RBSE Class 12th 2019 Agriculture Chemistry-SS-38-2019 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | Agriculture Chemistry-SS-38-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2019 Agriculture Chemistry-SS-38-2019
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Rajasthan Board Class 12th Agriculture Chemistry-SS-38-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2019
कृषि रसायन विज्ञान
AGRICULTURE CHEMISTRY
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
No. of Questions — 30 S S-38-Ag.Chem.
No. of Printed Pages — 7
Roll No. : ____________________
SI.No. 3
प्रश्न संख्या / Question Numbers
| प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | प्रति प्रश्न अंक (Marks per question) |
|---|---|
| 1 – 3 | 1 |
| 4 – 24 | 2 |
| 25 – 27 | 3 |
| 28 – 30 | 4 |
प्रश्न क्रमांक 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 28, 29 and 30 have internal choices.
1. मृदा का जन्म, निर्माण तथा वितरण का अध्ययन मृदा विज्ञान की किस शाखा में किया जाता है?
In which branch of soil science the origin of soil, formation and distribution is studied?
- ✔ पेडोलॉजी (Pedology)
- मृदा भौतिकी (Soil Physics)
- मृदा रसायन (Soil Chemistry)
- मृदा जीवविज्ञान (Soil Biology)
व्याख्या: मृदा विज्ञान की वह शाखा जो मृदा के उद्गम, निर्माण, वर्गीकरण और वितरण का अध्ययन करती है, पेडोलॉजी कहलाती है।
2. सामान्यतया खनिज मृदा में कितना प्रतिशत जीवांश पदार्थ पाया जाता है?
Generally, how much percent of the organic matter found in the mineral soil?
- 1-2%
- ✔ 1-10%
- 10-20%
- 20-30%
व्याख्या: खनिज मृदा में सामान्यतः 1 से 10 प्रतिशत तक जीवांश पदार्थ (कार्बनिक पदार्थ) पाया जाता है, जो मृदा की उर्वरता के लिए आवश्यक है।
3. मृदा कोलाइड्स में असमान गुणों वाले अणुओं के मध्य आकर्षण को क्या कहते हैं?
What is called the attraction between molecules of dissimilar properties in soil colloids?
- संसंजन (Cohesion)
- ✔ आसंजन (Adhesion)
- अधिशोषण (Adsorption)
- विसरण (Diffusion)
व्याख्या: असमान प्रकार के अणुओं के बीच लगने वाले आकर्षण बल को आसंजन (Adhesion) कहते हैं, जबकि समान अणुओं के बीच आकर्षण संसंजन (Cohesion) कहलाता है।
4. मृदा में अधिकांश पाये जाने वाले दो धनायन लिखिए। [2]
Write the two cations mostly found in the soil.
उत्तर: मृदा में सर्वाधिक पाए जाने वाले दो धनायन हैं:
- कैल्शियम (Ca²⁺)
- मैग्नीशियम (Mg²⁺)
ये धनायन मृदा की उर्वरता और पादप पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
SS-38-Ag.Chem. 330
5
बरसीम की फसल के लिए भूमि का उपयुक्त पी.एच. मान लिखिए |
Write the suitable pH value of soil for Barseem crop.
उत्तर: बरसीम की फसल के लिए भूमि का उपयुक्त पी.एच. मान 6.5 से 7.5 होता है।
Answer: The suitable pH value of soil for Barseem crop is 6.5 to 7.5.
6
जिप्सम का रासायनिक सूत्र लिखिए |
Write the chemical formula of gypsum.
उत्तर: जिप्सम का रासायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट) है।
Answer: The chemical formula of gypsum is CaSO₄·2H₂O (Calcium sulfate dihydrate).
7
पौधों के लिए कोई दो मुख्य पोषक तत्त्वों के नाम लिखिए |
Write the name of any two major nutrients for plants.
उत्तर: पौधों के लिए दो मुख्य पोषक तत्त्व नाइट्रोजन (N) और फॉस्फोरस (P) हैं।
Answer: Two major nutrients for plants are Nitrogen (N) and Phosphorus (P).
