RBSE Class 12th 2013 Business Studies-SS-31-2013 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2013 |
| Subject | Business Studies-SS-31-2013 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2013 Business Studies-SS-31-2013
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Rajasthan Board Class 12th Business Studies-SS-31-2013 2013 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2013
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2013
व्यवसाय अध्ययन
(BUSINESS STUDIES)
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first of all his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
No. of Questions — 30 SS—3—Bus. Studies
No. of Printed Pages — 7
SS—3—Bus. Studies [ss-560] [ Turn over
खण्ड - A / Section - A
1. “प्रबंध एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।” स्पष्ट कीजिए।
"Management is a continuous process." Explain.
उत्तर: प्रबंध एक सतत प्रक्रिया है क्योंकि यह कभी समाप्त नहीं होती। संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रबंध के कार्य (नियोजन, संगठन, निर्देशन, समन्वय, नियंत्रण) लगातार चलते रहते हैं। पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों के अनुसार प्रबंध को अपनी योजनाओं और रणनीतियों में निरंतर संशोधन करना पड़ता है, इसलिए यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
शब्द सीमा: 20 शब्द
2. “नियोजन में निर्णय निर्माण निहित है।” कैसे ?
"Planning involves decision making." How ?
उत्तर: नियोजन में निर्णय निर्माण निहित है क्योंकि नियोजन के अंतर्गत विभिन्न विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन किया जाता है। उद्देश्यों को निर्धारित करना, कार्य-योजना बनाना, संसाधनों का आवंटन करना आदि सभी में निर्णय लेना शामिल है। बिना निर्णय के नियोजन संभव नहीं है।
शब्द सीमा: 20 शब्द
3. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना अंतरिम प्रशासनिक निकाय के रूप में कब की गई ?
When was the Securities and Exchange Board of India (SEBI) established as an 'interim administrative body' ?
उत्तर: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना अंतरिम प्रशासनिक निकाय के रूप में 12 अप्रैल, 1988 को की गई थी। बाद में इसे 30 जनवरी, 1992 को वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
शब्द सीमा: 20 शब्द
4. “उद्यमिता एक विधि-सम्मत तथा उद्देश्यपूर्ण क्रिया है।” कैसे ?
"Entrepreneurship is a lawful and purposeful activity." How ?
उत्तर: उद्यमिता एक विधि-सम्मत क्रिया है क्योंकि यह कानूनी ढांचे के अंतर्गत संचालित होती है और सरकारी नियमों का पालन करती है। यह उद्देश्यपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य लाभ कमाना, रोजगार सृजन करना और समाज की आवश्यकताओं को पूरा करना है। उद्यमी एक निश्चित उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही व्यवसाय शुरू करता है।
शब्द सीमा: 20 शब्द
5. वैज्ञानिक प्रबंध में 'थकान अध्ययन' कैसे किया जाता है ?
How is 'Fatigue Study' being done in scientific management ?
उत्तर: वैज्ञानिक प्रबंध में थकान अध्ययन के अंतर्गत कार्य करने की प्रक्रिया, कार्य के घंटे, विश्राम के अंतराल, कार्य की प्रकृति और कार्य वातावरण का विश्लेषण किया जाता है। इसका उद्देश्य श्रमिकों की शारीरिक और मानसिक थकान को कम करना है। एफ.डब्ल्यू. टेलर ने थकान को कम करने के लिए उचित विश्राम अंतराल और कार्य विधियों को विकसित किया, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और श्रमिकों की कार्यक्षमता बनी रहती है।
शब्द सीमा: 20 शब्द
प्रश्न संख्या 28 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 28 to 30 have internal choices.
| खण्ड / Section | प्रश्न संख्या / Q. Nos. | अंक प्रत्येक प्रश्न / Marks per question | उत्तर की शब्द/पृष्ठ सीमा / Word/Page limit of answer |
|---|---|---|---|
| A | 1 - 8 | 2 | 20 शब्द / 20 words |
| B | 9 - 27 | 4 | आधे पृष्ठ / Half page |
| C | 28 - 30 | 6 | एक पृष्ठ / One page |
| D | - | - | तीन पृष्ठ / Three pages |
SS—3—Bus. Studies
कर्मचारियों के चयन में व्यक्तित्व परीक्षाओं' के आशय स्पष्ट कीजिए।
Explain the meaning of 'Personality Tests' in selection of employees.
