RBSE Class 12th 2019 Sindhi Sahitya-SS-23-2019 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | Sindhi Sahitya-SS-23-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2019 Sindhi Sahitya-SS-23-2019
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Rajasthan Board Class 12th Sindhi Sahitya-SS-23-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019
SENIOR SECONDARY EXAMINATION - 2019
सिन्धी साहित्य
SINDHI SAHITYA
समय : 3¼ घण्टे पूर्णाक : 80
No. of Questions - 8 SS-23-Sindhi Sah.
No. of Printed Pages - 7
शागिर्दनि लाड़ ज़रुरी हिंदायतूं
- सभु सुवाल करणु, ज़रूरी आहिनि।
- हरहिक सुवाल जे साम्हूं मार्कू डिनल आहिनि।
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प्रश्न पत्रिका – सिन्धी साहित्य (SS-23-2019) – पृष्ठ 2
निर्देश:
हेठि डिनल टुकिरे खे ध्यान सां पढ़ी सुवालनि जा जवाब लिखो:
जींअ नूर बिना सभु अंधार, तिहिड़ीअ सिहत बिना जीवन आहे | "सिहत हिकु ख़ज़ानो आहे |" जहिड़ी तरह ख़ज़ाने जी संभाल सुठे नमूने सही तरह सां कई सघे, तहिड़ीअ तरह इंसान खे घुरिजे त पंहिंजी सिहत जी संभाल ठीक नमूने करे | सची सिहत दवाउनि जे दुकान में न मिली सघन्दी | मगर सची सिहत कुदरती नेमन जी पालना सां हासिल करे सघिजे थी | जेतिरो इंसान कुदरत खां परे रहन्दो, ओतिरो ई बीमारियुनि जो शिकारु थी विन्दो | कुदरती नइमतुनि ते अमल करण सां ख़र्च बि न आहे, मगरि लाभ घणो आहे | सिहत खे सालिम रखण लाइ कुदरती नइमतुनि जी जाण ज़रुरी आहे |
-
(1) मथिएं टुकिरे जो सुहिणो सिरो लिखो।
उत्तर: "सिहत हिकु ख़ज़ानो आहे" – इस टुकरे में सिहत (स्वास्थ्य) को एक अनमोल खजाना बताया गया है, जो कुदरती नेमन (प्राकृतिक उपहारों) के पालन से प्राप्त होता है।
-
(2) नूर बिना क्या आहे?
उत्तर: नूर बिना (प्रकाश के बिना) सभु अंधार (सब कुछ अंधकार) आहे।
-
(3) इंसान सची सिहत कींअ हासिल करे सघे थी?
उत्तर: इंसान सची सिहत (सच्चा स्वास्थ्य) कुदरती नेमन (प्राकृतिक उपहारों) जी पालना (पालन) सां हासिल करे सघे थी।
-
(4) सिहत खे सालिम रखण लाइ कहिंजी ज़ाण ज़रुरी आहे?
उत्तर: सिहत खे सालिम रखण लाइ (स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए) कुदरती नइमतुनि (प्राकृतिक उपहारों) जी जाण (जानकारी) ज़रुरी आहे।
-
(5) जिदु लिखो: सचु
उत्तर: सचु – सच्चा, सत्य। (अर्थ: जो वास्तविक हो, झूठ न हो।)
खण्ड – ‘ब’ (वर्णनात्मक प्रश्न)
प्रश्न 5. कहिंबि हिक विषय ते मज़मून लिखो : (अटिकल 200 लफ़्जनि में) [10]
- नौजवाननि में वधन्दड़ इन्टरनेट जो वाहिफे
- धीअर बचायो, धीअर पढ़ायो
- सिन्धी शाइरनि जी टिमूर्ति
- अखियुनि अगियां डिठल हादसे जो वर्णन
निर्देश: विद्यार्थी उपरोक्त चार विषयों में से किसी एक पर लगभग 200 शब्दों में निबंध लिखें। निबंध में विषय का सार, महत्व और निष्कर्ष स्पष्ट होना चाहिए।
प्रश्न 6. तव्हांजे स्कूल जे प्रिंसीपाल खे तव्हांजे क्लास में फर्नीचर जे जोगे बंदोबस्त कराइणु लाड़ दरख्वास्त लिखो | [5]
या
तव्हां पहिंजे पीउ खे हॉस्टल जी जाण डीन्दे ख़तु लिखो | [5]
निर्देश: विद्यार्थी दिए गए दो विकल्पों में से किसी एक पर पत्र लिखें। पत्र में प्रेषक और प्राप्तकर्ता का पता, विषय, और उचित औपचारिकता का ध्यान रखें।
प्रश्न 7. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
- सिन्धी साहित्य में 'शाइरी' का क्या महत्व है?
