RBSE Class 12th 2018 -SS-18-2018 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2018
Subject -SS-18-2018
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th -SS-18-2018 2018 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2018

SENIOR SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2018

गृहविज्ञान
HOME SCIENCE

समय : 3¼ घण्टे    पूर्णांक : 56


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

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प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER

Tear Here

निर्देश / Instructions

5) प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।

If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

6) खण्ड / Section — प्रश्न संख्या / Q. Nos. — अंक / Marks per question

खण्ड / Section प्रश्न संख्या / Q. Nos. अंक प्रति प्रश्न / Marks per question
क / A 1 – 3 1
ख / B 4 – 24 2
ग / C 25 – 27 3
घ / D 28 – 30 4

7) प्रश्न क्रमांक 29 और 30 में आन्तरिक विकल्प है।

There is internal choice in question Q.Nos. 29 & 30.

SS-8-Home Science

262

खण्ड - अ / SECTION - A

  1. पूर्व किशोरावस्था के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

    What are the symptoms of preadolescence?

    पूर्व किशोरावस्था (लगभग 10-13 वर्ष) के प्रमुख लक्षणों में शारीरिक परिवर्तन (जैसे ऊंचाई बढ़ना, वजन बढ़ना, माध्यमिक यौन लक्षणों का विकास), भावनात्मक अस्थिरता, साथियों का प्रभाव बढ़ना, स्वतंत्रता की इच्छा, और अमूर्त सोच का विकास शामिल हैं।

  2. किशोरों द्वारा व्यवसाय के चयन में सामाजिक अपेक्षाएं किस प्रकार प्रभावित करती हैं?

    What are the factors influencing the career option of an adolescents with reference to the expectations of the society?

    सामाजिक अपेक्षाएं किशोरों के व्यवसाय चयन को कई प्रकार से प्रभावित करती हैं: परिवार और समुदाय द्वारा प्रतिष्ठित माने जाने वाले व्यवसायों (जैसे डॉक्टर, इंजीनियर) को प्राथमिकता दी जाती है; लैंगिक भूमिकाओं के आधार पर कुछ व्यवसायों को पुरुष या महिला के लिए उपयुक्त माना जाता है; सामाजिक-आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परंपराएं भी निर्णय को प्रभावित करती हैं।

  3. सिफलिस किस से संबंधित रोग है? इस रोग के जीवाणु का नाम लिखिए।

    What is syphilis associated with? Name the microorganism which causes syphilis.

    सिफलिस एक यौन संचारित रोग (STD) है। इस रोग का कारक जीवाणु ट्रेपोनेमा पैलिडम (Treponema pallidum) है।

  4. उपभोक्ता संरक्षण का क्या अर्थ है?

    What is the meaning of consumer protection.

    उपभोक्ता संरक्षण का अर्थ है उपभोक्ताओं को अनुचित व्यापार प्रथाओं, मिलावट, अधिक मूल्य वसूली, और घटिया वस्तुओं/सेवाओं से बचाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक उपाय करना। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों (सुरक्षा, सूचना, चयन, सुनवाई आदि) की रक्षा करना है।

  5. तैयार पोशाक से क्या तात्पर्य है?

    What do you mean by a readymade dress?

    तैयार पोशाक (रेडीमेड ड्रेस) से तात्पर्य उन वस्त्रों से है जो कारखानों या उद्योगों में मानक आकारों (जैसे S, M, L, XL) में पहले से सिले जाते हैं और सीधे बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं। इन्हें ग्राहक की व्यक्तिगत माप के अनुसार नहीं बनाया जाता।

  6. स्तनपान करवाना छात्री मां के स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार लाभप्रद है?

    How is breast feeding beneficial to the lactating mother?

    स्तनपान मां के स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभप्रद है: यह गर्भाशय को जल्दी सिकुड़ने और सामान्य आकार में लौटने में मदद करता है; प्रसवोत्तर रक्तस्राव को कम करता है; स्तन और डिम्बग्रंथि के कैंसर का खतरा कम करता है; मां और शिशु के बीच भावनात्मक बंधन मजबूत करता है; और अतिरिक्त कैलोरी जलाने में सहायता कर वजन नियंत्रण में मदद करता है।

  7. जल को संदूषित होने के मुख्य कारण लिखिए।

    What are the reasons for the contamination of water?

