RBSE Class 12th 2019 Agriculture Biology-SS-39-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2019
Subject Agriculture Biology-SS-39-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2019 Agriculture Biology-SS-39-2019

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Rajasthan Board Class 12th Agriculture Biology-SS-39-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2019

कृषि जीव विज्ञान
AGRICULTURE BIOLOGY

समय : 3¼ घण्टे    पूर्णांक : 56


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

नामांक / Roll No. : _______________
No. of Questions — 30
No. of Printed Pages — 07

SS-39-Agri. Bio.

TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER

गँ से काटिए

SS-39-Agri. Bio. 33!| [ Turn Over

खण्ड - अ / SECTION - A

1) चने के फली छेदक का वैज्ञानिक नाम लिखिए। [1]

Write the scientific name of gram pod borer.

उत्तर / Answer: Helicoverpa armigera (हैलिकोवर्पा आर्मीगेरा)

2) राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसन्धान केन्द्र कहाँ स्थित हैं? [1]

Where is National Research Centre on Seed Spices Situated?

उत्तर / Answer: अजमेर (राजस्थान) / Ajmer (Rajasthan)


निर्देश / Instructions:

  • प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

खण्ड / Section: अ / A

प्रश्न संख्या / Q. Nos.: 1-3

अंक / Marks per question: 1

3) शुद्ध वंशक्रम सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था? [4]

Who introduced the principle of pure line?

उत्तर: शुद्ध वंशक्रम सिद्धान्त का प्रतिपादन डेनिश वैज्ञानिक डब्ल्यू. जोहानसन (W. Johannsen) ने 1903 में किया था।

Answer: The principle of pure line was introduced by Danish scientist W. Johannsen in 1903.

4) कपास का 'Tera रोग' के रोगजनक का नाम लिखिए। [1]

Write the name of pathogen of cotton wilt.

उत्तर: कपास के 'Tera रोग' (जीवाणुजनित उकठा रोग) का रोगजनक ज़ैन्थोमोनस एक्सोनोपोडिस पी.वी. माल्वेसेरम (Xanthomonas axonopodis pv. malvacearum) है।

Answer: The pathogen of cotton wilt (bacterial blight) is Xanthomonas axonopodis pv. malvacearum.

5) अनार की तितली, पौधे के किस भाग पर अपने अण्डे देती है? [1]

Anar Butterfly lays their eggs on which parts of the plant?

उत्तर: अनार की तितली (अनार फल छेदक) पौधे के फलों पर अपने अण्डे देती है।

Answer: Anar butterfly (pomegranate fruit borer) lays its eggs on the fruits of the plant.

6) भारत में पादप रोग विज्ञान का जनक किसे माना जाता है? [1]

Who is known as the father of plant pathology in India?

उत्तर: भारत में पादप रोग विज्ञान का जनक डॉ. के. सी. मेहता (Dr. K. C. Mehta) को माना जाता है।

Answer: Dr. K. C. Mehta is known as the father of plant pathology in India.

7) विभज्योतक संवर्धन के लिये पौधे का कौनसा भाग काम में लिया जाता है? [1]

Which part of the plant is used for meristem culture?

उत्तर: विभज्योतक संवर्धन के लिये पौधे के शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristem) या पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) भाग का उपयोग किया जाता है।

Answer: For meristem culture, the apical meristem or lateral meristem part of the plant is used.

8) भिण्डी में पीत शिरा मोजेक रोग किस कीट द्वारा संचरित होता है? [1]

Which insect is transmit yellow vein mosaic disease in okra?

उत्तर: भिण्डी में पीत शिरा मोजेक रोग सफेद मक्खी (Whitefly, Bemisia tabaci) द्वारा संचरित होता है।

Answer: Yellow vein mosaic disease in okra is transmitted by whitefly (Bemisia tabaci).

9) "आयरिश दुर्भिक्ष" के लिये कौनसा रोग उत्तरदायी था? [1]

Which disease was responsible for 'Irish Famine'?

उत्तर: "आयरिश दुर्भिक्ष" (1845-1852) के लिये आलू का अंगमारी रोग (Late blight of potato) उत्तरदायी था, जो फाइटोफ्थोरा इन्फेस्टैन्स (Phytophthora infestans) नामक कवक के कारण होता है।

Answer: The 'Irish Famine' was caused by the late blight disease of potato, caused by the fungus Phytophthora infestans.

