RBSE Class 12th 2020 -SS-38-2020 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2020
Subject -SS-38-2020
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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How to practise with this question paper

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Rajasthan Board Class 12th -SS-38-2020 2020 solved Previous Year Question Papers

कृषि रसायन विज्ञान (AGRICULTURE CHEMISTRY)

उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2020

समय : 3¼ घण्टे     पूर्णाक : 56

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.

No. of Questions — 30     No. of Printed Pages — 8     SS-38-Ag. Chem. (Supp.)

निर्देश / Instructions

  1. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
  2. प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि/अंतर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

प्रश्न संख्या एवं अंक योजना / Marks Distribution

प्रश्न संख्या (Q. Nos.) अंक प्रति प्रश्न (Marks per question)
1–3 1
4–24 2
25–27 3
28–30 4

विशेष सूचना / Special Note

प्रश्न क्रमांक 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 28, 29 and 30 have internal choices.


SS-38-Ag. Chem. (Supp.)

पृष्ठमृदा एवं अवमृदा में कोई दो अन्तर लिखिए।

Write any two differences between surface soil and sub-soil.

उत्तर: पृष्ठमृदा (Surface Soil) और अवमृदा (Sub-soil) में दो अंतर:

  1. कार्बनिक पदार्थ: पृष्ठमृदा में कार्बनिक पदार्थ अधिक होते हैं, जबकि अवमृदा में कार्बनिक पदार्थ कम होते हैं।
  2. उर्वरता: पृष्ठमृदा अधिक उपजाऊ होती है, जबकि अवमृदा कम उपजाऊ होती है।

रूपान्तरित चट्टानों के प्रकारों के नाम लिखिए।

Write names of types of metamorphic rocks.

उत्तर: रूपान्तरित चट्टानों के दो मुख्य प्रकार हैं:

  1. फोलिएटेड (Foliated) रूपान्तरित चट्टानें – जैसे स्लेट, शिस्ट, नीस।
  2. नॉन-फोलिएटेड (Non-foliated) रूपान्तरित चट्टानें – जैसे संगमरमर, क्वार्टजाइट।

स्टार्च को माल्टोज में परिवर्तित करने वाले एंजाइम का नाम लिखिए।

Write the name of enzyme which used to change starch into maltose.

उत्तर: स्टार्च को माल्टोज में परिवर्तित करने वाला एंजाइम डायस्टेज (Diastase) या एमाइलेज (Amylase) है।

मृदा कार्बनिक कोलॉइड का नाम लिखिए।

Write the name of soil organic colloid.

उत्तर: मृदा कार्बनिक कोलॉइड का नाम ह्यूमस (Humus) है।

धनायन विनिमय क्षमता को प्रभावित करने वाले किन्हीं दो कारकों के नाम लिखिए।

Write the names of any two factors affecting cation exchange capacity.

उत्तर: धनायन विनिमय क्षमता (CEC) को प्रभावित करने वाले दो कारक:

  1. मृदा का pH मान – pH बढ़ने पर CEC बढ़ती है।
  2. मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा – कार्बनिक पदार्थ अधिक होने पर CEC अधिक होती है।

मृदा में अधिकांशतः पाए जाने वाले कोई दो ऋणायन लिखिए।

Write any two anions mostly found in the soil.

उत्तर: मृदा में अधिकांशतः पाए जाने वाले दो ऋणायन:

  1. नाइट्रेट (NO₃⁻)
  2. फॉस्फेट (PO₄³⁻)

प्रतिशत बेस संतृप्ति की गणना के लिए सूत्र लिखिए।

Write the formula for calculation of percentage base saturation.

उत्तर: प्रतिशत बेस संतृप्ति (Percentage Base Saturation) का सूत्र:

% बेस संतृप्ति = (विनिमेय क्षारक धनायनों की कुल मात्रा / धनायन विनिमय क्षमता) × 100

या, % Base Saturation = (Sum of exchangeable base cations / CEC) × 100

8. उभयप्रतिरोधी विलयन को परिभाषित कीजिए।

Define buffer solution.

उभयप्रतिरोधी विलयन (Buffer Solution): वह विलयन जो तनुकरण करने पर या उसमें अल्प मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का प्रतिरोध करता है, उभयप्रतिरोधी विलयन कहलाता है।

A buffer solution is one that resists a change in its pH value upon dilution or upon the addition of a small amount of acid or base.

