RBSE Class 8th 2016 Hindi-UP-01-2016 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 8th |
| Exam year | 2016 |
| Subject | Hindi-UP-01-2016 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 8th 2016 Hindi-UP-01-2016
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Rajasthan Board Class 8th Hindi-UP-01-2016 2016 solved Previous Year Question Papers
प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र परीक्षा - 2016
कक्षा - 8
हिन्दी
समय : 2.30 घण्टे | पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
- प्रश्न संख्या 1 से 6 तक (बहुविकल्पीय प्रश्नों) के उत्तर तालिका बनाकर उत्तर-पुस्तिका में लिखें।
प्रश्न 1. 'असीम' शब्द का विलोम है -
- (अ) ससीम
- (ब) असीम
- (स) नवीन
- (द) प्रवीण
उत्तर: (अ) ससीम
'असीम' का अर्थ है जिसकी कोई सीमा न हो, इसका विलोम 'ससीम' (सीमा सहित) होता है।
प्रश्न 2. 'बूँद को इन्तजार था' -
- (अ) हवा का
- (ब) आकाश में जाने का
- (स) सूर्य का
- (द) नदी के जल का
उत्तर: (स) सूर्य का
यह प्रश्न किसी कविता या पाठ पर आधारित है जिसमें बूँद को सूर्य का इंतजार था।
[Turn over]
प्रश्न पत्र – हिंदी (UP-01-2016) – पृष्ठ 2
1. क्र बाज की वीरता का आगे बढ़कर स्वागत किया था –
- (अ) ae
- (ब) आकाश ने
- (स) लहारों ने
- (द) चट्टानों ने
सही उत्तर: (द) चट्टानों ने
व्याख्या: पाठ के अनुसार, चट्टानों ने बाज की वीरता का आगे बढ़कर स्वागत किया था।
2. “कमर कसना” मुहावरे का अर्थ है –
- (अ) तैयार होना
- (ब) उठ जाना
- (स) कमर बाँधना
- (द) wr
सही उत्तर: (अ) तैयार होना
व्याख्या: 'कमर कसना' मुहावरे का अर्थ किसी कार्य के लिए तैयार होना होता है।
3. कबीर के अनुसार मनुष्य का मन होना चाहिए –
- (अ) निर्मल
- (ब) कठोर
- (स) शान्त
- (द) “faa
सही उत्तर: (अ) निर्मल
व्याख्या: कबीरदास के अनुसार मनुष्य का मन निर्मल (स्वच्छ) होना चाहिए।
4. “निर् + वाह” से बना शब्द है –
- (अ) निरवाह
- (ब) निराबाह
- (स) निर्वाह
- (द) rear
सही उत्तर: (स) निर्वाह
व्याख्या: 'निर्' उपसर्ग और 'वाह' शब्द के संयोग से 'निर्वाह' शब्द बनता है।
5. “भारत का सर्वाधिक गरीब जिला जिसमें साइकिल चलाना एक सामाजिक आन्दोलन है” – नाम लिखिए।
उत्तर: यह जिला महाराष्ट्र का गढ़चिरौली है।
6. फिल्म 'आलम-आरा' की शूटिंग रात में क्यों करनी पड़ती थी ?
उत्तर: फिल्म 'आलम-आरा' की शूटिंग रात में इसलिए करनी पड़ती थी क्योंकि उस समय स्टूडियो में बिजली की व्यवस्था नहीं थी और दिन में सूर्य की रोशनी से फिल्म खराब हो जाती थी।
7. “ओस की बूँद” क्रोध और घृणा से क्यों कौप उठी ?
उत्तर: ओस की बूँद क्रोध और घृणा से इसलिए कौप उठी क्योंकि उसे अपने अस्तित्व और सुंदरता का घमंड था और वह किसी भी प्रकार की तिरस्कार या अपमान को सहन नहीं कर सकती थी।
8. झाऊलाल की आर्थिक स्थिति कैसी थी ?
