RBSE Class 12th 2026 HALF-YEARLY-DRAWING-1213-011225 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2026
Subject HALF-YEARLY-DRAWING-1213-011225
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th HALF-YEARLY-DRAWING-1213-011225 2026 solved Previous Year Question Papers

कक्षा 12वीं अर्द्ध वार्षिक परीक्षा, 2025-26
चित्रकला / DRAWING

सामान्य निर्देश / General Instructions:

  1. परीक्षार्थी प्रश्न-पत्र के पहले पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अवश्य लिखें। Candidate must write his/her Roll Number on the first page of the Question Paper.
  2. प्रत्येक प्रश्न के सामने उसका अंक भार अंकित हैं। Marks for every question are indicated alongside.

निर्देश: सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं। सभी प्रश्नों के अंक प्रश्न के सामने अंकित हैं।
Instructions: All the questions are compulsory. Marks of each question are written in front of it.


खण्ड-अ / Section-A

बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Questions

प्र.1 विष्णुधर्मोत्तर पुराण ग्रन्थ का कौनसा अध्याय चित्रकला का स्रोत माना जाता है?

  • (अ) कल्पसूत्र
  • (ब) चित्रसूत्र
  • (स) निगतनामा
  • (द) कालकाचार्य कथा

Which chapter of the Vishnudharmottara Purana is considered to be the source of the painting?

  • (a) Kalpasutra
  • (b) Chitrasutra
  • (c) Nimatnama
  • (d) Kalkacharya katha

सही उत्तर / Correct Answer: (ब) चित्रसूत्र / (b) Chitrasutra

व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण का 'चित्रसूत्र' अध्याय चित्रकला के सिद्धांतों और तकनीकों का प्रमुख स्रोत माना जाता है।

प्र.2 निम्न में से कौनसा ग्रन्थ ब्रह्माण्ड व्यापी है?

  • (अ) कविप्रिया
  • (ब) विष्णुधर्मोत्तर पुराण
  • (स) संग्रहिणी सूत्र
  • (द) उत्तराध्ययन सूत्र

Which of the following texts is Universe wide?

  • (a) Kavipriya
  • (b) Vishnudharmottara Purana
  • (c) Sangrahini Sutra
  • (d) Uttaradhyayana Sutra

सही उत्तर / Correct Answer: (ब) विष्णुधर्मोत्तर पुराण / (b) Vishnudharmottara Purana

व्याख्या: विष्णुधर्मोत्तर पुराण एक विशाल ग्रन्थ है जो ब्रह्माण्ड, कला, धर्म और संस्कृति से संबंधित विषयों को समाहित करता है।

प्र.3 ढोला मारू किस शैली की कृति (चित्र) है?

  • (अ) मेवाड़ शैली
  • (ब) मारवाड़ शैली
  • (स) जयपुर शैली
  • (द) बूंदी शैली

Dhola Maru is a painting of which school?

  • (a) Mewar School
  • (b) Marwar School
  • (c) Jaipur School
  • (d) Bundi School

सही उत्तर / Correct Answer: (अ) मेवाड़ शैली / (a) Mewar School

व्याख्या: ढोला मारू चित्र मेवाड़ शैली की एक प्रसिद्ध कृति है, जो राजस्थानी लोक कथा पर आधारित है।

प्र.4 राजस्थान की कौनसी शैली शिकार के चित्रों के लिए प्रसिद्ध है?

  • (अ) मेवात शैली
  • (ब) कोटा शैली
  • (स) बीकानेर शैली
  • (द) किशनगढ़ शैली

Which style (School) of Rajasthan is famous for hunting Paintings?

  • (a) Mewat school
  • (b) Kota school
  • (c) Bikaner school
  • (d) Kishangarh school

सही उत्तर / Correct Answer: (ब) कोटा शैली / (b) Kota school

व्याख्या: कोटा शैली अपने शिकार दृश्यों (हंटिंग पेंटिंग्स) के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें राजाओं और शिकार के रोमांचक क्षणों को चित्रित किया गया है।

प्रश्न 6

मुगल चित्रकला शैली पर किस शैली का प्रभाव पड़ा?

  • (अ) भारतीय शैली
  • (ब) फारसी शैली
  • (स) यूरोपीय शैली
  • (द) इन सभी शैलियों का

स्पष्टीकरण: मुगल चित्रकला शैली भारतीय, फारसी और यूरोपीय शैलियों के मिश्रण से विकसित हुई थी।

प्रश्न 7

Which painter has been mentioned by Babur in his memoirs?

