RBSE Class 12th 2015 Biology-SS-42-2015 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2015 |
| Subject | Biology-SS-42-2015 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2015 Biology-SS-42-2015
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Rajasthan Board Class 12th Biology-SS-42-2015 2015 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2015
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2015
जीव विज्ञान
BIOLOGY
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 56
No. of Questions — 30 SS—42—Bio.
No. of Printed Pages — 7
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
SS—42—Bio. SS-6042 [ Turn over ]
खण्ड - अ / SECTION - A
प्रश्न 1. परागकण लम्बे समय तक संरक्षित क्यों रहते हैं?
Why do pollen grains remain preserved for long time?
उत्तर / Answer:
परागकणों में एक मजबूत बाहरी आवरण (एक्साइन) होता है जो स्पोरोपोलेनिन नामक पदार्थ से बना होता है। यह पदार्थ अत्यधिक प्रतिरोधी होता है और रासायनिक तथा जैविक अपघटन से परागकणों की रक्षा करता है, जिससे वे लम्बे समय तक संरक्षित रहते हैं।
Pollen grains have a tough outer wall (exine) made of sporopollenin, which is highly resistant to chemical and biological degradation, thus preserving them for long periods.
प्रश्न पत्र संरचना / Question Paper Structure
| खण्ड / Section | प्रश्न संख्या / Q. Nos. | प्रति प्रश्न अंक / Marks per question |
|---|---|---|
| क / A | 1-3 | 1 |
| ख / B | 4-24 | 2 |
| ग / C | 25-27 | 3 |
| घ / D | 28-30 | 4 |
नोट / Note: प्रश्न क्रमांक 24, 27, 28, 29 व 30 में आंतरिक विकल्प हैं। / Question Nos. 24, 27, 28, 29 and 30 have internal choices.
SS—42—Bio. SS-6042
Biology (SS-42-2015) – Page 3
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स्टेम कोशिकाएँ क्या हैं ?
What are stem cells?उत्तर: स्टेम कोशिकाएँ वे अविभेदित कोशिकाएँ हैं जो विभिन्न प्रकार की विशिष्ट कोशिकाओं में विभेदित होने की क्षमता रखती हैं। ये स्वयं-नवीकरण (self-renewal) और विभेदन (differentiation) द्वारा शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत कर सकती हैं।
Stem cells are undifferentiated cells that have the ability to differentiate into various specialized cell types. They can repair damaged cells in the body through self-renewal and differentiation.
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दात्र कोशिका अरक्तता क्या है ?
What is sickle cell anaemia?उत्तर: दात्र कोशिका अरक्तता (Sickle cell anaemia) एक आनुवंशिक रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएँ असामान्य रूप से दरांती (sickle) के आकार की हो जाती हैं। यह हीमोग्लोबिन जीन में उत्परिवर्तन (GAG → GTG) के कारण होता है, जिससे हीमोग्लोबिन S बनता है। ये कोशिकाएँ रक्त वाहिकाओं में अवरोध उत्पन्न करती हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी और दर्द होता है।
Sickle cell anaemia is a genetic blood disorder where red blood cells become abnormally sickle-shaped. It is caused by a mutation in the haemoglobin gene (GAG → GTG), producing haemoglobin S. These cells block blood vessels, causing oxygen deficiency and pain.
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मेंडल के स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम का अपवाद क्या है ?
What is the exception to Mendel’s law of independent assortment?उत्तर: मेंडल के स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम का अपवाद जीन सहलग्नता (Gene linkage) है। जब दो जीन एक ही गुणसूत्र पर स्थित होते हैं, तो वे एक साथ वंशानुगत होते हैं और स्वतन्त्र रूप से पृथक नहीं होते। इसके अतिरिक्त, अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete dominance) और बहुएलीलता (Multiple allelism) भी अपवाद हैं।
The exception to Mendel’s law of independent assortment is gene linkage. When two genes are located on the same chromosome, they are inherited together and do not assort independently. Additionally, incomplete dominance and multiple allelism are also exceptions.
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आनुवंशिक अपवाह को परिभाषित कीजिये।
Define genetic drift.उत्तर: आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) एक छोटी जनसंख्या में एलील आवृत्तियों में यादृच्छिक परिवर्तन है, जो संयोगवश होता है। यह प्राकृतिक चयन से स्वतन्त्र होता है और जनसंख्या के आकार में कमी (जैसे बॉटलनेक प्रभाव या फाउण्डर प्रभाव) के कारण तीव्र हो सकता है।
Genetic drift is the random change in allele frequencies in a small population due to chance events. It is independent of natural selection and can be intensified by population size reduction (e.g., bottleneck effect or founder effect).
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गेहूँ की पर्ण तथा धारी-किट्ट प्रतिरोधक किस्म का नाम बताइये।
Write the name of leaf and strip resistant variety of wheat.उत्तर: गेहूँ की पर्ण तथा धारी-किट्ट (leaf and strip rust) प्रतिरोधक किस्म हिमालयन १ (Himalayan 1) या कल्याण सोना (Kalyan Sona) है। (नोट: सामान्यतः HD 2329 या PBW 343 भी प्रतिरोधक किस्में हैं।)
The leaf and strip rust resistant variety of wheat is Himalayan 1 or Kalyan Sona. (Note: Commonly HD 2329 or PBW 343 are also resistant varieties.)
