RBSE Class 12th 2017 -SS-42-2017 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2017
Subject -SS-42-2017
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th -SS-42-2017 2017 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2017

SENIOR SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2017

जीव विज्ञान

BIOLOGY

समय : 3¼ घण्टे      पूर्णांक : 56


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.

No. of Questions — 30      SS-42-Bio. (Supp.)

No. of Printed Pages — 1

SS-42-Bio. [ 29 ] [ Turn Over

निर्देश / Instructions

  1. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।

    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।

    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

खण्ड / Section — प्रश्न संख्या / Q. Nos. — अंक / Marks per question

खण्ड / Section प्रश्न संख्या / Q. Nos. अंक / Marks per question
A 1 – 3 1
B 4 – 24 2
C 25 – 27 3
D 28 – 30 4

प्रश्न क्रमांक 24, 27, 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।

Question Nos. 24, 27, 28, 29 and 30 have internal choices.

SS—42-Bio. 29

खण्ड - अ
SECTION - A

  1. मदचक्र को परिभाषित कीजिये। [1]
    Define oestrus cycle.

    उत्तर / Answer: मदचक्र (Oestrus cycle) मादा स्तनधारियों में होने वाला एक आवर्ती शारीरिक परिवर्तन है जो यौन ग्रहणशीलता (मद) और प्रजनन क्षमता से जुड़ा होता है। यह मासिक धर्म चक्र से भिन्न होता है क्योंकि इसमें एंडोमेट्रियम का पुनर्शोषण होता है, न कि स्त्राव।

  2. आन्तरिक निषेचन प्रदर्शित करनेवाले जीवों के नर युग्मक की विशेषता बताइये। [1]
    Mention the characteristic of male gamete in organisms exhibiting internal fertilization.

    उत्तर / Answer: आन्तरिक निषेचन प्रदर्शित करने वाले जीवों में नर युग्मक (शुक्राणु) की मुख्य विशेषता यह है कि वे गतिशील (motile) होते हैं और उनमें एक लंबी पूंछ (flagellum) पाई जाती है, जो उन्हें मादा प्रजनन पथ में तैरने में सहायता करती है।

  3. वाटर लिली में परागण किस माध्यम से होता है? [1]
    Pollination in water lily takes place by which medium?

    उत्तर / Answer: वाटर लिली (जलकुम्भी) में परागण कीटों (insects) द्वारा होता है। यह एक कीट-परागित (entomophilous) पादप है।

  4. नवजात स्वस्थ शिशु की वृद्धि एवं विकास के लिए आप पोषण सम्बंधी क्या सलाह देंगे? [1]
    For development and growth of a healthy infant what nutritional suggestion will you recommend?

    उत्तर / Answer: नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम पोषण माँ का दूध (स्तनपान) है। यह सभी आवश्यक पोषक तत्व, प्रतिरक्षी (antibodies) और ऊर्जा प्रदान करता है। कम से कम 6 माह तक केवल स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है।

  5. एम टी पी का विस्तृत रूप लिखिये। [1]
    Write full form of MTP.

    उत्तर / Answer: MTP का विस्तृत रूप Medical Termination of Pregnancy (गर्भावस्था की चिकित्सकीय समाप्ति) है।

  6. संकरण द्वारा सरसों की कौन सी किस्म तैयार की गई जो श्वेत किट्ट रोग के लिए प्रतिरोधक है? [1]
    Which variety of Brassica having resistance for white-rust disease is prepared by hybridization?

    उत्तर / Answer: संकरण द्वारा सरसों की Pusa Swarnim (Karan Rai) किस्म तैयार की गई है, जो श्वेत किट्ट रोग (white rust disease) के लिए प्रतिरोधक है।

SS—42-Bio. 29 [ Turn Over ]

7) पुरूष साथी बन्ध्यता की अवस्था में गर्भधारण के लिए आप किस तकनीक का उपयोग करने की सलाह देंगे? [4]

In case of male partner infertility which technique will you suggest for conceiving?

उत्तर: पुरुष बन्ध्यता की अवस्था में गर्भधारण के लिए ICSI (Intra Cytoplasmic Sperm Injection) तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक में एक एकल शुक्राणु को सीधे अंडाणु के कोशिकाद्रव्य में इंजेक्ट किया जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम हो या उनकी गतिशीलता कम हो।

Answer: In case of male infertility, ICSI (Intra Cytoplasmic Sperm Injection) technique is suggested for conceiving. In this technique, a single sperm is directly injected into the cytoplasm of the egg. This technique is especially useful when sperm count is very low or sperm motility is poor.

8) उन्नयक का कार्य क्या होता है? [4]

What is the function of Promoter?

उत्तर: उन्नयक (Promoter) DNA का वह क्षेत्र होता है जो जीन के अभिव्यक्ति (transcription) को नियंत्रित करता है। इसका मुख्य कार्य RNA पॉलीमरेज़ एंजाइम को जीन के प्रारंभिक बिंदु पर बांधने में सहायता करना और ट्रांसक्रिप्शन की शुरुआत को सुनिश्चित करना है। यह जीन के ऊपर (upstream) स्थित होता है और ट्रांसक्रिप्शन की दर को नियंत्रित करता है।

Answer: A promoter is a region of DNA that controls gene expression (transcription). Its main function is to help RNA polymerase enzyme bind to the starting point of the gene and ensure the initiation of transcription. It is located upstream of the gene and regulates the rate of transcription.

9) प्राकृतिक वरण का सिद्धान्त किसने दिया? [1]

Who proposed the theory of natural selection?