10) केंचुए का मुख शरीर के किस खण्ड पर पाया जाता है? [1]

Earthworm mouth is located on which segment of the body?

उत्तर: केंचुए का मुख शरीर के प्रथम खण्ड (प्रोस्टोमियम) पर पाया जाता है।

Answer: The mouth of an earthworm is located on the first segment (prostomium) of the body.

प्रश्न 4 से 6 (खण्ड-ब)

4. प्राकृतिक वरण एवं कृत्रिम वरण में दो अन्तर लिखिए।

Write two differences between natural selection and artificial selection.

उत्तर:

प्राकृतिक वरण (Natural Selection) कृत्रिम वरण (Artificial Selection)
यह प्रकृति द्वारा स्वतः होता है। यह मनुष्य द्वारा नियोजित रूप से किया जाता है।
इसमें पर्यावरण के अनुकूल जीव ही जीवित रहते हैं। इसमें मनुष्य अपनी आवश्यकता के अनुसार लक्षण चुनता है।

5. कृन्तकनाशी क्या है? कोई दो कृन्तकनाशीयों के नाम लिखिए।

What is rodenticides? Write the name of any two rodenticides.

उत्तर: कृन्तकनाशी (Rodenticides) वे रासायनिक पदार्थ हैं जिनका उपयोग चूहों, मूसों और अन्य कृन्तकों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

दो कृन्तकनाशियों के नाम:

  • वारफेरिन (Warfarin)
  • जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide)

6. जीवाणु कोशिका का नामांकित चित्र बनाइये।

Draw a labelled diagram of bacterial cell.

उत्तर: (चित्र यहाँ बनाया जाना है।) जीवाणु कोशिका के मुख्य भाग: कोशिका भित्ति, कोशिका झिल्ली, कोशिका द्रव्य, राइबोसोम, नाभिकीय क्षेत्र (न्यूक्लियॉइड), फ्लैजेला, पिली, कैप्सूल।

प्रश्न 7 से 8 (खण्ड-ब)

7. किन सूचनाओं के आधार पर ग्राम-ग्राही एवं ग्राम-अग्राही जीवाणुओं की पहचान करेगें? (कोई दो बिन्दु लिखिए).

On the basis of which information, Gram-Positive and Gram-Negative bacteria will be identified? (Write any two points)

उत्तर:

  1. कोशिका भित्ति की संरचना: ग्राम-ग्राही जीवाणुओं की कोशिका भित्ति मोटी (पेप्टिडोग्लाइकन की कई परतें) होती है, जबकि ग्राम-अग्राही की पतली (एक परत) होती है।
  2. ग्राम स्टेनिंग प्रतिक्रिया: ग्राम-ग्राही जीवाणु क्रिस्टल वायलेट रंग को धारण कर बैंगनी दिखते हैं, जबकि ग्राम-अग्राही लाल या गुलाबी दिखते हैं (सैफ्रानिन से रंगे जाने पर)।

8. भ्रूण संवर्धन व पराग संवर्धन को परिभाषित कीजिए।

Define embryo culture and pollen culture.

उत्तर:

  • भ्रूण संवर्धन (Embryo Culture): यह एक ऊतक संवर्धन तकनीक है जिसमें पादप भ्रूण को बीज से अलग करके कृत्रिम पोषक माध्यम पर विकसित किया जाता है। इसका उपयोग संकर बीजों के अंकुरण और दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण में होता है।
  • पराग संवर्धन (Pollen Culture): इसमें परागकणों (अपरिपक्व या परिपक्व) को कृत्रिम माध्यम पर संवर्धित कर अगुणित (haploid) पादप उत्पन्न किए जाते हैं। इसका उपयोग शुद्ध समयुग्मजी (homozygous) पादप प्राप्त करने में होता है।

9) दीमक नियंत्रण के लिये शस्य प्रबन्धन के कोई दो उपयुक्त उपया बताइये।

Write any two suitable measures of cultural management for the termite control.

उत्तर / Answer:

दीमक नियंत्रण के लिए शस्य प्रबन्धन के दो उपयुक्त उपाय निम्नलिखित हैं:

  1. गहरी जुताई: खेत की गहरी जुताई करने से दीमक के बिल नष्ट हो जाते हैं और उनके अंडे व लार्वा सूर्य के प्रकाश में आ जाते हैं, जिससे वे मर जाते हैं।
  2. फसल चक्र: दीमक प्रभावित फसलों के स्थान पर अदरक, हल्दी या गन्ना जैसी फसलें उगाने से दीमक का प्रकोप कम होता है।

Deep ploughing and crop rotation are effective cultural measures for termite control.