व्यक्तित्व परीक्षाओं का आशय: व्यक्तित्व परीक्षाएँ वे मनोवैज्ञानिक परीक्षण हैं जो किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व लक्षणों, जैसे आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता, भावनात्मक स्थिरता, सामाजिकता, और नेतृत्व क्षमता का मूल्यांकन करती हैं। कर्मचारियों के चयन में इन परीक्षाओं का उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि उम्मीदवार का व्यक्तित्व नौकरी की आवश्यकताओं और संगठन की संस्कृति से मेल खाता है या नहीं।
“वित्तीय एवं लेखांकन' के क्षेत्र में निष्पादन माप के मानकों के नाम बताइए।
Mention the names of gauge performance standards in 'Finance and Accounting' area.
वित्तीय एवं लेखांकन क्षेत्र में निष्पादन माप के मानक:
- लाभप्रदता अनुपात (Profitability Ratios)
- तरलता अनुपात (Liquidity Ratios)
- ऋण-इक्विटी अनुपात (Debt-Equity Ratio)
- पूंजी पर प्रतिफल (Return on Capital)
- बजटीय नियंत्रण (Budgetary Control)
- लागत विचरण विश्लेषण (Cost Variance Analysis)
“समन्वय सभी प्रबंधकों का उत्तरदायित्व है।'' कैसे ?
"Coordination is the responsibility of all managers." How ?
समन्वय सभी प्रबंधकों का उत्तरदायित्व है क्योंकि:
- प्रत्येक प्रबंधक अपने विभाग में कार्यों को एकीकृत करता है, चाहे वह उत्पादन, विपणन, वित्त या मानव संसाधन हो।
- समन्वय के बिना विभिन्न विभागों के कार्य असंगठित हो जाते हैं, जिससे संगठन के लक्ष्य प्रभावित होते हैं।
- यह प्रबंधन का एक सतत कार्य है जो सभी स्तरों (शीर्ष, मध्य, निम्न) पर आवश्यक है।
नियोजन प्रक्रिया में विकल्पों के चुनाव' को स्पष्ट कीजिए।
Explain 'Selection of alternatives' in planning process.
विकल्पों के चुनाव की व्याख्या: नियोजन प्रक्रिया में विकल्पों का चुनाव वह चरण है जिसमें प्रबंधक विभिन्न संभावित विकल्पों में से सर्वोत्तम विकल्प का चयन करते हैं। इसमें प्रत्येक विकल्प के लाभ-हानि, लागत, जोखिम और संभावित परिणामों का मूल्यांकन किया जाता है। चयनित विकल्प वह होता है जो संगठन के उद्देश्यों को सबसे प्रभावी ढंग से पूरा करता है और संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करता है।
हेनरी फेयॉल द्वारा प्रतिपादित 'पहल क्षमता' के सिद्धान्त को स्पष्ट कीजिए।
Explain the principle of 'Initiative ability' propounded by Henri Fayol.
पहल क्षमता का सिद्धांत: हेनरी फेयॉल के अनुसार, प्रबंधकों को कर्मचारियों को अपनी योजनाओं को बनाने और लागू करने की स्वतंत्रता देनी चाहिए। पहल क्षमता का अर्थ है कर्मचारियों को नए विचारों, सुधारों और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना। जब कर्मचारियों को पहल करने का अवसर मिलता है, तो वे अधिक उत्साहित और संगठन के प्रति वफादार होते हैं। यह सिद्धांत कर्मचारियों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने में मदद करता है।
खण्ड - ब
Section - B
एक प्रबंधक के रूप में वैश्वीकरण के कारण व्यवसाय में हो रहे परिवर्तनों को बताइए।
As a manager mention the changes taking place in business due to globalisation.
वैश्वीकरण के कारण व्यवसाय में परिवर्तन:
- प्रतिस्पर्धा में वृद्धि - अब घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।
- तकनीकी उन्नयन - वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक हो गया है।
- विविध कार्यबल - विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों के साथ काम करना।
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला - कच्चे माल और उत्पादों का अंतर्राष्ट्रीय स्रोतों से प्राप्त करना।
विकेंद्रीकरण के महत्व के कोई दो बिन्दु समझाइए।
Explain any two points showing importance of decentralisation.
विकेंद्रीकरण के महत्व के दो बिन्दु:
- त्वरित निर्णय: विकेंद्रीकरण से निर्णय लेने की शक्ति निचले स्तरों पर स्थानांतरित हो जाती है, जिससे निर्णय जल्दी लिए जा सकते हैं और समय की बचत होती है।
- प्रबंधकीय विकास: यह अधीनस्थों को निर्णय लेने का अवसर देता है, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता और प्रबंधकीय कौशल का विकास होता है।
उद्यमिता के 'विषय-क्रिया-प्रयोजन अनुरूपता' को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Show with the help of a chart 'Subject-Verb-Object relationship' of entrepreneurship.
