RBSE Class 12th 2017 Chemistry-SS-41-2017 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2017
Subject Chemistry-SS-41-2017
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Chemistry-SS-41-2017 2017 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2017
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2017

रसायन विज्ञान
CHEMISTRY

समय : 3¼ घण्टे     पूर्णांक : 56

नोट : समीकरणों को आवश्यक शर्तों सहित संतुलित रूप में लिखिए।


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
  5. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error/ difference/ contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

SS—41—Chem.     836     [ Turn Over

प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ से काटिए
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER

खण्ड - अ / SECTION - A

1. त्रिनताक्ष (Triclinic) क्रिस्टल के अक्षीय दूरियों तथा अक्षीय कोणों का मान लिखिए।
Write the value of axial distances and axial angles of triclinic crystal. [ ]

2. आयनों के स्वतंत्र अभिगमन का कोलराऊश नियम की परिभाषा लिखिए।
Write the definition of Kohlrausch law of independent migration of ions. [ ]

3. डेनियल सेल में कैथोड पर होने वाली अर्ध-अभिक्रिया दीजिए।
Give half cell equation of Daniell cell that takes place at cathode. [ ]


प्रश्न संख्या / Q. Nos.   Marks per question

प्रश्न संख्या (Q. Nos.) अंक (Marks)
1 - 3 3
4 - 24 2
25 - 27 3
28 - 30 4

7) प्रश्न संख्या 2, 27, 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 2, 27, 28, 29 and 30 have internal choices.

SS—41—Chem. 836

4) द्वित्तीय कोटि की अभिक्रिया हेतु वेग नियतांक की इकाई लिखिए।

Write the unit of velocity constant for second order reaction.

उत्तर: द्वितीय कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग नियतांक की इकाई mol⁻¹ L s⁻¹ (या mol⁻¹ L समय⁻¹) होती है।

5) समीकरण 2N₂O₅ → 2N₂O₄ + O₂ हेतु यदि अर्द्धआयुकाल 6.93 सेकण्ड है तो दर नियतांक ज्ञात कीजिए।

For reaction 2N₂O₅ → 2N₂O₄ + O₂, the Half life time is 6.93 sec, determine the rate constant.

हल: यह अभिक्रिया प्रथम कोटि की है (क्योंकि N₂O₅ का विघटन प्रथम कोटि का होता है)। प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए अर्द्धआयुकाल और दर नियतांक में संबंध:

t₁/₂ = 0.693 / k

दिया गया है: t₁/₂ = 6.93 सेकण्ड

k = 0.693 / 6.93 = 0.1 s⁻¹

अतः दर नियतांक (k) = 0.1 s⁻¹

6) संक्रमण तत्व अन्तराकाशी यौगिक बनाते हैं, एक कारण दीजिए।

Transition element form interstitial compound. Give one reason.

उत्तर: संक्रमण तत्वों के परमाणुओं के बीच रिक्त स्थान (अन्तराकाशी) होते हैं, जिनमें छोटे आकार के अधातु परमाणु (जैसे H, C, N) समा सकते हैं, जिससे अन्तराकाशी यौगिक बनते हैं।

7) ऐल्किल ऐल्कोहल व बेन्जिल ऐल्कोहल प्रत्येक का एक-एक सूत्र लिखिए।

Write the formula of each alkyl alcohol and benzyl alcohol.

उत्तर:

  • ऐल्किल ऐल्कोहल (मेथनॉल): CH₃OH
  • बेन्जिल ऐल्कोहल: C₆H₅CH₂OH

8) ऐनिसॉल की अनुनादी संरचनाएँ दीजिए।

Give resonating structures of anisole.

उत्तर: ऐनिसॉल (C₆H₅OCH₃) की अनुनादी संरचनाएँ निम्नलिखित हैं:

मुख्य संरचना: C₆H₅–O–CH₃ (बेंजीन वलय के साथ ऑक्सीजन जुड़ा)

अनुनादी संरचनाएँ: ऑक्सीजन पर एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म बेंजीन वलय में विस्थापित होकर धनावेशित ऑक्सीजन और ऋणावेशित कार्बन वाली संरचनाएँ बनाता है।

(प्रमुख अनुनादी संरचनाएँ: ऑर्थो- और पैरा-स्थितियों पर ऋणावेशित कार्बन वाली संरचनाएँ)

9) कैनिजारो अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

Write chemical equation of Cannizzaro reaction.

उत्तर: कैनिजारो अभिक्रिया में ऐल्डिहाइड (जिसमें α-हाइड्रोजन न हो) सांद्र क्षार की उपस्थिति में स्वतः ऑक्सीकरण-अपचयन से ऐल्कोहल और कार्बोक्सिलिक अम्ल का लवण बनाता है।

उदाहरण: 2HCHO + NaOH → HCOONa + CH₃OH

(फॉर्मेल्डिहाइड → सोडियम फॉर्मेट + मेथनॉल)

10) क्लोरोऐसीटिक अम्ल, ऐसीटिक अम्ल की तुलना में अधिक अम्लीय है। एक कारण दीजिए।

Chloroacetic acid is stronger acid than acetic acid. Give one reason.

उत्तर: क्लोरोऐसीटिक अम्ल (ClCH₂COOH) में क्लोरीन परमाणु की प्रबल इलेक्ट्रॉन-आकर्षी प्रेरणिक प्रभाव (-I प्रभाव) के कारण O–H आबंध का ध्रुवण बढ़ जाता है, जिससे H⁺ आयन आसानी से निकलता है। ऐसीटिक अम्ल (CH₃COOH) में मिथाइल समूह का +I प्रभाव अम्लीयता को कम करता है।

11) इन यौगिकों के नाम लिखिए:

Write the name of following compounds:

(A) C₆H₅N₂⁺ HSO₄⁻

(B) C₆H₅–N=N–C₆H₄–OH

उत्तर:

  • (A) बेन्जीनडाइएज़ोनियम हाइड्रोजन सल्फेट (Benzenediazonium hydrogen sulphate)
  • (B) p-हाइड्रॉक्सीएज़ोबेन्जीन (p-Hydroxyazobenzene) या 4-हाइड्रॉक्सीएज़ोबेन्जीन

12) निम्नलिखित औषधि के प्रकार को पहचानिए और इसका प्रकार लिखिए:

Identify the type of following drugs and write its types.

