RBSE Class 12th 2018 Psychology-SS-19-2018 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2018 |
| Subject | Psychology-SS-19-2018 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2018 Psychology-SS-19-2018
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Rajasthan Board Class 12th Psychology-SS-19-2018 2018 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2018
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2018
मनोविज्ञान
PSYCHOLOGY
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 56
No. of Questions – 30
नामांक / Roll No. : _________________________
SS-9-Psychology No. of Printed Pages — 07
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
SS-9-Psychology 054 [ Turn Over ]
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ से फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
खण्ड - अ / SECTION - A
| खण्ड | प्रश्न संख्या | अंक प्रत्येक प्रश्न | उत्तर की शब्द सीमा |
|---|---|---|---|
| A | 1 - 3 | 1 | 30 शब्द |
| B | 4 - 24 | 2 | 45 शब्द |
| C | 25 - 27 | 3 | 75 शब्द |
| D | 28 - 30 | 4 | 200 शब्द |
प्रश्न संख्या 28 से 30 तक में आन्तरिक विकल्प है।
There are internal choices in Question Nos. 28 to 30.
1) बुद्धि क्या है? / What is Intelligence?
हिंदी: बुद्धि एक मानसिक क्षमता है जो व्यक्ति को तर्क करने, समस्या हल करने, योजना बनाने, अमूर्त सोचने, जटिल विचारों को समझने और अनुभव से सीखने में सक्षम बनाती है। यह केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल ढलने की क्षमता भी है।
English: Intelligence is a mental ability that enables a person to reason, solve problems, plan, think abstractly, understand complex ideas, and learn from experience. It is not just bookish knowledge but also the ability to adapt to the environment.
2) अभिक्षमता क्या है? / What is Aptitude?
हिंदी: अभिक्षमता किसी व्यक्ति की जन्मजात या अर्जित क्षमता है जो किसी विशेष क्षेत्र (जैसे संगीत, गणित, खेल) में सीखने और प्रदर्शन करने की संभावना को दर्शाती है। यह भविष्य में कौशल विकास की नींव होती है।
English: Aptitude is an innate or acquired ability of a person that indicates the potential to learn and perform in a specific field (e.g., music, mathematics, sports). It forms the foundation for future skill development.
SS—9-Psychology [054]
प्रश्न (Questions)
-
3) स्व-संप्रत्यय क्या है?
What is self concept?
उत्तर: स्व-संप्रत्यय (Self-concept) किसी व्यक्ति की अपने बारे में धारणाओं, विचारों, भावनाओं और मूल्यांकनों का समग्र समूह है। यह व्यक्ति के आत्म-ज्ञान और आत्म-पहचान को दर्शाता है, जिसमें वह अपनी क्षमताओं, गुणों, कमजोरियों और भूमिकाओं को कैसे देखता है, शामिल है।
-
4) खुशहाली क्या है?
What is Wellbeing?
उत्तर: खुशहाली (Wellbeing) एक व्यापक अवधारणा है जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की समग्र स्थिति को संदर्भित करती है। इसमें जीवन से संतुष्टि, सकारात्मक भावनाओं का अनुभव, और व्यक्तिगत विकास तथा उद्देश्य की भावना शामिल है।
-
5) मानव व्यवहार को विभाजित कीजिए।
Divide human Behaviour.
उत्तर: मानव व्यवहार को मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:
- जन्मजात व्यवहार (Innate Behaviour): यह जन्म से ही मौजूद होता है, जैसे रोना, चूसना, और सजगता।
- अर्जित व्यवहार (Acquired Behaviour): यह अनुभव और सीखने के माध्यम से विकसित होता है, जैसे भाषा, सामाजिक कौशल, और आदतें।
-
6) पी.टी.एस.डी का अर्थ बताइये।
Give meaning of PTSD.