    जल संदूषण के मुख्य कारण हैं: औद्योगिक अपशिष्ट (रसायन, भारी धातु) का जल स्रोतों में छोड़ा जाना; कृषि में उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक और उर्वरक; घरेलू सीवेज और मल-जल का अनुपचारित निर्वहन; प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे का जल में मिलना; और प्राकृतिक कारण जैसे बाढ़ या भूजल में आर्सेनिक की उपस्थिति।

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8) वस्त्रों के चयन में फैशन का प्रभाव किस प्रकार से पड़ता है? [1]

How does fashion influence the selection of clothes?

फैशन वस्त्रों के चयन को प्रभावित करता है क्योंकि लोग वर्तमान प्रचलित शैलियों, रंगों, डिज़ाइनों और कपड़ों के प्रकारों को अपनाते हैं। यह व्यक्तिगत पहचान, सामाजिक स्वीकार्यता और आत्म-अभिव्यक्ति को दर्शाता है। फैशन के कारण लोग नए कपड़े खरीदते हैं और पुराने शैलियों को बदलते हैं।

9) वस्त्रों का नाप लेने हेतु प्रमुख उपकरण कौन-कौन से हैं? [1]

What are the instruments used for taking measurements of clothes?

वस्त्रों का नाप लेने के प्रमुख उपकरण हैं:

  • मापने का फीता (Measuring Tape) – लचीला फीता जो शरीर के विभिन्न भागों का नाप लेने के लिए उपयोग होता है।
  • स्केल (Scale) – सीधी रेखाओं और लंबाई मापने के लिए।
  • एल-स्केल (L-Scale) – कोणों और आयताकार माप के लिए।
  • कर्व रूलर (Curve Ruler) – गोलाई और वक्र रेखाओं के माप के लिए।

10) मानसिक आय से क्या तात्पर्य है? [1]

What do you mean by mental Income?

मानसिक आय से तात्पर्य उस आय से है जो व्यक्ति को अपने ज्ञान, कौशल, अनुभव और बौद्धिक क्षमता के उपयोग से प्राप्त होती है। यह भौतिक संपत्ति नहीं बल्कि मानसिक संतुष्टि, आत्म-सम्मान और सामाजिक मान्यता के रूप में होती है। उदाहरण के लिए, शिक्षक द्वारा पढ़ाने से मिलने वाली संतुष्टि मानसिक आय है।

11) पारिवारिक बजट का क्या महत्त्व है? [4]

What is the Importance of a family budget?

पारिवारिक बजट का महत्त्व निम्नलिखित है:

  • आय और व्यय का नियंत्रण: यह परिवार की आय और व्यय को संतुलित रखने में मदद करता है।
  • बचत को प्रोत्साहन: बजट बनाने से अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहता है और बचत संभव होती है।
  • आपातकालीन स्थिति में सहायता: बजट में आपातकालीन निधि रखने से अप्रत्याशित खर्चों का सामना किया जा सकता है।
  • परिवार के लक्ष्यों की प्राप्ति: यह शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा आदि के लिए योजना बनाने में सहायक होता है।
  • वित्तीय अनुशासन: बजट परिवार के सदस्यों को वित्तीय अनुशासन सिखाता है और खर्चों की प्राथमिकता तय करता है।

12) विनियोग के प्रारूप को समझाइये। [1]

Explain the outline of investment.

विनियोग (निवेश) के प्रारूप में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • उद्देश्य: निवेश का मुख्य उद्देश्य भविष्य में आय या लाभ प्राप्त करना होता है।
  • प्रकार: निवेश विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं जैसे बैंक जमा, शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट, सोना आदि।
  • जोखिम और लाभ: प्रत्येक निवेश में जोखिम और लाभ का स्तर अलग-अलग होता है। उच्च जोखिम वाले निवेश में अधिक लाभ की संभावना होती है।
  • समय अवधि: निवेश अल्पकालिक, मध्यकालिक या दीर्घकालिक हो सकता है।
  • तरलता: निवेश की तरलता (आसानी से नकदी में बदलने की क्षमता) भी महत्वपूर्ण है।

13) उपभोक्ता के चयन के अधिकार को समझाइये। [1]

Explain the consumer's right of selection.