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पैनीसीलीन किस कवक से प्राप्त किया जाता है ?
Penicillin is obtained from which fungus?उत्तर: पैनीसीलीन पेनिसिलियम नोटेटम (Penicillium notatum) या पेनिसिलियम क्राइसोजेनम (Penicillium chrysogenum) कवक से प्राप्त किया जाता है।
Penicillin is obtained from the fungus Penicillium notatum or Penicillium chrysogenum.
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उस जीवाणुजन्य उत्पाद का नाम बताइये जिसका उपयोग 'थक्का स्फोटन' में होता है।
Give the name of that bacterial product which is used as a ‘clot burster’.उत्तर: जीवाणुजन्य उत्पाद जो 'थक्का स्फोटन' (clot burster) में उपयोग होता है, वह स्ट्रेप्टोकाइनेज (Streptokinase) है। यह स्ट्रेप्टोकोकस जीवाणु से प्राप्त होता है और रक्त के थक्कों को घोलने में सहायक है।
The bacterial product used as a ‘clot burster’ is Streptokinase. It is obtained from Streptococcus bacteria and helps dissolve blood clots.
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दो एण्डोन्यूक्लिएज एन्जाइमों के नाम लिखिये।
Write the names of two endonuclease enzymes.उत्तर: दो एण्डोन्यूक्लिएज एन्जाइमों के नाम हैं:
- EcoRI (एस्चेरिचिया कोलाई से)
- HindIII (हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा से)
Two endonuclease enzymes are: EcoRI (from Escherichia coli) and HindIII (from Haemophilus influenzae).
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प्लाज्मिड pBR322 में पाये जाने वाले दो प्रतिजैविक प्रतिरोधी जीन के नाम लिखिये।
Write the names of two antibiotic resistant genes found in plasmid pBR322.उत्तर: प्लाज्मिड pBR322 में पाये जाने वाले दो प्रतिजैविक प्रतिरोधी जीन हैं:
- एम्पीसिलिन प्रतिरोधी जीन (ampR) – bla जीन
- टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोधी जीन (tetR) – tet जीन
The two antibiotic resistant genes found in plasmid pBR322 are: Ampicillin resistance gene (ampR) – bla gene, and Tetracycline resistance gene (tetR) – tet gene.
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इंटरनेशनल सेन्टर फॉर व्हीट एण्ड मेज कहाँ स्थित है ?
Where is the International Centre for Wheat and Maize situated?उत्तर: इंटरनेशनल सेन्टर फॉर व्हीट एण्ड मेज (CIMMYT) मेक्सिको में स्थित है। इसका मुख्यालय एल बाटन (El Batán) में है।
The International Centre for Wheat and Maize (CIMMYT) is situated in Mexico. Its headquarters is in El Batán.
खण्ड-ब / SECTION-B
प्रश्न 2
अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति को क्लोन क्यों कहा जा सकता है ? कारण दीजिये।
Why can an offspring produced by asexual reproduction be called as a clone ? Give reasons.
उत्तर: अलैंगिक जनन में केवल एक जनक भाग लेता है, जिसमें युग्मकों का संलयन नहीं होता। इस प्रक्रिया में संतति जनक के समान आनुवंशिक रूप से सर्वथा समान होती है। चूँकि संतति जनक की प्रतिकृति (कार्बन कॉपी) होती है, इसलिए इसे क्लोन कहा जाता है।
Reason: In asexual reproduction, only one parent is involved and there is no fusion of gametes. The offspring is genetically identical to the parent, hence it is called a clone.
प्रश्न 3
यदि एक शुक्राणु का अग्रपिंडक (एक्रोसोम) क्षतिग्रस्त हो जाता है तो, इससे कौनसी क्रिया प्रभावित होगी और कैसे ?
If acrosome of a sperm is damaged then which process will be affected and how ?
उत्तर: यदि शुक्राणु का एक्रोसोम क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो निषेचन (Fertilization) की क्रिया प्रभावित होगी। एक्रोसोम में हाइलूरोनिडेज़ और एक्रोसिन जैसे एंजाइम होते हैं, जो अंडाणु के चारों ओर के कोरोना रेडियेटा और ज़ोना पेलुसिडा को भेदने में सहायता करते हैं। एक्रोसोम के क्षतिग्रस्त होने पर शुक्राणु अंडाणु में प्रवेश नहीं कर पाएगा, जिससे निषेचन नहीं हो पाएगा।
If the acrosome of a sperm is damaged, the process of fertilization will be affected. The acrosome contains enzymes like hyaluronidase and acrosin which help in penetrating the corona radiata and zona pellucida of the ovum. Without a functional acrosome, the sperm cannot enter the egg, preventing fertilization.
प्रश्न 4
आप बंध्य दंपत्तियों को संतान सुख प्राप्त करने हेतु कौन से सुझाव देना उचित समझेंगे ?
What suggestions will you give to infertile couples to produce children ?