उत्तर: पी.टी.एस.डी (PTSD) का पूरा नाम पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (Post-Traumatic Stress Disorder) है। यह एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जो किसी गंभीर दर्दनाक घटना (जैसे युद्ध, हिंसा, दुर्घटना, या प्राकृतिक आपदा) का अनुभव करने या देखने के बाद विकसित हो सकती है। इसके लक्षणों में बार-बार घटना की याद आना, बुरे सपने, चिंता, और भावनात्मक सुन्नता शामिल हैं।
-
7) मनोचिकित्सा क्या है?
What is Psychotherapy?
उत्तर: मनोचिकित्सा (Psychotherapy) एक उपचार पद्धति है जिसमें प्रशिक्षित चिकित्सक और रोगी के बीच बातचीत के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, भावनात्मक कठिनाइयों, और व्यवहार संबंधी विकारों का समाधान किया जाता है। इसका उद्देश्य रोगी को अपनी भावनाओं, विचारों और व्यवहारों को समझने और बदलने में मदद करना है।
-
8) अभिवृति क्या है?
What is Attitude?
उत्तर: अभिवृति (Attitude) किसी व्यक्ति, वस्तु, घटना या विचार के प्रति एक स्थायी मूल्यांकनात्मक प्रतिक्रिया है, जिसमें तीन घटक होते हैं: संज्ञानात्मक (विश्वास), भावनात्मक (भावनाएँ), और व्यवहारिक (कार्य करने की प्रवृत्ति)। यह व्यक्ति के दृष्टिकोण और व्यवहार को प्रभावित करती है।
-
9) समूह का अर्थ बताइये।
Give meaning of group.
उत्तर: समूह (Group) दो या दो से अधिक व्यक्तियों का एक संग्रह है जो एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं, साझा लक्ष्य रखते हैं, और एक सामूहिक पहचान विकसित करते हैं। समूह के सदस्यों के बीच आपसी संबंध, भूमिकाएँ और मानदंड होते हैं।
-
10) मानव-पर्यावरण संबंध क्या है?
What is human-environment relations?
उत्तर: मानव-पर्यावरण संबंध (Human-Environment Relations) मनुष्यों और उनके भौतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पर्यावरण के बीच पारस्परिक प्रभाव और अंतःक्रिया को संदर्भित करता है। इसमें यह अध्ययन किया जाता है कि पर्यावरण मानव व्यवहार और स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है, और मनुष्य अपने पर्यावरण को कैसे बदलते और अनुकूलित करते हैं।
खण्ड-ब / SECTION - B
1. आक्रमता क्या है?
What is Aggression?
आक्रमता (Aggression) वह व्यवहार है जिसमें व्यक्ति जानबूझकर दूसरे को शारीरिक या मानसिक क्षति पहुँचाने का प्रयास करता है। यह क्रोध, निराशा या प्रतिस्पर्धा के कारण उत्पन्न हो सकता है। आक्रमता दो प्रकार की होती है: (1) शत्रुतापूर्ण आक्रमता – जिसमें केवल क्षति पहुँचाना उद्देश्य होता है, (2) साधनात्मक आक्रमता – जिसमें किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आक्रामक व्यवहार किया जाता है।
2. शिक्षा मनोविज्ञान को परिभाषित कीजिए।
Define Educational Psychology.
शिक्षा मनोविज्ञान (Educational Psychology) मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का वैज्ञानिक अध्ययन करती है। यह छात्रों के व्यवहार, सीखने की प्रक्रिया, शिक्षण विधियों, और शैक्षिक वातावरण के मनोवैज्ञानिक पहलुओं का विश्लेषण करती है। इसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाना और छात्रों के समग्र विकास में सहायता करना है।
3. मनोविज्ञान में कौशल विकास से आप क्या समझते हैं?
What do you mean by skills developed in Psychology?