  • (a) Abd-us-Samad
  • (b) Mir Sayyad Ali
  • (c) Behzad
  • (d) Abul Fazl

Explanation: Babur mentioned the Persian painter Behzad in his memoirs, praising his artistic skill.

प्रश्न 8

कांग्रेस के हरिपुरा सम्मेलन के लिए पोस्टर श्रृंखला किसने चित्रित की?

  • (अ) नन्दलाल बोस
  • (ब) जामिनी रॉय
  • (स) अवनिन्द्रनाथ टैगोर
  • (द) अमृता शेरगिल

स्पष्टीकरण: नन्दलाल बोस ने 1938 में कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन के लिए पोस्टरों की श्रृंखला बनाई थी।

प्रश्न 9

कलकत्ता कला समूह का गठन कब किया?

  • (अ) 1946
  • (ब) 1943
  • (स) 1890
  • (द) 1963

स्पष्टीकरण: कलकत्ता कला समूह (Calcutta Art Group) का गठन 1943 में हुआ था।

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें (प्रश्न 10 से 14 तक)

प्रश्न 10: कल्पसूत्र पाण्डुलिपि .................. धर्म से सम्बन्धित है।

उत्तर: जैन

Kalpasutra manuscript is related to Jainism.

प्रश्न 11: बसोहली चित्रकारों का प्रिय विषय .................. था।

उत्तर: राधा-कृष्ण

The favourite subject of the Basohli painters was Radha-Krishna.

प्रश्न 12: कांगड़ा चित्रकला .................. के संरक्षण में पल्लवित हुई।

उत्तर: राजा संसार चंद

The art of Kangra flourished under the patronage of Raja Sansar Chand.

प्रश्न 13: वारली चित्रकला .................. में प्रसिद्ध है।

उत्तर: महाराष्ट्र

Warli painting is famous in Maharashtra.

प्रश्न 14: नुजुम-अल-उलूम पुस्तक में .................. लघुचित्र हैं।

उत्तर: 400

The book Nujum-al-Ulum contains 400 miniatures.

खण्ड-ब / Section-B

पिछवाई चित्र किसे कहते हैं?

What is a Pichwai picture called?

पिछवाई चित्र राजस्थान की एक पारंपरिक कला है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित दृश्यों को कपड़े पर चित्रित किया जाता है। ये चित्र मुख्यतः पुष्टिमार्गीय मंदिरों में श्रीनाथजी की मूर्ति के पीछे लगाए जाते हैं।

दक्कनी चित्रशैली की दो प्रमुख विशेषताएं लिखिए।

Write two main characteristics of Deccan school.

  1. दक्कनी चित्रशैली में फारसी और भारतीय शैलियों का मिश्रण देखने को मिलता है, जिसमें रंगों का गहरा और जीवंत प्रयोग किया जाता है।
  2. इस शैली में प्रकृति चित्रण, वनस्पतियों और पशु-पक्षियों का बारीकी से चित्रण किया जाता है, साथ ही सोने और चांदी के प्रयोग से चित्रों में चमक लाई जाती है।

"नंद, यशोदा एवं कृष्ण" चित्र पर संक्षिप्त लेख लिखिए।

Write a short article on "Nanda, Yashoda and Krishna's" painting.

यह चित्र भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल का एक मार्मिक दृश्य प्रस्तुत करता है, जिसमें नंद और यशोदा अपने पुत्र कृष्ण के साथ दिखाए गए हैं। इस चित्र में माता-पिता का वात्सल्य प्रेम और कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया है। चित्र में रंगों का संयोजन और भावनाओं की अभिव्यक्ति इसे विशेष बनाती है।

भारत की किन कला परम्पराओं ने बंगाल स्कूल के कलाकारों को प्रेरित किया?

Which art traditions of India inspired the artists of the Bengal School?

बंगाल स्कूल के कलाकार मुख्यतः निम्नलिखित भारतीय कला परम्पराओं से प्रेरित हुए:

  1. अजंता की गुफा चित्रकला
  2. मुगल लघु चित्रकला
  3. राजपूत चित्रकला (विशेषकर राजस्थानी और पहाड़ी शैली)
  4. भारतीय लोक कला परम्पराएं

आधुनिक भारतीय कला से आप क्या समझते हैं? लिखिए।

What you understand by modern Indian art? Write.