उत्तर: झाऊलाल की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। वह गरीब था और उसके पास जीवनयापन के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे।
9. 'aa stan' पाठ में लेखक ने वृद्धा किसे कहा ?
उत्तर: 'aa stan' पाठ में लेखक ने वृद्धा को एक बूढ़ी औरत कहा है, जो अपने जीवन के अनुभवों से भरी हुई थी।
10. माँ यशोदा ने चोटी बढ़ने का कृष्ण को क्या प्रलोभन दिया ?
उत्तर: माँ यशोदा ने कृष्ण को प्रलोभन दिया कि यदि वे अपनी चोटी बढ़ाएंगे तो उन्हें माखन और मिठाई खाने को मिलेगी।
11. गवरइया ने अपना क्या लक्ष्य बना लिया था ?
उत्तर: गवरइया ने अपना लक्ष्य बना लिया था कि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देगी और उन्हें एक सफल इंसान बनाएगी।
12. पक्षी और बादलों के सन्देश कौन पढ़ने में सक्षम होते हैं ?
उत्तर: पक्षी और बादलों के सन्देश वे लोग पढ़ने में सक्षम होते हैं जो प्रकृति के करीब रहते हैं और उसकी भाषा समझते हैं।
13. प्रत्यय से दो नये शब्द बनाकर लिखिए। (फ-ग-प्राकक)
उत्तर: प्रत्यय 'क' से बने शब्द: लेखक, गायक।
प्रश्न 6: 'एह' के चार पर्यायवाची शब्द लिखिए।
उत्तर: 'एह' (ईश्वर) के चार पर्यायवाची शब्द हैं:
- प्रभु
- परमात्मा
- भगवान
- ईश
प्रश्न 7: "यह सबसे कठिन समय नहीं" कविता का केन्द्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर: इस कविता का केन्द्रीय भाव यह है कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन हमें धैर्य और साहस नहीं खोना चाहिए। कवि कहते हैं कि वर्तमान समय चाहे कितना भी कठिन क्यों न लगे, यह सबसे कठिन समय नहीं है। मनुष्य को अपने संकल्प और आत्मविश्वास से हर मुश्किल का सामना करना चाहिए। कविता हमें प्रेरित करती है कि निराशा के बादलों के पीछे उम्मीद की किरण छिपी होती है।
प्रश्न 8: निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर अपने विचार लिखिए:
(क) ना और एम.जी. की मित्रता को ध्यान में रखते हुए उनकी मित्रता व आज के समय की मित्रता के बारे में आपके विचार लिखिए।
उत्तर: ना और एम.जी. की मित्रता निस्वार्थ, विश्वास और समर्पण पर आधारित थी। वे एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ थे और उनकी मित्रता में कोई स्वार्थ नहीं था। आज के समय में मित्रता अक्सर स्वार्थ, सुविधा या सोशल मीडिया तक सीमित हो गई है। लोगों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव कम होता जा रहा है। मेरे विचार में आज भी सच्ची मित्रता वही है जो निस्वार्थ हो, जहाँ एक-दूसरे का सम्मान हो और मुश्किल समय में साथ खड़ा रहे।
(ख) घरेलू नौकरों को हटाने की बात किन-किन परिस्थितियों में उठ सकती है? अपने विचार लिखिए।
उत्तर: घरेलू नौकरों को हटाने की बात निम्नलिखित परिस्थितियों में उठ सकती है:
- जब नौकर अपने काम में लापरवाही करे या काम समय पर न करे।
- जब नौकर बेईमानी करे या घर की चीज़ें चुराए।
- जब नौकर का व्यवहार घर के सदस्यों के प्रति अभद्र हो।
- जब नौकर बार-बार बिना सूचना के छुट्टी ले या काम छोड़कर चला जाए।
- जब परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो और नौकर रखना संभव न हो।
हालांकि, नौकर को हटाने से पहले उसे समझाने और सुधारने का मौका देना चाहिए।