उत्तर: बंध्य दंपत्तियों को निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं:
- आई.वी.एफ. (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन): शुक्राणु और अंडाणु को प्रयोगशाला में निषेचित करके भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित करना।
- आई.सी.एस.आई. (इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन): एकल शुक्राणु को सीधे अंडाणु के कोशिकाद्रव्य में इंजेक्ट करना।
- सरोगेसी (किराए की कोख): यदि महिला गर्भ धारण करने में असमर्थ है, तो किसी अन्य महिला के गर्भ में भ्रूण विकसित कराना।
- गैमीट डोनेशन: यदि किसी एक साथी में समस्या है, तो दान किए गए शुक्राणु या अंडाणु का उपयोग करना।
Suggestions: IVF (In Vitro Fertilization), ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection), Surrogacy, and Gamete Donation.
प्रश्न 5
मरुस्थल में निवास करने वाले जन्तुओं के चार अनुकूलन दीजिये।
Give four adaptations found in animals of arid region.
उत्तर: मरुस्थलीय जन्तुओं में पाए जाने वाले चार अनुकूलन निम्नलिखित हैं:
- जल संरक्षण: ये जन्तु अत्यधिक सांद्रित मूत्र उत्सर्जित करते हैं और पसीना कम बहाते हैं (जैसे ऊँट)।
- रात्रिचर व्यवहार: दिन की तपिश से बचने के लिए ये रात में सक्रिय रहते हैं (जैसे रेगिस्तानी चूहा)।
- शारीरिक संरचना: लंबे कान और पतले अंग ऊष्मा विकिरण में सहायता करते हैं (जैसे फेनेक लोमड़ी)।
- कूबड़ में वसा संचय: ऊँट अपने कूबड़ में वसा संचित करता है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर ऊर्जा और जल में परिवर्तित किया जा सकता है।
Adaptations: Water conservation, nocturnal behavior, body structure for heat dissipation, and fat storage in hump.
प्रश्न 6
अण्डे देने हेतु बर्र उपयुक्त स्थल के लिए अंजीर के पुष्पक्रम को पसन्द करती है। कारण सहित समझाइये।
Wasp prefers inflorescence of fig tree for laying its eggs. Explain giving reasons.
उत्तर: अंजीर के पुष्पक्रम (साइकोनियम) में एक विशेष प्रकार का सह-विकास (co-evolution) पाया जाता है। अंजीर का पुष्पक्रम एक बंद थैली जैसा होता है, जिसके अंदर नर और मादा पुष्प होते हैं। बर्र (ततैया) इस पुष्पक्रम के एक छोटे से छिद्र (ओस्टियोल) से प्रवेश करती है और अपने अंडे देती है। बदले में, बर्र अंजीर के परागण में सहायता करती है। यह एक पारस्परिक लाभदायक संबंध (mutualism) है, जहाँ बर्र को सुरक्षित स्थान मिलता है और अंजीर को परागण।
The fig inflorescence (syconium) has a unique co-evolutionary relationship with the wasp. The wasp enters through a small opening (ostiole) to lay eggs, and in return, it pollinates the fig flowers. This is a mutualistic relationship.
प्रश्न 7
आप जीव विज्ञान के छात्र होने के कारण किसानों को कैसे समझायेंगे कि मधुमक्खी पालन उनके लिए आसान एवं आर्थिक दृष्टि से लाभदायक है ?
As a student of Biology how will you explain to farmers that Bee-keeping is simple and economically beneficial for them ?
उत्तर: मैं किसानों को निम्नलिखित बिंदुओं द्वारा समझाऊंगा:
- सरलता: मधुमक्खी पालन के लिए अधिक भूमि या जटिल उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती। बक्सों में मधुमक्खियों को रखा जा सकता है और इनका रखरखाव आसान है।
- आर्थिक लाभ: शहद, मोम, रॉयल जेली और पराग जैसे उत्पादों से अच्छी आय प्राप्त होती है। शहद की बाजार में हमेशा मांग रहती है।
- फसल उत्पादन में वृद्धि: मधुमक्खियाँ परागण में सहायक होती हैं, जिससे फलों और सब्जियों की पैदावार बढ़ती है और गुणवत्ता में सुधार होता है।
- कम निवेश: प्रारंभिक लागत कम होती है और यह एक अतिरिक्त आय का स्रोत है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है।
Bee-keeping is simple, requires low investment, provides products like honey and wax, and increases crop yield through pollination, making it economically beneficial.
अन्य प्रश्न (Other Questions)
प्रश्न 8
वायुमण्डल में उपस्थित चार ग्रीनहाऊस गैसों के नाम दीजिये।
Give the names of four greenhouse gases present in the atmosphere.
उत्तर: वायुमण्डल में उपस्थित चार प्रमुख ग्रीनहाऊस गैसें हैं:
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
- मीथेन (CH₄)
- नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O)
- जल वाष्प (H₂O) या ओज़ोन (O₃)
Four greenhouse gases: Carbon dioxide (CO₂), Methane (CH₄), Nitrous oxide (N₂O), and Water vapor (H₂O) or Ozone (O₃).
प्रश्न 9
त्वरित सुपोषण क्या है ?
What is accelerated Eutrophication ?
