RBSE Class 12th 2010 Psychology-SS-29-1 -2010 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2010 |
| Subject | Psychology-SS-29-1 -2010 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2010 Psychology-SS-29-1 -2010
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Rajasthan Board Class 12th Psychology-SS-29-1 -2010 2010 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010
वैकल्पिक वर्ग (OPTIONAL GROUP I – Humanities)
मनोविज्ञान — प्रथम पत्र
(PSYCHOLOGY — First Paper)
समय : 3 घण्टे | पूर्णांक : 40
परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक सूचना / निर्देश :
Important information / instruction to the Examinees :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - प्रश्न के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi and English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखिए ।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
SS—29-I—Psychology I SS-556
प्रश्न पत्र – मनोविज्ञान (Psychology SS-29-1-2010)
1. प्रतिभाशीलता से आप क्या समझते हैं ?
What do you mean by giftedness? (3 अंक)
उत्तर: प्रतिभाशीलता (Giftedness) से तात्पर्य उच्च स्तर की बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता, और विशेष योग्यताओं से है जो सामान्य व्यक्तियों से काफी अधिक होती हैं। प्रतिभाशाली व्यक्ति असाधारण रूप से तेजी से सीखते हैं, जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम होते हैं, और किसी विशेष क्षेत्र (जैसे गणित, संगीत, कला) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। इनमें उच्च स्तर की जिज्ञासा, सृजनात्मकता और आत्म-प्रेरणा पाई जाती है।
2. मानसिक मंद व्यक्ति में पाई जाने वाली प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
Describe the salient characteristics of a mentally retarded person. (5 अंक)
उत्तर: मानसिक मंदता (Mental Retardation) वाले व्यक्तियों में निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएं पाई जाती हैं:
- बौद्धिक क्षमता में कमी: इनका IQ सामान्यतः 70 से कम होता है।
- अनुकूलनात्मक व्यवहार में कमी: दैनिक जीवन के कार्यों (जैसे स्वयं की देखभाल, संचार, सामाजिक कौशल) में कठिनाई होती है।
- सीखने में धीमापन: नई चीजें सीखने में अधिक समय लगता है और स्मृति कमजोर होती है।
- भाषा और संचार में कमी: भाषा विकास में देरी और सीमित शब्दावली पाई जाती है।
- सामाजिक कौशल की कमी: सामाजिक संबंध बनाने और बनाए रखने में कठिनाई होती है।
- समस्या समाधान में कठिनाई: तार्किक सोच और निर्णय लेने की क्षमता सीमित होती है।
3. व्यक्तित्व मापन में किन्हीं तीन आत्मनिवेदन परिसूचियों के नाम लिखिए।
Name any three self-report inventories in the assessment of personality. (3 अंक)
उत्तर: व्यक्तित्व मापन में प्रयुक्त तीन प्रमुख आत्मनिवेदन परिसूचियाँ (Self-report Inventories) निम्नलिखित हैं:
- मिनेसोटा मल्टीफेसिक पर्सनैलिटी इन्वेंटरी (MMPI) – व्यक्तित्व विकारों और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के मापन के लिए।
- 16 व्यक्तित्व कारक प्रश्नावली (16PF) – कैटेल द्वारा विकसित, 16 मूल व्यक्तित्व लक्षणों को मापती है।
- आइसेंक पर्सनैलिटी इन्वेंटरी (EPI) – बहिर्मुखता, अंतर्मुखता और विक्षिप्तता के आयामों को मापती है।
4. व्यक्तित्व के मानवतावादी सिद्धान्त की समीक्षा कीजिए।
Review the humanistic theory of personality. (5 अंक)
उत्तर: मानवतावादी सिद्धान्त (Humanistic Theory) मुख्यतः कार्ल रोजर्स और अब्राहम मैस्लो द्वारा प्रतिपादित किया गया। इसकी समीक्षा निम्नलिखित बिंदुओं में की जा सकती है:
मुख्य अवधारणाएँ:
- आत्म-साक्षात्कार (Self-actualization): प्रत्येक व्यक्ति में अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त करने की जन्मजात प्रवृत्ति होती है।
- सकारात्मक दृष्टिकोण: मनुष्य को मूलतः अच्छा और रचनात्मक माना जाता है।
- स्वयं की अवधारणा (Self-concept): व्यक्ति का स्वयं के प्रति दृष्टिकोण उसके व्यवहार को प्रभावित करता है।
- प्रतिबंधहीन सकारात्मक सम्मान: बिना शर्त स्वीकृति से व्यक्ति का स्वस्थ विकास होता है।
गुण: यह सिद्धान्त मानवीय अनुभवों और स्वतंत्र इच्छा पर जोर देता है, जो अन्य सिद्धांतों की तुलना में अधिक समग्र है।
दोष: इसमें वैज्ञानिक प्रमाणों का अभाव है, अवधारणाएँ अस्पष्ट हैं, और यह सांस्कृतिक भिन्नताओं को नजरअंदाज करता है।
5. प्रतिबल का जी.ए.एस. प्रतिरूप क्या है ?
