RBSE Class 9th 2025 Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 Previous Year Papers

Class 9th students hunting authentic previous year papers for Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 (2025) land here for a reason: the paper below matches how RBSE assessments are remembered from that year. RBSE Solution does not mix years on one page; each combination gets its own notes.

Skim the overview sections, then work through the scanned pages. Pair this practice with RBSE books and solutions when you need to relearn a concept a question exposed.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 9th
Exam year 2025
Subject Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 9th, year 2025, and subject Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

How to practise with this question paper

Stage one: read the Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 question paper from 2025 without a timer and highlight command words — explain, prove, calculate, discuss. Stage two: attempt selected questions closed-book. Stage three: compare with solutions or teacher feedback.

Previous Year Papers work best when you log mistakes by topic, not only by question number. That log becomes your revision index before pre-boards.

RBSE Class 9th 2025 Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025

Scroll through the Previous Year Papers pages for Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 (2025).

RBSE Class 9th 2025 Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 9th 2025 Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com
RBSE Class 9th 2025 Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 Previous Year Papers 2
https://rbsesolution.com
RBSE Class 9th 2025 Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 Previous Year Papers 3
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 9th Freedom Movement and Bravery Tradition of Rajasthan (912)-2025 2025 solved Previous Year Question Papers

राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परम्परा (912)

कक्षा 9वीं वार्षिक परीक्षा, 2025

Class 9th Annual Examination, 2025

Freedom Movement & Bravery Tradition of Rajasthan


सामान्य निर्देश / General Instructions:

  1. परीक्षार्थी प्रश्न-पत्र के पहले पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अवश्य लिखें। Write Roll No. on the first page of the Question Paper.
  2. प्रत्येक प्रश्न के सामने उसका अंक भार अंकित है। Marks for every question are indicated alongside.

बहुविकल्पीय प्रश्न / Objective Type Questions

(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक)

प्र. 1. सलूम्बर और कोठारिया के रावतों ने अपने यहाँ शरण दी --

  • (अ) ठाकुर प्रताप सिंह को
  • (ब) ठाकुर कुशाल सिंह को
  • (स) रावत जोध सिंह को
  • (द) केसरी सिंह को

English: Rawats of Salumbar and Kotharia gave shelter to -

  • (A) Thakur Pratap Singh
  • (B) Thakur Kushal Singh
  • (C) Rawat Jodh Singh
  • (D) Kesari Singh

सही उत्तर: (ब) ठाकुर कुशाल सिंह को / (B) Thakur Kushal Singh

व्याख्या: सलूम्बर और कोठारिया के रावतों ने 1857 के विद्रोह के दौरान ठाकुर कुशाल सिंह को शरण दी थी, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे।

प्र. 2. राजस्थान में 1857 की क्रांति का सूत्रपात हुआ -

  • (अ) एरिनपुरा से
  • (ब) नीमच से
  • (स) नसीराबाद से
  • (द) ब्यावर से

English: The Revolution of 1857 started in Rajasthan from -

  • (A) Erinpura
  • (B) Neemuch
  • (C) Nasirabad
  • (D) Beawar

सही उत्तर: (स) नसीराबाद से / (C) Nasirabad

व्याख्या: 1857 की क्रांति राजस्थान में सबसे पहले नसीराबाद छावनी (Nasirabad Cantonment) में 28 मई 1857 को शुरू हुई, जब वहाँ के सैनिकों ने विद्रोह कर दिया।

प्र. 3. विजयसिंह पथिक का संबंध किस किसान आंदोलन से है?

  • (अ) बेंगू
  • (ब) बिजौलिया
  • (स) अलवर किसान आंदोलन
  • (द) भरतपुर किसान आंदोलन

English: Vijay Singh Pathik is related to which Kisan Movement?

  • (A) Bengu
  • (B) Bijolia
  • (C) Alwar Kisan Movement
  • (D) Bharatpur Kisan Movement

सही उत्तर: (ब) बिजौलिया / (B) Bijolia

व्याख्या: विजयसिंह पथिक (Vijay Singh Pathik) बिजौलिया किसान आंदोलन (Bijolia Kisan Movement) के प्रमुख नेता थे, जो 1916 में शुरू हुआ और भूमि कर के विरोध में था।

प्र. 4. चरखा संघ एवं खादी भण्डार की स्थापना किसने की थी?