(A) वैलियम (Valium)

(B) सिमेटिडीन (Cimetidine)

उत्तर:

  • (A) वैलियम: यह एक ट्रैंक्विलाइज़र (Tranquilizer) है, जो चिंता और तनाव को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • (B) सिमेटिडीन: यह एक हिस्टामिन-विरोधी (Antihistamine) या प्रोटॉन पंप अवरोधक है, जो पेट में अम्ल स्राव को कम करता है और अल्सर के उपचार में उपयोग होता है।

13) टेफ्लॉन तथा पी. वी. सी. के रासायनिक सूत्र दीजिए।

Write the chemical formula of Teflon and P.V.C.

उत्तर:

  • टेफ्लॉन (Teflon): (C₂F₄)ₙ — यह टेट्राफ्लुओरोएथिलीन का बहुलक है।
  • पी. वी. सी. (PVC): (C₂H₃Cl)ₙ — यह विनाइल क्लोराइड का बहुलक है।

खण्ड - ब
SECTION - B

4.

(अ) ठोस के समदैशिक व विषमदैशिक प्रकृति में कोई एक अंतर लिखिए।

उत्तर: समदैशिक (Isotropic) ठोसों में भौतिक गुण सभी दिशाओं में समान होते हैं, जबकि विषमदैशिक (Anisotropic) ठोसों में भौतिक गुण विभिन्न दिशाओं में भिन्न होते हैं।

(ब) ठोस (क) की विद्युत चालकता 10⁻⁶ से 10⁰ ohm⁻¹ m⁻¹ तथा ठोस (ख) की विद्युत चालकता 10⁻¹⁰ से 10⁻⁶ ohm⁻¹ m⁻¹ है। तो ठोस (क) तथा ठोस (ख) को पहचानिए तथा इनका नाम लिखिए।

उत्तर: ठोस (क) अर्धचालक (Semiconductor) है, उदाहरण: सिलिकॉन (Si) या जर्मेनियम (Ge)। ठोस (ख) कुचालक (Insulator) है, उदाहरण: हीरा (Diamond) या सल्फर (S)।

5.

निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए केवल रासायनिक समीकरण लिखिए।

(अ) जब अमोनिया की उत्प्रेरक की उपस्थिति में वायुमंडलीय ऑक्सीजन के साथ क्रिया होती है।

उत्तर: 4NH₃ + 5O₂ →(Pt, 800°C) 4NO + 6H₂O

(ब) जब सल्फ्यूरिक अम्ल की सल्फर ट्राइऑक्साइड से क्रिया कराते हैं।

उत्तर: H₂SO₄ + SO₃ → H₂S₂O₇ (ओलियम)

6.

(अ) XeF₂ तथा XeF₄ में उपस्थित केंद्रीय परमाणु में संकरण का केवल प्रकार लिखिए।

उत्तर: XeF₂ में sp³d संकरण तथा XeF₄ में sp³d² संकरण होता है।

(ब) PCl₅ की संरचना में उपस्थित निरक्षीय तथा अक्षीय आबंध की भिन्न-भिन्न लंबाइयों का कारण समझाइए।

उत्तर: PCl₅ में तीन निरक्षीय (Equatorial) आबंध एक तल में 120° के कोण पर होते हैं, जबकि दो अक्षीय (Axial) आबंध इस तल के लंबवत होते हैं। अक्षीय आबंधों पर अधिक प्रतिकर्षण होने के कारण वे निरक्षीय आबंधों से लंबे होते हैं। निरक्षीय आबंधों की लंबाई लगभग 202 pm तथा अक्षीय आबंधों की लंबाई लगभग 214 pm होती है।

7.

(अ) ऐल्कोहल का विकृतिकरण (Denaturation) समझाइए।

उत्तर: ऐल्कोहल के विकृतिकरण में एथेनॉल में मेथनॉल, पाइरीडीन या कॉपर सल्फेट जैसे पदार्थ मिलाए जाते हैं ताकि यह पीने योग्य न रहे। इस प्रक्रिया में ऐल्कोहल को जहरीला या अरुचिकर बना दिया जाता है, जिसका उपयोग केवल औद्योगिक या वैज्ञानिक कार्यों में होता है।

(ब) ग्रिगनार्ड अभिकर्मक से प्राथमिक ऐल्कोहल प्राप्त करने की रासायनिक समीकरण दीजिए।

उत्तर: R-MgX + HCHO → R-CH₂-OMgX →(H₂O/H⁺) R-CH₂OH + Mg(OH)X

8.

(अ) जैव निम्नीकरणीय बहुलक के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर: जैव निम्नीकरणीय बहुलक के दो उदाहरण हैं: (1) पॉली-β-हाइड्रॉक्सीब्यूटाइरेट (PHB), (2) पॉलीलैक्टिक अम्ल (PLA)।

(ब) टेरीलीन के बनने में प्रयुक्त दोनों एकलकों के साधारण नाम दीजिए।

उत्तर: टेरीलीन के एकलक हैं: (1) एथिलीन ग्लाइकॉल (Ethylene glycol), (2) टेरेफ्थैलिक अम्ल (Terephthalic acid)।

प्रश्न 20

साबुन तथा अपमार्जक में कोई दो अन्तर लिखिए।

Write any two difference between Soap and detergent.

उत्तर:

  1. साबुन प्राकृतिक वसा/तेल से बनता है, जबकि अपमार्जक पेट्रोरसायनों से बनते हैं।
  2. साबुन कठोर जल में अवक्षेप बनाता है, जबकि अपमार्जक कठोर जल में भी प्रभावी रहते हैं।

Soap is made from natural fats/oils, while detergents are made from petrochemicals. Soap forms precipitate in hard water, whereas detergents remain effective in hard water.

प्रश्न 21

सैकेरीन किस कार्य हेतु प्रयुक्त किया जाता है।

In which work saccharine is used.

उत्तर: सैकेरीन का उपयोग कृत्रिम मीठा (स्वीटनर) के रूप में किया जाता है, विशेषकर मधुमेह रोगियों के लिए चीनी के विकल्प के रूप में।

Saccharine is used as an artificial sweetener, especially as a substitute for sugar for diabetic patients.

प्रश्न 22

मिश्रधातु में प्रयुक्त अधिकतम संघटन वाली दो धातु के नाम लिखिए।

Write the name of two metal which used in maximum composition in mischmetal.

