RBSE Class 12th 2017 Political Science-SS-11-2017 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2017 |
| Subject | Political Science-SS-11-2017 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2017 Political Science-SS-11-2017
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Rajasthan Board Class 12th Political Science-SS-11-2017 2017 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2017
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2017
राजनीति विज्ञान
POLITICAL SCIENCE
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
SS-II-Pol. Sc. 812 [ Turn Over
परीक्षा निर्देश (Exam Instructions)
5) प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
6) खण्ड, प्रश्न संख्या, अंक एवं उत्तर की शब्द सीमा:
| खण्ड (Section) | प्रश्न संख्या (Q.Nos.) | अंक प्रति प्रश्न (Marks per question) | उत्तर की शब्द सीमा (Words limit of answer) |
|---|---|---|---|
| A | 1 – 9 | 1 | 20 शब्द |
| B | 10 – 17 | 2 | 40 शब्द |
| C | 18 – 24, 26 – 27 | 4 | 100 शब्द |
| D | 28 – 30 | 5 | 50 शब्द |
7) प्रश्न संख्या 25 भारत के राजनीतिक मानचित्र से सम्बन्धित है और 4 अंक का है।
Question No. 25 is related to political map of India and carries 4 marks.
8) प्रश्न क्रमांक 28 से 30 में आंतरिक विकल्प हैं।
There are internal choices in Question Nos. 28 to 30.
SS_II_Pol. Sc. 82
खण्ड - अ
SECTION - A
-
प्रश्न 1. उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की स्थापना कब हुई? [1]
When did the North Atlantic Treaty Organization (NATO) come into existence?
उत्तर: नाटो की स्थापना 4 अप्रैल, 1949 को हुई थी।
Answer: NATO was established on 4 April 1949.
-
प्रश्न 2. अमेरीका ने आतंकवाद के विरूद्ध कौनसा अभियान चलाया? [1]
Which campaign did America launch against terrorism?
उत्तर: अमेरिका ने आतंकवाद के विरुद्ध 'ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम' (स्थायी स्वतंत्रता अभियान) चलाया।
Answer: America launched 'Operation Enduring Freedom' against terrorism.
-
प्रश्न 3. 'बांग्लादेश' का निर्माण कब हुआ? [1]
When did Bangladesh come into existence?
उत्तर: बांग्लादेश का निर्माण 16 दिसंबर, 1971 को हुआ।
Answer: Bangladesh came into existence on 16 December 1971.
-
प्रश्न 4. आतंकवाद का आशय बतलाइए। [1]
What is the meaning of terrorism?
उत्तर: आतंकवाद का आशय राजनीतिक, धार्मिक या वैचारिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए हिंसा, धमकी और भय का उपयोग करना है। यह नागरिकों को निशाना बनाकर सरकारों या समाजों पर दबाव डालने का एक तरीका है।
Answer: Terrorism refers to the use of violence, threats, and fear to achieve political, religious, or ideological goals. It targets civilians to pressure governments or societies.
-
प्रश्न 5. भारत ने 'क्योटो प्रोटोकॉल' पर हस्ताक्षर कब किए? [2]
When did India sign the 'Kyoto Protocol'?
उत्तर: भारत ने क्योटो प्रोटोकॉल पर 26 अगस्त, 2002 को हस्ताक्षर किए।
Answer: India signed the Kyoto Protocol on 26 August 2002.
-
प्रश्न 6. राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना कब हुई? [1]
When was the State Reorganization Commission established?
उत्तर: राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना 29 दिसंबर, 1953 को हुई थी।
Answer: The State Reorganization Commission was established on 29 December 1953.
-
प्रश्न 7. भारत के संविधान का निर्माण कब हुआ? [1]
When was the Indian Constitution formulated?
उत्तर: भारत के संविधान का निर्माण 26 नवंबर, 1949 को हुआ था (यह 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ)।
Answer: The Indian Constitution was formulated on 26 November 1949 (it came into effect on 26 January 1950).
SS—II-Pol. Sc. 812 | Turn Over
प्रश्न 8
भारत ने किस देश के साथ 1997 में एक 20 वर्षीय संधि पर हस्ताक्षर किए? [2]
With which country India signed a 20-year treaty in 1997?
