RBSE Class 12th 2018 -SS-06-2018 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2018 |
| Subject | -SS-06-2018 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2018 -SS-06-2018
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Rajasthan Board Class 12th -SS-06-2018 2018 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2018
SENIOR SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2018
लोक प्रशासन / PUBLIC ADMINISTRATION
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
No. of Questions — 30 S S-06-Pub. Adm. (Supp.)
No. of Printed Pages — 7
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
SS-06—Pub. Adm. 254 [ Turn Over
खण्ड - अ / Part - A
प्रश्न 1. "द स्टडी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन" नामक लेख किस पत्रिका में प्रकाशित हुआ था? [1]
In which journal was the article entitled "The Study of Administration" published?
- (A) Political Science Quarterly
- (B) American Political Science Review
- (C) Public Administration Review
- (D) The North American Review
व्याख्या / Explanation: यह लेख वुडरो विल्सन द्वारा 1887 में "The North American Review" पत्रिका में प्रकाशित हुआ था, जिसे लोक प्रशासन का प्रारंभिक ग्रंथ माना जाता है।
SS_06—Pub. Adm. 254
2) इन्ट्रोडक्शन टू द स्टडी ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन नामक पुस्तक किस वर्ष प्रकाशित हुई?
In which year was the book named "Introduction to the study of Public Administration" published?
उत्तर: यह पुस्तक सन् 1926 में प्रकाशित हुई थी।
Answer: This book was published in the year 1926.
3) नियामकीय प्रशासन का मुख्य कार्य क्या है?
What is the main function of regulatory Administration?
उत्तर: नियामकीय प्रशासन का मुख्य कार्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों, विनियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करना तथा उनके उल्लंघन पर नियंत्रण रखना है।
Answer: The main function of regulatory administration is to ensure compliance with rules, regulations, and standards set by the government, and to control their violation.
4) विकास प्रशासन की अवधारणा का प्रतिपादन किसने किया?
Who propounded the concept of development administration?
उत्तर: विकास प्रशासन की अवधारणा का प्रतिपादन जॉर्ज एफ. गैंट ने किया था।
Answer: The concept of development administration was propounded by George F. Gant.
5) राज्य के सप्तांग सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया?
Who propounded "Saptang theory of the State"?
उत्तर: राज्य के सप्तांग सिद्धान्त का प्रतिपादन कौटिल्य ने अपने ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' में किया था।
Answer: The Saptang theory of the State was propounded by Kautilya in his treatise 'Arthashastra'.
6) भारतीय संविधान का अनुच्छेद 280 किस संस्था से संबंधित है?
To which institution is Article 280 of the Indian Constitution related?
उत्तर: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है।
Answer: Article 280 is related to the Finance Commission.
7) लोक लेखा समिति में राज्यसभा के कितने सदस्य होते हैं?
How many members of Rajya Sabha are in the Public Accounts Committee?
उत्तर: लोक लेखा समिति में राज्यसभा के 7 सदस्य होते हैं। (कुल 22 सदस्यों में से 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से होते हैं।)
Answer: There are 7 members of Rajya Sabha in the Public Accounts Committee. (Out of total 22 members, 15 are from Lok Sabha and 7 from Rajya Sabha.)
8) अनुमान समिति की भारत में स्थापना किस वर्ष हुई?
In which year was the Estimates Committee established in India?
उत्तर: अनुमान समिति की स्थापना भारत में सन् 1950 में हुई थी।
Answer: The Estimates Committee was established in India in the year 1950.
9) ली आयोग का गठन किस वर्ष हुआ?
In which year Lee Commission was Constituted?
उत्तर: ली आयोग का गठन 1923 ईस्वी में हुआ था।
Answer: The Lee Commission was constituted in the year 1923.
0) प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
Who was the first chairman of first administrative reforms commission?
उत्तर: प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) के प्रथम अध्यक्ष श्री मोरारजी देसाई थे।
Answer: The first chairman of the first Administrative Reforms Commission (1966) was Shri Morarji Desai.
खण्ड - ब
Part - B
1) नवीन लोक प्रशासन की चार विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Mention four features of New Public Administration.
