RBSE Class 12th 2019 Typewriting Hindi-SS-34-1-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2019
Subject Typewriting Hindi-SS-34-1-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Typewriting Hindi-SS-34-1-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2019

हिन्दी टंकण लिपि

(TYPEWRITING HINDI)

समय : 1 घण्टा     पूर्णांक : 40

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने उत्तर पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. प्रत्येक कागज के एक तरफ टंकण करें।
  3. प्रत्येक प्रश्न को नये पृष्ठ से आरम्भ करना है।
  4. प्रत्येक लाइन के बीच में द्विगुणित अवकाश (Double Spacing) देकर टंकण करना है।
  5. प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक सजावट के निर्धारित है।

प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें

No. of Questions — 3    SS-34--T.W. (Hindi)

No. of Printed Pages — 07

SS-34-I-T.W. (Hindi) 328    [ Turn Over

निम्न अवतरण को टंकित कीजिए :

अंक - 8 | सजावट - 2 | कुल - 20

विद्यार्थी जीवन

विद्यार्थी वह है जो मन लगाकर ध्यान से विद्याध्ययन करता है, जिसके सामने लक्ष्य स्पष्ट हो।

एक बार विनोबा भावे ने एक लड़के से पूछा – “तुम पढ़-लिख कर क्या बनोगे?”
लड़के ने उत्तर दिया – “अभी तो पढ़ रहे हैं, आगे का कुछ सोचा नहीं।”

अगले वर्ष विनोबा जी ने उसी लड़के से फिर वही प्रश्न किया। लड़के ने वही पुराना उत्तर दुहरा दिया। यह बालक स्कूल तो जाता है पर इसे सच्चा विद्यार्थी नहीं कह सकते। जिसने कुछ सोचा न हो, जिसका कोई इरादा न हो, वह तो लकीर पीटता रहेगा। पिता ने स्कूल में प्रवेश करा दिया, इसलिए स्कूल आते हैं। कभी फेल होगा, कभी पास – बिना सोचे-विचारे निरुद्देश्य पढ़ना तो जंगल में भटकना है।

विद्यार्थी वह है जिसमें ज्ञान की पिपासा हो, जिसका कोई ध्येय हो, जो संकल्पवान हो। आधे-अधूरे मन से पढ़ना तो समय और धन दोनों की बरबादी है। किसी प्रकार से रो-धोकर परीक्षा पास कर लेने मात्र से जीवन में कुछ बनता नहीं। ऐसे न मालूम कितने छात्र हैं जिनका लम्बा समय यों ही बरबाद हो गया। वे न तो ढंग से पढ़ सके और न जीवन को सही दिशा दे सके।

SS-34-I_T.W. (Hindi) 328

विद्यार्थी जीवन और अनुशासन

विद्याध्ययन वस्तुतः एक तप है। इसी के तेज से विद्यार्थी तपकर कुन्दन बनता है। इसी से उसकी बुद्धि पैनी और व्यक्तित्व प्रखर बनता है। विद्यार्थी के जीवन में इसी की अपेक्षा है।

विद्यार्थी के निम्न लक्षण

  1. कौआ जैसी पल-पल सावधानी
  2. बगुला जैसा ध्यान
  3. कुत्ते जैसी नींद
  4. अल्प आहार
  5. प्रपंचों से परे अर्थात गृहत्यागी

विद्या का सम्बन्ध मन और बुद्धि से है। इन्हें स्वच्छ और प्रखर बनाने के लिए उपयुक्त दिनचर्या अपनानी होगी।

प्रातःकाल की दिनचर्या

विद्यार्थी को प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए। उठते ही चारपाई पर बैठे-बैठे इस श्रेष्ठ मानव जीवन के लिए ईश्वर को धन्यवाद दें और अपने लक्ष्य का ध्यान करते हुए उस पर बढ़ चलने का संकल्प करें। दिन भर के कार्यक्रम पर एक दृष्टि घुमाएँ।

लगभग चार गिलास स्वच्छ जल पान करने के पश्चात शौच जाएँ। मंजन, स्नान आदि से निवृत्त होकर सूक्ष्म व्यायाम करें। योग शिक्षक से योग व्यायाम की सलाह लें। इससे शरीर स्फूर्तिवान और मन प्रसन्न रहता है। बुद्धि का विकास होता है।

प्राणायाम का महत्व

मनुष्य में जितना विवेक, उत्साह, शौर्य, बल, क्षमता, दक्षता, दृढ़ता आदि गुण दिखाई देते हैं, वे सब प्राण बल के ही साक्षी हैं। प्राणबल बढ़ाने के लिए प्राणायाम किया जाता है। प्राण से कोई जगह खाली नहीं, मनुष्य के चारों ओर प्राण प्रवाहित हो रहा है। श्वास के माध्यम से अतिरिक्त प्राण खींचकर प्राण तत्व में वृद्धि की जाती है। घर के किसी हवादार कोने में या छत पर यह अभ्यास करना चाहिए।

