RBSE Class 12th 2023 Chemistry-SS-41-2023 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2023 |
| Subject | Chemistry-SS-41-2023 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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How to practise with this question paper
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RBSE Class 12th 2023 Chemistry-SS-41-2023
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Rajasthan Board Class 12th Chemistry-SS-41-2023 2023 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2023
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2023
रसायन विज्ञान
CHEMISTRY
समय : 3 घंटे 15 मिनट पूर्णांक : 56
No. of Questions — 20 SS-41-Chem
No. of Printed Pages — 5
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों के आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together. - प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी भाषा के संस्करणों में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी संस्करण को मान्य मानें।
In case of any error / difference / contradiction in Hindi & English version of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।
Write the serial number of the question before attempting it. - प्रश्न क्रमांक 19 से 20 में आन्तरिक विकल्प है।
Question No. 19 to 20 have internal choice.
[Turn Over]
SS-41-Chem.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Multiple Choice Questions:
निम्नांकित प्रश्नों में दिये गये सही विकल्प का चयन कर उत्तर पुस्तिका में लिखिए : [9×1=9]
Write the answer of following multiple choice questions in the given answer book:
-
डेनियल सेल में Zn²⁺ एवं Cu²⁺ आयनों की सान्द्रता एक इकाई (1 मोल डेसीमीटर⁻³) हो तो विद्युतीय विभव का मान होगा -
- (अ) 0.00 V
- (ब) 1.10 V
- (स) 1.35 V
- (द) 2.00 V
When concentration of Zn²⁺ and Cu²⁺ ions is unity (1 mol dm⁻³), then electrical potential of Daniell cell will be -
- (A) 0.00 V
- (B) 1.10 V
- (C) 1.35 V
- (D) 2.00 V
उत्तर: (ब) 1.10 V
व्याख्या: डेनियल सेल का मानक विद्युत वाहक बल (EMF) 1.10 V होता है जब Zn²⁺ और Cu²⁺ आयनों की सान्द्रता 1 मोल डेसीमीटर⁻³ होती है। यह मानक इलेक्ट्रोड विभवों के अंतर (E°Cu²⁺/Cu - E°Zn²⁺/Zn = 0.34 V - (-0.76 V) = 1.10 V) से प्राप्त होता है।
रसायन विज्ञान (Chemistry) - 2023
प्रश्न 1 (i)
शून्य कोटि की अभिक्रिया का समाकलित वेग समीकरण है -
- शून्य कोटि
- प्रथम कोटि *
- द्वितीय कोटि
- तृतीय कोटि
व्यंजक k = (2.303/t) log [R]₀/[R] प्रथम कोटि की अभिक्रिया का समाकलित वेग समीकरण है।
व्याख्या: प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समाकलित वेग समीकरण k = (2.303/t) log [R]₀/[R] है, जहाँ [R]₀ प्रारंभिक सांद्रता और [R] समय t पर सांद्रता है।
Question 1 (i) - English
Expression k = (2.303/t) log [R]₀/[R] is integrated rate equation of order of reaction -
- Zero order
- First order
- Second order
- Third order
Explanation: The integrated rate equation for a first-order reaction is k = (2.303/t) log [R]₀/[R], where [R]₀ is initial concentration and [R] is concentration at time t.
प्रश्न 1 (ii)
समय के किसी क्षण पर वेग व्यक्त करने के लिए ............. निर्धारित करते हैं।
- प्रारंभिक वेग
- तार्क्षणिक वेग
- औसत वेग
- मानक वेग
व्याख्या: किसी विशेष क्षण पर अभिक्रिया की दर को तार्क्षणिक वेग (Instantaneous rate) कहते हैं। यह समय के साथ सांद्रता में परिवर्तन की तात्कालिक दर है।
Question 1 (ii) - English
To express the rate at a particular moment of time we determine the
- Initial rate
- Instantaneous rate
- Average rate
- Standard rate
Explanation: The rate of reaction at a particular instant of time is called instantaneous rate. It is the rate of change of concentration at that specific moment.
