RBSE Class 12th 2011 Biology-SS-42-2-2011 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2011
Subject Biology-SS-42-2-2011
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2011 Biology-SS-42-2-2011

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Rajasthan Board Class 12th Biology-SS-42-2-2011 2011 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2011
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2011

वैकल्पिक वर्ग (OPTIONAL GROUP II — SCIENCES)
जीवविज्ञान — द्वितीय पत्र
(BIOLOGY — Second Paper)

समय : 3 घण्टेपूर्णांक : 40


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी एवं अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.

नामांक / Roll No. : ____________________

No. of Questions — 24SS—42-2—Bio. II

No. of Printed Pages — 7


SS—42-2—Bio. II   SS-590-II   {Turn over

प्रश्न संख्या 2 से 5 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं

प्रश्न संख्या 2 से 5 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं जिनके प्रत्येक उत्तर लगभग एक शब्द से तीस शब्दों तक में देने हैं।

Question Nos. 2 to 5 are very short answer type questions. The answers of these questions should be given in one word to thirty words each.

प्रश्न क्रमांक 4 के चार भाग

प्रश्न क्रमांक 4 के चार भाग (i, ii, iii तथा iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (अ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:

There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 4. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:

प्रश्न क्रमांक (Question No.) सही उत्तर का क्रमाक्षर (Correct letter of the Answer)
i
ii
iii
iv

प्रश्न क्रमांक 23 व 24 में आंतरिक विकल्प

प्रश्न क्रमांक 23 व 24 में आंतरिक विकल्प हैं।

Question Nos. 23 and 24 have internal choice.

जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं

जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत लिखें।

For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.

SS—42-2—Bio. II SS-590-II

प्रश्न 1 (i)

एक मनुष्य के रुधिर में एण्टीजन 'A' तथा 'B' दोनों अनुपस्थित हों लेकिन एन्टीबॉडी 'a' व 'b' दोनों उपस्थित हों तो रुधिर समूह होगा

  • (a) ए
  • (b) बी
  • (c) एबी
  • (d) ओ

English: In a human blood, when both antigens 'A' and 'B' are absent, but antibodies 'a' and 'b' both are present, his blood group is

  • (A) A
  • (B) B
  • (C) AB
  • (D) 0

उत्तर: (d) ओ / (D) 0

व्याख्या: जब रक्त में A और B दोनों एंटीजन अनुपस्थित होते हैं और एंटीबॉडी a और b दोनों उपस्थित होते हैं, तो रक्त समूह O होता है। यह ABO रक्त समूह प्रणाली का आधार है।


प्रश्न (0)

मैलियस, इन्कस व स्टेपीज अस्थियों के रूपान्तरण हैं, क्रमशः

  • (अ) आर्टिकुलर, क्वाड्रेट व हायोमेण्डिबुलर
  • (ब) आर्टिकुलर, हायोमेण्डिबुलर व क्वाड्रेट
  • (स) क्वाड्रेट, हायोमेण्डिबुलर व आर्टिकुलर
  • (द) क्वाड्रेट, हायोमेण्डिबुलर व आर्टिकुलर

English: Malleus, Incus and Stapes are modifications of bones, respectively

  • (A) articular, quadrate and hyomandibular
  • (B) articular, hyomandibular and quadrate
  • (C) quadrate, hyomandibular and articular
  • (D) quadrate, hyomandibular and articular

उत्तर: (अ) आर्टिकुलर, क्वाड्रेट व हायोमेण्डिबुलर / (A) articular, quadrate and hyomandibular

व्याख्या: मैलियस (Malleus) आर्टिकुलर अस्थि से, इन्कस (Incus) क्वाड्रेट अस्थि से, और स्टेपीज (Stapes) हायोमेण्डिबुलर अस्थि से विकसित होती है। ये मध्य कर्ण की अस्थियाँ हैं जो सरीसृपों के जबड़े की अस्थियों के रूपांतरण से बनी हैं।