8
आग्नेय एवं अवसादी चट्टानों में रासायनिक एवं भौतिक परिवर्तनों के उपरान्त बनी चट्टान का नाम लिखिए |
Write the name of the rock formed after chemical and physical changes in the igneous and sedimentary rocks.
उत्तर: ऐसी चट्टान को कायांतरित चट्टान (Metamorphic rock) कहते हैं।
Answer: Such rock is called Metamorphic rock.
9
नील हरित शैवाल किस फसल के लिए सर्वाधिक उपयोगी है?
Blue green algae is the most useful for which crop?
उत्तर: नील हरित शैवाल धान (चावल) की फसल के लिए सर्वाधिक उपयोगी है, क्योंकि यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती है।
Answer: Blue green algae is most useful for paddy (rice) crop, as it fixes atmospheric nitrogen.
10
बलुई दोमट मृदा की धनायन विनिमय क्षमता लिखिए?
Write the cation exchange capacity of the sandy loam soil.
उत्तर: बलुई दोमट मृदा की धनायन विनिमय क्षमता (CEC) सामान्यतः 5 से 15 meq/100g मृदा होती है।
Answer: The cation exchange capacity (CEC) of sandy loam soil is generally 5 to 15 meq/100g of soil.
11
धान में खेरा रोग किस तत्त्व की कमी से होता है?
Which nutrient deficiency Khaira disease is found in paddy.
उत्तर: धान में खेरा रोग जिंक (Zn) तत्त्व की कमी से होता है।
Answer: Khaira disease in paddy is caused by deficiency of Zinc (Zn).
12
मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा एवं धनायन विनिमय क्षमता के सम्बन्ध को समझाइये |
Explain the relationship in between the quantity of organic matter and cation exchange capacity.
उत्तर: मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा और धनायन विनिमय क्षमता (CEC) के बीच सीधा सकारात्मक संबंध होता है। कार्बनिक पदार्थ में ह्यूमस होता है, जिसमें उच्च धनायन विनिमय क्षमता होती है। जैसे-जैसे मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है, वैसे-वैसे धनायनों (जैसे Ca²⁺, Mg²⁺, K⁺) को धारण करने की क्षमता भी बढ़ती है, जिससे मृदा की उर्वरता में वृद्धि होती है।
Answer: There is a direct positive relationship between the quantity of organic matter and cation exchange capacity (CEC) in soil. Organic matter contains humus, which has a high CEC. As the amount of organic matter in soil increases, the capacity to hold cations (such as Ca²⁺, Mg²⁺, K⁺) also increases, thereby enhancing soil fertility.
4.
एक उपभोक्ता दूध में पानी की मिलावट का पता लगाने के लिए किस उपकरण का प्रयोग करेगा?
Which device is used by a consumer to detect the adulteration of water in the milk?
उत्तर: लैक्टोमीटर (Lactometer) का प्रयोग किया जाता है। यह दूध के विशिष्ट गुरुत्व को मापता है, जिससे पानी की मिलावट का पता चलता है।
5.
वर्मीकम्पोस्ट बनाने की विधि को समझाइये।
Explain the method of vermicompost preparation.
उत्तर: वर्मीकम्पोस्ट बनाने की विधि निम्नलिखित है:
- एक उपयुक्त स्थान पर छायादार क्षेत्र में लकड़ी या ईंट का बक्सा (लगभग 3x2x1 फीट) बनाएं।
- बक्से के तल पर 2-3 इंच मोटी बजरी या रेत की परत बिछाएं।
- उसके ऊपर 6-8 इंच मोटी कार्बनिक पदार्थ (जैसे गोबर, सूखी पत्तियां, रसोई के कचरे) की परत डालें।
- इस परत में केंचुए (जैसे आइसिनिया फेटिडा) डालें (लगभग 500-1000 केंचुए प्रति वर्ग मीटर)।
- नमी बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव करें और ऊपर से पुआल या जूट की बोरी से ढक दें।
- लगभग 45-60 दिनों में केंचुए कार्बनिक पदार्थ को खाकर वर्मीकम्पोस्ट तैयार कर देते हैं।
- तैयार खाद को छानकर केंचुओं को अलग कर लें और खाद का उपयोग करें।
6.