उत्तर: प्राकृतिक वरण का सिद्धान्त चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) ने दिया था।

Answer: The theory of natural selection was proposed by Charles Darwin.

10) “स्विस चीज़' बनाने में किस जीवाणु का उपयोग किया जाता है? [1]

Which bacterium is used in preparation of 'Swiss Cheese'?

उत्तर: स्विस चीज़ बनाने में प्रोपियोनिबैक्टीरियम शेरमैनी (Propionibacterium shermanii) जीवाणु का उपयोग किया जाता है। यह जीवाणु कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करता है जिससे चीज़ में छेद (holes) बनते हैं।

Answer: Propionibacterium shermanii bacterium is used in the preparation of Swiss Cheese. This bacterium produces carbon dioxide gas which creates holes in the cheese.

11) वंशावली विश्लेषण किसे कहते है? [1]

What is Pedigree Analysis?

उत्तर: वंशावली विश्लेषण (Pedigree Analysis) एक आनुवंशिक अध्ययन विधि है जिसमें किसी परिवार में कई पीढ़ियों तक किसी विशेष लक्षण या रोग के वंशानुक्रम का अध्ययन किया जाता है। इसे वंश वृक्ष (family tree) के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जिसमें पुरुषों को वर्ग (square) और महिलाओं को वृत्त (circle) से दर्शाया जाता है।

Answer: Pedigree Analysis is a genetic study method in which the inheritance of a particular trait or disease is studied over several generations in a family. It is presented in the form of a family tree where males are represented by squares and females by circles.

12) सैनिटरी लैण्डफिल्स क्या होते है? [1]

What are sanitary landfills?

उत्तर: सैनिटरी लैण्डफिल्स (Sanitary Landfills) ठोस अपशिष्ट निपटान की एक विधि है जिसमें कचरे को जमीन में गड्ढे खोदकर उसमें डाला जाता है और फिर उसे मिट्टी की परत से ढक दिया जाता है। यह पर्यावरण के अनुकूल तरीका है जिसमें कचरे को सड़ने और गैस उत्पन्न करने के लिए छोड़ दिया जाता है।

Answer: Sanitary landfills are a method of solid waste disposal in which waste is dumped into pits dug in the ground and then covered with a layer of soil. It is an environmentally friendly method where waste is left to decompose and produce gas.

13) वायुमण्डल में अच्छा ओजोन किस भाग में पाया जाता है? [1]

In which part of atmosphere good ozone is present?

उत्तर: वायुमण्डल में अच्छा ओजोन समताप मण्डल (Stratosphere) में पाया जाता है। यह ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है और पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है।

Answer: Good ozone is present in the Stratosphere of the atmosphere. This ozone layer absorbs harmful ultraviolet (UV) rays coming from the sun and protects life on Earth.

खण्ड - ब / SECTION - B

4. अण्डजनन क्या होता है? अण्डजनन की क्रिया संक्षिप्त में समझाइये। [1+1=2]

What is oogenesis? Explain in brief the process of oogenesis.

अण्डजनन (Oogenesis): यह वह प्रक्रिया है जिसमें अंडाशय में अण्डाणु (female gamete) का निर्माण होता है। यह अर्धसूत्री विभाजन द्वारा होता है।

प्रक्रिया:

  1. गुणन काल: अंडाशय की जनन कोशिकाएँ (oogonia) माइटोसिस द्वारा विभाजित होकर अनेक अण्डजनक कोशिकाएँ बनाती हैं।
  2. वृद्धि काल: प्राथमिक अण्डजनक कोशिका (primary oocyte) आकार में बढ़ती है और इसमें पोषक पदार्थ जमा होते हैं।
  3. परिपक्वता काल: प्राथमिक अण्डजनक कोशिका अर्धसूत्री विभाजन-I द्वारा एक बड़ी द्वितीयक अण्डजनक कोशिका (secondary oocyte) और एक छोटी प्रथम ध्रुवीय कोशिका (first polar body) बनाती है। द्वितीयक अण्डजनक कोशिका अर्धसूत्री विभाजन-II द्वारा एक अंडाणु (ovum) और द्वितीय ध्रुवीय कोशिका बनाती है।

5. आनुवंशिक कूट की परिभाषा लिखिये। इसकी विशेषताएं बताइये। [1+1=2]

Define genetic code. Mention its salient features.

आनुवंशिक कूट (Genetic Code): यह न्यूक्लियोटाइड्स (कोडॉन) का एक त्रिक क्रम है जो mRNA पर स्थित होता है और प्रोटीन संश्लेषण के दौरान एक विशिष्ट अमीनो अम्ल को निर्दिष्ट करता है।

विशेषताएं:

  • त्रिक कोड: प्रत्येक कोडॉन तीन न्यूक्लियोटाइड्स से बना होता है।
  • अस्पष्ट नहीं: एक कोडॉन केवल एक अमीनो अम्ल को निर्दिष्ट करता है।
  • अपभ्रष्ट: एक अमीनो अम्ल को एक से अधिक कोडॉन निर्दिष्ट कर सकते हैं।
  • सार्वभौमिक: सभी जीवों में आनुवंशिक कूट समान होता है।
  • प्रारंभ कोडॉन: AUG (मेथियोनीन) प्रारंभ कोडॉन है।
  • समाप्ति कोडॉन: UAA, UAG, UGA समाप्ति कोडॉन हैं जो प्रोटीन संश्लेषण को रोकते हैं।

6. मानव के उद्भव एवं विकास को समझाइये। [2]

Explain origin and evolution of man.

