RBSE Class 12th 2018 History-SS-13-2018 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2018
Subject History-SS-13-2018
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2018 History-SS-13-2018

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Rajasthan Board Class 12th History-SS-13-2018 2018 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2018
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2018

इतिहास
HISTORY

समय : 3¼ घण्टे       पूर्णांक : 80

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

SS-13-Hist.       048       [Turn Over

प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER

परीक्षा निर्देश (Exam Instructions)

5) प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।

If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

6) खण्ड, प्रश्न संख्या, अंक एवं उत्तर की शब्द सीमा:

खण्ड (Section) प्रश्न संख्या (Q.Nos.) अंक प्रति प्रश्न (Marks per question) उत्तर की शब्द सीमा (Word limit of answer)
A 1 – 7 1 0 शब्द (0 words)
B 8 – 18 2 20 शब्द (20 words)
C 9 – 27 4 60 शब्द (60 words)
D 28 – 29 6 200 शब्द (200 words)

7) प्रश्न क्रमांक 30 का उत्तर भारत के रेखा मानचित्र में अंकित कीजिए। यह 6 अंक का है।

Mark the answer of Question No. 30 in the outline map of India. It carries 6 marks.

8) प्रश्न क्रमांक 28 एवं 29 में आंतरिक विकल्प हैं।

There are internal choices in Question Nos. 28 and 29.

SS_3-Hist. 048

खण्ड - अ / Section - A

  1. दसराज्ञ युद्ध किस नदी के तट पर लड़ा गया?

    On which river bank the "Das Rajnya war" was fought?

    उत्तर: दसराज्ञ युद्ध (दस राजाओं का युद्ध) परुष्णी नदी (वर्तमान रावी नदी) के तट पर लड़ा गया था। यह युद्ध ऋग्वेद में वर्णित है, जिसमें राजा सुदास ने दस राजाओं के गठबंधन को हराया था।

    Answer: The "Das Rajnya war" was fought on the banks of the Parushni River (present-day Ravi River).

  2. किस शासक को भारत का नेपोलियन कहा जाता है?

    Which ruler is called Napoleon of India?

    उत्तर: समुद्रगुप्त (गुप्त वंश) को भारत का नेपोलियन कहा जाता है। उन्होंने अनेक सैन्य अभियान चलाए और साम्राज्य का विस्तार किया।

    Answer: Samudragupta (Gupta dynasty) is called the Napoleon of India due to his military conquests.

  3. चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन किस राजा के शासनकाल में हुआ?

    During which ruler's reign the fourth Buddhist council was held?

    उत्तर: चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कनिष्क (कुषाण वंश) के शासनकाल में हुआ था। यह संगीति कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित हुई थी।

    Answer: The fourth Buddhist council was held during the reign of Kanishka (Kushan dynasty).

  4. किस शक शासक ने सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार कराया?

    Which Shaka ruler renovated the Sudarshan Lake?

    उत्तर: रुद्रदामन प्रथम (शक शासक) ने सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार कराया। यह झील गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में स्थित थी।

    Answer: Rudradaman I (Shaka ruler) renovated the Sudarshan Lake.

  5. "शून्यवाद" के प्रवर्तक कौन थे?

    Who was the originator of "Shunyavad"?

    उत्तर: नागार्जुन को "शून्यवाद" (माध्यमिक दर्शन) का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने बौद्ध दर्शन में शून्यता (सन्यता) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।

    Answer: Nagarjuna is considered the originator of "Shunyavad" (Madhyamaka philosophy).

  6. मेनाण्डर व नागसेन के बीच वार्तालाप किस पुस्तक से मिलता है?

    In which book the conversation between Nagsena and Minander is found?

    उत्तर: मेनाण्डर (मिलिंद) और नागसेन (नागसेन) के बीच वार्तालाप "मिलिंदपन्हो" (मिलिंद प्रश्न) नामक पुस्तक में मिलता है। यह बौद्ध ग्रंथ है।

    Answer: The conversation between Menander (Milinda) and Nagasena is found in the book "Milindapanha" (Questions of Milinda).

  7. किस शासक को "रायपिथौरा" के नाम से जाना जाता है?

    Which ruler is known as "Raipithora"?