  • (अ) बालमुकुन्द बिस्सा
  • (ब) सागरमल गोपा
  • (स) रतन शास्त्री
  • (द) रामा देवी

English: Who founded Charkha Sangh and Khadi Bhandar?

  • (A) Balmukund Bissa
  • (B) Sagarmal Gopa
  • (C) Ratan Shastri
  • (D) Rama Devi

सही उत्तर: (अ) बालमुकुन्द बिस्सा / (A) Balmukund Bissa

व्याख्या: बालमुकुन्द बिस्सा (Balmukund Bissa) ने राजस्थान में चरखा संघ और खादी भण्डार की स्थापना की, जो स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए था।

[Page 1 of 4]

प्रश्न 6 से 10 (बहुविकल्पीय प्रश्न)

प्र6. मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय कहाँ था?

  • (अ) अजमेर
  • (ब) ब्यावर ✓ सही उत्तर
  • (स) पाली
  • (द) किशनगढ़

Where was Headquarter of Merwara Battalion located?

  • (A) Ajmer
  • (B) Beawar ✓ Correct Answer
  • (C) Pali
  • (D) Kishangarh

व्याख्या: मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय ब्यावर में स्थित था। यह ब्रिटिश काल में राजस्थान में एक महत्वपूर्ण सैन्य इकाई थी।

प्र7. डूंगरजी-जवाहरजी प्रसिद्ध देशभक्त कौनसे जिले से संबंधित थे?

  • (अ) जोधपुर
  • (ब) नागौर
  • (स) जयपुर
  • (द) सीकर ✓ सही उत्तर

Dungarji - Jawaharji, famous patriots belonged to which district?

  • (A) Jodhpur
  • (B) Nagaur
  • (C) Jaipur
  • (D) Sikar ✓ Correct Answer

व्याख्या: डूंगरजी और जवाहरजी सीकर जिले के प्रसिद्ध देशभक्त थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया।

प्र8. पुलवामा आतंकी हमले में शहीद रोहिताश लाम्बा राजस्थान के कौनसे जिले के थे?

  • (अ) जयपुर
  • (ब) उदयपुर
  • (स) बीकानेर
  • (द) चूरू ✓ सही उत्तर

Martyr Rohitash Lamba in the Pulwama terrorist attack was from which district of Rajasthan?

  • (A) Jaipur
  • (B) Udaipur
  • (C) Bikaner
  • (D) Churu ✓ Correct Answer

व्याख्या: शहीद रोहिताश लाम्बा चूरू जिले के रहने वाले थे और 2019 के पुलवामा हमले में शहीद हुए।

प्र9. "हाइफा हीरो" के नाम से प्रसिद्ध सेनानी कौन थे?

  • (अ) मेजर दलपत सिंह ✓ सही उत्तर
  • (ब) मेजर पीरू सिंह
  • (स) मेजर शैतान सिंह
  • (द) नायक सुगन सिंह

Who was the famous fighter known as "Haifa Hero"?

  • (A) Major Dalpat Singh ✓ Correct Answer
  • (B) Major Piru Singh
  • (C) Major Shaitan Singh
  • (D) Nayak Sugan Singh

व्याख्या: मेजर दलपत सिंह को प्रथम विश्व युद्ध में हाइफा की लड़ाई में वीरता के लिए "हाइफा हीरो" कहा जाता है।

प्र10. "हुरडा सम्मेलन" कब आयोजित हुआ?

  • (अ) 534
  • (ब) 634
  • (स) 734 ✓ सही उत्तर
  • (द) 834

When was "Hurda Conference" held?

  • (A) 534
  • (B) 634
  • (C) 734 ✓ Correct Answer
  • (D) 834

व्याख्या: हुरडा सम्मेलन विक्रम संवत 734 (ईस्वी 677) में आयोजित हुआ था, जो राजस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है।

प्र11. "सम्प सभा" की स्थापना किसने की?

  • (अ) गुरू गोविन्द गिरी ✓ सही उत्तर
  • (ब) गुरू नानक देव
  • (स) काली बाई
  • (द) मीरा बाई

"Samp Sabha" was established by -

  • (A) Guru Govind Giri ✓ Correct Answer
  • (B) Guru Nanak Dev
  • (C) Kali Bai
  • (D) Meera Bai

व्याख्या: सम्प सभा की स्थापना गुरू गोविन्द गिरी ने की थी, जो राजस्थान में सामाजिक सुधार आंदोलन से जुड़े थे।

रिक्त स्थान / Fill in the Blanks

प्र12. मारवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना सन् 1938 में हुई।

Marwar Prajamandal was established in the year 1938.