प्रश्न 9: मशीन द्वारा बनाई गई वस्तुओं और हाथ द्वारा बनाई गई वस्तुओं में आप क्या अन्तर समझते हैं? "लाख की चूड़ियाँ" पाठ के आधार पर लिखिए।
उत्तर: "लाख की चूड़ियाँ" पाठ के आधार पर मशीन और हाथ से बनी वस्तुओं में निम्नलिखित अन्तर हैं:
| क्रम | मशीन द्वारा बनी वस्तुएँ | हाथ द्वारा बनी वस्तुएँ |
|---|---|---|
| 1. | एक जैसी और सटीक होती हैं। | हर वस्तु में थोड़ी भिन्नता होती है, जो उसे अनोखा बनाती है। |
| 2. | जल्दी और बड़ी मात्रा में बनाई जा सकती हैं। | बनाने में समय लगता है और मात्रा सीमित होती है। |
| 3. | इनमें कलाकारी और बारीकी कम होती है। | इनमें कारीगर की कला और मेहनत झलकती है। |
| 4. | सस्ती और आसानी से उपलब्ध होती हैं। | महँगी होती हैं, लेकिन अधिक टिकाऊ और सुंदर होती हैं। |
प्रश्न 10: पुरानी मूक फिल्मों में और आज की फिल्मों में आप कौन सी फिल्मों को पसन्द करते हैं? और क्यों? तर्क सहित उत्तर लिखिए।
उत्तर: मैं पुरानी मूक फिल्मों को अधिक पसन्द करता/करती हूँ। इसके निम्नलिखित कारण हैं:
- अभिनय की गहराई: मूक फिल्मों में अभिनेता केवल अपने हाव-भाव और शारीरिक गतिविधियों से भाव व्यक्त करते थे, जो अत्यंत कठिन और प्रभावशाली होता था।
- सादगी और स्पष्टता: इन फिल्मों की कहानियाँ सरल और सीधी होती थीं, जो दर्शकों को आसानी से जोड़ लेती थीं।
- कल्पना का विकास: बिना संवाद के फिल्म देखने से दर्शकों की कल्पना शक्ति बढ़ती थी।
- कला का सम्मान: आज की फिल्मों में तकनीक और विशेष प्रभावों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि मूक फिल्मों में कला और अभिनय को प्राथमिकता दी जाती थी।
प्रश्न 11: सड़क पर चलते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: सड़क पर चलते समय हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- हमेशा फुटपाथ पर चलें, यदि फुटपाथ न हो तो सड़क के किनारे चलें।
- सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें और ट्रैफिक लाइट का पालन करें।
- दाएँ-बाएँ देखकर ही सड़क पार करें।
- चलते समय मोबाइल फोन या हेडफोन का उपयोग न करें।
- रात के समय हल्के रंग के कपड़े पहनें या रिफ्लेक्टिव बैज लगाएँ।
- सड़क पर दौड़ें नहीं और अचानक सड़क पार न करें।
- वाहनों से दूर रहें और सावधानी से चलें।
प्रश्न 12: निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
(क) कबीर घास न नींदिए, जो पाऊँ तलि होइ।
उड़े पड़े जब आँखि मैं, खरी दुहेली होइ।।
जग में बैरी कोइ नहीं, जो मन सीतल होय।
या आपा को डारि दे, दया करे सब कोय।।
प्रसंग: प्रस्तुत पद्यांश कबीरदास जी द्वारा रचित है। इसमें कबीर ने विनम्रता, क्षमा और दया का महत्व समझाया है।
व्याख्या: कबीर कहते हैं कि हमें घास को भी नीचा नहीं समझना चाहिए, जो पैरों के नीचे रहती है। जब वह उड़कर आँख में पड़ती है, तो बहुत पीड़ा देती है। इसी प्रकार, संसार में कोई भी शत्रु नहीं है यदि मन शीतल (शांत) हो। अहंकार को त्यागकर सभी पर दया करनी चाहिए। कबीर का संदेश है कि विनम्रता और दया से ही जीवन सुखी बनता है।
(अथवा) हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले।
आए बनकर उल्लास अभी, आँसू बनकर बह चले अभी,
सब कहते ही रह गए, अरे, तुम कैसे आए, कहाँ चले?