    उत्तर: पृथ्वीराज चौहान को "रायपिथौरा" के नाम से जाना जाता है। वे चौहान वंश के अंतिम शक्तिशाली शासक थे।

    Answer: Prithviraj Chauhan is known as "Raipithora".

खण्ड - ब (Section – B)

प्रश्न 8

8) मेवाड़ के किस शासक ने 1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी का सामना किया?

Which ruler of Mewar faced Allauddin Khilji in 1303 A.D.?

  • (क) राणा हम्मीर
  • (ख) राणा कुंभा
  • (ग) राणा रतन सिंह ✓ सही उत्तर
  • (घ) राणा सांगा

व्याख्या: 1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया था, तब मेवाड़ के शासक राणा रतन सिंह थे। उन्होंने वीरता से खिलजी का सामना किया।

प्रश्न 9

9) राणा कुंभा को “अभिनव भरताचार्य” क्यों कहा जाता है?

Why Maharana Kumbha is called "Abhinav Bharatacharya"?

उत्तर: राणा कुंभा को "अभिनव भरताचार्य" इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने संगीत, नाट्य और कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने संगीत रत्नाकर नामक ग्रंथ की रचना की और नाट्यशास्त्र पर गहन अध्ययन किया। वे एक कुशल संगीतज्ञ और नाट्याचार्य थे, जिससे उन्हें यह उपाधि प्राप्त हुई।

प्रश्न 10

10) किस विजय की स्मृति में कुंभा ने विजय स्तम्भ का निर्माण करवाया?

In the memory of which victory Kumbha Constructed Vijay Stambha?

  • (क) मालवा विजय
  • (ख) मालवा और गुजरात के संयुक्त सेना पर विजय ✓ सही उत्तर
  • (ग) दिल्ली सल्तनत पर विजय
  • (घ) बुंदेलखंड विजय

व्याख्या: राणा कुंभा ने मालवा और गुजरात की संयुक्त सेना को पराजित करने की स्मृति में चित्तौड़गढ़ में विजय स्तम्भ (कीर्ति स्तम्भ) का निर्माण करवाया। यह स्तम्भ 1440 ई. में बनवाया गया था।

खण्ड - ब (Section – B)

प्रश्न 11

11) जातक ग्रंथों की मुख्य विषय वस्तु क्या है?

What is the main subject matter of Jataka texts?

उत्तर: जातक ग्रंथों की मुख्य विषय वस्तु बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथाएँ हैं। इनमें बुद्ध के विभिन्न जन्मों में मानव, पशु, पक्षी आदि रूपों में जन्म लेकर नैतिकता, दान, करुणा और बोधिसत्व के गुणों का वर्णन किया गया है। ये ग्रंथ बौद्ध धर्म के नैतिक शिक्षाओं को दर्शाते हैं।

प्रश्न 12

12) सुमेलित कीजिए:

शासक राजवंश
(i) हर्षवर्द्धन (क) पुष्यभूति
(ii) राजेन्द्र प्रथम (ख) चोल
(iii) कृष्णदेवराय (ग) तुलुव
(iv) (रिक्त) (घ) (रिक्त)

सही मिलान:

  • (i) हर्षवर्द्धन → (क) पुष्यभूति वंश
  • (ii) राजेन्द्र प्रथम → (ख) चोल वंश
  • (iii) कृष्णदेवराय → (ग) तुलुव वंश (विजयनगर साम्राज्य)

Match the following:

Ruler Dynasty
i) Bindusara d) Mourya
ii) Rajendra - I c) Chola
iii) Krishnadevraya b) Tuluv
iv) Harshvardhana a) Pushyabhuti

Correct Matches:

  • i) Bindusara → d) Mourya
  • ii) Rajendra - I → c) Chola
  • iii) Krishnadevraya → b) Tuluv
  • iv) Harshvardhana → a) Pushyabhuti

3) सिंधु सरस्वती सभ्यता के नगर नियोजन की उन दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए जो आज भी प्रासंगिक हैं।

Describe two characteristics of the town planning of Sindhu Saraswati Civilization, which are also relevant today.