उत्तर: मारवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई थी। यह राजस्थान में जन आंदोलन का एक महत्वपूर्ण संगठन था।

प्र13. पहला समाचार-पत्र 1920 में प्रारम्भ हुआ।

First newspaper started in 1920.

उत्तर: राजस्थान का पहला समाचार-पत्र 1920 में प्रारम्भ हुआ था।

प्र14. 1857 की क्रांति के समय उदयपुर रियासत का शासक महाराणा स्वरूप सिंह था।

Ruler of Udaipur princely state at the time of 1857 Revolution was Maharana Swaroop Singh.

उत्तर: 1857 की क्रांति के समय उदयपुर रियासत के शासक महाराणा स्वरूप सिंह (1842-1861) थे।

प्र15. राजस्थान दिवस 30 मार्च को मनाया जाता है।

Rajasthan Day is celebrated on 30 March.

उत्तर: राजस्थान दिवस प्रतिवर्ष 30 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में राजस्थान का गठन हुआ था।

प्र16. स्वतन्त्रता के समय राजस्थान का नाम राजपूताना था।

At the time of freedom, the name

प्रश्न (Questions)

रिक्त स्थान भरिए (Fill in the Blanks)

  1. प्र.46 कपूरचन्द पाटनी ने प्रजामण्डल की स्थापना की।
    Kapoorchand Patni founded Prajamandal.

  2. प्र.47 विजयसिंह पथिक का वास्तविक नाम भूप सिंह गुर्जर था।
    The real name of Vijay Singh Pathik was Bhup Singh Gurjar.

  3. प्र.48 अप्रैल 1938 में माणिक्यलाल वर्मा ने प्रजा मण्डल की स्थापना की।
    In April 1938, Manikya Lal Verma established Prajamandal.

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न / Very Short Answer Type Questions

  1. प्र. 1 राजस्थान में एकी आंदोलन का सूत्रपात किसने किया?
    Who initiated the Aki Movement in Rajasthan?

    उत्तर: राजस्थान में एकी आंदोलन का सूत्रपात मोतीलाल तेजावत ने किया।

    Answer: The Aki Movement in Rajasthan was initiated by Motilal Tejawat.

  2. प्र. 2 स्वतन्त्रता आंदोलन के दौरान राजस्थान में हुए किस किसान हत्याकाण्ड की तुलना महात्मा गांधी ने जलियावाला बाग कांड से की?
    Which Farmer Massacre of Rajasthan during the Freedom Movement was compared by Mahatma Gandhi with Jallianwala Bagh Massacre?

    उत्तर: महात्मा गांधी ने बेगूँ किसान हत्याकाण्ड (बेगूँ, चित्तौड़गढ़) की तुलना जलियावाला बाग कांड से की थी।

    Answer: Mahatma Gandhi compared the Begun Farmer Massacre (Begun, Chittorgarh) with the Jallianwala Bagh Massacre.

  3. प्र. 3 भगत पंथ के प्रतिपादक कौन थे?
    Who was the propounder of Bhagat Panth?

    उत्तर: भगत पंथ के प्रतिपादक भगत जी (भगत जीवा काना) थे।

    Answer: The propounder of Bhagat Panth was Bhagat Ji (Bhagat Jeeva Kana).

  4. प्र. 4 किसके प्रयासों से 1945 ई. में डूंगरपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई?
    By whose efforts Dungarpur Prajamandal was established in 1945 AD?

    उत्तर: भोगीलाल पाण्ड्या के प्रयासों से 1945 ई. में डूंगरपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई।

    Answer: Dungarpur Prajamandal was established in 1945 AD by the efforts of Bhogilal Pandya.

  5. प्र. 5 राजस्थान के किस वीर को सर्वप्रथम महावीर चक्र प्राप्त हुआ?
    Which brave man of Rajasthan was first awarded Mahaveer Chakra?

    उत्तर: राजस्थान के वीर मेजर शैतान सिंह भाटी को सर्वप्रथम महावीर चक्र प्राप्त हुआ।

    Answer: The brave man of Rajasthan who was first awarded the Mahaveer Chakra was Major Shaitan Singh Bhati.

