या प्रदर्शित करने के लिए उपयोग होता है। सब-फॉर्म (Sub-form) एक फॉर्म के अंदर स्थित एक अन्य फॉर्म होता है, जो आमतौर पर संबंधित तालिकाओं (जैसे एक-से-अनेक संबंध) के डेटा को दिखाने के लिए उपयोग किया जाता है। मुख्य फॉर्म और सब-फॉर्म के बीच संबंध स्थापित किया जा सकता है।
11. शार्टकट्स का उपयोग किसलिए किया जाता है ? उदाहरण दीजिए |
Why are shortcuts used ? Give examples. [2]
उत्तर: शॉर्टकट्स (Shortcuts) का उपयोग कार्यों को तेज़ी से और कुशलता से करने के लिए किया जाता है। ये कीबोर्ड संयोजन या आइकन हो सकते हैं जो मेनू में कई चरणों को एक साथ कर देते हैं।
उदाहरण:
- Ctrl + C – कॉपी करने के लिए
- Ctrl + V – पेस्ट करने के लिए
- Ctrl + Z – अंतिम क्रिया को पूर्ववत करने के लिए
12. सॉर्टिंग क्या होती है ? समझाइए ।
What is SORTING ? Explain. [2]
उत्तर: सॉर्टिंग (Sorting) डेटा को एक निश्चित क्रम (जैसे आरोही या अवरोही) में व्यवस्थित करने की प्रक्रिया है। यह डेटा को खोजने, विश्लेषण करने और प्रस्तुत करने में सहायक होती है। उदाहरण के लिए, संख्याओं को छोटे से बड़े क्रम में लगाना या नामों को वर्णमाला क्रम में रखना सॉर्टिंग कहलाता है। सामान्य सॉर्टिंग एल्गोरिदम में बबल सॉर्ट, सेलेक्शन सॉर्ट और क्विक सॉर्ट शामिल हैं।
3. UPPER() एवं RPAD() फलनों को समझाइए |
Explain UPPER( ) and RPAD( ) functions.
UPPER() Function: यह एक SQL स्ट्रिंग फलन है जो किसी दिए गए स्ट्रिंग के सभी अक्षरों को अपरकेस (बड़े अक्षरों) में बदल देता है।
उदाहरण: SELECT UPPER('hello world'); → HELLO WORLD
RPAD() Function: यह एक SQL स्ट्रिंग फलन है जो किसी स्ट्रिंग के दाईं ओर एक निर्दिष्ट लंबाई तक एक विशेष वर्ण (डिफ़ॉल्ट रूप से स्पेस) जोड़ता है।
उदाहरण: SELECT RPAD('Hello', 10, '*'); → Hello*****
4. फॉर्म क्या होते हैं ? फॉर्म से होने वाले लाभों का वर्णन कीजिए ।
What is form ? Explain the benefits of form.
फॉर्म (Form): फॉर्म एक डेटाबेस ऑब्जेक्ट है जो उपयोगकर्ताओं को डेटा को आसानी से देखने, दर्ज करने, संपादित करने या हटाने की अनुमति देता है। यह एक ग्राफिकल इंटरफ़ेस प्रदान करता है जो टेबल से सीधे डेटा मैनिपुलेशन की तुलना में अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल होता है।
फॉर्म के लाभ (Benefits of Form):
- उपयोग में आसानी: फॉर्म डेटा एंट्री को सरल और सहज बनाते हैं, विशेषकर गैर-तकनीकी उपयोगकर्ताओं के लिए।
- डेटा सटीकता: फॉर्म में वैलिडेशन नियम लागू किए जा सकते हैं जो गलत डेटा एंट्री को रोकते हैं।
- डेटा सुरक्षा: फॉर्म के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को केवल आवश्यक फ़ील्ड तक पहुंच दी जा सकती है, जिससे संवेदनशील डेटा सुरक्षित रहता है।
- डेटा प्रस्तुति: फॉर्म डेटा को एक संगठित और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करते हैं, जिससे जानकारी को समझना आसान हो जाता है।
- डेटा नेविगेशन: फॉर्म में रिकॉर्ड के बीच नेविगेट करने के लिए बटन और लिंक प्रदान किए जा सकते हैं।
5. इन्डेक्स को उदाहरण सहित समझाइए |
Describe the index with example.