उत्तर: नवीन लोक प्रशासन की चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- सामाजिक समानता (Social Equity) – प्रशासन में न्याय और समानता पर बल।
- ग्राहक-केंद्रितता (Client-Centric) – नागरिकों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता।
- भागीदारी (Participation) – निर्णय प्रक्रिया में जनता की भागीदारी।
- परिवर्तन के प्रति अनुकूलन (Adaptability to Change) – बदलती परिस्थितियों में लचीलापन।
Answer: Four features of New Public Administration are:
- Social Equity – Emphasis on justice and equality in administration.
- Client-Centric – Prioritizing citizens' needs.
- Participation – Involving public in decision-making.
- Adaptability to Change – Flexibility in changing circumstances.
2) नव लोक प्रबंध किन तीन 'E' पर बल देता है?
On which three 'E', New public management emphasizes?
उत्तर: नव लोक प्रबंध (New Public Management) निम्नलिखित तीन 'E' पर बल देता है:
- अर्थव्यवस्था (Economy) – संसाधनों का कम से कम लागत पर उपयोग।
- दक्षता (Efficiency) – न्यूनतम इनपुट से अधिकतम आउटपुट।
- प्रभावशीलता (Effectiveness) – निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति।
Answer: New Public Management emphasizes three 'E's:
- Economy – Using resources at minimum cost.
- Efficiency – Maximum output with minimum input.
- Effectiveness – Achievement of set goals.
3) प्रशासनिक विकास के किन्हीं दो साधनों का उल्लेख कीजिए?
Mention any two sources of Administrative Development.
उत्तर: प्रशासनिक विकास के दो प्रमुख साधन निम्नलिखित हैं:
- प्रशिक्षण (Training) – कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता बढ़ाना।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग (Use of Technology) – आधुनिक तकनीक (जैसे ई-गवर्नेंस) को अपनाना।
Answer: Two sources of Administrative Development are:
- Training – Enhancing employees' capacity through regular training.
- Use of Technology – Adopting modern technology (e.g., e-Governance).
4) किन्हीं दो अखिल भारतीय सेवाओं का पूरा नाम लिखिए।
Write full form of any two All India Services.
उत्तर: दो अखिल भारतीय सेवाओं के पूर्ण नाम निम्नलिखित हैं:
- भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service – IAS)
- भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service – IPS)
Answer: Full forms of two All India Services are:
- Indian Administrative Service (IAS)
- Indian Police Service (IPS)
5) बजट से आप क्या समझते हैं?
What do you mean by Budget?
उत्तर: बजट एक वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित आय और व्यय का एक विस्तृत विवरण है। यह सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं को दर्शाता है तथा संसाधनों के आवंटन का एक साधन है।
Answer: A budget is a detailed statement of the estimated income and expenditure of the government for a financial year. It reflects the government's policies and priorities and is a tool for resource allocation.
SS_06—Pub. Adm. 254
6) “समापन से आप क्या समझते है?” [2]
What do you understand by Guillotine?
समापन (Guillotine): समापन एक संसदीय प्रक्रिया है जिसमें किसी विधेयक या प्रस्ताव पर चर्चा को समाप्त कर दिया जाता है और उसे बिना विस्तृत विचार-विमर्श के मतदान के लिए प्रस्तुत कर दिया जाता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब समय की कमी हो या विपक्ष द्वारा जानबूझकर देरी की जा रही हो।
7) हाल ही में राजस्थान में सुशासन हेतु अपनाए गए दो अधिनियमों का उल्लेख कीजिए। [2]
Mention two Acts adopted for the good governance in Rajasthan recently.
राजस्थान में सुशासन हेतु हाल ही में अपनाए गए दो प्रमुख अधिनियम निम्नलिखित हैं:
- राजस्थान सार्वजनिक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 – इस अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने की गारंटी दी गई है।
- राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 – यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है।
8) भारत में उदारीकरण के पश्चात् प्रशासनिक सुधारों हेतु गठित किए गए किन्हीं दो आयोगों के नाम लिखिए। [2]
Write names of any two commissions constituted for administrative reforms after liberalization in India.
