RBSE Class 12th 2019 Farsi Sahitya-SS-27-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2019
Subject Farsi Sahitya-SS-27-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2019 Farsi Sahitya-SS-27-2019

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Rajasthan Board Class 12th Farsi Sahitya-SS-27-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

SENIOR SECONDARY EXAMINATION – 2019

FARSI SAHITYA

Time: 3¼ Hours    Maximum Marks: 80

SL No.:   Roll No.: _______________

No. of Questions: 4    SS-27-Persian Sah.
No. of Printed Pages: 7


Instructions:

  1. All questions are compulsory.
  2. Answer each question in the space provided.
  1. प्रश्न 1. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

    (i) "تاد کل" کا مطلب کیا ہے؟

    (ii) "عطا" کا مطلب کیا ہے؟

    (iii) "گل و بلبل" کا مطلب کیا ہے؟

    (iv) "دل" کا مطلب کیا ہے؟

    (v) "شب" کا مطلب کیا ہے؟

    (vi) "روز" کا مطلب کیا ہے؟

    उत्तर: (i) تاد کل = ता-द-क-ल (अर्थ: ता-द-क-ल) – यह एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ "ताकत" या "शक्ति" होता है। (ii) عطا = अता – अर्थ: दान, उपहार। (iii) گل و بلبل = गुल-ओ-बुलबुल – अर्थ: फूल और बुलबुल (प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक)। (iv) دل = दिल – अर्थ: हृदय। (v) شب = शब – अर्थ: रात। (vi) روز = रोज़ – अर्थ: दिन।

  2. प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

    (i) "شعر" کا مطلب کیا ہے؟

    (ii) "نثر" کا مطلب کیا ہے؟

    (iii) "غزل" کا مطلب کیا ہے؟

    (iv) "قصیدہ" کا مطلب کیا ہے؟

    उत्तर: (i) شعر = शेर – अर्थ: कविता, पद्य। (ii) نثر = नस्र – अर्थ: गद्य। (iii) غزل = ग़ज़ल – अर्थ: प्रेम और सौंदर्य पर आधारित एक काव्य विधा। (iv) قصیدہ = क़सीदा – अर्थ: प्रशंसा या स्तुति में लिखी गई कविता।

  3. प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

    (i) "فارسی ادب" کا مطلب کیا ہے؟

    (ii) "سعدی" کون تھے؟

    (iii) "حافظ" کون تھے؟

    (iv) "رومی" کون تھے؟

    उत्तर: (i) فارسی ادب = फारसी साहित्य – फारसी भाषा में लिखा गया साहित्य। (ii) سعدی = सादी – फारसी के महान कवि और लेखक, जिनकी रचनाएँ "गुलिस्तान" और "बोस्तान" प्रसिद्ध हैं। (iii) حافظ = हाफ़िज़ – फारसी के प्रसिद्ध कवि, जिनकी शायरी प्रेम और आध्यात्मिकता पर आधारित है। (iv) رومی = रूमी – फारसी के सूफी कवि, जिनकी रचनाएँ "मसनवी" प्रसिद्ध है।

  4. प्रश्न 4. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

    (i) "فارسی زبان" کا مطلب کیا ہے؟

    (ii) "فارسی ادب" کی اہمیت کیا ہے؟

    (iii) "فارسی شاعری" کی خصوصیات کیا ہیں؟

    (iv) "فارسی نثر" کی خصوصیات کیا ہیں؟

    उत्तर: (i) فارسی زبان = फारसी भाषा – ईरान और अफगानिस्तान में बोली जाने वाली एक प्राचीन भाषा। (ii) فارسی ادب کی اہمیت = फारसी साहित्य का महत्व – यह इस्लामी संस्कृति और सूफीवाद को समझने में सहायक है। (iii) فارسی شاعری کی خصوصیات = फारसी कविता की विशेषताएँ – इसमें प्रेम, प्रकृति और आध्यात्मिकता का वर्णन होता है, और इसमें रूपक और प्रतीकों का प्रयोग होता है। (iv) فارسی نثر کی خصوصیات = फारसी गद्य की विशेषताएँ – यह सरल और स्पष्ट होता है, और इसमें नैतिक शिक्षाएँ और कहानियाँ शामिल होती हैं।

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UNIT-I

  1. निम्नलिखित में से किसी एक का सारांश लिखिए:

    1. लुत्फ़-ए-गुल (Lutf-e-Gul)
    2. एक गीत (Ek Geet)
    3. फ़ारसी (Farsi)
    4. अज़दहा (Azdaha)
    5. लुत्फ़-ए-हयात (Lutf-e-Hayat)
    6. चार-ए-बग़ल (Char-e-Baghal)
    7. सैयद (Saiyyad)
    8. लुग़त (Lughat)

(Page 2 of 4)

322 SS-27-Persian Sah.

UNIT - II

प्रश्न 7. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य के विकास में ईरानी संस्कृति के योगदान का वर्णन कीजिए।
  2. फारसी साहित्य के प्रमुख कवियों एवं लेखकों का परिचय दीजिए।