फसलों में नत्रजन की कमी के कोई चार लक्षण लिखिए।
Write any four symptoms of nitrogen deficiency in crops.
उत्तर: फसलों में नत्रजन की कमी के चार लक्षण:
- पत्तियों का पीला पड़ना (क्लोरोसिस), विशेषकर पुरानी पत्तियों में।
- पौधों की वृद्धि रुक जाना और बौनापन।
- पत्तियों का छोटा और संकरा होना।
- फूल और फलों का कम बनना तथा समय से पहले पकना।
7.
वसा विलेय दो विटामिन्स के मुख्य स्रोत एवं इनकी कमी से होने वाले रोग लिखिए।
Write main sources of two fat soluble vitamins and disease due to their deficiency.
उत्तर: वसा विलेय विटामिन A और D के मुख्य स्रोत एवं कमी से होने वाले रोग:
| विटामिन | मुख्य स्रोत | कमी से रोग |
|---|---|---|
| विटामिन A | गाजर, पालक, दूध, अंडा, मछली का तेल | रतौंधी (Night blindness), ज़ेरोफ्थैल्मिया |
| विटामिन D | सूर्य का प्रकाश, मछली का तेल, अंडे की जर्दी, दूध | रिकेट्स (Rickets) - बच्चों में, ऑस्टियोमैलेशिया - वयस्कों में |
8.
न्यूक्लिक अम्ल क्या है? इसके दो प्रकार लिखिए।
What is nucleic acid? Write its two types.
उत्तर: न्यूक्लिक अम्ल एक जटिल कार्बनिक यौगिक है जो न्यूक्लियोटाइड्स की श्रृंखला से बना होता है। यह आनुवंशिक जानकारी को संग्रहीत और संचारित करता है। इसके दो प्रकार हैं:
- डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA) - यह आनुवंशिक सामग्री का मुख्य वाहक है।
- राइबोन्यूक्लिक अम्ल (RNA) - यह प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है।
9.
पादप वृद्धि नियामक क्या है? इसके दो उदाहरण लिखिए।
What is plant growth regulator? Write its two examples.
उत्तर: पादप वृद्धि नियामक (Plant Growth Regulator) वे रासायनिक पदार्थ हैं जो पौधों की वृद्धि, विकास और विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। ये प्राकृतिक या कृत्रिम हो सकते हैं। दो उदाहरण:
- ऑक्सिन (Auxin) - जैसे इंडोल-3-एसिटिक अम्ल (IAA), जो कोशिका विभाजन और वृद्धि को बढ़ावा देता है।
- जिबरेलिन (Gibberellin) - जैसे जिबरेलिक अम्ल (GA₃), जो तने की लंबाई बढ़ाने और बीज अंकुरण में सहायक होता है।
9. मृदा प्रदूषण के चार प्रभावों को समझाइये | Explain four effects of soil pollution.
मृदा प्रदूषण के चार प्रभाव:
- कृषि उत्पादकता में कमी: प्रदूषित मृदा में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे फसलों की वृद्धि और उपज प्रभावित होती है।
- भूजल प्रदूषण: मृदा में मौजूद रसायन (जैसे कीटनाशक, भारी धातु) वर्षा जल के साथ भूजल में मिल जाते हैं, जिससे पेयजल दूषित होता है।
- मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव: प्रदूषित मृदा में उगाई गई फसलों के सेवन से विषाक्त तत्व शरीर में प्रवेश कर बीमारियाँ (जैसे कैंसर, त्वचा रोग) उत्पन्न करते हैं।
- जैव विविधता में कमी: मृदा प्रदूषण से लाभकारी सूक्ष्मजीव, केंचुए और अन्य जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे मृदा की उर्वरता और पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो जाता है।
20. मॉन्टमोरीलोनाइट समूह की पंक्ति संरचना का नामांकित चित्र बनाइये | Draw a labelled diagram of the row structure of the montmorillonite group.