भारत में उदारीकरण (1991) के पश्चात् प्रशासनिक सुधारों हेतु गठित दो प्रमुख आयोग हैं:
- द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC-II) – 2005 में गठित, जिसने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित किया।
- सुरेश तेंदुलकर समिति – 2008 में गठित, जिसने सार्वजनिक सेवा वितरण और प्रशासनिक सुधारों पर सिफारिशें दीं।
खण्ड - स / Part - C
9) वैज्ञानिक प्रबंध के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए। [4]
Explain objectives of Scientific Management.
वैज्ञानिक प्रबंध (Scientific Management) के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- उत्पादकता में वृद्धि: कार्य विधियों का वैज्ञानिक अध्ययन करके श्रम और समय की बचत करना, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़े।
- लागत में कमी: अपव्यय को समाप्त करके और संसाधनों का कुशल उपयोग करके उत्पादन लागत को कम करना।
- श्रमिकों का कल्याण: उचित वेतन, कार्य स्थितियों में सुधार और प्रशिक्षण के माध्यम से श्रमिकों की भलाई सुनिश्चित करना।
- मानकीकरण: कार्य विधियों, उपकरणों और सामग्रियों का मानकीकरण करके एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
- प्रबंधन और श्रमिकों के बीच सहयोग: मानसिक क्रांति के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देना।
20) धनात्मक अभिप्रेरणा से आपका क्या तात्पर्य है? उदाहरण दीजिए। [4]
What do you mean by positive motivation? Give example.
धनात्मक अभिप्रेरणा (Positive Motivation): इसका तात्पर्य कर्मचारियों को पुरस्कार, प्रशंसा, मान्यता या अन्य सकारात्मक प्रोत्साहनों के माध्यम से प्रेरित करना है, जिससे वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित हों।
उदाहरण: किसी कंपनी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी को "एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ" का पुरस्कार देना, जिसमें नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र शामिल हो। इससे अन्य कर्मचारी भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
2) रिग्ज़ द्वारा तुलनात्मक लोक प्रशासन की किन तीन प्रवृत्तियों का वर्णन किया गया? [4]
Which three trends of comparative public administration have been described by Riggs?
फ्रेड रिग्ज़ (Fred Riggs) ने तुलनात्मक लोक प्रशासन की तीन प्रमुख प्रवृत्तियों का वर्णन किया है:
- नॉर्मेटिव प्रवृत्ति (Normative Trend): यह प्रशासनिक मूल्यों, आदर्शों और नैतिकता पर केंद्रित है, जैसे कि लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन।
- एम्पिरिकल प्रवृत्ति (Empirical Trend): यह वास्तविक दुनिया के आंकड़ों और अनुभवजन्य अध्ययनों पर आधारित है, जिसमें प्रशासनिक व्यवहार का विश्लेषण किया जाता है।
- इकोलॉजिकल प्रवृत्ति (Ecological Trend): यह प्रशासनिक प्रणालियों और उनके पर्यावरण (सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक) के बीच संबंधों का अध्ययन करती है।
22) भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की किन्हीं चार विशेषताओं का वर्णन कीजिए। [4]
Describe any four features of Indian administrative system.
भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की चार प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- संघीय ढांचा: भारत में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन है, जो संविधान द्वारा निर्धारित है।
- नौकरशाही प्रणाली: यह एक पदानुक्रमित संरचना पर आधारित है, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और अन्य अखिल भारतीय सेवाएं प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
- स्वतंत्र न्यायपालिका: न्यायपालिका कार्यपालिका और विधायिका से स्वतंत्र है, जो संविधान की रक्षा करती है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है।
- लोकतांत्रिक जवाबदेही: प्रशासनिक अधिकारी जनता और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह होते हैं, जो चुनावों और संसदीय नियंत्रण के माध्यम से सुनिश्चित होता है।
खण्ड - स् (Part - C)
-
प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ पंचवर्षीय योजनाओं की अवधि वर्षों का उल्लेख कीजिए।
Mention duration years of first, second, third and fourth five years plans.
