RBSE Class 12th 2014 Psychology-SS-19-2014 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2014 |
| Subject | Psychology-SS-19-2014 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2014 Psychology-SS-19-2014
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Rajasthan Board Class 12th Psychology-SS-19-2014 2014 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014
मनोविज्ञान
PSYCHOLOGY
समय : 3 घण्टे | पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
Roll No. : ____________________
No. of Questions : 29 | No. of Printed Pages : 7
Subject : Psychology (SS—9—Psychology) | Code : SS-559
खण्ड - अ / Section - A
प्रश्न 1. परहितवाद से आपका क्या तात्पर्य है ?
What do you mean by altruism?
उत्तर: परहितवाद (Altruism) का तात्पर्य दूसरों के कल्याण के लिए बिना किसी स्वार्थ के कार्य करने की प्रवृत्ति से है। इसमें व्यक्ति अपने लाभ की चिंता किए बिना दूसरों की सहायता करता है।
प्रश्न 2. A.D.H.D. का पूरा रूप लिखिए।
Write the full form of A.D.H.D.
उत्तर: A.D.H.D. का पूरा रूप Attention Deficit Hyperactivity Disorder (ध्यान आभाव सक्रियता विकार) है।
प्रश्न 3. शोर क्या है?
What is noise?
उत्तर: शोर (Noise) अवांछित, अप्रिय या विघटनकारी ध्वनि को कहते हैं जो सुनने में कठिनाई उत्पन्न करती है और मानसिक एकाग्रता को भंग करती है।
प्रश्न संरचना तालिका
| खण्ड | प्रश्न संख्या | प्रति प्रश्न अंक | उत्तर की शब्द सीमा |
|---|---|---|---|
| A | 1 – 8 | 1 | 20 शब्द |
| B | 9 – 14 | 1½ | 30 शब्द |
| C | 15 – 26 | 2 | 45 शब्द |
| D | 27 – 29 | 5 | 200 शब्द |
प्रश्न संख्या 27 से 29 तक में आन्तरिक विकल्प हैं।
There are internal choices in Question Nos. 27 to 29.
खण्ड - ब (Section - B)
4. संगठन क्या है?
What is organisation?
संगठन: संगठन दो या दो से अधिक व्यक्तियों का एक ऐसा समूह है जो एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयासों से कार्य करता है। इसमें एक संरचना, नियम और भूमिकाएँ होती हैं।
Organisation: An organisation is a group of two or more people working together in a coordinated manner to achieve a common goal. It has a structure, rules, and defined roles.
5. तनाव को परिभाषित कीजिए।
Define stress.
तनाव: तनाव किसी व्यक्ति पर पड़ने वाले बाहरी या आंतरिक दबाव के प्रति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक प्रतिक्रिया है। यह तब उत्पन्न होता है जब व्यक्ति अपनी क्षमता से अधिक माँगों का सामना करता है।
Stress: Stress is the physical, mental, and emotional response of an individual to external or internal pressures. It occurs when a person faces demands that exceed their perceived ability to cope.
6. अनुपालन क्या है?
What is compliance?
अनुपालन: अनुपालन का अर्थ है किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति या समूह के अनुरोध या आदेश को स्वीकार करना और उसके अनुसार व्यवहार करना, भले ही वह व्यक्तिगत रूप से उससे सहमत न हो।
Compliance: Compliance refers to the act of accepting and behaving according to a request or command from another person or group, even if the individual does not personally agree with it.
7. प्रक्षेपी माप से आप क्या समझते हैं?
What do you understand by projective measure?