उत्तर: मिश्रधातु में अधिकतम संघटन वाली दो धातुएँ हैं: सीरियम (Ce) और लैंथेनम (La)

The two metals with maximum composition in mischmetal are: Cerium (Ce) and Lanthanum (La).

प्रश्न 23

V+ का चुम्बकीय आघूर्ण का मान परिकलित कीजिए।

Calculate the value of magnetic moment of V+.

उत्तर:

V (परमाणु क्रमांक 23) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Ar] 3d3 4s2

V+ में एक इलेक्ट्रॉन कम होता है: [Ar] 3d4

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (n) = 4

चुम्बकीय आघूर्ण (μ) = √[n(n+2)] = √[4(4+2)] = √24 = 4.90 B.M.

Electronic configuration of V (atomic number 23): [Ar] 3d3 4s2. V+ loses one electron: [Ar] 3d4. Number of unpaired electrons (n) = 4. Magnetic moment (μ) = √[n(n+2)] = √[4(4+2)] = √24 = 4.90 B.M.

प्रश्न 24

निकल के परिशोधन में प्रयुक्त 'मॉण्ड विधि' के दोनों रासायनिक समीकरण दीजिए।

Give both chemical equation of 'Mond process' used in nickel refining.

उत्तर:

मॉण्ड विधि में निम्नलिखित दो रासायनिक समीकरण होते हैं:

  1. Ni (अशुद्ध) + 4CO → Ni(CO)4 (निकल टेट्राकार्बोनिल) [50°C पर]
  2. Ni(CO)4 → Ni (शुद्ध) + 4CO [180°C पर]

The Mond process involves the following two chemical equations:

  1. Ni (impure) + 4CO → Ni(CO)4 (nickel tetracarbonyl) [at 50°C]
  2. Ni(CO)4 → Ni (pure) + 4CO [at 180°C]

प्रश्न 25

मण्डल परिष्करण विधि का स्वच्छ व नामांकित चित्र बनाइए।

Draw a neat and labelled diagram of zone refining process.

उत्तर: मण्डल परिष्करण विधि में एक अशुद्ध धातु की छड़ को एक गतिशील तापक कुण्डली (हीटर) द्वारा गर्म किया जाता है, जिससे पिघला हुआ क्षेत्र (मण्डल) बनता है। यह मण्डल छड़ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक चलता है, अशुद्धियों को अपने साथ ले जाता है।

In zone refining, an impure metal rod is heated by a moving heater coil, creating a molten zone. This zone moves from one end to the other, carrying impurities with it.

चित्र विवरण: (एक क्षैतिज छड़, जिसके नीचे एक गतिशील तापक कुण्डली है; छड़ के बाएँ सिरे पर शुद्ध धातु और दाएँ सिरे पर अशुद्धियाँ एकत्रित होती हैं।)

Diagram description: A horizontal rod with a moving heater coil below; pure metal collects at the left end and impurities at the right end.

अथवा (OR)

चाँदी के धातुकर्म में चाँदी के निक्षालन में प्रयुक्त सोडियम साइनाइड के प्रयोग पर होने वाली दोनों रासायनिक समीकरण दीजिए।

Give both chemical equation of leaching of silver in silver metallurgy by using sodium cyanide.

उत्तर:

  1. 4Ag + 8NaCN + 2H2O + O2 → 4Na[Ag(CN)2] + 4NaOH
  2. 2Na[Ag(CN)2] + Zn → Na2[Zn(CN)4] + 2Ag

Silver is leached using sodium cyanide in presence of oxygen to form soluble complex, then displaced by zinc.

प्रश्न 26

ऐल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए प्रयुक्त विद्युत अपघटनी सेल का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।

Draw a neat and labelled diagram of electrolytic cell for the extraction of aluminum.

उत्तर: ऐल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हेरॉल्ट विधि का उपयोग किया जाता है। इसमें एक लोहे के बक्से में ग्रेफाइट (कार्बन) की परत बिछाई जाती है जो कैथोड का काम करती है, और ग्रेफाइट की छड़ें एनोड के रूप में कार्य करती हैं। पिघला हुआ Al2O3 + क्रायोलाइट (Na3AlF6) विद्युत अपघटन के लिए इलेक्ट्रोलाइट होता है।

For aluminum extraction, Hall-Heroult process is used. An iron box lined with graphite acts as cathode, and graphite rods serve as anodes. Molten Al2O3 + cryolite (Na3AlF6) is the electrolyte.

चित्र विवरण: (एक आयताकार सेल, जिसमें नीचे कैथोड, ऊपर एनोड, और बीच में पिघला इलेक्ट्रोलाइट; एल्युमिनियम कैथोड पर एकत्रित होता है।)

Diagram description: A rectangular cell with cathode at bottom, anodes at top, and molten electrolyte in between; aluminum collects at cathode.

प्रश्न 27

लौह धातु के संक्षारण को रोकने में उत्सर्ग इलेक्ट्रोड हेतु प्रयुक्त धातु का नाम लिखिए। बताइए कि यह संक्षारण को किस प्रकार रोकता है।

Write the name of metal used in sacrificial electrode for the prevention of corrosion of iron metal. How it prevents the corrosion.

उत्तर: उत्सर्ग इलेक्ट्रोड के रूप में प्रयुक्त धातु: जिंक (Zn) या मैग्नीशियम (Mg)

यह संक्षारण को इस प्रकार रोकता है: जिंक (या Mg) लोहे की तुलना में अधिक क्रियाशील (अधिक अपचायक क्षमता वाला) होता है। यह स्वयं ऑक्सीकृत होकर (जंग लगकर) लोहे को ऑक्सीकरण से बचाता है। इस प्रकार, यह एक 'बलि धातु' (sacrificial metal) के रूप में कार्य करता है।

Metal used as sacrificial electrode: Zinc (Zn) or Magnesium (Mg). It prevents corrosion because Zn (or Mg) is more reactive (has higher reducing power) than iron. It oxidizes itself (gets corroded) and protects iron from oxidation. Thus, it acts as a 'sacrificial metal'.

प्रश्न 28

NaCl, HCl तथा CH3COOH हेतु Λm0 का मान क्रमशः 0, 100 तथा 390 Mole-1 हैं। CH3COONa हेतु Λm0 का मान ज्ञात कीजिए।

If Λm0 for NaCl, HCl and CH3COOH are 0, 100 and 390 Mole-1 respectively. Determine the value of Λm0 for CH3COONa.