कौशल विकास (Skill Development) से तात्पर्य उन मानसिक और व्यावहारिक क्षमताओं के विकास से है जो व्यक्ति को विभिन्न कार्यों को कुशलतापूर्वक करने में सक्षम बनाती हैं। मनोविज्ञान में कौशल विकास में संज्ञानात्मक कौशल (जैसे समस्या-समाधान, निर्णय-निर्माण), सामाजिक कौशल (जैसे संचार, सहयोग), और भावनात्मक कौशल (जैसे आत्म-नियमन, सहानुभूति) शामिल हैं। यह अभ्यास, प्रशिक्षण और अनुभव के माध्यम से विकसित होते हैं।
4. स्पीयरमैन का द्विकारक सिद्धान्त क्या है?
What is Spearman's Two factor theory?
स्पीयरमैन का द्विकारक सिद्धान्त (Spearman's Two Factor Theory) बुद्धि से संबंधित एक सिद्धांत है। इसके अनुसार बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी होती है:
- सामान्य कारक (g-factor): यह सभी बौद्धिक कार्यों में समान रूप से उपयोग होने वाली मानसिक क्षमता है।
- विशिष्ट कारक (s-factor): यह विशेष कार्यों (जैसे संगीत, गणित) में आवश्यक विशिष्ट क्षमता है।
स्पीयरमैन के अनुसार, प्रत्येक बौद्धिक कार्य में g और s दोनों कारक शामिल होते हैं।
5. व्यक्तित्व का स्व प्रतिवेदन मापक क्या है?
What is Self report measurement of Personality?
स्व प्रतिवेदन मापक (Self-report measurement) व्यक्तित्व मापन की एक विधि है जिसमें व्यक्ति स्वयं अपने व्यवहार, विचारों, भावनाओं और दृष्टिकोणों के बारे में जानकारी प्रदान करता है। इसमें प्रश्नावली, सर्वेक्षण या साक्षात्कार का उपयोग किया जाता है। उदाहरण: MMPI (Minnesota Multiphasic Personality Inventory), 16PF (Sixteen Personality Factor Questionnaire)। यह विधि व्यक्ति के आत्म-मूल्यांकन पर आधारित होती है और इसमें सामाजिक वांछनीयता का प्रभाव हो सकता है।
6. दबाव के प्रकार समझाईये।
Explain types of stress.
दबाव (Stress) के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
- सकारात्मक दबाव (Eustress): यह लाभकारी दबाव है जो व्यक्ति को प्रेरित करता है और प्रदर्शन में सुधार लाता है।
- नकारात्मक दबाव (Distress): यह हानिकारक दबाव है जो चिंता, अवसाद और शारीरिक समस्याओं का कारण बनता है।
- तीव्र दबाव (Acute Stress): यह अल्पकालिक दबाव है जो किसी विशिष्ट घटना के कारण उत्पन्न होता है।
- दीर्घकालिक दबाव (Chronic Stress): यह लंबे समय तक बना रहने वाला दबाव है जो निरंतर समस्याओं (जैसे वित्तीय कठिनाई, खराब संबंध) के कारण होता है।
7. असामान्य व्यवहार के कारक बताईये।
Give causes of Abnormal Behaviour.
असामान्य व्यवहार (Abnormal Behaviour) के प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:
- जैविक कारक: आनुवंशिकता, मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन, मस्तिष्क क्षति, हार्मोनल विकार।
- मनोवैज्ञानिक कारक: बचपन के आघात, दमित भावनाएँ, कुंठा, असुरक्षा की भावना, गलत सीखने के अनुभव।
- सामाजिक-सांस्कृतिक कारक: पारिवारिक कलह, सामाजिक अलगाव, गरीबी, सांस्कृतिक संघर्ष, सामाजिक दबाव।
- पर्यावरणीय कारक: तनावपूर्ण जीवन घटनाएँ, दुर्व्यवहार, प्राकृतिक आपदाएँ।
8. चिकित्सात्मक संबंध से आप क्या समझते हैं?
What do you mean by Clinical Relationship?