इन्डेक्स (Index): इन्डेक्स एक डेटाबेस ऑब्जेक्ट है जो टेबल में डेटा की खोज और पुनर्प्राप्ति की गति को बढ़ाता है। यह एक किताब के इंडेक्स की तरह काम करता है, जहां आप किसी विशिष्ट विषय को खोजने के लिए पूरी किताब नहीं पढ़ते, बल्कि इंडेक्स में देखते हैं।
उदाहरण: मान लीजिए हमारे पास एक Students टेबल है जिसमें 10,000 रिकॉर्ड हैं। हम अक्सर RollNo कॉलम के आधार पर छात्रों को खोजते हैं।
CREATE INDEX idx_rollno ON Students(RollNo);
इस इन्डेक्स को बनाने के बाद, SELECT * FROM Students WHERE RollNo = 101; जैसी क्वेरी बहुत तेज़ी से चलेगी क्योंकि डेटाबेस इन्डेक्स का उपयोग करके सीधे उस रिकॉर्ड तक पहुंच जाएगा, बजाय पूरी टेबल को स्कैन करने के।
6. एस क्यू एल फलनों की उपयोगिता को उदाहरण सहित समझाइए |
Explain use of SQL functions with example.
SQL फलनों की उपयोगिता: SQL फलन डेटा पर विभिन्न गणनाएं और परिवर्तन करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये डेटा को संक्षेपित करने, स्ट्रिंग को संशोधित करने, गणितीय गणना करने और दिनांक/समय को प्रबंधित करने में मदद करते हैं।
उदाहरण: मान लीजिए हमारे पास एक Employees टेबल है जिसमें Salary कॉलम है।
- एग्रीगेट फलन:
SELECT AVG(Salary) FROM Employees;— सभी कर्मचारियों का औसत वेतन निकालता है। - स्ट्रिंग फलन:
SELECT CONCAT(FirstName, ' ', LastName) AS FullName FROM Employees;— पहले और अंतिम नाम को जोड़कर पूरा नाम बनाता है। - गणितीय फलन:
SELECT ROUND(Salary, 0) FROM Employees;— वेतन को निकटतम पूर्णांक में गोल करता है। - दिनांक फलन:
SELECT YEAR(HireDate) FROM Employees;— कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि से वर्ष निकालता है।
7. टेबल्स बनाइये जिसमें प्राइमरी की, फॉरेन की एवं केन्डीडेट की को समझाइए |
Create a table and explain primary key, foreign key and candidate key.
टेबल बनाना (Create Table):
CREATE TABLE Students (
StudentID INT PRIMARY KEY,
RollNo INT UNIQUE,
Name VARCHAR(50),
Class VARCHAR(10),
TeacherID INT,
FOREIGN KEY (TeacherID) REFERENCES Teachers(TeacherID)
);
प्राइमरी की (Primary Key): यह एक या अधिक कॉलम का सेट है जो टेबल में प्रत्येक रिकॉर्ड को विशिष्ट रूप से पहचानता है। इसमें NULL मान नहीं हो सकते। उपरोक्त उदाहरण में StudentID प्राइमरी की है।
फॉरेन की (Foreign Key): यह एक कॉलम है जो किसी अन्य टेबल की प्राइमरी की को संदर्भित करता है। यह दो टेबलों के बीच संबंध स्थापित करता है और रेफरेंशियल इंटीग्रिटी सुनिश्चित करता है। उपरोक्त उदाहरण में TeacherID फॉरेन की है जो Teachers टेबल की प्राइमरी की को संदर्भित करती है।
केन्डीडेट की (Candidate Key): यह एक या अधिक कॉलम का सेट है जो प्राइमरी की बनने की योग्यता रखता है। एक टेबल में कई कैंडिडेट की हो सकती हैं, लेकिन उनमें से केवल एक को प्राइमरी की के रूप में चुना जाता है। उपरोक्त उदाहरण में StudentID और RollNo दोनों कैंडिडेट की हैं (क्योंकि RollNo भी UNIQUE है), लेकिन StudentID को प्राइमरी की चुना गया है।
8. फिल्टरिंग को समझाइए |
Explain filtering.