उद्यमिता में विषय-क्रिया-प्रयोजन अनुरूपता का चार्ट:
| विषय (Subject) | क्रिया (Verb) | प्रयोजन (Object) |
|---|---|---|
| उद्यमी (Entrepreneur) | पहचान करता है (Identifies) | अवसर (Opportunity) |
| उद्यमी (Entrepreneur) | संगठित करता है (Organises) | संसाधन (Resources) |
| उद्यमी (Entrepreneur) | सृजन करता है (Creates) | मूल्य (Value) |
यह चार्ट दर्शाता है कि उद्यमिता में उद्यमी (विषय) विभिन्न क्रियाएँ करता है जिनका एक विशिष्ट प्रयोजन होता है।
भर्ती के बाह्य स्रोतों के किन्हीं दो लाभों को स्पष्ट कीजिए।
Explain any two merits of external sources of recruitment.
भर्ती के बाह्य स्रोतों के दो लाभ:
- नए विचारों का आगमन: बाह्य स्रोतों से भर्ती करने पर संगठन में नए दृष्टिकोण, नवीन विचार और विभिन्न अनुभव आते हैं, जो संगठन के विकास में सहायक होते हैं।
- प्रतिभा का विस्तृत पूल: बाह्य स्रोतों से संगठन को योग्य उम्मीदवारों का एक बड़ा समूह उपलब्ध होता है, जिससे सबसे उपयुक्त व्यक्ति का चयन संभव होता है।
16.
औपचारिक सम्प्रेषण के निम्नलिखित तरीकों को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए :
- श्रृंखला
- स्वतंत्र / मुक्त प्रवाह।
Show the following techniques of informal communication through a chart :
- Chain
- Free flow.
चार्ट द्वारा प्रदर्शन:
i) श्रृंखला (Chain): इसमें सूचना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक एक श्रृंखला में प्रवाहित होती है। उदाहरण: A → B → C → D → E
ii) स्वतंत्र / मुक्त प्रवाह (Free flow): इसमें सूचना बिना किसी निश्चित क्रम के सभी दिशाओं में प्रवाहित होती है। उदाहरण: A सभी से बात करता है, B सभी से, आदि।
17.
एक उद्यमी के रूप में 'सकल घरेलू उत्पाद' में वृद्धि हेतु आप किस तरह योगदान प्रदान करेंगे ?
As an entrepreneur how you will contribute in increasing 'Gross Domestic Product' ?
एक उद्यमी के रूप में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि हेतु निम्नलिखित तरीकों से योगदान दिया जा सकता है:
- नवाचार और उत्पादन: नए उत्पादों और सेवाओं का विकास करके उत्पादन बढ़ाना।
- रोजगार सृजन: अधिक लोगों को रोजगार देकर उनकी आय बढ़ाना, जिससे उपभोग बढ़ता है।
- निर्यात को बढ़ावा: विदेशों में वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात करके देश की आय बढ़ाना।
- निवेश: नए संयंत्रों, मशीनरी और प्रौद्योगिकी में निवेश करके उत्पादन क्षमता बढ़ाना।
- करों का भुगतान: सरकार को करों का भुगतान करके सार्वजनिक व्यय में योगदान देना।
18.
व्यावसायिक क्रियाओं पर 'राजनीतिक पर्यावरण' के प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।
Explain the effect of 'Political environment' on business activities.
राजनीतिक पर्यावरण का व्यावसायिक क्रियाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है। मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं:
- सरकार की नीतियां: सरकार द्वारा बनाई गई औद्योगिक, वाणिज्यिक और कर नीतियां व्यवसायों के संचालन को प्रभावित करती हैं।
- कानून और विनियम: श्रम कानून, पर्यावरण कानून, और उपभोक्ता संरक्षण कानून व्यवसायों के लिए नियम निर्धारित करते हैं।
- राजनीतिक स्थिरता: राजनीतिक अस्थिरता (जैसे सरकार बदलना, दंगे) निवेश और व्यापार को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
- सार्वजनिक व्यय: सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य पर किया गया व्यय व्यवसायों के लिए अवसर पैदा करता है।
- विदेश नीति: आयात-निर्यात नीतियां और विदेशी निवेश नियम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करते हैं।
19.