प्रश्न (४)

यदि एक प्लेनेरिया को दो आधे हिस्सों में काट दिया जाय तो

  • (अ) दोनों भाग मृत हो जाते हैं
  • (ब) दोनों भागों का पुनरुद्भवन हो जाता है
  • (स) केवल अग्र भाग का पुनरुद्भवन होता है
  • (द) केवल पश्च भाग का पुनरुद्भवन होता है

उत्तर: (ब) दोनों भागों का पुनरुद्भवन हो जाता है

व्याख्या: प्लेनेरिया (Planaria) में पुनरुद्भवन (regeneration) की अद्भुत क्षमता होती है। यदि इसे दो भागों में काटा जाए, तो प्रत्येक भाग अपने लुप्त अंगों को पुनः विकसित कर लेता है, जिससे दो नए जीव बन जाते हैं।

प्रश्न पत्र – जीवविज्ञान (Biology) – SS-42-2-2011

खंड – बहुविकल्पीय प्रश्न

1. यदि एक प्लैनेरिया को दो भागों में विभाजित किया जाए तो:

  • (A) दोनों भाग मर जाते हैं
  • (B) दोनों भाग पुनरुद्भवन करते हैं
  • (C) केवल अग्र भाग पुनरुद्भवन करता है
  • (D) केवल पश्च भाग पुनरुद्भवन करता है

सही उत्तर: (B) दोनों भाग पुनरुद्भवन करते हैं

व्याख्या: प्लैनेरिया में पुनरुद्भवन की अत्यधिक क्षमता होती है। यदि इसे दो भागों में काटा जाए, तो प्रत्येक भाग अपने लुप्त अंगों का पुनर्निर्माण करके एक पूर्ण नए जीव में विकसित हो सकता है।

2. क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम व अपराधी सिन्ड्रोम में गुणसूत्रों की व्यवस्था होती है:

  • (अ) 44+XXY व 44+XO
  • (ब) 44+XO व 44+XXY
  • (स) 44+XXY व 44+XYY
  • (द) 44+XYY व 44+XXY

सही उत्तर: (स) 44+XXY व 44+XYY

व्याख्या: क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम में गुणसूत्र व्यवस्था 44+XXY (47, XXY) होती है, जबकि अपराधी सिन्ड्रोम (जैकब सिन्ड्रोम) में 44+XYY (47, XYY) होती है।

खंड – अति लघु उत्तरीय प्रश्न

3. मुखगुहा के फर्श पर पायी जाने वाली एकल अस्थि का नाम लिखिए।

उत्तर: हाइड (Hyoid bone) – यह एक घोड़े की नाल के आकार की अस्थि है जो जीभ के आधार पर, मुखगुहा के फर्श पर स्थित होती है। यह एकमात्र ऐसी अस्थि है जो किसी अन्य अस्थि से जुड़ी नहीं होती।

4. तंत्रिका आवेग को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) एक विद्युत-रासायनिक संकेत है जो तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) के अक्षतंतु के साथ-साथ संचालित होता है। यह कोशिका झिल्ली पर आयनों के प्रवाह में परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाली क्रिया विभव (Action Potential) की एक लहर है, जो सूचना को एक न्यूरॉन से दूसरे तक या प्रभावक अंग तक पहुँचाती है।

5. निषेचन झिल्ली का कार्य लिखिए।

उत्तर: निषेचन झिल्ली (Fertilization Membrane) का मुख्य कार्य बहुशुक्राणुता (Polyspermy) को रोकना है। जब एक शुक्राणु अंडाणु में प्रवेश करता है, तो अंडाणु की सतह पर यह झिल्ली बन जाती है, जो अन्य शुक्राणुओं को अंडाणु में प्रवेश करने से रोकती है, जिससे आनुवंशिक सामग्री की स्थिरता सुनिश्चित होती है।

6. विपुंसन किसे कहते हैं?