प्रश्न 4 (iv)
कोलाइडी एल्टीमनी का उपयोग किस रोग के इलाज में होता है -
Colloidal antimony is used in curing of -
- कालाजार (Kalaazar)
- पेट के विकार (Stomach disorders)
- त्वचा रोग (Skin disease)
- लैंगिक रोग (Sexual disease)
सही उत्तर: (A) कालाजार (Kalaazar)
व्याख्या: कोलाइडी एल्टीमनी (एंटीमनी) का उपयोग मुख्यतः कालाजार (लीशमैनियासिस) रोग के उपचार में किया जाता है। यह एक परजीवी रोग है जो सैंडफ्लाई के काटने से फैलता है।
प्रश्न 4 (v)
कैलामाइन अयस्क है -
Calamine is ore of -
- Al (एल्युमिनियम)
- Fe (लोहा)
- Cu (तांबा)
- Zn (जस्ता)
सही उत्तर: (D) Zn (जस्ता)
व्याख्या: कैलामाइन (ZnCO₃) जस्ता (Zinc) का एक महत्वपूर्ण अयस्क है। इसका रासायनिक सूत्र ZnCO₃ (जिंक कार्बोनेट) होता है।
5. द्विदंतुर लिगण्ड है -
Didentate Ligand is -
- C2O42- (Correct Answer)
- SCN-
- NH3
- Cl-
Explanation: A didentate ligand has two donor atoms that can coordinate to a central metal ion. Oxalate ion (C2O42-) has two oxygen atoms that can donate lone pairs, making it a didentate ligand. SCN- is ambidentate, NH3 is monodentate, and Cl- is monodentate.
vii) CF2Cl2 का फ्रिऑन पद्धति में नाम है -
The name of CF2Cl2 in Freon method is -
- फ्रिऑन 12 (Correct Answer)
- फ्रिऑन 12
- फ्रिऑन 22
- फ्रिऑन 11
Explanation: In the Freon numbering system, the formula is CFC-12 (dichlorodifluoromethane). The number is derived from the number of carbon, hydrogen, and fluorine atoms. For CF2Cl2, it is Freon 12.
प्रश्न (viii) / Question (viii)
क्यूमीन से फिनॉल प्राप्त करने की अभिक्रिया में उपोत्पाद है।
In reaction of manufacturation of phenol from cumene the by-product is
- ट्राइब्रोमोफिनॉल / Tribromophenol
- बेन्जोक्विनोन / Benzoquinone
- पिक्रिक अम्ल / Picric acid
- ऐसीटोन / Acetone
व्याख्या / Explanation: क्यूमीन (आइसोप्रोपिलबेन्जीन) के वायु ऑक्सीकरण से क्यूमीन हाइड्रोपरॉक्साइड बनता है, जो अम्लीय माध्यम में अपघटित होकर फिनॉल और ऐसीटोन देता है। अतः उपोत्पाद ऐसीटोन है।
प्रश्न (ix) / Question (ix)
नाइट्रोजनी क्षारक DNA में नहीं पाया जाता —
The nitrogeneous base Not present in DNA —
- ऐडेनीन / Adenine
- साइटोसिन / Cytosine
- गुआनिन / Guanine
- यूरेसिल / Uracil
व्याख्या / Explanation: DNA में चार नाइट्रोजनी क्षारक पाए जाते हैं: ऐडेनीन, गुआनिन, साइटोसिन और थाइमिन। यूरेसिल RNA में पाया जाता है, DNA में नहीं।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
Fill in the blanks - [4×1=4]
-
जब मिलाया गया पदार्थ अभिक्रिया की दर को कम करता है, तो उत्प्रेरक के स्थान पर उसे अवरोधक (Inhibitor) कहते हैं।
When the added substance reduces the rate of reaction, then it is called Inhibitor in place of catalyst.
-
अणुक स्पीशीज का किसी ठोस या द्रव की स्थूल की अपेक्षा पृष्ठ पर संचित होना अधिशोषण (Adsorption) कहलाता है।
The accumulation of molecular species at the surface rather than in the bulk of a solid or liquid is termed Adsorption.
-
विलियमसन संश्लेषण में ऐल्किल हैलाइड (Alkyl halide) की सोडियम ऐल्कोक्साइड के साथ अभिक्रिया से डाइऐल्किल ईथर (Dialkyl ether) बनता है।
In Williamson synthesis, Alkyl halide reacts with sodium alkoxide and gives Dialkyl ether.
-
कॉपर सल्फेट (Copper sulphate) का जलीय विलयन फेलिंग विलयन A कहलाता है।
The aqueous solution of Copper sulphate is called Fehling solution A.
अति लघुत्तरात्मक प्रश्न
Very short answer type questions:
-
प्राकृतिक एवं कृत्रिम नाभिकीय (रेडियोएक्टिव) क्षय की कोटि लिखिए।
Write order of reaction of natural and artificial nuclear (radioactive) decay.