उत्तर: त्वरित सुपोषण (Accelerated Eutrophication) एक प्रक्रिया है जिसमें मानवीय गतिविधियों के कारण जल निकायों (जैसे झीलों और तालाबों) में पोषक तत्वों (विशेषकर नाइट्रोजन और फास्फोरस) की अत्यधिक मात्रा पहुँच जाती है। यह कृषि अपवाह, सीवेज और उर्वरकों के कारण होता है, जिससे शैवालों का तेजी से विकास (एल्गल ब्लूम) होता है और जल में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे जलीय जीवन प्रभावित होता है।
Accelerated eutrophication is the rapid enrichment of water bodies with nutrients (nitrogen and phosphorus) due to human activities, leading to algal blooms and oxygen depletion.
खण्ड - स (Section - C)
20. यदि वाहित मल से सूक्ष्म जीवों का निष्कासन कर दिया जाये तो इसके उपचार पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? स्पष्ट कीजिये।
What will be the effect on treatment of sewage if microbes are removed from it ? Clarify.
यदि वाहित मल (सीवेज) से सूक्ष्म जीवों को हटा दिया जाए, तो उपचार प्रक्रिया पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। सूक्ष्म जीव (जैसे बैक्टीरिया और प्रोटोजोआ) वाहित मल में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को विघटित करने और उन्हें सरल, हानिरहित पदार्थों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके बिना, कार्बनिक पदार्थ अपघटित नहीं होंगे, जिससे उपचार अप्रभावी हो जाएगा और वाहित मल पर्यावरण में प्रदूषण फैलाता रहेगा।
21. मानव जीनोम परियोजना के चार लक्ष्य लिखिए।
Write four goals of Human Genome project.
- मानव जीनोम के सभी जीनों की पहचान करना और उनका मानचित्रण करना।
- मानव डीएनए के लगभग 3 अरब आधार युग्मों (बेस पेयर्स) का अनुक्रमण (सीक्वेंसिंग) करना।
- प्राप्त आंकड़ों को डेटाबेस में संग्रहित करना और उन्हें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना।
- जीनोमिक जानकारी के उपयोग के लिए उपकरण और तकनीक विकसित करना, तथा इसके नैतिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर विचार करना।
22. पराजीनी (ट्रान्सजैनिक) जन्तुओं के जैविक उत्पादों के उत्पादन में योगदान को समझाइये।
Explain the role of transgenic animals in production of Biological products.
पराजीनी (ट्रांसजेनिक) जंतु, जिनमें विदेशी जीन प्रविष्ट कराए जाते हैं, जैविक उत्पादों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन जंतुओं को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाता है कि वे अपने दूध, रक्त या मूत्र में मानव प्रोटीन जैसे चिकित्सीय रूप से उपयोगी पदार्थों का उत्पादन करें। उदाहरण के लिए, ट्रांसजेनिक बकरियों के दूध से मानव एंटीथ्रोम्बिन (एक रक्त-पतला करने वाला प्रोटीन) का उत्पादन किया जाता है। इस प्रकार, ये जंतु जैविक उत्पादों के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक कुशल और लागत-प्रभावी प्रणाली प्रदान करते हैं।
23. आप किसी असन्तुलित परितन्त्र को बचाने के लिए क्या सुझाव देंगे ?
What suggestions will you give to save an imbalanced ecosystem?
- प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाएं, जैसे औद्योगिक अपशिष्ट और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को नियंत्रित करना।
- लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और उनके आवासों की रक्षा पर ध्यान दें।
- आक्रामक प्रजातियों को हटाकर और देशी प्रजातियों को पुनर्स्थापित करके जैव विविधता को बढ़ावा दें।
- प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करें और वनों की कटाई को रोकें।
- पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और पुनर्स्थापन के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं।
24. अनुकूली विकिरण क्या है ? उदाहरण सहित समझाइये।
What is adaptive radiation ? Explain with an example.
अनुकूली विकिरण (Adaptive Radiation): यह एक विकासवादी प्रक्रिया है जिसमें एक ही पूर्वज प्रजाति से विभिन्न पारिस्थितिक स्थानों (निकेत) में रहने के लिए कई नई प्रजातियाँ विकसित होती हैं। यह तब होता है जब जीवों का एक समूह नए वातावरण में प्रवेश करता है या जब कोई नया संसाधन उपलब्ध होता है, जिससे विभिन्न अनुकूलन विकसित होते हैं।
उदाहरण: डार्विन की फिंच चिड़ियाँ (गैलापागोस द्वीप समूह पर पाई जाने वाली) अनुकूली विकिरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। ये सभी फिंच एक ही पूर्वज से विकसित हुईं, लेकिन विभिन्न द्वीपों पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार के भोजन (जैसे बीज, कीड़े, फल) के अनुसार उनकी चोंच के आकार और आकृति में विविधता विकसित हुई।
अथवा (OR)
जन्तुओं में पायी जानेवाली समजात एवं तुल्यरूपता को उदाहरण देकर समझाइये।
Explain homology and analogy in animals by giving example.