उत्तर: विपुंसन (Emasculation) एक कृत्रिम प्रक्रिया है जिसमें किसी पौधे के नर प्रजनन अंगों (पुंकेसर) को परागकण बनने से पहले ही हटा दिया जाता है। इसका उपयोग संकरण (Hybridization) में किया जाता है ताकि वांछित मातृ पौधे पर केवल चयनित पितृ पौधे का पराग ही स्थानांतरित हो सके और स्व-परागण को रोका जा सके।

धुराग्र संधि व विसर्पी संधि में एक अन्तर लिखिए।

Write one difference between Pivot joint and Gliding joint.

अन्तर: धुराग्र संधि (Pivot joint) में एक हड्डी दूसरी हड्डी के चारों ओर घूमती है (जैसे गर्दन में), जबकि विसर्पी संधि (Gliding joint) में हड्डियाँ एक-दूसरे पर सरकती हैं (जैसे कलाई की हड्डियों में)।

वक्षीय टोकरी क्या है?

What is thoracic basket?

वक्षीय टोकरी (Thoracic basket) वक्ष गुहा की अस्थि संरचना है, जो पसलियों, उरोस्थि और वक्षीय कशेरुकाओं से मिलकर बनती है। यह हृदय और फेफड़ों की रक्षा करती है तथा श्वसन में सहायता करती है।

प्रमस्तिष्क मेरु द्रव के दो कार्य लिखिए।

Write two functions of cerebrospinal fluid.

  1. यह मस्तिष्क और मेरु रज्जु को यांत्रिक आघातों से बचाता है (कुशन का कार्य करता है)।
  2. यह मस्तिष्क से अपशिष्ट पदार्थों को हटाने और पोषक तत्वों के परिवहन में सहायता करता है।

यदि मानव के वृषण से सटोली कोशिकाओं को पृथक कर दिया जाय तो क्या होगा? समझाइए।

What will happen if the Sertoli cells of testis of human are removed? Explain.

सटोली कोशिकाएँ (Sertoli cells) शुक्राणुजनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करती हैं, उनकी रक्षा करती हैं, और एण्ड्रोजन बाइंडिंग प्रोटीन (ABP) का स्राव करती हैं। यदि इन्हें हटा दिया जाए, तो शुक्राणुजनन रुक जाएगा, शुक्राणु परिपक्व नहीं होंगे, और पुरुष बांझपन हो जाएगा।

दात्र कोशिका रक्ताल्पता को समझाइए।

Explain Sickle cell anemia.

दात्र कोशिका रक्ताल्पता (Sickle cell anemia) एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें हीमोग्लोबिन का आकार असामान्य हो जाता है। लाल रक्त कोशिकाएँ दरांती (sickle) के आकार की हो जाती हैं, जो रक्त वाहिकाओं में अवरोध उत्पन्न करती हैं। इससे ऑक्सीजन की कमी, दर्द, और अंगों को नुकसान होता है। यह β-ग्लोबिन जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है।

क्लोनिंग के कोई दो लाभ लिखिए।

Write any two advantages of cloning.

  1. लुप्तप्राय प्रजातियों को संरक्षित करने में सहायक।
  2. चिकित्सा में अंग प्रत्यारोपण के लिए जीन-संशोधित अंगों का उत्पादन।

शहतूत की पत्तियों पर पाये जाने वाले रेशम कीट का वैज्ञानिक नाम व कुल लिखिए।

Write the scientific name and family of silkworm living on mulberry leaves.

वैज्ञानिक नाम: Bombyx mori
कुल (Family): Bombycidae

“जैविक नियन्त्रण विधि को, रासायनिक विधियों की अपेक्षा अधिक निरापद माना जाता है।” समझाइए।

"Biological control method is considered as more safe than chemical control methods." Explain.

