RBSE Class 6th 2026 SANSKRIT-120326 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 6th
Exam year 2026
Subject SANSKRIT-120326
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 6th 2026 SANSKRIT-120326

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Rajasthan Board Class 6th SANSKRIT-120326 2026 solved Previous Year Question Papers

विषय-संस्कृत कक्षा-6 पूर्णाक-70 अंक समय- 2.30 घंटा

नोट: सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं, प्रत्येक प्रश्न के अंक साथ में लिखित हैं।

प्रश्न 1: बहुविकल्पात्मक प्रश्नाः

  1. '38' का संस्कृत में संख्यावाची शब्द होगा -
    (अ) अष्टत्रिंशत् (ब) अष्टाविंशति (स) अष्टादशः (द) अष्टचत्वारिंशत्
    सही उत्तर: (अ) अष्टत्रिंशत्

    स्पष्टीकरण: 38 के लिए संस्कृत में 'अष्टत्रिंशत्' शब्द प्रयुक्त होता है।

  2. "त्रिंशत्" पदे हिंदी अर्थ भवति -
    (अ) 30 (ब) 40 (स) 32 (द) 38
    सही उत्तर: (अ) 30

    स्पष्टीकरण: 'त्रिंशत्' का हिंदी अर्थ 30 होता है।

  3. मम कक्षायाः .............. (25) छात्राः पठन्ति।
    (अ) पंचविंशति (ब) पंचत्रिंशत् (स) त्रिंशत् (द) पंचाशत्
    सही उत्तर: (अ) पंचविंशति

    स्पष्टीकरण: 25 के लिए संस्कृत में 'पंचविंशति' शब्द प्रयुक्त होता है।

  4. 'पिकः' शब्दस्य हिंदी अर्थम् भवति -
    (अ) कोयल (ब) कबूतर (स) तोता (द) कौआ
    सही उत्तर: (अ) कोयल

    स्पष्टीकरण: 'पिकः' का हिंदी अर्थ कोयल होता है।

  5. पीतः वर्णः भवति -
    (अ) लाल (ब) काला (स) पीला (द) हरा
    सही उत्तर: (स) पीला

    स्पष्टीकरण: 'पीतः' का अर्थ पीला रंग होता है।

  6. 'आँख' शब्दस्य संस्कृते पदम् भवति -
    (अ) नासिका (ब) कर्णः (स) नेत्रम् (द) मुखम्
    सही उत्तर: (स) नेत्रम्

    स्पष्टीकरण: 'आँख' के लिए संस्कृत में 'नेत्रम्' शब्द प्रयुक्त होता है।

  7. 'उदरम्' इति पदस्य हिन्दी अर्थ भवति -
    (अ) पेट (ब) अंगुली (स) अंगुली (द) आँख
    सही उत्तर: (अ) पेट

    स्पष्टीकरण: 'उदरम्' का हिंदी अर्थ पेट होता है।

  8. राधिका कथम् चलति स्म?
    (अ) कूर्दमाना (ब) मंदम् (स) शीघ्रम् (द) रोदितुम्
    सही उत्तर: (ब) मंदम्

    स्पष्टीकरण: राधिका धीरे-धीरे (मंदम्) चलती थी।

  9. मयूरस्य वर्णः कः?
    (अ) श्वेतः (ब) नीलः (स) हरितः (द) कृष्णः
    सही उत्तर: (ब) नीलः

    स्पष्टीकरण: मोर का रंग नीला (नीलः) होता है।

  10. कः नमति?
    (अ) वृक्षः (ब) हिमालयः (स) सरोवरः (द) गजराजः
    सही उत्तर: (अ) वृक्षः

    स्पष्टीकरण: वृक्ष झुकता है (नमति)।

प्रश्न 2: उपर्युक्त कथनानां समक्षम् "आम्" अनुपयुक्त कथनानां समक्षम् "न" इति लिखत

  1. किं पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि सन्ति? ( )
  2. किं धर्मेण सुगम्यं प्राप्यते? ( )
  3. ग्रामे कश्चन भिक्षुकः आसीत्? ( )
  4. भिक्षुकः प्रभूतं धनम् इच्छति। ( )
  5. सर्वे तस्मै दण्डं यच्छन्ति। ( )

उत्तर:

  1. (आम्)
  2. (आम्)
  3. (आम्)
  4. (न)
  5. (न)

प्रश्न 3: समयवाचकान् अंकान् सुमेलनं कुरुत

समय संस्कृत रूप
9:00 बजे नववादनम्
9:15 बजे सपाद नववादनम्
9:30 बजे सार्ध नववादनम्
9:45 बजे पादोन दशवादनम्