प्रसंग: प्रस्तुत पद्यांश हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध कवि द्वारा रचित है। इसमें दीवानों (प्रेमियों या स्वतंत्र विचारों वाले लोगों) की जीवनशैली का वर्णन है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि हम दीवानों की कोई स्थायी पहचान नहीं है। हम आज यहाँ हैं और कल कहीं और चले जाते हैं। हमारे साथ हमेशा मस्ती का आलम (उल्लास) रहता है, और हम जहाँ भी जाते हैं, धूल उड़ाते (अपनी छाप छोड़ते) चलते हैं। कभी हम उल्लास बनकर आते हैं, तो कभी आँसू बनकर बह जाते हैं। लोग हमें देखकर हैरान रह जाते हैं और पूछते हैं कि तुम कैसे आए और कहाँ चले? यह पद्यांश जीवन की अनिश्चितता और स्वतंत्रता को दर्शाता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए
राममोहन राय की पत्रकारिता का गहरा संबंध उनके सुधारवादी आंदोलनों से था। उनका समन्वयवादी और विश्वजनीन दृष्टिकोण कट्टर वर्ग के लोगों को नापसंद था और वे उनके बहुत से सुधारों का भी विरोध करते थे। पर उनके बहुत से समर्थकों में टैगोर परिवार था जिसने बाद में बंगाल के पुनर्जागरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। राममोहन राय दिल्ली-सम्राट की ओर से इंग्लैंड गए और 19वीं शताब्दी के आरम्भिक वर्षों में ब्रिस्टल में उनकी मृत्यु हो गई।
(अ) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर: राजा राममोहन राय का जीवन और योगदान
(ब) राजा राममोहन राय की पत्रकारिता का संबंध किससे था?
उत्तर: राजा राममोहन राय की पत्रकारिता का गहरा संबंध उनके सुधारवादी आंदोलनों से था।
(स) कट्टर वर्ग के लोग राजा राममोहन राय का विरोध क्यों करते थे?
उत्तर: कट्टर वर्ग के लोग राजा राममोहन राय का विरोध इसलिए करते थे क्योंकि उनका समन्वयवादी और विश्वजनीन दृष्टिकोण उन्हें नापसंद था और वे उनके बहुत से सुधारों के विरोधी थे।
(द) राजा राममोहन राय की मृत्यु कहाँ हुई?