  6. प्र. 6 कोटा प्रजामण्डल की स्थापना कब हुई?
    When was the Kota Prajamandal established?

    उत्तर: कोटा प्रजामण्डल की स्थापना 1939 ई. में हुई।

    Answer: The Kota Prajamandal was established in 1939 AD.

  7. प्र. 7 भारत सरकार के मंत्री एन.वी. गाडगिल ने 17-18 मार्च, 1948 को, कौनसी चार रियासतों का उद्घाटन किया?
    On 17-18 March, 1948 which four princely states were inaugurated by N.V. Gadgil, Minister of the Government of India?

    उत्तर: एन.वी. गाडगिल ने 17-18 मार्च, 1948 को बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर चार रियासतों का उद्घाटन किया।

    Answer: On 17-18 March, 1948, N.V. Gadgil inaugurated the four princely states of Bikaner, Jaipur, Jodhpur, and Jaisalmer.

  8. प्र. 8 सप्तम चरण में, वर्तमान राजस्थान कौनसी श्रेणी की रियासत थी?
    In the seventh phase, present Rajasthan was princely state of which category?

    उत्तर: सप्तम चरण में, वर्तमान राजस्थान ‘राजस्थान संघ’ श्रेणी की रियासत थी।

    Answer: In the seventh phase, present Rajasthan was a princely state of the ‘Rajasthan Union’ category.

  9. प्र. 9 बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना किसने की?
    Who established Bikaner Prajamandal?

    उत्तर: बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना मगनराम वैद्य ने की।

    Answer: Bikaner Prajamandal was established by Maganram Vaidya.

  10. प्र. 10 मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना कब हुई?
    When was Mewar Prajamandal established?

    उत्तर: मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना 1938 ई. में हुई।

    Answer: Mewar Prajamandal was established in 1938 AD.

  11. प्र. 11 ब्रिगेडियर रघुवीर सिंह को किस पदक से सम्मानित किया गया?
    Brigadier Raghuveer Singh was awarded by which medal?

    उत्तर: ब्रिगेडियर रघुवीर सिंह को महावीर चक्र पदक से सम्मानित किया गया।

    Answer: Brigadier Raghuveer Singh was awarded the Mahaveer Chakra medal.

लघुत्तरात्मक प्रश्न / Short Answer Type Questions

  1. प्र. 1 बिजौलिया किसान आंदोलन के संदर्भ में विजय सिंह पथिक की भूमिका को रेखांकित कीजिए।
    Underline the role of Vijay Singh Pathik in the context of Bijolia Kisan Andolan.

    उत्तर: विजय सिंह पथिक ने बिजौलिया किसान आंदोलन (1916-1923) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने किसानों को संगठित किया, उनकी समस्याओं को उजागर किया और मेवाड़ रियासत के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके प्रयासों से किसानों को भू-राजस्व में राहत मिली और उनके अधिकारों की रक्षा हुई।

    Answer: Vijay Singh Pathik played a crucial role in the Bijolia Kisan Andolan (1916-1923). He organized the farmers, highlighted their issues, and led the movement against the Mewar princely state. His efforts led to relief in land revenue for the farmers and protection of their rights.

  2. प्र. 2 बूंदी राज्य में हुए किसान आंदोलन का वर्णन कीजिए।
    Describe the Farmer Movement in Bundi state.

    उत्तर: बूंदी राज्य में किसान आंदोलन (1930 के दशक) का नेतृत्व मुख्यतः नयनूराम शर्मा और हरिभाऊ उपाध्याय ने किया। किसानों ने लगान में कमी, बेगार प्रथा की समाप्ति और शोषण के विरुद्ध आंदोलन किया। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप रियासत को किसानों की मांगें माननी पड़ीं और कुछ सुधार लागू हुए।

    Answer: The Farmer Movement in Bundi state (1930s) was led mainly by Nayanuram Sharma and Haribhau Upadhyay. Farmers protested against high land revenue, the begar (forced labor) system, and exploitation. As a result of this movement, the princely state had to accept some of the farmers' demands and implement reforms.

  3. प्र. 3 19वीं सदी में, राजस्थान में हुए भील आंदोलन के कारण लिखें।
    Outline the reason for the Bhil rebellion in Rajasthan in the 19th Century.