उत्तर:

दिया गया है:

  • Λm0(NaCl) = 0 (यह मान संभवतः त्र

प्रश्न 23

आलेख (Graph):

  Potential
      ↑
      |       /\
      |      /  \
      |     /    \
      |    /      \
      |   /        \
      |  /          \
      | /            \
      |/______________\___________ Reaction coordinate
       (X)            (Y)
  

(अ) उपरोक्त आलेख में चिन्हित (X) तथा (Y) किसे दर्शाते हैं? उपयुक्त नाम लिखिए।

उत्तर:

  • (X)सक्रियण संकुल (Activated Complex) या संक्रमण अवस्था (Transition State)
  • (Y)अभिक्रिया की एन्थैल्पी (Enthalpy of Reaction) या अभिक्रिया ऊष्मा (Heat of Reaction)

(ब) आलेख में चिन्हित केवल (X) की परिभाषा दीजिए।

परिभाषा: सक्रियण संकुल (Activated Complex) वह उच्च ऊर्जा वाली अस्थायी अवस्था है जो अभिकारकों के उत्पादों में परिवर्तित होने के दौरान बनती है। यह अभिक्रिया पथ पर उच्चतम ऊर्जा बिंदु पर स्थित होती है और इसके बाद उत्पादों का निर्माण होता है।


प्रश्न 24

(अ) विटामिन्स 'A' तथा विटामिन्स 'B' की कमी से होने वाले रोगों के नाम लिखिए।

उत्तर:

  • विटामिन A की कमी से रोग: रतौंधी (Night Blindness), ज़ेरोफ्थैल्मिया (Xerophthalmia), त्वचा का रूखापन।
  • विटामिन B (B-कॉम्प्लेक्स) की कमी से रोग: बेरी-बेरी (Beri-Beri), पेलाग्रा (Pellagra), एनीमिया (Anemia), मुँह के छाले।

(ब) शर्करा के आधार पर DNA तथा RNA में अन्तर कीजिए।

उत्तर:

आधार DNA RNA
शर्करा (Sugar) डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा (Deoxyribose sugar) – इसमें 2' कार्बन पर एक ऑक्सीजन परमाणु कम होता है। राइबोज़ शर्करा (Ribose sugar) – इसमें 2' कार्बन पर एक ऑक्सीजन परमाणु अधिक होता है।

खण्ड - स / SECTION - C

25.

(A) रूधिर में ऑक्सीजन की कमी से पर्वतारोही कमजोर हो जाते हैं तथा स्पष्ट नहीं सोच पाते —

  1. इस विशिष्ट दशा को क्या कहते हैं? नाम लिखिए।
  2. इस स्थिति के कारण को स्पष्ट कीजिए।

(Due to low concentration of oxygen in blood, climbers become weak and unable to think clearly —

  1. Write specific name of above condition.
  2. Explain the reason of such condition.

उत्तर / Answer:

(i) इस दशा को हाइपोक्सिया (Hypoxia) या ऊँचाई की बीमारी (Altitude Sickness) कहते हैं।

(ii) कारण: ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब कम हो जाता है, जिससे रक्त में ऑक्सीजन का आंशिक दाब घट जाता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे कमजोरी, चक्कर आना और सोचने की क्षमता में कमी आती है।

(B) 30 ग्राम एथेनोइक अम्ल 100 ग्राम जल में है। एथेनोइक अम्ल की मोललता जल में ज्ञात कीजिए।

(30 gm of ethanoic acid present in 100 gm of water, determine molality of ethanoic acid in water.)

हल / Solution:

एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) का मोलर द्रव्यमान = 60 g/mol

एथेनोइक अम्ल के मोल = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 30 g / 60 g/mol = 0.5 mol

विलायक (जल) का द्रव्यमान = 100 g = 0.1 kg

मोललता (m) = विलेय के मोल / विलायक का द्रव्यमान (kg में) = 0.5 mol / 0.1 kg = 5 m

अतः एथेनोइक अम्ल की मोललता 5 m है।

26.

यौगिक (अ) एक ऐरोमैटिक ऐमीन है जो 273-278 K ताप पर NaNO₂ + HCl की क्रिया से यौगिक (ब) बनाता है। यौगिक (ब) HBF₄ से क्रिया कराने पर तथा प्राप्त उत्पाद को NaNO₂ की उपस्थिति में गर्म करने पर यौगिक (स) प्राप्त होता है। यौगिक (स) का Sn/HCl की उपस्थिति में अपचयन से यौगिक (अ) पुनः प्राप्त होता है।

Compound [A] is an aromatic amine which reacts with NaNO₂ + HCl at 273-278 K and forms compound [B]. Compound [B] reacts with HBF₄ and the obtained product on further heating in the presence of NaNO₂ and Cu forms compound [C]. Compound [C] reduced in the presence of Sn/HCl to re-form compound [A].

Write general name of 'A', 'B' and 'C' and write equation of all reaction involved.

उत्तर / Answer:

यौगिक A: ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन (जैसे ऐनिलीन, C₆H₅NH₂)

यौगिक B: डाइऐज़ोनियम लवण (जैसे बेन्ज़ीन डाइऐज़ोनियम क्लोराइड, C₆H₅N₂⁺Cl⁻)

यौगिक C: ऐरिल फ्लोराइड (जैसे फ्लोरोबेन्ज़ीन, C₆H₅F)

अभिक्रियाएँ:

  1. डाइऐज़ोटीकरण: C₆H₅NH₂ + NaNO₂ + 2HCl → 273-278 K → C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + NaCl + 2H₂O
  2. बैल्ज़-शीमैन अभिक्रिया: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + HBF₄ → C₆H₅N₂⁺BF₄⁻ + HCl
    फिर, C₆H₅N₂⁺BF₄⁻ + NaNO₂/Cu → गर्म करने पर → C₆H₅F + N₂ + BF₃
  3. अपचयन: C₆H₅F + Sn/HCl → C₆H₅NH₂ + SnCl₂ + HF (पुनः ऐनिलीन प्राप्त होता है)

27.