उत्तर (प्रश्न 7 के लिए): फारसी साहित्य का विकास ईरानी संस्कृति की गहरी छाप को दर्शाता है। ईरानी संस्कृति ने फारसी भाषा को समृद्ध किया, जिसमें प्राचीन पारसी धर्म, जोरोस्ट्रियन परंपराएँ, और इस्लामी काल के बाद अरबी, तुर्की एवं मंगोल प्रभाव शामिल हैं। फारसी साहित्य के प्रमुख कवियों में फिरदौसी (शाहनामा), हाफिज (गजलें), सादी (गुलिस्तान व बोस्तान), रूमी (मसनवी), और उमर खय्याम (रुबाइयाँ) शामिल हैं। लेखकों में अबुल फजल बैहकी, निजामी अरूजी, और अब्दुल कादिर बेदिल प्रमुख हैं। इन सभी ने फारसी साहित्य को विश्व साहित्य में अमर बनाया।

प्रश्न 8. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी भाषा के उद्भव एवं विकास पर प्रकाश डालिए।
  2. फारसी साहित्य में गद्य के विकास का वर्णन कीजिए।
  3. फारसी साहित्य में कविता के प्रमुख रूपों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर (प्रश्न 8 के लिए): फारसी भाषा का उद्भव प्राचीन ईरानी भाषाओं (जैसे अवेस्ताई और पहलवी) से हुआ। इस्लाम के आगमन के बाद अरबी लिपि अपनाई गई और फारसी ने नई शब्दावली ग्रहण की। गद्य का विकास 10वीं शताब्दी में शुरू हुआ, जिसमें ऐतिहासिक ग्रंथ (जैसे तबरी का इतिहास), दार्शनिक रचनाएँ (जैसे अल-गजाली की कृतियाँ), और सूफी साहित्य शामिल हैं। कविता के प्रमुख रूपों में गजल (प्रेम और आध्यात्मिकता), कसीदा (प्रशंसा), मसनवी (लंबी कथात्मक कविता), रुबाई (चार पंक्तियाँ), और किता (छोटी कविता) शामिल हैं।

प्रश्न 9. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य में सूफी कवियों का योगदान बताइए।
  2. फारसी साहित्य में ऐतिहासिक ग्रंथों का महत्व समझाइए।
  3. फारसी साहित्य में अनुवाद परंपरा का वर्णन कीजिए।

उत्तर (प्रश्न 9 के लिए): सूफी कवियों ने फारसी साहित्य को आध्यात्मिक गहराई दी। जलालुद्दीन रूमी (मसनवी-ए-मानवी), अत्तार (मंत्रिक-उत-तैर), और इब्न अरबी ने प्रेम, ईश्वर-भक्ति और आत्मज्ञान को केंद्र में रखा। ऐतिहासिक ग्रंथों में फिरदौसी का शाहनामा (ईरान का इतिहास), रशीदुद्दीन का जामी-उत-तवारीख, और मीरख्वांद का रौज़त-उस-सफा प्रमुख हैं। अनुवाद परंपरा में अरबी से फारसी में कुरान, हदीस, और दार्शनिक ग्रंथों के अनुवाद हुए, जिससे फारसी साहित्य समृद्ध हुआ।

प्रश्न 10. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य में महिला कवियों का योगदान बताइए।
  2. फारसी साहित्य में व्यंग्य और हास्य का स्थान स्पष्ट कीजिए।
  3. फारसी साहित्य में प्रकृति चित्रण का वर्णन कीजिए।

उत्तर (प्रश्न 10 के लिए): महिला कवियों में राबिया बिन्त काब (पहली महिला फारसी कवि), महस्ती गंजवी (रुबाइयाँ), और जहाँ आरा बेगम (सूफी कविता) प्रमुख हैं। व्यंग्य और हास्य में उबैद ज़ाकानी (अखलाक-उल-अशरफ) और सादी (गुलिस्तान में कहानियाँ) ने समाज की कमियों पर चुटीला व्यंग्य किया। प्रकृति चित्रण में मंज़ूर (बहार, बाग, फूल), हाफिज (गुल-ओ-बुलबुल), और रूमी (प्रकृति को ईश्वर का प्रतीक) ने सुंदर वर्णन किया है।

प्रश्न 11. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य में कहानी कला का विकास बताइए।
  2. फारसी साहित्य में नाटक का स्थान स्पष्ट कीजिए।
  3. फारसी साहित्य में आलोचना का विकास बताइए।

उत्तर (प्रश्न 11 के लिए): कहानी कला में सादी (गुलिस्तान की नैतिक कहानियाँ), निजामी (खम्सा की प्रेम कथाएँ), और अत्तार (मंत्रिक-उत-तैर की रूपक कहानियाँ) प्रमुख हैं। नाटक का विकास 19वीं शताब्दी में हुआ, जिसमें मीरज़ा फतह अली आखुंदज़ादे (तमसीलात) और बहार (शायरी में नाटकीयता) शामिल हैं। आलोचना में अब्दुल अली मुहम्मद (तज़किरा), रज़ा कुली खान हिदायत (मजमा-उल-फुसाहा), और आधुनिक आलोचकों ने फारसी साहित्य के मूल्यांकन में योगदान दिया।