प्रक्षेपी माप: प्रक्षेपी माप एक प्रकार का मनोवैज्ञानिक परीक्षण है जिसमें व्यक्ति को अस्पष्ट उत्तेजनाओं (जैसे धब्बे, चित्र या अधूरे वाक्य) के बारे में अपनी व्याख्या देने के लिए कहा जाता है। माना जाता है कि व्यक्ति अपनी अचेतन भावनाओं, इच्छाओं और संघर्षों को इन उत्तेजनाओं पर प्रक्षेपित (आरोपित) करता है। उदाहरण: रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण, प्रत्यक्षीकरण-अभिक्षमता परीक्षण (TAT)।
Projective Measure: A projective measure is a type of psychological test where an individual is asked to interpret ambiguous stimuli (such as inkblots, pictures, or incomplete sentences). It is believed that the person projects their unconscious feelings, desires, and conflicts onto these stimuli. Examples: Rorschach Inkblot Test, Thematic Apperception Test (TAT).
8. योग क्या है?
What is Yoga?
योग: योग एक प्राचीन भारतीय शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है। इसका उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा को एकीकृत करना है। इसमें आसन (शारीरिक मुद्राएँ), प्राणायाम (श्वास नियंत्रण), ध्यान और नैतिक सिद्धांत शामिल हैं। यह मानसिक शांति, तनाव कम करने और समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
Yoga: Yoga is an ancient Indian physical, mental, and spiritual practice. Its goal is to integrate the body, mind, and soul. It includes postures (asanas), breath control (pranayama), meditation, and ethical principles. It is beneficial for mental peace, stress reduction, and overall health.
9. मनश्चिकित्सा क्या है?
What is psychotherapy?
मनश्चिकित्सा: मनश्चिकित्सा (मनोचिकित्सा) एक उपचार पद्धति है जिसमें एक प्रशिक्षित चिकित्सक और एक ग्राहक (या ग्राहकों का समूह) के बीच बातचीत के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, भावनात्मक कठिनाइयों और व्यवहार संबंधी विकारों का समाधान किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति के विचारों, भावनाओं और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है।
Psychotherapy: Psychotherapy is a treatment method in which a trained therapist and a client (or group of clients) use conversation to resolve mental health problems, emotional difficulties, and behavioral disorders. Its goal is to bring about positive changes in a person's thoughts, feelings, and behavior.
10. मूल गुणारोपण त्रुटि क्या है?
What is fundamental attribution error?
मूल गुणारोपण त्रुटि: मूल गुणारोपण त्रुटि (Fundamental Attribution Error) सामाजिक मनोविज्ञान की एक अवधारणा है। यह दूसरों के व्यवहार को समझाने में हमारी प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसमें हम दूसरों के कार्यों को उनके व्यक्तित्व या आंतरिक गुणों (जैसे स्वभाव, दृष्टिकोण) से जोड़ते हैं, जबकि परिस्थितिजन्य कारकों (जैसे पर्यावरण, दबाव) को कम आंकते हैं। उदाहरण: यदि कोई व्यक्ति देर से आता है, तो हम उसे आलसी कहते हैं, न कि यह सोचते हैं कि शायद ट्रैफिक जाम था।
Fundamental Attribution Error: The fundamental attribution error is a concept in social psychology. It refers to our tendency to explain others' behavior by attributing it to their personality or internal traits (e.g., character, attitude) while underestimating situational factors (e.g., environment, pressure). Example: If someone arrives late, we call them lazy, rather than considering that there might have been a traffic jam.
खण्ड - स (Section - C)
1. परामर्श से आप क्या समझते हैं ?
What do you mean by counselling?
परामर्श (Counselling): परामर्श एक व्यावसायिक प्रक्रिया है जिसमें एक प्रशिक्षित परामर्शदाता (counsellor) व्यक्ति (client) को उसकी समस्याओं, भावनाओं और निर्णयों को समझने और हल करने में सहायता करता है। यह एक गोपनीय, सहायक और गैर-निर्णयात्मक संबंध है जो व्यक्ति की मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-जागरूकता और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देता है। परामर्श का उद्देश्य व्यक्ति को स्वयं निर्णय लेने और समस्याओं का सामना करने में सक्षम बनाना है।
2. सहयोग की उपयोगिता कैसे है ?