निम्नलिखित यौगिकों की रासायनिक क्रिया का समीकरण तथा (अ) तथा (ब) को प्राप्त करने की विधि लिखिए —

(अ) ब्यूट-2-ईनैल
(ब) क्लोरोफार्म

अथवा

CH₃CHO से निम्नलिखित यौगिकों (अ) तथा (ब) को प्राप्त करने की रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण तथा अभिक्रिया के नाम लिखिए —

(अ) एथेन
(ब) मोनोक्लोरो ऐसीटिक अम्ल

उत्तर / Answer (विकल्प 1):

(अ) ब्यूट-2-ईनैल (Crotonaldehyde) का निर्माण:

एथेनल (CH₃CHO) का ऐल्डोल संघनन करके ब्यूट-2-ईनैल प्राप्त होता है:

2 CH₃CHO → तनु NaOH → CH₃CH(OH)CH₂CHO (3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनैल) → -H₂O → CH₃CH=CHCHO (ब्यूट-2-ईनैल)

(ब) क्लोरोफार्म (CHCl₃) का निर्माण:

एथेनॉल या एसीटोन को विरंजक चूर्ण (CaOCl₂) से अभिकृत करने पर क्लोरोफार्म प्राप्त होता है:

CH₃CH₂OH + CaOCl₂ → CH₃CHO + CaCl₂ + H₂O
CH₃CHO + 3CaOCl₂ → CCl₃CHO + 3Ca(OH)₂
CCl₃CHO + Ca(OH)₂ → CHCl₃ + HCOOCa (क्लोरोफार्म)

अथवा (विकल्प 2):

(अ) एथेन (CH₃CH₃) का निर्माण:

CH₃CHO को वुल्फ-किश्नर अपचयन (हाइड्राज़ीन + KOH) या क्लेमेन्सन अपचयन (Zn-Hg/HCl) द्वारा अपचयित करने पर एथेन प्राप्त होता है:

CH₃CHO + N₂H₄ → CH₃CH=NNH₂ → KOH/Δ → CH₃CH₃ + N₂

(ब) मोनोक्लोरो ऐसीटिक अम्ल (ClCH₂COOH) का निर्माण:

CH₃CHO को ऑक्सीकरण करके एसीटिक अम्ल बनाया जाता है, फिर क्लोरीनीकरण द्वारा मोनोक्लोरो ऐसीटिक अम्ल प्राप्त होता है:

CH₃CHO + [O] → CH₃COOH (एसीटिक अम्ल)
CH₃COOH + Cl₂ → लाल फॉस्फोरस → ClCH₂COOH + HCl (मोनोक्लोरो ऐसीटिक अम्ल)

खण्ड - द् (SECTION - D)

प्रश्न 1 (Question 1)

रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण एवं अभिक्रिया का नाम लिखिए, जिससे CH₃CHO से निम्नलिखित यौगिक (A) एवं (B) प्राप्त किए जा सकें:

(A) ब्यूट-2-ईनल (But-2-enal)

(B) क्लोरोफॉर्म (Chloroform)

अथवा

रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण एवं अभिक्रिया का नाम लिखिए, जिससे CH₃COOH से निम्नलिखित यौगिक (A) एवं (B) प्राप्त किए जा सकें:

(A) एथेन (Ethane)

(B) मोनोक्लोरोएसिटिक अम्ल (Monochloroacetic acid)

हल (Solution):

विकल्प 1: CH₃CHO से

(A) ब्यूट-2-ईनल (But-2-enal) का निर्माण:

अभिक्रिया: एल्डोल संघनन (Aldol Condensation)

समीकरण: 2 CH₃CHO → CH₃CH=CHCHO + H₂O

विवरण: एथेनल के दो अणु तनु क्षार की उपस्थिति में अभिक्रिया करके β-हाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड बनाते हैं, जो निर्जलीकरण पर ब्यूट-2-ईनल देता है।

(B) क्लोरोफॉर्म (Chloroform) का निर्माण:

अभिक्रिया: क्लोरोफॉर्म निर्माण (Chloroform reaction) / हैलोफॉर्म अभिक्रिया (Haloform reaction)

समीकरण: CH₃CHO + 3Cl₂ + 3NaOH → CHCl₃ + HCOONa + 3NaCl + 2H₂O

विवरण: एथेनल को क्लोरीन एवं क्षार के साथ गर्म करने पर क्लोरोफॉर्म प्राप्त होता है।


विकल्प 2: CH₃COOH से

(A) एथेन (Ethane) का निर्माण:

अभिक्रिया: डीकार्बोक्सिलीकरण (Decarboxylation)

समीकरण: CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa + H₂O; फिर CH₃COONa + NaOH (सोडा लाइम) → CH₄ + Na₂CO₃ (यहाँ मीथेन बनता है, एथेन नहीं; एथेन के लिए प्रोपियोनिक अम्ल का उपयोग होता है। संभवतः प्रश्न में CH₃COOH से एथेन के स्थान पर मीथेन अभिप्रेत है।)

सही समीकरण: CH₃COONa + NaOH (CaO, Δ) → CH₄ + Na₂CO₃

(B) मोनोक्लोरोएसिटिक अम्ल (Monochloroacetic acid) का निर्माण:

अभिक्रिया: क्लोरीनीकरण (Chlorination)

समीकरण: CH₃COOH + Cl₂ (लाल फॉस्फोरस की उपस्थिति में) → ClCH₂COOH + HCl

विवरण: एसिटिक अम्ल को क्लोरीन के साथ लाल फॉस्फोरस की उपस्थिति में गर्म करने पर α-क्लोरोएसिटिक अम्ल (मोनोक्लोरोएसिटिक अम्ल) प्राप्त होता है।

प्रश्न 2 (Question 2)

शहर के एक फैक्टरी को प्रदूषण बोर्ड ने प्रतिबंधित कर दिया, क्योंकि फैक्टरी के स्वामी ने चिमनी पर कोष्ठ नहीं लगाया।

(अ) उस कोष्ठ का नाम लिखिए जिसको फैक्टरी मालिक ने नहीं लगाया था।

(ब) उपरोक्त कोष्ठ का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।

अथवा

(अ) 'वेनीशिंग क्रीम' किस प्रकार का पायस है? इसका उचित नाम लिखिए।

(ब) उपरोक्त पायस का स्वच्छ व नामांकित चित्र बनाइए।

हल (Solution):

विकल्प 1:

(अ) कोष्ठ का नाम: कॉट्रेल का अवक्षेपक (Cottrell's precipitator) या विद्युत अवक्षेपक (Electrostatic precipitator)