पृष्ठ 4

पर पाल्थी मारकर बैठें। दोनों हाथ गोदी में रखें। बाँया हाथ नीचे, दाहिना हाथ ऊपर धीरे-धीरे खींचे, थोड़ी देर अन्दर रोकें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें और इसके बाद थोड़ी देर श्वास बाहर रोके। खींचने, रोकने और बाहर निकालने का अनुपात 1:2:1 हो। इससे प्राण प्रखर होता है। आयु बढ़ती है। तेज और ओज में वृद्धि होती है। एकाग्रता का अभ्यास होता है। ग्राह्य शक्ति बढ़ती है।

एफ.ए.बी. के लिए विषय को गहराई से समझना, स्मृति का विकास करना और मौलिक ढंग से उस विषय को प्रस्तुत करने की क्षमता पैदा करने के लिए स्वाध्याय की आवश्यकता होती है।

जीवन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण समय विद्यार्थी जीवन है। इसी समय में उसकी बुद्धि का उत्तरोत्तर विकास और चरित्र का निर्माण होता है, जिस पर उन्नति की ऊँची से ऊँची मंजिलें बनाई जा सकती हैं। यदि पढ़ने से जी चुराया गया, समय का दुरुपयोग किया गया तो जीवन भर पछताने के सिवाय और कुछ हाथ नहीं लगता। जो निरन्तर अध्ययन करते रहते हैं, उनकी योग्यता, दक्षता और क्षमता में आशाजनक विकास होता है। वे जीवन में उन्नति तो करते हैं, साथ ही कठिन परिस्थितियों का सामना करने और समस्याओं का हल खोजने में समर्थ होते हैं।

2) निम्न पत्र को टंकित कीजिए :-

अंक 8
सजावट 2
कुल 10

SS-34--T.W. (Hindi) 328

खण्डेलवाल एण्ड कम्पनी

टेलिफोन नं. 023478   4 चौधरी टावर
जी. एसटी नं.: 555   संगीता मार्ग
thera : 0]234789   इन्दौर
ईमेल : खण्डेलवाल(6)45 (a. प्र.)
ware : 747/986   दिनांक : 22-2-8

श्रीमान शाखा प्रबन्धक
बैंक ऑफ ओ आई सी
डी. बी. रोड़

आपको सूचित करते हुए प्रसन्नता हो रही हैं कि हमारा कपड़े का व्यापार पिछले 30 वर्षों से प्रगति कर रहा है। वर्तमान में हमरी दुकान की वार्षिक बिक्री ₹ 50 लाख के लगभग है। आगामी 5 वर्षों तक ₹ 80 लाख पहुँचने का अनुमान है। आपकी शाखा में हमारा चालू खाता संख्या 95855 पिछले (5 वर्षों से है। जिसमें हमारे द्वारा जमा राशि में उत्तरोत्तर बढोतरी करने का प्रयास किया गया है।

SS-34-_T.W. (Hindi) 328 | Turn Over

पृष्ठ 6

हमारे व्यवसाय की बढ़ती हुई बिक्री को देखते हुए लगभग ₹ 0 लाख का माल बम्बई से और मंगवाना है। फर्म ने अग्रिम भुगतान करने पर ही माल की सुपुर्दगी करने की शर्त रखी है।

इस हेतु यदि आप द्वारा तीन माह के लिए ₹ 5 लाख की अधिविकर्ष की सुविधा प्रदान कर दी जाती है तो बड़ी प्रसन्नता होगी। हम आपको बैंक के नियमानुसार गारन्टी दिलाने को तैयार है। आप चाहे तो बाजार में हमारे विषय व व्यापार की ख्याति के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

आपूर्ति कर्ता फर्म का कोटेशन एवं कृयादेश की प्रति संलग्न है।

भवदीय
नव्यांश
मैनेजर

3) निम्न सारणी को यथोचित रूप देकर टंकित कीजिए :

विवरण अंक
सजावट 2
कुल 0

SS-34-_T.W. (Hindi) 328

विदेशी व्यापार एक नजर में (प्रतिशत में)

क्र. देश आयात (1960-61) आयात (2005-06) निर्यात (1960-61) निर्यात (2005-06)
1 अमेरिका 38 28 35 36
2 इंग्लैण्ड 27 7 24 8
3 जर्मनी 20 0 5 20
4 जापान 6 6 5 5
5 आस्ट्रेलिया 2 8 3 1
6 रूस 3 5 4 2
7 चीन 1 2 2 2
8 पाकिस्तान 1 2 2 2
9 बेल्जियम 1 3 2 2
10 इरान 1 7 5 2

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