फिल्टरिंग (Filtering): फिल्टरिंग डेटाबेस में एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम किसी टेबल या क्वेरी के परिणाम से केवल उन रिकॉर्ड्स को चुनते हैं जो कुछ विशिष्ट शर्तों को पूरा करते हैं। यह SQL में WHERE क्लॉज का उपयोग करके किया जाता है।
उदाहरण: मान लीजिए हमारे पास एक Products टेबल है जिसमें Price और Category कॉलम हैं।
SELECT * FROM Products WHERE Price > 500;
यह क्वेरी केवल उन उत्पादों को दिखाएगी जिनकी कीमत 500 से अधिक है।
फिल्टरिंग के लाभ:
- डेटा की मात्रा कम करना: बड़े डेटासेट से केवल प्रासंगिक डेटा निकालना।
- प्रदर्शन में सुधार: कम डेटा प्रोसेस करने से क्वेरी तेज़ चलती है।
- सटीक परिणाम: उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुसार सटीक डेटा प्राप्त करना।
- डेटा विश्लेषण: विशिष्ट श्रेणियों या शर्तों के आधार पर डेटा का विश्लेषण करना।
फिल्टरिंग में कई शर्तों को AND, OR, NOT जैसे लॉजिकल ऑपरेटरों का उपयोग करके जोड़ा जा सकता है।
9. एम एस एक्सेस के निम्नलिखित स्क्रीन लेआउट्स का वर्णन कीजिए :
Explain the following screen layouts in MS-Access :
-
डिजाइन व्यू (Design View)
डिजाइन व्यू में उपयोगकर्ता टेबल, क्वेरी, फॉर्म या रिपोर्ट की संरचना बनाता और संशोधित करता है। यहाँ फील्ड्स के नाम, डेटा प्रकार, गुण (जैसे फील्ड साइज, फॉर्मेट) और प्राथमिक कुंजी सेट की जाती है। यह व्यू डेटा प्रदर्शित नहीं करता, केवल डिज़ाइन तत्व दिखाता है।
-
डाटाशीट व्यू (Datasheet View)
डाटाशीट व्यू में डेटा को पंक्तियों (रिकॉर्ड) और स्तंभों (फील्ड्स) के रूप में स्प्रेडशीट जैसे ग्रिड में प्रदर्शित किया जाता है। यहाँ उपयोगकर्ता डेटा देख सकता है, नए रिकॉर्ड जोड़ सकता है, मौजूदा डेटा संपादित कर सकता है, और डेटा को सॉर्ट या फ़िल्टर कर सकता है। यह डेटा के साथ सीधे काम करने का मुख्य व्यू है।
-
डाटाबेस व्यू (Database View)
डाटाबेस व्यू (जिसे नेविगेशन पेन या डेटाबेस विंडो भी कहते हैं) में संपूर्ण डेटाबेस के सभी ऑब्जेक्ट्स (टेबल, क्वेरी, फॉर्म, रिपोर्ट, मैक्रो, मॉड्यूल) की सूची दिखाई देती है। यहाँ से उपयोगकर्ता किसी भी ऑब्जेक्ट को खोल सकता है, नया ऑब्जेक्ट बना सकता है, या मौजूदा ऑब्जेक्ट को डिज़ाइन या डेटाशीट व्यू में देख सकता है। यह डेटाबेस के प्रबंधन का केंद्रीय स्थान है।