RBSE Class 12th 2016 -SS-05-2016 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2016 |
| Subject | -SS-05-2016 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2016 -SS-05-2016
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Rajasthan Board Class 12th -SS-05-2016 2016 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2016
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2016
मल्टीमीडिया और वेब टेक्नोलॉजी
MULTIMEDIA AND WEB TECHNOLOGY
ऐच्छिक (Optional)
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES.
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
No. of Questions - 30 SS-05-Multi. Web. Tech. (Opt.)
No. of Printed Pages — 7
Tear Here
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
SS-05—Multi. Web. Tech. (Opt.) | 405 | [Turn Over
2. डाटाबेस से आप क्या समझते हैं? / What do you understand by Database?
Database (डाटाबेस) एक संगठित डेटा का संग्रह है जिसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत, प्रबंधित और एक्सेस किया जा सकता है। यह डेटा को टेबल, रिकॉर्ड और फील्ड के रूप में व्यवस्थित करता है, जिससे जानकारी को आसानी से खोजा, अपडेट और प्रबंधित किया जा सके। उदाहरण: स्कूल का छात्र डेटाबेस, बैंक का ग्राहक डेटाबेस।
3. 'फोरेन की (key) क्या होती है? / What is foreign key?
Foreign Key (विदेशी कुंजी) एक टेबल में वह फील्ड (या फील्डों का समूह) होता है जो किसी दूसरी टेबल की प्राथमिक कुंजी (Primary Key) को संदर्भित करता है। इसका उपयोग दो टेबलों के बीच संबंध (relationship) स्थापित करने और डेटा अखंडता (referential integrity) बनाए रखने के लिए किया जाता है। उदाहरण: "ऑर्डर" टेबल में "ग्राहक_आईडी" फील्ड, जो "ग्राहक" टेबल की प्राथमिक कुंजी को संदर्भित करता है।
4. स्विच से आप क्या समझते हो? / What do you understand by switch?
Switch (स्विच) एक नेटवर्किंग डिवाइस है जो कंप्यूटर नेटवर्क में विभिन्न उपकरणों (जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर) को आपस में जोड़ता है। यह डेटा पैकेट को केवल उसी डिवाइस तक भेजता है जिसके लिए वह नियत होता है, जिससे नेटवर्क की दक्षता और सुरक्षा बढ़ती है। यह हब (Hub) से अधिक उन्नत होता है क्योंकि यह MAC एड्रेस के आधार पर डेटा फॉरवर्ड करता है।
5. 'फायरवाल के उपयोगों को समझाइये? / Explain the purpose of firewall?
Firewall (फायरवॉल) एक सुरक्षा प्रणाली है जो नेटवर्क ट्रैफिक को नियंत्रित करती है। इसके मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:
- अनधिकृत पहुंच को रोकना: बाहरी हमलों और अनचाहे ट्रैफिक को नेटवर्क में प्रवेश करने से रोकता है।
- डेटा सुरक्षा: संवेदनशील डेटा को चोरी या क्षति से बचाता है।
- नेटवर्क ट्रैफिक फ़िल्टरिंग: नियमों के आधार पर अनुमत और प्रतिबंधित ट्रैफिक को अलग करता है।
- लॉगिंग और मॉनिटरिंग: नेटवर्क गतिविधियों का रिकॉर्ड रखता है और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करता है।
6. सर्किट स्विचिंग को समझाइये। / Explain circuit switching.
Circuit Switching (सर्किट स्विचिंग) एक संचार विधि है जिसमें दो उपकरणों के बीच संचार शुरू होने से पहले एक समर्पित भौतिक पथ (circuit) स्थापित किया जाता है। यह पथ पूरे संचार सत्र के दौरान बना रहता है। उदाहरण: पारंपरिक टेलीफोन नेटवर्क। इसके लाभ: निरंतर और विश्वसनीय संचार। हानि: संसाधनों का अकुशल उपयोग (जब कोई डेटा ट्रांसफर नहीं हो रहा हो तब भी पथ आरक्षित रहता है)।
Bandwidth के द्वारा आप क्या समझते हो? / What do you understand by Bandwidth?