उपभोक्ता उत्पाद हेतु उपयुक्त वितरण माध्य को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Show through a chart suitable channels of distribution for consumer product.
उपभोक्ता उत्पादों के लिए वितरण माध्यों का चार्ट:
उपभोक्ता उत्पादों (जैसे खाद्य पदार्थ, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए निम्नलिखित वितरण माध्य उपयुक्त होते हैं:
- प्रत्यक्ष वितरण (Direct): निर्माता → उपभोक्ता (जैसे ऑनलाइन स्टोर, कंपनी के अपने स्टोर)
- एक-स्तरीय वितरण (One-level): निर्माता → खुदरा विक्रेता → उपभोक्ता
- दो-स्तरीय वितरण (Two-level): निर्माता → थोक विक्रेता → खुदरा विक्रेता → उपभोक्ता
- तीन-स्तरीय वितरण (Three-level): निर्माता → एजेंट → थोक विक्रेता → खुदरा विक्रेता → उपभोक्ता
चार्ट में इसे इस प्रकार दर्शाया जा सकता है:
निर्माता | ├──→ उपभोक्ता (प्रत्यक्ष) ├──→ खुदरा विक्रेता → उपभोक्ता (एक-स्तरीय) ├──→ थोक विक्रेता → खुदरा विक्रेता → उपभोक्ता (दो-स्तरीय) └──→ एजेंट → थोक विक्रेता → खुदरा विक्रेता → उपभोक्ता (तीन-स्तरीय)
खण्ड - स (Section - C)
20.
वित्तीय निर्णय के अन्तर्गत निवेश सम्बन्धी निर्णय का अर्थ बताइए एवं 'अल्पकालीन निवेश निर्णय' को समझाइए।
Explain the meaning of investment decision under financial decision and describe 'Short-term investment decisions'.
निवेश सम्बन्धी निर्णय का अर्थ:
वित्तीय निर्णय के अन्तर्गत निवेश सम्बन्धी निर्णय (Investment Decision) से तात्पर्य उन निर्णयों से है जो यह निर्धारित करते हैं कि कंपनी के संसाधनों (धन) को विभिन्न परिसंपत्तियों (जैसे संयंत्र, मशीनरी, स्टॉक, बॉन्ड) में कैसे निवेश किया जाए। इसका उद्देश्य अधिकतम लाभ प्राप्त करना और कंपनी के मूल्य को बढ़ाना होता है।
अल्पकालीन निवेश निर्णय (Short-term Investment Decisions):
अल्पकालीन निवेश निर्णय, जिन्हें कार्यशील पूंजी प्रबंधन (Working Capital Management) भी कहा जाता है, एक वर्ष या उससे कम अवधि के लिए किए जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
- नकद प्रबंधन: नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अतिरिक्त नकदी को अल्पकालिक निवेशों (जैसे बैंक जमा, ट्रेजरी बिल) में लगाना।
- प्राप्य खातों का प्रबंधन: ग्राहकों से प्राप्त होने वाली राशि (देनदार) का प्रबंधन करना और ऋण नीति निर्धारित करना।
- इन्वेंटरी प्रबंधन: कच्चे माल, कार्य-प्रगति और तैयार माल के स्टॉक का इष्टतम स्तर बनाए रखना।
- अल्पकालिक वित्तपोषण: बैंक ऋण, व्यापारिक ऋण आदि के माध्यम से अल्पकालिक आवश्यकताओं के लिए धन जुटाना।
अल्पकालीन निवेश निर्णयों का उद्देश्य तरलता बनाए रखना और लाभप्रदता को अधिकतम करना होता है।
20. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत विवाद निवारण एजेंसी के रूप में जिला फोरम' की भूमिका को समझाइए।
Explain the role of 'District Forum' as a redressal agency under the Consumer Protection Act.
जिला फोरम की भूमिका: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत जिला फोरम सबसे निचली स्तर की विवाद निवारण एजेंसी है। इसकी भूमिका निम्नलिखित है:
- अधिकार क्षेत्र: यह उन शिकायतों पर सुनवाई करता है जिनमें मुआवजे की राशि ₹20 लाख तक होती है।
- शिकायत दर्ज करना: उपभोक्ता अपनी शिकायत जिला फोरम में दर्ज कर सकता है, जिसमें वस्तु या सेवा में दोष, अनुचित व्यापार व्यवहार आदि शामिल हैं।
- सुनवाई और निर्णय: फोरम शिकायत की सुनवाई करता है और पक्षों को सुनने के बाद उचित आदेश पारित करता है, जैसे दोषपूर्ण वस्तु को बदलना, सेवा में दोष सुधारना, या मुआवजा देना।
- अपील: जिला फोरम के निर्णय के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील की जा सकती है।
21. “प्रबंध एक विज्ञान है।'' स्पष्ट कीजिए।
"Management is a Science." Explain.