What is GAS model of stress? (3 अंक)
उत्तर: जी.ए.एस. (GAS – General Adaptation Syndrome) प्रतिरूप हैन्स सेली द्वारा प्रस्तावित किया गया। यह तीन चरणों में प्रतिबल के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को दर्शाता है:
- अलार्म प्रतिक्रिया (Alarm Reaction): प्रतिबल के प्रति तत्काल शारीरिक प्रतिक्रिया (जैसे हृदय गति बढ़ना, एड्रेनालाईन स्राव)।
- प्रतिरोध अवस्था (Resistance Stage): शरीर प्रतिबल से निपटने के लिए अनुकूलित हो जाता है, लेकिन ऊर्जा का अत्यधिक उपयोग होता है।
- थकावट अवस्था (Exhaustion Stage): लंबे समय तक प्रतिबल बने रहने पर शरीर की क्षमता समाप्त हो जाती है, जिससे बीमारियाँ हो सकती हैं।
6. सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य में सहायक कारकों की व्याख्या कीजिए।
Discuss the factors facilitating positive mental health. (5 अंक)
उत्तर: सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य (Positive Mental Health) को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:
- सामाजिक समर्थन: परिवार, मित्रों और समुदाय से भावनात्मक और व्यावहारिक सहायता मिलना।
- स्वस्थ जीवनशैली: संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन।
- आत्म-सम्मान और आत्म-स्वीकृति: स्वयं को स्वीकार करना और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखना।
- सकारात्मक सोच और आशावाद: जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण और भविष्य के प्रति आशा बनाए रखना।
- लक्ष्य निर्धारण और उपलब्धि: यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करना।
- समस्या समाधान कौशल: चुनौतियों का सामना करने और प्रभावी समाधान खोजने की क्षमता।
- आध्यात्मिकता और ध्यान: ध्यान, योग या आध्यात्मिक अभ्यास मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
7. असामान्य व्यवहार की क्या कसौटियाँ हैं ?
What are the criteria of abnormal behaviour? (3 अंक)
उत्तर: असामान्य व्यवहार (Abnormal Behaviour) की प्रमुख कसौटियाँ निम्नलिखित हैं:
- सांख्यिकीय असामान्यता (Statistical Infrequency): जो व्यवहार समाज में बहुत कम लोगों में पाया जाता है, उसे असामान्य माना जाता है।
- सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन (Violation of Social Norms): जो व्यवहार समाज के स्वीकृत मानदंडों के विरुद्ध होता है।
- व्यक्तिगत संकट (Personal Distress): जब व्यवहार स्वयं व्यक्ति के लिए पीड़ा या तनाव का कारण बनता है।
- दुर्भावनापूर्ण कार्य (Maladaptive Behaviour): जो व्यवहार व्यक्ति के दैनिक जीवन, कार्य या संबंधों में बाधा डालता है।
- अप्रत्याशितता और अतार्किकता (Unpredictability and Irrationality): जब व्यवहार अप्रत्याशित या तर्कहीन हो।
8. असामान्य व्यवहार के लक्षणों का वर्णन कीजिए |
Describe the symptoms of abnormal behaviour.