उत्तर: भारत ने बांग्लादेश के साथ 1997 में एक 20 वर्षीय संधि पर हस्ताक्षर किए। यह संधि गंगा जल बंटवारे (फरक्का बैराज) से संबंधित थी।
प्रश्न 9
25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह की घोषणा किसने की थी? [2]
Who announced for Nationwide Satyagrah from Ramlila Ground on 25th June 1975?
उत्तर: जयप्रकाश नारायण (लोकनायक) ने 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह की घोषणा की थी।
खण्ड - ब (SECTION - B)
प्रश्न 10
गोर्बाचेव द्वारा सोवियत संघ में सुधार के दो कारण बतलाइए। [1+1=2]
Give two reasons of reformation in Soviet Union by Gorbachev.
उत्तर: गोर्बाचेव द्वारा सोवियत संघ में सुधार के दो प्रमुख कारण:
- आर्थिक ठहराव: सोवियत अर्थव्यवस्था में सुधार की आवश्यकता थी क्योंकि वह पश्चिमी देशों से पिछड़ रही थी।
- राजनीतिक एवं सामाजिक असंतोष: जनता में स्वतंत्रता और लोकतंत्र की मांग बढ़ रही थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए सुधार आवश्यक थे।
प्रश्न 11
चीन अर्थव्यवस्था के उत्थान के दो कारण बतलाइए। [1+1=2]
Give two reasons responsible for the development of China's Economy.
उत्तर: चीन की अर्थव्यवस्था के उत्थान के दो प्रमुख कारण:
- आर्थिक सुधार (1978 के बाद): डेंग शियाओपिंग के नेतृत्व में बाजार-उन्मुख सुधारों को अपनाया गया, जिससे निजी क्षेत्र को बढ़ावा मिला।
- वैश्वीकरण और निर्यात: चीन ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में खुद को स्थापित किया और सस्ते श्रम के कारण बड़े पैमाने पर निर्यात किया।
प्रश्न 12
"आसियान" तेजी से बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है। इसके पक्ष में आप दो तर्क दीजिए। [1+1=2]
"ASEAN" is a rapidly growing important regional organization. Give two reasons in favour of your view.
उत्तर: आसियान के महत्व के पक्ष में दो तर्क:
- आर्थिक एकीकरण: आसियान ने आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुक्त व्यापार क्षेत्र (AFTA) की स्थापना की, जिससे सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाएँ तेजी से बढ़ी हैं।
- राजनीतिक स्थिरता: यह संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, विवादों को बातचीत से सुलझाता है।
प्रश्न 13
शक्ति सन्तुलन बनाए रखने के दो उपाय बतलाइए। [1+1=2]
Give two methods to maintain the Balance of Power.
उत्तर: शक्ति सन्तुलन बनाए रखने के दो उपाय:
- सैन्य गठबंधन: कमजोर राष्ट्र मिलकर शक्तिशाली राष्ट्र का सामना करने के लिए सैन्य गठबंधन बनाते हैं (जैसे नाटो)।
- हथियारों की होड़: प्रतिद्वंद्वी राष्ट्र अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाकर एक-दूसरे को संतुलित करने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न 14
रियो सम्मेलन के दो परिणाम बतलाइए। [1+1=2]
Give two consequences of Rio Summit.
उत्तर: रियो सम्मेलन (1992) के दो प्रमुख परिणाम:
- जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC): इस सम्मेलन ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि का मार्ग प्रशस्त किया।
- जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD): इसने जैविक विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए एक वैश्विक ढांचा तैयार किया।
5. भारतीय जनसंघ की विचारधारा को समझाइए। [2]
Explain the ideology of Bharatiya Jan Sangh.
उत्तर: भारतीय जनसंघ की विचारधारा मुख्यतः राष्ट्रवाद, एकात्मक मानवतावाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर आधारित थी। यह पार्टी भारतीय संस्कृति और परंपराओं के पुनरुत्थान, मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा, और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर बल देती थी। इसका उद्देश्य भारत को एक सशक्त, एकीकृत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में स्थापित करना था।
Answer: The ideology of Bharatiya Jan Sangh was primarily based on nationalism, integral humanism, and cultural nationalism. The party emphasized the revival of Indian culture and traditions, strong national security, and economic self-reliance. Its aim was to establish India as a strong, united, and prosperous nation.
6. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए - [2+2+2+2]
Match the following -
| सूची I (List I) | सूची II (List II) |
|---|---|
| (i) भारत-चीन युद्ध (India-China War) | 1962 |
| (ii) ताशकंद समझौता (Tashkent Agreement) | 1966 |
| (iii) शिमला समझौता (Shimla Agreement) | 1972 |
| (iv) पंचशील की घोषणा (Declaration of Panchsheel) | 1954 |
सही सुमेलन (Correct Matching):
- (i) भारत-चीन युद्ध - 1962
- (ii) ताशकंद समझौता - 1966
- (iii) शिमला समझौता - 1972
- (iv) पंचशील की घोषणा - 1954
7. स्वतन्त्र राष्ट्र बांग्लादेश के उदय के कारणों को समझाइए। [2]
Explain the reasons of origin of Independent Nation Bangladesh.
उत्तर: स्वतन्त्र राष्ट्र बांग्लादेश के उदय के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
- भाषाई और सांस्कृतिक भेदभाव: पाकिस्तान सरकार द्वारा उर्दू को एकमात्र राष्ट्रभाषा बनाने का प्रयास और पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) की बंगाली भाषा और संस्कृति का दमन।
- आर्थिक शोषण: पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा पूर्वी पाकिस्तान के संसाधनों का शोषण और वहाँ के लोगों को आर्थिक रूप से पिछड़ा रखना।
- राजनीतिक असमानता: पूर्वी पाकिस्तान को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सत्ता में उचित हिस्सेदारी न देना।
- 1970 का चुनाव और शेख मुजीबुर रहमान: 1970 के चुनाव में शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में आवामी लीग की भारी जीत के बाद भी सत्ता हस्तांतरण न करना।
- सैन्य कार्रवाई: 25 मार्च 1971 को पाकिस्तानी सेना द्वारा पूर्वी पाकिस्तान में सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन सर्चलाइट) जिसमें नरसंहार हुआ, जिसने स्वतंत्रता संग्राम को जन्म दिया।
Answer: The major reasons for the origin of independent Bangladesh were:
- Linguistic and Cultural Discrimination: Attempts by the Pakistan government to make Urdu the sole national language and suppression of Bengali language and culture in East Pakistan (Bangladesh).
- Economic Exploitation: Exploitation of East Pakistan's resources by West Pakistan and keeping the region economically backward.
- Political Inequality: Denial of proper political representation and share in power to East Pakistan.
- 1970 Election and Sheikh Mujibur Rahman: Non-transfer of power despite the landslide victory of Awami League led by Sheikh Mujibur Rahman in the 1970 elections.
- Military Action: The military crackdown (Operation Searchlight) by the Pakistani army on March 25, 1971, which involved genocide and sparked the liberation war.
खण्ड - स (SECTION - C)
8. 1977 में कांग्रेस की पुनर्स्थापना के कारण बतलाइए। [4]
Give the reasons for the restoration of Congress in 1977.
उत्तर: 1977 में कांग्रेस की पुनर्स्थापना (सत्ता में वापसी) के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
- आपातकाल के प्रति जनता का असंतोष: 1975-77 के आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध, प्रेस सेंसरशिप और जबरन नसबंदी जैसी नीतियों के कारण जनता में व्यापक असंतोष था।
- जनता पार्टी का गठन: विभिन्न विपक्षी दलों (भारतीय जनसंघ, भारतीय लोकदल, कांग्रेस (O), समाजवादी पार्टी आदि) का एकजुट होकर जनता पार्टी का गठन, जिसने कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प प्रदान किया।
- चुनावी गठबंधन: जनता पार्टी और उसके सहयोगियों ने चुनावी गठबंधन करके कांग्रेस के खिलाफ एक मोर्चा बनाया।
- नेतृत्व और जनसमर्थन: जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, चरण सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने जनता को एकजुट किया और आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाई।
- कांग्रेस के भीतर विभाजन: 1969 में कांग्रेस का विभाजन (कांग्रेस (R) और कांग्रेस (O)) पहले ही हो चुका था, जिससे पार्टी कमजोर हुई।
Answer: The main reasons for the restoration of Congress (return to power) in 1977 were:
- Public Discontent with Emergency: Widespread public dissatisfaction due to restrictions on civil liberties, press censorship, and forced sterilization policies during the 1975-77 Emergency.