(ब) चित्र: (नामांकित चित्र का विवरण) इसमें एक बेलनाकार चैम्बर होता है जिसमें एक तार (डिस्चार्ज इलेक्ट्रोड) और एक धातु की प्लेट (संग्रह इलेक्ट्रोड) होती है। चिमनी से निकलने वाली गैसें चैम्बर से गुजरती हैं, जहाँ उच्च वोल्टेज के कारण धूल के कण आवेशित होकर प्लेट पर जमा हो जाते हैं।


विकल्प 2:

(अ) 'वेनीशिंग क्रीम' जल-तेल (O/W) प्रकार का पायस है। इसका उचित नाम जल में तेल पायस (Oil-in-water emulsion) है।

(ब) चित्र: (नामांकित चित्र का विवरण) इसमें जल की बूंदों के अंदर तेल के छोटे-छोटे कण बिखरे होते हैं, जो पायसीकारक (जैसे साबुन) द्वारा स्थिर किए जाते हैं।

प्रश्न 3 (Question 3)

(अ) सॉल के स्कंदन मान (Coagulating value) की परिभाषा दीजिए।

(ब) निम्नलिखित आयनों को उनके स्कंदन मानों के आधार पर बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

PO₄³⁻, Cl⁻, SO₄²⁻

अथवा

(अ) आकार वरणात्मक उत्प्रेरण (Shape selective catalysis) किसे कहते हैं?

(ब) निम्नलिखित में प्रयुक्त अधिशोषक के नाम लिखिए:

i) विलयन में रंगीन पदार्थों को हटाने में

ii) गैस मास्क में

हल (Solution):

विकल्प 1:

(अ) स्कंदन मान (Coagulating value): किसी सॉल के 1 लीटर को पूर्णतः स्कंदित करने के लिए आवश्यक विद्युत अपघट्य की मिलीमोल (mmol) में न्यूनतम मात्रा को स्कंदन मान कहते हैं।

(ब) आयनों को बढ़ते स्कंदन मान के क्रम में व्यवस्थित करने के लिए, हार्डी-शुल्ज़ नियम के अनुसार, आयन का आवेश जितना अधिक होगा, स्कंदन मान उतना ही कम होगा। अतः क्रम:

PO₄³⁻ < SO₄²⁻ < Cl⁻

(PO₄³⁻ का स्कंदन मान सबसे कम, Cl⁻ का सबसे अधिक)


विकल्प 2:

(अ) आकार वरणात्मक उत्प्रेरण (Shape selective catalysis): वह उत्प्रेरण जिसमें अभिक्रिया की दर उत्प्रेरक के छिद्रों के आकार तथा अभिकारक एवं उत्पाद अणुओं के आकार पर निर्भर करती है, आकार वरणात्मक उत्प्रेरण कहलाता है। उदाहरण: जिओलाइट उत्प्रेरक।

(ब) प्रयुक्त अधिशोषक:

i) विलयन में रंगीन पदार्थों को हटाने में: सक्रिय कार्बन (Activated charcoal) या फुलर की मिट्टी (Fuller's earth)

ii) गैस मास्क में: सक्रिय कार्बन (Activated charcoal)

प्रश्न 28

(1) (a) Which types of emulsion is 'Vanishing cream'. Write its appropriate name.

उत्तर: Vanishing cream एक O/W (Oil-in-Water) प्रकार का इमल्शन है। इसका उपयुक्त नाम जल-तेल इमल्शन है।

(b) Draw neat and labelled diagram of above emulsion.

उत्तर: O/W इमल्शन का चित्र:

        [जल की बूंदें तेल में फैली हुई]
        ⚪⚪⚪
        ⚪⚪⚪  ← तेल (बाहरी चरण)
        ⚪⚪⚪
        (जल की बूंदें = आंतरिक चरण)
        

लेबल: आंतरिक चरण = जल, बाहरी चरण = तेल

(2) (a) What is shape selective catalysis?

उत्तर: Shape selective catalysis वह उत्प्रेरण है जिसमें उत्प्रेरक के छिद्रों का आकार और आकृति अभिकारक अणुओं के आकार और आकृति के अनुसार चयनात्मक रूप से अभिक्रिया को प्रभावित करता है। उदाहरण: जिओलाइट उत्प्रेरक।

(b) Write the name of adsorbent used in following:

  • (i) To remove colouring matter from solution.
  • (ii) In gas mask.

उत्तर:

  • (i) सक्रिय कार्बन (Activated Charcoal) – रंगीन पदार्थों को हटाने के लिए।
  • (ii) सक्रिय कार्बन (Activated Charcoal) – गैस मास्क में विषैली गैसों को अवशोषित करने के लिए।

प्रश्न 29

(1) निम्नलिखित अभिक्रिया का रसायनिक समीकरण लिखिए:

  • स्वार्ट्स अभिक्रिया
  • सैन्डमायर अभिक्रिया

उत्तर:

  • स्वार्ट्स अभिक्रिया: R–X + AgF → R–F + AgX (जहाँ X = Cl, Br, I)
  • सैन्डमायर अभिक्रिया: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + CuCl → C₆H₅Cl + N₂

(2) (a) निम्नलिखित समीकरणों को देखिए:

    (i) CH₃–Br + KOH → CH₃OH + KBr
    (ii) CH₃–CH(Br)–CH₃ + KOH → CH₃–C(OH)–CH₃ + KBr
    

उपरोक्त समीकरण (i) तथा (ii) कौनसे प्रकार की नाभिकरने ही अभिक्रिया है। प्रत्येक के नाम लिखिए।

उत्तर:

  • (i) यह SN2 अभिक्रिया है (द्वितीयक नाभिकरने ही प्रतिस्थापन)।
  • (ii) यह SN1 अभिक्रिया है (प्रथमक नाभिकरने ही प्रतिस्थापन)।

(b) दोनो अभिक्रियाओ (i) तथा (ii) की क्रियाविधी मे दो अन्तर लिखिए।

उत्तर:

क्रिया SN1 अभिक्रिया SN2 अभिक्रिया
1. चरण दो चरणों में होती है (कार्बोकैटायन मध्यवर्ती) एक चरण में होती है (संक्रमण अवस्था)
2. विन्यास रेसीमीकरण (दोनों विन्यास) विपरीत विन्यास (Walden inversion)

अथवा

(1) निम्नलिखित अभिक्रिया का रसायनिक समीकरण लिखिए:

  • वुट्स फिटिग अभिक्रिया
  • फिकेन्स्टाइन अभिक्रिया

उत्तर:

  • वुट्स फिटिग अभिक्रिया: 2R–X + 2Na → R–R + 2NaX (जहाँ X = Cl, Br, I)
  • फिकेन्स्टाइन अभिक्रिया: C₆H₅N₂⁺Cl⁻ + CuCN → C₆H₅CN + N₂ + CuCl

(2) निम्नलिखित नाभिकरने ही अभिक्रियाओं में (i) तथा (ii) में (iii) से क्या अभिप्राय है?