प्राकृतिक एवं कृत्रिम नाभिकीय क्षय दोनों ही प्रथम कोटि की अभिक्रिया होती हैं।
Both natural and artificial nuclear (radioactive) decay follow first order kinetics.
-
यूरिया का अमोनिया एवं कार्बन डाइऑक्साइड में अपघटन में प्रयुक्त एंजाइम का नाम लिखिए।
Write the name of enzyme used in decomposition of urea into ammonia and carbon dioxide.
यूरिया के अपघटन में प्रयुक्त एंजाइम यूरेस (Urease) है।
The enzyme used is Urease.
-
सुक्रोस को हावर्थ संरचना द्वारा निरूपित कीजिए।
Represent sucrose by Haworth structure.
सुक्रोस की हावर्थ संरचना निम्न प्रकार है:
CH₂OH | O H / \ | H C—C—OH | | | HO—C—C—H | | | H—C—C—OH | | CH₂OH(सुक्रोस में α-D-ग्लूकोपाइरेनोस और β-D-फ्रक्टोफ्यूरेनोस इकाईयाँ 1→2 ग्लाइकोसिडिक बंध द्वारा जुड़ी होती हैं।)
-
वैद्युत अपोहन का नामांकित चित्र बनाइये।
Draw labeled diagram of electro-dialysis.
वैद्युत अपोहन का नामांकित चित्र:
+ ──────── − | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | ───────────── A B C D Eलेबल: A = एनोड (+), B = केटायन-विनिमय झिल्ली, C = विलयन, D = एनायन-विनिमय झिल्ली, E = कैथोड (−)
Labels: A = Anode (+), B = Cation-exchange membrane, C = Solution, D = Anion-exchange membrane, E = Cathode (−)
-
फेन प्लवन विधि का नामांकित चित्र बनाइये।
Draw labeled diagram of froth floatation process.
फेन प्लवन विधि का नामांकित चित्र:
┌─────────────┐ │ फेन (Froth) │ │ (अयस्क) │ └─────────────┘ ↑ ┌─────────────┐ │ वायु (Air) │ └─────────────┘ ┌─────────────┐ │ जल + अभिकर्मक│ │ (Pulp) │ └─────────────┘लेबल: फेन (अयस्क युक्त), वायु प्रवाह, गारा (जल + संग्राहक + फेनक), अपशिष्ट (गैंग)
Labels: Froth (containing ore), Air inlet, Pulp (water + collector + frother), Tailings (gangue)
खण्ड - व (Section - B)
लघुत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)
(vi) फिनॉल से सेलिसिलिक अम्ल बनाने की रासायनिक समीकरण लिखिए।
Write chemical equation to prepare salicylic acid from phenol.
रासायनिक समीकरण:
C6H5OH + CO2 → (NaOH, 125°C, 4-7 atm) → C6H4(OH)COOH (सैलिसिलिक अम्ल)
व्याख्या: यह कोल्बे-श्मिट अभिक्रिया है, जिसमें फिनॉल के सोडियम लवण को कार्बन डाइऑक्साइड के साथ उच्च दाब और ताप पर अभिकृत करके सैलिसिलिक अम्ल प्राप्त किया जाता है।
(vii) आइसो ब्युटिल ऐल्कोहॉल का IUPAC नाम लिखिए।
Write IUPAC name of isobutyl alcohol.
IUPAC नाम: 2-मिथाइलप्रोपेन-1-ऑल (2-Methylpropan-1-ol)
व्याख्या: आइसो ब्युटिल ऐल्कोहॉल का संरचनात्मक सूत्र (CH3)2CHCH2OH है, जिसमें मुख्य श्रृंखला तीन कार्बन की है और दूसरे कार्बन पर एक मिथाइल समूह जुड़ा है।
(viii) बेन्जीन डाइऐजोनियम क्लोराइड का रासायनिक सूत्र लिखिए।
Write chemical formula of benzene diazonium chloride.
रासायनिक सूत्र: C6H5N2+Cl−
व्याख्या: यह एक डाइऐजोनियम लवण है, जिसमें बेन्जीन वलय से जुड़ा N2+ समूह और क्लोराइड आयन (Cl−) उपस्थित होता है।
लघुत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions) [4×1½=18]
4) फलक-केन्द्रित घनीय एकक कोष्टिका में कणों की संख्या परिकलित कीजिए।
Calculate number of particles in face centered cubic unit cell.