उपभोक्ता के चयन के अधिकार का अर्थ है कि उपभोक्ता को विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं में से अपनी आवश्यकता, बजट और पसंद के अनुसार चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। इस अधिकार के तहत उपभोक्ता को:

  • गुणवत्ता, मूल्य और विशेषताओं की तुलना करने का अवसर मिलता है।
  • किसी भी उत्पाद या सेवा को अस्वीकार करने का अधिकार है।
  • बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण उचित मूल्य पर बेहतर विकल्प प्राप्त होते हैं।
  • यह अधिकार उपभोक्ता को धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाता है।

खण्ड-ब / SECTION - B

14) पूर्व किशोरावस्था की समस्याओं का संक्षिप्त वर्णन करें। [2]

Write in brief the problems of pre adolescence.

पूर्व किशोरावस्था (लगभग 10-13 वर्ष) में निम्नलिखित समस्याएँ सामान्य होती हैं:

  • शारीरिक परिवर्तन: तीव्र वृद्धि, हार्मोनल बदलाव, यौन विकास की शुरुआत, जिससे शर्मिंदगी या चिंता हो सकती है।
  • भावनात्मक अस्थिरता: मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, आत्म-सम्मान में उतार-चढ़ाव।
  • सामाजिक दबाव: साथियों के समूह में स्वीकार्यता की चाह, बदमाशी या अलगाव का डर।
  • शैक्षणिक तनाव: परीक्षा का दबाव, पढ़ाई में रुचि की कमी या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।
  • पारिवारिक संघर्ष: माता-पिता से स्वतंत्रता की चाह और नियमों के प्रति विद्रोह।

SS-8-Home Science 262

5) स्वस्थ प्रजनन हेतु ध्यान रखने योग्य बिन्दु कौन-कौन से हैं? समझाइये। [2]

Write the points to be kept in mind for healthy reproduction.

स्वस्थ प्रजनन हेतु ध्यान रखने योग्य बिन्दु:

  • संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  • नियमित व्यायाम एवं योग करें।
  • तनाव मुक्त रहें एवं पर्याप्त नींद लें।
  • धूम्रपान, मद्यपान एवं नशीले पदार्थों से दूर रहें।
  • समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
  • स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करें।

6) जनसंख्या शिक्षा क्या है? समझाइये। [2]

What is population education?

जनसंख्या शिक्षा: जनसंख्या शिक्षा एक शैक्षिक प्रक्रिया है जो व्यक्तियों को जनसंख्या वृद्धि, उसके कारणों, प्रभावों एवं नियंत्रण के उपायों के बारे में जागरूक करती है। इसका उद्देश्य लोगों को छोटे परिवार के लाभ, परिवार नियोजन के साधनों एवं जनसंख्या नियंत्रण के प्रति संवेदनशील बनाना है।

7) किशोर के कैरियर निर्माण में विद्यालय की भूमिका को स्पष्ट करें। [2]

What is the role of school in building a career for adolescents?

विद्यालय की भूमिका:

  • विद्यालय किशोरों को विभिन्न विषयों एवं कौशलों का ज्ञान प्रदान करता है।
  • कैरियर परामर्श एवं मार्गदर्शन सेवाएं उपलब्ध कराता है।
  • व्यक्तित्व विकास हेतु सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का आयोजन करता है।
  • व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करता है।
  • छात्रों की रुचि एवं क्षमता के अनुसार उचित कैरियर चुनने में सहायता करता है।

8) पूरक आहार क्या है? शिशु की विभिन्न आयु के अनुरूप पूरक आहार की सूची का वर्णन करें। [2]

What is supplementary food? Describe the list of supplementary foods suitable for the different age of the infant.