9. हाइड्रेटेड बुझे चूने का रासायनिक सूत्र लिखिए।

Write the chemical formula of Hydrated slaked lime.

उत्तर: हाइड्रेटेड बुझे चूने (Hydrated slaked lime) का रासायनिक सूत्र Ca(OH)2 (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) है।

10. पौधों के लिए किन्हीं दो सूक्ष्म पोषक-तत्त्वों के नाम लिखिए।

Write the names of any two trace nutrients for plants.

उत्तर: पौधों के लिए दो सूक्ष्म पोषक तत्त्व (Trace nutrients) निम्नलिखित हैं:

  1. लोहा (Iron / Fe)
  2. जस्ता (Zinc / Zn)

(अन्य उदाहरण: मैंगनीज, तांबा, बोरॉन, मोलिब्डेनम, क्लोरीन)

11. पौधों में फॉस्फोरस की कमी से होने वाले एक लक्षण को लिखिए।

Write one symptom due to deficiency of phosphorous in plants.

उत्तर: पौधों में फॉस्फोरस की कमी का एक प्रमुख लक्षण पत्तियों का गहरे हरे या बैंगनी रंग का हो जाना है। इसके अलावा पौधों की वृद्धि रुक जाती है और फल एवं बीजों का निर्माण कम होता है।

12. एजोला का उपयोग कौन सी फसल में किया जाता है?

In which crop Azolla is used?

उत्तर: एजोला (Azolla) का उपयोग मुख्यतः धान (चावल) की फसल में जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है। यह नील-हरित शैवाल के साथ सहजीवी संबंध रखता है और वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करता है।

13. मक्खन एवं घी में वसा प्रतिशत लिखिए।

Write the percentage of fat in butter and ghee.

उत्तर:

  • मक्खन (Butter): इसमें वसा की मात्रा लगभग 80-82% होती है।
  • घी (Ghee): इसमें वसा की मात्रा लगभग 99-100% होती है।

14. मृदानिर्माण करने वाली चट्टानों के वर्गीकरण को चार्ट एवं नामांकित चित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए।

Demonstrate the classification of soil forming rocks by chart and labelled diagram.

उत्तर: मृदा निर्माण करने वाली चट्टानों को तीन मुख्य वर्गों में बांटा गया है:

चार्ट (Classification Chart):
चट्टान का प्रकार निर्माण प्रक्रिया उदाहरण
आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) मैग्मा के ठंडा होने से ग्रेनाइट, बेसाल्ट
अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) अवसादों के जमाव एवं दबाव से बलुआ पत्थर, चूना पत्थर
कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) ताप एवं दाब से रूपांतरण संगमरमर, स्लेट
नामांकित चित्र (Labelled Diagram):

(चित्र में चट्टान चक्र को दर्शाया गया है)

        मैग्मा (Magma)
           |
           v
    [आग्नेय चट्टानें] ---- अपक्षय/अपरदन ----→ [अवसाद]
           |                                        |
           | (ताप/दाब)                              | (दबाव)
           v                                        v
    [कायांतरित चट्टानें] ←---- (रूपांतरण) ---- [अवसादी चट्टानें]
           |
           | (पुनः पिघलना)
           v
         मैग्मा
  

व्याख्या: मैग्मा के ठंडा होने से आग्नेय चट्टानें बनती हैं। इनके अपक्षय से अवसाद बनते हैं, जो दबाव से अवसादी चट्टानों में बदल जाते हैं। ताप और दाब के प्रभाव से ये कायांतरित चट्टानों में रूपांतरित हो जाती हैं। पुनः पिघलने पर ये वापस मैग्मा में बदल जाती हैं। यह चक्र मृदा निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

5. जीवांश पदार्थों के मृदा गुणों एवं उर्बरता पर पड़ने वाले किन्हीं दो प्रभावों को समझाइए | 2

Explain any two effects of organic matter on soil properties and fertility.

Effects of organic matter on soil properties and fertility:

  1. Improves soil structure: Organic matter binds soil particles into aggregates, improving aeration, water infiltration, and root penetration.
  2. Enhances nutrient availability: It acts as a reservoir of essential nutrients (N, P, K, S) and releases them slowly through decomposition, increasing soil fertility.

