RBSE Class 8th 2019 Hindi-UP-01-2019 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 8th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | Hindi-UP-01-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 8th 2019 Hindi-UP-01-2019
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Rajasthan Board Class 8th Hindi-UP-01-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों के उत्तर एक साथ लिखने हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
- प्रश्न संख्या 1 से 8 तक (बहुविकल्पीय प्रश्नों) के उत्तर तालिका बनाकर उत्तर-पुस्तिका में लिखें।
निर्देश : सही उत्तर का चयन कीजिए।
-
जैसलमेर की राजकुमारी का नाम था -
- (क) रत्नावती
- (ख) कलाबती
- (ग) पद्मावती
- (घ) कर्मावती
स्पष्टीकरण: जैसलमेर की राजकुमारी पद्मावती थीं, जो अपनी सुंदरता और बलिदान के लिए प्रसिद्ध हैं।
-
महाराजा दिलीप ने किस गाय की सेवा की?
- (क) कामधेनु
- (ख) सुरभि
- (ग) नंदिनी
- (घ) रंभा
स्पष्टीकरण: महाराजा दिलीप ने गाय नंदिनी की सेवा की थी, जो ऋषि वशिष्ठ के आश्रम में थी।
-
"देखि सुदामा की दीन दशा करुणा करिके करुणानिधि रोये।" पंक्ति में करुणानिधि शब्द किसके लिए प्रयुक्त है?
- (क) सुदामा के लिए
- (ख) श्रीकृष्ण के लिए
- (ग) द्वारपाल के लिए
- (घ) बलराम के लिए
स्पष्टीकरण: 'करुणानिधि' का अर्थ है करुणा के भंडार, जो श्रीकृष्ण के लिए प्रयुक्त हुआ है।
प्रश्न 4 से 8 (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 4. आत्मीय होने पर भी क्या नहीं करना चाहिए?
- (क) दूसरों का सम्मान
- (ख) विनयपूर्ण व्यवहार
- (ग) अभिमान
- (घ) दूसरों की सहायता
स्पष्टीकरण: आत्मीयता का अर्थ है अपनापन, जिसमें अभिमान नहीं होना चाहिए।
प्रश्न 5. शाम को सागर से उठ माँगते कितने दिन बीत गए?
- (क) दो दिन
- (ख) तीन दिन
- (ग) चार दिन
- (घ) पाँच दिन
स्पष्टीकरण: पाठ के अनुसार शाम को सागर से उठ माँगते तीन दिन बीत गए थे।
प्रश्न 6. संत कँवरराम ने सोरठ राग क्यों गाया?
- (क) वर्षा रोकने के लिए
- (ख) वर्षा कराने के लिए
- (ग) गरीब महिला के पुत्र को स्वस्थ करने के लिए
- (घ) गाँव वालों को धनवान बनाने के लिए
स्पष्टीकरण: संत कँवरराम ने गरीब महिला के बीमार पुत्र को स्वस्थ करने के लिए सोरठ राग गाया था।
प्रश्न 7. 'बादल' का पर्यायवाची शब्द है:
- (क) जलद
- (ख) मेघ
- (ग) घन
- (घ) जलज
स्पष्टीकरण: 'बादल' के पर्यायवाची शब्द हैं - मेघ, घन, जलद, नीरद आदि।
प्रश्न 8. “राणा प्रताप साहस के धनी थे।' वाक्य में प्रयुक्त 'साहस' शब्द है:
- (क) संज्ञा
- (ख) सर्वनाम
- (ग) क्रिया
- (घ) विशेषण
स्पष्टीकरण: 'साहस' एक भाववाचक संज्ञा है, जो साहसी होने के गुण को दर्शाता है।
अति लघूत्तरात्मक प्रश्न (प्रश्न 9 से 12)
प्रश्न 9. गाय से प्राप्त द्रव्य 'पंचगव्य' के नाम से जाने जाते हैं। उनके नाम लिखिए।
उत्तर: गाय से प्राप्त पंचगव्य के नाम हैं:
- दूध
- दही
- घी
- गोमूत्र
- गोबर
प्रश्न 10. “अपराजिता' पाठ के आधार पर बताइए, डॉ. टीटी को पक्षाघात कैसे हुआ?