पूरक आहार: पूरक आहार वह अतिरिक्त भोजन है जो शिशु को माँ के दूध के साथ 6 माह की आयु के बाद दिया जाता है, जब केवल माँ का दूध शिशु की पोषण आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाता।

विभिन्न आयु के अनुरूप पूरक आहार:

  • 6-8 माह: घी-शक्कर का खिचड़ी, दलिया, मसला हुआ केला, उबली सब्जियां (गाजर, आलू), फलों का रस।
  • 9-11 माह: मुलायम रोटी, दाल का पानी, उबले अंडे की जर्दी, दही, सूजी का हलवा।
  • 12-24 माह: परिवार का सामान्य भोजन (नरम रूप में), दूध, फल, सब्जियां, अंडा, मछली, चिकन।

9) किशोरावस्था में होने वाली पोषण संबंधी समस्याओं का संक्षिप्त वर्णन करें। [2]

Describe the Nutritional problems related to adolescents.

किशोरावस्था में पोषण संबंधी समस्याएं:

  • एनीमिया (रक्ताल्पता): आयरन की कमी से होता है, जिससे थकान, कमजोरी आती है।
  • कुपोषण: असंतुलित आहार के कारण शारीरिक विकास प्रभावित होता है।
  • मोटापा: अधिक कैलोरी युक्त भोजन एवं कम शारीरिक गतिविधि से।
  • कैल्शियम की कमी: हड्डियों का कमजोर होना, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा।
  • खाने के विकार: एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलिमिया जैसी समस्याएं।

10) SR क्या है? ज्वर के प्रकार लिखें। [2]

What is fever? Describe the types of fever.

SR (Sedimentation Rate): यह एक रक्त परीक्षण है जो शरीर में सूजन या संक्रमण की उपस्थिति का पता लगाने में सहायक होता है।

ज्वर के प्रकार:

  • सतत ज्वर (Continuous Fever): तापमान लगातार ऊंचा रहता है, दिनभर में 1°C से कम का अंतर होता है (जैसे टाइफाइड)।
  • अंतराल ज्वर (Intermittent Fever): तापमान कुछ समय के लिए सामान्य हो जाता है, फिर बढ़ जाता है (जैसे मलेरिया)।
  • प्रत्यावर्ती ज्वर (Remittent Fever): तापमान में उतार-चढ़ाव रहता है लेकिन कभी सामान्य नहीं होता (जैसे निमोनिया)।
  • पुनरावर्ती ज्वर (Relapsing Fever): कुछ दिन ज्वर रहता है, फिर सामान्य हो जाता है, पुनः आ जाता है।

11) F.S.S.A.I क्या है? [2]

What is F.S.S.A.I?

F.S.S.A.I (Food Safety and Standards Authority of India): यह भारत सरकार का एक स्वायत्त निकाय है जो खाद्य पदार्थों की सुरक्षा एवं मानकों को निर्धारित करने, खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, वितरण एवं बिक्री को नियंत्रित करने का कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।

12) सिलाई में काम आने वाले किन्हीं दो उपकरणों का नामांकित चित्र बनाइये। [2]

Draw the diagrams of any two equipments needed for stitching.

सिलाई के दो उपकरण:

  1. सिलाई मशीन (Sewing Machine): कपड़े को सिलने का मुख्य उपकरण।
  2. कैंची (Scissors): कपड़े को काटने के लिए उपयोगी।

(नामांकित चित्र के लिए छात्र स्वयं चित्र बनाएं।)

23) घरेलू हिसाब किताब के प्रकारो का संक्षिप्त वर्णन करें। [2]

Describe the types of household accounts.

घरेलू हिसाब-किताब मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

  1. दैनिक हिसाब (Daily Account): इसमें प्रतिदिन के खर्चों और आय का लेखा-जोखा रखा जाता है, जैसे किराना, सब्जी, दूध आदि पर खर्च।
  2. मासिक/वार्षिक हिसाब (Monthly/Annual Account): इसमें मासिक या वार्षिक आधार पर कुल आय-व्यय का सारांश तैयार किया जाता है, जिससे बजट बनाने और बचत की योजना बनाने में सहायता मिलती है।

24) खाधान मिलावट प्रतिबंध अधिनियम (1954) को समझाए। [2]

Explain the prevention of food Adulteration Act 1954.