    यौगिक 'ग' → यौगिक 'क' → यौगिक 'ख'
    

उत्तर: यहाँ (i), (ii), और (iii) क्रमशः अभिक्रिया के चरणों को दर्शाते हैं। (iii) से अभिप्राय है कि यौगिक 'ग' से यौगिक 'क' बनता है, फिर यौगिक 'क' से यौगिक 'ख' बनता है। यह एक श्रृंखला अभिक्रिया है जिसमें नाभिकरने ही प्रतिस्थापन होता है।

प्रश्न 1 (भाग-ब)

निम्नलिखित अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए:

  1. स्वार्ट्स अभिक्रिया (Swarts reaction)
  2. सैंडमेयर अभिक्रिया (Sandmeyer's reaction)

प्रश्न 2

निम्नलिखित अभिक्रियाओं पर विचार कीजिए:

(i) CH₃–Br + KOH (aq) → CH₃–OH + KBr

(ii) (CH₃)₃C–Br + KOH (aq) → (CH₃)₃C–OH + KBr

  1. उपरोक्त अभिक्रियाओं (i) तथा (ii) में किस प्रकार की नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन क्रियाविधि (nucleophilic substitution mechanism) सम्मिलित है? प्रत्येक का नाम लिखिए।
  2. अभिक्रिया (i) तथा (ii) की क्रियाविधि में दो अंतर लिखिए।

उत्तर:

(a) अभिक्रिया (i) में SN2 क्रियाविधि (द्वितीय कोटि नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन) तथा अभिक्रिया (ii) में SN1 क्रियाविधि (प्रथम कोटि नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन) सम्मिलित है।

(b) दो अंतर:

  • SN2 एक एक-चरणीय अभिक्रिया है जिसमें आबंध टूटना और बनना एक साथ होता है, जबकि SN1 दो-चरणीय अभिक्रिया है जिसमें पहले कार्बोधनायक (carbocation) बनता है।
  • SN2 में विन्यास का उत्क्रमण (inversion of configuration) होता है, जबकि SN1 में रेसिमीकरण (racemization) होता है।

वैकल्पिक प्रश्न (OR)

निम्नलिखित अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए:

  1. वुर्ट्ज़ अभिक्रिया (Wurtz reaction)
  2. फिंकेलस्टीन अभिक्रिया (Finkelstein reaction)

प्रश्न 3

निम्नलिखित नाभिकस्नेही अभिक्रिया में यौगिक 'x' से यौगिक 'y' तथा यौगिक 'z' प्राप्त होते हैं:

CH₃–CH₂–Br (यौगिक 'x') → CH₃–CH₂–OH (यौगिक 'y') + CH₃–CH₂–O–CH₂–CH₃ (यौगिक 'z')

  1. यौगिक 'x' से यौगिक 'y' तथा यौगिक 'z' प्राप्त करने की प्रक्रियाओं के नाम लिखिए।
  2. यौगिक 'x' से यौगिक 'z' प्राप्त करने में किस प्रकार की नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन क्रियाविधि सम्मिलित है? क्रियाविधि का नाम लिखिए।

उत्तर:

(a) यौगिक 'x' (ब्रोमोएथेन) से यौगिक 'y' (एथेनॉल) प्राप्त करने की प्रक्रिया जल-अपघटन (hydrolysis) है, जबकि यौगिक 'z' (डाइएथिल ईथर) प्राप्त करने की प्रक्रिया विलियमसन संश्लेषण (Williamson's synthesis) है।

(b) यौगिक 'x' से यौगिक 'z' प्राप्त करने में SN2 क्रियाविधि सम्मिलित है। इसमें एथॉक्साइड आयन (C₂H₅O⁻) नाभिकस्नेही के रूप में कार्य करता है और ब्रोमोएथेन पर एक-चरणीय आक्रमण करता है, जिससे डाइएथिल ईथर बनता है।

प्रश्न 30

(अ) फ्रिडेल क्राफ्ट एसीटिलन को उचित उदाहरण की सहायता से समझाइये।

फ्रिडेल-क्राफ्ट्स एसीटिलीकरण एक ऐसी अभिक्रिया है जिसमें एल्किल या एसाइल समूह को एल्युमिनियम क्लोराइड (AlCl₃) जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में बेंजीन वलय में जोड़ा जाता है।

उदाहरण: बेंजीन का एसीटिल क्लोराइड के साथ फ्रिडेल-क्राफ्ट्स एसीटिलीकरण:

C₆H₆ + CH₃COCl → (AlCl₃ उत्प्रेरक) → C₆H₅COCH₃ (एसीटोफेनोन) + HCl

(ब) एसीटैल्डिहाइड कैनिजारो अभिक्रिया नहीं देता है, क्यों? समझाइये।

कैनिजारो अभिक्रिया केवल उन एल्डिहाइडों द्वारा दी जाती है जिनमें α-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होता है। एसीटैल्डिहाइड (CH₃CHO) में α-कार्बन पर तीन हाइड्रोजन परमाणु उपस्थित होते हैं, इसलिए यह कैनिजारो अभिक्रिया नहीं देता है। इसके बजाय, यह एल्डोल संघनन अभिक्रिया देता है।

(स) स्टीफन अभिक्रिया द्वारा प्रोपेनल कैसे प्राप्त करोगे? प्रोपेनल के ऑक्सीकरण की अभिक्रिया लिखिए।

स्टीफन अभिक्रिया: इस अभिक्रिया में नाइट्राइल को स्टैनस क्लोराइड (SnCl₂) और HCl की उपस्थिति में अपचयित करके एल्डिहाइड प्राप्त किया जाता है।