How is cooperation useful?
सहयोग की उपयोगिता (Usefulness of Cooperation): सहयोग सामाजिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह निम्नलिखित रूपों में उपयोगी है:
- सामाजिक एकता: सहयोग समूहों और समाज में एकता और सामंजस्य बनाए रखता है।
- लक्ष्य प्राप्ति: सामूहिक प्रयासों से बड़े लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
- संसाधनों का कुशल उपयोग: सहयोग से संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और कार्य कुशलता बढ़ती है।
- मानसिक स्वास्थ्य: सहयोग से सामाजिक समर्थन मिलता है, जो तनाव को कम करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
- समस्या समाधान: विभिन्न दृष्टिकोणों के मेल से जटिल समस्याओं का समाधान आसान हो जाता है।
3. स्वतःगतिक प्रभाव क्या है ?
What is autokinetic effect?
स्वतःगतिक प्रभाव (Autokinetic Effect): यह एक दृश्य भ्रम (visual illusion) है जिसमें एक स्थिर प्रकाश बिंदु (जैसे अंधेरे कमरे में एक छोटी रोशनी) देखने पर वह हिलता हुआ प्रतीत होता है। यह प्रभाव आंखों की छोटी-छोटी अनैच्छिक गतिविधियों (microsaccades) और मस्तिष्क की गति की व्याख्या करने की प्रवृत्ति के कारण होता है। मनोविज्ञान में इसका उपयोग सामाजिक प्रभाव और समूह मानदंडों के अध्ययन में किया जाता है (जैसे शेरिफ का प्रयोग)।
4. सामाजिक संज्ञान में स्कीमा का क्या महत्व है ?
What is the role of schema in social cognition?
सामाजिक संज्ञान में स्कीमा का महत्व (Role of Schema in Social Cognition): स्कीमा (Schema) मानसिक संरचनाएं हैं जो हमारे ज्ञान, अनुभवों और अपेक्षाओं को व्यवस्थित करती हैं। सामाजिक संज्ञान में इनका महत्व निम्नलिखित है:
- सूचना प्रसंस्करण में सहायता: स्कीमा हमें नई सामाजिक सूचनाओं को शीघ्रता से समझने और व्याख्या करने में मदद करती हैं।
- पूर्वानुमान: ये हमें दूसरों के व्यवहार और घटनाओं के परिणामों का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम बनाती हैं।
- स्मृति संगठन: स्कीमा सामाजिक जानकारी को स्मृति में संग्रहीत और पुनर्प्राप्त करने में मदद करती हैं।
- निर्णय लेना: ये सामाजिक स्थितियों में त्वरित और कुशल निर्णय लेने में सहायक होती हैं।
- पूर्वाग्रह और रूढ़िवादिता: स्कीमा कभी-कभी पूर्वाग्रहों और रूढ़िवादिता को जन्म दे सकती हैं, जो सामाजिक धारणा को प्रभावित करते हैं।
5. आत्म-धारणा क्या है ?
What is self-concept?
आत्म-धारणा (Self-Concept): आत्म-धारणा एक व्यक्ति की अपने बारे में समग्र धारणा और विश्वासों का समूह है। इसमें व्यक्ति की अपनी क्षमताओं, गुणों, मूल्यों, भूमिकाओं और पहचान के बारे में विचार शामिल होते हैं। यह आत्म-ज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और प्रेरणा को प्रभावित करता है। आत्म-धारणा समय के साथ अनुभवों और सामाजिक संपर्कों के माध्यम से विकसित होती है।
6. सांवेगिक बुद्धि क्या है ?
What is emotional intelligence?