आधुनिक भारतीय कला से तात्पर्य उस कला से है जो 19वीं शताब्दी के अंत और 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में भारत में विकसित हुई। यह कला पारंपरिक भारतीय शैलियों और पश्चिमी प्रभावों का मिश्रण है। इसमें यथार्थवाद, प्रभाववाद और अभिव्यक्तिवाद जैसी शैलियों का प्रयोग किया गया। रवीन्द्रनाथ टैगोर, अवनीन्द्रनाथ टैगोर और नंदलाल बोस इसके प्रमुख कलाकार हैं।

राजस्थान की फड़ लोक कला क्या है? इसको चित्रित करने का मुख्य उद्देश्य क्या हैं? समझाइए।

What is the Phad folk art of Rajasthan? Explain, what is the main purpose of drawing this art?

फड़ लोक कला राजस्थान की एक पारंपरिक चित्रकला है, जिसमें कपड़े पर लोक देवताओं और वीरों की कथाओं को चित्रित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक कथाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। फड़ चित्रों का उपयोग भोपा (लोक गायक) द्वारा रात्रि में गायन के दौरान किया जाता है, जिसमें वे चित्रों के माध्यम से कथा सुनाते हैं।

खण्ड-स / Section-C

निबन्धात्मक प्रश्न / Essay Type Questions

आधुनिक भारतीय कला में अवनीन्द्रनाथ टैगोर का क्या योगदान हैं? समझाइए।

Explain the contribution of Abanindranath Tagore to modern Indian art?

अवनीन्द्रनाथ टैगोर का आधुनिक भारतीय कला में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने पश्चिमी यथार्थवादी शैली के विरोध में भारतीय परंपराओं पर आधारित एक नई शैली विकसित की। उनकी प्रसिद्ध कृति "भारत माता" में उन्होंने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीयता का प्रतीकात्मक चित्रण किया। उन्होंने अजंता की गुफा चित्रकला, मुगल लघु चित्रकला और राजपूत चित्रकला से प्रेरणा लेकर एक अद्वितीय शैली का निर्माण किया। उनके शिष्यों में नंदलाल बोस, असित कुमार हालदार और मुकुल चंद्र जैसे प्रसिद्ध कलाकार शामिल हैं।

मुगलकालीन कला के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालिए।

Throw light on the origin and development of Mughal art.

मुगलकालीन कला का उद्भव 16वीं शताब्दी में सम्राट हुमायूँ के शासनकाल में हुआ। हुमायूँ ने फारस से दो चित्रकारों - मीर सैयद अली और अब्दुस समद को भारत बुलाया, जिन्होंने मुगल चित्रकला की नींव रखी। अकबर के शासनकाल में इस कला का महत्वपूर्ण विकास हुआ। अकबर ने "हम्जानामा" और "अकबरनामा" जैसे ग्रंथों का चित्रण करवाया। जहाँगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने चरम पर पहुँची, जिसमें प्रकृति चित्रण और पशु-पक्षियों के चित्र विशेष रूप से विकसित हुए। शाहजहाँ के शासनकाल में स्थापत्य कला का विकास हुआ, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण ताजमहल है। औरंगजेब के शासनकाल में कला को संरक्षण नहीं मिला, जिससे इसका पतन शुरू हो गया।

अथवा / OR

मुगलकालीन कला की प्रमुख विशेषताएं लिखिए।

Write the main features of Mughal art.

  1. मुगल चित्रकला में फारसी और भारतीय शैलियों का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है।
  2. इसमें यथार्थवादी चित्रण पर विशेष बल दिया गया है, विशेषकर चेहरे के भाव और शारीरिक बनावट में।
  3. प्रकृति चित्रण, वनस्पतियों और पशु-पक्षियों का बारीकी से चित्रण किया गया है।
  4. रंगों का संयमित और सुंदर प्रयोग किया गया है, जिसमें सोने और चांदी का भी उपयोग हुआ है।
  5. दरबारी दृश्यों, शिकार के दृश्यों और युद्ध के दृश्यों का चित्रण प्रमुखता से किया गया है।
  6. लघु चित्रकला (मिनिएचर पेंटिंग) का विशेष विकास हुआ है।
  7. स्थापत्य कला में लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर का प्रयोग, जड़ाऊ कारीगरी और बड़े-बड़े गुंबदों का निर्माण प्रमुख विशेषताएं हैं।

निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए -

Write comments on any two of the following -

(i) बनी-ठनी चित्र / Bani-Thani painting

बनी-ठनी चित्र राजस्थानी चित्रकला की एक प्रसिद्ध कृति है, जो किशनगढ़ शैली से संबंधित है। इस चित्र में एक सुंदर स्त्री को चित्रित किया गया है, जिसे "बनी-ठनी" (सजी-धजी) कहा जाता है। यह चित्र अपने सुंदर रंग संयोजन, नाजुक रेखाओं और भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यह चित्र किशनगढ़ के शासक सावंत सिंह की प्रेमिका का है।

(ii) भागवत पुराण चित्र / Bhagavata Purana painting

भागवत पुराण चित्र भारतीय चित्रकला की एक महत्वपूर्ण श्रृंखला है, जो भगवान विष्णु और विशेषकर श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित है। ये चित्र मुख्यतः राजस्थानी और पहाड़ी शैलियों में बनाए गए हैं। इनमें कृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, रासलीला और महाभारत के दृश्यों का सुंदर चित्रण किया गया है। रंगों का जीवंत प्रयोग और भावनाओं की अभिव्यक्ति इन चित्रों की विशेषता है।

(iii) मारू-रागिनी चित्र / Maru Ragini painting

मारू-रागिनी चित्र राजस्थानी चित्रकला का एक प्रसिद्ध विषय है, जो संगीत रागों के दृश्य चित्रण से संबंधित है। यह चित्र प्रेम और विरह की भावना को दर्शाता है, जिसमें एक नायक और नायिका को दिखाया जाता है। मारू रागिनी को प्रायः एक सुंदर स्त्री के रूप में चित्रित किया जाता है, जो अपने प्रेमी की प्रतीक्षा कर रही होती है। इसमें रंगों का सुंदर संयोजन और भावनात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।

(iv) चित्रकूट में राम और उनके परिवार का मिलन चित्र / The meeting of Ram and his family in Chitrakoot painting

यह चित्र रामायण के एक महत्वपूर्ण प्रसंग को दर्शाता है, जिसमें भरत चित्रकूट में राम से मिलने जाते हैं और उन्हें अयोध्या लौटने का अनुरोध करते हैं। इस चित्र में राम, सीता, लक्ष्मण और भरत के मिलन का मार्मिक दृश्य चित्रित किया गया है। चित्र में भावनाओं की गहराई, पारिवारिक प्रेम और त्याग की भावना को सुंदरता से दर्शाया गया है। यह चित्र भारतीय चित्रकला की विभिन्न शैलियों में बनाया गया है।

खण्ड-ब / Section-B

प्र.22

पिछवाई चित्र किसे कहते हैं?

What is a Pichwai picture called?

पिछवाई चित्र एक प्रकार की पारंपरिक भित्ति चित्रकला है, जो मुख्यतः राजस्थान के नाथद्वारा में विकसित हुई। यह भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं को दर्शाने वाला एक पृष्ठभूमि चित्र होता है, जिसे मंदिरों में श्रीनाथजी की मूर्ति के पीछे लगाया जाता है।

A Pichwai painting is a traditional Indian wall painting, mainly developed in Nathdwara, Rajasthan. It is a backdrop painting depicting the life and leelas of Lord Krishna, placed behind the idol of Shrinathji in temples.

प्र.23

दक्कनी चित्रशैली की दो प्रमुख विशेषताएं लिखिए।

Write two main characteristics of Deccan school.

  1. रंगों का प्रयोग: दक्कनी शैली में चमकीले और गहरे रंगों जैसे सुनहरा, लाल, नीला और हरा का प्रचुर मात्रा में प्रयोग किया जाता है।
  2. वास्तुकला और प्रकृति चित्रण: इसमें इमारतों, महलों और प्राकृतिक दृश्यों का बारीकी से चित्रण होता है, साथ ही मानव आकृतियों को लंबा और सुडौल दिखाया जाता है।

Use of bright and deep colors like gold, red, blue, and green; detailed depiction of architecture, palaces, and nature with elongated human figures.

प्र.24

"नंद, यशोदा एवं कृष्ण" चित्र पर संक्षिप्त लेख लिखिए।

Write a short article on "Nanda, Yashoda and Krishna's" painting.