- Formation of Janata Party: The unification of various opposition parties (Bharatiya Jana Sangh, Bharatiya Lok Dal, Congress (O), Socialist Party, etc.) to form the Janata Party, providing a strong alternative to Congress.
- Electoral Alliance: The Janata Party and its allies formed an electoral front against the Congress.
- Leadership and Public Support: Leaders like Jayaprakash Narayan, Morarji Desai, Charan Singh, and Atal Bihari Vajpayee united the public and raised their voice against the Emergency.
- Split in Congress: The earlier split in Congress in 1969 (into Congress (R) and Congress (O)) had already weakened the party.
9. 1977 में केन्द्र में विपक्षी दलों की सरकार बनने के कारणों की व्याख्या कीजिए। [4]
Explain the reasons responsible for the formation of opposition parties government in centre in 1977.
उत्तर: 1977 में केन्द्र में विपक्षी दलों (जनता पार्टी) की सरकार बनने के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
- आपातकाल का दुरुपयोग: 1975-77 के आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग, नागरिक अधिकारों का हनन और अलोकप्रिय नीतियों (जैसे जबरन नसबंदी) के कारण जनता में गहरा आक्रोश था।
- विपक्षी दलों का एकीकरण: आपातकाल के विरोध में विभिन्न विपक्षी दलों (भारतीय जनसंघ, भारतीय लोकदल, कांग्रेस (O), समाजवादी पार्टी आदि) ने अपने मतभेद भुलाकर जनता पार्टी का गठन किया और एकजुट होकर चुनाव लड़ा।
- जनता का मोहभंग: आपातकाल के दौरान प्रेस पर प्रतिबंध, राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण से जनता का कांग्रेस से मोहभंग हो गया।
- प्रभावी चुनाव प्रचार: जनता पार्टी ने आपातकाल के दुरुपयोग, लोकतंत्र की बहाली और नागरिक स्वतंत्रता के मुद्दों को उठाकर प्रभावी चुनाव प्रचार किया।
- जयप्रकाश नारायण का नेतृत्व: लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आह्वान पर विपक्षी दल एकजुट हुए और उनके नेतृत्व में जनता पार्टी को व्यापक जनसमर्थन मिला।
Answer: The main reasons for the formation of the opposition government (Janata Party) at the centre in 1977 were:
- Misuse of Emergency: Deep public anger due to the misuse of power, violation of civil rights, and unpopular policies (like forced sterilization) by the Indira Gandhi government during the 1975-77 Emergency.
- Unification of Opposition Parties: Various opposition parties (Bharatiya Jana Sangh, Bharatiya Lok Dal, Congress (O), Socialist Party, etc.) set aside their differences to form the Janata Party and contested the elections unitedly.
- Public Disillusionment: The public became disillusioned with Congress due to the ban on the press, arrest of political opponents, and erosion of democratic values during the Emergency.
- Effective Election Campaign: The Janata Party ran an effective campaign highlighting the misuse of the Emergency, the need for restoration of democracy, and civil liberties.
- Leadership of Jayaprakash Narayan: Opposition parties united on the call of Loknayak Jayaprakash Narayan, and under his leadership, the Janata Party received widespread public support.
प्रश्न 20 – सोवियत संघ के विघटन के चार कारण बतलाइए।
Give four reasons responsible for the disintegration of Soviet Union.
उत्तर: सोवियत संघ के विघटन के चार प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक पिछड़ापन: सोवियत अर्थव्यवस्था केंद्रीय नियोजन पर आधारित थी, जो अकुशल साबित हुई और तकनीकी विकास में पश्चिमी देशों से पिछड़ गई।
- राजनीतिक अस्थिरता: मिखाइल गोर्बाचेव के सुधारों (ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका) ने नियंत्रण को कमजोर कर दिया और अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा दिया।
- राष्ट्रीयताओं का संघर्ष: विभिन्न गणराज्यों (जैसे यूक्रेन, बाल्टिक राज्य) में स्वतंत्रता की मांग तेज हो गई।
- शीत युद्ध का दबाव: हथियारों की होड़ और अफगानिस्तान युद्ध ने सोवियत संसाधनों को समाप्त कर दिया।
प्रश्न 22 – “आज कोई भी देश अमेरिकी सैन्य शक्ति की तुलना में बराबर नहीं है।” इसके पक्ष में चार तर्क दीजिए।
'No, any other country is superior than America in Military Power'. Give four reasons in your favour.