चिकित्सात्मक संबंध (Clinical Relationship) चिकित्सक और रोगी के बीच स्थापित होने वाला एक विशेष व्यावसायिक संबंध है। यह विश्वास, सहानुभूति, गोपनीयता और आपसी सम्मान पर आधारित होता है। इस संबंध का उद्देश्य रोगी की मानसिक या शारीरिक समस्याओं का निदान और उपचार करना है। एक प्रभावी चिकित्सात्मक संबंध में चिकित्सक सक्रिय श्रवण, भावनात्मक समर्थन और उचित मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे रोगी अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सके और उपचार प्रक्रिया में सहयोग कर सके।
प्रश्न 9: रूढ़िवादिता से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by Prejudices?)
रूढ़िवादिता (Prejudice) किसी व्यक्ति या समूह के प्रति पूर्वाग्रह या पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण है, जो तथ्यों या अनुभव के बिना ही बना लिया जाता है। यह अक्सर नकारात्मक भावनाओं, रूढ़ियों और भेदभावपूर्ण व्यवहार से जुड़ा होता है। उदाहरण के लिए, किसी जाति, धर्म या लिंग के प्रति बिना किसी आधार के नकारात्मक धारणा रखना रूढ़िवादिता है।
प्रश्न 20: समूह निर्माण की क्या अवस्थाएँ हैं? (What are the stages of group formation?)
समूह निर्माण की मुख्य अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं:
- निर्माण (Forming): सदस्य एक-दूसरे से परिचित होते हैं और समूह के उद्देश्यों को समझते हैं।
- तूफान (Storming): सदस्यों के बीच मतभेद और संघर्ष उत्पन्न होते हैं, नेतृत्व और भूमिकाओं को लेकर असहमति होती है।
- मानदंडीकरण (Norming): सदस्य आपसी सहमति बनाते हैं, नियम और मानदंड विकसित होते हैं, और समूह एकजुट होता है।
- कार्यनिष्पादन (Performing): समूह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करता है।
- विघटन (Adjourning): समूह अपने उद्देश्यों को पूरा करने के बाद भंग हो जाता है या समाप्त हो जाता है।
प्रश्न 21: सामाजिक अतिभार समझाइए। (Explain social overload.)
सामाजिक अतिभार (Social Overload) वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति पर सामाजिक संपर्कों, सूचनाओं या अपेक्षाओं का इतना अधिक बोझ हो जाता है कि वह उन्हें संभालने में असमर्थ हो जाता है। यह तब होता है जब किसी समूह में कार्य करते समय व्यक्ति को अत्यधिक सामाजिक दबाव या जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, सोशल मीडिया पर लगातार संदेशों और सूचनाओं का आना सामाजिक अतिभार का कारण बन सकता है।
प्रश्न 22: व्यावहारिक मनोविज्ञान से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by Applied Psychology?)
व्यावहारिक मनोविज्ञान (Applied Psychology) मनोविज्ञान की वह शाखा है जो मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों, अनुसंधानों और तकनीकों का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने और मानव व्यवहार में सुधार लाने के लिए करती है। यह शैक्षिक, औद्योगिक, नैदानिक, खेल, और संगठनात्मक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लागू होती है। उदाहरण के लिए, कार्यस्थल पर कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मनोवैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग व्यावहारिक मनोविज्ञान का हिस्सा है।
प्रश्न 23: विशिष्ट कौशल क्या है? (What are the specific skills?)
विशिष्ट कौशल (Specific Skills) वे विशेष योग्यताएँ या दक्षताएँ हैं जो किसी विशेष कार्य, पेशे या क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक होती हैं। ये कौशल सामान्य कौशलों से भिन्न होते हैं और इनमें तकनीकी ज्ञान, विशेषज्ञता और अभ्यास शामिल होता है। उदाहरण के लिए, एक डॉक्टर के लिए सर्जरी करने का कौशल, एक इंजीनियर के लिए कोडिंग का कौशल, या एक शिक्षक के लिए पाठ योजना बनाने का कौशल विशिष्ट कौशल हैं।
प्रश्न 24: परामर्श के लक्ष्य लिखिए। (Write goals of Counselling.)