प्रबंध एक विज्ञान है: विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान है जो कारण और प्रभाव संबंधों पर आधारित होता है और जिसे प्रयोगों द्वारा सत्यापित किया जा सकता है। प्रबंध को विज्ञान मानने के निम्नलिखित कारण हैं:
- व्यवस्थित ज्ञान: प्रबंध के सिद्धांतों का एक व्यवस्थित समूह है, जैसे योजना, संगठन, निर्देशन और नियंत्रण।
- सार्वभौमिक सत्य: प्रबंध के कुछ सिद्धांत (जैसे श्रम विभाजन, आदेश की एकता) अधिकांश स्थितियों में लागू होते हैं।
- कारण और प्रभाव संबंध: प्रबंध में भी कारण और प्रभाव का संबंध पाया जाता है, जैसे अच्छा नेतृत्व (कारण) से कर्मचारी मनोबल बढ़ता है (प्रभाव)।
- प्रयोग और सत्यापन: प्रबंध सिद्धांतों को व्यवहार में परखा और सत्यापित किया जा सकता है।
हालांकि, प्रबंध एक नरम विज्ञान (Soft Science) है क्योंकि यह मानव व्यवहार से संबंधित है और इसमें पूर्ण सटीकता संभव नहीं है।
22. प्रबन्धकीय सिद्धांतों के रूप में आदेश की एकता एवं निर्देश की एकता के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Differentiate between Unity of Command and Unity of Direction as management principles.
| आधार | आदेश की एकता (Unity of Command) | निर्देश की एकता (Unity of Direction) |
|---|---|---|
| अर्थ | एक कर्मचारी को केवल एक ही बॉस से आदेश मिलना चाहिए। | समान उद्देश्य वाली सभी गतिविधियों को एक ही योजना के तहत एक ही प्रबंधक द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए। |
| उद्देश्य | भ्रम और दोहरे आदेश से बचना, जवाबदेही सुनिश्चित करना। | प्रयासों का समन्वय और एकीकरण, संसाधनों का कुशल उपयोग। |
| संबंध | यह व्यक्तियों (अधीनस्थ-अधिकारी) के बीच संबंध से संबंधित है। | यह गतिविधियों और विभागों के बीच संबंध से संबंधित है। |
| प्रभाव | इसके उल्लंघन से अनुशासनहीनता और अधिकार का दुरुपयोग होता है। | इसके उल्लंघन से गतिविधियों में असंगति और संसाधनों की बर्बादी होती है। |
| उदाहरण | एक सेल्समैन केवल सेल्स मैनेजर के आदेश का पालन करेगा, मार्केटिंग मैनेजर का नहीं। | सभी विपणन गतिविधियाँ (विज्ञापन, बिक्री, प्रचार) एक ही विपणन प्रबंधक के निर्देशन में होंगी। |
23. नियंत्रण तकनीक के रूप में 'बिना लाभ-हानि व्यापार विश्लेषण' को उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
As a control technique, explain 'Break-even Trade Analysis' by giving example.
बिना लाभ-हानि व्यापार विश्लेषण (Break-even Analysis): यह एक महत्वपूर्ण नियंत्रण तकनीक है जो उस बिंदु को निर्धारित करती है जहाँ कुल राजस्व कुल लागत के बराबर होता है। इस बिंदु पर न तो लाभ होता है और न ही हानि। इसका उपयोग लाभप्रदता का आकलन करने और निर्णय लेने में किया जाता है।
सूत्र: बिना लाभ-हानि बिंदु (इकाइयों में) = स्थिर लागत / (प्रति इकाई विक्रय मूल्य - प्रति इकाई परिवर्तनशील लागत)
उदाहरण: मान लीजिए एक कंपनी पेन बनाती है।
- स्थिर लागत (किराया, वेतन आदि) = ₹50,000
- प्रति पेन विक्रय मूल्य = ₹10
- प्रति पेन परिवर्तनशील लागत (सामग्री, मजदूरी) = ₹6
बिना लाभ-हानि बिंदु = 50,000 / (10 - 6) = 50,000 / 4 = 12,500 इकाइयाँ।
इसका अर्थ है कि कंपनी को कोई लाभ या हानि न होने के लिए 12,500 पेन बेचने होंगे। यदि वे 12,500 से अधिक बेचते हैं, तो लाभ होगा; कम बेचने पर हानि होगी। यह विश्लेषण प्रबंधकों को लागत नियंत्रण, मूल्य निर्धारण और उत्पादन स्तर तय करने में मदद करता है।
24. एक फर्म की पूंजी संरचना को निर्धारित करने वाले निम्न कारकों की गणना किस प्रकार की जाती है?