20) सब्जियों में जड़ ग्रन्थि रोग के कोई चार लक्षण लिखिए।

Write any four symptoms of root knot disease in vegetables.

उत्तर / Answer:

सब्जियों में जड़ ग्रन्थि रोग (Root Knot Disease) के चार प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:

  1. जड़ों पर छोटी-छोटी ग्रन्थियाँ (गाँठें) बन जाती हैं, जो आकार में अनियमित होती हैं।
  2. प्रभावित पौधों की पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं और विकास रुक जाता है।
  3. पौधे बौने रह जाते हैं और फलों का आकार छोटा हो जाता है।
  4. गर्मी के दिनों में पौधे मुरझा जाते हैं, भले ही मिट्टी में नमी पर्याप्त हो।

Galls on roots, yellowing leaves, stunted growth, and wilting are key symptoms.

21) मत्स्य पालन की एकल एवं मिश्रित विधियों में कोई दो अन्तर बताइये ?

Write any two difference between monoculture and polyculture methods of pisciculture.

उत्तर / Answer:

एकल विधि (Monoculture) मिश्रित विधि (Polyculture)
इसमें एक ही प्रजाति की मछली पाली जाती है। इसमें दो या अधिक प्रजातियों की मछलियाँ एक साथ पाली जाती हैं।
जल के सभी स्तरों का उपयोग नहीं हो पाता, उत्पादन कम होता है। जल के विभिन्न स्तरों (सतह, मध्य, तल) का पूरा उपयोग होता है, उत्पादन अधिक होता है।

Monoculture involves one species; polyculture uses multiple species for better resource utilization.

22) पिस्सु का वैज्ञानिक नाम क्या है? इसमें किस प्रकार के मुखांग पाये जाते हैं?

What is the scientific name of flea? Which type of mouth parts is present in flea?

उत्तर / Answer:

पिस्सु (Flea) का वैज्ञानिक नाम Pulex irritans है।

इसमें भेदन-चूषण प्रकार (Piercing and sucking type) के मुखांग पाये जाते हैं, जो त्वचा को छेदकर रक्त चूसने में सहायक होते हैं।

Scientific name: Pulex irritans; mouthparts: piercing and sucking type.

23) कीट का कर्षण नियंत्रण क्या है? कर्षण नियंत्रण की किन्ही दो विधियों के नाम लिखिए।

What is cultural control of insect? Write the name of any two methods of cultural control.

उत्तर / Answer:

कर्षण नियंत्रण (Cultural Control): यह कीट नियंत्रण की एक विधि है जिसमें कृषि पद्धतियों में बदलाव करके कीटों के प्रकोप को कम किया जाता है। इसमें रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता।

कर्षण नियंत्रण की दो विधियाँ:

  1. फसल चक्र (Crop Rotation): एक ही खेत में बारी-बारी से विभिन्न फसलें उगाना।
  2. गहरी जुताई (Deep Ploughing): खेत की गहरी जुताई करके कीटों के अंडे और लार्वा को नष्ट करना।

Cultural control uses farming practices like crop rotation and deep ploughing to manage pests.

24) लीवर फ्लूक किस संघ से सम्बन्धित है? इसे अपने जीवन चक्र को पूर्ण करने के लिये कितने परपोषियों की आवश्यकता होती है?

Liver fluke belongs to which phylum? How many hosts are required to complete its life cycle?

उत्तर / Answer:

लीवर फ्लूक (Liver fluke) प्लैटिहेल्मिन्थीज (Platyhelminthes) संघ से सम्बन्धित है।

अपने जीवन चक्र को पूर्ण करने के लिए इसे दो परपोषियों (Two hosts) की आवश्यकता होती है:

  1. प्राथमिक परपोषी: घोंघा (Snail) - इसमें लार्वा अवस्था विकसित होती है।
  2. द्वितीयक परपोषी: भेड़ या मनुष्य (Sheep/Human) - इसमें वयस्क अवस्था पाई जाती है।

Liver fluke belongs to phylum Platyhelminthes and requires two hosts (snail and sheep/human) for its life cycle.