मानव का उद्भव और विकास निम्नलिखित चरणों में हुआ:

  1. ड्रायोपिथेकस (Dryopithecus): लगभग 2.5 करोड़ वर्ष पूर्व, वानर जैसा पूर्वज, वृक्षवासी।
  2. रामापिथेकस (Ramapithecus): लगभग 1.5 करोड़ वर्ष पूर्व, सीधा चलने वाला प्रारंभिक मानव।
  3. आस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecus): लगभग 40 लाख वर्ष पूर्व, द्विपाद, पत्थर के औजारों का उपयोग।
  4. होमो हैबिलिस (Homo habilis): लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व, औजार बनाने वाला पहला मानव।
  5. होमो इरेक्टस (Homo erectus): लगभग 15 लाख वर्ष पूर्व, आग का उपयोग, बड़ा मस्तिष्क।
  6. होमो निएंडरथेलेंसिस (Homo neanderthalensis): लगभग 1 लाख वर्ष पूर्व, शवों को दफनाना, भाषा का विकास।
  7. होमो सेपियन्स (Homo sapiens): लगभग 40,000 वर्ष पूर्व, आधुनिक मानव, कला और संस्कृति का विकास।

7. किशोरों में ऐल्कोहल और ड्रग के कुप्रभावों को रोकने के लिये कोई चार सुझाव बताइये। [4×½=2]

What four measures will you suggest for prevention and control of alcohol and drugs abuse among adolescents?

  • शिक्षा और जागरूकता: स्कूलों और समुदाय में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
  • परिवार का सहयोग: माता-पिता और बच्चों के बीच खुला संवाद, सकारात्मक पारिवारिक वातावरण बनाना।
  • स्वस्थ विकल्प: खेल, कला, संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • कानूनी कार्रवाई: नशीले पदार्थों की बिक्री और वितरण पर सख्त नियंत्रण और दंड का प्रावधान।

8. मौन पालन की उपयोगिता बताइये। सफल मौन पालन में किन मुख्य बिन्दुओं का ज्ञान आवश्यक है? [1+1=2]

Write the usefulness of apiculture. Which points are important for successful bee-keeping?

मौन पालन की उपयोगिता (Usefulness of Apiculture):

  • शहद का उत्पादन, जो पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर होता है।
  • मोम का उत्पादन, जो मोमबत्ती, कॉस्मेटिक आदि में उपयोग होता है।
  • परागण में सहायता, जिससे फसलों की उपज बढ़ती है।
  • रोजगार के अवसर और आय का स्रोत।

सफल मौन पालन के लिए आवश्यक बिन्दु:

  • उपयुक्त मधुमक्खी प्रजाति का चयन (जैसे एपिस मेलिफेरा)।
  • मधुमक्खी के बक्से (hive) का सही स्थान और रखरखाव।
  • पर्याप्त चारा (फूलों) की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • रोगों और कीटों से बचाव के उपाय।
  • शहद निकालने की सही विधि और समय।

9. आनुवंशिक रूपान्तरित जीव किसे कहते हैं? इन पौधों के खेती में उपयोग से होने वाले कोई तीन लाभ बताइये। [1+1½=2½]

Define Genetically Modified Organisms. Mention three uses of these plants used in agriculture.

आनुवंशिक रूपान्तरित जीव (Genetically Modified Organisms - GMOs): ये वे जीव हैं जिनमें आनुवंशिक अभियांत्रिकी तकनीक द्वारा विदेशी जीन प्रविष्ट कराकर उनके गुणों में वांछित परिवर्तन किया जाता है।

कृषि में उपयोग से तीन लाभ:

  • कीट प्रतिरोध: जैसे Bt कपास में कीटों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता, जिससे कीटनाशकों का उपयोग कम होता है।
  • शाकनाशी सहनशीलता: फसलें शाकनाशियों को सहन कर सकती हैं, जिससे खरपतवार नियंत्रण आसान होता है।
  • पोषण गुणवत्ता में सुधार: जैसे गोल्डन राइस में विटामिन A की मात्रा बढ़ाई गई है, जिससे कुपोषण कम होता है।

20) जीन चिकित्सा की परिभाषा लिखिये। इसका प्रथम प्रयोग किस रोग के उपचार के लिये किया गया? [1+1=2]

Define gene therapy. Its first implementation was done for curing which disease?

जीन चिकित्सा (Gene Therapy): यह एक चिकित्सा पद्धति है जिसमें रोग के उपचार या रोकथाम के लिए किसी व्यक्ति की कोशिकाओं में जीन को डाला, हटाया या संशोधित किया जाता है।

प्रथम प्रयोग: इसका प्रथम प्रयोग SCID (Severe Combined Immunodeficiency) नामक रोग के उपचार के लिए किया गया था, जो एडेनोसिन डेमिनेज (ADA) एंजाइम की कमी के कारण होता है।


21) i) मरूस्थलीय पादपों में पाये जाने वाले अनुकूलन बताइये। ii) ठंडी जलवायु वाले स्तनधारियों में पाये जाने वाले अनुकूलन बताइये। [1+1=2]

i) Write the adaptations found in desert plants. ii) Mention the adaptations found in mammals of cold climate.

i) मरूस्थलीय पादपों में अनुकूलन (Adaptations in desert plants):

  • पत्तियाँ काँटों में रूपांतरित हो जाती हैं या छोटी होती हैं, जिससे वाष्पोत्सर्जन कम होता है।
  • तना मोटा और रसीला (जल संचयन के लिए) होता है, जैसे कैक्टस में।
  • जड़ें गहरी और फैली हुई होती हैं ताकि अधिक जल अवशोषित कर सकें।
  • रंध्र (stomata) कम संख्या में और गड्ढों में स्थित होते हैं, जो वाष्पोत्सर्जन को कम करते हैं।

ii) ठंडी जलवायु वाले स्तनधारियों में अनुकूलन (Adaptations in mammals of cold climate):