सांवेगिक बुद्धि (Emotional Intelligence): सांवेगिक बुद्धि (EI) किसी व्यक्ति की अपनी और दूसरों की भावनाओं को पहचानने, समझने, प्रबंधित करने और प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता है। इसमें चार मुख्य घटक शामिल हैं:
- आत्म-जागरूकता: अपनी भावनाओं को पहचानना और समझना।
- आत्म-प्रबंधन: अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना और उन्हें उचित रूप से व्यक्त करना।
- सामाजिक जागरूकता: दूसरों की भावनाओं को समझना और सहानुभूति रखना।
- संबंध प्रबंधन: दूसरों के साथ स्वस्थ और सकारात्मक संबंध बनाना और बनाए रखना।
उच्च सांवेगिक बुद्धि व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
7. जीवनशैली से आपका क्या तात्पर्य है ?
What do you mean by life style?
जीवनशैली (Lifestyle): जीवनशैली से तात्पर्य किसी व्यक्ति या समूह के जीने के तरीके से है, जिसमें उनकी आदतें, व्यवहार, दृष्टिकोण, मूल्य, रुचियां और दैनिक गतिविधियां शामिल होती हैं। यह व्यक्ति की पसंद, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, संस्कृति और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से प्रभावित होती है। जीवनशैली में खान-पान, व्यायाम, कार्य-जीवन संतुलन, मनोरंजन, सामाजिक संपर्क और स्वास्थ्य संबंधी आदतें शामिल हैं। एक स्वस्थ जीवनशैली शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
SS—9—Psychology [Ss-559]
प्रश्न 20: तनाव के लक्षण कौन-से हैं ?
Which are the symptoms of stress?
तनाव के प्रमुख लक्षण:
- शारीरिक लक्षण: सिरदर्द, थकान, नींद न आना, मांसपेशियों में तनाव
- भावनात्मक लक्षण: चिड़चिड़ापन, चिंता, उदासी, मूड स्विंग
- व्यवहारिक लक्षण: भूख में बदलाव, सामाजिक अलगाव, धूम्रपान/शराब का बढ़ना
- संज्ञानात्मक लक्षण: ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, भूलने की समस्या
प्रश्न 21: मनश्चिकित्सा के विभिन्न प्रकार बताइए।
Explain the various types of psychotherapy.
मनश्चिकित्सा के प्रमुख प्रकार:
- मनोगतिक चिकित्सा (Psychodynamic Therapy): अचेतन संघर्षों और बचपन के अनुभवों पर केंद्रित
- व्यवहार चिकित्सा (Behavioral Therapy): अवांछित व्यवहारों को बदलने पर केंद्रित (जैसे, अभ्यास, कंडीशनिंग)
- संज्ञानात्मक चिकित्सा (Cognitive Therapy): नकारात्मक विचार पैटर्न को पहचानने और बदलने पर केंद्रित
- मानवतावादी चिकित्सा (Humanistic Therapy): आत्म-बोध और व्यक्तिगत विकास पर केंद्रित
- समूह चिकित्सा (Group Therapy): समान समस्याओं वाले लोगों के समूह में चर्चा और समर्थन
प्रश्न 22: दुश्चिन्ता के कौन-से लक्षण हैं ?
Which are the symptoms of Anxiety?
दुश्चिन्ता (चिंता) के प्रमुख लक्षण:
- शारीरिक: दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना, कांपना, सांस फूलना
- भावनात्मक: बेचैनी, डर, घबराहट, नियंत्रण खोने का डर
- संज्ञानात्मक: बुरी चीजों की आशंका, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
- व्यवहारिक: स्थितियों से बचना, बार-बार आश्वासन मांगना
प्रश्न 23: इन्द्र के समाधान की युक्तियाँ लिखिए।
Write the conflict resolution strategies.