जैविक नियंत्रण में कीटों को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक शत्रुओं (जैसे परजीवी, शिकारी) का उपयोग किया जाता है। यह रासायनिक विधियों से अधिक सुरक्षित है क्योंकि:

  • रासायनिक कीटनाशक पर्यावरण में विषाक्तता फैलाते हैं और मानव स्वास्थ्य को हानि पहुँचाते हैं।
  • जैविक नियंत्रण लक्षित कीटों पर ही प्रभाव डालता है, जबकि रासायनिक विधियाँ लाभकारी जीवों को भी नष्ट कर सकती हैं।
  • जैविक नियंत्रण दीर्घकालिक और टिकाऊ होता है, जबकि रासायनिक विधियों से कीटों में प्रतिरोध विकसित हो सकता है।

यदि भोजन के उपरान्त मानव के आमाशय में सुई द्वारा Na₂CO₃ का विलयन दे तो पाचन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? समझाइए।

What will be the effect on digestion if the solution of Na₂CO₃ is injected in the stomach after taking food? Explain.

Na₂CO₃ (सोडियम कार्बोनेट) एक क्षारीय पदार्थ है। आमाशय में भोजन के पाचन के लिए अम्लीय वातावरण (HCl) आवश्यक है। Na₂CO₃ डालने से यह अम्ल को उदासीन कर देगा, जिससे:

  • पेप्सिन एंजाइम सक्रिय नहीं हो पाएगा (क्योंकि पेप्सिन को अम्लीय pH चाहिए)।
  • प्रोटीन का पाचन बाधित हो जाएगा।
  • भोजन का पाचन धीमा या रुक सकता है, जिससे अपच और अन्य समस्याएँ हो सकती हैं।

20.

यदि आइरिस की वर्तुल स्फिंक्टर पेशी को निष्क्रिय कर दिया जाय तो कौन-सी क्रिया प्रभावित होगी ? कारण सहित समझाइए।

If the circular sphincter muscle of iris is inactivated then which process will be effected ? Explain with reasons.

उत्तर: पुतली का सिकुड़ना (constriction of pupil) प्रभावित होगा।

कारण: आइरिस की वर्तुल स्फिंक्टर पेशी पुतली को संकुचित करने (मायोसिस) के लिए उत्तरदायी होती है। इसके निष्क्रिय होने पर तेज प्रकाश में पुतली छोटी नहीं हो पाएगी, जिससे आँख में अत्यधिक प्रकाश प्रवेश कर सकता है और दृष्टि प्रभावित हो सकती है।

21.

अलैंगिक व लैंगिक जनन में चार अन्तर लिखिए।

Write four differences between asexual and sexual reproduction.

क्र. अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)
1. एकल जनक (single parent) भाग लेता है। दो जनक (male & female) भाग लेते हैं।
2. युग्मक निर्माण नहीं होता। युग्मक (gametes) निर्मित होते हैं।
3. संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समरूप (clone) होती है। संतति में आनुवंशिक विविधता (variation) पाई जाती है।
4. निषेचन (fertilization) की आवश्यकता नहीं। निषेचन आवश्यक है।

22.

मनुष्य के शुक्राणु के लम्बवत काट का नामांकित चित्र बनाइए।

Draw a labelled diagram of L. S. of human sperm.

उत्तर: मनुष्य के शुक्राणु के अनुदैर्ध्य काट (L.S.) में निम्न भाग दिखाए जाते हैं:

  • शीर्ष (Head): इसमें केंद्रक (nucleus) और एक्रोसोम (acrosome) होता है।
  • मध्य भाग (Middle piece): इसमें माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) का सर्पिल आवरण होता है जो ऊर्जा प्रदान करता है।
  • पुच्छ (Tail): यह गति (motility) में सहायक होता है।

(चित्र में शीर्ष, मध्य भाग, पुच्छ, एक्रोसोम, केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया आदि को नामांकित करें।)

23.

रोपण को परिभाषित कीजिए। अन्तराली रोपण को उदाहरण सहित समझाइए।

Define implantation. Explain interstitial implantation by giving example.