मॉन्टमोरीलोनाइट समूह की पंक्ति संरचना: मॉन्टमोरीलोनाइट एक 2:1 प्रकार का खनिज है, जिसमें दो सिलिका टेट्राहेड्रल शीट के बीच एक एल्युमिना ऑक्टाहेड्रल शीट सैंडविच की तरह होती है। इसकी संरचना में निम्नलिखित भाग होते हैं:
- सिलिका टेट्राहेड्रल शीट (Si-O): ऊपर और नीचे की परतें, जिनमें सिलिकॉन चार ऑक्सीजन से घिरा होता है।
- एल्युमिना ऑक्टाहेड्रल शीट (Al-O): मध्य परत, जिसमें एल्युमीनियम छह ऑक्सीजन से घिरा होता है।
- अंतर-परत स्थान: दो 2:1 इकाइयों के बीच का स्थान, जहाँ पानी और धनायन (जैसे Ca²⁺, Na⁺) उपस्थित होते हैं, जिससे यह खनिज विस्तारशील होता है।
(चित्र में ऊपर से नीचे: सिलिका शीट → एल्युमिना शीट → सिलिका शीट → अंतर-परत स्थान → पुनः सिलिका शीट...)
2. लेक्टोमीटर एवं लेक्टोमीटर जार का चित्र बनाइये | Draw a diagram of lactometer and lactometer jar.
लेक्टोमीटर और लेक्टोमीटर जार:
- लेक्टोमीटर: यह एक काँच का उपकरण है जो दूध के घनत्व (विशिष्ट गुरुत्व) को मापने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें एक लंबी संकरी नली होती है जिसके निचले सिरे पर एक बल्ब (पारा या सीसे से भरा) होता है, और ऊपरी भाग पर अंशांकित पैमाना होता है।
- लेक्टोमीटर जार: यह एक लंबा, संकरा काँच का बर्तन होता है जिसमें दूध भरा जाता है। लेक्टोमीटर को इस जार में डालकर दूध में तैरने दिया जाता है, और पैमाने पर पढ़कर दूध की शुद्धता का पता लगाया जाता है।
(चित्र में लेक्टोमीटर: ऊपर अंशांकित स्केल, नीचे बल्ब; जार: बेलनाकार, लेक्टोमीटर को तैरता हुआ दिखाएँ।)
22. मृदा निर्माण कारकों को वर्गीकृत चार्ट एवं नामांकित चित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए | Demonstrate the soil forming factors by classification chart and labelled diagram.
मृदा निर्माण कारक: मृदा निर्माण को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक निम्नलिखित हैं, जिन्हें वर्गीकृत चार्ट द्वारा दर्शाया जा सकता है:
मृदा निर्माण कारक (Soil Forming Factors):
- जलवायु (Climate): तापमान, वर्षा, आर्द्रता
- मूल पदार्थ (Parent Material): चट्टानों का प्रकार और खनिज संरचना
- स्थलाकृति (Topography): ढाल, ऊँचाई, दिशा
- जैविक कारक (Biotic Factors): वनस्पति, सूक्ष्मजीव, जीव-जंतु
- समय (Time): मृदा निर्माण की अवधि
नामांकित चित्र: एक चित्र में इन कारकों को परस्पर क्रिया करते हुए दिखाएँ, जहाँ जलवायु और जैविक कारक मूल पदार्थ पर क्रिया करते हैं, और स्थलाकृति एवं समय इसे प्रभावित करते हैं, जिससे मृदा प्रोफाइल का निर्माण होता है।
23. मृदा में नाइट्रीकरण को समझाइये | Explain nitrification in soil.