  • शरीर पर मोटी त्वचा और घने बाल या फर पाए जाते हैं, जो ठंड से रक्षा करते हैं।
  • शरीर के नीचे वसा (ब्लबर) की मोटी परत होती है, जो इन्सुलेशन प्रदान करती है।
  • कान और पूंछ जैसे अंग छोटे होते हैं ताकि ऊष्मा का कम नुकसान हो (एलन का नियम)।
  • शरीर का आकार गोलाकार या बड़ा होता है ताकि सतह क्षेत्रफल कम हो और ऊष्मा संरक्षण बेहतर हो।

22) चारण पशु और बगुला पक्षी के मध्य किस प्रकार की समष्टि पारस्परिक क्रिया पाई जाती है? समझाइये। [1+1=2]

Which type of population interaction is present between cattle egret and grazing cattle? Explain.

पारस्परिक क्रिया का प्रकार: चारण पशु (जैसे गाय) और बगुला पक्षी के बीच सहभोजिता (Commensalism) पाई जाती है।

व्याख्या: सहभोजिता वह समष्टि पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक जीव को लाभ होता है जबकि दूसरे जीव को न तो लाभ होता है और न ही हानि। बगुला पक्षी चारण पशुओं के पीछे-पीछे चलता है और उनके द्वारा उड़ाए गए कीड़ों को खाता है, जिससे उसे भोजन मिलता है। वहीं, चारण पशु को इससे कोई लाभ या हानि नहीं होती।


23) उष्ण कटिबन्ध क्षेत्रों में शीत कटिबन्ध की तुलना में अधिक जैव विविधता पाये जाने के क्या कारण हैं? [2]

What are the reasons of more biological diversity in tropical regions as compared to temperate regions?

उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में शीत कटिबन्धीय क्षेत्रों की तुलना में अधिक जैव विविधता पाए जाने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • स्थिर जलवायु: उष्ण कटिबन्धों में वर्ष भर तापमान और आर्द्रता अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, जिससे प्रजातियों के विकास और अनुकूलन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ मिलती हैं।
  • अधिक सौर ऊर्जा: यहाँ सूर्य का प्रकाश वर्ष भर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण की दर अधिक होती है और खाद्य श्रृंखला मजबूत बनती है।
  • लंबा विकास काल: उष्ण कटिबन्धों में हिमयुग जैसी बड़ी जलवायु उथल-पुथल नहीं हुई, जिससे प्रजातियों को लंबे समय तक विकसित होने और विविधता उत्पन्न करने का समय मिला।
  • अधिक आवास विविधता: यहाँ वर्षावन, मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियाँ जैसे विविध आवास पाए जाते हैं, जो अधिक प्रजातियों को सहारा देते हैं।

24.

i) Smack किस पौधे से प्राप्त होती है?

ii) इसका रासायनिक नाम बताइये।

iii) इसके मानव शरीर पर दुष्प्रभाव बताइये।

iv) जिस पादप से यह प्राप्त होती है का चित्र बनाइये।


OR

i) कैनाबिनॉइड्स किस पादप से प्राप्त की जाती है?

ii) इससे कौन-कौन सी ड्रग बनाई जाती है?

iii) इसके मानव शरीर पर दुष्प्रभाव समझाइये।

iv) जिस पादप से यह प्राप्त होती है का चित्र बनाइये।

Smack (हेरोइन) के लिए उत्तर:

i) Smack पॉपी (अफीम) के पौधे (Papaver somniferum) से प्राप्त होती है।

ii) इसका रासायनिक नाम डायएसिटाइलमॉर्फिन (Diacetylmorphine) है।

iii) मानव शरीर पर दुष्प्रभाव:

  • श्वसन अवसाद (respiratory depression)
  • नशे की लत (addiction)
  • वजन कम होना और भूख न लगना
  • संक्रामक रोग (जैसे HIV, हेपेटाइटिस) का खतरा
  • अधिक मात्रा में लेने पर मृत्यु

iv) पॉपी पौधे का चित्र: (विद्यार्थी स्वयं बनाएं – पौधे में फूल, फल (कैप्सूल) और पत्तियाँ दर्शाएं)

कैनाबिनॉइड्स के लिए उत्तर:

i) कैनाबिनॉइड्स भाँग के पौधे (Cannabis sativa) से प्राप्त की जाती है।

ii) इससे बनाई जाने वाली ड्रग्स:

  • गांजा (marijuana)
  • चरस (hashish)
  • भाँग (bhang)

iii) मानव शरीर पर दुष्प्रभाव:

  • स्मृति और एकाग्रता में कमी
  • मानसिक विकार (जैसे पैरानोइया, मतिभ्रम)
  • हृदय गति का बढ़ना
  • फेफड़ों को नुकसान (धूम्रपान से)
  • नशे की लत

iv) भाँग के पौधे का चित्र: (विद्यार्थी स्वयं बनाएं – पौधे में पत्तियाँ (हथेली के आकार की), फूल और तना दर्शाएं)

खण्ड - स / SECTION - C

25) आवृतबीजी पादपों में द्विनिषेचन एवं त्रिकसंलयन क्रिया समझाइये। एक निषेचित भ्रूणकोश का नामांकित चित्र बनाइये। [2+1=3]

Illustrate double fertilization and triple fusion process in angiospermic plants. Draw labelled diagram of a fertilised embryo.