6. इलाइट समूह की पंक्ति संरचना का नामांकित चित्र बनाइए | 2

Draw a labelled linear diagram of the Illite group.

Labelled linear diagram of Illite group structure:

    Tetrahedral sheet (Si-O)
    Octahedral sheet (Al-O-OH)
    Tetrahedral sheet (Si-O)
    ──── K+ (interlayer) ────
    Tetrahedral sheet (Si-O)
    Octahedral sheet (Al-O-OH)
    Tetrahedral sheet (Si-O)

Note: Illite has a 2:1 layer structure with potassium ions between layers.

7. मृदा pH को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों के नाम लिखिए | 4x½=2

Write the names of any four factors affecting soil pH.

Four factors affecting soil pH:

  1. Parent material (rock type)
  2. Climate (rainfall and temperature)
  3. Organic matter decomposition
  4. Fertilizer application (e.g., ammonium-based fertilizers)

8. पादप द्वारा पोषक-तत्त्वों के अधिग्रहण की क्रियाविधि के चार चरण लिखिए | 4x½=2

Write four steps of mechanism of absorption of nutrients by plant.

Four steps of nutrient absorption mechanism by plants:

  1. Contact: Nutrients reach root surface through mass flow, diffusion, or root interception.
  2. Adsorption: Ions are adsorbed onto root cell walls (apoplast).
  3. Active uptake: Ions are transported across plasma membrane into symplast using energy (ATP).
  4. Translocation: Nutrients move through xylem to various plant parts.

9. प्रदूषक किसे कहते हैं ? प्रदूषक के प्रकारों के नाम लिखिए | ½+1½=2

What is pollutant ? Write the types of pollutants.

Pollutant: A pollutant is any substance (solid, liquid, or gas) or form of energy (heat, noise, radiation) that, when introduced into the environment, causes harmful effects on living organisms and ecosystems.

Types of pollutants:

  1. Primary pollutants: Emitted directly from sources (e.g., CO, SO₂, NOₓ, particulate matter).
  2. Secondary pollutants: Formed by chemical reactions in the atmosphere (e.g., ozone, smog, acid rain).
  3. Biodegradable pollutants: Can be broken down by natural processes (e.g., sewage, plant waste).
  4. Non-biodegradable pollutants: Cannot be easily decomposed (e.g., plastics, heavy metals, pesticides).

20. जल प्रदूषण के मानव जीवन पर होने वाले किन्हीं दो प्रभावों को समझाइए | 2

Explain any two effects of water pollution on human life.

Two effects of water pollution on human life:

  1. Waterborne diseases: Contaminated water causes diseases like cholera, typhoid, dysentery, and hepatitis, leading to illness and death.
  2. Bioaccumulation of toxins: Heavy metals (e.g., mercury, lead) and pesticides accumulate in fish and seafood, which when consumed by humans cause neurological damage, cancer, and organ failure.

2l. विटामिन A एवं D के मुख्य स्रोत एवं इनकी कमी से होने वाले रोगों के नाम लिखिए | 1+1=2

Write main sources of vitamin A and D and names of disease due to their deficiency.

Vitamin A:

  • Main sources: Carrots, spinach, sweet potatoes, milk, eggs, liver, fish liver oils.
  • Deficiency disease: Night blindness (nyctalopia), xerophthalmia, keratomalacia.

Vitamin D:

  • Main sources: Sunlight (synthesis in skin), fatty fish (salmon, mackerel), egg yolk, fortified milk, cod liver oil.
  • Deficiency disease: Rickets (in children), osteomalacia (in adults), osteoporosis.

प्रश्न 22

रासायनिक परिरक्षक में पाये जाने वाले गुणों को लिखिए।

Write the characteristics found in a chemical preservative.

रासायनिक परिरक्षकों के गुण:

  • यह सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है या धीमा करता है।
  • यह खाद्य पदार्थों के स्वाद, रंग और गंध को प्रभावित नहीं करता।
  • यह मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होना चाहिए।
  • यह लंबे समय तक प्रभावी रहता है।
  • यह खाद्य पदार्थों में समान रूप से मिल जाता है।

प्रश्न 23

गोबर की खाद तैयार करने की ट्रेंच विधि का वर्णन कीजिए।

Describe preparation of farm yard manures by trench method.