Bandwidth (बैंडविड्थ) किसी संचार चैनल पर एक निश्चित समय में अधिकतम डेटा ट्रांसफर की दर को दर्शाता है। इसे आमतौर पर बिट्स प्रति सेकंड (bps), किलोबिट्स प्रति सेकंड (Kbps), मेगाबिट्स प्रति सेकंड (Mbps) या गीगाबिट्स प्रति सेकंड (Gbps) में मापा जाता है। उच्च बैंडविड्थ का अर्थ है तेज़ डेटा ट्रांसफर। उदाहरण: 100 Mbps इंटरनेट कनेक्शन का मतलब है कि एक सेकंड में 100 मेगाबिट डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है।
7) प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर के द्वारा आप क्या समझते हैं?
What do you understand by proprietary software?
प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर है जिसका स्वामित्व किसी व्यक्ति या कंपनी के पास होता है। इसके स्रोत कोड (source code) को सार्वजनिक नहीं किया जाता और उपयोगकर्ता को इसका उपयोग करने के लिए लाइसेंस खरीदना पड़ता है। उपयोगकर्ता इसे संशोधित या पुनर्वितरित नहीं कर सकता। उदाहरण: Microsoft Windows, Adobe Photoshop.
Proprietary software is software that is owned by an individual or a company. Its source code is not made public, and users must purchase a license to use it. Users cannot modify or redistribute it. Examples: Microsoft Windows, Adobe Photoshop.
8) ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के चार उदाहरण दीजिए।
Give four examples of open source software.
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के चार उदाहरण निम्नलिखित हैं:
- Linux (ऑपरेटिंग सिस्टम)
- Mozilla Firefox (वेब ब्राउज़र)
- LibreOffice (ऑफिस सूट)
- Apache HTTP Server (वेब सर्वर)
Four examples of open source software are:
- Linux (Operating System)
- Mozilla Firefox (Web Browser)
- LibreOffice (Office Suite)
- Apache HTTP Server (Web Server)
9) पर्सनल वेब सर्वर (PWS) क्या होता है?
What is Personal Web Server?
पर्सनल वेब सर्वर (PWS) एक छोटा वेब सर्वर सॉफ्टवेयर है जो Microsoft द्वारा विकसित किया गया था। यह विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है और छोटे वेबसाइटों या व्यक्तिगत उपयोग के लिए वेब पेजों को होस्ट करने में सक्षम बनाता है। यह आमतौर पर विकास और परीक्षण उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
Personal Web Server (PWS) is a small web server software developed by Microsoft. It runs on Windows operating systems and enables hosting of web pages for small websites or personal use. It is typically used for development and testing purposes.
10) क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग के द्वारा आप क्या समझते हैं?
What do you understand by client side scripting?
क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग वह स्क्रिप्टिंग है जो वेब ब्राउज़र (क्लाइंट) पर चलती है, न कि वेब सर्वर पर। इसमें स्क्रिप्ट कोड (जैसे JavaScript) HTML पेज में शामिल किया जाता है और ब्राउज़र द्वारा निष्पादित किया जाता है। इसका उपयोग वेब पेजों को इंटरैक्टिव बनाने, फॉर्म वैलिडेशन, एनिमेशन आदि के लिए किया जाता है।
Client side scripting is scripting that runs on the web browser (client), not on the web server. The script code (e.g., JavaScript) is embedded in the HTML page and executed by the browser. It is used to make web pages interactive, for form validation, animations, etc.
11) ASP द्वारा सपोर्टेड विभिन्न डाटा टाइप्स के नाम लिखिये।
Give the names of different data types supported by ASP?
ASP (Active Server Pages) द्वारा सपोर्टेड विभिन्न डाटा टाइप्स निम्नलिखित हैं:
- Integer (पूर्णांक)
- String (स्ट्रिंग)
- Double (दशमलव संख्या)
- Boolean (बूलियन - True/False)
- Date (दिनांक)
- Currency (मुद्रा)
- Object (ऑब्जेक्ट)
- Variant (वैरिएंट - कोई भी डाटा टाइप)
Different data types supported by ASP are:
- Integer
- String
- Double
- Boolean
- Date
- Currency
- Object
- Variant
12) फ्रेम बफर को परिभाषित कीजिए।
Define frame buffer.