उत्तर: अमेरिकी सैन्य शक्ति की श्रेष्ठता के पक्ष में चार तर्क:
- विशाल रक्षा बजट: अमेरिका का रक्षा बजट किसी भी अन्य देश से कहीं अधिक है, जिससे वह उन्नत हथियारों और तकनीक में निवेश कर सकता है।
- वैश्विक सैन्य उपस्थिति: दुनिया भर में सैन्य ठिकानों और नौसेना की उपस्थिति से अमेरिका किसी भी क्षेत्र में तेजी से हस्तक्षेप कर सकता है।
- तकनीकी श्रेष्ठता: अमेरिका के पास उन्नत लड़ाकू विमान, मिसाइल रक्षा प्रणाली, साइबर युद्ध क्षमता और ड्रोन तकनीक है।
- परमाणु शक्ति: अमेरिका के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार है और वह नाटो जैसे गठबंधनों का नेतृत्व करता है।
प्रश्न 23 – आपकी राय में पाकिस्तान में लोकतंत्रीकरण के लिए कठिनाइयों को बतलाइए।
In your view, write down the difficulties in Democratization of Pakistan.
उत्तर: पाकिस्तान में लोकतंत्रीकरण में निम्नलिखित कठिनाइयाँ हैं:
- सैन्य हस्तक्षेप: सेना ने कई बार सत्ता पर कब्जा किया है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है।
- राजनीतिक अस्थिरता: सरकारें अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पातीं, जिससे नीतियों में निरंतरता नहीं रहती।
- भ्रष्टाचार और कमजोर संस्थाएँ: न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाएँ स्वतंत्र नहीं हैं और भ्रष्टाचार व्याप्त है।
- साम्प्रदायिकता और आतंकवाद: धार्मिक चरमपंथ और आतंकवाद ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया है।
प्रश्न 24 – अन्तर्राष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता के कारणों को समझाइए।
Explain the reasons for the necessity of International Organization.
उत्तर: अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता के प्रमुख कारण:
- शांति और सुरक्षा: युद्धों को रोकने और अंतर्राष्ट्रीय विवादों को हल करने के लिए (जैसे संयुक्त राष्ट्र)।
- आर्थिक सहयोग: व्यापार, वित्त और विकास में सहयोग बढ़ाने के लिए (जैसे विश्व व्यापार संगठन, IMF)।
- वैश्विक समस्याओं का समाधान: जलवायु परिवर्तन, महामारी, आतंकवाद जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
- मानवाधिकारों का संरक्षण: अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार संगठन नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं।
प्रश्न 25 – भारत द्वारा वैश्वीकरण की दिशा में उठाये गये कदमों को समझाइए।
Explain the steps taken by India towards Globalization.
उत्तर: भारत द्वारा वैश्वीकरण की दिशा में उठाए गए प्रमुख कदम:
- 1991 का आर्थिक सुधार: उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) नीति अपनाई गई, जिससे विदेशी निवेश और व्यापार बढ़ा।
- व्यापार उदारीकरण: आयात शुल्क कम किए गए और निर्यात को बढ़ावा दिया गया।
- विदेशी निवेश को आकर्षित करना: FDI नीतियों को उदार बनाया गया और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) स्थापित किए गए।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भागीदारी: WTO, IMF, विश्व बैंक और क्षेत्रीय व्यापार समझौतों में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रश्न 26 – भारत के मानचित्र में निम्न को दर्शाइये:
i) देश के विभाजन से प्रभावित दो राज्य।
ii) 1960 में भाषा के आधार पर बनाए गए दो राज्य।
Point out the following in the given map of India:
i) Two states effected by the partition of India.
ii) Two states formulated on the basis of language in 1960.
