RBSE Class 12th 2019 Sociology-SS-29-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2019
Subject Sociology-SS-29-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2019 Sociology-SS-29-2019

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Rajasthan Board Class 12th Sociology-SS-29-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2019

समाजशास्त्र
SOCIOLOGY

समय : 3¼ घण्टेपूर्णांक : 80


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्नपत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.

SS-29-Sociology [3525]   [ Turn Over ]


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प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ से काटिए
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER

परीक्षा निर्देश (Exam Instructions)

5) प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।

If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

6) खण्ड, प्रश्न संख्या, अंक प्रत्येक प्रश्न, उत्तर की शब्द सीमा:

खण्ड (Section) प्रश्न संख्या (Q. Nos.) अंक प्रति प्रश्न (Marks per question) उत्तर की शब्द सीमा (Word limit)
A 1-10 0 0 शब्द
B 11-15 2 30 शब्द
C 16-25 3 45 शब्द
D 26-30 6 200 शब्द

7) प्रश्न क्रमांक 26 से 30 तक में आन्तरिक विकल्प हैं।

Question Nos. 26 to 30 have internal choices.

SS_29_Sociology [2323]

खण्ड - अ / SECTION - A

  1. कास्ट, क्लास ऐण्ड ऑक्युपेशन' पुस्तक के लेखक कौन हैं?
    Who is the author of the book 'Caste, Class and Occupation'?

    इस पुस्तक के लेखक डॉ. जी.एस. घुर्ये हैं।

  2. पुरूषार्थ कितने प्रकार के होते हैं?
    How many types of purusharta are there?

    पुरूषार्थ चार प्रकार के होते हैं – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष।

  3. आधुनिकता क्या है?
    What is Modernity?

    आधुनिकता एक सामाजिक-सांस्कृतिक अवधारणा है जो परंपरा से अलग होकर तर्क, विज्ञान, व्यक्तिवाद और प्रगति पर बल देती है।

  4. भारत में महानगर के नाम लिखिये।
    Write the name of mega cities in India?

    भारत के प्रमुख महानगर हैं – मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद आदि।

  5. पंचायतीराज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण किस वर्ष में प्राप्त हुआ?
    In which year women got reservation in Panchayati Raj system?

    महिलाओं को पंचायतीराज व्यवस्था में आरक्षण 1993 में 73वें संविधान संशोधन द्वारा प्राप्त हुआ।

  6. जौहर प्रथा' से आप क्या समझते हैं?
    What do you understand by 'Johar Pratha'?

    जौहर प्रथा मध्यकालीन भारत में राजपूत महिलाओं द्वारा युद्ध में पराजय के समय आत्मदाह करने की प्रथा थी, जिससे वे शत्रु के हाथों अपमान से बचती थीं।

  7. लारसेन के अनुसार जनसंचार का अर्थ क्या है?
    What is the meaning of mass communication according to Larsen?

    लारसेन के अनुसार जनसंचार वह प्रक्रिया है जिसमें एक संप्रेषक (sender) बड़े, विषम और अज्ञात दर्शकों तक संदेश पहुँचाने के लिए मीडिया का उपयोग करता है।

  8. जनसंचार के स्त्रोत क्या हैं?
    What are the sources of mass communication?

    जनसंचार के प्रमुख स्रोत हैं – समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, फिल्म, पत्रिकाएँ आदि।

9) राजस्थान में भगत आंदोलन का संचालन किसने किया?

Who led Bhagat movement in Rajasthan?

उत्तर: राजस्थान में भगत आंदोलन का संचालन हरिदास केसरिया ने किया।

Answer: The Bhagat movement in Rajasthan was led by Haridas Kesaria.

0) “वेदों की ओर लौट चलो' का नारा किसने दिया?

Who gave the slogan 'Back to Vedas'?

उत्तर: “वेदों की ओर लौट चलो” का नारा दयानंद सरस्वती ने दिया।

Answer: The slogan 'Back to Vedas' was given by Dayanand Saraswati.


खण्ड - ब

SECTION - B

1) जनसंख्या वृद्धि के गुणोत्तर सिद्धांत से आप क्या समझते हैं?