द्विनिषेचन एवं त्रिकसंलयन की व्याख्या:

आवृतबीजी पादपों में निषेचन की एक विशेष प्रक्रिया होती है जिसे द्विनिषेचन कहते हैं। इसमें दो नर युग्मक (शुक्राणु) भ्रूणकोश में प्रवेश करते हैं:

  1. प्रथम निषेचन (सिन्गैमी): एक नर युग्मक अंड कोशिका से संलयन करके द्विगुणित युग्मनज बनाता है, जो भ्रूण में विकसित होता है।
  2. द्वितीय निषेचन (त्रिकसंलयन): दूसरा नर युग्मक दो ध्रुवीय केन्द्रकों से संलयन करके त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केन्द्रक बनाता है, जो भ्रूणपोष में विकसित होता है।

इस प्रकार, एक निषेचन में दो संलयन होते हैं - एक द्विगुणित युग्मनज के लिए और दूसरा त्रिगुणित भ्रूणपोष के लिए।

निषेचित भ्रूणकोश का नामांकित चित्र: (चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाएँ - युग्मनज, प्राथमिक भ्रूणपोष केन्द्रक, एण्टीपोडल कोशिकाएँ, सहायक कोशिकाएँ, बीजाण्ड, भ्रूणकोश)

26) मानवोपयोगी औद्योगिक उत्पादों के उत्पादन में सूक्ष्मजीवों का योगदान दो उदाहरणों द्वारा समझाइये। [2+1=3]

Explain with the help of two examples the role of microbes in the production of Industrial products used by human beings.

उदाहरण 1: एथेनॉल उत्पादन

खमीर (Saccharomyces cerevisiae) एक सूक्ष्मजीव है जो किण्वन प्रक्रिया द्वारा शर्करा को एथेनॉल में परिवर्तित करता है। इसका उपयोग ईंधन, पेय पदार्थ और औद्योगिक विलायक के रूप में होता है।

उदाहरण 2: एंटीबायोटिक उत्पादन

पेनिसिलियम कवक (Penicillium chrysogenum) से पेनिसिलिन एंटीबायोटिक का उत्पादन किया जाता है, जो जीवाणु संक्रमण के उपचार में उपयोगी है।

27) डी एन ए अंगुलिछाप क्या है? इसकी उपयोगिता बताइये। इसका चित्रात्मक प्रदर्शन कीजिये। [1+1+1=3]

What is DNA Fingerprinting? Mention its importance. Show it diagrammatically.

डी एन ए अंगुलिछाप (DNA Fingerprinting): यह एक तकनीक है जिसमें किसी व्यक्ति के डीएनए में उपस्थित अद्वितीय अनुक्रमों (VNTRs) का विश्लेषण करके उसकी पहचान की जाती है। प्रत्येक व्यक्ति का डीएनए अंगुलिछाप अद्वितीय होता है (समान जुड़वां को छोड़कर)।

उपयोगिता:

  • अपराध विज्ञान में संदिग्धों की पहचान
  • पितृत्व परीक्षण
  • वंशावली अध्ययन
  • जैविक विविधता का संरक्षण

चित्रात्मक प्रदर्शन: (चित्र में डीएनए निष्कर्षण, प्रतिबंधन एंजाइम द्वारा काटना, जेल वैद्युतकणसंचलन, सदर्न ब्लॉटिंग, प्रोब संकरण, और ऑटोरेडियोग्राफ द्वारा बैंड पैटर्न दर्शाएँ)


अथवा / OR

मानव जीनोम परियोजना क्या है? इसकी उपयोगिता बताइये। मानव जीनोम परियोजना का निरूपक आरेख बनाइये। [1+1+1=3]

What is human genome project? Mention its importance. Draw a representative diagram of human genome project.

मानव जीनोम परियोजना (Human Genome Project): यह एक अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजना थी जिसका उद्देश्य मानव जीनोम के सभी जीनों का मानचित्रण और अनुक्रमण करना था। यह 1990 में शुरू हुई और 2003 में पूरी हुई।

उपयोगिता:

  • आनुवंशिक रोगों के निदान और उपचार में सहायता
  • व्यक्तिगत चिकित्सा का विकास
  • जीन थेरेपी में प्रगति
  • मानव विकास और जैव विविधता का अध्ययन

निरूपक आरेख: (चित्र में डीएनए अणु, गुणसूत्र, जीन, अनुक्रमण प्रक्रिया, और डेटा विश्लेषण के चरण दर्शाएँ)

SS—42-Bio. 29

खण्ड - द (SECTION - D)

प्रश्न 28 (i)

मेण्डलीय विकार क्या होता है?

मेण्डलीय विकार वे आनुवंशिक विकार हैं जो एकल जीन में उत्परिवर्तन के कारण होते हैं और मेंडल के वंशागति के नियमों का पालन करते हैं। ये विकार प्रभावित जीन के प्रभुत्व या अप्रभाविता पर निर्भर करते हैं। उदाहरण: हीमोफीलिया, सिकल सेल एनीमिया, फिनाइलकीटोनूरिया।

प्रश्न 28 (ii)

हीमोफीलिया रोग क्या होता है? इसकी वंशागति समझाइये।

हीमोफीलिया: यह एक X-लिंग से जुड़ा अप्रभावी विकार है जिसमें रक्त का थक्का जमने में समस्या होती है। यह रक्त स्कंदन कारकों (Factor VIII या IX) की कमी के कारण होता है।

वंशागति:

  • यह रोग X गुणसूत्र पर स्थित अप्रभावी जीन के कारण होता है।
  • पुरुषों में एक ही X गुणसूत्र होता है, इसलिए यदि उन्हें यह जीन मिलता है तो वे रोगी हो जाते हैं।
  • महिलाओं में दो X गुणसूत्र होते हैं, इसलिए वे वाहक हो सकती हैं (यदि एक X पर रोग जीन हो) या रोगी (यदि दोनों X पर रोग जीन हों)।
  • रोगी पिता अपनी बेटियों को रोग जीन देता है (वे वाहक बनती हैं) लेकिन बेटों को नहीं (क्योंकि बेटों को Y गुणसूत्र मिलता है)।
  • वाहक माता अपने 50% बेटों को रोग जीन दे सकती है (वे रोगी होंगे) और 50% बेटियों को (वे वाहक होंगी)।

प्रश्न 28 (iii)

फिनाइलकीटोनूरिया किस प्रकार की वंशागति को प्रदर्शित करता है? यह रोग किस कारण से होता है?