उत्तर / Answer:

सिंधु सरस्वती सभ्यता के नगर नियोजन की दो विशेषताएँ जो आज भी प्रासंगिक हैं:

  1. उन्नत जल निकासी प्रणाली (Advanced Drainage System): हर घर से सड़कों के नीचे ढकी हुई नालियाँ जुड़ी होती थीं, जो आज के आधुनिक शहरी जल निकासी की अवधारणा को दर्शाती हैं।
  2. ग्रिड पैटर्न में सड़कें (Grid Pattern Roads): नगरों की सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं, जिससे यातायात सुगम होता था। यह आज के नगर नियोजन में भी अपनाया जाता है।

4) उन दो भारतीय राजाओं का नाम लिखिए जिन्होंने सिकंदर का साथ दिया।

Write the name of two Indian kings who supported Alexander.

उत्तर / Answer:

दो भारतीय राजा जिन्होंने सिकंदर का साथ दिया:

  1. आम्भी (Ambhi) – तक्षशिला का राजा
  2. पोरस (Porus) – हाइडस्पेस (झेलम) नदी के क्षेत्र का राजा (युद्ध के बाद सिकंदर का मित्र बना)

5) यदि तराइन के द्वितीय युद्ध में पृथ्वीराज चौहान के स्थान पर आप होते तो किन त्रुटियों से बचने का प्रयास करते?

If you would have been in place of Prithvi Raj Chouhan in the second battle of Tarain, which mistakes you might have avoided?

उत्तर / Answer:

यदि मैं पृथ्वीराज चौहान के स्थान पर होता, तो निम्नलिखित त्रुटियों से बचने का प्रयास करता:

  1. शत्रु को भागने न देना: प्रथम तराइन युद्ध में मुहम्मद गोरी को बंदी बनाकर मार देना चाहिए था, उसे जीवित छोड़ना बड़ी भूल थी।
  2. सैन्य संगठन में सुधार: सेना में अनुशासन और आधुनिक युद्धनीति (जैसे तीरंदाजी दल) को शामिल करना चाहिए था।
  3. गद्दारों पर नियंत्रण: जयचंद जैसे गद्दार राजाओं से सावधान रहना और उन्हें पहले ही निष्क्रिय कर देना चाहिए था।
  4. रात्रि में आक्रमण न करना: गोरी की सेना के भागने का दिखावा करने पर बिना रणनीति के पीछा नहीं करना चाहिए था।

6) लार्ड डलहौजी का व्यपगत सिद्धान्त क्या था?

What was the doctrine of lapse of Lord Dalhousie?

उत्तर / Answer:

लार्ड डलहौजी का व्यपगत सिद्धान्त (Doctrine of Lapse) एक ब्रिटिश नीति थी, जिसके अनुसार यदि किसी रियासत के शासक की मृत्यु बिना किसी प्राकृतिक उत्तराधिकारी (पुत्र) के हो जाती थी, तो वह रियासत ब्रिटिश साम्राज्य में विलीन कर ली जाती थी। इस नीति के तहत दत्तक पुत्र को उत्तराधिकारी नहीं माना जाता था। इसके कारण झाँसी, नागपुर, सतारा आदि रियासतों का विलय हुआ, जो 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख कारण बना।

7) ब्रह्म समाज की स्थापना कब व किसने की?

Who founded the Brahmo Samaj and when?

उत्तर / Answer:

ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 1828 ई. में कलकत्ता (कोलकाता) में की थी। यह एक धार्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन था, जो एकेश्वरवाद, मूर्तिपूजा के विरोध और सामाजिक कुरीतियों (जैसे सती प्रथा) के उन्मूलन पर बल देता था।

8) राजस्थान सेवा संघ की स्थापना कब और कहाँ हुई?

Where and when the Rajasthan Sewa Sangha was founded?

उत्तर / Answer:

राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 ई. में अजमेर में हुई थी। इसकी स्थापना अर्जुन सिंह शेखावत और विजय सिंह पथिक जैसे नेताओं ने की थी। इस संगठन का उद्देश्य राजस्थान में जनजागरण, शिक्षा का प्रसार और ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन को संगठित करना था।

खण्ड - स (Section - C)

9. प्राचीन भारत में प्रचलित आश्रम व्यवस्था को स्पष्ट कीजिए। [4]

Explain the Ashrama system prevailing in ancient India.