What do you understand by geometrical growth theory of population?

उत्तर: जनसंख्या वृद्धि का गुणोत्तर सिद्धांत थॉमस रॉबर्ट माल्थस ने दिया था। इस सिद्धांत के अनुसार, जनसंख्या गुणोत्तर श्रेणी (जैसे 2, 4, 8, 16) में बढ़ती है, जबकि खाद्यान्न उत्पादन समांतर श्रेणी (जैसे 1, 2, 3, 4) में बढ़ता है। इससे जनसंख्या और खाद्य आपूर्ति के बीच असंतुलन पैदा होता है, जिससे अकाल, बीमारी और युद्ध जैसे प्राकृतिक नियंत्रण लागू होते हैं।

Answer: The geometrical growth theory of population was given by Thomas Robert Malthus. According to this theory, population grows in a geometrical progression (e.g., 2, 4, 8, 16), while food production grows in an arithmetical progression (e.g., 1, 2, 3, 4). This creates an imbalance between population and food supply, leading to natural checks like famine, disease, and war.

2) जाति पूर्वाग्रह क्या है?

What is caste prejudice?

उत्तर: जाति पूर्वाग्रह से तात्पर्य किसी व्यक्ति या समूह के प्रति उसकी जाति के आधार पर पहले से बनी नकारात्मक धारणा या रवैया है। यह एक प्रकार का सामाजिक पूर्वाग्रह है जिसमें लोगों को उनकी जाति के कारण हीन या श्रेष्ठ माना जाता है, बिना उनके व्यक्तिगत गुणों पर विचार किए।

Answer: Caste prejudice refers to a preconceived negative attitude or bias against a person or group based on their caste. It is a type of social prejudice where people are considered inferior or superior solely because of their caste, without considering their individual qualities.

3) संस्कृतीकरण की कोई दो आलोचना लिखिए।

Write any two criticisms of Sanskritization?

उत्तर: संस्कृतीकरण की दो प्रमुख आलोचनाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. यह सिद्धांत केवल उच्च जातियों की संस्कृति को आदर्श मानता है और निम्न जातियों की अपनी सांस्कृतिक विरासत को नकारता है।
  2. यह सामाजिक गतिशीलता का एक सीमित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, क्योंकि यह केवल जाति व्यवस्था के भीतर ऊपर उठने पर केंद्रित है, न कि जाति व्यवस्था को चुनौती देने पर।

Answer: Two major criticisms of Sanskritization are:

  1. This theory considers only the culture of upper castes as ideal and denies the cultural heritage of lower castes.
  2. It presents a limited view of social mobility, as it focuses only on rising within the caste system rather than challenging the caste system itself.

4) सरपंच की शक्तियाँ क्या हैं?

What are the powers of Sarpanch?

उत्तर: सरपंच की प्रमुख शक्तियाँ निम्नलिखित हैं:

  • ग्राम पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करना और उनका संचालन करना।
  • ग्राम पंचायत के कार्यों की निगरानी और नियंत्रण करना।
  • ग्राम पंचायत के फैसलों को लागू करना।
  • ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की योजना बनाना और उन्हें क्रियान्वित करना।
  • ग्राम पंचायत के वित्तीय मामलों का प्रबंधन करना।

Answer: The main powers of the Sarpanch are:

  • To preside over and conduct meetings of the Gram Panchayat.
  • To supervise and control the work of the Gram Panchayat.
  • To implement the decisions of the Gram Panchayat.
  • To plan and execute development works of the Gram Panchayat.
  • To manage the financial affairs of the Gram Panchayat.

5) हमें आवास निर्माण के समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

What should we keep in mind while constructing a house?

उत्तर: आवास निर्माण के समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • मजबूत नींव और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का उपयोग।
  • पर्याप्त वेंटिलेशन और प्राकृतिक प्रकाश की व्यवस्था।
  • जल निकासी की उचित व्यवस्था।
  • भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के उपाय।
  • बजट के अनुसार योजना बनाना और अनावश्यक खर्च से बचना।
  • स्थानीय नियमों और अनुमतियों का पालन करना।

Answer: While constructing a house, the following points should be kept in mind:

  • Use of strong foundation and quality construction materials.
  • Provision of adequate ventilation and natural light.
  • Proper drainage system.
  • Measures for protection against earthquakes and other natural disasters.
  • Planning according to budget and avoiding unnecessary expenses.
  • Compliance with local rules and permissions.