i) ब्याज आवरण अनुपात
ii) ऋण-सेवा आवरण अनुपात।
How are the following factors being calculated which determine the capital structure of a firm?
i) Interest Coverage Ratio
ii) Debt Service Coverage Ratio.
i) ब्याज आवरण अनुपात (Interest Coverage Ratio): यह अनुपात यह मापता है कि फर्म अपने ब्याज भुगतान को कितनी आसानी से पूरा कर सकती है।
सूत्र: ब्याज आवरण अनुपात = ब्याज और कर से पूर्व लाभ (EBIT) / ब्याज व्यय
उदाहरण: यदि EBIT ₹5,00,000 है और ब्याज व्यय ₹1,00,000 है, तो अनुपात = 5,00,000 / 1,00,000 = 5 गुना। इसका अर्थ है कि फर्म अपने ब्याज भुगतान को 5 गुना कवर करने में सक्षम है। उच्च अनुपात ऋण चुकाने की बेहतर क्षमता दर्शाता है।
ii) ऋण-सेवा आवरण अनुपात (Debt Service Coverage Ratio - DSCR): यह अनुपात यह मापता है कि फर्म अपने कुल ऋण दायित्वों (ब्याज + मूलधन) को पूरा करने में कितनी सक्षम है।
सूत्र: DSCR = (शुद्ध लाभ + मूल्यह्रास + ब्याज) / (ब्याज + मूलधन चुकौती)
उदाहरण: मान लीजिए शुद्ध लाभ ₹2,00,000, मूल्यह्रास ₹50,000, ब्याज ₹1,00,000, और मूलधन चुकौती ₹1,50,000 है। तो DSCR = (2,00,000 + 50,000 + 1,00,000) / (1,00,000 + 1,50,000) = 3,50,000 / 2,50,000 = 1.4 गुना। 1 से अधिक अनुपात इंगित करता है कि फर्म अपने ऋण दायित्वों को पूरा करने में सक्षम है।
26. एक प्रबंधक के रूप में आप एक व्यवसाय में प्रशिक्षण, विकास एवं शिक्षा को आवश्यकता क्यों महसूस करेंगे ? समझाइए।
As a manager why you may feel the need of training, development and education in a business ? Explain.
उत्तर: एक प्रबंधक के रूप में, मैं निम्नलिखित कारणों से प्रशिक्षण, विकास और शिक्षा की आवश्यकता महसूस करूंगा:
- प्रशिक्षण (Training): कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य कौशल सिखाने के लिए, जिससे उनकी कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़े। यह नई तकनीकों और प्रक्रियाओं को अपनाने में मदद करता है।
- विकास (Development): कर्मचारियों के समग्र व्यक्तित्व और भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए क्षमता निर्माण हेतु। इससे नेतृत्व कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और समस्या-समाधान कौशल में सुधार होता है।
- शिक्षा (Education): कर्मचारियों को सैद्धांतिक ज्ञान और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए, जिससे वे व्यवसाय के संदर्भ को बेहतर समझ सकें और नवाचार को बढ़ावा दे सकें।
ये तीनों मिलकर कर्मचारियों की दक्षता, मनोबल और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ाते हैं, जिससे व्यवसाय प्रतिस्पर्धी बना रहता है।
27. सेबी को सलाहकार समितियों के उद्देश्यों को समझाइए।
Explain the objectives of SEBI's advisory committees.
उत्तर: सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की सलाहकार समितियों के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- विशेषज्ञ सलाह प्रदान करना: बाजार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों (जैसे, प्राथमिक बाजार, म्यूचुअल फंड, डेरिवेटिव) के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करना।
- नीति निर्माण में सहायता: सेबी को नियमों और विनियमों को बनाने और संशोधित करने में व्यावहारिक सुझाव देना।
- बाजार विकास को बढ़ावा देना: पूंजी बाजार के स्वस्थ विकास और नवाचार के लिए सिफारिशें करना।
- निवेशक संरक्षण: निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उपाय सुझाना और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- शिकायतों का निवारण: बाजार सहभागियों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए मार्गदर्शन देना।
28. नियोजन की निम्न सीमाओं को समझाइए :
i) परिवर्तनशील वातावरण में नियोजन प्रभावी नहीं रहता
ii) नियोजन रचनात्मकता को कम करता है।
Explain the following limitations of planning :
i) Planning may not be effective in a dynamic environment
ii) Planning reduces creativity.