ट्रेंच विधि द्वारा गोबर की खाद तैयार करना:

  • सबसे पहले 2-3 फीट गहरी और 3-4 फीट चौड़ी खाई (ट्रेंच) बनाई जाती है।
  • खाई की लंबाई आवश्यकतानुसार रखी जाती है।
  • गोबर, पुआल, सूखे पत्ते आदि को परतों में बिछाया जाता है।
  • प्रत्येक परत पर थोड़ा पानी छिड़का जाता है।
  • खाई को मिट्टी से ढक दिया जाता है।
  • 3-4 महीने बाद खाद तैयार हो जाती है, जिसे खोदकर निकाल लिया जाता है।

प्रश्न 24

क्रीम पृथक्रण मशीन का नामांकित चित्र बनाइए।

Draw a labelled diagram of cream separator machine.

क्रीम पृथक्रण मशीन के मुख्य भाग:

  • इनलेट पाइप: दूध डालने का प्रवेश द्वार।
  • बाउल (कटोरा): जहां दूध को तेज गति से घुमाया जाता है।
  • क्रीम आउटलेट: हल्की क्रीम बाहर निकलने का मार्ग।
  • स्किम्ड मिल्क आउटलेट: मलाई रहित दूध बाहर निकलने का मार्ग।
  • मोटर: बाउल को घुमाने के लिए शक्ति प्रदान करती है।
  • फ्रेम: सभी भागों को सहारा देने वाला ढांचा।

(नामांकित चित्र में उपरोक्त भागों को दर्शाया जाना चाहिए।)

प्रश्न 25

अम्लीय मृदा में चूना मिलाने पर होने वाले परिवर्तनों को रासायनिक समीकरणों की सहायता से समझाइए।

Explain the changes due to addition of lime in the acidic soil with the help of chemical equations.

अम्लीय मृदा में चूना मिलाने पर परिवर्तन:

  • चूना (CaO या Ca(OH)₂) मृदा में उपस्थित अम्लों को उदासीन करता है।
  • मृदा का pH मान बढ़ जाता है (अम्लीय से उदासीन या क्षारीय की ओर)।
  • मृदा की उर्वरता में सुधार होता है।

रासायनिक समीकरण:

CaO + H₂O → Ca(OH)₂
Ca(OH)₂ + H₂SO₄ → CaSO₄ + 2H₂O
Ca(OH)₂ + 2HCl → CaCl₂ + 2H₂O
Ca(OH)₂ + 2HNO₃ → Ca(NO₃)₂ + 2H₂O

इस प्रकार चूना मृदा में उपस्थित अम्लों को उदासीन करके मृदा की संरचना में सुधार करता है।

प्रश्न 26

जैविक खाद किसे कहते हैं ? उर्वरक की तुलना में जैविक खाद भूमि की संरचना में सुधार कैसे करती है ? समझाइए।

What is organic manures ? How organic manures improve soil structure in comparison to fertilizers ? Explain.

जैविक खाद: जैविक खाद वह खाद है जो पौधों या जानवरों के अपशिष्ट पदार्थों से प्राप्त होती है, जैसे गोबर, कम्पोस्ट, हरी खाद आदि। यह प्राकृतिक रूप से मृदा को पोषक तत्व प्रदान करती है।

उर्वरक की तुलना में जैविक खाद भूमि की संरचना में सुधार:

  • कार्बनिक पदार्थ: जैविक खाद मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ाती है, जिससे मृदा की जल धारण क्षमता बढ़ती है। उर्वरक ऐसा नहीं करते।
  • मृदा की बनावट: जैविक खाद मृदा के कणों को आपस में जोड़कर मृदा की बनावट में सुधार करती है, जिससे वायु संचार बेहतर होता है। उर्वरक मृदा की बनावट को खराब कर सकते हैं।
  • सूक्ष्मजीव गतिविधि: जैविक खाद मृदा में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को बढ़ाती है, जबकि उर्वरक इसे कम कर सकते हैं।
  • पोषक तत्वों की उपलब्धता: जैविक खाद धीरे-धीरे पोषक तत्व छोड़ती है, जिससे पौधों को लंबे समय तक पोषण मिलता है। उर्वरक तुरंत पोषक तत्व देते हैं लेकिन जल्दी खत्म हो जाते हैं।
  • मृदा अपरदन: जैविक खाद मृदा को बांधकर रखती है, जिससे मृदा अपरदन कम होता है। उर्वरक ऐसा नहीं करते।