मृदा में नाइट्रीकरण: नाइट्रीकरण एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें अमोनिया (NH₃) या अमोनियम (NH₄⁺) का ऑक्सीकरण नाइट्राइट (NO₂⁻) और फिर नाइट्रेट (NO₃⁻) में होता है। यह प्रक्रिया मुख्यतः दो प्रकार के ऑटोट्रॉफ़िक बैक्टीरिया द्वारा संपन्न होती है:
- नाइट्रोसोमोनास (Nitrosomonas): यह अमोनियम को नाइट्राइट में ऑक्सीकृत करता है: 2NH₄⁺ + 3O₂ → 2NO₂⁻ + 2H₂O + 4H⁺
- नाइट्रोबैक्टर (Nitrobacter): यह नाइट्राइट को नाइट्रेट में ऑक्सीकृत करता है: 2NO₂⁻ + O₂ → 2NO₃⁻
महत्व: नाइट्रीकरण से उत्पन्न नाइट्रेट पौधों द्वारा आसानी से ग्रहण किया जाने वाला नाइट्रोजन का मुख्य रूप है, जो पादप वृद्धि के लिए आवश्यक है। यह नाइट्रोजन चक्र का एक महत्वपूर्ण चरण है।
24. उभय प्रतिरोध का मृदा में महत्त्व लिखिए | Write the importance of soil buffering.
मृदा में उभय प्रतिरोध (बफरिंग) का महत्त्व: मृदा बफरिंग क्षमता मृदा की अम्लता या क्षारीयता में तीव्र परिवर्तन का प्रतिरोध करने की क्षमता है। इसके निम्नलिखित महत्त्व हैं:
- pH स्थिरता: यह मृदा के pH को स्थिर बनाए रखता है, जिससे पौधों को पोषक तत्वों की उपलब्धता बनी रहती है।
- पोषक तत्वों की उपलब्धता: बफरिंग क्षमता के कारण मृदा में पोषक तत्व (जैसे N, P, K) अवक्षेपित नहीं होते और पौधों के लिए सुलभ रहते हैं।
- उर्वरक प्रभावशीलता: यह उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले pH परिवर्तन को रोकता है, जिससे उर्वरकों की दक्षता बढ़ती है।
- सूक्ष्मजीवी गतिविधि: स्थिर pH लाभकारी सूक्ष्मजीवों (जैसे नाइट्रीकरण बैक्टीरिया) की गतिविधि को बनाए रखता है।
- प्रदूषण नियंत्रण: बफरिंग क्षमता अम्लीय वर्षा या रासायनिक प्रदूषण के प्रभाव को कम करती है।
25.
मृदा में निरन्तर यूरिया उर्वरक के उपयोग से क्या प्रभाव पड़ता है? इस प्रकार की मृदाओं को सुधारने हेतु मृदा सुधारक का नाम लिखकर रासायनिक समीकरणों द्वारा समझाइये।
What is the effect of continuous use of urea fertilizer in soil? Write the name of amendment used for reclaim such type soils and explain it by chemical reactions.
प्रभाव: मृदा में निरन्तर यूरिया उर्वरक के उपयोग से मृदा अम्लीय (acidic) हो जाती है। यूरिया के हाइड्रोलिसिस से अमोनियम आयन बनते हैं, जो नाइट्रीकरण द्वारा नाइट्रेट में परिवर्तित होते हैं और H⁺ आयन मुक्त करते हैं, जिससे मृदा का pH कम हो जाता है।
मृदा सुधारक: चूना (Lime - CaCO₃ या CaO) का उपयोग किया जाता है।
रासायनिक समीकरण:
CaCO₃ + 2H⁺ → Ca²⁺ + H₂O + CO₂
CaO + H₂O → Ca(OH)₂
Ca(OH)₂ + 2H⁺ → Ca²⁺ + 2H₂O
26.
दूध गर्म करने पर फट जाता है। इस समस्या से बचाव हेतु कौनसा परीक्षण किया जाना आवश्यक है तथा इसकी प्रयोग विधि का वर्णन कीजिए।
The milk explodes on heating. Which test is essential to avoid this problem and describe its experimental method.
परीक्षण: अम्लता परीक्षण (Acidity Test) या अल्कोहल परीक्षण (Alcohol Test) आवश्यक है।
प्रयोग विधि (अल्कोहल परीक्षण):
- एक परखनली में 5 मिलीलीटर दूध लें।
- इसमें 5 मिलीलीटर 68% एथिल अल्कोहल मिलाएं।
- मिश्रण को हल्के से हिलाएं।
- यदि दूध फट जाता है या थक्के बनते हैं, तो दूध की अम्लता अधिक है और यह गर्म करने पर फटेगा। यदि कोई थक्का नहीं बनता, तो दूध सामान्य है।
27.