प्राचीन भारत में आश्रम व्यवस्था मानव जीवन को चार चरणों में विभाजित करती थी:

  1. ब्रह्मचर्य आश्रम: बाल्यावस्था में विद्याध्ययन का काल, जिसमें ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता था।
  2. गृहस्थ आश्रम: विवाह कर गृहस्थ जीवन व्यतीत करना, परिवार और समाज के प्रति कर्तव्यों का पालन।
  3. वानप्रस्थ आश्रम: गृहस्थी से संन्यास लेकर वन में रहना और ध्यान-साधना करना।
  4. संन्यास आश्रम: पूर्ण त्याग और मोक्ष की प्राप्ति के लिए समर्पित जीवन।

यह व्यवस्था व्यक्ति को जीवन के हर चरण में उचित मार्गदर्शन प्रदान करती थी।

20. चोल स्थानीय स्वशासन की उन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए जो आज भी प्रासंगिक हैं। [4]

Mention the characteristics of the local self administration of Cholas which are also relevant today.

चोल स्थानीय स्वशासन की प्रासंगिक विशेषताएँ:

  • लोकतांत्रिक प्रक्रिया: ग्राम सभाओं (सभा) का चुनाव पर्ची प्रणाली (कुडवोलई) द्वारा होता था, जो पारदर्शी थी।
  • विकेंद्रीकरण: स्थानीय मामलों का निर्णय स्थानीय स्तर पर ही लिया जाता था।
  • जवाबदेही: चुने गए सदस्यों को अपने कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना होता था।
  • समावेशिता: विभिन्न समितियाँ (जैसे जल प्रबंधन, मंदिर प्रबंधन) विशिष्ट कार्यों के लिए बनाई जाती थीं।

ये सिद्धांत आधुनिक स्थानीय स्वशासन (पंचायती राज) में भी देखे जा सकते हैं।

2) मुर्तिकला की गांधार शैली की विशेषताएँ बताइए। [4]

Describe the characteristics of Gandhara style of Sculpture.

गांधार शैली की मूर्तिकला की प्रमुख विशेषताएँ:

  • यूनानी-रोमन प्रभाव: इसमें यूनानी कला का स्पष्ट प्रभाव दिखता है, जैसे घुंघराले बाल, लहराते वस्त्र।
  • बुद्ध की मूर्तियाँ: बुद्ध को मानव रूप में दर्शाया गया, जिसमें शांत भाव और आभामंडल (हैलो) शामिल है।
  • यथार्थवाद: शारीरिक बनावट और वस्त्रों में यथार्थवादी चित्रण।
  • सामग्री: मुख्यतः काले या भूरे रंग के पत्थर (शिस्ट) और स्टुको का उपयोग।

यह शैली उत्तर-पश्चिम भारत (वर्तमान पाकिस्तान और अफगानिस्तान) में विकसित हुई।

22) महाराणा प्रताप की कोई चार चारित्रिक विशेषताएँ बताइए। [4]

Describe any four characteristics of the character of Maharana Pratap.

महाराणा प्रताप की चार चारित्रिक विशेषताएँ:

  • स्वाभिमान और स्वतंत्रता प्रेम: उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया।
  • साहस और वीरता: हल्दीघाटी के युद्ध में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया।
  • दृढ़ संकल्प: कठिन परिस्थितियों (जंगलों में रहना, भोजन की कमी) में भी उन्होंने हार नहीं मानी।
  • देशभक्ति: उन्होंने मेवाड़ की रक्षा के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया और आदिवासियों का सहयोग लिया।

23) प्लासी के युद्ध के किन्ही चार कारणों का उल्लेख कीजिए। [4]

Mention any four causes of the battle of Plassey.

प्लासी के युद्ध (1757) के चार प्रमुख कारण:

  • अंग्रेजों की व्यापारिक महत्वाकांक्षा: बंगाल में अंग्रेज अपने व्यापारिक विशेषाधिकार बढ़ाना चाहते थे।
  • सिराजुद्दौला की नीति: नवाब सिराजुद्दौला ने अंग्रेजों के किलेबंदी और व्यापारिक अधिकारों का विरोध किया।
  • अंग्रेजों की षड्यंत्रकारी नीति: रॉबर्ट क्लाइव ने नवाब के सेनापति मीर जाफर को रिश्वत देकर अपना समर्थक बनाया।
  • काली घटना (ब्लैक होल): अंग्रेजों ने काली घटना को बहाना बनाकर युद्ध का औचित्य सिद्ध किया।

24) 1857 की क्रांति की असफलता के कोई चार कारणों पर प्रकाश डालिए। [4]

Throw light on any four causes of the failure of the revolution of 1857.