इस प्रकार जैविक खाद मृदा की संरचना में दीर्घकालिक सुधार करती है, जबकि उर्वरक केवल अल्पकालिक पोषण प्रदान करते हैं।

27. दूध की उच्च ताप, अल्प समय पास्तुरीकरण विधि को सतत पास्तुरीकरण क्यों कहा जाता है? इस विधि के लाभों का वर्णन कीजिए।

Why is pasteurization of milk at high temperature short time method called continuous pasteurization? Describe the advantages of this method.

उत्तर: उच्च ताप अल्प समय (HTST) पास्तुरीकरण विधि को सतत पास्तुरीकरण इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें दूध का प्रवाह एक सतत प्रक्रिया में होता है। दूध एक पाइपलाइन सिस्टम से होकर बहता है, जहाँ इसे तेजी से 72°C तक गर्म किया जाता है, 15 सेकंड तक इस तापमान पर रखा जाता है, और फिर तुरंत ठंडा किया जाता है। यह एक बैच प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक सतत धारा में काम करती है।

लाभ:

  • उच्च उत्पादकता: यह विधि बड़ी मात्रा में दूध को तेजी से संसाधित कर सकती है, जिससे समय और ऊर्जा की बचत होती है।
  • पोषक तत्वों का संरक्षण: कम समय के लिए उच्च ताप का उपयोग करने से दूध के पोषक तत्वों और स्वाद पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।
  • स्वचालन: इस प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित किया जा सकता है, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना कम हो जाती है और गुणवत्ता नियंत्रण बेहतर होता है।
  • लागत प्रभावी: सतत प्रक्रिया होने के कारण, यह बैच पास्तुरीकरण की तुलना में अधिक ऊर्जा कुशल और लागत प्रभावी है।

28. अमोनियम सल्फेट का संगठन, गुण, मृदा में अभिक्रिया एवं फसलों पर प्रभाव का वर्णन कीजिए।

Describe the composition, properties, reaction in soil and effect on crops of ammonium sulphate.

उत्तर:

  • संगठन (Composition): अमोनियम सल्फेट [(NH₄)₂SO₄] एक सफेद क्रिस्टलीय नमक है। इसमें 21% नाइट्रोजन (N) और 24% सल्फर (S) होता है।
  • गुण (Properties): यह पानी में अत्यधिक घुलनशील है और हीड्रोस्कोपिक (नमी सोखने वाला) होता है। यह अम्लीय प्रकृति का उर्वरक है।
  • मृदा में अभिक्रिया (Reaction in soil): मृदा में, अमोनियम सल्फेट जल-अपघटित होकर अमोनियम आयन (NH₄⁺) और सल्फेट आयन (SO₄²⁻) छोड़ता है। अमोनियम आयन नाइट्रीकरण प्रक्रिया द्वारा नाइट्रेट (NO₃⁻) में परिवर्तित हो जाता है, जिससे मृदा में अम्लता बढ़ जाती है। यह मृदा के pH को कम करता है।
  • फसलों पर प्रभाव (Effect on crops): यह नाइट्रोजन और सल्फर दोनों प्रदान करता है, जो पौधों की वृद्धि, प्रोटीन संश्लेषण और क्लोरोफिल निर्माण के लिए आवश्यक हैं। यह फसलों की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाता है, विशेषकर उन फसलों के लिए जिन्हें सल्फर की अधिक आवश्यकता होती है (जैसे तिलहन, प्याज, लहसुन)। हालांकि, अत्यधिक उपयोग से मृदा अम्लीय हो सकती है, जिसके लिए चूने का प्रयोग आवश्यक हो सकता है।

अथवा (OR)

28. सल्फेट ऑफ पोटाश (Ashe ऑफ पोटाश) का संगठन, गुण, मृदा में अभिक्रिया एवं फसलों पर प्रभाव का वर्णन कीजिए।

Describe the composition, properties, reaction in soil and effect on crops of sulphate of potash.