खाद्य मिलावट प्रतिबंध अधिनियम, 1954 (Prevention of Food Adulteration Act, 1954) भारत सरकार द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इस अधिनियम के मुख्य प्रावधान हैं:

  • खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की हानिकारक या निम्न गुणवत्ता वाली वस्तु मिलाना प्रतिबंधित है।
  • खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता के मानक निर्धारित किए गए।
  • मिलावट करने वालों के लिए कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया।
  • खाद्य निरीक्षकों को नमूने लेने और जांच करने का अधिकार दिया गया।

इस अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिलावटी और अशुद्ध खाद्य पदार्थों से बचाना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

SECTION - C

25) आहार आयोजन के सिधान्तों का संक्षिप्त वर्णन करे। [3]

Briefly describe the principles of meal planning.

आहार आयोजन के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:

  1. पोषण संतुलन (Nutritional Balance): भोजन में सभी आवश्यक पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज) उचित मात्रा में शामिल हों।
  2. विविधता (Variety): भोजन में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल करें ताकि सभी पोषक तत्व प्राप्त हो सकें और भोजन रुचिकर बना रहे।
  3. परिवार की आवश्यकताएँ (Family Needs): परिवार के सदस्यों की आयु, लिंग, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आहार की योजना बनाएं।
  4. आर्थिक सामर्थ्य (Economic Feasibility): परिवार के बजट के अनुसार खाद्य पदार्थों का चयन करें ताकि पोषण से समझौता न हो।
  5. मौसमी उपलब्धता (Seasonal Availability): मौसमी फलों और सब्जियों का उपयोग करें, जो सस्ते और पौष्टिक होते हैं।
  6. समय और ऊर्जा की बचत (Time and Energy Saving): भोजन तैयार करने में कम समय और ऊर्जा लगे, इसके लिए पहले से योजना बनाएं।

26) वृद्धावस्था की पोषण संबंधी समस्याएं एवं पौषणिक आवश्यकताओ का वर्णन करें। [3]

Describe the nutrition related problems and nutritional needs of old age.

वृद्धावस्था की पोषण संबंधी समस्याएं:

  • भूख कम लगना और स्वाद में कमी
  • दांतों की समस्या के कारण चबाने में कठिनाई
  • पाचन तंत्र की कमजोरी (कब्ज, अपच)
  • हड्डियों का कमजोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस)
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी
  • दवाओं के कारण पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होना

पौषणिक आवश्यकताएं:

  • कैल्शियम और विटामिन डी की अधिक आवश्यकता (हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए)
  • प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा (मांसपेशियों के रखरखाव के लिए)
  • फाइबर युक्त आहार (कब्ज से बचाव के लिए)
  • विटामिन बी12 और आयरन (एनीमिया से बचाव)
  • पानी का पर्याप्त सेवन (निर्जलीकरण से बचाव)
  • कम वसा और कम शर्करा वाला आहार (हृदय रोग और मधुमेह से बचाव)

27) स्वरोजगार से क्या तात्पर्य है? एवं इसके क्या लाभ है? [3]

What is self employment and what are its advantages?

स्वरोजगार का तात्पर्य: स्वरोजगार का अर्थ है अपना स्वयं का व्यवसाय या उद्यम स्थापित करना, जिसमें व्यक्ति अपने लिए काम करता है और दूसरों पर निर्भर नहीं रहता। इसमें व्यक्ति अपनी पूंजी, कौशल और श्रम का उपयोग करके आय अर्जित करता है।

स्वरोजगार के लाभ:

  • स्वतंत्रता: अपने निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता मिलती है।
  • लचीलापन: काम के समय और स्थान में लचीलापन होता है।
  • अधिक आय की संभावना: सफल होने पर नौकरी से अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
  • रचनात्मकता: अपने विचारों और कौशल को व्यवहार में लाने का अवसर मिलता है।
  • रोजगार सृजन: दूसरों को भी रोजगार देने का अवसर मिलता है।
  • आत्मसंतुष्टि: अपने व्यवसाय को सफल बनाने में आत्मसंतुष्टि मिलती है।

28) विशिष्ट बालक को परिभाषित करते हुए शारीरिक रूप से अक्षम बालको के प्रकारो का संक्षिप्त वर्णन करें। [4]

Define exceptional children and describe the types of physically disabled children.