उत्तर: प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-1956), द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961), तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961-1966), चतुर्थ पंचवर्षीय योजना (1969-1974)।
-
आधारभूत प्रशिक्षण के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
Describe objectives of foundation training.
उत्तर: आधारभूत प्रशिक्षण के प्रमुख उद्देश्य हैं: (1) नवनियुक्त अधिकारियों को सरकारी कार्यप्रणाली, नियमों एवं प्रक्रियाओं से परिचित कराना। (2) उनमें प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की कला का विकास करना। (3) उन्हें लोक सेवा के प्रति समर्पण, नैतिकता एवं अनुशासन का पाठ पढ़ाना। (4) विभिन्न क्षेत्रों (जैसे अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, प्रबंधन) का समग्र ज्ञान प्रदान करना। (5) अधिकारियों में राष्ट्रीय एकता, धर्मनिरपेक्षता एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता उत्पन्न करना।
-
लोक सेवा आयोग किन मामलों में परामर्श प्रदान करता है?
In which matters, public service commission provides advice?
उत्तर: लोक सेवा आयोग निम्नलिखित मामलों में परामर्श प्रदान करता है: (1) सिविल सेवाओं में भर्ती के तरीकों एवं सिद्धांतों पर। (2) पदोन्नति, स्थानांतरण एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामलों में। (3) सेवा शर्तों, वेतनमान एवं पेंशन संबंधी नियमों के निर्माण में। (4) कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति, बर्खास्तगी या पदच्युति से संबंधित प्रश्नों पर। (5) सरकार द्वारा संदर्भित किसी भी अन्य प्रशासनिक या कानूनी मामले में।
-
लोक सेवक के प्रमुख कार्य लिखिए।
Write main functions of civil servant.
उत्तर: लोक सेवक के प्रमुख कार्य हैं: (1) नीति निर्माण में सहायता करना एवं सरकार को तकनीकी सलाह देना। (2) सरकारी नीतियों एवं कानूनों को लागू करना। (3) सार्वजनिक सेवाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था आदि) का कुशल संचालन सुनिश्चित करना। (4) कर संग्रह, बजट निर्माण एवं वित्तीय प्रबंधन करना। (5) जनता की शिकायतों का निवारण करना एवं उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना। (6) रिकॉर्ड रखना, रिपोर्ट तैयार करना एवं प्रशासनिक निर्णयों का दस्तावेजीकरण करना।
-
सामान्यज्ञों एवं विशेषज्ञों में अन्तर कीजिए (कोई चार)।
Differentiate between generalists and specialists (any four).
क्रमांक सामान्यज्ञ (Generalist) विशेषज्ञ (Specialist) 1. उनके पास विविध क्षेत्रों का सामान्य ज्ञान होता है। उनके पास किसी एक विशिष्ट क्षेत्र का गहन ज्ञान होता है। 2. वे नीति निर्माण एवं समन्वय में दक्ष होते हैं। वे तकनीकी कार्यों एवं विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में कार्य करते हैं। 3. इनकी नियुक्ति प्रायः प्रशासनिक सेवाओं (जैसे IAS) में होती है। इनकी नियुक्ति तकनीकी सेवाओं (जैसे इंजीनियर, डॉक्टर) में होती है। 4. ये विभिन्न विभागों में स्थानांतरित हो सकते हैं। ये प्रायः अपने विशेष क्षेत्र में ही कार्य करते हैं।
खण्ड - द् (Part - D)
-
वैज्ञानिक प्रबंध के सिद्धान्तों की विवेचना कीजिए।
Discuss the Principles of Scientific Management.