परामर्श के प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
- आत्म-समझ विकसित करना: व्यक्ति को अपनी भावनाओं, विचारों और व्यवहारों को समझने में मदद करना।
- समस्या समाधान: व्यक्ति को अपनी समस्याओं का प्रभावी ढंग से सामना करने और हल करने में सक्षम बनाना।
- निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाना: व्यक्ति को सूचित और स्वतंत्र निर्णय लेने में सहायता करना।
- व्यवहार परिवर्तन: अनुकूलनशील और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना।
- मानसिक स्वास्थ्य में सुधार: चिंता, अवसाद जैसी समस्याओं को कम करके मानसिक कल्याण को बढ़ाना।
- स्व-स्वीकृति और आत्म-सम्मान: व्यक्ति को स्वयं को स्वीकार करने और आत्म-सम्मान विकसित करने में मदद करना।
खण्ड - स
SECTION - C
25) व्यक्तित्व पर एक लेख लिखिए। [3]
Write a note on Personality.
व्यक्तित्व पर लेख: व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के स्थायी गुणों, व्यवहारों, विचारों और भावनाओं का वह अनूठा संगठन है जो उसे दूसरों से अलग बनाता है। यह आनुवंशिकता (जीन्स) और पर्यावरण (पालन-पोषण, शिक्षा, संस्कृति) दोनों से प्रभावित होता है। प्रमुख सिद्धांतों में फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत (इद, अहम्, परम-अहम्), ऑलपोर्ट का लक्षण सिद्धांत, और आइजेंक का आयामी सिद्धांत (बहिर्मुखता-अंतर्मुखता, विक्षिप्तता) शामिल हैं। व्यक्तित्व का मापन प्रश्नावली, प्रक्षेपी परीक्षण (जैसे टीएटी, रोर्शा) और साक्षात्कार द्वारा किया जाता है। यह व्यक्ति के जीवन में अनुकूलन, सफलता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
26) शैक्षणिक असफलता से तनावग्रस्त बालक को किस प्रकार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो सकती है? [3]
What kind of health problems may be faced by a stressful child due to academic failure?
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ: शैक्षणिक असफलता से तनावग्रस्त बालक को निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं:
- मानसिक स्वास्थ्य: चिंता, अवसाद, आत्म-सम्मान में कमी, नींद न आना, और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।
- शारीरिक स्वास्थ्य: सिरदर्द, पेट दर्द, थकान, भूख न लगना या अधिक खाना, और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी।
- व्यवहारिक समस्याएँ: सामाजिक अलगाव, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई से बचना, और कभी-कभी मादक द्रव्यों का सेवन।
ये समस्याएँ बालक के समग्र विकास को प्रभावित करती हैं और समय पर हस्तक्षेप (जैसे परामर्श, माता-पिता का सहयोग) आवश्यक है।
27) मनोविज्ञान और जीवन के संबंध को विवेचित कीजिए। [3]
Discuss relation between Psychology and Life.
मनोविज्ञान और जीवन का संबंध: मनोविज्ञान मानव व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है, जो जीवन के हर पहलू से गहराई से जुड़ा है। यह संबंध निम्नलिखित रूपों में देखा जा सकता है:
- व्यक्तिगत जीवन: मनोविज्ञान आत्म-जागरूकता, भावनात्मक नियंत्रण, तनाव प्रबंधन, और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
- सामाजिक जीवन: यह पारस्परिक संबंधों, संचार कौशल, समूह व्यवहार, और सामाजिक प्रभाव को समझने में सहायक है।
- शैक्षिक और व्यावसायिक जीवन: शिक्षा में अधिगम सिद्धांत, प्रेरणा, और मूल्यांकन; कार्यक्षेत्र में नेतृत्व, टीम वर्क, और कार्य संतुष्टि में योगदान देता है।
- स्वास्थ्य और कल्याण: मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे चिंता, अवसाद) के निदान और उपचार में, साथ ही स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस प्रकार, मनोविज्ञान जीवन को समझने और बेहतर बनाने का एक व्यावहारिक उपकरण है।
खण्ड - द
SECTION - D
28) क्रमिक विसंवेदीकरण की विस्तृत व्याख्या कीजिए। [4]
Discuss in detail about Systematic Desensitisation.