- सिन्धी भाषा के विकास में 'सिन्धी साहित्य अकादमी' की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
- सिन्धी लोकगीतों की विशेषताएँ बताइए।
- सिन्धी कवि 'शाह अब्दुल लतीफ भिटाई' की रचनाओं का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
- सिन्धी नाटक के विकास में 'लालचंद जगतियानी' का योगदान बताइए।
- सिन्धी गद्य की प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए।
- सिन्धी साहित्य में 'सचल सरमस्त' की काव्यगत विशेषताएँ बताइए।
निर्देश: विद्यार्थी उपरोक्त प्रश्नों के संक्षिप्त और सटीक उत्तर दें। प्रत्येक उत्तर में मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
(पृष्ठ 3 का अंत)
प्रश्न 8: हेठियनि मां किनि बि पंजनि इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिले में कमि आठियो :
(2+4+4+4+4=5) (अंक वितरण स्पष्ट नहीं, कुल 5 अंक)
- (i) करणु। – अर्थ: करना।
- (ii) बरु मेचणु। – अर्थ: बराबर मिलाना या तुलना करना।
- (iii) पाणी विलोड़णु। – अर्थ: पानी को मथना या हिलाना।
- (iv) उस में बार अछा AM | – अर्थ: उसमें बारह अच्छे (संभवतः 'अंक' या 'गुण') हैं।
- (v) पगबधणु। – अर्थ: पैर बांधना या रोकना।
- (vi) जख मारणु। – अर्थ: घाव मारना या चोट पहुंचाना।
- (vii) fea aan | – अर्थ: (अस्पष्ट, संभवतः 'फेर आण' अर्थात वापस लाना)।
स्पष्टीकरण: ये सिंधी भाषा की पारंपरिक इस्तलाह (पारिभाषिक शब्दावली) हैं, जिनका प्रयोग कृषि, घरेलू कार्यों या साहित्य में होता है। प्रत्येक शब्द का अर्थ ऊपर दिया गया है।
प्रश्न 9: दोहे ऐं सोरठे में कहिड़ो ws one? [2]
(अर्थ: दोहे और सोरठे में क्या अंतर है?)
उत्तर: दोहा और सोरठा दोनों ही छंद हैं, लेकिन इनमें मुख्य अंतर यह है:
- दोहा: इसमें पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। यह सम-मात्रिक छंद है।
- सोरठा: इसमें पहले और तीसरे चरण में 11-11 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं। यह दोहे का उल्टा रूप है।
दोहे में अंत में गुरु लघु का क्रम होता है, जबकि सोरठे में यह उल्टा होता है।
प्रश्न 10: “पंजकड़ो' छाखे चढ़बो आहे? मिसाल SS समझायो | [3]
(अर्थ: 'पंजकड़ो' किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।)
उत्तर: 'पंजकड़ो' सिंधी साहित्य की एक विशेष विधा है, जिसमें पाँच पंक्तियों का एक छंद होता है। इसे 'पंचपदी' भी कहते हैं। इसमें प्रत्येक पंक्ति में समान मात्रा और तुक होती है।
उदाहरण: (मानक उदाहरण के अभाव में एक सामान्य उदाहरण)
"सूरज उगे तो अंधियारा मिटे,
फूल खिले तो बगिया महके,
मन में उमंग हो तो जीवन सजे,
पंजकड़ो गाऊं तो मन रिझे,
सिंधी संस्कृति सदा बढ़े।"
यह विधा लोकगीतों और भक्ति साहित्य में अधिक प्रचलित है।
प्रश्न 11: ह॒वालो समझायो : [4]
(अर्थ: निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए:)
“छो, घर में को अहिड़ो प्राब्लम आहे BT?”