समजात अंग (Homologous Organs): ये वे अंग हैं जिनकी मूल संरचना (उत्पत्ति) समान होती है लेकिन कार्य भिन्न होते हैं। ये साझा पूर्वजों से विकसित होते हैं।
उदाहरण: मनुष्य का हाथ, बिल्ली का पंजा, व्हेल का फ्लिपर और चमगादड़ का पंख। इन सभी की हड्डियों की मूल संरचना (ह्यूमरस, रेडियस, अल्ना, कार्पल्स, मेटाकार्पल्स, फैलेंजेस) समान है, लेकिन ये अलग-अलग कार्य (पकड़ना, चलना, तैरना, उड़ना) करते हैं।
तुल्यरूप अंग (Analogous Organs): ये वे अंग हैं जिनकी मूल संरचना भिन्न होती है लेकिन कार्य समान होते हैं। ये अभिसारी विकास (कन्वर्जेंट इवोल्यूशन) का परिणाम हैं।
उदाहरण: चमगादड़ का पंख (त्वचा से ढकी हड्डियाँ) और तितली का पंख (काइटिन से बना)। दोनों उड़ने का कार्य करते हैं, लेकिन इनकी संरचना और उत्पत्ति पूरी तरह भिन्न है।
25. भ्रूणपोष क्या है ? विभिन्न प्रकार के भ्रूणपोषों को समझाइये।
What is endosperm ? Explain various types of endosperms.
भ्रूणपोष (Endosperm): यह एक पोषक ऊतक है जो बीज के अंदर भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक पोषण प्रदान करता है। यह द्वि-निषेचन (डबल फर्टिलाइजेशन) के दौरान एक नर युग्मक (स्पर्म) के द्वितीयक केंद्रक (सेंट्रल न्यूक्लियस) से संलयन से बनता है।
भ्रूणपोष के प्रकार:
- नाभिकीय भ्रूणपोष (Nuclear Endosperm): इसमें केन्द्रक का विभाजन कोशिका भित्ति निर्माण के बिना होता है, जिससे अनेक मुक्त केन्द्रक बनते हैं। बाद में कोशिका भित्ति का निर्माण होता है। उदाहरण: नारियल (जहाँ तरल भ्रूणपोष मुक्त केन्द्रकों से बना होता है)।
- कोशिकीय भ्रूणपोष (Cellular Endosperm): इसमें केन्द्रक के प्रत्येक विभाजन के साथ कोशिका भित्ति का निर्माण होता है, जिससे शुरू से ही कोशिकाएँ बनती हैं। उदाहरण: पेटुनिया, एडोक्सा।
- हेलोबियल भ्रूणपोष (Helobial Endosperm): यह नाभिकीय और कोशिकीय प्रकार का मिश्रण है। पहले विभाजन में एक कोशिका भित्ति बनती है, जो भ्रूणपोष को दो भागों में बाँट देती है। फिर प्रत्येक भाग में नाभिकीय विभाजन होता है। उदाहरण: एस्फोडेलस (Asphodelus)।
26. सहप्रभाविता किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझाइये।
What is co-dominance ? Explain with example.
सहप्रभाविता (Co-dominance): यह एक आनुवंशिक स्थिति है जिसमें किसी जीन के दोनों युग्मविकल्पी (एलील) विषमयुग्मजी (हेटेरोज़ीगस) अवस्था में अपना प्रभाव पूरी तरह से व्यक्त करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि संतति में दोनों लक्षण एक साथ दिखाई देते हैं, न कि कोई मध्यवर्ती लक्षण।
उदाहरण: मानव में ABO रक्त समूह प्रणाली। यहाँ IA और IB एलील एक-दूसरे पर सहप्रभावी होते हैं। यदि किसी व्यक्ति में IAIB जीनोटाइप है, तो उसके रक्त में A और B दोनों प्रकार के एंटीजन पाए जाते हैं, जिससे रक्त समूह AB बनता है। यहाँ कोई भी एलील दूसरे पर प्रभावी नहीं होता; दोनों अपना प्रभाव दर्शाते हैं।
खण्ड - द / SECTION - D
प्रश्न 27.
पुनर्योगज डी.एन.ए. किसे कहते हैं ? जैल विद्युत संचालन तकनीक से डी.एन.ए. खण्डों का पृथक्करण एवं विलगन प्रक्रिया को समझाइये।
अथवा
आनुवंशिक अभियान्त्रिकी किसे कहते हैं ? पालीमरेज श्रृंखला अभिक्रिया (पी.सी.आर.) द्वारा लाभकारी जीन का प्रवर्धन किस प्रकार किया जाता है ? समझाइये।
What is Recombinant D.N.A. ? Explain the process of separation and isolation of D.N.A fragment by gel electrophoresis technique.