संघर्ष समाधान की प्रमुख युक्तियाँ:
- समस्या-समाधान (Problem-Solving): दोनों पक्षों की जरूरतों को पूरा करने वाला समाधान खोजना
- समझौता (Compromise): दोनों पक्षों द्वारा कुछ छोड़ना
- सहयोग (Collaboration): मिलकर काम करना और रचनात्मक समाधान ढूंढना
- परिहार (Avoidance): संघर्ष से दूर रहना (अस्थायी समाधान)
- समायोजन (Accommodation): दूसरे पक्ष की इच्छा को मान लेना
- प्रतिस्पर्धा (Competition): अपनी बात पर अड़े रहना (कम प्रभावी)
प्रश्न 24: अभिवृत्ति निर्माण को प्रभावित करने वाले कारक बताइए।
Explain the factors which influence in the formation of attitude.
अभिवृत्ति निर्माण को प्रभावित करने वाले कारक:
- परिवार और माता-पिता: बचपन में परिवार के सदस्यों के दृष्टिकोण का प्रभाव
- सामाजिक समूह: मित्रों, सहकर्मियों और समुदाय का प्रभाव
- शिक्षा और मीडिया: स्कूल, पुस्तकें, टीवी, इंटरनेट से मिली जानकारी
- व्यक्तिगत अनुभव: सीधे अनुभवों से बनी धारणाएं
- सांस्कृतिक मूल्य: समाज और संस्कृति के मानदंड
- भावनात्मक कारक: भय, प्रेम, घृणा जैसी भावनाएं
प्रश्न 25: पर्यावरण-उन्मुख व्यवहार क्या है ?
What is pro-environment behaviour?
पर्यावरण-उन्मुख व्यवहार: यह वह व्यवहार है जो पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए किया जाता है। इसमें ऐसे कार्य शामिल हैं जो प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हैं, प्रदूषण कम करते हैं, और पारिस्थितिकी तंत्र को स्थायी बनाते हैं। उदाहरण: पुनर्चक्रण, ऊर्जा बचत, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का उपयोग।
प्रश्न 26: प्राकृतिक आपदा किसे कहते हैं ?
What is natural disaster?
प्राकृतिक आपदा: यह एक प्राकृतिक घटना है जो मानव जीवन, संपत्ति और पर्यावरण को व्यापक नुकसान पहुंचाती है। यह अचानक या धीरे-धीरे हो सकती है और इसके लिए मनुष्य जिम्मेदार नहीं होता। उदाहरण: भूकंप, बाढ़, सुनामी, चक्रवात, ज्वालामुखी विस्फोट, भूस्खलन, सूखा, और जंगल की आग।
खण्ड - द (Section - D)
26. खेलकूद के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कारक बताइए।
Explain the factors affecting sports performance.
खेलकूद के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कारक:
- शारीरिक कारक: शक्ति, गति, सहनशक्ति, लचीलापन, समन्वय और शारीरिक संरचना।
- मनोवैज्ञानिक कारक: प्रेरणा, आत्मविश्वास, एकाग्रता, तनाव प्रबंधन, चिंता और मानसिक दृढ़ता।
- सामाजिक कारक: कोच का मार्गदर्शन, टीम सहयोग, परिवार का समर्थन, दर्शकों का दबाव और सांस्कृतिक वातावरण।
- पर्यावरणीय कारक: मैदान की स्थिति, मौसम, ऊंचाई, प्रशिक्षण सुविधाएं और उपकरणों की गुणवत्ता।
- पोषण और स्वास्थ्य: संतुलित आहार, जलयोजन, नींद और चोटों से बचाव।
27. शिक्षा में मनोविज्ञान का क्या महत्व है?
What is the role of psychology in education?