या
“faa मुर्दा मिट्टीअ खे, जंहिं खे बेखुटके, बे-लिहाज़ असीं पेरनि at लताड़ींदा बजूं था, उहा कारीगरनि जे हथनि जे हुनर सां चिमिकी केडी न करामत oft SER”
व्याख्या: यह उद्धरण सिंधी साहित्य के एक संवाद या काव्यांश का भाग प्रतीत होता है। पहला वाक्य “छो, घर में को अहिड़ो प्राब्लम आहे BT?” का अर्थ है: “देखो, घर में कोई ऐसी समस्या है क्या?” (BT संभवतः 'बेटा' या संबोधन है)।
दूसरा वाक्य अधिक जटिल है: “faa मुर्दा मिट्टीअ खे, जंहिं खे बेखुटके, बे-लिहाज़ असीं पेरनि at लताड़ींदा बजूं था, उहा कारीगरनि जे हथनि जे हुनर सां चिमिकी केडी न करामत oft SER” – इसका आशय है कि “जो मुर्दा मिट्टी को (अर्थात मृत शरीर को) बेखटके (बिना डरे) और बेलिहाज (बिना संकोच) हम पैरों से लताड़ते रहते हैं, उन कारीगरों के हाथों के हुनर से चिमिकी (चमक) की क्या करामत (महत्ता) है?”
यह मानव जीवन की नश्वरता और कलाकारों के कौशल की तुलना करता हुआ एक दार्शनिक प्रश्न है।
भाग (2) : [2+2+2=6]
-
(i) मुहमद राम कहिंजी मदद कंदो हो?
उत्तर: मुहमद राम पात्र कहानी में नायक की मदद करता है। वह एक वफादार दोस्त है जो मुश्किल समय में साथ देता है।
-
(ii) पार्लियामेंट जे मेम्बरनि बाबति लेखक कहिड़ी राय कई आहे?
उत्तर: लेखक के अनुसार, पार्लियामेंट के सदस्यों को जनता की समस्याओं को समझना चाहिए और उनके हित में काम करना चाहिए। वह उनकी जिम्मेदारी पर जोर देते हैं।
-
(iii) लेखक, दादा वासवाणीअ खे कहिंजो रुप मञियो आहे?
उत्तर: लेखक दादा वासवाणी को एक महान आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक के रूप में मानते हैं। वह उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताते हैं।
-
(iv) जमियतराइ के गड्डु हिन्दुस्तान केर-केरु आया हुआ?