उत्तर: डॉ. टीटी को पक्षाघात इसलिए हुआ क्योंकि वे अत्यधिक कार्यभार और तनाव में थे। वे लगातार मरीजों का इलाज करते रहे और अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाए, जिसके कारण उन्हें पक्षाघात (लकवा) हो गया।
प्रश्न 11. भगवान ने भक्त प्रहलाद की रक्षा कैसे की?
उत्तर: भगवान ने भक्त प्रहलाद की रक्षा नरसिंह अवतार लेकर की। जब हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को मारने का प्रयास किया, तब भगवान विष्णु ने नरसिंह (आधे मनुष्य, आधे सिंह) का रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया और प्रहलाद की रक्षा की।
प्रश्न 12. पाण्डवों को कायर किस कारण समझा? 'शक्ति और क्षमा' पाठ के आधार पर बताइए।
उत्तर: पाण्डवों को कायर इसलिए समझा गया क्योंकि उन्होंने दुर्योधन और कौरवों के अत्याचारों को सहन किया और बार-बार अपमान सहने के बाद भी युद्ध नहीं किया। वे क्षमा और सहनशीलता का गुण धारण किए हुए थे, जिसे लोग कायरता समझ बैठे। 'शक्ति और क्षमा' पाठ के अनुसार, क्षमा शक्ति का प्रतीक है, कायरता का नहीं।
43. दिए गए मूल शब्दों में उपयुक्त प्रत्यय जोड़कर शब्द बनाइए :
- (क) महान → महानता (प्रत्यय: -ता)
- (ख) लिख → लिखाई (प्रत्यय: -आई)
4. निम्नलिखित सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए :
- (क) तुम – तुम आज स्कूल जरूर जाओ।
- (ख) मैं – मैं अपने माता-पिता की आज्ञा मानता हूँ।
- (ग) यह – यह मेरी पुस्तक है।
5. सड़क पर चलते समय अपनाई जाने वाली चार सावधानियाँ बताइए।
- सड़क पार करते समय जेबरा क्रॉसिंग का प्रयोग करें।
- हमेशा बाईं ओर चलें और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें।
- सड़क पर दौड़ें नहीं, ध्यानपूर्वक चलें।
- मोबाइल फोन या हेडफोन का उपयोग न करें।
6. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए :
- (क) लाल-पीला होना – अर्थ: बहुत क्रोधित होना।
वाक्य: चोरी पकड़े जाने पर वह लाल-पीला हो गया। - (ख) दो ग्यारह होना – अर्थ: आपस में मिल जाना या एक हो जाना।
वाक्य: दोनों दोस्तों के दो ग्यारह होने पर काम आसान हो गया।
7. "मेरे लिए यह एक तीर्थ स्थल है।" – सुभाष चन्द्र बोस के इस कथन को सिद्ध कीजिए।
सुभाष चन्द्र बोस ने जेल को तीर्थ स्थल इसलिए कहा क्योंकि जेल में रहकर उन्होंने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। जेल में उन्हें कठिनाइयाँ सहनी पड़ीं, लेकिन वहाँ उनका मन देशभक्ति और त्याग की भावना से भरा रहा। उनके लिए जेल एक पवित्र स्थान था जहाँ उन्होंने अपने आदर्शों को मजबूत किया और देश सेवा का संकल्प लिया।
8. यदि आप सुभागी के स्थान पर होते तो अपने कर्ज को कैसे उतारते?
यदि मैं सुभागी के स्थान पर होता, तो अपने कर्ज को उतारने के लिए मेहनत करता। मैं कोई छोटा-मोटा काम ढूँढ़ता, जैसे खेतों में मजदूरी या घरेलू काम, और बचत करके धीरे-धीरे कर्ज चुकाता। साथ ही, गाँव के लोगों से मदद माँगता और ईमानदारी से प्रयास करता।
9. “बसो मेरे नैनन में नंदलाल।” पंक्ति के आधार पर मीरा श्रीकृष्ण के किस रूप को अपनी आँखों में बसाना चाहती हैं?