क्रमिक विसंवेदीकरण (Systematic Desensitisation): यह एक व्यवहार चिकित्सा तकनीक है, जिसे जोसेफ वोल्पे ने विकसित किया था। इसका उपयोग चिंता और भय (जैसे फोबिया) को कम करने के लिए किया जाता है। इसमें रोगी को धीरे-धीरे भय उत्पन्न करने वाली उत्तेजनाओं के संपर्क में लाया जाता है, जबकि वह विश्राम की स्थिति में रहता है।
प्रक्रिया के चरण:
- भय पदानुक्रम (Anxiety Hierarchy) बनाना: रोगी के साथ मिलकर उन स्थितियों की एक सूची बनाई जाती है जो भय उत्पन्न करती हैं, जिन्हें सबसे कम भय से लेकर सबसे अधिक भय तक क्रमबद्ध किया जाता है।
- गहन विश्राम (Deep Relaxation) सिखाना: रोगी को प्रगतिशील मांसपेशी विश्राम या ध्यान जैसी तकनीकों द्वारा गहन विश्राम की अवस्था में आना सिखाया जाता है।
- क्रमिक संपर्क (Gradual Exposure): रोगी को विश्राम की अवस्था में रहते हुए, पदानुक्रम की सबसे कम भय वाली स्थिति की कल्पना करने या वास्तविक रूप में सामना करने के लिए कहा जाता है। जब वह बिना चिंता के उस स्थिति को सहन कर लेता है, तो अगली स्थिति पर जाया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक सबसे अधिक भय वाली स्थिति भी चिंता उत्पन्न न करे।
सिद्धांत: यह तकनीक पारस्परिक अवरोध (Reciprocal Inhibition) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें विश्राम और चिंता एक-दूसरे को रोकते हैं। विश्राम की स्थिति में भय उत्पन्न करने वाली उत्तेजना के संपर्क से चिंता कम हो जाती है।
उपयोग: यह विभिन्न प्रकार के फोबिया (जैसे ऊंचाई, मकड़ी, उड़ान), सामाजिक चिंता, और तनाव विकारों में प्रभावी पाया गया है।
अथवा
व्यवसाय निर्देशन में परामर्शक की क्या भूमिका है? [4]
Suggest role of counsellor in guidance for career.