1857 की क्रांति की असफलता के चार कारण:

  • नेतृत्व का अभाव: क्रांति का कोई एकीकृत नेतृत्व नहीं था; विभिन्न नेताओं (बहादुर शाह जफर, झांसी की रानी, नाना साहब) के अपने-अपने उद्देश्य थे।
  • सीमित क्षेत्र: यह क्रांति मुख्यतः उत्तर भारत तक सीमित रही; दक्षिण और पूर्वी भारत में इसका प्रभाव नहीं पड़ा।
  • आधुनिक हथियारों की कमी: भारतीय सैनिकों के पास पुराने हथियार थे, जबकि अंग्रेजों के पास आधुनिक बंदूकें और तोपें थीं।
  • सामंती वर्ग का विश्वासघात: कई रियासतों और जमींदारों ने अंग्रेजों का साथ दिया, जिससे क्रांति कमजोर पड़ी।

25) राजा राम मोहन राय के धार्मिक व राजनीतिक विचार आज भी प्रासंगिक है। स्पष्ट कीजिए। [4]

The religious and political ideas of Raja Ram Mohan Roy are also relevant today. Explain.

राजा राम मोहन राय के विचारों की प्रासंगिकता:

  • धार्मिक सुधार: उन्होंने मूर्तिपूजा और अंधविश्वासों का विरोध किया; आज भी तर्कसंगत धार्मिक दृष्टिकोण आवश्यक है।
  • सामाजिक सुधार: सती प्रथा के उन्मूलन और महिला शिक्षा पर उनका जोर आज भी प्रासंगिक है।
  • राजनीतिक विचार: उन्होंने नागरिक स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर बल दिया, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांत हैं।
  • शिक्षा का प्रसार: उन्होंने आधुनिक शिक्षा (अंग्रेजी और विज्ञान) को बढ़ावा दिया, जो आज के विकास के लिए आवश्यक है।

26) बिजोलिया किसान आंदोलन पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए। [4]

Write a brief note on the Bijoliya Peasant Movement.

बिजोलिया किसान आंदोलन (1913-1941) राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में हुआ एक प्रमुख किसान आंदोलन था। इसका नेतृत्व विजय सिंह पथिक ने किया। किसानों पर लगाए गए अत्यधिक लगान और जबरन वसूली के खिलाफ यह आंदोलन शुरू हुआ। किसानों ने कर न देने और सरकारी दबाव का विरोध करने का निर्णय लिया। आंदोलन के दौरान कई किसानों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अंततः सरकार को रियायतें देनी पड़ीं। यह आंदोलन राजस्थान के किसान आंदोलनों का अग्रदूत माना जाता है।

27) भीलों के सामाजिक व नैतिक उत्थान हेतु गोविन्द गुरू के प्रयासों पर प्रकाश डालिए। [4]

Throw light on the efforts of Govind Guru, made for the social and moral upliftment of the "Bhils".

गोविन्द गुरू ने भील समाज के उत्थान के लिए निम्नलिखित प्रयास किए:

  • धार्मिक सुधार: उन्होंने भीलों को अंधविश्वासों और मूर्तिपूजा से दूर रहने का उपदेश दिया और एक ईश्वर की उपासना पर बल दिया।
  • सामाजिक सुधार: उन्होंने शराबबंदी, मांसाहार त्याग और सामूहिक विवाह जैसी प्रथाओं को बढ़ावा दिया।
  • शिक्षा का प्रसार: उन्होंने भीलों को शिक्षित होने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया।
  • संगठन: उन्होंने भीलों को एकजुट करने के लिए 'संप सभा' जैसे संगठन बनाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।

SS_3-Hist. 048

खण्ड - द

Section - D

28) हर्षवर्द्धन का धर्म व ज्ञान के संरक्षक के रूप में मूल्यांकन कीजिए। [6]

Evaluate Harshavardhana as the guardian of Religion and Knowledge.