फ्रेम बफर एक मेमोरी क्षेत्र (memory area) है जो कंप्यूटर ग्राफिक्स में उपयोग होता है। यह स्क्रीन पर प्रदर्शित होने वाले प्रत्येक पिक्सेल के लिए रंग और अन्य डेटा को संग्रहीत करता है। फ्रेम बफर में डेटा को लगातार अपडेट किया जाता है और फिर डिस्प्ले डिवाइस पर भेजा जाता है ताकि छवि प्रदर्शित हो सके।
Frame buffer is a memory area used in computer graphics. It stores color and other data for each pixel to be displayed on the screen. The data in the frame buffer is continuously updated and then sent to the display device to render the image.
3) फ्लैश मूवी पब्लिशिंग के द्वारा आप क्या समझते हैं?
What do you understand by publishing a flash movie?
फ्लैश मूवी पब्लिशिंग का अर्थ है कि फ्लैश में बनाई गई मूवी (जैसे एनिमेशन, गेम या इंटरैक्टिव कंटेंट) को एक ऐसे फॉर्मेट में बदलना जिसे वेब ब्राउज़र, मोबाइल डिवाइस या अन्य प्लेटफॉर्म पर देखा जा सके। इसमें मुख्य रूप से .swf फाइल बनाई जाती है, जिसे फ्लैश प्लेयर की मदद से चलाया जाता है। पब्लिशिंग के दौरान सेटिंग्स जैसे कि रिज़ॉल्यूशन, फ्रेम रेट और कम्प्रेशन को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
4) SWF फाइल का क्या उपयोग है?
What is the use of SWF file?
SWF (Shockwave Flash) फाइल का उपयोग फ्लैश मूवी, एनिमेशन, गेम और इंटरैक्टिव कंटेंट को वेब पर प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। यह एक कम्प्रेस्ड फॉर्मेट है जो छोटे फाइल साइज में उच्च गुणवत्ता वाला ग्राफिक्स और ऑडियो प्रदान करता है। SWF फाइल को फ्लैश प्लेयर या ब्राउज़र प्लगइन के माध्यम से चलाया जाता है।
5) MS Access में हम प्राइमरी की (key) कैसे सेट करते हैं?
How do we set primary key in MS Access?
MS Access में प्राइमरी की सेट करने के चरण:
- डेटाबेस खोलें और उस टेबल को डिज़ाइन व्यू में खोलें जिसमें प्राइमरी की सेट करनी है।
- उस फील्ड (या फील्ड्स) का चयन करें जिसे प्राइमरी की बनाना है।
- रिबन में डिज़ाइन टैब पर जाएं और प्राइमरी की (Primary Key) बटन पर क्लिक करें।
- चयनित फील्ड के आगे एक कुंजी का चिह्न (🔑) दिखाई देगा, जो दर्शाता है कि प्राइमरी की सेट हो गई है।
प्राइमरी की हर रिकॉर्ड को विशिष्ट रूप से पहचानने में मदद करती है और डुप्लिकेट एंट्री को रोकती है।
6) टेबल रिलेशनशिप को समझाइए।
Explain the table relationship.
टेबल रिलेशनशिप का अर्थ है दो या दो से अधिक टेबलों के बीच एक संबंध स्थापित करना, ताकि डेटा को एकीकृत रूप से उपयोग किया जा सके। यह रिलेशनल डेटाबेस का मुख्य सिद्धांत है। मुख्य प्रकार:
- एक-से-एक (One-to-One): एक टेबल का एक रिकॉर्ड दूसरी टेबल के एक ही रिकॉर्ड से संबंधित होता है।
- एक-से-अनेक (One-to-Many): एक टेबल का एक रिकॉर्ड दूसरी टेबल के कई रिकॉर्ड से संबंधित होता है (सबसे सामान्य)।
- अनेक-से-अनेक (Many-to-Many): दोनों टेबलों के कई रिकॉर्ड एक-दूसरे से संबंधित होते हैं, जिसके लिए एक जंक्शन टेबल की आवश्यकता होती है।
रिलेशनशिप बनाने से डेटा रिडंडेंसी कम होती है और डेटा इंटीग्रिटी बनी रहती है।
7) लोकल एरिया नेटवर्क के द्वारा आप क्या समझते हैं?
What do you understand by Local Area Network (LAN)?
लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) एक ऐसा नेटवर्क है जो एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र, जैसे कि एक कार्यालय, स्कूल या भवन में कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को आपस में जोड़ता है। LAN की विशेषताएं:
- उच्च डेटा ट्रांसफर दर (आमतौर पर 100 Mbps से 1 Gbps या अधिक)।
- कम लागत और आसान स्थापना।
- संसाधनों (जैसे प्रिंटर, फाइलें) को साझा करने की सुविधा।
- आमतौर पर ईथरनेट या वाई-फाई तकनीक का उपयोग होता है।
8) हैकर्स एवं क्रैकर्स से आप क्या समझते हैं?
What do you understand by Hackers and Crackers?
हैकर्स (Hackers) वे लोग होते हैं जो कंप्यूटर सिस्टम और नेटवर्क की सुरक्षा कमजोरियों को खोजते हैं, लेकिन वे आमतौर पर इनका उपयोग सिस्टम को बेहतर बनाने या ज्ञान प्राप्त करने के लिए करते हैं (एथिकल हैकिंग)।
क्रैकर्स (Crackers) वे लोग होते हैं जो सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश करते हैं, डेटा चुराते हैं, नुकसान पहुंचाते हैं या सॉफ्टवेयर को क्रैक करते हैं। वे अवैध गतिविधियों में लिप्त होते हैं और उन्हें "ब्लैक हैट हैकर्स" भी कहा जाता है।
सरल शब्दों में: हैकर्स सुरक्षा में सुधार करते हैं, जबकि क्रैकर्स सुरक्षा तोड़ते हैं।
9) भारतीय साइबर कानून के द्वारा आप क्या समझते हो ?
What do you understand by Indian Cyber Law?
भारतीय साइबर कानून (Indian Cyber Law) से तात्पर्य उन कानूनी प्रावधानों से है जो इंटरनेट, कंप्यूटर, डिजिटल डेटा और साइबर स्पेस से संबंधित अपराधों को नियंत्रित करते हैं। भारत में मुख्य साइबर कानून सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000) है। यह कानून डिजिटल हस्ताक्षर, साइबर अपराध (जैसे हैकिंग, डेटा चोरी, पहचान की चोरी), ऑनलाइन धोखाधड़ी, और इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन को वैधता प्रदान करता है। इसका उद्देश्य साइबर स्पेस में सुरक्षा, गोपनीयता और न्याय सुनिश्चित करना है।
20) ASP के फिचर्स को समझाइए।
Explain the features of ASP?
ASP (Active Server Pages) की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग: ASP कोड सर्वर पर प्रोसेस होता है, जिससे क्लाइंट को केवल HTML आउटपुट मिलता है।
- डेटाबेस कनेक्टिविटी: ADO (ActiveX Data Objects) के माध्यम से डेटाबेस से आसानी से जुड़ा जा सकता है।
- स्टेट मैनेजमेंट: Session और Application ऑब्जेक्ट्स के जरिए उपयोगकर्ता सत्र और एप्लिकेशन-स्तरीय डेटा को प्रबंधित किया जा सकता है।
- कस्टम कंपोनेंट्स: COM (Component Object Model) कंपोनेंट्स का उपयोग करके कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है।
- सरलता और लचीलापन: VBScript या JScript जैसी स्क्रिप्टिंग भाषाओं का उपयोग करके डायनामिक वेब पेज बनाए जा सकते हैं।
2) निम्नलिखित फंक्शन के ASP में उद्देश्यों को समझाइए :
Explain the purpose of following functions in ASP:
i) Abs ( )
ii) CSng ( )
- Abs ( ) फंक्शन: यह किसी संख्या का निरपेक्ष मान (absolute value) लौटाता है। उदाहरण:
Abs(-5)का आउटपुट5होगा। इसका उपयोग ऋणात्मक संख्याओं को धनात्मक में बदलने के लिए किया जाता है। - CSng ( ) फंक्शन: यह किसी एक्सप्रेशन को Single डेटा प्रकार (एकल-सटीक फ्लोटिंग-पॉइंट संख्या) में परिवर्तित करता है। उदाहरण:
CSng("123.45")संख्या123.45को Single प्रकार में बदल देगा। इसका उपयोग डेटा प्रकार रूपांतरण के लिए किया जाता है।
22) OLEDB क्या है?
What is OLEDB?