प्रोपेनल का निर्माण: प्रोपियोनाइट्राइल (CH₃CH₂CN) को स्टीफन अभिक्रिया द्वारा अपचयित करने पर प्रोपेनल (CH₃CH₂CHO) प्राप्त होता है।

CH₃CH₂CN + SnCl₂ + HCl → CH₃CH₂CHO + SnCl₄ + NH₄Cl

प्रोपेनल का ऑक्सीकरण: प्रोपेनल को प्रबल ऑक्सीकारक (जैसे K₂Cr₂O₇/H₂SO₄) द्वारा ऑक्सीकृत करने पर प्रोपेनोइक अम्ल (CH₃CH₂COOH) प्राप्त होता है।

CH₃CH₂CHO + [O] → CH₃CH₂COOH

(द) फेलिंग विलयन की एल्डिहाइड के साथ क्रिया लिखिए।

फेलिंग विलयन (Fehling's solution) कॉपर सल्फेट (CuSO₄) और पोटैशियम सोडियम टार्ट्रेट का क्षारीय विलयन है। एल्डिहाइड फेलिंग विलयन को अपचयित करके लाल अवक्षेप (क्यूप्रस ऑक्साइड, Cu₂O) देता है।

अभिक्रिया:

RCHO + 2Cu²⁺ + 5OH⁻ → RCOO⁻ + Cu₂O↓ (लाल अवक्षेप) + 3H₂O


अथवा

(अ) रोजेन मुण्ड अपचयन को उदाहरण सहित समझाइये।

रोजेन मुण्ड अपचयन: इस विधि में एसिड क्लोराइड को Pd/BaSO₄ उत्प्रेरक की उपस्थिति में H₂ गैस द्वारा अपचयित करके एल्डिहाइड प्राप्त किया जाता है। इस अभिक्रिया में उत्प्रेरक को विषाक्त करने के लिए क्विनोलिन या सल्फर का उपयोग किया जाता है ताकि अतिरिक्त अपचयन को रोका जा सके।

उदाहरण: बेंजॉयल क्लोराइड (C₆H₅COCl) का रोजेन मुण्ड अपचयन:

C₆H₅COCl + H₂ → (Pd/BaSO₄, क्विनोलिन) → C₆H₅CHO (बेंजैल्डिहाइड) + HCl

(ब) कार्बोक्सिलिक अम्लों की अम्लता पर प्रतिस्थापियों के प्रभाव को समझाइये।

कार्बोक्सिलिक अम्लों की अम्लता प्रतिस्थापी समूहों के प्रभाव पर निर्भर करती है:

  • इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह (जैसे -NO₂, -Cl, -F, -CN): ये समूह कार्बोक्सिलेट आयन पर ऋणावेश को स्थायित्व प्रदान करते हैं, जिससे अम्लता बढ़ जाती है।
  • इलेक्ट्रॉन-दाता समूह (जैसे -CH₃, -C₂H₅): ये समूह कार्बोक्सिलेट आयन पर ऋणावेश को अस्थायी बनाते हैं, जिससे अम्लता घट जाती है।
  • प्रभाव का क्रम: इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूहों की उपस्थिति में अम्लता बढ़ती है, जबकि इलेक्ट्रॉन-दाता समूहों की उपस्थिति में अम्लता घटती है।

(स) निम्नलिखित अभिक्रियाओं में उत्पाद A, B, C को पहचानिए:

(i) C₆H₅CH₂OH → (A) → (B) → (C)

अभिक्रिया क्रम:

  • A: C₆H₅CH₂OH (बेंजिल अल्कोहल) का ऑक्सीकरण → C₆H₅CHO (बेंजैल्डिहाइड)
  • B: बेंजैल्डिहाइड का ऑक्सीकरण → C₆H₅COOH (बेंजोइक अम्ल)
  • C: बेंजोइक अम्ल का एस्टरीकरण → C₆H₅COOCH₃ (मिथाइल बेंजोएट)

(द) खाद्य परिरक्षण में कार्बोक्सिलिक अम्ल का कौनसा व्युत्पन्न काम में लिया जाता है?

खाद्य परिरक्षण में सोडियम बेंजोएट (C₆H₅COONa) का उपयोग किया जाता है, जो बेंजोइक अम्ल का सोडियम लवण है। यह एक प्रभावी परिरक्षक है जो खाद्य पदार्थों में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है।


प्रश्न 30 (अंग्रेजी भाग)

(i) वर्नर सिद्धांत द्वारा प्रस्तावित धातु आयनों की प्राथमिक और द्वितीयक संयोजकता को परिभाषित कीजिए।

प्राथमिक संयोजकता (Primary Valency): यह धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था को दर्शाती है और आयनिक बंधों द्वारा संतुष्ट होती है। यह धातु की सामान्य संयोजकता के बराबर होती है।

द्वितीयक संयोजकता (Secondary Valency): यह धातु आयन की समन्वय संख्या को दर्शाती है और सहसंयोजक बंधों द्वारा संतुष्ट होती है। यह धातु से जुड़े लिगैंडों की संख्या के बराबर होती है।

(ii) [Co(NH₃)₆]Cl₃ में Co की प्राथमिक और द्वितीयक संयोजकता लिखिए।

  • प्राथमिक संयोजकता: 3 (Co की ऑक्सीकरण अवस्था +3 है)
  • द्वितीयक संयोजकता: 6 (Co से 6 NH₃ लिगैंड जुड़े हैं)

(iii) Ni(CO)₄ और Cr(CO)₆ का संरचनात्मक सूत्र लिखिए।

  • Ni(CO)₄: चतुष्फलकीय (Tetrahedral) संरचना, जिसमें Ni केंद्र में है और चार CO लिगैंड चारों कोनों पर स्थित हैं।
  • Cr(CO)₆: अष्टफलकीय (Octahedral) संरचना, जिसमें Cr केंद्र में है और छह CO लिगैंड छह दिशाओं में स्थित हैं।

(iv) कार्बोनिल संकुल में सिनर्जिक बंधन अंतःक्रिया दर्शाने वाला चित्र बनाइए।

कार्बोनिल संकुलों में सिनर्जिक बंधन (π-बैक बॉन्डिंग) में धातु से CO के π* कक्षक में इलेक्ट्रॉन का दान होता है, जिससे M-C बंध मजबूत होता है और C-O बंध कमजोर होता है।

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