खण्ड - स

SECTION - C

6) ग्रामीण व नगरीय समाज में सम्बन्धों की प्रकृति क्या है?

What is the nature of relation in rural and urban society?

उत्तर: ग्रामीण समाज में संबंध प्रत्यक्ष, व्यक्तिगत, स्थायी और अनौपचारिक होते हैं, जबकि नगरीय समाज में संबंध अप्रत्यक्ष, अवैयक्तिक, अस्थायी और औपचारिक होते हैं। ग्रामीण समाज में सामाजिक नियंत्रण परंपरा और धर्म पर आधारित होता है, जबकि नगरीय समाज में कानून और संस्थाओं पर आधारित होता है।

7) ग्रामीण-नगरीय संलग्नता के कोई तीन आधार बताईये।

Mention any three bases of rural-urban continuum?

उत्तर: ग्रामीण-नगरीय संलग्नता के तीन आधार निम्नलिखित हैं:

  1. आर्थिक आधार: गाँव और शहर के बीच वस्तुओं, सेवाओं और श्रम का आदान-प्रदान होता है।
  2. सामाजिक-सांस्कृतिक आधार: गाँवों से शहरों की ओर प्रवास, शिक्षा और मीडिया के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है।
  3. राजनीतिक आधार: पंचायती राज और स्थानीय शासन के माध्यम से गाँव और शहर राजनीतिक रूप से जुड़े होते हैं।

8) मध्यकालीन भारत में अनुसूचित जातियों की क्या अयोग्यताएँ थीं?

What were the disabilities of Schedule Caste in medieval India?

उत्तर: मध्यकालीन भारत में अनुसूचित जातियों को अनेक अयोग्यताओं का सामना करना पड़ा:

  • उन्हें सार्वजनिक कुओं, मंदिरों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश निषिद्ध था।
  • उन्हें उच्च जातियों से अलग बस्तियों में रहना पड़ता था।
  • उन्हें निम्न और अपमानजनक कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता था।
  • उन्हें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा जाता था।

9) भारत में महिलाओं के उत्थान हेतु क्या कदम उठाए गए?

What steps were taken for upliftment of women in India?

उत्तर: भारत में महिलाओं के उत्थान के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  • शैक्षिक: बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सर्व शिक्षा अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएँ।
  • कानूनी: दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विरुद्ध कानून बनाए गए।
  • आर्थिक: महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना, मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराना।
  • राजनीतिक: पंचायती राज में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण प्रदान करना।

20) डेविड हार्वे के अनुसार उत्तर-आधुनिकीकरण के कोई तीन लक्षण बताईये।

Write any three features of Post-modernization according to David Harvey?

उत्तर: डेविड हार्वे के अनुसार उत्तर-आधुनिकीकरण के तीन लक्षण:

  1. समय-स्थान का संपीड़न: संचार और परिवहन में क्रांति के कारण समय और स्थान की बाधाएँ कम हो गई हैं।
  2. लचीला संचय: उत्पादन और उपभोग के पैटर्न में लचीलापन आया है, जिसमें छोटे बैच उत्पादन और उप-अनुबंध पर जोर है।
  3. सांस्कृतिक विखंडन: एकरूपता के बजाय विविधता, स्थानीयता और अल्पसंख्यक संस्कृतियों को महत्व दिया जाता है।

21) भारतीय समाज पर धर्मनिरपेक्षीकरण के कोई तीन प्रभाव दर्शाईये।

Highlight any three effects of secularization on Indian society?

उत्तर: भारतीय समाज पर धर्मनिरपेक्षीकरण के तीन प्रभाव:

  1. सामाजिक समानता: धर्म के आधार पर भेदभाव कम हुआ है और सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं।
  2. शिक्षा और विज्ञान का प्रसार: धार्मिक अंधविश्वासों में कमी आई है और तर्कसंगत सोच को बढ़ावा मिला है।
  3. कानूनी सुधार: धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों में सुधार हुआ है, जैसे मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक पर प्रतिबंध।

22) भारत में वर्तमान राजनैतिक दलों की चुनौतियों के समाधान हेतु कोई तीन सुझाव दीजिए।

Give any three suggestions to solve the challenges of present political parties in India?