गणना:
- कोनों पर उपस्थित कण: 8 कोने × 1/8 = 1 कण
- फलकों के केंद्र पर उपस्थित कण: 6 फलक × 1/2 = 3 कण
- कुल कणों की संख्या = 1 + 3 = 4
व्याख्या: फलक-केन्द्रित घनीय (FCC) एकक कोष्टिका में प्रति एकक कोष्टिका 4 कण होते हैं।
प्रश्न 5
P - प्रकार के अर्धवालक को एक उदाहरण देकर समझाईये।
Explain P - type semiconductor by one example.
उत्तर: P-प्रकार का अर्धचालक वह अर्धचालक है जिसमें त्रिसंयोजक अशुद्धि (जैसे बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम) मिलाई जाती है। इसमें इलेक्ट्रॉनों की कमी के कारण 'होल' (धनात्मक आवेश) बनते हैं, जो विद्युत चालन में सहायक होते हैं।
उदाहरण: शुद्ध सिलिकॉन (Si) में बोरॉन (B) मिलाने पर P-प्रकार का अर्धचालक बनता है। बोरॉन में 3 संयोजक इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो सिलिकॉन के 4 इलेक्ट्रॉनों से बंध बनाते हैं, जिससे एक होल उत्पन्न होता है।
प्रश्न 6
क्लोरोबेन्जीन से डाइफेनिल बनाने की रासायनिक अभिक्रिया की रासायनिक समीकरण लिखिए।
Write chemical equation to prepare diphenyl from chlorobenzene.
उत्तर: क्लोरोबेन्जीन से डाइफेनिल बनाने की अभिक्रिया (फिटिंग अभिक्रिया) निम्न प्रकार है:
2 C6H5Cl + 2 Na → C6H5–C6H5 + 2 NaCl
इस अभिक्रिया में क्लोरोबेन्जीन को सोडियम धातु के साथ शुष्क ईथर में गर्म करने पर डाइफेनिल (बाइफेनिल) प्राप्त होता है।
प्रश्न 7
एथिलीन ग्लाइकॉल का 35% (V/V) विलयन वाहनों के इंजन को ठण्डा करने के काम आता है। इसमें जल का आयतन मिलीलीटर में ज्ञात कीजिए।
A 35% (V/V) solution of ethylene glycol is used in vehicle for cooling the engine. Determine the volume of water in millilitre.
उत्तर: 35% (V/V) विलयन का अर्थ है कि 100 mL विलयन में 35 mL एथिलीन ग्लाइकॉल उपस्थित है।
जल का आयतन = विलयन का कुल आयतन - एथिलीन ग्लाइकॉल का आयतन
जल का आयतन = 100 mL - 35 mL = 65 mL
अतः, 100 mL विलयन में जल का आयतन 65 mL है।
प्रश्न 8
परासरण की परिभाषा लिखिए। समुद्री जल के विलवणीकरण में प्रयुक्त विधि का नाम लिखिए।
Write definition of osmosis. Write name of method used in desalination of sea water.
उत्तर:
परासरण की परिभाषा: परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें विलायक के अणु अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर स्वतः गति करते हैं।
समुद्री जल के विलवणीकरण में प्रयुक्त विधि: प्रतिलोम परासरण (Reverse Osmosis) विधि का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 9
[Pt(H2O)2Br4] के ज्यामितीय समावयवियों की ज्यामिति बनाकर विन्यास लिखिए।
Draw the geometries of geometrical isomers of [Pt(H2O)2Br4] and write their configurations.