यह चित्र भारतीय लघु चित्रकला की एक उत्कृष्ट कृति है, जो कृष्ण के बाल्यकाल को दर्शाता है। इसमें नंद और यशोदा बाल कृष्ण को स्नेह से देख रहे हैं। चित्र में गर्म रंगों का प्रयोग, सादगी और भावनात्मक अभिव्यक्ति मुख्य विशेषताएं हैं। यह पारिवारिक प्रेम और वात्सल्य का सुंदर चित्रण है।

This painting is a masterpiece of Indian miniature art, depicting Krishna's childhood. Nanda and Yashoda lovingly gaze at baby Krishna. The use of warm colors, simplicity, and emotional expression are key features. It beautifully portrays family love and affection.

प्र.25

भारत की किन कला परम्पराओं ने बंगाल स्कूल के कलाकारों को प्रेरित किया?

Which art traditions of India inspired the artists of the Bengal School?

बंगाल स्कूल के कलाकार मुख्यतः निम्नलिखित भारतीय कला परम्पराओं से प्रेरित हुए:

  • अजंता की गुफा चित्रकला (Ajanta cave paintings)
  • मुगल लघु चित्रकला (Mughal miniature painting)
  • राजपूत चित्रकला (Rajput painting)
  • भारतीय लोक कला (Indian folk art) जैसे पटचित्र और कलमकारी

इन परम्पराओं ने उन्हें देशज शैली और आध्यात्मिकता अपनाने की प्रेरणा दी।

प्र.26

आधुनिक भारतीय कला से आप क्या समझते हैं? लिखिए।

What do you understand by modern Indian art? Write.

आधुनिक भारतीय कला से तात्पर्य 19वीं शताब्दी के अंत से लेकर वर्तमान तक की भारतीय कला से है, जिसमें पश्चिमी प्रभावों के साथ भारतीय परम्पराओं का सम्मिलन हुआ। इसमें बंगाल स्कूल, प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप और समकालीन कलाकार शामिल हैं। यह कला सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों को अभिव्यक्त करती है।

Modern Indian art refers to Indian art from the late 19th century to the present, blending Western influences with Indian traditions. It includes the Bengal School, Progressive Artists' Group, and contemporary artists, expressing social, political, and cultural issues.

प्र.27

राजस्थान की फड़ लोक कला क्या है? इसको चित्रित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? समझाइए।

What is the Phad folk art of Rajasthan? Explain, what is the main purpose of drawing this art?

फड़ लोक कला राजस्थान की एक पारंपरिक चित्रकला है, जो कपड़े पर बनाई जाती है। इसमें मुख्यतः देवी-देवताओं, विशेषकर देवनारायण और पाबूजी की कथाओं का चित्रण होता है।

मुख्य उद्देश्य: फड़ चित्रों का प्रमुख उद्देश्य धार्मिक कथाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इन्हें भोपा (लोक गायक) रात्रि में फड़ के सामने गाते हैं, जिससे लोगों को धार्मिक शिक्षा और मनोरंजन मिलता है। यह कला लोक देवताओं की महिमा का प्रचार करती है।

Phad is a traditional folk painting of Rajasthan done on cloth, depicting stories of deities like Devnarayan and Pabuji. The main purpose is to spread religious tales through performances by Bhopas, providing spiritual education and entertainment.


खण्ड-स / Section-C

निबन्धात्मक प्रश्न / Essay Type Questions

प्र.28

आधुनिक भारतीय कला में अवनीन्द्रनाथ टैगोर का क्या योगदान है? समझाइए।

Explain the contribution of Abanindranath Tagore to modern Indian art.

अवनीन्द्रनाथ टैगोर को आधुनिक भारतीय कला का जनक माना जाता है। उन्होंने बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट की स्थापना की, जिसने पश्चिमी यथार्थवाद के स्थान पर भारतीय परम्पराओं को पुनर्जीवित किया। उनकी प्रसिद्ध कृति "भारत माता" में एक साध्वी के रूप में भारत का चित्रण किया गया। उन्होंने अजंता चित्रकला, मुगल लघु चित्र और जापानी सुमी-ए शैली से प्रेरणा ली। उनका योगदान भारतीय कला को एक राष्ट्रीय पहचान देने में महत्वपूर्ण रहा।

Abanindranath Tagore is considered the father of modern Indian art. He founded the Bengal School of Art, reviving Indian traditions over Western realism. His famous work "Bharat Mata" depicts India as a sadhvi. He drew inspiration from Ajanta paintings, Mughal miniatures, and Japanese Sumi-e style. His contribution was crucial in giving Indian art a national identity.