उत्तर: भारत में राजनैतिक दलों की चुनौतियों के समाधान हेतु तीन सुझाव:

  1. आंतरिक लोकतंत्र: दलों में नियमित चुनाव और पारदर्शी नेतृत्व चयन प्रक्रिया अपनाई जाए।
  2. चुनाव सुधार: चुनावों में धन और बल के प्रभाव को कम करने के लिए सख्त कानून बनाए जाएँ।
  3. जवाबदेही: जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यों के लिए जवाबदेह बनाने हेतु प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।

23) भारत में पंचायती राज संस्थाओं की क्या समस्याएँ हैं?

What are the problems of Panchayati Raj institutions in India?

उत्तर: भारत में पंचायती राज संस्थाओं की प्रमुख समस्याएँ:

  • वित्तीय संसाधनों की कमी: पंचायतों के पास पर्याप्त धन नहीं होता, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
  • राजनीतिक हस्तक्षेप: स्थानीय नेताओं और अधिकारियों द्वारा पंचायतों के कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप किया जाता है।
  • क्षमता की कमी: पंचायत प्रतिनिधियों में प्रशासनिक और तकनीकी ज्ञान का अभाव होता है।
  • जाति और वर्ग का प्रभाव: पंचायतों में जातिगत और वर्गीय भेदभाव देखने को मिलता है।

24) सामाजिक आन्दोलन के आवश्यक तत्वों को बताईये। [3]

Write the essential elements of social movement?

सामाजिक आन्दोलन के आवश्यक तत्व (Essential Elements of Social Movement):

  1. सामूहिक प्रयास (Collective Effort): यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समूह का सामूहिक प्रयास होता है।
  2. लक्ष्य (Goal): इसका एक स्पष्ट उद्देश्य या लक्ष्य होता है, जैसे सामाजिक परिवर्तन या सुधार।
  3. संगठन (Organization): इसमें एक निश्चित संगठनात्मक ढाँचा और नेतृत्व होता है।
  4. विचारधारा (Ideology): यह एक विशिष्ट विचारधारा या मान्यताओं पर आधारित होता है।
  5. सतत प्रयास (Sustained Effort): यह एक लंबी अवधि तक चलने वाला निरंतर प्रयास होता है।

25) चिपको आन्दोलन से आप क्या समझते हैं? [3]

What do you understand by Chipko Movement?

चिपको आन्दोलन (Chipko Movement): चिपको आन्दोलन 1970 के दशक में भारत के उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) में शुरू हुआ एक प्रसिद्ध पर्यावरणीय आन्दोलन था। यह वनों की कटाई के विरुद्ध ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं द्वारा चलाया गया था। इस आन्दोलन में लोग पेड़ों से चिपक जाते थे ताकि उन्हें काटा न जा सके। इसका नेतृत्व चंडी प्रसाद भट्ट और गौरा देवी जैसे कार्यकर्ताओं ने किया। इस आन्दोलन का मुख्य उद्देश्य वनों और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना था, और इसने भारत में पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा दिया।

SECTION - D

26) भारतीय हिन्दु समाज में कितने प्रकार के संस्कार पाये जाते हैं? [6]

How many types of sanskar are there in Indian Hindu society?

भारतीय हिन्दु समाज में संस्कार (Sanskar in Indian Hindu Society): हिन्दू धर्म में मुख्यतः 16 संस्कार (षोडश संस्कार) माने जाते हैं। ये संस्कार जीवन के विभिन्न चरणों में किए जाते हैं, जो व्यक्ति को शुद्ध और सभ्य बनाने में सहायक होते हैं। प्रमुख संस्कार इस प्रकार हैं:

  1. गर्भाधान
  2. पुंसवन
  3. सीमन्तोन्नयन
  4. जातकर्म
  5. नामकरण
  6. निष्क्रमण
  7. अन्नप्राशन
  8. चूड़ाकर्म
  9. कर्णवेध
  10. विद्यारम्भ
  11. उपनयन
  12. वेदारम्भ
  13. केशान्त
  14. समावर्तन
  15. विवाह
  16. अन्त्येष्टि

ये संस्कार जीवन को पवित्र और सार्थक बनाने के लिए किए जाते हैं।

अथवा

भारतीय समाज में विविधताओं की क्या चुनौतियाँ हैं? समझाइये।

What are the challenges of diversity in Indian society? Explain.