उत्तर: वैज्ञानिक प्रबंध के सिद्धांत एफ.डब्ल्यू. टेलर द्वारा प्रतिपादित किए गए। इसके प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
- वैज्ञानिक कार्य पद्धति (Scientific Task Setting): कार्य को छोटे-छोटे भागों में बांटकर प्रत्येक कार्य के लिए मानक समय एवं विधि निर्धारित की जाती है।
- वैज्ञानिक चयन एवं प्रशिक्षण (Scientific Selection and Training): श्रमिकों का चयन उनकी योग्यता के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है और उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है।
- कार्य एवं उत्तरदायित्व का समान वितरण (Equal Division of Work and Responsibility): प्रबंधकों और श्रमिकों के बीच कार्य एवं जिम्मेदारी का स्पष्ट विभाजन होता है।
- मानसिक क्रांति (Mental Revolution): प्रबंधकों और श्रमिकों के बीच आपसी सहयोग एवं समझ विकसित करना, जिससे दोनों के हित सुरक्षित रहें।
- मानकीकरण (Standardization): उपकरणों, सामग्री, कार्य विधियों एवं उत्पादों का मानकीकरण किया जाता है।
- प्रोत्साहन योजना (Incentive Plan): श्रमिकों को अधिक उत्पादन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन (जैसे विभेदीकृत मजदूरी) दिया जाता है।
इन सिद्धांतों का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, लागत कम करना एवं श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
अथवा / OR
“पोस्डकॉर्ब का वर्णन कीजिए।
Describe 'POSDCORB'.
उत्तर: POSDCORB एक संक्षिप्त शब्द है जो प्रशासन के सात मुख्य कार्यों को दर्शाता है। इसे लूथर गुलिक एव� लिंडल उर्विक ने प्रतिपादित किया था। इसका पूर्ण रूप निम्नलिखित है:
- P - Planning (योजना): उद्देश्यों को निर्धारित करना एवं उन्हें प्राप्त करने के लिए रणनीति बनाना।
- O - Organizing (संगठन): कार्यों को विभाजित करना, अधिकार एवं उत्तरदायित्व का निर्धारण करना।
- S - Staffing (कर्मचारी नियोजन): उपयुक्त कर्मचारियों की भर्ती, चयन, प्रशिक्षण एवं विकास करना।
- D - Directing (निर्देशन): कर्मचारियों को मार्गदर्शन देना, नेतृत्व करना एवं उन्हें प्रेरित करना।
- CO - Coordinating (समन्वय): विभिन्न विभागों एवं कार्यों में सामंजस्य स्थापित करना।
- R - Reporting (रिपोर्टिंग): कार्य की प्रगति की जानकारी देना एवं रिकॉर्ड रखना।
- B - Budgeting (बजट निर्माण): वित्तीय योजना बनाना, बजट तैयार करना एवं उसका नियंत्रण करना।
यह संक्षिप्त शब्द प्रशासनिक कार्यों को समझने का एक सरल एवं प्रभावी ढाँचा प्रदान करता है।
29) मैक्ग्रेगर द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्त एक्स एवं सिद्धान्त वाई का वर्णन कीजिए। [6]
Describe Theory X and Theory Y as propounded by McGregor.
सिद्धान्त X (Theory X): यह मानव स्वभाव के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। इसके अनुसार:
- सामान्य मनुष्य को कार्य से स्वाभाविक अरुचि होती है और वह जितना हो सके कार्य से बचना चाहता है।
- अधिकांश लोगों को कार्य करने के लिए बल, नियंत्रण, निर्देशन और दण्ड की धमकी की आवश्यकता होती है।
- सामान्य मनुष्य निर्देशित होना पसंद करता है, उत्तरदायित्व से बचना चाहता है, उसकी महत्वाकांक्षा कम होती है और वह सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है।
सिद्धान्त Y (Theory Y): यह मानव स्वभाव के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। इसके अनुसार:
- कार्य करना खेल या आराम की तरह ही स्वाभाविक है।
- बाहरी नियंत्रण और दण्ड की धमकी ही लक्ष्य प्राप्ति का एकमात्र साधन नहीं है; मनुष्य स्व-निर्देशन और आत्म-नियंत्रण द्वारा भी कार्य कर सकता है।
- उपयुक्त परिस्थितियों में सामान्य मनुष्य न केवल उत्तरदायित्व स्वीकार करना सीखता है, बल्कि उसे खोजता भी है।
- संगठनात्मक समस्याओं के समाधान में उच्च स्तर की कल्पना, सृजनात्मकता और बुद्धिमत्ता व्यापक रूप से वितरित होती है।
निष्कर्ष: मैक्ग्रेगर ने सिद्धान्त Y को अधिक प्रभावी माना, जो सहभागी प्रबंधन और कर्मचारी सशक्तिकरण पर बल देता है।
अथवा / OR
साइमन द्वारा प्रतिपादित निर्णय-प्रक्रिया के चरणों की व्याख्या कीजिए।
Explain the stages of decision making as propounded by Simon.