विशिष्ट बालक की परिभाषा: विशिष्ट बालक (Exceptional Children) वे बच्चे होते हैं जो शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भावनात्मक रूप से सामान्य बच्चों से भिन्न होते हैं और जिन्हें विशेष शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विशेष देखभाल और शिक्षा की आवश्यकता होती है।

शारीरिक रूप से अक्षम बालकों के प्रकार:

  1. दृष्टि बाधित बालक (Visually Impaired): जिन बच्चों की दृष्टि कमजोर होती है या वे पूरी तरह से अंधे होते हैं।
  2. श्रवण बाधित बालक (Hearing Impaired): जिन बच्चों की सुनने की क्षमता कम होती है या वे पूरी तरह से बहरे होते हैं।
  3. वाक् बाधित बालक (Speech Impaired): जिन बच्चों को बोलने में कठिनाई होती है, जैसे हकलाना या आवाज की समस्या।
  4. गति बाधित बालक (Orthopedically Impaired): जिन बच्चों को चलने-फिरने या शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती है, जैसे पोलियो या सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चे।
  5. बहु-अक्षम बालक (Multiple Disabilities): जिन बच्चों में एक से अधिक प्रकार की शारीरिक अक्षमताएं होती हैं।

29) खाद्य पदार्थों मे मिलावट की रोकथाम हेतु सरकार द्वारा बनाये गये अधिनियमो का विस्तृत वर्णन करें। [4]

Explain the different acts by the government to prevent food adulteration.

खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित प्रमुख अधिनियम बनाए गए हैं:

  1. खाद्य मिलावट प्रतिबंध अधिनियम, 1954 (Prevention of Food Adulteration Act, 1954): यह पहला व्यापक कानून था जिसमें खाद्य पदार्थों की शुद्धता के मानक निर्धारित किए गए और मिलावट करने वालों के लिए दंड का प्रावधान किया गया।
  2. आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955): इस अधिनियम के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मूल्य नियंत्रण के लिए प्रावधान किए गए।
  3. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006): यह वर्तमान में लागू प्रमुख कानून है जिसने पुराने अधिनियमों को समाहित कर लिया है। इसके तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का गठन किया गया, जो खाद्य पदार्थों के मानक निर्धारित करता है और उनकी निगरानी करता है।
  4. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (Consumer Protection Act, 1986): इस अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाले नुकसान के लिए मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार है।

इन अधिनियमों के माध्यम से सरकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करती है और मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है।

अथवा

विद्यालयो बालको के लिए आहार व्यवस्था पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Write a brief note on meal management for school children.

विद्यालयी बालकों के लिए आहार व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करती है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • पौष्टिक आहार: बच्चों के भोजन में सभी आवश्यक पोषक तत्व (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज) संतुलित मात्रा में शामिल हों।
  • मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme): सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनकी उपस्थिति और पोषण स्तर में सुधार होता है।
  • स्वच्छता और सुरक्षा: भोजन तैयार करने और परोसने में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि बीमारियों से बचाव हो सके।
  • 30) दाग धब्बो की पहचान किस प्रकार की जाती है? विभिन्न प्रकार के दाग धब्बो का वर्गीकरण करें। [2+2½=4½]

    How can stains be identified? Classify the different types of stains.