रोपण (Implantation) की परिभाषा: यह वह प्रक्रिया है जिसमें ब्लास्टोसिस्ट (blastocyst) गर्भाशय की एंडोमेट्रियम (endometrium) में प्रवेश कर स्थापित हो जाता है।

अन्तराली रोपण (Interstitial Implantation): इसमें ब्लास्टोसिस्ट पूरी तरह से एंडोमेट्रियम के अंदर (stroma में) धँस जाता है और गर्भाशय की सतह से ढक जाता है।

उदाहरण: मनुष्य (human) में यह रोपण पाया जाता है।

24.

प्रोटेनर प्रकार के लिंग निर्धारण को उदाहरण द्वारा समझाइए व इसका नामांकित आरेखित चित्र बनाइए।

Explain Protenor type of sex determination by giving example and draw labelled ray diagram of it.

प्रोटेनर प्रकार का लिंग निर्धारण (Protenor type of sex determination): इसे XO प्रकार भी कहते हैं। इसमें मादा में दो X गुणसूत्र (XX) होते हैं, जबकि नर में केवल एक X गुणसूत्र (XO) होता है। नर में Y गुणसूत्र अनुपस्थित होता है।

उदाहरण: कुछ कीट (insects) जैसे टिड्डा (grasshopper) में यह पाया जाता है।

आरेख: (चित्र में मादा (XX) और नर (XO) के गुणसूत्र सेट दिखाएँ।)

25.

सी.टी. स्केन क्या है ? इसकी कार्य प्रणाली को समझाइए।

What is C.T. Scan ? Explain its working mechanism.

सी.टी. स्कैन (CT Scan): यह एक चिकित्सीय इमेजिंग तकनीक है जो शरीर के अंदरूनी अंगों की विस्तृत त्रि-आयामी (3D) छवियाँ प्राप्त करने के लिए एक्स-रे (X-rays) का उपयोग करती है।

कार्य प्रणाली: इसमें एक्स-रे ट्यूब रोगी के चारों ओर घूमती है और विभिन्न कोणों से छवियाँ लेती है। कंप्यूटर इन छवियों को संसाधित कर क्रॉस-सेक्शनल (cross-sectional) चित्र बनाता है, जिससे डॉक्टर शरीर के अंदर की संरचना को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।

26.

यकृत शोध-बी रोग को निम्नांकित बिन्दुओं के आधार पर वर्णन कीजिए:

On the basis of the following points describe Hepatitis-B disease:

  1. रोगजनक का नाम (Name of pathogen)
  2. रोग के दो लक्षण (Two symptoms of disease)
  3. रोगजनक के फैलने के दो माध्यम (Two modes of spread of pathogen)
  4. निदान के लिए प्रयुक्त प्रतिरक्षी का प्रकार (Type of antibodies used in diagnosis)

(a) रोगजनक का नाम: हेपेटाइटिस बी वायरस (Hepatitis B virus - HBV)

(b) रोग के दो लक्षण:

  • पीलिया (jaundice) - त्वचा और आँखों का पीला होना
  • थकान, बुखार और भूख न लगना

(c) रोगजनक के फैलने के दो माध्यम:

  • संक्रमित रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आना (जैसे रक्त आधान, सुई साझा करना)
  • संक्रमित माँ से बच्चे को जन्म के समय (vertical transmission)

(d) निदान के लिए प्रयुक्त प्रतिरक्षी का प्रकार: HBsAg (Hepatitis B surface antigen) के विरुद्ध मोनोक्लोनल प्रतिरक्षी (monoclonal antibodies) का उपयोग किया जाता है।

22.

(अ) पूर्ण प्रभाविता व अपूर्ण प्रभाविता में अन्तर लिखिए।

(ब) मिराबिलिस जलापा में अपूर्ण प्रभाविता को समझाइए व इसका नामांकित आरेखित चित्र बनाइए।

(स) अपूर्ण प्रभाविता के दो अन्य उदाहरण लिखिए।

(a) Write the difference between complete dominance and incomplete dominance.

(b) Explain incomplete dominance in Mirabilis Jalapa and draw labelled ray diagram of it.