उत्तर: [Pt(H2O)2Br4] एक अष्टफलकीय (octahedral) संकुल है। इसमें Pt की ऑक्सीकरण अवस्था +4 है। इसके दो ज्यामितीय समावयवी होते हैं:
- सिस-समावयवी (cis-isomer): इसमें दोनों H2O लिगैंड एक-दूसरे के समीप (90° कोण पर) स्थित होते हैं।
- ट्रांस-समावयवी (trans-isomer): इसमें दोनों H2O लिगैंड एक-दूसरे के विपरीत (180° कोण पर) स्थित होते हैं।
ज्यामितीय संरचना:
सिस-समावयवी:  
निम्नांकित के IUPAC नाम लिखिए। [3×½=1½] Write IUPAC names of following. उत्तर / Answer: हॉफमान ब्रोमाइड निम्नीकरण अभिक्रिया पर टिप्पणी लिखिए। [2] Write a note on Hoffmann bromamide degradation reaction. उत्तर / Answer: हॉफमान ब्रोमाइड निम्नीकरण अभिक्रिया एक ऐसी अभिक्रिया है जिसमें एक प्राथमिक एमाइड को ब्रोमीन (Br₂) और क्षार (NaOH या KOH) के साथ अभिकृत करने पर एक प्राथमिक एमीन प्राप्त होता है, जिसमें कार्बन श्रृंखला एक कार्बन कम हो जाती है। यह अभिक्रिया एमाइड से एमीन बनाने की एक महत्वपूर्ण विधि है। अभिक्रिया: R-CONH₂ + Br₂ + 4NaOH → R-NH₂ + Na₂CO₃ + 2NaBr + 2H₂O उदाहरण: एसिटामाइड (CH₃CONH₂) से मेथिल एमीन (CH₃NH₂) बनता है। कारण दीजिए कि ट्राइमेथिल एमीन, मेथिल एमीन से कम क्षारीय है। [2] Give reason why trimethylamine is less basic than methylamine. उत्तर / Answer: ट्राइमेथिल एमीन (N(CH₃)₃) में तीन मेथिल समूह होते हैं जो स्टेरिक बाधा (स्थानिक बाधा) उत्पन्न करते हैं, जिससे नाइट्रोजन पर उपलब्ध इलेक्ट्रॉन युग्म प्रोटॉन ग्रहण करने में कम सक्षम होता है। इसके विपरीत, मेथिल एमीन (CH₃NH₂) में केवल एक मेथिल समूह होता है, जो +I प्रभाव द्वारा नाइट्रोजन पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाता है और कोई महत्वपूर्ण स्टेरिक बाधा नहीं होती। इसलिए मेथिल एमीन अधिक क्षारीय है। कृत्रिम मधुरक को कोई दो उदाहरण देकर समझाइए। [2] Explain artificial sweetening agents by giving two examples. उत्तर / Answer: कृत्रिम मधुरक (Artificial sweeteners) ऐसे रासायनिक यौगिक हैं जो मीठे स्वाद प्रदान करते हैं लेकिन इनमें कैलोरी नहीं होती या बहुत कम होती है। ये मधुमेह रोगियों और वजन नियंत्रण के लिए उपयोगी होते हैं। दो उदाहरण: Give any one example of following - उदाहरण: Explain Swarts reaction by any one example. स्वार्ट अभिक्रिया (Swarts reaction): यह एक रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एल्किल हैलाइड (जैसे क्लोराइड या ब्रोमाइड) को एंटीमनी ट्राइफ्लोराइड (SbF₃) या सिल्वर फ्लोराइड (AgF) जैसे फ्लोराइडिंग अभिकर्मक के साथ अभिकृत करके एल्किल फ्लोराइड प्राप्त किया जाता है। उदाहरण: CH₃CH₂Cl + SbF₃ → CH₃CH₂F + SbCl₃ इस अभिक्रिया में, एथिल क्लोराइड (CH₃CH₂Cl) को एंटीमनी ट्राइफ्लोराइड (SbF₃) के साथ अभिकृत करने पर एथिल फ्लोराइड (CH₃CH₂F) प्राप्त होता है। यह अभिक्रिया फ्लोरोकार्बन के निर्माण में उपयोगी है। Long answer type questions: i) Describe structure of fuel cell. ईंधन सेल की संरचना (Structure of Fuel Cell): ईंधन सेल एक विद्युत रासायनिक उपकरण है जो ईंधन (जैसे हाइड्रोजन) और ऑक्सीडेंट (जैसे ऑक्सीजन) की रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसकी संरचना निम्नलिखित