    उत्तर: 19वीं सदी में राजस्थान में भील आंदोलन के प्रमुख कारण थे:

    • अत्यधिक भू-राजस्व और करों का बोझ।
    • बेगार प्रथा (जबरन श्रम) का शोषण।
    • जंगलों पर अधिकारों का हनन और वन कानूनों का कठोर क्रियान्वयन।
    • ब्रिटिश और रियासती शासन द्वारा सामाजिक-आर्थिक शोषण।
    • भील नेताओं (जैसे गोविंद गुरु) का नेतृत्व और जागरूकता।

    Answer: The main reasons for the Bhil rebellion in Rajasthan in the 19th century were:

    • Excessive land revenue and tax burden.
    • Exploitation through the begar (forced labor) system.
    • Violation of forest rights and strict implementation of forest laws.
    • Socio-economic exploitation by British and princely rule.
    • Leadership and awareness by Bhil leaders (like Govind Guru).
  4. प्र. 4 19वीं सदी के आरम्भ में राजस्थान में कितनी रियासतें और उनमें जाट रियासतें कितनी थीं?
    How many princely states were there in Rajasthan at the beginning of the 19th century and how many of them were Jat princely states?

    प्र.42

    मेवाड़ का संयुक्त राज्य राजस्थान में विलय किस प्रकार हुआ?
    How did Mewar merge in the United States of Rajasthan?

    उत्तर: मेवाड़ (उदयपुर) का विलय 18 अप्रैल 1948 को संयुक्त राज्य राजस्थान में हुआ। महाराणा भूपाल सिंह ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस प्रकार मेवाड़ राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया में शामिल हुआ।

    प्र.43

    राजस्थान की जनजागृति में महात्मा गांधी के आंदोलनों का क्या प्रभाव पड़ा?
    What was the effect of Mahatma Gandhi's Movements in public awakening of Rajasthan?

    उत्तर: महात्मा गांधी के आंदोलनों (असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो) ने राजस्थान में जनजागृति को गति दी। इन आंदोलनों ने जनता में राष्ट्रीय चेतना, अंग्रेजी शासन के प्रति असंतोष और स्वतंत्रता की भावना जागृत की। राजस्थान के किसानों, आदिवासियों और जनसाधारण ने इनमें बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    प्र.44

    परमवीर चक्र किस योगदान के लिए प्रदान किया जाता है?
    For what Contribution is the Paramveer Chakra given?

    उत्तर: परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। यह दुश्मन के सामने अद्वितीय वीरता, साहस और आत्म-बलिदान के लिए प्रदान किया जाता है। यह सेना के किसी भी अंग (थल, जल, वायु) के सदस्य को दिया जा सकता है।

    प्र.45

    दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न / Long Answer Type Questions

    प्र.45 (क)

    कारगिल युद्ध में राजस्थान के वीरों की भूमिका रेखांकित कीजिए।
    Underline the role of Rajasthan's heroes in the Kargil War.

    उत्तर: 1999 के कारगिल युद्ध में राजस्थान के वीरों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया। राजस्थान रेजिमेंट और अन्य राजस्थानी सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़कर दुश्मन को खदेड़ा। कैप्टन विक्रम बत्रा (परमवीर चक्र) जैसे वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी। राजस्थान के योद्धाओं ने टाइगर हिल, तोलोलिंग और अन्य चोटियों पर कब्जा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    प्र.45 (ख)

    राजस्थान में सिरोही के विलय को समझाइए।
    Explain the merger of Sirohi in Rajasthan.

    उत्तर: सिरोही रियासत का विलय राजस्थान में विवादों के बाद हुआ। प्रारंभ में सिरोही के शासक मेवाड़ में विलय चाहते थे, लेकिन जनता ने राजस्थान में विलय की मांग की। 26 जनवरी 1950 को सिरोही को राजस्थान में मिला लिया गया। इस प्रकार सिरोही का विलय जनता की इच्छा और केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से संभव हुआ।

    प्र.45 (ग)

    राजस्थान में 1857 की क्रांति के प्रमुख कारणों की विवेचना कीजिए।
    Discuss the main reasons of the Revolution of 1857 in Rajasthan.