शिक्षा में मनोविज्ञान का महत्व:
- शिक्षण विधियों का विकास: मनोविज्ञान छात्रों की सीखने की शैली और क्षमताओं के अनुसार प्रभावी शिक्षण विधियों को विकसित करने में मदद करता है।
- व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझना: प्रत्येक छात्र की बुद्धि, अभिक्षमता, रुचि और व्यक्तित्व में भिन्नता को समझने में सहायता करता है।
- प्रेरणा और अनुशासन: छात्रों को प्रेरित करने और कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का उपयोग किया जाता है।
- सीखने की प्रक्रिया: सीखने के नियमों, स्मृति, विस्मृति और स्थानांतरण को समझने में मदद करता है।
- मूल्यांकन और मापन: परीक्षणों, मापन और मूल्यांकन तकनीकों के विकास में सहायक है।
- समायोजन और मार्गदर्शन: छात्रों की भावनात्मक और सामाजिक समस्याओं के समाधान में मदद करता है।
28. भावदशा विकार क्या है? इसके लक्षण बताइए।
What are mood disorders? Describe its symptoms.
अथवा / OR
असामान्य व्यवहार के कारणात्मक कारकों के बारे में बताइए।
Discuss about the causal factors of abnormal behaviour.
भावदशा विकार (Mood Disorders): ये मानसिक विकार हैं जिनमें व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति (मूड) लंबे समय तक असामान्य रूप से उदास या उत्तेजित रहती है। मुख्य प्रकार हैं: अवसाद (Depression) और द्विध्रुवी विकार (Bipolar Disorder)।
लक्षण:
- अवसाद के लक्षण: लगातार उदासी, रुचि की हानि, थकान, नींद और भूख में बदलाव, अपराधबोध, एकाग्रता में कमी, आत्महत्या के विचार।
- उन्माद (Mania) के लक्षण: अत्यधिक उत्तेजना, ऊर्जा में वृद्धि, कम नींद, तेज बोलना, भव्य विचार, जोखिम भरा व्यवहार।
अथवा, असामान्य व्यवहार के कारणात्मक कारक:
- जैविक कारक: आनुवंशिकता, मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन, हार्मोनल परिवर्तन, मस्तिष्क क्षति।
- मनोवैज्ञानिक कारक: बचपन के आघात, दमित भावनाएं, कुसमायोजित विचार पैटर्न, कम आत्मसम्मान।
- सामाजिक-सांस्कृतिक कारक: पारिवारिक संघर्ष, सामाजिक अलगाव, गरीबी, सांस्कृतिक दबाव, तनावपूर्ण जीवन घटनाएं।
29. अभिक्षमता क्या है? इसके विभिन्न प्रकार लिखिए।
What is aptitude? Discuss its various types.
अथवा / OR
बुद्धि के विभिन्न सिद्धान्तों की व्याख्या कीजिए।
Explain various theories of intelligence.
अभिक्षमता (Aptitude): यह किसी व्यक्ति की जन्मजात या अर्जित क्षमता है जो उसे किसी विशेष क्षेत्र में सीखने और प्रदर्शन करने में सक्षम बनाती है। यह भविष्य में सफलता की संभावना को दर्शाती है।
अभिक्षमता के प्रकार:
- शैक्षिक अभिक्षमता: पढ़ाई, गणित, भाषा आदि में सीखने की क्षमता।
- यांत्रिक अभिक्षमता: मशीनों, उपकरणों को समझने और संचालित करने की क्षमता।
- कलात्मक अभिक्षमता: चित्रकला, संगीत, नृत्य आदि में रचनात्मकता।
- संख्यात्मक अभिक्षमता: संख्याओं और गणितीय समस्याओं को हल करने की क्षमता।
- मौखिक अभिक्षमता: भाषा के माध्यम से विचारों को व्यक्त करने और समझने की क्षमता।
- प्रशासनिक अभिक्षमता: संगठन, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता।
अथवा, बुद्धि के सिद्धांत:
- द्वि-कारक सिद्धांत (स्पीयरमैन): बुद्धि में सामान्य कारक (g) और विशिष्ट कारक (s) होते हैं।
- बहु-कारक सिद्धांत (थर्स्टन): बुद्धि सात प्राथमिक मानसिक योग्यताओं (जैसे, स्मृति, तर्क, स्थानिक) से बनी है।
- बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत (गिलफोर्ड): बुद्धि में तीन आयाम होते हैं - संक्रियाएं, सामग्री और उत्पाद।
- बहु-बुद्धि सिद्धांत (गार्डनर): बुद्धि आठ प्रकार की होती है - भाषिक, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, शारीरिक-गतिक, संगीतिक, अंतर्वैयक्तिक, अंतरावैयक्तिक और प्राकृतिक।
- बुद्धि का पदानुक्रमिक सिद्धांत (बर्ट, वर्नोन): बुद्धि को पदानुक्रम में व्यवस्थित किया गया है - सामान्य कारक, समूह कारक और विशिष्ट कारक।
प्रश्न 29
आत्म-सम्मान आत्म-नियमन से कैसे भिन्न है ?