वंशागति का प्रकार: फिनाइलकीटोनूरिया (PKU) एक ऑटोसोमल अप्रभावी वंशागति प्रदर्शित करता है। इसका अर्थ है कि रोग प्रकट होने के लिए दोनों माता-पिता से अप्रभावी जीन प्राप्त होना आवश्यक है।

रोग का कारण: यह रोग फिनाइलएलानिन हाइड्रॉक्सिलेज एंजाइम की कमी के कारण होता है। यह एंजाइम फिनाइलएलानिन को टायरोसिन में बदलने के लिए आवश्यक है। एंजाइम की कमी से फिनाइलएलानिन रक्त में जमा हो जाता है और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है, जिससे मानसिक मंदता हो सकती है।

प्रश्न 28 (iv)

हीमोग्लोबिन की β श्रृंखला के संगत अंशों के अमीनो अम्ल संघटन और लाल रूधिर कोशिका का सूक्ष्म आरेख बनाइये।

हीमोग्लोबिन की β श्रृंखला के अमीनो अम्ल संघटन:

हीमोग्लोबिन की β श्रृंखला में 146 अमीनो अम्ल होते हैं। सामान्य हीमोग्लोबिन (HbA) में β श्रृंखला की स्थिति 6 पर ग्लूटामिक अम्ल (Glu) पाया जाता है। सिकल सेल एनीमिया में इसी स्थान पर वेलिन (Val) आ जाता है।

लाल रूधिर कोशिका का सूक्ष्म आरेख:

लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) उभयोत्तल (biconcave) आकार की होती हैं, जिनमें केन्द्रक नहीं होता। इनका व्यास लगभग 7-8 माइक्रोमीटर होता है।

(नोट: आरेख स्वयं बनाएं - उभयोत्तल आकार की कोशिका दिखाएं जिसमें बीच में गड्ढा हो और कोई केन्द्रक न हो।)


अथवा (OR)

प्रश्न 28 (i) (OR)

लिंग निर्धारण को परिभाषित कीजिये।

लिंग निर्धारण: वह प्रक्रिया जिसके द्वारा किसी जीव का लिंग (नर या मादा) निर्धारित होता है, लिंग निर्धारण कहलाता है। यह आनुवंशिक कारकों (लिंग गुणसूत्रों) द्वारा नियंत्रित होता है।

प्रश्न 28 (ii) (OR)

मानव में लिंग निर्धारण को समझाइये।

मानव में लिंग निर्धारण XY प्रकार का होता है:

  • महिलाओं में दो X गुणसूत्र (XX) होते हैं।
  • पुरुषों में एक X और एक Y गुणसूत्र (XY) होता है।
  • माता से हमेशा X गुणसूत्र वाला अंडाणु मिलता है।
  • पिता से X या Y गुणसूत्र वाला शुक्राणु मिल सकता है।
  • यदि X वाला शुक्राणु अंडाणु से मिलता है → बच्चा महिला (XX) होगा।
  • यदि Y वाला शुक्राणु अंडाणु से मिलता है → बच्चा पुरुष (XY) होगा।
  • इस प्रकार लिंग निर्धारण पिता के शुक्राणु पर निर्भर करता है।

प्रश्न 28 (iii) (OR)

पक्षियों में लिंग निर्धारण को समझाइये।

पक्षियों में लिंग निर्धारण ZW प्रकार का होता है:

  • नर पक्षियों में दो Z गुणसूत्र (ZZ) होते हैं।
  • मादा पक्षियों में एक Z और एक W गुणसूत्र (ZW) होता है।
  • यह मानव के विपरीत है - यहाँ मादा विषमयुग्मजी (heterogametic) होती है।
  • नर से हमेशा Z गुणसूत्र वाला युग्मक मिलता है।
  • मादा से Z या W गुणसूत्र वाला युग्मक मिल सकता है।
  • Z + Z → नर (ZZ)
  • Z + W → मादा (ZW)

प्रश्न 28 (iv) (OR)

यदि पिता का रूधिर वर्ग A व माता का रूधिर वर्ग B है, उनकी संततियों में सभी सम्भावित रूधिरवर्गों की तालिका बनाइये।

सम्भावित रूधिर वर्गों की तालिका:

पिता का रक्त वर्ग A (जीनोटाइप: IAIA या IAi) और माता का रक्त वर्ग B (जीनोटाइप: IBIB या IBi) हो सकता है। सभी संभावित संयोजन:

पिता का जीनोटाइप माता का जीनोटाइप संतति के सम्भावित जीनोटाइप संतति का रक्त वर्ग
IAIA IBIB IAIB AB
IAIA IBi IAIB, IAi AB, A
IAi IBIB IAIB, IBi AB, B
IAi IBi IAIB, IAi, IBi, ii AB, A, B, O

निष्कर्ष: पिता के A और माता के B रक्त वर्ग से संततियों में A, B, AB और O सभी चारों रक्त वर्ग संभव हैं, यह माता-पिता के जीनोटाइप पर निर्भर करता है।

29. (i) Define sex determination. Explain sex determination in human. Explain sex determination in birds.