है: कार्यप्रणाली: हाइड्रोजन गैस एनोड पर ऑक्सीकृत होकर इलेक्ट्रॉन और H⁺ आयन उत्पन्न करती है। इलेक्ट्रॉन बाह्य परिपथ से होकर कैथोड की ओर जाते हैं, जबकि H⁺ आयन इलेक्ट्रोलाइट से होकर कैथोड तक पहुँचते हैं। कैथोड पर, ऑक्सीजन गैस इलेक्ट्रॉनों और H⁺ आयनों के साथ अभिकृत होकर जल (H₂O) बनाती है। ii) Draw labeled diagram of fuel cell. नामांकित चित्र (Labeled Diagram): व्याख्या: चित्र में एनोड पर हाइड्रोजन (H₂) का इनपुट और कैथोड पर ऑक्सीजन (O₂) का इनपुट दिखाया गया है। इलेक्ट्रोलाइट H⁺ आयनों को एनोड से कैथोड तक ले जाता है, जबकि इलेक्ट्रॉन बाह्य परिपथ से प्रवाहित होते हैं, जिससे विद्युत धारा उत्पन्न होती है और कैथोड पर जल (H₂O) बनता है। (क) Cu+ आयन के लिए 'प्रचक्रण मात्र' चुम्बकीय आघूर्ण की गणना कीजिए। हल: Cu का परमाणु क्रमांक 29 है। Cu+ आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Ar] 3d10 है। चूँकि 3d उपकोश पूर्णतः भरा हुआ है (सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित हैं), अतः अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (n) = 0 होगी। प्रचक्रण मात्र चुम्बकीय आघूर्ण (μ) = √[n(n+2)] = √[0(0+2)] = 0 BM (बोर मैग्नेटॉन)। उत्तर: Cu+ आयन का चुम्बकीय आघूर्ण शून्य (0) होता है। (ख) कारण दीजिए कि Zn, Cd, Hg व Cn संक्रमण तत्व क्यों नहीं हैं? कारण: Zn (Z=30), Cd (Z=48), Hg (Z=80) और Cn (Z=112) के परमाणुओं में (n-1)d उपकोश पूर्णतः भरा हुआ होता है (d10 विन्यास)। संक्रमण तत्व वे होते हैं जिनमें (n-1)d उपकोश आंशिक रूप से भरा होता है (d1 से d9 तक)। चूँकि इन तत्वों का d उपकोश पूर्णतः भरा है, इसलिए ये संक्रमण तत्वों की श्रेणी में नहीं आते। (ग) मिश्र धातु पीतल के अवयवों के नाम लिखिए। उत्तर: पीतल (Brass) एक मिश्र धातु है जिसके अवयव हैं: सामान्यतः पीतल में 60-80% ताँबा और 20-40% जस्ता होता है। अन्तर लिखिए - (क) अल्प घनत्व पॉलिथीन (LDPE) व उच्च घनत्व पॉलिथीन (HDPE) में अन्तर। (ख) समबहुलक (Homopolymer) व सहबहुलक (Copolymer) में अन्तर। (ग) प्राकृतिक बहुलक (Natural Polymer) व संश्लेषित बहुलक (Synthetic Polymer) में अन्तर। निबंधात्मक प्रश्न / Essay type questions (2×4=8) (i) पाइरोफॉस्फोरिक अम्ल व साइक्लो ट्राईमेटाफॉस्फोरिक अम्ल के संरचना सूत्र लिखिए। (ii) विषमलंबाक्ष गंधक व एकनताक्ष गंधक में कोई दो अंतर लिखिए। [2+2=4] उत्तर / Answer: (i) संरचना सूत्र / Structural formulae: पाइरोफॉस्फोरिक अम्ल (Pyrophosphoric acid, H₄P₂O₇): साइक्लो ट्राईमेटाफॉस्फोरिक अम्ल (Cyclo trimetaphosphoric acid, H₃P₃O₉): (ii) विषमलंबाक्ष गंधक (Rhombic sulphur) और एकनताक्ष गंधक (Monoclinic sulphur) में अंतर: अथवा / OR (i) परऑक्सोडाइसल्फ्युरिक अम्ल व पाइरोसल्फ्युरिक अम्ल के संरचना सूत्र लिखिए। (ii) श्वेत फॉस्फोरस व लाल फॉस्फोरस में कोई दो अंतर लिखिए। उत्तर / Answer: (i) संरचना सूत्र / Structural formulae: परऑक्सोडाइसल्फ्युरिक अम्ल (Peroxodisulphuric acid, H₂S₂O₈): पाइरोसल्फ्युरिक अम्ल (Pyrosulphuric acid, H₂S₂O₇): (ii) श्वेत फॉस्फोरस (White phosphorus) और लाल फॉस्फोरस (Red phosphorus) में अंतर: (री) निम्नलिखित अभिक्रिया अनुक्रम में x एवं y के रासायनिक