OLEDB (Object Linking and Embedding Database) माइक्रोसॉफ्ट का एक डेटाबेस एक्सेस तकनीक है जो विभिन्न प्रकार के डेटा स्रोतों (जैसे रिलेशनल डेटाबेस, स्प्रेडशीट, टेक्स्ट फाइल) तक पहुँचने के लिए एक समान इंटरफेस प्रदान करता है। यह COM (Component Object Model) पर आधारित है और ADO (ActiveX Data Objects) के माध्यम से उपयोग किया जाता है। OLEDB का मुख्य उद्देश्य डेटा तक पहुँच को सरल और एकीकृत बनाना है, चाहे डेटा किसी भी प्रारूप में हो।
23) किसी लेयर को हाईड करना एवं लॉक करने के मध्य क्या अन्तर है?
What is the difference between hiding a layer and locking a layer?
| पहलू | लेयर को हाईड करना (Hiding) | लेयर को लॉक करना (Locking) |
|---|---|---|
| दृश्यता | लेयर अदृश्य हो जाती है (दिखाई नहीं देती)। | लेयर दिखाई देती है, लेकिन उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। |
| संपादन | लेयर को संपादित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह दिखाई नहीं देती। | लेयर को संपादित नहीं किया जा सकता, लेकिन उसकी सामग्री देखी जा सकती है। |
| उपयोग | अस्थायी रूप से लेयर को छिपाने के लिए (जैसे काम करते समय ध्यान भटकने से बचने के लिए)। | लेयर को आकस्मिक बदलावों से बचाने के लिए (जैसे पूर्ण किए गए डिज़ाइन को सुरक्षित रखना)। |
24) फ्लेश के अन्दर लाईब्रेरी का क्या उपयोग है?
What is the use of library in flash?
उत्तर: फ्लैश में लाइब्रेरी का उपयोग सिंबल (जैसे ग्राफिक्स, बटन, मूवी क्लिप) को स्टोर और प्रबंधित करने के लिए किया जाता है। यह पुन: उपयोग की सुविधा देती है, जिससे एक ही सिंबल को कई बार उपयोग किया जा सकता है और फाइल का आकार छोटा रहता है।
Answer: The library in Flash is used to store and manage symbols (such as graphics, buttons, and movie clips). It allows reuse of symbols, reducing file size and enabling efficient editing.
25) DBMS के लाभ एवम हानीयों का वर्णन करो।
Explain the advantages and disadvantages of DBMS.
उत्तर:
लाभ (Advantages):
- डेटा रिडंडेंसी (अनावश्यकता) को कम करता है।
- डेटा इंटीग्रिटी (सटीकता) बनाए रखता है।
- डेटा सुरक्षा प्रदान करता है।
- डेटा एक्सेस आसान और तेज होता है।
- एक साथ कई उपयोगकर्ता डेटा का उपयोग कर सकते हैं।
हानियाँ (Disadvantages):
- उच्च लागत (हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, प्रशिक्षण)।
- जटिलता अधिक होती है।
- सिस्टम फेल होने पर डेटा हानि का जोखिम।
- प्रबंधन और रखरखाव में समय लगता है।
26) कम्प्युटर नेटवर्क क्या है? इसके विभिन्न घटकों को समझाइए।
What is computer network? Explain its different components.
उत्तर: कम्प्यूटर नेटवर्क दो या अधिक कम्प्यूटरों का एक समूह है जो आपस में जुड़े होते हैं ताकि वे डेटा और संसाधन साझा कर सकें।
विभिन्न घटक (Components):
- नोड (Node): नेटवर्क से जुड़ा कोई भी उपकरण (जैसे कम्प्यूटर, प्रिंटर)।
- ट्रांसमिशन मीडियम (Transmission Medium): डेटा संचार का माध्यम (जैसे केबल, फाइबर ऑप्टिक, वायरलेस)।
- नेटवर्क इंटरफेस कार्ड (NIC): हार्डवेयर जो कम्प्यूटर को नेटवर्क से जोड़ता है।
- स्विच/राउटर (Switch/Router): डेटा को सही गंतव्य तक पहुँचाने वाले उपकरण।
- प्रोटोकॉल (Protocol): डेटा संचार के नियम (जैसे TCP/IP)।
27) सर्वर आबजेक्ट से आपका क्या मतलब है?
What do you mean by server object?