    उत्तर: राजस्थान में 1857 की क्रांति के प्रमुख कारण थे:

    • राजनीतिक कारण: अंग्रेजों की हड़प नीति (डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स) और रियासतों में हस्तक्षेप।
    • सामाजिक-धार्मिक कारण: अंग्रेजों द्वारा सामाजिक सुधार और धार्मिक मामलों में दखल।
    • आर्थिक कारण: भारी कर, व्यापार नीति और किसानों का शोषण।
    • सैन्य कारण: सैनिकों के वेतन में कटौती और चर्बी वाले कारतूस का विवाद।
    • तत्काल कारण: मेरठ में विद्रोह और दिल्ली पर कब्जा।

    प्र.45 (घ)

    भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अन्तर्गत राजस्थान में समाचार पत्रों की क्या भूमिका रही?
    What was the role of newspapers in Rajasthan during the freedom struggle of India?

    उत्तर: राजस्थान में समाचार पत्रों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 'अखिल भारत वर्षीय जैन गजट', 'राजस्थान गजट', 'नवीन राजस्थान' और 'लोकवाणी' जैसे पत्रों ने राष्ट्रीय चेतना जागृत की। ये पत्र अंग्रेजी शासन की आलोचना करते थे, जनता को आंदोलनों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते थे और स्वतंत्रता सेनानियों के कार्यों को उजागर करते थे।

    निबंधात्मक प्रश्न / Essay Type Questions

    प्र.46

    राजस्थान की शौर्य परम्परा की सोदाहरण व्याख्या कीजिए।
    Explain the tradition of bravery of Rajasthan with examples.

    उत्तर: राजस्थान की शौर्य परम्परा अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। यहाँ के वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश और धर्म की रक्षा की।

    • महाराणा प्रताप: हल्दीघाटी के युद्ध में उन्होंने अकबर का सामना किया और अपनी स्वतंत्रता नहीं छोड़ी।
    • महाराणा सांगा: खानवा के युद्ध में बाबर से लोहा लिया।
    • पृथ्वीराज चौहान: तराइन के युद्ध में मोहम्मद गोरी को हराया।
    • आधुनिक काल: कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा, पुलवामा हमले में हेमराज मीणा जैसे वीरों ने शौर्य की परम्परा को आगे बढ़ाया।

    राजस्थान की वीरांगनाओं (पन्ना धाय, मीरा बाई, कर्मा बाई) ने भी साहस और बलिदान की मिसाल पेश की।

    अथवा / OR

    प्र.46

    पुलवामा हमले में शहीद हेमराज मीणा के साहस पर टिपणी लिखिए।
    Write comment on the courage of Martyr Hemraj Meena in Pulwama attack.

    उत्तर: 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकवादी हमले में शहीद हेमराज मीणा (राजस्थान के डूंगरपुर जिले के रहने वाले) ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया। वह सीआरपीएफ के जवान थे। आतंकवादियों ने उनके काफिले पर आत्मघाती हमला किया। हेमराज मीणा ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

    प्र.47

    स्वतंत्रता पश्चात् राजस्थान में शौर्य-परम्परा की निरन्तरता का वर्णन कीजिए।
    Describe the continuity of the tradition of valour in Rajasthan after independence.

    उत्तर: स्वतंत्रता के बाद भी राजस्थान की शौर्य-परम्परा निरंतर जारी है। राजस्थान के सैनिकों ने 1947-48 के भारत-पाक युद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में वीरता का प्रदर्शन किया। कारगिल युद्ध (1999) में राजस्थान रेजिमेंट और राजस्थानी सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलवामा हमले (2019) में हेमराज मीणा जैसे वीरों ने बलिदान दिया। राजस्थान के वीरों को परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र जैसे सम्मान मिले हैं। यह परम्परा आज भी जारी है।

    अथवा / OR

    प्र.47

    राजस्थान के एकीकरण में तत्कालीन केन्द्र सरकार की भूमिका को रेखांकित कीजिए।
    Underline the role of the then Central Government in the integration of Rajasthan.

    उत्तर: राजस्थान के एकीकरण में तत्कालीन केंद्र सरकार (गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने रियासतों को भारत में विलय के लिए राजी किया। उन्होंने राजस्थान के एकीकरण को सात चरणों में पूरा किया:

    1. मत्स्य संघ (1948)
    2. राजस्थान संघ (1948)
    3. संयुक्त राज्य राजस्थान (1948)
    4. वृहत राजस्थान (1949)
    5. संयुक्त वृहत राजस्थान (1949)
    6. राजस्थान संघ (1950)
    7. वर्तमान राजस्थान (1956)

    केंद्र सरकार ने जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखते हुए एकीकरण को सफल बनाया।