मीरा श्रीकृष्ण के बाल रूप (नंदलाल) को अपनी आँखों में बसाना चाहती हैं। वह उनके मोहक, सुंदर और बाल-लीलाओं वाले रूप को सदा अपने मन और आँखों में देखना चाहती हैं, जो उनके प्रति प्रेम और भक्ति को दर्शाता है।
20. कवि गिरधर के अनुसार सदा लाठी को साथ में क्यों रखना चाहिए?
कवि गिरधर के अनुसार, लाठी को साथ में इसलिए रखना चाहिए क्योंकि यह जीवन में सहारा देती है और बुढ़ापे में शरीर को संभालने में मदद करती है। साथ ही, यह कठिनाइयों से बचाने और आत्मरक्षा के लिए भी उपयोगी है।
21. आपके ग्राम में 'भारत मिशन' का क्या प्रभाव पड़ा?
मेरे ग्राम में 'भारत मिशन' का सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इससे गाँव में स्वच्छता अभियान चला, सड़कों की मरम्मत हुई, और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी। लोगों ने सामूहिक रूप से काम करना सीखा और गाँव का विकास तेज़ी से हुआ।
22. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
संत कँवरराम का व्यक्तित्व और कृतित्व जीवन में प्रेरणास्पद रहा है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन गरीबों, अपाहिजों व विधवाओं की सेवा में लगा दिया। अनाथ और बेसहारा बालिकाओं की शादी करवाने के लिए जीवन पर्यंत सार्थक प्रयास किए। संत कँवरराम के उन्हीं भगीरथ प्रयासों का परिणाम है कि आज भी उनकी प्रेरणा से बड़ी संख्या में विद्यालय, अस्पताल, धर्मशालाएँ, विधवा-विवाह और अनाथ बालक-बालिकाओं को संबलन देने के धर्मार्थ कार्य में हजारों लोग जुड़कर समाजोत्थान का कार्य कर रहे हैं।
- (क) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
संत कँवरराम का जीवन और समाज सेवा - (ख) किस संत का व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरणास्पद रहा है?
संत कँवरराम का व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरणास्पद रहा है। - (ग) संत कँवरराम ने अपना जीवन किस कार्य में लगा दिया?
उन्होंने अपना जीवन गरीबों, अपाहिजों और विधवाओं की सेवा में लगा दिया। - (घ) संत कँवरराम के कार्यों का क्या परिणाम रहा?
उनके प्रयासों से आज भी हजारों लोग विद्यालय, अस्पताल, धर्मशालाएँ और अनाथ बालिकाओं के विवाह जैसे धर्मार्थ कार्यों में जुड़कर समाजोत्थान कर रहे हैं।
प्रश्न 23
निम्नलिखित में से किसी एक पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : (8 अंक)
पद्यांश 1
सब विपक्ष में था उसके
बस, सत्य पक्ष में था उसके,
समझौता उसने नहीं किया
जाने क्या मन में था उसके।
वह सत्यपथी, वह सत्यकृती,
वह तेजपुंज, वह महाधुती,
शौर्यपुंज, भू की थाती
वह महामानव, वह फणी।
पद्यांश 2
“सीस पगा न झगा तन पै प्रभु,
जाने को आहि, सो आहि।
धोती फटी-सी लटी दुपटी अरु,
पाँव सरग की नहीं सामा।
द्वार खड़ो द्विज दुर्बल एक,
हाँ चकि सो चसुधा अभिरामा।
पूछत दीनदयाल को धाम
बतावंत आपनो नाम सुदामा।”
सप्रसंग व्याख्या (पद्यांश 1): प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने एक ऐसे महापुरुष का चित्रण किया है जो अकेला होते हुए भी सत्य के पक्ष में डटा रहा। उसने कभी समझौता नहीं किया। वह सत्य का पथिक, सत्य का कर्ता, तेज का पुंज, महान तेजस्वी, शौर्य का समूह और पृथ्वी की निधि था। वह महामानव और फणी (श्रेष्ठ) था। यह पद्यांश सत्यनिष्ठा और अडिगता का संदेश देता है।