भारतीय समाज में विविधताओं की चुनौतियाँ (Challenges of Diversity in Indian Society): भारत एक विविधताओं से भरा देश है, जहाँ विभिन्न धर्म, जाति, भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान पाई जाती हैं। इन विविधताओं के कारण निम्नलिखित चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं:

  1. साम्प्रदायिकता (Communalism): विभिन्न धर्मों के बीच तनाव और संघर्ष, जो सामाजिक अशांति का कारण बनता है।
  2. जातिवाद (Casteism): जाति आधारित भेदभाव और ऊँच-नीच की भावना, जो सामाजिक एकता में बाधा डालती है।
  3. क्षेत्रीयता (Regionalism): अपने क्षेत्र के प्रति अत्यधिक लगाव, जो राष्ट्रीय एकता को कमजोर करता है।
  4. भाषाई विवाद (Linguistic Conflicts): विभिन्न भाषाओं के बीच प्रतिद्वंद्विता और भाषा आधारित आंदोलन।
  5. आर्थिक असमानता (Economic Inequality): विभिन्न समुदायों के बीच आर्थिक असमानता, जो सामाजिक तनाव को बढ़ाती है।

27) औद्योगिकरण और नगरीकरण के नकारात्मक प्रभावों को बताईये। [6]

Write negative effects of Industrialization and urbanisation on Indian society?

औद्योगिकरण और नगरीकरण के नकारात्मक प्रभाव (Negative Effects of Industrialization and Urbanization):

  1. पर्यावरण प्रदूषण (Environmental Pollution): कारखानों और शहरी क्षेत्रों से वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है।
  2. सामाजिक विघटन (Social Disintegration): पारिवारिक और सामुदायिक संबंध कमजोर होते हैं, और व्यक्तिवाद बढ़ता है।
  3. बेरोजगारी (Unemployment): मशीनीकरण के कारण श्रमिकों की नौकरियाँ खत्म होती हैं, जबकि शहरों में रोजगार के अवसर सीमित होते हैं।
  4. अपराध और भ्रष्टाचार (Crime and Corruption): शहरी क्षेत्रों में अपराध दर और भ्रष्टाचार बढ़ता है।
  5. आवास की समस्या (Housing Problem): शहरों में जनसंख्या वृद्धि के कारण झुग्गी-झोपड़ियाँ और मकानों की कमी होती है।
  6. स्वास्थ्य समस्याएँ (Health Issues): प्रदूषण और भीड़भाड़ के कारण बीमारियाँ फैलती हैं।

अथवा

आधुनिकीकरण से भारतीय समाज में हुये परिवर्तनों को समझाईये ?

Explain the changes occured in Indian society due to modernization?

आधुनिकीकरण से भारतीय समाज में परिवर्तन (Changes in Indian Society due to Modernization): आधुनिकीकरण ने भारतीय समाज में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन लाए हैं:

  1. शिक्षा का प्रसार (Spread of Education): आधुनिक शिक्षा प्रणाली ने साक्षरता दर बढ़ाई और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया।
  2. सामाजिक संरचना में बदलाव (Change in Social Structure): जाति व्यवस्था कमजोर हुई और सामाजिक गतिशीलता बढ़ी।
  3. महिलाओं की स्थिति में सुधार (Improvement in Women's Status): महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और अधिकारों में समानता मिली।
  4. आर्थिक परिवर्तन (Economic Changes): कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था से औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की ओर बदलाव हुआ।
  5. सांस्कृतिक परिवर्तन (Cultural Changes): पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ा, जीवनशैली और मूल्यों में बदलाव आया।
  6. राजनीतिक जागरूकता (Political Awareness): लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि हुई।