प्रश्न 12. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य में भारतीय योगदान का वर्णन कीजिए।
  2. फारसी साहित्य में मुगल काल का महत्व बताइए।
  3. फारसी साहित्य में आधुनिकता का प्रभाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर (प्रश्न 12 के लिए): भारतीय योगदान में अमीर खुसरो (हिंदवी-फारसी मिश्रण), अबुल फजल (अकबरनामा), और फैज़ी (साहित्यिक अनुवाद) शामिल हैं। मुगल काल में फारसी राजभाषा बनी, जिसमें शाहजहाँनामा, बादशाहनामा जैसे ऐतिहासिक ग्रंथ लिखे गए। आधुनिकता में 19वीं शताब्दी में पश्चिमी प्रभाव से नई शैलियाँ (जैसे निबंध, उपन्यास) विकसित हुईं, जिनमें मीरज़ा मल्कुम खान, अब्दुल रहीम तालिबोव, और ज़ैनुल आबेदीन मरागेई प्रमुख हैं।

[Turn over] 4322 | SS-27-Persian Sah.

प्रश्न 8 (अंक 8)

निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए:

  1. फारसी साहित्य में 'रुबाई' विधा का विकास कैसे हुआ? उदाहरण सहित समझाइए।
  2. फारसी गद्य के विकास में 'तारीख-ए-बयान' का योगदान स्पष्ट कीजिए।

उत्तर (विकल्प a): फारसी साहित्य में 'रुबाई' एक चार-पंक्ति का काव्य रूप है, जिसमें पहली, दूसरी और चौथी पंक्तियाँ समान तुकांत होती हैं। इसका विकास 9वीं शताब्दी में हुआ। प्रसिद्ध रुबाईकारों में उमर खय्याम (11वीं शताब्दी) प्रमुख हैं, जिनकी रुबाइयाँ जीवन, प्रेम और दर्शन पर आधारित हैं। उदाहरण: "जो आया है वह जाएगा, यह जीवन एक सपना है।" रुबाई में भावों की गहराई और संक्षिप्तता होती है।

प्रश्न 9 (अंक 8)

निम्नलिखित में से किसी एक का सप्रसंग व्याख्या कीजिए:

  1. "दिल से दिल का रास्ता है, यह मोहब्बत का सफर।"
  2. "हर शै में खुदा की निशानी है, उसे पहचानो।"

उत्तर (विकल्प a): प्रस्तुत पंक्ति फारसी साहित्य के एक प्रसिद्ध शायर की है। इसमें प्रेम को आध्यात्मिक यात्रा के रूप में चित्रित किया गया है। 'दिल से दिल का रास्ता' का अर्थ है कि सच्चा प्रेम बिना किसी बाधा के दिलों को जोड़ता है। यह मोहब्बत को एक पवित्र और सीधा मार्ग बताता है, जो ईश्वर तक पहुँचने का साधन है।

प्रश्न 10 (अंक 8)

निम्नलिखित में से किन्हीं दो के नाम लिखिए:

  1. फारसी के प्रसिद्ध कवि
  2. फारसी के प्रसिद्ध गद्य लेखक
  3. फारसी साहित्य की विधाएँ

उत्तर:

  • प्रसिद्ध कवि: हाफिज शिराजी, सादी शिराजी
  • प्रसिद्ध गद्य लेखक: अबुल फजल बैहकी, रशीदुद्दीन फजलुल्लाह
  • साहित्य की विधाएँ: गजल, रुबाई, मसनवी

प्रश्न 11 (अंक 8)

निम्नलिखित में से किन्हीं दो की रचनाओं के नाम लिखिए:

  1. फिरदौसी
  2. निजामी गंजवी
  3. जलालुद्दीन रूमी

उत्तर:

  • फिरदौसी: शाहनामा (महाकाव्य)
  • निजामी गंजवी: खम्सा (पाँच काव्य ग्रंथ)
  • जलालुद्दीन रूमी: मसनवी-ए-मानवी

प्रश्न 12 (अंक 8)

निम्नलिखित में से किन्हीं दो की रचनाओं के नाम लिखिए:

  1. अबुल फजल बैहकी
  2. रशीदुद्दीन फजलुल्लाह
  3. अबुल कासिम फिरदौसी

उत्तर:

  • अबुल फजल बैहकी: तारीख-ए-बैहकी (इतिहास ग्रंथ)
  • रशीदुद्दीन फजलुल्लाह: जामी-उत-तवारीख (विश्व इतिहास)
  • अबुल कासिम फिरदौसी: शाहनामा

— पृष्ठ 4 का अंत —