व्यवसाय निर्देशन में परामर्शक की भूमिका: व्यवसाय निर्देशन में परामर्शक एक मार्गदर्शक की तरह कार्य करता है, जो व्यक्ति को उसकी रुचियों, योग्यताओं, और व्यक्तित्व के अनुकूल करियर चुनने में सहायता करता है। उसकी प्रमुख भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं:
- मूल्यांकन और निदान: परामर्शक विभिन्न मनोवैज्ञानिक परीक्षणों (जैसे रुचि अनुसूची, योग्यता परीक्षण, व्यक्तित्व परीक्षण) के माध्यम से व्यक्ति की क्षमताओं और प्राथमिकताओं का आकलन करता है।
- सूचना प्रदान करना: वह विभिन्न करियर विकल्पों, शैक्षिक पाठ्यक्रमों, नौकरी के अवसरों, और बाजार की मांग के बारे में विस्तृत जानकारी देता है।
- व्यक्तिगत परामर्श: वह व्यक्ति को उसके लक्ष्यों, मूल्यों, और आकांक्षाओं को स्पष्ट करने में मदद करता है, तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में भावनात्मक समर्थन प्रदान करता है।
- योजना और निर्णय: परामर्शक व्यक्ति को एक यथार्थवादी करियर योजना बनाने, वैकल्पिक विकल्पों का मूल्यांकन करने, और सूचित निर्णय लेने में मार्गदर्शन करता है।
- अनुवर्तन और समायोजन: वह करियर चुनने के बाद भी व्यक्ति की प्रगति की निगरानी करता है और यदि आवश्यक हो तो समायोजन में सहायता करता है।
इस प्रकार, परामर्शक एक सुविधाप्रदाता, सलाहकार, और समर्थक के रूप में कार्य करता है, जो व्यक्ति को उसके करियर में सफलता और संतुष्टि प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
प्रश्न 29
मनोवैज्ञानिक विकारों को केस अध्ययन द्वारा समझाइए। [4]
अथवा
अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए? अभिवृत्ति कैसे परिवर्तित की जा सकती है? [4]
Explain Psychological Disorders with case study.
OR
Define Attitude? How one can change Attitudes?
उत्तर (विकल्प 1 – मनोवैज्ञानिक विकार और केस अध्ययन)
मनोवैज्ञानिक विकार मानसिक स्वास्थ्य की वे स्थितियाँ हैं जो व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, व्यवहार और सामाजिक कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं। केस अध्ययन विधि द्वारा इन विकारों को गहराई से समझा जा सकता है।
केस अध्ययन द्वारा स्पष्टीकरण:
- व्यक्तिगत इतिहास: रोगी के बचपन, पारिवारिक पृष्ठभूमि, और पिछले अनुभवों का विश्लेषण किया जाता है।
- लक्षणों का अवलोकन: विकार के विशिष्ट लक्षण (जैसे चिंता, अवसाद, मतिभ्रम) दैनिक जीवन में कैसे प्रकट होते हैं, इसका अध्ययन किया जाता है।
- नैदानिक साक्षात्कार: रोगी और उसके परिजनों से बातचीत करके विकार के कारणों और प्रभावों को समझा जाता है।
- उदाहरण: एक 25 वर्षीय व्यक्ति जो लगातार उदासी, नींद न आना और सामाजिक अलगाव का अनुभव करता है – केस अध्ययन से पता चलता है कि यह प्रमुख अवसाद विकार (Major Depressive Disorder) हो सकता है, जिसके लिए संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा (CBT) और दवाओं की आवश्यकता होती है।
इस प्रकार, केस अध्ययन मनोवैज्ञानिक विकारों के निदान, कारणों और उपचार की योजना बनाने में सहायक होता है।
उत्तर (विकल्प 2 – अभिवृत्ति की परिभाषा और परिवर्तन)
अभिवृत्ति (Attitude) किसी व्यक्ति, वस्तु, विचार या स्थिति के प्रति एक स्थायी मूल्यांकनात्मक प्रतिक्रिया है, जिसमें संज्ञानात्मक (विश्वास), भावनात्मक (भावना) और व्यवहारिक (कार्य) घटक शामिल होते हैं।
अभिवृत्ति परिवर्तन के तरीके:
- प्रेरक संचार (Persuasive Communication): तर्कपूर्ण और भावनात्मक संदेशों के माध्यम से दृष्टिकोण बदलना।
- संज्ञानात्मक असंगति (Cognitive Dissonance): जब व्यक्ति के विश्वास और व्यवहार में विरोधाभास होता है, तो वह अपनी अभिवृत्ति बदलने के लिए प्रेरित होता है।
- सामाजिक प्रभाव (Social Influence): समूह के दबाव, अनुरूपता या आदर्श व्यक्तियों के प्रभाव से अभिवृत्ति बदल सकती है।
- प्रत्यक्ष अनुभव (Direct Experience): किसी वस्तु या व्यक्ति के साथ सकारात्मक या नकारात्मक अनुभव अभिवृत्ति को बदल सकता है।
उदाहरण: धूम्रपान के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति बनाने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा अभियान (प्रेरक संचार) और धूम्रपान करने वालों के साथ बातचीत (सामाजिक प्रभाव) प्रभावी हो सकते हैं।
प्रश्न 30
मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का नैदानिक मनोविज्ञान में भूमिका समझाइए। [4]
अथवा
सामाजिक संरचना क्या है? सामाजिक विकास में इसकी क्या भूमिका है? [4]
Explain the role of Psychological tests in Clinical Psychology.