उत्तर: सर्वर ऑब्जेक्ट एक ASP (Active Server Pages) ऑब्जेक्ट है जो सर्वर-साइड प्रोसेसिंग के लिए उपयोग होता है। यह सर्वर की विशेषताओं और विधियों तक पहुँच प्रदान करता है, जैसे कि सर्वर पर फाइल बनाना, डेटाबेस कनेक्शन प्रबंधित करना, और स्क्रिप्ट टाइमआउट सेट करना।
Answer: A server object is an ASP object used for server-side processing. It provides access to server properties and methods, such as creating files, managing database connections, and setting script timeouts.
28) एक उदाहरण के साथ विभिन्न प्रकार के ASP कंट्रोल स्टेटमेन्ट्स को समझाइए।
Explain the different types of ASP control statements with an example.
उत्तर: ASP में नियंत्रण कथन (Control Statements) प्रोग्राम के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। मुख्य प्रकार हैं:
- If...Then...Else: शर्त के आधार पर कोड निष्पादित करता है।
- Select Case: एकाधिक शर्तों की जाँच करता है।
- For...Next: निश्चित संख्या में लूप चलाता है।
- Do While/Until: शर्त सत्य होने तक लूप चलाता है।
उदाहरण (Example):
<%
Dim score
score = 85
If score >= 75 Then
Response.Write("पास (Pass)")
Else
Response.Write("फेल (Fail)")
End If
%>
यह कोड स्कोर के आधार पर पास या फेल प्रिंट करता है।
29) विभिन्न स्ट्रिंग मेनूपुलेशन फंक्शन को विस्तार में, उदाहरण सहित समझाइए।
Explain the different string manipulation functions with example.
उत्तर: स्ट्रिंग मैनिपुलेशन फंक्शन स्ट्रिंग डेटा को संशोधित और विश्लेषित करने के लिए उपयोग होते हैं। कुछ महत्वपूर्ण फंक्शन:
- Len(): स्ट्रिंग की लंबाई बताता है।
उदाहरण:Len("Hello")= 5 - Mid(): स्ट्रिंग का एक भाग निकालता है।
उदाहरण:Mid("Rajasthan", 2, 4)= "ajas" - Left()/Right(): बाएँ/दाएँ से निश्चित अक्षर निकालता है।
उदाहरण:Left("Board", 3)= "Boa" - UCase()/LCase(): स्ट्रिंग को अपर/लोअर केस में बदलता है।
उदाहरण:UCase("exam")= "EXAM" - Trim(): स्ट्रिंग के आगे-पीछे के स्पेस हटाता है।
उदाहरण:Trim(" Hello ")= "Hello" - Replace(): एक सबस्ट्रिंग को दूसरे से बदलता है।
उदाहरण:Replace("abc abc", "abc", "xyz")= "xyz xyz"
30) विभिन्न प्रकार की फ्लैश Layers को समझाइए। [4]
Explain the different kinds of layers in flash?
फ्लैश में मुख्यतः तीन प्रकार की Layers होती हैं:
- Normal Layer (सामान्य लेयर): यह डिफ़ॉल्ट लेयर होती है जिसमें ग्राफिक्स, टेक्स्ट और एनिमेशन ऑब्जेक्ट रखे जाते हैं। इसमें सभी ऑब्जेक्ट एक-दूसरे के ऊपर दिखाई देते हैं।
- Guide Layer (गाइड लेयर): इसका उपयोग मोशन गाइड के रूप में किया जाता है। यह एनिमेशन के पथ (path) को परिभाषित करती है, जिस पर ऑब्जेक्ट चलता है। यह अंतिम आउटपुट में दिखाई नहीं देती।
- Mask Layer (मास्क लेयर): इसका उपयोग किसी दूसरी लेयर के कुछ हिस्सों को छिपाने या दिखाने के लिए किया जाता है। मास्क लेयर में बनाई गई आकृति के माध्यम से नीचे की लेयर का केवल वही भाग दिखाई देता है।
Additional Types:
- Folder Layer: कई लेयर्स को एक साथ व्यवस्थित करने के लिए फोल्डर का उपयोग किया जाता है।
- Motion Tween Layer: मोशन ट्वीन एनिमेशन के लिए विशेष लेयर।
फ्लैश में लेयर्स का उपयोग एनिमेशन को व्यवस्थित करने और जटिल प्रभाव बनाने में किया जाता है।