सूत्र लिखकर IUPAC नाम लिखिए: 2CH₃CHO —[SO₃]→ x —[H₂O]→ y (ii) गाटरमान-कोच अभिक्रिया पर टिप्पणी लिखिए। [2+2=4] अथवा (i) निम्नलिखित अभिक्रिया अनुक्रम में x एवं y के रासायनिक सूत्र लिखकर नाम लिखिए: CH₃MgBr + CO —[H₃O⁺]→ x —[H₂]→ y (ii) रोजेनमुण्ड अपचयन पर टिप्पणी लिखिए। अभिक्रिया: एसीटैल्डिहाइड (CH₃CHO) को सल्फर ट्राइऑक्साइड (SO₃) की उपस्थिति में अभिकृत करने पर एसीटैल्डिहाइड सल्फाइट (x) बनता है, जो जल-अपघटन पर एसीटैल्डिहाइड (y) पुनः प्राप्त होता है। गाटरमान-कोच अभिक्रिया एक कार्बनिक अभिक्रिया है जिसमें बेंजीन या इसके व्युत्पन्नों को कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) की उपस्थिति में एल्युमिनियम क्लोराइड (AlCl₃) जैसे लुईस अम्ल उत्प्रेरक के साथ अभिकृत करके एल्डिहाइड समूह (-CHO) जोड़ा जाता है। यह फ्रीडल-क्राफ्ट्स एसिलीकरण का एक विशेष रूप है। उदाहरण: बेंजीन + CO + HCl —[AlCl₃]→ बेंजैल्डिहाइड महत्व: इस अभिक्रिया का उपयोग एरोमैटिक एल्डिहाइड के संश्लेषण में किया जाता है। अभिक्रिया: मिथाइल मैग्नीशियम ब्रोमाइड (CH₃MgBr) कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) से अभिकृत होकर एक मध्यवर्ती बनाता है, जो अम्लीय जल-अपघटन पर एसीटैल्डिहाइड (x) देता है। यह एल्डिहाइड हाइड्रोजनीकरण पर एथेनॉल (y) में परिवर्तित हो जाता है। रोजेनमुण्ड अपचयन एक चयनात्मक अपचयन अभिक्रिया है जिसमें एसिड क्लोराइड (RCOCl) को हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति में पैलेडियम उत्प्रेरक (Pd/BaSO₄) पर अभिकृत करके एल्डिहाइड (RCHO) प्राप्त किया जाता है। इस अभिक्रिया में उत्प्रेरक को विषाक्त (poisoned) करने के लिए बेरियम सल्फेट (BaSO₄) का उपयोग किया जाता है, जिससे एल्डिहाइड का अधिक अपचयन रुक जाता है। सामान्य अभिक्रिया: RCOCl + H₂ —[Pd/BaSO₄]→ RCHO + HCl महत्व: यह एल्डिहाइड के संश्लेषण की एक महत्वपूर्ण विधि है, विशेषकर जब एल्डिहाइड को अल्कोहल में अपचयित होने से बचाना हो।प्रश्न 11
प्रश्न 12
प्रश्न 13
प्रश्न 14
4) निम्नांकित के कोई एक उदाहरण दीजिए -
5) स्वार्ट अभिक्रिया को एक उदाहरण देकर समझाये।
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न:
SECTION - C
16) i) ईंधन सेल की संरचना का वर्णन कीजिए।
ii) ईंधन सेल की संरचना का नामांकित चित्र बनाइये।
बाह्य परिपथ (External Circuit)
┌─────────────────────────┐
│ │
▼ ▼
┌───────┐ ┌───────┐
│ एनोड │ │ कैथोड│
│ (Anode)│ │(Cathode)│
│ H₂ → │ │ O₂ → │
│ 2H⁺ + │ │ 2H₂O │
│ 2e⁻ │ │ │
└───┬───┘ └───┬───┘
│ │
└─────── इलेक्ट्रोलाइट ────────┘
(Electrolyte)
(H⁺ आयन प्रवाह)
प्रश्न 7
प्रश्न 8
क्र.
अल्प घनत्व पॉलिथीन (LDPE)
उच्च घनत्व पॉलिथीन (HDPE)
1.
इसमें शाखित श्रृंखलाएँ होती हैं।
इसमें रैखिक (अशाखित) श्रृंखलाएँ होती हैं।
2.
अणुओं के बीच कमजोर अंतराअणुक बल होते हैं।
अणुओं के बीच प्रबल अंतराअणुक बल होते हैं।
3.
घनत्व कम (लगभग 0.91-0.93 g/cm³) होता है।
घनत्व अधिक (लगभग 0.95-0.97 g/cm³) होता है।
4.
यह नरम एवं लचीला होता है।
यह कठोर एवं मजबूत होता है।
5.
उपयोग: प्लास्टिक बैग, फिल्में, बोतलें आदि।
उपयोग: पाइप, कंटेनर, खिलौने आदि।
क्र.
समबहुलक (Homopolymer)
सहबहुलक (Copolymer)
1.