खण्ड - स (SECTION - C)

25) जैव-प्रौद्योगिकी को परिभाषित कीजिए। कृषि के क्षेत्र में जैव-प्रौद्योगिकी के महत्त्व को दर्शाने वाले कोई दो उदाहरण दीजिए। [1+2=3]

Define the biotechnology. Write any two examples which show the importance of bio-technology in the field of agriculture.

परिभाषा: जैव-प्रौद्योगिकी (Biotechnology) वह तकनीक है जिसमें जीवों, कोशिकाओं या उनके घटकों का उपयोग करके उपयोगी उत्पादों का निर्माण या प्रक्रियाओं का विकास किया जाता है।

कृषि में महत्त्व के दो उदाहरण:

  1. Bt कपास: इसमें बैसिलस थुरिंजिएन्सिस (Bacillus thuringiensis) जीवाणु से प्राप्त जीन को कपास में स्थानांतरित किया गया, जिससे पौधा कीटों (जैसे गुलाबी सुंडी) के प्रति प्रतिरोधी बन गया और कीटनाशकों का उपयोग कम हुआ।
  2. स्वर्णिम चावल (Golden Rice): इसमें बीटा-कैरोटीन (विटामिन A का अग्रदूत) उत्पन्न करने वाले जीन डाले गए, जिससे चावल में विटामिन A की मात्रा बढ़ गई और कुपोषण से निपटने में मदद मिली।

26) सूत्रकृमि का नामांकित चित्र बनाइये। पादप परजीवी कृमियों के कोई तीन नाम लिखिए। [1+2=3]

Draw a labelled diagram of nematode. Write name of any three plant parasitic nematodes.

सूत्रकृमि का नामांकित चित्र: (एक सामान्य सूत्रकृमि का चित्र जिसमें मुख, ग्रासनली, आंत, प्रजनन अंग, और पुच्छ भाग दर्शाए गए हैं।)

पादप परजीवी कृमियों के तीन नाम:

  1. Meloidogyne incognita (जड़ ग्रंथि सूत्रकृमि)
  2. Heterodera avenae (गेहूँ पुटी सूत्रकृमि)
  3. Pratylenchus coffeae (घाव सूत्रकृमि)

27) मधुमक्खी की किन्हीं दो जातियों के नाम लिखिए। मधुमक्खी की रानी एवं श्रमिक के प्रमुख कार्य कौन-कौन से होते हैं? [1+2=3]

Write the name of any two species of honey bee. What are the important works of queen and worker of honey bee?

मधुमक्खी की दो जातियाँ:

  1. Apis mellifera (यूरोपीय मधुमक्खी)
  2. Apis cerana indica (भारतीय मधुमक्खी)

रानी मधुमक्खी के प्रमुख कार्य:

  • अंडे देना (प्रजनन) – यह छत्ते में एकमात्र प्रजननक्षम मादा होती है।
  • फेरोमोन स्रावित करके छत्ते की एकता और व्यवस्था बनाए रखना।

श्रमिक मधुमक्खी के प्रमुख कार्य:

  • छत्ते की सफाई और रखरखाव करना।
  • लार्वा को भोजन (रॉयल जेली, पराग, शहद) प्रदान करना।
  • पुष्पों से मकरंद और पराग एकत्र करना।
  • छत्ते की रक्षा करना और मोम का निर्माण करना।

अथवा (OR)

केंचुए का नामांकित चित्र बनाते हुए इसका कृषि में महत्त्व लिखिए। [1+2=3]

Draw a labelled diagram of earthworm and write its importance in agriculture.

केंचुए का नामांकित चित्र: (एक सामान्य केंचुए का चित्र जिसमें मुख, खंड, क्लाइटेलम, पृष्ठीय रंध्र, और गुदा दर्शाए गए हैं।)

कृषि में महत्त्व:

  • मिट्टी को वातित करता है और जल निकासी में सुधार करता है।
  • कार्बनिक पदार्थों को विघटित करके वर्मीकम्पोस्ट (जैविक खाद) बनाता है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
  • मिट्टी में पोषक तत्वों (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम) की उपलब्धता बढ़ाता है।

खण्ड - द (SECTION - D)

28) पादप प्रजनन को परिभाषित कीजिए एवं इसके विभिन्न उद्देश्यों का वर्णन कीजिए। [1+3=4]

Define plant breeding & describe its various objectives.