OR
What is Genetic engineering ? How is a beneficial gene amplified through PCR technique ? Explain. (1+2=3)
उत्तर / Answer:
पुनर्योगज डी.एन.ए. (Recombinant DNA): यह वह डी.एन.ए. अणु है जो दो भिन्न स्रोतों (जैसे विभिन्न जीवों) के डी.एन.ए. खण्डों को जोड़कर बनाया जाता है। इसे इन विट्रो (प्रयोगशाला में) तैयार किया जाता है।
जैल विद्युत संचालन (Gel Electrophoresis) द्वारा डी.एन.ए. खण्डों का पृथक्करण एवं विलगन:
- जैल तैयार करना: एगारोज जैल को एक बफर घोल में गर्म करके तैयार किया जाता है और इसे एक सांचे (ट्रे) में डालकर जमने दिया जाता है। जमने पर इसमें कुएँ (wells) बनाए जाते हैं।
- नमूना लोड करना: डी.एन.ए. के टुकड़ों को एक लोडिंग डाई के साथ मिलाकर जैल के कुओं में डाला जाता है।
- विद्युत क्षेत्र लगाना: जैल को एक विद्युत क्षेत्र (electrophoresis chamber) में रखा जाता है। डी.एन.ए. ऋणावेशित होता है, इसलिए यह धनात्मक इलेक्ट्रोड की ओर गति करता है।
- पृथक्करण: छोटे डी.एन.ए. खण्ड जैल में तेजी से चलते हैं, जबकि बड़े खण्ड धीमी गति से चलते हैं। इस प्रकार खण्ड अपने आकार के अनुसार अलग-अलग बैंड में पृथक हो जाते हैं।
- विलगन (Isolation): जैल को एथिडियम ब्रोमाइड (EtBr) जैसे डाई से रंगा जाता है और पराबैंगनी (UV) प्रकाश में देखा जाता है। वांछित बैंड को काटकर (excise) निकाल लिया जाता है और उसमें से डी.एन.ए. को शुद्ध किया जाता है।
आनुवंशिक अभियान्त्रिकी (Genetic Engineering): यह वह तकनीक है जिसमें किसी जीव के जीनोम में वांछित जीन को डालकर या हटाकर उसके आनुवंशिक गुणों में परिवर्तन किया जाता है।
पी.सी.आर. (PCR) द्वारा लाभकारी जीन का प्रवर्धन:
- अभिक्रिया मिश्रण तैयार करना: इसमें लक्ष्य डी.एन.ए., दो प्राइमर (forward और reverse), डी.एन.ए. पॉलीमरेज़ एंजाइम (Taq polymerase), डी.एन.टी.पी. (dNTPs), और बफर घोल मिलाया जाता है।
- थर्मल साइक्लिंग (Thermal Cycling): यह तीन चरणों में होता है:
- विकृतीकरण (Denaturation): 94-98°C पर डी.एन.ए. की द्विकुंडलिनी खुल जाती है और एकल श्रृंखला बनती है।
- जुड़ाव (Annealing): 50-65°C पर प्राइमर लक्ष्य डी.एन.ए. अनुक्रम से जुड़ जाते हैं।
- विस्तारण (Extension): 72°C पर Taq पॉलीमरेज़ प्राइमर से शुरू करके नई डी.एन.ए. श्रृंखला का संश्लेषण करता है।
- चक्रों की पुनरावृत्ति: इस चक्र को 25-35 बार दोहराया जाता है, जिससे लक्ष्य जीन की प्रतिलिपियाँ तेजी से बढ़ती हैं (लगभग 2n गुना, जहाँ n = चक्रों की संख्या)।
- परिणाम: कुछ ही घंटों में लाखों-करोड़ों प्रतिलिपियाँ प्राप्त हो जाती हैं, जिन्हें आगे के प्रयोगों (जैसे क्लोनिंग, अनुक्रमण) में उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 28.
न्यूक्लियोसोम किसे कहते हैं ? डी.एन.ए. की द्वि-रज्जुकोय पोलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला का चित्र बनाइये तथा इसकी संरचना को समझाइये।
अथवा
आनुवंशिक पदार्थ के गुण लिखिये। अल्फ्रेड हर्ष तथा मार्थाचेज के प्रयोग को चित्र सहित समझाइये कि डी.एन.ए. एक आनुवंशिक पदार्थ है।
What is nucleosome ? Draw diagram of double stranded polynucleotide chain of DNA and explain its structure.
OR
Write properties of genetic material. Explain with a diagram, the experiment of Alfred Hershey and Marthachase that DNA is a genetic material. (1+2+1=4)
उत्तर / Answer:
न्यूक्लियोसोम (Nucleosome): यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं में क्रोमैटिन की मूलभूत इकाई है। इसमें डी.एन.ए. हिस्टोन प्रोटीन के चारों ओर लिपटा रहता है। एक न्यूक्लियोसोम में लगभग 146 बेस जोड़े डी.एन.ए. हिस्टोन अष्टक (H2A, H2B, H3, H4 की दो-दो प्रतियाँ) के चारों ओर 1.75 चक्कर लगाता है। यह डी.एन.ए. को संघनित करने में सहायक होता है।
डी.एन.ए. की द्वि-रज्जुकोय पोलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला की संरचना:
- डी.एन.ए. दो पोलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं से बना होता है जो एक-दूसरे के चारों ओर कुंडलित होकर द्विकुंडलिनी (double helix) बनाती हैं।