अनाज वाली फसलों में नत्रजन स्थिरीकरण करने वाले जैव उर्वरक का नाम लिखिए तथा इसकी प्रयोग की विधि का वर्णन कीजिए।
Write the name of biofertilizer used in cereals crops for nitrogen fixation and describe its method of application.
जैव उर्वरक का नाम: एजोस्पाइरिलम (Azospirillum) या एजोटोबैक्टर (Azotobacter)।
प्रयोग विधि:
- बीज उपचार: 200 ग्राम एजोस्पाइरिलम कल्चर को 500 मिलीलीटर पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट में 10 किलोग्राम बीज को मिलाकर सुखाएं और तुरंत बुवाई करें।
- मृदा उपचार: 2-3 किलोग्राम एजोस्पाइरिलम कल्चर को 50 किलोग्राम कम्पोस्ट या गोबर की खाद में मिलाकर एक रात रखें। फिर इसे एक हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई के समय या सिंचाई से पहले डालें।
28.
वायु प्रदूषण रोकने के आठ उपायों का वर्णन कीजिए।
Describe the eight measures to control air pollution.
- उद्योगों में चिमनियों पर इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर या स्क्रबर लगाना।
- वाहनों में कैटेलिटिक कन्वर्टर का उपयोग करना और नियमित प्रदूषण जांच कराना।
- जीवाश्म ईंधन के स्थान पर सौर, पवन या जल ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना।
- सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देना।
- औद्योगिक क्षेत्रों में वृक्षारोपण करना और हरित पट्टी विकसित करना।
- कचरे को जलाने के बजाय कम्पोस्टिंग या रीसाइक्लिंग करना।
- घरों में धुआं रहित चूल्हे या एलपीजी का उपयोग करना।
- वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी और प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन करना।
अथवा
मृदा प्रदूषण नियन्त्रण के आठ उपायों का वर्णन कीजिए।
Describe eight measures of soil pollution control.
- रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बचना और जैविक खेती को अपनाना।
- औद्योगिक अपशिष्ट को मृदा में डालने से पहले उचित उपचार करना।
- प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण करना और बायोडिग्रेडेबल पदार्थों का उपयोग करना।
- वृक्षारोपण और वनरोपण द्वारा मृदा अपरदन को रोकना।
- कृषि में फसल चक्र और हरी खाद का उपयोग करना।
- घरेलू कचरे का उचित निपटान और कम्पोस्टिंग करना।
- खतरनाक रसायनों के भंडारण और परिवहन के लिए सुरक्षित तरीके अपनाना।
- मृदा परीक्षण करके आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करना।
प्रश्न 29 (Question 29)
ऑलिगोसैकेराइड्स (Oligosaccharides)
परिभाषा: ऑलिगोसैकेराइड्स वे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो 2 से 10 मोनोसैकेराइड इकाइयों के ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनते हैं। ये जल में विलेय होते हैं और इनका स्वाद मीठा होता है।
विस्तृत वर्णन:
- डाइसैकेराइड्स: दो मोनोसैकेराइड इकाइयों से बने (जैसे सुक्रोज, माल्टोज, लैक्टोज)
- ट्राइसैकेराइड्स: तीन मोनोसैकेराइड इकाइयों से बने (जैसे रैफिनोज)
- टेट्रासैकेराइड्स: चार मोनोसैकेराइड इकाइयों से बने (जैसे स्टैक्योज)
महत्वपूर्ण गुण:
- जल में विलेय होते हैं
- क्रिस्टलीय रूप में पाए जाते हैं
- मीठे स्वाद वाले होते हैं