(c) Write two other examples of incomplete dominance. [1+2+1=4]

उत्तर:

(अ) पूर्ण प्रभाविता व अपूर्ण प्रभाविता में अन्तर:

  • पूर्ण प्रभाविता: इसमें एक एलील (प्रभावी) दूसरे एलील (अप्रभावी) के प्रभाव को पूरी तरह से ढक देता है, जिससे संकर (F1) में केवल प्रभावी लक्षण दिखाई देता है। उदाहरण: मटर के पौधे में लम्बाई (TT × tt → Tt, सभी लम्बे)।
  • अपूर्ण प्रभाविता: इसमें कोई भी एलील पूरी तरह प्रभावी नहीं होता, बल्कि दोनों एलील मिलकर एक मध्यवर्ती लक्षण उत्पन्न करते हैं। उदाहरण: मिराबिलिस जलापा में लाल और सफेद फूलों के संकरण से गुलाबी फूल।

(ब) मिराबिलिस जलापा में अपूर्ण प्रभाविता:

मिराबिलिस जलापा (Four O'clock plant) में फूलों के रंग का लक्षण अपूर्ण प्रभाविता दर्शाता है। जब शुद्ध लाल फूल वाले पौधे (RR) का संकरण शुद्ध सफेद फूल वाले पौधे (rr) से कराया जाता है, तो F1 पीढ़ी में सभी पौधों में गुलाबी फूल (Rr) आते हैं। यहाँ न तो लाल एलील (R) पूरी तरह प्रभावी है और न ही सफेद (r), बल्कि दोनों मिलकर मध्यवर्ती गुलाबी रंग उत्पन्न करते हैं। F2 पीढ़ी में लाल (RR), गुलाबी (Rr), और सफेद (rr) फूल 1:2:1 के अनुपात में मिलते हैं।

नामांकित आरेख: (चित्र में लाल फूल (RR) × सफेद फूल (rr) → गुलाबी फूल (Rr) दिखाया गया है, जिसमें जीनोटाइप और फेनोटाइप लिखे हैं।)

(स) अपूर्ण प्रभाविता के दो अन्य उदाहरण:

  1. स्नैपड्रैगन (Antirrhinum) में फूलों का रंग – लाल और सफेद के संकरण से गुलाबी फूल।
  2. मनुष्यों में सिकल सेल एनीमिया – HbA और HbS एलील के संयोग से मध्यवर्ती लक्षण (सिकल सेल लक्षण) उत्पन्न होता है।

23.

वायु कूपिकाओं की संरचना का नामांकित चित्र बनाइए एवं रुधिर द्वारा CO₂ के परिवहन की क्रियाविधि को समझाइए। [1+3=4]

अथवा

पेशी कोशिका की आंतरिक संरचना का नामांकित चित्र बनाइए व इसकी संरचना को समझाइए। [1+3=4]

Draw a labelled diagram of the structure of Alveoli and explain the mechanism of transport of CO₂ through blood. [1+3=4]

OR

Draw a labelled diagram of internal structure of muscle cell and explain its structure. [1+3=4]

उत्तर (वायु कूपिकाएँ):

वायु कूपिकाओं (Alveoli) की संरचना: वायु कूपिकाएँ फेफड़ों में उपस्थित छोटी थैलीनुमा संरचनाएँ हैं, जो गैसों के आदान-प्रदान का स्थल हैं। इनकी दीवार एककोशिकीय (स्क्वैमस एपिथीलियम) होती है, जो केशिकाओं से घिरी होती है। प्रत्येक कूपिका में लोचदार तंतु होते हैं जो इसे फैलने और सिकुड़ने में मदद करते हैं।

नामांकित चित्र: (चित्र में वायु कूपिका, केशिका जाल, एल्वियोलर एपिथीलियम, और ऑक्सीजन/कार्बन डाइऑक्साइड के आदान-प्रदान को दर्शाया गया है।)