प्र.29

मुगलकालीन कला के उद्भव एवं विकास पर प्रकाश डालिए।

Throw light on the origin and development of Mughal art.

मुगलकालीन कला का उद्भव सम्राट हुमायूँ के समय हुआ, जब वे फारस से भारत लौटे और अपने साथ फारसी चित्रकारों को लाए। इसका विकास अकबर के शासनकाल में हुआ, जिन्होंने किताबखाना (पुस्तकालय) स्थापित किया और हमजानामा, रज्मनामा जैसे ग्रंथों का चित्रण करवाया। जहाँगीर के काल में चित्रकला अपने चरम पर पहुँची, जहाँ प्रकृतिवाद और पोर्ट्रेट पर जोर दिया गया। शाहजहाँ के समय में वास्तुकला (ताजमहल) उन्नत हुई, जबकि औरंगजेब के काल में कला का पतन हुआ। मुगल कला में फारसी, भारतीय और यूरोपीय शैलियों का सम्मिलन देखने को मिलता है।

Mughal art originated under Humayun, who brought Persian painters to India. It developed under Akbar, who established a library and illustrated works like Hamzanama and Razmnama. Under Jahangir, painting peaked with naturalism and portraiture. Shah Jahan advanced architecture (Taj Mahal), while Aurangzeb's reign saw decline. Mughal art blended Persian, Indian, and European styles.

अथवा / OR

प्र.29

मुगलकालीन कला की प्रमुख विशेषताएं लिखिए।

Write the main features of Mughal art.

  • यथार्थवाद: प्रकृति और मानव आकृतियों का सजीव चित्रण।
  • रंगों का संयम: हल्के और मुलायम रंगों का प्रयोग, विशेषकर सुनहरा और नीला।
  • पोर्ट्रेट चित्रण: सम्राटों और दरबारियों के व्यक्तिगत चित्र।
  • वास्तुकला: संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर का उपयोग, सममित डिजाइन।
  • फारसी प्रभाव: सजावटी सीमाएं, बेल-बूटे और कैलिग्राफी।
  • यूरोपीय प्रभाव: जहाँगीर के काल में छाया-प्रकाश और परिप्रेक्ष्य का समावेश।

Realism, restrained colors, portraiture, architecture (marble/sandstone), Persian decorative elements, and European influence (chiaroscuro, perspective).

प्र.30

निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए -

Write comments on any two of the following -

(i) भागवत पुराण चित्र (ii) बनी-ठनी चित्र (iii) मारू-रागिनी चित्र (iv) राम और उनके परिवार का मिलन चित्र

(i) भागवत पुराण चित्र

भागवत पुराण चित्र मुख्यतः राजपूत और पहाड़ी शैली में बने हैं, जो भगवान विष्णु के अवतारों, विशेषकर कृष्ण की लीलाओं को दर्शाते हैं। इनमें चमकीले रंग, सरल रेखाएं और भावनात्मक अभिव्यक्ति प्रमुख हैं। ये चित्र धार्मिक कथाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत करते हैं।

Bhagavata Purana paintings, mainly in Rajput and Pahari styles, depict Vishnu's avatars, especially Krishna's leelas, with bright colors, simple lines, and emotional expression.

(ii) बनी-ठनी चित्र

बनी-ठनी चित्र राजस्थानी लघु चित्रकला की एक प्रसिद्ध कृति है, जो किशनगढ़ शैली में बना है। इसमें एक सुंदर स्त्री (बनी-ठनी) को सजी-धजी अवस्था में दिखाया गया है। यह चित्र अपनी सूक्ष्म रेखाओं, नाजुक रंगों और आभूषणों के विस्तृत चित्रण के लिए जाना जाता है। इसे राजस्थानी मोना लिसा भी कहा जाता है।

Bani-Thani is a famous Kishangarh miniature painting of a beautifully adorned woman, known for fine lines, delicate colors, and detailed jewelry, often called the Rajasthani Mona Lisa.

(iii) मारू-रागिनी चित्र

मारू-रागिनी चित्र राजस्थानी चित्रकला में रागमाला श्रृंखला का भाग है, जो संगीत राग मारू को दर्शाता है। इसमें प्रेमी-प्रेमिका को रेग