अथवा
व्यक्तित्व की परिभाषा दीजिए। इसके मापन को प्रमुख विधियाँ बताइए।
How does self-regulation differ from self-esteem ?
OR
Define personality. Discuss its main methods of measurement.
(5 अंक)
उत्तर (विकल्प 1): आत्म-सम्मान और आत्म-नियमन में अंतर
आत्म-सम्मान (Self-esteem) किसी व्यक्ति की अपने स्वयं के मूल्य, योग्यता और महत्व के बारे में समग्र भावनात्मक मूल्यांकन है। यह इस बात से संबंधित है कि व्यक्ति स्वयं को कितना पसंद करता है और स्वयं को कितना सक्षम मानता है।
आत्म-नियमन (Self-regulation) किसी व्यक्ति की अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहारों को नियंत्रित करने और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उन्हें निर्देशित करने की क्षमता है। यह आत्म-नियंत्रण, योजना बनाने और आवेगों को प्रबंधित करने से संबंधित है।
मुख्य अंतर:
- प्रकृति: आत्म-सम्मान एक भावनात्मक मूल्यांकन है (मैं कितना अच्छा हूँ), जबकि आत्म-नियमन एक व्यवहारिक प्रक्रिया है (मैं अपने व्यवहार को कैसे नियंत्रित करूँ)।
- ध्येय: आत्म-सम्मान स्वयं के प्रति दृष्टिकोण पर केंद्रित है, जबकि आत्म-नियमन लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार पर केंद्रित है।
- प्रभाव: उच्च आत्म-सम्मान आत्मविश्वास बढ़ाता है, जबकि अच्छा आत्म-नियमन सफलता और अनुकूलन में सहायक होता है।
उत्तर (विकल्प 2): व्यक्तित्व की परिभाषा और मापन विधियाँ
व्यक्तित्व की परिभाषा: व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के स्थायी गुणों, विचारों, भावनाओं और व्यवहारों का वह अद्वितीय संगठन है जो उसे दूसरों से अलग बनाता है। यह व्यक्ति के आंतरिक और बाह्य दोनों पहलुओं को शामिल करता है।
मापन की प्रमुख विधियाँ:
- आत्म-प्रतिवेदन प्रश्नावली (Self-report inventories): जैसे MMPI, 16PF, NEO-PI-R। इनमें व्यक्ति स्वयं अपने व्यवहार और भावनाओं के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है।
- प्रक्षेपी विधियाँ (Projective techniques): जैसे रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण, थीमैटिक एपरसेप्शन टेस्ट (TAT)। इनमें अस्पष्ट उत्तेजनाओं पर व्यक्ति की प्रतिक्रियाओं के माध्यम से अवचेतन पहलुओं का मापन किया जाता है।
- व्यवहार अवलोकन (Behavioral observation): प्राकृतिक या नियंत्रित परिस्थितियों में व्यक्ति के व्यवहार का सीधा अवलोकन और रिकॉर्डिंग।
- साक्षात्कार (Interview): संरचित या असंरचित साक्षात्कार के माध्यम से व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त करना।
- जीवनी संबंधी विधि (Biographical method): व्यक्ति के जीवन इतिहास, अनुभवों और घटनाओं का विश्लेषण करना।