उत्तर:

  • संगठन (Composition): सल्फेट ऑफ पोटाश (K₂SO₄) एक सफेद या भूरे रंग का क्रिस्टलीय लवण है। इसमें 50% पोटाश (K₂O) और 18% सल्फर (S) होता है।
  • गुण (Properties): यह पानी में घुलनशील है लेकिन अमोनियम सल्फेट की तुलना में कम हीड्रोस्कोपिक होता है। यह तटस्थ प्रकृति का उर्वरक है और मृदा के pH को प्रभावित नहीं करता।
  • मृदा में अभिक्रिया (Reaction in soil): मृदा में, यह पोटैशियम आयन (K⁺) और सल्फेट आयन (SO₄²⁻) में वियोजित हो जाता है। पोटैशियम आयन मृदा के कणों द्वारा अवशोषित हो जाते हैं और धीरे-धीरे पौधों को उपलब्ध होते हैं। सल्फेट आयन पौधों द्वारा सीधे ग्रहण किए जा सकते हैं।
  • फसलों पर प्रभाव (Effect on crops): यह पोटैशियम और सल्फर का एक उत्कृष्ट स्रोत है। पोटैशियम फलों और बीजों के विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पानी के उपयोग में सुधार करता है। यह उन फसलों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो क्लोरीन के प्रति संवेदनशील हैं (जैसे तम्बाकू, आलू, अंगूर), क्योंकि इसमें क्लोरीन नहीं होता।

29. जल प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का विस्तृत वर्णन कीजिए।

Describe in detail the measures to control water pollution.

उत्तर: जल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  1. औद्योगिक अपशिष्ट का उपचार: कारखानों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को नदियों या झीलों में छोड़ने से पहले उचित उपचार संयंत्रों (ETP) में शुद्ध करना चाहिए। इसमें रासायनिक, जैविक और भौतिक उपचार शामिल हैं।
  2. घरेलू सीवेज का प्रबंधन: शहरों और कस्बों में सीवेज को एकत्र करके सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में भेजा जाना चाहिए, जहाँ इसे शुद्ध करके ही जल निकायों में छोड़ा जाए।
  3. कृषि रसायनों का सीमित उपयोग: खेतों में कीटनाशकों और उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग न करें। जैविक खेती को बढ़ावा दें और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दें।
  4. प्लास्टिक और ठोस कचरे का निपटान: प्लास्टिक और अन्य गैर-जैवनिम्नीकरणीय कचरे को जल निकायों में न फेंके। ठोस कचरे के उचित निपटान और पुनर्चक्रण की व्यवस्था करें।
  5. जल निकायों की सफाई: नदियों, तालाबों और झीलों की नियमित सफाई करें और उनमें जलकुंभी जैसे खरपतवारों को हटाएं।
  6. जागरूकता और कानून: जल प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करें और जल प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कानूनों (जैसे जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974) का सख्ती से पालन करें।

अथवा (OR)

29. कृषि रसायनों का उपयोग करते समय रखने वाली सावधानियों का वर्णन कीजिए।

Describe the precautions during the uses of agricultural chemicals.

उत्तर: कृषि रसायनों (कीटनाशक, उर्वरक, शाकनाशी) का उपयोग करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए:

  1. सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग: रसायनों का छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क, चश्मा और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें ताकि त्वचा और श्वसन तंत्र पर रसायनों का सीधा प्रभाव न पड़े।
  2. निर्देशों का पालन: रसायनों के लेबल पर दिए गए निर्देशों और अनुशंसित मात्रा का सख्ती से पालन करें। अधिक मात्रा में उपयोग न करें।
  3. भंडारण: रसायनों को बच्चों और पशुओं की पहुँच से दूर, एक सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें। खाद्य पदार्थों के पास न रखें।
  4. समय और मौसम: छिड़काव हवा रहित या कम हवा वाले मौसम में करें ताकि रसायन अन्य क्षेत्रों में न उड़ें। बारिश से पहले छिड़काव न करें।
  5. सफाई और निपटान: उपयोग के बाद उपकरणों को अच्छी तरह से साफ करें। खाली कंटेनरों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें या रिसाइकिल करें, उन्हें जल निकायों में न फेंके।
  6. स्वास्थ्य जांच: यदि रसायनों के संपर्क में आने के बाद कोई लक्षण (जैसे चक्कर, उल्टी, त्वचा में जलन) दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