रुधिर द्वारा CO₂ के परिवहन की क्रियाविधि: कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का परिवहन तीन मुख्य तरीकों से होता है:

  1. बाइकार्बोनेट आयन के रूप में (लगभग 70%): CO₂ पानी से क्रिया करके कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) बनाती है, जो तेजी से H⁺ और HCO₃⁻ में वियोजित हो जाता है। यह अभिक्रिया लाल रक्त कोशिकाओं में एंजाइम कार्बोनिक एनहाइड्रेज़ द्वारा उत्प्रेरित होती है। HCO₃⁻ प्लाज़्मा में आ जाता है और H⁺ हीमोग्लोबिन से बंध जाता है।
  2. कार्बामिनो यौगिक के रूप में (लगभग 20-25%): CO₂ सीधे हीमोग्लोबिन के ग्लोबिन भाग से जुड़कर कार्बामिनोहीमोग्लोबिन बनाती है।
  3. विलेय CO₂ के रूप में (लगभग 5-10%): थोड़ी मात्रा में CO₂ प्लाज़्मा में घुली रहती है।

फेफड़ों में, ये प्रक्रियाएँ विपरीत दिशा में होती हैं और CO₂ वायु कूपिकाओं में छोड़ दी जाती है।

24.

मानव के वृक्क का लम्बवत काट का नामांकित चित्र बनाइए। इसकी बाह्य व आंतरिक संरचना को समझाइए। [1+1+2=4]

अथवा

अग्न्याशय ग्रन्थि की संरचना का नामांकित चित्र बनाइए। लैंगरहैन्स द्वीपिकाओं द्वारा स्रावित हार्मोनों के कार्यों को समझाइए। [1+3=4]

Draw a labelled diagram of L.S of human kidney. Explain its external and internal structures. [1+1+2=4]

OR

Draw a labelled diagram of structure of Pancreas. Explain the functions of hormones secreted by Islets of Langerhans. [1+3=4]

उत्तर (वृक्क):

मानव वृक्क का लम्बवत काट (L.S.) का नामांकित चित्र: (चित्र में वृक्क की बाहरी संरचना – वृक्क कैप्सूल, कॉर्टेक्स, मेडुला, वृक्क श्रोणि, मूत्रवाहिनी आदि दर्शाए गए हैं।)

बाह्य संरचना: मानव वृक्क बीन के आकार का, लाल-भूरे रंग का होता है। इसकी लंबाई लगभग 10-12 सेमी, चौड़ाई 5-7 सेमी और मोटाई 2-3 सेमी होती है। प्रत्येक वृक्क का भार लगभग 120-170 ग्राम होता है। इसके बाहर एक रेशेदार कैप्सूल (वृक्क कैप्सूल) होता है। वृक्क के अंदर की ओर एक अवतल भाग होता है जिसे हिलम कहते हैं, जहाँ से रक्त वाहिकाएँ, तंत्रिकाएँ और मूत्रवाहिनी निकलती हैं।

आंतरिक संरचना: वृक्क के आंतरिक भाग में दो मुख्य क्षेत्र होते हैं:

  • वृक्क प्रांतस्था (Cortex): यह बाहरी गहरा भाग है, जिसमें वृक्क कणिकाएँ (मैलपीगी कणिकाएँ) और समीपस्थ व दूरस्थ संवलित नलिकाएँ होती हैं।
  • वृक्क मज्जा (Medulla): यह आंतरिक हल्का भाग है, जिसमें वृक्क पिरामिड (मैलपीगी पिरामिड) होते हैं। प्रत्येक पिरामिड के शीर्ष को पैपिला कहते हैं, जो छोटी बाह्य नलिकाओं (कैलिसेस) में खुलता है। ये कैलिसेस मिलकर वृक्क श्रोणि (Renal Pelvis) बनाती हैं, जो मूत्रवाहिनी में जाती है। वृक्क की कार्यात्मक इकाई नेफ्रॉन है, जो कॉर्टेक्स और मेडुला में फैली होती है।