OR
What is social structure? Discuss its process in social development.
उत्तर (विकल्प 1 – मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की भूमिका)
नैदानिक मनोविज्ञान में मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये परीक्षण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मूल्यांकन, निदान और उपचार योजना में सहायक होते हैं।
मुख्य भूमिकाएँ:
- निदान (Diagnosis): परीक्षण (जैसे MMPI, Rorschach) विभिन्न मनोवैज्ञानिक विकारों (जैसे अवसाद, चिंता, सिज़ोफ्रेनिया) की पहचान करने में मदद करते हैं।
- मूल्यांकन (Assessment): व्यक्तित्व, बुद्धि, भावनात्मक स्थिति और संज्ञानात्मक क्षमताओं का मापन किया जाता है।
- उपचार योजना (Treatment Planning): परीक्षण के परिणामों के आधार पर चिकित्सक उपयुक्त चिकित्सा पद्धति (जैसे CBT, दवाएँ) का चयन करता है।
- प्रगति निगरानी (Progress Monitoring): उपचार के दौरान परीक्षणों को दोहराकर रोगी की प्रगति का आकलन किया जाता है।
- अनुसंधान (Research): नैदानिक परीक्षण मानसिक विकारों के कारणों और प्रभावी उपचारों के अध्ययन में उपयोग होते हैं।
उदाहरण: बुद्धि परीक्षण (WAIS) से संज्ञानात्मक कमजोरियों का पता लगाकर विशेष शिक्षा योजना बनाई जा सकती है।
उत्तर (विकल्प 2 – सामाजिक संरचना और सामाजिक विकास)
सामाजिक संरचना (Social Structure) समाज में व्यक्तियों और समूहों के बीच स्थायी संबंधों और पैटर्न को संदर्भित करती है। इसमें परिवार, शिक्षा, धर्म, अर्थव्यवस्था और राजनीति जैसी संस्थाएँ शामिल हैं।
सामाजिक विकास में भूमिका:
- समाजीकरण (Socialization): सामाजिक संरचना (जैसे परिवार, विद्यालय) व्यक्ति को मूल्यों, मानदंडों और भूमिकाओं को सिखाती है, जो सामाजिक विकास का आधार है।
- भूमिका निर्धारण (Role Allocation): संरचना व्यक्तियों को विभिन्न सामाजिक भूमिकाएँ (जैसे माता-पिता, शिक्षक, नागरिक) प्रदान करती है, जिससे समाज का संचालन होता है।
- सामाजिक नियंत्रण (Social Control): संस्थाएँ (जैसे कानून, धर्म) व्यवहार को नियंत्रित करती हैं और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखती हैं।
- संसाधन वितरण (Resource Distribution): आर्थिक और राजनीतिक संरचनाएँ संसाधनों के वितरण को प्रभावित करती हैं, जो सामाजिक विकास की दिशा तय करती हैं।
- परिवर्तन का माध्यम (Agent of Change): सामाजिक संरचना में परिवर्तन (जैसे शिक्षा का विस्तार) सामाजिक विकास को गति देता है।
उदाहरण: शिक्षा प्रणाली (सामाजिक संरचना) बच्चों को ज्ञान और कौशल प्रदान करके उनके सामाजिक विकास में योगदान देती है।