प्रश्न 4: अधोलिखितानां शब्दानां वर्णविच्छेदं कुरुत

  1. कमलम् - क् + अ + म् + अ + ल् + अ + म्
  2. चित्रम् - च् + इ + त् + र् + अ + म्
  3. मयूराः - म् + अ + य् + ऊ + र् + आ + :
  4. रामः - र् + आ + म् + अ + :
  5. हरितः - ह् + अ + र् + इ + त् + अ + :

प्रश्न 5: मंजूषातः पदानि सहायता रिक्त स्थानानि पूरयतु

मंजूषा: कार्याणि, विनेयम्, कृष्णः, स्वर्गादपि, नीलः

  1. ध्वजस्य केन्द्रे ........ वर्णः अस्ति।
  2. केषां वर्णः ........
  3. विद्या ........
  4. स्वर्गादपि ........ हि

उत्तर:

  1. ध्वजस्य केन्द्रे नीलः वर्णः अस्ति।
  2. केषां वर्णः कृष्णः
  3. विद्या विनेयम्
  4. स्वर्गादपि कार्याणि हि।

प्रश्न 7. अधोलिखितानां पर्यायपदानि चित्वा लिखत - 4

[जनता, चरणः, हस्ती, जलाशयः]

  • (क) गजः → हस्ती
  • (ख) पदम् → चरणः
  • (ग) प्रजा → जनता
  • (घ) सरोवरः → जलाशयः

प्रश्न 8- अपनी पाठ्यपुस्तिका के दो श्लोक संस्कृत भाषा में लिखिए। 4

(उत्तर: छात्र अपनी पाठ्यपुस्तिका से किन्हीं दो श्लोकों को संस्कृत में लिखें।)

प्रश्न 9: श्लोकस्य हिन्दी अनुवाद कुरुत - (दोनों का) 4

(क) उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः। न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥

हिन्दी अनुवाद: उद्यम (प्रयत्न) से ही कार्य सिद्ध होते हैं, केवल इच्छा करने से नहीं। सोते हुए सिंह के मुँह में हिरण स्वयं प्रवेश नहीं करते।

(ख) पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम्। मूर्खैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते॥

हिन्दी अनुवाद: पृथ्वी पर तीन रत्न हैं – जल, अन्न और सुभाषित (अच्छी वाणी)। मूर्ख लोग पत्थर के टुकड़ों को ही रत्न मानते हैं।

प्रश्न 10: एकपदेन उत्तरत - 5

  1. (क) पृथिव्यां कति रत्नानि सन्ति ?
    उत्तर: त्रीणि
  2. (ख) कदाचित् तेन मार्गेण कः आगच्छति ?
    उत्तर: सिंहः
  3. (ग) श्रद्धा सर्वत्र किं पश्यति ?
    उत्तर: शिवम्
  4. (घ) भोजनान्ते पेयम् योग्यं किम् ?
    उत्तर: जलम्
  5. (ङ) सः किं करोति सदा ?
    उत्तर: पठति

प्रश्न 11: पूर्णवाक्येन उत्तरत - 4

  1. (क) मार्जार्याः शावकाः कीदृशाः सन्ति ?
    उत्तर: मार्जार्याः शावकाः सुन्दराः सन्ति।
  2. (ख) गृहे कति अतिथयः सन्ति ?
    उत्तर: गृहे पञ्च अतिथयः सन्ति।
  3. (ग) कः चन्द्रं नमति ?
    उत्तर: कुमुदः चन्द्रं नमति।
  4. (घ) मनुष्यः धनात् किम् आप्नोति ?
    उत्तर: मनुष्यः धनात् सुखम् आप्नोति।

प्रश्न 12: "सर्वार्थसाधिका" अथवा "हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः" पाठ का हिन्दी सारांश लिखिए। 5

सारांश: इस पाठ में बताया गया है कि मनुष्य के शरीर में सबसे बड़ा शत्रु क्रोध है। क्रोध मनुष्य के सभी गुणों को नष्ट कर देता है और उसे पशु के समान बना देता है। इसलिए मनुष्य को क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए और शांति से कार्य करना चाहिए।

प्रश्न 13: गच्छ धातु लट् लकार अथवा पद् धातु लट् लकार लिखिए। 3

गच्छ धातु (लट् लकार):

  • गच्छामि (मैं जाता हूँ)
  • गच्छसि (तू जाता है)
  • गच्छति (वह जाता है)
  • गच्छावः (हम दोनों जाते हैं)
  • गच्छथः (तुम दोनों जाते हो)
  • गच्छतः (वे दोनों जाते हैं)
  • गच्छामः (हम सब जाते हैं)
  • गच्छथ (तुम सब जाते हो)
  • गच्छन्ति (वे सब जाते हैं)

पद् धातु (लट् लकार):