    दाग धब्बों की पहचान (Identification of Stains)

    दाग धब्बों की पहचान निम्नलिखित विधियों से की जाती है:

    1. देखकर (Visual Inspection): दाग के रंग, आकार और स्थान को देखकर प्रारंभिक पहचान की जाती है।
    2. स्पर्श करके (Touch): दाग की बनावट (चिकना, चिपचिपा, सूखा) को महसूस करके पहचाना जाता है।
    3. गंध से (Smell): कुछ दागों (जैसे दूध, खून, पसीना) की विशिष्ट गंध होती है।
    4. विलायक परीक्षण (Solvent Test): पानी, तेल या अल्कोहल जैसे विलायकों में दाग की घुलनशीलता की जाँच की जाती है।
    5. रासायनिक परीक्षण (Chemical Test): अम्ल, क्षार या अन्य रसायनों से दाग की प्रतिक्रिया देखी जाती है।

    दाग धब्बों का वर्गीकरण (Classification of Stains)

    दाग धब्बों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

    1. पादप या वनस्पति मूल के दाग (Plant/Vegetable Origin Stains): ये दाग पौधों से प्राप्त पदार्थों के कारण होते हैं। उदाहरण: घास का दाग, फलों का रस, चाय, कॉफी, सब्जियों का रस, तेल (वनस्पति तेल) आदि।
    2. प्राणी या जंतु मूल के दाग (Animal Origin Stains): ये दाग जानवरों से प्राप्त पदार्थों के कारण होते हैं। उदाहरण: खून, दूध, अंडा, पसीना, मूत्र, मल, मक्खन, क्रीम आदि।
    3. खनिज मूल के दाग (Mineral Origin Stains): ये दाग खनिज पदार्थों या धातुओं के कारण होते हैं। उदाहरण: जंग (लोहे का दाग), स्याही (इंक), पेंट, रंग, मिट्टी, कालिख आदि।

    अथवा (OR)

    साबुन एवं डिटरजैन्ट के अंतर को वर्णित करते हुए साबुन के प्रकारों का वर्णन करें।

    Differentiate between soap & detergents describe the types of soaps.

    साबुन और डिटरजैंट में अंतर (Difference between Soap and Detergent)

    क्रमांक साबुन (Soap) डिटरजैंट (Detergent)
    1. यह प्राकृतिक वसा (तेल/चर्बी) और क्षार (NaOH/KOH) से बनता है। यह पेट्रोलियम उत्पादों (हाइड्रोकार्बन) से रासायनिक रूप से बनाया जाता है।
    2. यह कठोर जल (हार्ड वॉटर) में झाग नहीं बनाता और मैल (स्कम) छोड़ता है। यह कठोर जल में भी अच्छा झाग बनाता है और मैल नहीं छोड़ता।
    3. यह जैव-निम्नीकरणीय (बायोडिग्रेडेबल) होता है, अर्थात प्रकृति में आसानी से घुल जाता है। अधिकांश डिटरजैंट जैव-अनिम्नीकरणीय (नॉन-बायोडिग्रेडेबल) होते हैं, जो प्रदूषण का कारण बनते हैं।
    4. यह अम्लीय माध्यम में अप्रभावी हो जाता है। यह अम्लीय माध्यम में भी प्रभावी रहता है।
    5. उदाहरण: बार साबुन, लॉन्ड्री साबुन। उदाहरण: वॉशिंग पाउडर, लिक्विड डिटरजैंट।

    साबुन के प्रकार (Types of Soaps)

    1. कठोर साबुन (Hard Soap): सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) से बनता है। यह ठोस होता है और कपड़े धोने तथा स्नान के लिए उपयोग किया जाता है।
    2. मृदु साबुन (Soft Soap): पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) से बनता है। यह अर्ध-तरल या पेस्ट जैसा होता है और शेविंग क्रीम, शैम्पू आदि में उपयोग होता है।
    3. औषधीय साबुन (Medicated Soap): इसमें एंटीसेप्टिक या जीवाणुरोधी पदार्थ (जैसे फिनाइल, सल्फर) मिलाए जाते हैं। यह त्वचा रोगों से बचाता है।
    4. सुगंधित साबुन (Perfumed Soap): इसमें विभिन्न प्रकार की सुगंध (फूलों, फलों की खुशबू) मिलाई जाती है।
    5. ट्रांसपेरेंट साबुन (Transparent Soap): यह पारदर्शी होता है और इसमें ग्लिसरीन अधिक मात्रा में होती है, जो त्वचा को मुलायम रखती है।