उत्तर:
i) परिवर्तनशील वातावरण में नियोजन प्रभावी नहीं रहता (Planning may not be effective in a dynamic environment): नियोजन भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में अनुमानों पर आधारित होता है। यदि वातावरण तेजी से बदलता है (जैसे, तकनीकी परिवर्तन, सरकारी नीतियों में बदलाव, प्राकृतिक आपदाएं), तो पहले से बनाई गई योजनाएं अप्रासंगिक या अप्रभावी हो सकती हैं। प्रबंधकों को ऐसी स्थिति में योजनाओं को बार-बार बदलना पड़ता है, जो समय और संसाधनों की बर्बादी है।
ii) नियोजन रचनात्मकता को कम करता है (Planning reduces creativity): नियोजन में पूर्व निर्धारित नियमों, प्रक्रियाओं और लक्ष्यों का पालन करना होता है। यह कठोर ढांचा कर्मचारियों और प्रबंधकों को नए विचारों और नवाचारी दृष्टिकोणों को अपनाने से रोकता है। वे केवल योजना के अनुसार कार्य करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे रचनात्मकता और पहल करने की भावना दब जाती है।
खण्ड - द
Section - D
एक प्रबंधक के रूप में आप संगठन प्रक्रिया को किस प्रकार क्रियान्वित करेंगे ?
अथवा
एक प्रबंधक के रूप में संगठन का किसी व्यावसायिक उद्यम में महत्त्व समझाइए।
As a manager how will you execute organising process ?
OR
As a manager explain the importance of organising in any business enterprise.
उत्तर (संगठन प्रक्रिया का क्रियान्वयन): एक प्रबंधक के रूप में, मैं संगठन प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में क्रियान्वित करूंगा:
- कार्यों की पहचान और विभाजन (Identification and Division of Work): सबसे पहले, संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सभी कार्यों की पहचान करूंगा और उन्हें छोटे-छोटे भागों में विभाजित करूंगा। उदाहरण के लिए, उत्पादन, विपणन, वित्त, मानव संसाधन आदि।
- विभागीकरण (Departmentalisation): समान प्रकृति के कार्यों को एक साथ समूहित करके विभागों का निर्माण करूंगा। यह कार्य, उत्पाद, क्षेत्र या ग्राहक के आधार पर हो सकता है।
- कार्यों का आवंटन (Assignment of Duties): प्रत्येक विभाग और पद के लिए विशिष्ट कार्यों को निर्धारित करूंगा और उन्हें योग्य कर्मचारियों को सौंपूंगा।
- अधिकार और उत्तरदायित्व का सृजन (Creating Authority and Responsibility): प्रत्येक पद के लिए आवश्यक अधिकार (निर्णय लेने की शक्ति) और उत्तरदायित्व (जवाबदेही) को स्पष्ट रूप से परिभाषित करूंगा।
- समन्वय और संबंध स्थापित करना (Establishing Coordination and Relationships): विभिन्न पदों और विभागों के बीच कार्य संबंधों को स्थापित करूंगा ताकि सूचना का प्रवाह सुचारू रहे और सभी एक साथ मिलकर काम कर सकें।
अथवा (संगठन का महत्त्व): एक प्रबंधक के रूप में, मैं किसी व्यावसायिक उद्यम में संगठन के निम्नलिखित महत्त्व को समझाता हूं:
- कार्य में स्पष्टता (Clarity in Work): संगठन प्रत्येक कर्मचारी के कर्तव्यों, अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करता है, जिससे भ्रम और दोहराव कम होता है।
- विशेषज्ञता को बढ़ावा (Promotes Specialisation): कार्यों के विभाजन से कर्मचारी अपने विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञ बनते हैं, जिससे दक्षता और उत्पादकता बढ़ती है।
- प्रभावी प्रबंधन (Effective Management): यह प्रबंधकों को नियंत्रण, समन्वय और निरीक्षण में मदद करता है, जिससे संसाधनों का इष्टतम उपयोग होता है।
- विस्तार के लिए आधार (Basis for Expansion): एक अच्छी संगठन संरचना व्यवसाय के विस्तार और विकास के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती है।