उत्तर: जमियतराइ के गड्डु हिन्दुस्तान के विभिन्न हिस्सों से आए हुए हैं। वे देश के अलग-अलग प्रांतों से एकत्रित हुए हैं।
-
(v) हेमू कालाणीअ ते जारी थियल कोर टिकलीअ बाबत जाण डियो।
उत्तर: हेमू कालाणी पर जारी की गई टिकली (डाक टिकट) के बारे में बताएं। यह टिकट उनकी शहादत और योगदान को सम्मानित करने के लिए जारी की गई थी।
भाग (3) : [5+5=10] (50-60 शब्दों में उत्तर)
-
(i) कुसुम लेखक खे पहिंजो जेको हाल बुधायो, '............ अजा ........ छो?' आखाणी जे आधार ते लिखो।
उत्तर: कुसुम ने लेखक को अपने दुखद हाल के बारे में बताया। उसने कहा कि उसका पति उसे छोड़कर चला गया है और वह अकेली रह गई है। वह आर्थिक तंगी से जूझ रही है और अपने बच्चों की परवरिश के लिए संघर्ष कर रही है। लेखक ने उसकी बात सुनकर उसे सांत्वना दी और मदद का वादा किया।
-
(ii) 'ला कहाणीअ जो इख़्तिसारु लिखो।
उत्तर: 'ला' कहानी एक गरीब मजदूर की कहानी है जो अपने परिवार के लिए संघर्ष करता है। वह दिन-रात मेहनत करता है लेकिन फिर भी उसकी जिंदगी में खुशी नहीं है। एक दिन उसे एक अमीर आदमी से मदद मिलती है, जो उसकी जिंदगी बदल देती है। कहानी में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक असमानता को दर्शाया गया है।
-
(iii) 'डाहरसेन स्मारक' जे बारे में जाण डियो।
उत्तर: डाहरसेन स्मारक एक ऐतिहासिक स्मारक है जो राजस्थान में स्थित है। यह महान योद्धा डाहरसेन की याद में बनाया गया था। यह स्मारक उनकी वीरता और बलिदान को सम्मानित करता है। यहाँ हर साल एक मेला लगता है जहाँ लोग श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह स्थान पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।
प्रश्न 4: हवालो लिखी माना समझायो
हवालो: "थो पघर जे रा मांडिसु ! फलु मिठो आखिर मिले, मर्तबो महिनत जो जाणी तहिंते एग हेराइबो ।"
समझायो: इस हवाले में कवि कहता है कि हे मेरे मन! तू परिश्रम (मेहनत) का रास्ता अपना ले, क्योंकि अंत में मीठा फल मिलता है। मेहनत की महत्ता को पहचान और उसी के अनुसार चल।
हवालो: "हू त गेस बी सुणण जे वास्ते वेठो सिके, सिक मझां सड़िड़ो करे, हिक बार अर्से ए डिसु !"
समझायो: इस हवाले में कवि कहता है कि मैं सुनने के लिए बैठा हूँ, सीखने के लिए तैयार हूँ, एक बार फिर से कहो! यह सीखने और समझने की लालसा को दर्शाता है।
प्रश्न 5: हेठियनि मां फा फा टिनि सुवालनि जा जवाब अटिकल 30 लफ़्जनि में लिखो
(i) लीला चनेसर' दा में कवीअ लीला खे कहिड़ी हिदायत कई आहे?
कवीअ लीला खे हिदायत दिए आहे ते लीला चनेसर के दरबार में जाए और वहाँ अपनी बात रखे। कवि उसे साहस और धैर्य रखने की सलाह देता है।
(ii) सालिक सिक सां छा डिनो आहे?
सालिक सिक सां (सीखने के साथ) जीवन में सफलता और ज्ञान प्राप्त होता है। यह सीखने की प्रक्रिया को महत्व देता है।
(iii) 'ने रखो था चाह गुल सां कुर्ब कंडनि सां रखो' जो मतलब लिखो?
इसका मतलब है कि किसी चीज़ को केवल चाहत से नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम और संघर्ष से प्राप्त किया जा सकता है। यह मेहनत और लगन का संदेश देता है।
(iv) कवीअ ड्रींह जो पहिरियों ख़्वाबु कहिंखे कोठियो आहे?
कवीअ ड्रींह (सपना) को पहिरियों (पहरेदार) के रूप में कोठियो (कहा) है, यानी सपना एक पहरेदार की तरह है जो हमें जागरूक रखता है और हमारी रक्षा करता है।
(v) भारत खे केरु संवारिनि था?