- अम्ल या एंजाइम द्वारा जल-अपघटित होकर मोनोसैकेराइड में बदल जाते हैं
उदाहरण: सुक्रोज (गन्ना शर्करा), माल्टोज (माल्ट शर्करा), लैक्टोज (दुग्ध शर्करा)
अथवा (OR)
पॉलीसैकेराइड्स (Polysaccharides)
परिभाषा: पॉलीसैकेराइड्स वे जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो अनेक (10 से अधिक) मोनोसैकेराइड इकाइयों के ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनते हैं। ये जल में अविलेय होते हैं और इनका स्वाद मीठा नहीं होता।
विस्तृत वर्णन:
- संरचना: ये बहुलक होते हैं जिनमें मोनोसैकेराइड इकाइयाँ ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं
- प्रकार:
- स्टार्च: पादपों में संचित भोजन, एमाइलोज और एमाइलोपेक्टिन से बना
- सेल्युलोज: पादप कोशिका भित्ति का मुख्य घटक, β-ग्लाइकोसिडिक बंधों से जुड़ा
- ग्लाइकोजन: जंतुओं में संचित भोजन, यकृत और मांसपेशियों में पाया जाता है
- गुण:
- जल में अविलेय या कोलॉइडी विलयन बनाते हैं
- अक्रिस्टलीय होते हैं
- मीठे नहीं होते
- अम्ल या एंजाइम द्वारा जल-अपघटित होकर मोनोसैकेराइड में बदल जाते हैं
प्रश्न 30 (Question 30)
डाई अमोनियम फॉस्फेट (Diammonium Phosphate - DAP)
1. संगठन (Composition):
- रासायनिक सूत्र: (NH₄)₂HPO₄
- नाइट्रोजन (N): 18%
- फॉस्फोरस (P₂O₅): 46%
- यह एक उच्च विश्लेषण वाला उर्वरक है
2. गुण (Properties):
- सफेद या हल्के भूरे रंग के दाने
- जल में पूर्णतः विलेय
- हीड्रोस्कोपिक (नमी सोखने वाला)
- क्षारीय प्रकृति का (pH 7.5-8.0)
- अम्लीय मृदा में अधिक प्रभावी
3. मृदा में अभिक्रिया (Soil Reaction):
- मृदा में जल-अपघटित होकर NH₄⁺ और HPO₄²⁻ आयन देता है
- NH₄⁺ आयन मृदा कणों द्वारा अवशोषित हो जाते हैं
- HPO₄²⁻ आयन पौधों द्वारा ग्रहण किए जाते हैं
- मृदा में अस्थायी रूप से अम्लीय प्रभाव डालता है
4. फसलों पर प्रभाव (Effect on Crops):
- जड़ विकास को बढ़ावा देता है
- फूल और फल निर्माण में सहायक
- दानों की गुणवत्ता में सुधार
- प्रकाश-संश्लेषण को बढ़ाता है
- फसल की उपज में वृद्धि करता है
- गेहूं, चावल, मक्का, दलहन, तिलहन आदि फसलों के लिए उपयुक्त
अथवा (OR)
म्यूरेट ऑफ पोटाश (Muriate of Potash - MOP)
1. संगठन (Composition):
- रासायनिक सूत्र: KCl
- पोटाश (K₂O): 60%
- क्लोरीन (Cl): 47%
- यह पोटाश का सबसे सस्ता और सामान्य स्रोत है
2. गुण (Properties):
- सफेद या लाल रंग के क्रिस्टल
- जल में पूर्णतः विलेय
- हीड्रोस्कोपिक नहीं (नमी नहीं सोखता)
- तटस्थ प्रकृति का (pH लगभग 7)
- भंडारण में सुविधाजनक
3. मृदा में अभिक्रिया (Soil Reaction):
- मृदा में जल-अपघटित होकर K⁺ और Cl⁻ आयन देता है
- K⁺ आयन मृदा कणों द्वारा अवशोषित हो जाते हैं
- Cl⁻ आयन मृदा से बह जाते हैं या पौधों द्वारा ग्रहण किए जाते हैं
- मृदा पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं डालता
4. फसलों पर प्रभाव (Effect on Crops):
- तने को मजबूत बनाता है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- फलों और दानों के आकार में वृद्धि
- प्रकाश-संश्लेषण में सहायक
- फसल की गुणवत्ता में सुधार
- आलू, टमाटर, केला, तम्बाकू, चुकंदर आदि फसलों के लिए उपयुक्त
- क्लोरीन संवेदनशील फसलों (जैसे तम्बाकू, आलू) में सावधानी से प्रयोग करें