एक ही प्रकार के मोनोमर से बनता है।
दो या दो से अधिक भिन्न मोनोमरों से बनता है।
2.
उदाहरण: पॉलिथीन (एथीन से), पॉलिविनाइल क्लोराइड (विनाइल क्लोराइड से)।
उदाहरण: ब्यूना-S (ब्यूटाडाइन + स्टाइरीन), नायलॉन-66 (हेक्सामेथिलीनडाइएमीन + एडिपिक अम्ल)।
3.
इसमें केवल एक प्रकार की पुनरावर्ती इकाई होती है।
इसमें दो या अधिक प्रकार की पुनरावर्ती इकाइयाँ होती हैं।
क्र.
प्राकृतिक बहुलक (Natural Polymer)
संश्लेषित बहुलक (Synthetic Polymer)
1.
प्रकृति में पाए जाते हैं (पौधों, जंतुओं में)।
प्रयोगशाला या उद्योगों में मानव द्वारा बनाए जाते हैं।
2.
उदाहरण: सेल्यूलोज, स्टार्च, प्रोटीन, रबर, न्यूक्लिक अम्ल।
उदाहरण: पॉलिथीन, नायलॉन, पॉलिएस्टर, टेफ्लॉन, बैकेलाइट।
3.
जैव-निम्नीकरणीय (Biodegradable) होते हैं।
अधिकांश जैव-निम्नीकरणीय नहीं होते।
4.
जटिल संरचना वाले होते हैं।
सरल संरचना वाले हो सकते हैं।
खण्ड - 3 / SECTION - D
Write structural formula of pyrophosphoric acid and cyclo trimetaphosphoric acid.
Write any two differences between rhombic sulphur and monoclinic sulphur.
HO – P(=O)(OH) – O – P(=O)(OH) – OH
(दो फॉस्फोरस परमाणु एक O परमाणु से जुड़े हैं, प्रत्येक P से दो OH समूह जुड़े हैं।)
एक वलय संरचना जिसमें तीन P परमाणु और तीन O परमाणु एकांतर क्रम में जुड़े होते हैं। प्रत्येक P परमाणु से एक OH समूह जुड़ा होता है तथा शेष O परमाणु P=O के रूप में होते हैं।
(त्रिकोणीय वलय: P – O – P – O – P – O, प्रत्येक P पर एक OH और एक =O)
क्रम
विषमलंबाक्ष गंधक (α-सल्फर)
एकनताक्ष गंधक (β-सल्फर)
1.
यह 96°C से नीचे स्थायी होता है।
यह 96°C से ऊपर स्थायी होता है।
2.
इसका घनत्व 2.06 g/cm³ होता है।
इसका घनत्व 1.98 g/cm³ होता है।
Write structural formula of peroxodisulphuric acid and pyrosulphuric acid.
Write any two differences between white phosphorus and red phosphorus.
HO – S(=O)₂ – O – O – S(=O)₂ – OH
(दो S परमाणु एक पेरॉक्साइड पुल (-O-O-) से जुड़े हैं, प्रत्येक S से दो O (=O) और एक OH समूह जुड़ा है।)
HO – S(=O)₂ – O – S(=O)₂ – OH
(दो S परमाणु एक O परमाणु से जुड़े हैं, प्रत्येक S से दो O (=O) और एक OH समूह जुड़ा है।)
क्रम
श्वेत फॉस्फोरस
लाल फॉस्फोरस
1.
यह अत्यधिक अभिक्रियाशील होता है और वायु में स्वतः प्रज्वलित हो जाता है।
यह कम अभिक्रियाशील होता है और वायु में स्थायी रहता है।
2.
यह विषैला होता है तथा कार्बन डाइसल्फाइड में विलेय है।
यह अविषैला होता है तथा कार्बन डाइसल्फाइड में अविलेय है।
प्रश्न 65
उत्तर
(री) भाग (i) – अभिक्रिया अनुक्रम: 2CH₃CHO → x → y
IUPAC नाम: 1-हाइड्रॉक्सीएथेनसल्फ़ोनिक अम्ल
IUPAC नाम: एथेनैल(री) भाग (ii) – गाटरमान-कोच अभिक्रिया पर टिप्पणी
अथवा – भाग (i) – अभिक्रिया अनुक्रम: CH₃MgBr + CO → x → y
नाम: एसीटैल्डिहाइड (एथेनैल)
नाम: एथेनॉल (एथिल अल्कोहल)अथवा – भाग (ii) – रोजेनमुण्ड अपचयन पर टिप्पणी