Sex determination is the biological process by which the sex of an individual is determined, usually based on the presence or absence of specific sex chromosomes.

Sex determination in humans: Humans have 23 pairs of chromosomes, including one pair of sex chromosomes (XX in females, XY in males). Females produce only X-bearing eggs, while males produce X-bearing and Y-bearing sperm in equal proportion. The sex of the child is determined by the sperm that fertilizes the egg: if an X-bearing sperm fertilizes the egg, the child is female (XX); if a Y-bearing sperm fertilizes the egg, the child is male (XY). This is called the XY sex-determination system.

Sex determination in birds: Birds have a ZZ-ZW sex-determination system. Males are homogametic (ZZ) and produce only Z-bearing sperm. Females are heterogametic (ZW) and produce Z-bearing and W-bearing eggs. The sex of the offspring is determined by the egg: if a Z-bearing egg is fertilized, the offspring is male (ZZ); if a W-bearing egg is fertilized, the offspring is female (ZW).

29. (ii) If the father has blood group A and mother blood group B. Make a table of the possible blood groups of offsprings.

Blood group A can have genotype IAIA or IAi. Blood group B can have genotype IBIB or IBi. The possible combinations are shown below:

Father's Genotype Mother's Genotype Possible Offspring Blood Groups
IAIA IBIB AB (IAIB)
IAIA IBi AB (IAIB) or A (IAi)
IAi IBIB AB (IAIB) or B (IBi)
IAi IBi AB (IAIB), A (IAi), B (IBi), or O (ii)

Thus, the possible blood groups of offspring are A, B, AB, and O, depending on the parents' genotypes.

29. (iii) What is Recombinant DNA? Describe the construction of first recombinant DNA from Salmonella typhimurium. Draw linear sketch of steps in the formation of recombinant DNA.

Recombinant DNA is a DNA molecule formed by joining DNA fragments from two different sources, often from different species, using genetic engineering techniques.

Construction of first recombinant DNA from Salmonella typhimurium: The first recombinant DNA was constructed by Paul Berg and his colleagues in 1972. They used a plasmid from Salmonella typhimurium and a DNA fragment from the lambda bacteriophage. The steps were:

  1. Isolation of plasmid DNA from Salmonella typhimurium and phage DNA from lambda bacteriophage.
  2. Cutting both DNAs with the same restriction enzyme (EcoRI) to create complementary sticky ends.
  3. Mixing the cut DNAs to allow base pairing between sticky ends.
  4. Ligation of the DNA fragments using DNA ligase to form a recombinant plasmid.
  5. Introduction of the recombinant plasmid into a host cell (e.g., E. coli) for replication.

Linear sketch of steps in the formation of recombinant DNA:

1. Isolation of DNA from two sources (e.g., plasmid + foreign DNA)
2. Cutting with restriction enzyme → sticky ends
3. Mixing → complementary base pairing
4. Ligation with DNA ligase → recombinant DNA
5. Introduction into host cell → replication

OR (iii) What is gene gun? Write steps of process of recombinant DNA technology and explain the process of isolation of the genetic material. Draw linear sketch of polymerase chain reaction.

Gene gun (also called biolistic particle delivery system) is a device used to deliver foreign DNA into cells by coating DNA onto microscopic gold or tungsten particles and shooting them into target cells using high-pressure gas or a gunpowder charge.

Steps of recombinant DNA technology:

  1. Isolation of genetic material: DNA is extracted from cells by breaking cell walls/membranes, removing proteins and other contaminants.
  2. Cutting of DNA: Using restriction enzymes to cut DNA at specific sites.
  3. Amplification of gene of interest: Using PCR to make multiple copies.
  4. Ligation: Inserting the gene into a vector (e.g., plasmid) using DNA ligase.
  5. Transformation: Introducing recombinant DNA into host cells.
  6. Selection and screening: Identifying cells that have taken up the recombinant DNA.

Process of isolation of genetic material: Cells are treated with lysozyme (for bacteria) or detergents to break cell walls/membranes. RNA is removed by RNase, and proteins are removed by protease treatment. DNA is precipitated using cold ethanol or isopropanol, then purified by centrifugation and washing.

Linear sketch of polymerase chain reaction (PCR):

1. Denaturation (94-98°C) → DNA strands separate
2. Annealing (50-65°C) → Primers bind to target sequences
3. Extension (72°C) → Taq polymerase synthesizes new strands
4. Repeat cycles (25-35 times) → exponential amplification of DNA

30.

(i) पारिस्थितिकी अनुक्रमण क्या होता है? / What is ecological succession?

पारिस्थितिकी अनुक्रमण एक क्रमबद्ध एवं पूर्वानुमेय प्रक्रिया है जिसमें किसी क्षेत्र में समय के साथ समुदायों (जीवों के समूह) में परिवर्तन होता है, जो अंततः एक स्थायी समुदाय (क्लाइमैक्स समुदाय) तक पहुँचता है।

Ecological succession is the orderly and predictable process of change in the species structure of an ecological community over time, leading to a stable climax community.