  • पद्ये (मैं जाता हूँ)
  • पद्यसे (तू जाता है)
  • पद्यते (वह जाता है)
  • पद्यावहे (हम दोनों जाते हैं)
  • पद्येथे (तुम दोनों जाते हो)
  • पद्येते (वे दोनों जाते हैं)
  • पद्यामहे (हम सब जाते हैं)
  • पद्यध्वे (तुम सब जाते हो)
  • पद्यन्ते (वे सब जाते हैं)

प्रश्न 14: 'अस्मद्' अथवा 'इदम्' शब्दरूप लिखिए। 3

अस्मद् शब्दरूप (पुल्लिंग/स्त्रीलिंग):

  • प्रथमा: अहम् (मैं), आवाम् (हम दोनों), वयम् (हम सब)
  • द्वितीया: माम् (मुझे), आवाम् (हम दोनों को), अस्मान् (हम सब को)
  • तृतीया: मया (मेरे द्वारा), आवाभ्याम् (हम दोनों द्वारा), अस्माभिः (हम सब द्वारा)
  • चतुर्थी: मह्यम् (मेरे लिए), आवाभ्याम् (हम दोनों के लिए), अस्मभ्यम् (हम सब के लिए)
  • पञ्चमी: मत् (मुझसे), आवाभ्याम् (हम दोनों से), अस्मत् (हम सब से)
  • षष्ठी: मम (मेरा), आवयोः (हम दोनों का), अस्माकम् (हम सब का)
  • सप्तमी: मयि (मुझमें), आवयोः (हम दोनों में), अस्मासु (हम सब में)

इदम् शब्दरूप (पुल्लिंग):

  • प्रथमा: अयम् (यह), इमौ (ये दोनों), इमे (ये सब)
  • द्वितीया: इमम् (इसे), इमौ (इन दोनों को), इमान् (इन सब को)
  • तृतीया: अनेन (इससे), आभ्याम् (इन दोनों से), एभिः (इन सब से)
  • चतुर्थी: अस्मै (इसके लिए), आभ्याम् (इन दोनों के लिए), एभ्यः (इन सब के लिए)
  • पञ्चमी: अस्मात् (इससे), आभ्याम् (इन दोनों से), एभ्यः (इन सब से)
  • षष्ठी: अस्य (इसका), अनयोः (इन दोनों का), एषाम् (इन सब का)
  • सप्तमी: अस्मिन् (इसमें), अनयोः (इन दोनों में), एषु (इन सब में)

प्रश्न 15: नाम राकेशः / गीता मन्यते। तव प्रधानाध्यापकं प्रति द्विवसस्य अवकाश प्राप्तुम् प्रार्थनापत्रं लिखत - 5 अथवा नाम हरीशः / मीना मन्यते। तव प्रधानाध्यापकं प्रति ज्वरपीडितः कारणेन दिनद्वयस्य अवकाश प्राप्तुम् प्रार्थनापत्रं लिखत।

प्रार्थनापत्रम् (प्रथम विकल्प):

सेवायाम्,
प्रधानाध्यापक महोदयः,
[विद्यालयस्य नाम],
[स्थानम्]।

विषयः – द्विवसस्य अवकाश प्राप्तुम् प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयम् निवेदनम् अस्ति यत् अहम् राकेशः / गीता कक्षायाः [कक्षा] छात्रः / छात्रा अस्मि। मम गृहे कार्यम् अस्ति, अतः अहम् दिनाङ्कः [दिनाङ्कः] तः [दिनाङ्कः] पर्यन्तं द्विवसस्य अवकाशं प्राप्तुम् इच्छामि।

अतः भवन्तं प्रार्थये यत् मम अवकाशं स्वीकुर्वन्तु। धन्यवादः।

भवदीयः / भवदीया,
राकेशः / गीता
दिनाङ्कः [दिनाङ्कः]


प्रार्थनापत्रम् (द्वितीय विकल्प):

सेवायाम्,
प्रधानाध्यापक महोदयः,
[विद्यालयस्य नाम],
[स्थानम्]।

विषयः – ज्वरपीडितः कारणेन दिनद्वयस्य अवकाश प्राप्तुम् प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयम् निवेदनम् अस्ति यत् अहम् हरीशः / मीना कक्षायाः [कक्षा] छात्रः / छात्रा अस्मि। अहम् ज्वरपीडितः / ज्वरपीडिता अस्मि, अतः विद्यालयम् आगन्तुम् असमर्थः / असमर्था अस्मि।

अतः भवन्तं प्रार्थये यत् मम दिनाङ्कः [दिनाङ्कः] तः [दिनाङ्कः] पर्यन्तं दिनद्वयस्य अवकाशं स्वीकुर्वन्तु। धन्यवादः।

भवदीयः / भवदीया,
हरीशः / मीना
दिनाङ्कः [दिनाङ्कः]