परिभाषा: पादप प्रजनन (Plant breeding) विज्ञान की वह शाखा है जिसमें मानव की आवश्यकताओं के अनुरूप पादपों में वांछनीय लक्षणों को विकसित करने के लिए उनका चयन, संकरण और आनुवंशिक सुधार किया जाता है।

उद्देश्य:

  1. उच्च उपज (High Yield): अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों का विकास करना।
  2. रोग एवं कीट प्रतिरोध (Disease & Pest Resistance): फसलों को रोगों और कीटों से बचाने के लिए प्रतिरोधी किस्में बनाना।
  3. प्रतिकूल परिस्थितियों सहनशीलता (Stress Tolerance): सूखा, लवणता, जलभराव आदि को सहन करने वाली किस्में विकसित करना।
  4. गुणवत्ता में सुधार (Quality Improvement): पोषण मूल्य, स्वाद, आकार, रंग आदि में सुधार करना।
  5. शीघ्र परिपक्वता (Early Maturity): कम समय में तैयार होने वाली किस्में विकसित करना ताकि अधिक फसलें ली जा सकें।

अथवा (OR)

उत्परिवर्तन को परिभाषित कीजिए। उत्परिवर्तन एवं उत्परिवर्तजन के प्रकारों का वर्णन कीजिए। [1+2+1=4]

Define mutation. Describe the types of mutation and mutagens.

परिभाषा: उत्परिवर्तन (Mutation) किसी जीव के DNA अनुक्रम में अचानक होने वाला स्थायी परिवर्तन है, जो आनुवंशिक विविधता का कारण बनता है।

उत्परिवर्तन के प्रकार:

  • जीन उत्परिवर्तन (Gene Mutation): एकल न्यूक्लियोटाइड में परिवर्तन (जैसे – प्रतिस्थापन, विलोपन, सम्मिलन)।
  • गुणसूत्र उत्परिवर्तन (Chromosomal Mutation): गुणसूत्रों की संरचना या संख्या में परिवर्तन (जैसे – विलोपन, द्विगुणन, स्थानांतरण, व्युत्क्रमण)।

उत्परिवर्तजन (Mutagens) के प्रकार:

  • भौतिक उत्परिवर्तजन (Physical Mutagens): जैसे – विकिरण (X-किरणें, गामा किरणें, पराबैंगनी किरणें)।
  • रासायनिक उत्परिवर्तजन (Chemical Mutagens): जैसे – नाइट्रस अम्ल, एथिल मीथेन सल्फोनेट (EMS), मस्टर्ड गैस।

SS-39-Agri. Bio. (Page 6 of 7)

29. सफेद लट का वैज्ञानिक नाम, जीवन चक्र, क्षति एवं प्रबन्धन का वर्णन कीजिए।

वैज्ञानिक नाम: Holotrichia consanguinea (या Holotrichia serrata)

जीवन चक्र: यह एक पूर्ण कायांतरण कीट है। वयस्क भृंग वर्षा ऋतु की शुरुआत में मिट्टी से बाहर निकलते हैं। मादा मिट्टी में 10-15 सेमी गहराई पर अंडे देती है। अंडे से लार्वा (सफेद लट) निकलता है, जो पौधों की जड़ों को खाता है। लार्वा अवस्था 3-4 महीने की होती है, फिर यह मिट्टी में प्यूपा बनता है। प्यूपा अवस्था 2-3 सप्ताह की होती है, जिसके बाद वयस्क भृंग बाहर आता है। इसका पूरा जीवन चक्र लगभग एक वर्ष का होता है।

क्षति: लार्वा (सफेद लट) भूमिगत रहकर फसलों की जड़ों को खाता है, जिससे पौधे पीले पड़कर सूख जाते हैं। वयस्क भृंग पत्तियों को खाते हैं, लेकिन मुख्य क्षति लार्वा द्वारा होती है।

प्रबन्धन:

  • गहरी जुताई करके लार्वा और प्यूपा को नष्ट करें।
  • फसल चक्र अपनाएं।
  • मिट्टी में क्लोरपाइरीफॉस या कार्बोफ्यूरान का प्रयोग करें।
  • वयस्क भृंगों को नियंत्रित करने के लिए प्रकाश प्रपंच का उपयोग करें।
  • जैविक नियंत्रण के लिए मेटाराइजियम एनिसोप्लिया कवक का प्रयोग करें।