(ii) प्राथमिक व द्वितीयक अनुक्रमण में प्रमुख अन्तर / Main difference between primary and secondary succession

प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) द्वितीयक अनुक्रमण (Secondary Succession)
बंजर/नए क्षेत्र (जैसे चट्टान, रेत) पर होता है जहाँ पहले कोई जीवन नहीं था। उस क्षेत्र पर होता है जहाँ पहले समुदाय था लेकिन वह नष्ट हो गया (जैसे जंगल की आग, कटाई)।
मिट्टी का निर्माण धीरे-धीरे होता है। मिट्टी पहले से मौजूद होती है।
समय अवधि बहुत लंबी (सैकड़ों-हजारों वर्ष) होती है। समय अवधि अपेक्षाकृत कम (दशकों-सैकड़ों वर्ष) होती है।
प्रारंभिक प्रजातियाँ (पायनियर) लाइकेन, काई होती हैं। प्रारंभिक प्रजातियाँ घास, छोटे पौधे होते हैं।

(iii) खाली क्षेत्र में अनुक्रमण की क्रिया / Process of succession on a bare area

खाली क्षेत्र (बेयर एरिया) पर अनुक्रमण की प्रक्रिया:

  1. नग्नीकरण (Nudation): किसी क्षेत्र का खाली होना (जैसे चट्टान, रेत, ज्वालामुखी लावा)।
  2. आक्रमण (Invasion): बीज, बीजाणु आदि का उस क्षेत्र में पहुँचना, अंकुरण और स्थापना।
  3. प्रतिस्पर्धा (Competition): विभिन्न प्रजातियों के बीच संसाधनों (पानी, पोषक तत्व, प्रकाश) के लिए प्रतिस्पर्धा।
  4. प्रतिक्रिया (Reaction): जीव अपने पर्यावरण को बदलते हैं (जैसे मिट्टी बनाना, छाया देना), जिससे नई प्रजातियों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनती हैं।
  5. स्थिरीकरण (Stabilization): अंततः एक स्थायी क्लाइमैक्स समुदाय (जैसे वन) का विकास होता है।

उदाहरण: नंगी चट्टान → लाइकेन → काई → घास → झाड़ियाँ → वन।

(iv) झाड़ी अवस्था (Scrub Stage) का चित्र / Diagram of scrub stage

(चित्र: झाड़ी अवस्था में छोटे-छोटे पेड़ और झाड़ियाँ दिखाई देती हैं, जो घास के बाद और बड़े वन से पहले आती हैं।)

[यहाँ एक सरल चित्र बनाएँ जिसमें कुछ झाड़ियाँ, छोटे पेड़ और घास दिखे।]


OR / अथवा

(i) पोषक चक्र क्या होता है? / What is nutrient cycle?

पोषक चक्र (Nutrient Cycle) वह प्रक्रिया है जिसमें पोषक तत्व (जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस) पर्यावरण (मिट्टी, जल, वायु) से जीवों में और फिर वापस पर्यावरण में चक्रित होते रहते हैं। यह पारिस्थितिकी तंत्र में पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखता है।

A nutrient cycle is the movement and exchange of organic and inorganic matter back into the production of matter. It involves the cycling of nutrients between biotic (living) and abiotic (non-living) components of an ecosystem.

(ii) गैसीय तथा अवसादी पोषक चक्र में प्रमुख अन्तर / Main difference between gaseous and sedimentary nutrient cycle

गैसीय चक्र (Gaseous Cycle) अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle)
पोषक तत्वों का मुख्य भंडार वायुमंडल या जलमंडल में होता है। पोषक तत्वों का मुख्य भंडार पृथ्वी की पपड़ी (चट्टानों, मिट्टी) में होता है।
उदाहरण: कार्बन चक्र, नाइट्रोजन चक्र, ऑक्सीजन चक्र। उदाहरण: फॉस्फोरस चक्र, सल्फर चक्र, कैल्शियम चक्र।
चक्रण की गति अपेक्षाकृत तेज़ होती है। चक्रण की गति धीमी होती है क्योंकि इसमें अपक्षय और अवसादन शामिल है।
वायुमंडलीय भंडार बड़ा और आसानी से उपलब्ध होता है। भंडार सीमित और धीरे-धीरे निकलता है।

(iii) पारिस्थितिकी तंत्र में कार्बन चक्र को संक्षेप में समझाइये / Explain carbon cycle in ecosystem in brief

कार्बन चक्र (Carbon Cycle): कार्बन पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न रूपों में चक्रित होता है:

  1. प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis): पौधे वायुमंडल से CO₂ लेकर कार्बोहाइड्रेट बनाते हैं।
  2. श्वसन (Respiration): जीव (पौधे, जानवर) कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर CO₂ वापस वायुमंडल में छोड़ते हैं।
  3. अपघटन (Decomposition): मृत जीवों के अपघटन से कार्बन मिट्टी और वायुमंडल में वापस आता है।
  4. दहन (Combustion): जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम) के जलने से CO₂ निकलती है।
  5. समुद्री अवशोषण: महासागर CO₂ अवशोषित करते हैं और कार्बोनेट चट्टानों में जमा करते हैं।

यह चक्र कार्बन को वायुमंडल, जीवों, मिट्टी और महासागरों के बीच संतुलित रखता है।

(iv) भूमंडल में कार्बन चक्र के सरलीकृत मॉडल का चित्र / Simplified model diagram of carbon cycle in the biosphere

(चित्र: वायुमंडल (CO₂) → पौधे (प्रकाश-संश्लेषण) → जानवर (भोजन) → श्वसन/अपघटन → वायुमंडल; जीवाश्म ईंधन → दहन → वायुमंडल; महासागर अवशोषण/मुक्ति)

[यहाँ एक सरल चक्र चित्र बनाएँ जिसमें तीरों द्वारा कार्बन के प्रवाह को दर्शाया गया हो।]