- प्रत्येक श्रृंखला में न्यूक्लियोटाइड होते हैं, जिनमें तीन घटक होते हैं: एक फॉस्फेट समूह, एक डीऑक्सीराइबोज शर्करा, और एक नाइट्रोजन क्षार (एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, थाइमिन)।
- दोनों श्रृंखलाएँ हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं: एडेनिन (A) थाइमिन (T) से दो हाइड्रोजन बंधों द्वारा, और गुआनिन (G) साइटोसिन (C) से तीन हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ता है।
- श्रृंखलाएँ प्रतिसमानांतर (antiparallel) होती हैं, अर्थात एक श्रृंखला 5'→3' दिशा में और दूसरी 3'→5' दिशा में चलती है।
- डी.एन.ए. का व्यास लगभग 2 nm होता है और प्रत्येक पूर्ण चक्कर में लगभग 10 बेस जोड़े होते हैं।
(चित्र: दो समानांतर रेखाएँ जो एक-दूसरे के चारों ओर कुंडलित हैं, बीच में क्षैतिज रेखाएँ हाइड्रोजन बंधों को दर्शाती हैं।)
आनुवंशिक पदार्थ के गुण (Properties of Genetic Material):
- प्रतिकृति (Replication): यह स्वयं की प्रतिलिपि बना सकता है।
- स्थिरता (Stability): यह रासायनिक और संरचनात्मक रूप से स्थिर होता है।
- उत्परिवर्तन (Mutation): इसमें परिवर्तन (उत्परिवर्तन) हो सकते हैं, जो विकास में सहायक होते हैं।
- अभिव्यक्ति (Expression): यह प्रोटीन संश्लेषण के माध्यम से लक्षणों को नियंत्रित करता है।
- सूचना भंडारण (Information Storage): यह आनुवंशिक सूचना को संग्रहीत करता है।
हर्षे-चेज़ प्रयोग (Hershey-Chase Experiment):
- अल्फ्रेड हर्षे और मार्था चेज़ ने 1952 में यह सिद्ध किया कि डी.एन.ए. आनुवंशिक पदार्थ है।
- उन्होंने बैक्टीरियोफेज (वायरस) का उपयोग किया, जो केवल प्रोटीन और डी.एन.ए. से बने होते हैं।
- उन्होंने फेज के प्रोटीन को रेडियोधर्मी सल्फर (³⁵S) से और डी.एन.ए. को रेडियोधर्मी फॉस्फोरस (³²P) से लेबल किया।
- लेबल किए गए फेज को बैक्टीरिया (E. coli) से संक्रमित किया गया।
- संक्रमण के बाद, ब्लेंडर में हिलाकर फेज के खोल को बैक्टीरिया से अलग किया गया और सेंट्रीफ्यूज किया गया।
- परिणाम: ³²P (डी.एन.ए.) बैक्टीरिया के अंदर पाया गया, जबकि ³⁵S (प्रोटीन) बाहर के घोल में रहा। इससे सिद्ध हुआ कि डी.एन.ए. ही आनुवंशिक पदार्थ है जो संतति में स्थानांतरित होता है।
(चित्र: दो टेस्ट ट्यूब - एक में ³²P लेबल वाला फेज, दूसरे में ³⁵S लेबल वाला फेज; सेंट्रीफ्यूजेशन के बाद ³²P पेलेट में और ³⁵S सुपरनेटेंट में दिखाया गया है।)
प्रश्न 29
कोका एल्कोलाइड या कोकिन किस पादप से प्राप्त किया जाता है ? यह मानव शरीर पर क्या प्रभाव डालता है ? मॉर्फीन की रासायनिक संरचना लिखिये।
अथवा
प्रतिरक्षा किसे कहते हैं ? सक्रिय तथा निष्क्रिय प्रतिरक्षा में अन्तर लिखिये। प्रतिरक्षी अणु की संरचना का चित्र बनाइये।
From which plant is cocoa alkaloid or cocaine obtained ? What are its effects on the human body ? Write the chemical structure of morphine.
OR
What is immunity ? Differentiate between active immunity and passive immunity. Draw the diagram of structure of antibody molecule.
(1+2+1=4)
उत्तर (पहला विकल्प)
कोका एल्कोलाइड या कोकिन का स्रोत: कोका एल्कोलाइड (कोकिन) एरिथ्रॉक्सिलम कोका (Erythroxylum coca) नामक पादप से प्राप्त किया जाता है।
मानव शरीर पर प्रभाव: कोकिन एक उत्तेजक (stimulant) है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके प्रभावों में शामिल हैं:
- अल्पकालिक उत्साह और ऊर्जा में वृद्धि
- हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि
- भूख में कमी
- अधिक मात्रा में लेने पर हृदयाघात, आक्षेप, और मृत्यु का खतरा
- दीर्घकालिक उपयोग से नशे की लत और मानसिक विकार
मॉर्फीन की रासायनिक संरचना: मॉर्फीन एक ओपिओइड एल्कलॉइड है जिसका रासायनिक सूत्र C₁₇H₁₉NO₃ है। इसकी संरचना में चार वलय (rings) होते हैं: एक फिनोलिक वलय, एक एरोमैटिक वलय, और दो एलिसाइक्लिक वलय। इसमें एक हाइड्रॉक्सिल समूह (-OH) और एक मिथॉक्सी समूह (-OCH₃) भी उपस्थित होता है।
उत्तर (दूसरा विकल्प)
प्रतिरक्षा (Immunity): प्रतिरक्षा वह क्षमता है जिसके द्वारा शरीर रोगजनक सूक्ष्मजीवों और विषाक्त पदार्थों से अपनी रक्षा करता है। यह शरीर की रक्षा प्रणाली का मुख्य कार्य है।
सक्रिय तथा निष्क्रिय प्रतिरक्षा में अन्तर:
| सक्रिय प्रतिरक्षा (Active Immunity) | निष्क्रिय प्रतिरक्षा (Passive Immunity) |
|---|---|
| शरीर स्वयं एंटीबॉडी का उत्पादन करता है | बाहर से तैयार एंटीबॉडी प्रदान की जाती हैं |
| लंबे समय तक रहती है (वर्षों या जीवनभर) | अल्पकालिक होती है (कुछ सप्ताह या महीने) |
| प्रतिरक्षा स्मृति (memory) विकसित होती है | प्रतिरक्षा स्मृति विकसित नहीं होती |
| उदाहरण: टीकाकरण (vaccination), संक्रमण के बाद प्रतिरक्षा | उदाहरण: माँ से शिशु को स्तनपान के माध्यम से एंटीबॉडी |
प्रतिरक्षी अणु (एंटीबॉडी) की संरचना: एंटीबॉडी एक Y-आकार का प्रोटीन अणु है जिसमें चार पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएँ होती हैं: दो भारी (heavy) श्रृंखलाएँ और दो हल्की (light) श्रृंखलाएँ। इसमें एक परिवर्तनशील क्षेत्र (variable region) होता है जो एंटीजन से जुड़ता है, और एक स्थिर क्षेत्र (constant region) होता है। Y-आकार के सिरों पर एंटीजन-बाइंडिंग साइट (antigen-binding site) स्थित होती है।
प्रश्न 30
खाद्य श्रृंखला को परिभाषा लिखिये। यह कितने प्रकार की होती है ? खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल में अन्तर लिखिये। खाद्य श्रृंखला का आरेख चित्र बनाइये।
अथवा
परितन्त्र किसे कहते हैं ? परितन्त्र की संरचना को समझाइये तथा एक पारितंत्र के पोषण स्तर का आरेख चित्र बनाइये।
Define food chain. How many types of food chain are there ? Give difference between food chain and food web. Draw a linear diagram of food chain.
OR
What is ecosystem ? Explain the structure of ecosystem and draw a diagram of trophic levels of an ecosystem.
(1+1+1+1=4)
उत्तर (पहला विकल्प)
खाद्य श्रृंखला की परिभाषा: खाद्य श्रृंखला एक रैखिक क्रम है जिसमें एक जीव दूसरे जीव को खाता है और इस प्रकार ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर में स्थानांतरित होती है। उदाहरण: घास → हिरण → शेर।
खाद्य श्रृंखला के प्रकार: खाद्य श्रृंखला दो प्रकार की होती है:
- चराई खाद्य श्रृंखला (Grazing food chain): यह हरे पौधों (उत्पादकों) से शुरू होती है और शाकाहारी तथा मांसाहारी जीवों के माध्यम से आगे बढ़ती है।
- अपरद खाद्य श्रृंखला (Detritus food chain): यह मृत कार्बनिक पदार्थ (अपरद) से शुरू होती है और अपघटकों (decomposers) के माध्यम से आगे बढ़ती है।
खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल में अन्तर:
| खाद्य श्रृंखला (Food Chain) | खाद्य जाल (Food Web) |
|---|---|
| एक रैखिक पथ (linear path) होता है | कई आपस में जुड़ी खाद्य श्रृंखलाओं का जाल होता है |
| सरल और सीधा होता है | जटिल और बहुआयामी होता है |
| एक जीव केवल एक ही पोषण स्तर पर होता है | एक जीव कई पोषण स्तरों पर हो सकता है |
| पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा प्रवाह का एक मार्ग दर्शाता है | पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा प्रवाह के सभी मार्ग दर्शाता है |
खाद्य श्रृंखला का आरेख:
🌿 घास (उत्पादक) → 🐇 हिरण (प्राथमिक उपभोक्ता) → 🦁 शेर (द्वितीयक उपभोक्ता)
(एक सरल चराई खाद्य श्रृंखला का रैखिक आरेख)
उत्तर (दूसरा विकल्प)
पारितंत्र (Ecosystem) की परिभाषा: पारितंत्र एक जैविक समुदाय (biotic community) और उसके अजैविक (abiotic) पर्यावरण का एक कार्यात्मक इकाई है, जहाँ जीव और उनका पर्यावरण एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं।
पारितंत्र की संरचना: पारितंत्र की संरचना में दो मुख्य घटक होते हैं:
- अजैविक घटक (Abiotic components): इसमें प्रकाश, तापमान, जल, वायु, मृदा, खनिज लवण आदि शामिल हैं।
- जैविक घटक (Biotic components): इसमें उत्पादक (पौधे), उपभोक्ता (शाकाहारी, मांसाहारी, सर्वाहारी), और अपघटक (जीवाणु, कवक) शामिल हैं।
पोषण स्तरों (Trophic Levels) का आरेख:
पोषण स्तरों का पिरामिड:
🦅 शीर्ष मांसाहारी (चतुर्थक उपभोक्ता)
↑
🐍 द्वितीयक मांसाहारी (तृतीयक उपभोक्ता)
↑
🐇 प्राथमिक मांसाहारी (द्वितीयक उपभोक्ता)
↑
🐛 शाकाहारी (प्राथमिक उपभोक्ता)
↑
🌿 उत्पादक (हरे पौधे)
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