अथवा

बेर फल मक्खी का वैज्ञानिक नाम, जीवन चक्र, क्षति व प्रबन्धन को समझाइये।

वैज्ञानिक नाम: Carpomyia vesuviana

जीवन चक्र: मादा मक्खी पके हुए बेर फलों की त्वचा के नीचे अंडे देती है। अंडे से लार्वा निकलकर फल के गूदे को खाता है। लार्वा अवस्था 7-10 दिन की होती है, फिर यह मिट्टी में प्यूपा बनता है। प्यूपा अवस्था 10-15 दिन की होती है, जिसके बाद वयस्क मक्खी बाहर आती है। गर्मियों में जीवन चक्र 3-4 सप्ताह का होता है।

क्षति: लार्वा फल के अंदर सुरंग बनाकर गूदा खाता है, जिससे फल सड़ने लगता है और गिर जाता है। प्रभावित फल छोटे, विकृत और कीड़े युक्त होते हैं।

प्रबन्धन:

  • प्रभावित फलों को तोड़कर नष्ट करें।
  • मिट्टी की गहरी जुताई करें।
  • फलों पर मैलाथियान या डाइमेथोएट का छिड़काव करें।
  • मादा मक्खियों को आकर्षित करने के लिए प्रोटीन हाइड्रोलाइसेट के साथ कीटनाशक का प्रयोग करें।
  • फलों की तुड़ाई के बाद बाग की सफाई करें।

30. नींबू का नाशी रोग (Citrus Canker) के लक्षण, रोग जनक एवं रोग प्रबन्धन को विस्तार से समझाइये।

रोग जनक: जीवाणु Xanthomonas axonopodis pv. citri

लक्षण:

  • पत्तियों, तनों और फलों पर छोटे, पानी से भरे धब्बे दिखाई देते हैं।
  • ये धब्बे बाद में भूरे या पीले रंग के हो जाते हैं और इनके चारों ओर पीला प्रभामंडल बनता है।
  • धब्बे उभरे हुए और कॉर्क जैसे हो जाते हैं, जिनमें दरारें पड़ जाती हैं।
  • गंभीर संक्रमण में पत्तियां झड़ जाती हैं और फल विकृत हो जाते हैं।
  • फलों पर धब्बे फल की गुणवत्ता और बाजार मूल्य को कम कर देते हैं।

रोग प्रबन्धन:

  • रोग प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग करें।
  • संक्रमित पौधों के भागों को काटकर नष्ट करें।
  • बोर्डो मिश्रण (1%) या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (0.3%) का छिड़काव करें।
  • स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट (100 ppm) का प्रयोग करें।
  • फसल चक्र अपनाएं और खेत की सफाई रखें।
  • हवा के झोंकों से बचाव के लिए विंड ब्रेक लगाएं।

अथवा

बाजरे का हरित बाली रोग (Green Ear Disease) के लक्षण, रोग जनक एवं प्रबन्धन का विस्तृत वर्णन कीजिए।

रोग जनक: कवक Sclerospora graminicola

लक्षण:

  • रोग के कारण बाली (panicle) का आकार बदल जाता है और वह हरी, पत्ती जैसी संरचनाओं में बदल जाती है।
  • ये संरचनाएं सामान्य दानों के स्थान पर विकसित होती हैं, जिससे बाली झाड़ू जैसी दिखती है।
  • प्रभावित पौधे बौने रह जाते हैं और पत्तियां पीली पड़ जाती हैं।
  • पत्तियों के नीचे की तरफ सफेद चूर्ण (कवक के बीजाणु) दिखाई देते हैं।
  • रोग के कारण दाने नहीं बनते, जिससे उपज में भारी कमी आती है।

रोग प्रबन्धन:

  • रोग प्रतिरोधी किस्मों (जैसे HHB 67, HHB 94) का उपयोग करें।
  • बीज उपचार के लिए मेटालैक्सिल (6 ग्राम/किग्रा बीज) या थायरम का प्रयोग करें।
  • संक्रमित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें।
  • फसल चक्र अपनाएं (बाजरे के बाद गैर-अनाज फसल लगाएं)।
  • बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करें।
  • रोग की रोकथाम के लिए मैन्कोजेब (0.2%) का छिड़काव करें।