भारत को संवारने के लिए एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है। यह देश की प्रगति और समृद्धि के लिए जरूरी है।
खंड-घ (प्रश्न क्र. 7-8)
प्रश्न 7. (अ) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए:
-
“देश भगत” जो ख़तु' कविता जो सारु पंहिंजनि लफ़्ज़नि में लिखो।
उत्तर: “देश भगत” कविता में कवि ने देशभक्ति की भावना को उजागर किया है। कवि कहता है कि देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करना चाहिए। देश की आज़ादी के लिए बलिदान देना सबसे बड़ा धर्म है। कविता में देशभक्तों के त्याग और वीरता का वर्णन है, जो अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की सेवा करते हैं।
-
कवी श्री गोवर्धन 'भारती' जो मुख़्तसर में परिचय दीजिए।
उत्तर: श्री गोवर्धन 'भारती' सिंधी साहित्य के प्रसिद्ध कवि हैं। उनका जन्म सिंध में हुआ था। वे देशभक्ति और प्रेम की कविताओं के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाओं में मातृभूमि के प्रति प्रेम और समाज सुधार का संदेश मिलता है। उन्होंने सिंधी भाषा को समृद्ध किया और अनेक कविताएँ लिखीं।
प्रश्न 7. (ब) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए:
-
“अफ़सानकी” कविता में कविअ प्रेम ऐं मेलाप जो संदेश डिनो आहे। समुझायो।
उत्तर: “अफ़सानकी” कविता में कवि ने प्रेम और मेलाप (मिलन) का संदेश दिया है। कवि के अनुसार, प्रेम ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सत्य है। प्रेम से ही दिलों में एकता और भाईचारा पैदा होता है। मेलाप यानी मिलन से समाज में सुख-शांति आती है। कवि ने लोगों को आपसी प्रेम और एकता का पाठ पढ़ाया है।
-
“सागर” कविता कीअं बणिजी (व्याख्या) पंहिंजनि लफ़्जनि में लिखो।
उत्तर: “सागर” कविता में कवि ने समुद्र की विशालता और गहराई का वर्णन किया है। सागर को जीवन का प्रतीक माना गया है, जो अथाह और अगाध है। कवि कहता है कि जैसे सागर में अनेक लहरें उठती हैं, वैसे ही मानव जीवन में सुख-दुख आते हैं। सागर की गहराई ज्ञान की गहराई को दर्शाती है।
प्रश्न 8. हेठियनि मां के वि तिन सुवाल करियो:
-
“अझो” नॉविल में कहिड़ा किरदार आहिनि? तव्हांखे किर किरदार पसंद आहे ऐं छो?
उत्तर: “अझो” नॉविल में मुख्य किरदार अझो, उसकी माँ, पिता और कुछ अन्य पात्र हैं। अझो एक संघर्षशील युवक है जो जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करता है। मुझे अझो का किरदार सबसे अधिक पसंद है क्योंकि वह मेहनती, ईमानदार और अपने सपनों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। वह विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता।
-
“अझो” नॉविल जी समालोचना करियो।
उत्तर: “अझो” नॉविल एक सामाजिक उपन्यास है जो गरीबी, संघर्ष और मानवीय भावनाओं को दर्शाता है। लेखक ने समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत की है। उपन्यास की भाषा सरल और प्रभावशाली है। पात्रों का चित्रण यथार्थवादी है। हालांकि, कहानी की गति कुछ स्थानों पर धीमी है, लेकिन कुल मिलाकर यह एक प्रभावशाली रचना है जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है।
-
“अझो” नाविल जी कहाणी पंहिंजनि लफ़्जनि में लिखो।
उत्तर: “अझो” नॉविल की कहानी एक गरीब परिवार के लड़के अझो के इर्द-गिर्द घूमती है। अझो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष करता है। वह पढ़ाई में अच्छा है लेकिन गरीबी के कारण उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वह नौकरी की तलाश में शहर जाता है, जहाँ उसे धोखा और निराशा मिलती है। अंत में, अपनी मेहनत और लगन से वह सफल होता है और अपने परिवार का नाम रोशन करता है। कहानी में संघर्ष, प्रेम, और मानवीय मूल्यों को दर्शाया गया है।