हर्बर्ट साइमन के अनुसार निर्णय-प्रक्रिया के तीन मुख्य चरण हैं:
- खुफिया गतिविधि (Intelligence Activity): इस चरण में समस्या की पहचान की जाती है। निर्णयकर्ता पर्यावरण का सर्वेक्षण करता है, सूचनाएँ एकत्र करता है और उन परिस्थितियों को समझता है जिनमें निर्णय लेना आवश्यक है।
- डिजाइन गतिविधि (Design Activity): इस चरण में समस्या के वैकल्पिक समाधानों का विकास और विश्लेषण किया जाता है। निर्णयकर्ता विभिन्न विकल्पों को खोजता है, उनके संभावित परिणामों का मूल्यांकन करता है और उनकी व्यवहार्यता की जाँच करता है।
- चयन गतिविधि (Choice Activity): यह अंतिम चरण है जिसमें विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन किया जाता है। निर्णयकर्ता मूल्यांकन के आधार पर एक विकल्प को चुनता है और उसे लागू करने का निर्णय लेता है।
साइमन ने बाद में चौथा चरण समीक्षा (Review) भी जोड़ा, जिसमें लिए गए निर्णय के परिणामों का मूल्यांकन किया जाता है।
30) नीति आयोग के उद्देश्यों और संगठन की व्याख्या कीजिए। [6]
Explain objectives and organization of NITI Aayog.
उद्देश्य (Objectives):
- राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के लिए साझा दृष्टिकोण तैयार करना।
- ग्रामीण स्तर पर योजना बनाने और विश्वसनीय योजना बनाने की क्षमता विकसित करना।
- रणनीतिक और दीर्घकालिक नीति ढाँचा तैयार करना।
- गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में हस्तक्षेप करना।
- नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता को बढ़ावा देना।
संगठन (Organization):
- अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री।
- गवर्निंग काउंसिल: सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल।
- उपाध्यक्ष: प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त।
- पूर्णकालिक सदस्य: विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ।
- पदेन सदस्य: केंद्रीय मंत्रिमंडल के कुछ वरिष्ठ मंत्री।
- मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO): सचिव स्तर का अधिकारी।
अथवा / OR
राजस्थान के नियोजन विभाग के संगठन एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
Describe organization and functions of planning department of Rajasthan.
संगठन (Organization):
- राजस्थान का नियोजन विभाग मुख्य सचिव के अधीन कार्य करता है।
- विभाग का प्रमुख प्रमुख सचिव (योजना) होता है।
- इसके अंतर्गत निदेशालय (अर्थ एवं सांख्यिकी) कार्य करता है, जिसका नेतृत्व निदेशक करता है।
- जिला स्तर पर जिला योजना समितियाँ और जिला सांख्यिकी अधिकारी कार्य करते हैं।
- विभिन्न योजनाओं के मूल्यांकन के लिए मूल्यांकन प्रकोष्ठ भी स्थापित है।
कार्य (Functions):
- राज्य की पंचवर्षीय योजनाओं और वार्षिक योजनाओं का निर्माण करना।
- योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और समीक्षा करना।
- विभिन्न विभागों की योजना प्रस्तावों का मूल्यांकन और अनुमोदन करना।
- आर्थिक और सामाजिक आँकड़ों का संग्रह, विश्लेषण और प्रकाशन करना।
- जिला स्तर पर योजना निर्माण में समन्वय और मार्गदर्शन प्रदान करना।
- नीति आयोग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करना।