खंड – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्रश्न 28: नगरीय समाज में विकास के मुद्दों पर एक लेख लिखिए।

अथवा

भारत में आवास की उपलब्धता हेतु सरकारी व गैर-सरकारी प्रयासों का उल्लेख कीजिए।

नगरीय समाज में विकास के मुद्दे: नगरीय समाज में विकास के अनेक मुद्दे हैं, जिनमें प्रमुख हैं – अत्यधिक जनसंख्या, आवास की कमी, बेरोजगारी, प्रदूषण, यातायात जाम, अपराध, और सामाजिक असमानता। तीव्र शहरीकरण के कारण बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है। झुग्गी-झोपड़ियों का विस्तार, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता की कमी, तथा पर्यावरणीय क्षरण प्रमुख चुनौतियाँ हैं। सतत विकास के लिए समावेशी नियोजन, हरित प्रौद्योगिकी, और सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है।

अथवा – आवास हेतु प्रयास: भारत में आवास की उपलब्धता के लिए सरकारी प्रयासों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), राजीव आवास योजना, और स्लम रिहैबिलिटेशन योजनाएँ शामिल हैं। गैर-सरकारी प्रयासों में हाउसिंग फेडरेशन, एनजीओ जैसे हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी, और सहकारी आवास समितियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये संगठन किफायती आवास, वित्तीय सहायता, और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

प्रश्न 29: राजस्थान में महिलाओं की स्थिति पर एक लेख लिखिए।

अथवा

भारत में बालश्रम उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा क्या संवैधानिक कदम उठाये गये?

राजस्थान में महिलाओं की स्थिति: राजस्थान में महिलाओं की स्थिति में सुधार के बावजूद अनेक चुनौतियाँ हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, और आर्थिक भागीदारी में लैंगिक असमानता व्याप्त है। बाल विवाह, दहेज प्रथा, और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयाँ अभी भी मौजूद हैं। सरकारी योजनाएँ जैसे राजस्थान महिला कल्याण योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों से स्थिति में सुधार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण है।

अथवा – बालश्रम उन्मूलन हेतु संवैधानिक कदम: भारत में बालश्रम उन्मूलन के लिए संविधान के अनुच्छेद 24 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक उद्योगों में काम करने से प्रतिबंधित किया गया है। बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (2016 में संशोधित) के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का सभी प्रकार के रोजगार में निषेध है। इसके अलावा, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान कर बालश्रम को रोकने का प्रयास किया गया है। राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (NCLP) जैसी योजनाओं के माध्यम से बाल श्रमिकों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रश्न 30: जनसंचार के माध्यम से भारतीय समाज में हुए परिवर्तनों की व्याख्या कीजिए।

अथवा

जनसंचार के विभिन्न साधनों की राष्ट्रीय एकता में क्या भूमिका है?

जनसंचार से भारतीय समाज में परिवर्तन: जनसंचार के माध्यमों – रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्र, और इंटरनेट – ने भारतीय समाज में गहरे परिवर्तन लाए हैं। इन्होंने शिक्षा, जागरूकता, और सूचना का प्रसार किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी जानकारी, स्वास्थ्य शिक्षा, और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सामाजिक मुद्दों जैसे महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, और सामाजिक न्याय पर जागरूकता बढ़ी है। डिजिटल क्रांति ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोड़ा है और सामाजिक आंदोलनों को गति दी है।

अथवा – राष्ट्रीय एकता में भूमिका: जनसंचार के विभिन्न साधन राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रेडियो और टेलीविजन देश के विभिन्न भागों की संस्कृति, भाषा, और परंपराओं को एक-दूसरे के सामने प्रस्तुत करते हैं, जिससे आपसी समझ बढ़ती है। समाचार पत्र और डिजिटल मीडिया राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और जागरूकता फैलाते हैं। आपातकालीन स्थितियों में सूचना प्रसार और राष्ट्रीय एकता के संदेश प्रसारित करने में ये माध्यम अहम भूमिका निभाते हैं। खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और राष्ट्रीय त्योहारों का सीधा प्रसारण लोगों में एकता की भावना को प्रबल करता है।