30. (A) DNA एवं RNA में कोई चार अन्तर लिखिए ।

उत्तर: DNA और RNA में चार प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:

  1. शर्करा (Sugar): DNA में डीऑक्सीराइबोज शर्करा पाई जाती है, जबकि RNA में राइबोज शर्करा पाई जाती है।
  2. क्षारक (Bases): DNA में थाइमिन (T) क्षारक पाया जाता है, जबकि RNA में यूरेसिल (U) क्षारक पाया जाता है।
  3. रचना (Structure): DNA द्विकुंडलिनी (double-stranded) होता है, जबकि RNA प्रायः एकल कुंडलिनी (single-stranded) होता है।
  4. कार्य (Function): DNA आनुवंशिक सूचना का भंडारण करता है, जबकि RNA प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है।

(ब) प्रोटीन के जैविक महत्त्व को समझाइए ।

उत्तर: प्रोटीन के जैविक महत्त्व निम्नलिखित हैं:

  • एंजाइम: प्रोटीन एंजाइम के रूप में जैविक अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं।
  • संरचनात्मक घटक: कोलेजन और केराटिन जैसे प्रोटीन त्वचा, बाल और हड्डियों की संरचना प्रदान करते हैं।
  • हार्मोन: इंसुलिन जैसे प्रोटीन हार्मोन चयापचय को नियंत्रित करते हैं।
  • प्रतिरक्षा: एंटीबॉडी प्रोटीन होते हैं जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं।
  • परिवहन: हीमोग्लोबिन प्रोटीन ऑक्सीजन का परिवहन करता है।

अथवा

एंजाइम के गुणधर्म एवं एंजाइम की क्रियाविधि का विस्तृत वर्णन कीजिए ।

उत्तर: एंजाइम के गुणधर्म और क्रियाविधि का विस्तृत वर्णन निम्नलिखित है:

एंजाइम के गुणधर्म (Properties of Enzyme):

  • उत्प्रेरक प्रकृति: एंजाइम जैविक उत्प्रेरक होते हैं जो अभिक्रिया की दर को बढ़ाते हैं लेकिन स्वयं अपरिवर्तित रहते हैं।
  • विशिष्टता: प्रत्येक एंजाइम एक विशिष्ट अभिक्रिया या सब्सट्रेट पर कार्य करता है (जैसे, लैक्टेज केवल लैक्टोज पर)।
  • तापमान संवेदनशीलता: एंजाइम एक निश्चित तापमान (प्रायः 37°C) पर अधिकतम सक्रिय होते हैं; अधिक तापमान पर विकृत हो जाते हैं।
  • pH संवेदनशीलता: प्रत्येक एंजाइम एक विशिष्ट pH पर सर्वोत्तम कार्य करता है (जैसे, पेप्सिन अम्लीय pH पर)।
  • पुन: प्रयोज्यता: एंजाइम अभिक्रिया के बाद पुनः उपयोग किए जा सकते हैं।

एंजाइम की क्रियाविधि (Mechanism of Enzyme Action):

एंजाइम की क्रियाविधि को लॉक और की मॉडल (Lock and Key Model) तथा प्रेरित फिट मॉडल (Induced Fit Model) द्वारा समझाया जाता है:

  1. सब्सट्रेट बंधन: एंजाइम का सक्रिय स्थल (Active Site) सब्सट्रेट को बांधता है, जिससे एंजाइम-सब्सट्रेट कॉम्प्लेक्स बनता है।
  2. सक्रियण ऊर्जा में कमी: एंजाइम अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को कम करता है, जिससे अभिक्रिया तेजी से होती है।
  3. उत्पाद निर्माण: सब्सट्रेट उत्पाद में परिवर्तित हो जाता है, और एंजाइम पुनः मुक्त हो जाता है।
  4. एंजाइम पुनर्चक्रण: एंजाइम बिना किसी परिवर्तन के अगली अभिक्रिया में भाग ले सकता है।

उदाहरण: सुक्रेज एंजाइम सुक्रोज को ग्लूकोज और फ्रक्टोज में तोड़ता है।

(a) Write any four differences between DNA and RNA.
(b) Explain biological importance of protein.
OR
Describe in detail properties of enzyme and mechanism of enzyme action.