उत्तर:
i) देश के विभाजन से प्रभावित दो राज्य: पंजाब और पश्चिम बंगाल (इन राज्यों का विभाजन हुआ और बड़े पैमाने पर जनसंख्या विस्थापन हुआ)।
ii) 1960 में भाषा के आधार पर बनाए गए दो राज्य: महाराष्ट्र और गुजरात (बॉम्बे राज्य के विभाजन से 1960 में ये दो राज्य बने)।
प्रश्न 27 – पंजाब समझौते के प्रावधानों का वर्णन कीजिए।
Describe the Provisions of Punjab agreement.
उत्तर: पंजाब समझौता (राजीव-लोंगोवाल समझौता, 1985) के प्रमुख प्रावधान:
- चंडीगढ़ का हस्तांतरण: चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने का वादा किया गया, जबकि हरियाणा को मुआवजे के रूप में क्षेत्र दिए जाने की बात कही गई।
- सतलुज-यमुना लिंक नहर: पंजाब और हरियाणा के बीच जल विवाद को सुलझाने के लिए नहर निर्माण पर सहमति।
- धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर सहित धार्मिक स्थलों को सेना से मुक्त करने का प्रावधान।
- आतंकवादियों के लिए माफी: उन लोगों को माफी देने का वादा जो हिंसा में शामिल नहीं थे, और सामान्य स्थिति बहाल करना।
- अनुच्छेद 370 का विस्तार: पंजाब को अधिक स्वायत्तता देने का वादा (हालांकि यह पूरी तरह लागू नहीं हुआ)।
खण्ड - द (SECTION - D)
27) निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए। [2+2=4]
i) TWearet का युग।
सही शब्द: त्वरित (Twarit) का युग – इसका अर्थ है तीव्र गति या तेजी से बदलाव का समय। यह आधुनिकीकरण, तकनीकी प्रगति और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों की तीव्र गति को दर्शाता है।
ii) मंडल आयोग।
मंडल आयोग – 1979 में गठित, इसने पिछड़ी जातियों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 27% आरक्षण की सिफारिश की। 1990 में इसके लागू होने से व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई।
Write short notes of the following:
i) Co-olition age
Correct term: Coalition Age – This refers to the period in Indian politics (especially post-1989) when no single party could secure a majority, leading to coalition governments. It marked a shift from one-party dominance to multi-party alliances.
ii) Mandal commission
Mandal Commission – Established in 1979, it recommended 27% reservation for Other Backward Classes (OBCs) in government jobs and education. Its implementation in 1990 sparked widespread political and social debates.
28) शीत युद्ध क्या है? इसके कारणों का वर्णन करो। [5]
शीत युद्ध – द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका और सोवियत संघ के बीच वैचारिक, राजनीतिक और सैन्य प्रतिद्वंद्विता को शीत युद्ध कहा जाता है। यह प्रत्यक्ष युद्ध नहीं था, बल्कि प्रभाव क्षेत्रों में विस्तार, हथियारों की होड़ और प्रचार युद्ध के रूप में था।
कारण:
- वैचारिक मतभेद: अमेरिका पूंजीवाद और लोकतंत्र का समर्थक था, जबकि सोवियत संघ साम्यवाद और एकदलीय शासन का।
- शक्ति संतुलन: दोनों महाशक्तियां विश्व में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहती थीं।
- परमाणु हथियारों की होड़: दोनों ने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार किया, जिससे तनाव बढ़ा।
- यूरोप का विभाजन: जर्मनी और बर्लिन का विभाजन तथा नाटो और वारसा संधि जैसे गुटों का निर्माण।
- उपनिवेशवाद का अंत: नव स्वतंत्र देशों को अपने प्रभाव में लेने की प्रतिस्पर्धा।
अथवा (OR)
गुट निरपेक्ष आन्दोलन की विवेचना कीजिए।
गुट निरपेक्ष आन्दोलन (NAM) – 1961 में बेलग्रेड में स्थापित, यह आंदोलन उन देशों का समूह था जो शीत युद्ध में किसी भी गुट (अमेरिकी या सोवियत) से नहीं जुड़े। इसके नेता जवाहरलाल नेहरू, जोसिप ब्रोज़ टीटो, गमाल अब्देल नासर और सुकर्णो थे।
विवेचना:
- उद्देश्य: शांति, उपनिवेशवाद विरोध, और विकासशील देशों की स्वतंत्रता की रक्षा।