उत्तर: राजा राममोहन राय की मृत्यु ब्रिस्टल (इंग्लैंड) में हुई।
25. स्वयं को प्रशांत जोधपुर निवासी मानते हुए अपने मित्र को परीक्षा में प्रथम आने पर बधाई-पत्र लिखिए।
उत्तर:
प्रिय मित्र सुमित,
स्नेहपूर्वक बधाई! मुझे यह जानकर अत्यंत हर्ष हुआ कि तुमने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। तुम्हारी इस सफलता ने हम सबको गौरवान्वित किया है। तुम्हारी मेहनत और लगन ने यह संभव बनाया है। मैं तुम्हारे उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
तुम्हारा मित्र,
प्रशांत
जोधपुर
अथवा
आप स्वयं को रंजना अजमेर निवासी मानते हुए माँ की बीमारी के कारण उनसे मिलने जाने के लिए दो दिन का अवकाश माँगते हुए अपने प्रधानाचार्य को प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
विद्यालय का नाम, अजमेर
विषय: दो दिन के अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरी माताजी अचानक बीमार हो गई हैं। उनकी देखभाल के लिए मुझे उनसे मिलने जाना आवश्यक है। अतः कृपया मुझे दिनांक 10 और 11 मार्च, 2016 का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। मैं आपकी अत्यंत आभारी रहूँगी।
आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
रंजना
कक्षा 8, अजमेर
26. आप अपनी किसी यात्रा के खट्टे-मीठे अनुभवों को याद करते हुए संस्मरण लिखिए। (शब्द सीमा - 50 शब्द)
उत्तर:
पिछले वर्ष मैं अपने परिवार के साथ माउंट आबू गया था। वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती थी। लेकिन वापसी में बारिश के कारण हमारी बस फंस गई, जिससे हमें काफी परेशानी हुई। फिर भी वह यात्रा मेरे लिए अविस्मरणीय रही।
27. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए। (शब्द सीमा - 250 शब्द)
(अ) टेलीविजन : लाभ और हानियाँ
उत्तर:
टेलीविजन आज के युग का एक महत्वपूर्ण आविष्कार है। यह मनोरंजन और ज्ञान का स्रोत है। इसके लाभों में समाचार, शैक्षिक कार्यक्रम, और मनोरंजन शामिल हैं। यह हमें दुनिया की घटनाओं से जोड़ता है और विज्ञान, इतिहास, संस्कृति आदि के बारे में जानकारी देता है।
लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं। अत्यधिक टेलीविजन देखने से आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है और समय की बर्बादी होती है। कई कार्यक्रम हिंसा और अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं, जो बच्चों के मानसिक विकास के लिए हानिकारक है।
अतः टेलीविजन का संतुलित उपयोग ही लाभदायक है। हमें केवल उपयोगी कार्यक्रम देखने चाहिए और समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए।
(ब) विद्यार्थी और अनुशासन
उत्तर:
अनुशासन विद्यार्थी जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। अनुशासन का अर्थ है नियमों और मर्यादाओं का पालन करना। एक अनुशासित विद्यार्थी समय पर पढ़ाई करता है, शिक्षकों का सम्मान करता है, और अपने कर्तव्यों का पालन करता है।
अनुशासन विद्यार्थी को सफलता की ओर ले जाता है। यह उसे आत्म-नियंत्रण, धैर्य और एकाग्रता सिखाता है। बिना अनुशासन के विद्यार्थी जीवन में प्रगति नहीं कर सकता।
इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अनुशासन को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। यह न केवल शैक्षिक बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी सफलता दिलाता है।
(स) दैनिक जीवन में समाचार-पत्र का महत्त्व
उत्तर:
समाचार-पत्र हमारे दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह हमें देश-विदेश की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, और व्यापार की जानकारी देता है। सुबह का समाचार-पत्र हमें दिनभर के लिए अपडेट रखता है।
यह हमारी ज्ञानवर्धन का सस्ता और सुलभ साधन है। समाचार-पत्र पढ़ने से भाषा का विकास होता है और सामान्य ज्ञान बढ़ता है। यह हमें समाज और सरकार की गतिविधियों से अवगत कराता है।
इस प्रकार, समाचार-पत्र का महत्त्व हमारे जीवन में अत्यधिक है। हमें इसे नियमित रूप से पढ़ना चाहिए।
(द) राष्ट्र निर्माण में नारी का योगदान
उत्तर:
नारी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वह घर से लेकर देश तक हर क्षेत्र में योगदान देती है। शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, विज्ञान, और कला जैसे क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
भारत में इंदिरा गांधी, कल्पना चावला, और मदर टेरेसा जैसी महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ कृषि और छोटे उद्योगों में योगदान देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं।
नारी शिक्षा और सशक्तिकरण से राष्ट्र का विकास संभव है। अतः हमें महिलाओं को समान अवसर देने चाहिए और उनके योगदान को सराहना चाहिए।