सप्रसंग व्याख्या (पद्यांश 2): प्रस्तुत पद्यांश में भगवान श्रीकृष्ण के द्वार पर एक दुर्बल ब्राह्मण खड़ा है। उसके सिर पर बाल नहीं, शरीर पर कोई वस्त्र नहीं, धोती फटी हुई है और दुपट्टा लटक रहा है। पैरों में जूते नहीं हैं। वह दीनदयाल श्रीकृष्ण का धाम (घर) पूछता है और अपना नाम सुदामा बताता है। यह पद्यांश सुदामा की दरिद्रता और भगवान के प्रति उनकी भक्ति को दर्शाता है।
प्रश्न 24
अपने आपको उदयपुर निवासी राहुल शर्मा मानते हुए अपने मित्र जयपुर निवासी गौरव को उदयपुर के दर्शनीय स्थलों की जानकारी देते हुए आमंत्रण-पत्र लिखो । (8 अंक)
आमंत्रण-पत्र
दिनांक: 15 फरवरी, 2019
प्रिय मित्र गौरव,
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मैं तुम्हें उदयपुर के दर्शनीय स्थलों की जानकारी देते हुए यहाँ आने का आमंत्रण देना चाहता हूँ। उदयपुर को 'झीलों की नगरी' कहा जाता है। यहाँ पिछोला झील, फतेह सागर झील, सिटी पैलेस, जग मंदिर, सहेलियों की बाड़ी, और एकलिंग जी मंदिर प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। ये सभी स्थल बहुत सुंदर और ऐतिहासिक हैं।
अतः मैं तुम्हें उदयपुर आने का हार्दिक आमंत्रण देता हूँ। कृपया अपने आगमन की सूचना मुझे पहले से दे देना। हम साथ मिलकर इन स्थलों का भ्रमण करेंगे।
तुम्हारा मित्र,
राहुल शर्मा
उदयपुर
अथवा
आप कक्षा 8 की विद्यार्थी आशा कुमारी हैं। अपने प्रधानाध्यापक को पुस्तकालय से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना-पत्र लिखिए । (8 अंक)
प्रार्थना-पत्र
सेवा में,
प्रधानाध्यापक महोदय,
[विद्यालय का नाम],
[स्थान]
दिनांक: 15 फरवरी, 2019
विषय: पुस्तकालय से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु प्रार्थना।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 8 की छात्रा आशा कुमारी हूँ। हमारी कक्षा के कई विद्यार्थियों के पास पाठ्यपुस्तकें नहीं हैं, जिससे पढ़ाई में कठिनाई होती है। अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि कृपया पुस्तकालय से आवश्यक पाठ्यपुस्तकें हमें उपलब्ध कराने की कृपा करें। इससे हमारी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सकेगी।
आपकी अति कृपा होगी।
आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
आशा कुमारी
कक्षा 8
प्रश्न 25
निम्न में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए : (8 अंक)
- जल संरक्षण
- कम्प्यूटर का महत्त्व
- बालिका शिक्षा
- बाल विवाह : एक अभिशाप
निबंध (उदाहरण: जल संरक्षण)
जल जीवन का आधार है। बिना जल के पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है। जल संरक्षण का अर्थ है जल का सदुपयोग करना और उसे व्यर्थ न होने देना। आज जल की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। हमें वर्षा जल संचयन, नलों की मरम्मत, और कम पानी में काम चलाने जैसे उपाय अपनाने चाहिए। पेड़ लगाने से भी जल स्तर बढ़ता है। हम सभी को जल बचाने का संकल्प लेना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रहे।