- सिद्धांत: स्वतंत्र विदेश नीति, पारस्परिक सम्मान, और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना।
- उपलब्धियां: शीत युद्ध के दौरान तनाव कम करने में मदद, और विकासशील देशों को एक मंच प्रदान किया।
- आलोचना: कुछ देशों ने तटस्थता का पालन नहीं किया, और आंदोलन धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया।
29) पहली व दूसरी पंचवर्षीय योजनाओं में किन क्षेत्रों पर ज्यादा जोर दिया गया। वर्णन कीजिए। [5]
पहली पंचवर्षीय योजना (1951-56): मुख्य रूप से कृषि और सिंचाई पर जोर दिया गया। लक्ष्य था खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना और देश को खाद्य आत्मनिर्भर बनाना। इसमें भूमि सुधार, सामुदायिक विकास कार्यक्रम और बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएं (जैसे भाखड़ा-नांगल) शामिल थीं।
दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61): इसमें भारी उद्योगों और औद्योगीकरण पर जोर दिया गया। लक्ष्य था इस्पात, कोयला, बिजली और मशीनरी उद्योगों का विकास। इस योजना ने सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत किया और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा दिया।
अथवा (OR)
हरित क्रान्ति का अर्थ समझाते हुए परिणामों का वर्णन कीजिए।
हरित क्रान्ति का अर्थ: 1960 के दशक में भारत में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए उच्च उपज वाली बीजों, रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और सिंचाई सुविधाओं के उपयोग को हरित क्रान्ति कहा जाता है। इसके जनक एम.एस. स्वामीनाथन थे।
परिणाम:
- सकारात्मक: खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि (गेहूं और चावल), भारत खाद्य आत्मनिर्भर बना, किसानों की आय बढ़ी।
- नकारात्मक: क्षेत्रीय असमानता (केवल पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सफल), छोटे किसान पिछड़ गए, मिट्टी की उर्वरता कम हुई, पर्यावरणीय समस्याएं (जल प्रदूषण, रासायनिक अवशेष)।
30) भारतीय किसान यूनियन के उदय के कारण व विशेषताओं पर प्रकाश डालिये। [5]
भारतीय किसान यूनियन (BKU) के उदय के कारण:
- आर्थिक संकट: किसानों को कर्ज, बढ़ती लागत और कम मूल्य का सामना करना पड़ा।
- सरकारी नीतियां: कृषि सुधारों की कमी और बाजार में अनियमितता।
- भूमि सुधारों का अभाव: जमीन का असमान वितरण और भूमिहीन किसानों की समस्या।
- नेतृत्व: महेंद्र सिंह टिकैत जैसे नेताओं ने किसानों को संगठित किया।
विशेषताएं:
- अराजनीतिक: किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं, केवल किसानों के हितों पर केंद्रित।
- शांतिपूर्ण आंदोलन: धरना, प्रदर्शन और सविनय अवज्ञा के माध्यम से मांगें रखना।
- व्यापक आधार: छोटे, मध्यम और बड़े सभी प्रकार के किसानों को शामिल करना।
- प्रभावशाली: सरकार को कृषि नीतियों में बदलाव के लिए मजबूर करना।
अथवा (OR)
नर्मदा बचाओं आन्दोलन की व्याख्या कीजिए।
नर्मदा बचाओ आन्दोलन (NBA) – यह एक सामाजिक आंदोलन है जो नर्मदा नदी पर बन रहे बांधों (विशेषकर सरदार सरोवर बांध) के विरोध में चलाया गया। इसका नेतृत्व मेधा पाटकर और बाबा आम्टे ने किया।
व्याख्या:
- उद्देश्य: बांधों से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और पर्यावरणीय क्षति को रोकना।
- मुख्य मांगें: प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, भूमि और रोजगार; पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा।
- तरीके: जन जागरण, धरना, प्रदर्शन, कानूनी लड़ाई (सुप्रीम कोर्ट तक गया)।
- परिणाम: सरकार को पुनर्वास नीतियों में सुधार करना पड़ा, लेकिन बांध निर्माण जारी रहा। यह आंदोलन पर्यावरण और मानवाधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बना।
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