- मानवीय प्रयासों में तालमेल (Harmony in Human Efforts): यह विभिन्न व्यक्तियों और समूहों के प्रयासों को एक सामान्य उद्देश्य की ओर निर्देशित करता है, जिससे टीम वर्क और सहयोग बढ़ता है।
29. निर्देशन का महत्त्व स्पष्ट कीजिए।
अथवा
निर्देशन के किन्हीं छः सिद्धांतों को स्पष्ट कीजिए।
Explain the importance of direction. 6
OR
Clarify any six principles of direction. 6
निर्देशन का महत्त्व (Importance of Direction):
- प्रबंधन के कार्यों को प्रारंभ करता है – निर्देशन के बिना योजना, संगठन आदि कार्य अधूरे रह जाते हैं।
- अधीनस्थों का मार्गदर्शन – कर्मचारियों को सही दिशा में कार्य करने में सहायता मिलती है।
- समन्वय स्थापित करता है – विभिन्न विभागों के कार्यों में तालमेल बनाता है।
- प्रेरणा प्रदान करता है – कर्मचारियों को उत्साहित कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाता है।
- परिवर्तनों को लागू करने में सहायक – संगठन में नए बदलावों को आसानी से लागू किया जा सकता है।
- नेतृत्व क्षमता विकसित करता है – प्रबंधकों में नेतृत्व के गुण विकसित होते हैं।
निर्देशन के छः सिद्धांत (Six Principles of Direction):
- उद्देश्य की एकता का सिद्धांत – सभी कर्मचारियों का उद्देश्य एक समान होना चाहिए।
- प्रेरणा का सिद्धांत – कर्मचारियों को कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
- आदेश की एकता का सिद्धांत – प्रत्येक कर्मचारी को केवल एक ही वरिष्ठ से आदेश मिलना चाहिए।
- प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण का सिद्धांत – अधिकारियों को अपने अधीनस्थों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना चाहिए।
- प्रतिपूर्ति का सिद्धांत – कर्मचारियों को उनके कार्य के अनुसार उचित पुरस्कार मिलना चाहिए।
- प्रबंधकीय उत्तरदायित्व का सिद्धांत – प्रबंधक अपने अधीनस्थों के कार्यों के लिए जिम्मेदार होते हैं।
30. विज्ञापन एवं वैयक्तिक विक्रय के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
ब्रांडिंग से विपणन कर्ताओं एवं ग्राहकों को प्राप्त होने वाले लाभों को समझाइए। (प्रत्येक हेतु तीन)
Differentiate between advertisement and personal selling. 6
OR
Explain the advantages of branding to marketers and customers. (Three for each) 6
विज्ञापन एवं वैयक्तिक विक्रय में अन्तर (Difference between Advertisement and Personal Selling):
| आधार | विज्ञापन (Advertisement) | वैयक्तिक विक्रय (Personal Selling) |
|---|---|---|
| अर्थ | संचार का अवैयक्तिक रूप | विक्रेता और ग्राहक के बीच प्रत्यक्ष संवाद |
| माध्यम | समाचार पत्र, टीवी, रेडियो, इंटरनेट | आमने-सामने, फोन, वीडियो कॉल |
| लागत | प्रति व्यक्ति कम लागत | प्रति ग्राहक अधिक लागत |
| लचीलापन | कम लचीला, एक समान संदेश | अत्यधिक लचीला, ग्राहक के अनुसार ढल सकता है |
| प्रतिक्रिया | तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलती | तत्काल प्रतिक्रिया प्राप्त होती है |
| लक्ष्य | बड़े समूह को संबोधित करता है | विशिष्ट ग्राहकों को लक्षित करता है |
अथवा
ब्रांडिंग से विपणन कर्ताओं को लाभ (Advantages of Branding to Marketers):
- उत्पाद की पहचान बनती है और बाजार में अलग दिखता है।
- ग्राहकों में विश्वास और वफादारी बढ़ती है, जिससे पुनः खरीदारी होती है।
- प्रीमियम मूल्य वसूलने में सहायता मिलती है, जिससे लाभ बढ़ता है।
ब्रांडिंग से ग्राहकों को लाभ (Advantages of Branding to Customers):
- गुणवत्ता की पहचान होती है – ग्राहक ब्रांड के आधार पर उत्पाद की गुणवत्ता का अनुमान लगा सकते हैं।
- समय की बचत होती है – ब्रांड के कारण खरीदारी का निर्णय जल्दी लिया जा सकता है।
- संतुष्टि और विश्वास – प्रसिद्ध ब्रांड से ग्राहक को मानसिक संतुष्टि और सुरक्षा का अनुभव होता है।