असामान्य व्यवहार के प्रमुख लक्षण (Symptoms of Abnormal Behaviour):
- सांख्यिकीय असामान्यता (Statistical Infrequency): व्यवहार जो समाज में बहुत कम लोगों में पाया जाता है, उसे असामान्य माना जाता है।
- सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन (Violation of Social Norms): जब व्यवहार समाज के स्वीकृत नियमों और मानदंडों के विरुद्ध होता है।
- व्यक्तिगत संकट (Personal Distress): व्यक्ति स्वयं अपने व्यवहार से पीड़ित होता है, जैसे चिंता, अवसाद या भय।
- क्रियात्मक अक्षमता (Dysfunction/Maladaptive Behaviour): व्यवहार व्यक्ति के दैनिक जीवन, कार्य, संबंधों या सामाजिक कार्यों में बाधा डालता है।
- अप्रत्याशितता (Unpredictability): व्यवहार अचानक और अनियंत्रित रूप से प्रकट होता है, जिससे व्यक्ति या दूसरों को कठिनाई होती है।
- अतार्किकता (Irrationality): व्यवहार तर्कसंगत नहीं होता और व्यक्ति स्वयं उसे समझ नहीं पाता।
9. चिंता विकृति क्या है ? चिंता विकृति के कोई तीन प्रकार लिखिए |
What is anxiety disorder ? Write any three types of anxiety disorder.
चिंता विकृति (Anxiety Disorder): यह एक मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति अत्यधिक, अनियंत्रित और लगातार चिंता या भय का अनुभव करता है, जो उसके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। यह सामान्य चिंता से अधिक गंभीर और लंबे समय तक रहता है।
चिंता विकृति के तीन प्रकार (Three Types of Anxiety Disorder):
- सामान्यीकृत चिंता विकार (Generalized Anxiety Disorder - GAD): इसमें व्यक्ति विभिन्न विषयों (जैसे स्वास्थ्य, धन, कार्य) के बारे में अत्यधिक और अनियंत्रित चिंता करता रहता है, जो कम से कम 6 महीने तक रहती है।
- आतंक विकार (Panic Disorder): इसमें अचानक और तीव्र भय के आवर्ती आक्रमण (panic attacks) होते हैं, जिनमें धड़कन बढ़ना, पसीना आना, कांपना और मृत्यु का भय शामिल होता है।
- सामाजिक चिंता विकार (Social Anxiety Disorder): इसमें व्यक्ति को सामाजिक स्थितियों में दूसरों द्वारा नकारात्मक मूल्यांकन या शर्मिंदगी का अत्यधिक भय होता है, जिससे वह सामाजिक मेलजोल से बचता है।
0. व्यक्तित्व विकृति पर एक लेख लिखिए |
Write an essay on personality disorder.
व्यक्तित्व विकृति (Personality Disorder): व्यक्तित्व विकृति एक प्रकार का मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के स्थायी और कठोर पैटर्न होते हैं, जो सामाजिक और सांस्कृतिक अपेक्षाओं से काफी भिन्न होते हैं। ये पैटर्न व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे कार्य, संबंध, सामाजिक जीवन) में गंभीर समस्याएं उत्पन्न करते हैं।
प्रमुख विशेषताएं:
- ये पैटर्न स्थायी और लंबे समय तक (आमतौर पर किशोरावस्था या प्रारंभिक वयस्कता से) बने रहते हैं।
- ये व्यवहार व्यक्ति के लिए कष्टकारी होते हैं या उसके कार्य करने की क्षमता को बाधित करते हैं।
- ये पैटर्न लचीले नहीं होते और विभिन्न परिस्थितियों में समान रूप से प्रकट होते हैं।
प्रकार (DSM-5 के अनुसार तीन समूह):
- समूह A (विचित्र/असामान्य): पैरानॉयड (अविश्वास), स्किज़ॉइड (सामाजिक अलगाव), स्किज़ोटाइपल (अजीब विचार और व्यवहार)।
- समूह B (नाटकीय/भावनात्मक): एंटीसोशल (सामाजिक नियमों का उल्लंघन), बॉर्डरलाइन (अस्थिर संबंध और भावनाएं), हिस्ट्रियोनिक (ध्यान आकर्षित करना), नार्सिसिस्टिक (अहंकार और सहानुभूति की कमी)।
- समूह C (चिंतित/भयभीत): अवॉइडेंट (अस्वीकृति का भय), डिपेंडेंट (दूसरों पर निर्भरता), ऑब्सेसिव-कंपल्सिव (नियंत्रण और पूर्णता की अत्यधिक आवश्यकता)।
कारण: व्यक्तित्व विकृति के कारणों में आनुवंशिक, जैविक (मस्तिष्क संरचना), मनोवैज्ञानिक (बचपन के अनुभव, आघात) और सामाजिक-सांस्कृतिक कारक शामिल होते हैं।
उपचार: मनोचिकित्सा (जैसे संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा, डायलेक्टिकल बिहेवियर थेरेपी) और कभी-कभी दवाएं (लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए) उपयोगी होती हैं।