उत्तर: हर्षवर्द्धन (606-647 ई.) ने धर्म और ज्ञान के संरक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया और नालंदा विश्वविद्यालय को उदार अनुदान दिया। वे स्वयं विद्वान थे और उन्होंने 'नागानंद', 'रत्नावली' और 'प्रियदर्शिका' जैसे नाटक लिखे। उनके दरबार में बाणभट्ट जैसे विद्वान रहते थे। उन्होंने प्रयाग में हर पाँच वर्ष पर महामोक्ष परिषद् (कुंभ) का आयोजन किया जहाँ वे अपना सारा धन दान कर देते थे। इस प्रकार वे धर्म और ज्ञान के सच्चे संरक्षक थे।

29) “गुप्तकाल प्राचीन भारत का स्वर्णकाल था।” उक्त कथन की सविस्तार व्याख्या कीजिए। [6]

"The Gupta period was the golden period of ancient India". Explain this statement in detail.

अथवा / OR

भारत में राष्ट्रवाद के उदय के क्या कारण थे? स्पष्ट कीजिए। [6]

What were the causes of the rise of nationalism in India? Explain.

उत्तर (गुप्तकाल): गुप्तकाल (लगभग 319-550 ई.) को प्राचीन भारत का स्वर्णकाल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस काल में राजनीतिक एकता, आर्थिक समृद्धि, साहित्य, कला, विज्ञान और धर्म का अभूतपूर्व विकास हुआ। कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर जैसे विद्वान हुए। सोने के सिक्के प्रचलन में थे। अजंता की गुफाएँ और मंदिर निर्माण कला चरम पर थी। इस काल में वैदिक धर्म का पुनरुत्थान हुआ और सामाजिक व्यवस्था सुदृढ़ थी।

उत्तर (राष्ट्रवाद के कारण): भारत में राष्ट्रवाद के उदय के प्रमुख कारण थे: (1) ब्रिटिश शोषण और दमनकारी नीतियाँ, (2) पश्चिमी शिक्षा और विचारों का प्रभाव, (3) सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन (जैसे ब्रह्म समाज, आर्य समाज), (4) प्रेस और साहित्य का विकास, (5) आर्थिक शोषण के विरुद्ध जागरूकता, (6) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885), और (7) स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन।

30) भारत छोड़ो आंदोलन के उदय के कारण बताते हुए इसके प्रमुख कार्यक्रम व गतिविधियों पर प्रकाश डालिए। [6]

Discuss the causes of the Quit India Movement and highlight its programme and activities.

अथवा / OR

भारत के मानचित्र में निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थलों को अंकित कीजिए : [6]

i) गोवा
ii) विजयनगर
iii) कलिंग
iv) दिल्ली
v) अहमदाबाद
vi) पटना

Mark the following historical places in the outline map of India.
i) Goa
ii) Vijaynagar
iii) Kalinga
iv) Delhi
v) Ahmedabad
vi) Patna

उत्तर (भारत छोड़ो आंदोलन): भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के प्रमुख कारण थे: (1) क्रिप्स मिशन की विफलता, (2) द्वितीय विश्व युद्ध में भारत को बिना सहमति के शामिल करना, (3) आर्थिक संकट और महँगाई, (4) जापानी आक्रमण का भय। इसके कार्यक्रम में 8 अगस्त 1942 को 'भारत छोड़ो' का प्रस्ताव पारित किया गया। गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। गतिविधियों में सरकारी भवनों पर कब्जा, तार-टेलीफोन लाइनें काटना, रेल पटरियाँ उखाड़ना, भूमिगत आंदोलन और समानांतर सरकारें (बलिया, सतारा) शामिल थीं।

उत्तर (मानचित्र स्थल): मानचित्र में निम्नलिखित स्थलों को अंकित किया जाना चाहिए:
i) गोवा – पश्चिमी तट पर
ii) विजयनगर – दक्षिण भारत में (कर्नाटक)
iii) कलिंग – पूर्वी तट पर (ओडिशा)
iv) दिल्ली – उत्तर भारत में
v) अहमदाबाद – गुजरात में
vi) पटना – बिहार में

SS_3-Hist. 048

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2018

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2018

HISTORY (इतिहास)

SS-3-Hist.

SI.No. : a

Roll No. : _______________

नाम : _______________


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