RBSE Class 9th 2026 HINDI-901 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 9th
Exam year 2026
Subject HINDI-901
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 9th 2026 HINDI-901

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Rajasthan Board Class 9th HINDI-901 2026 solved Previous Year Question Papers

खण्ड – अ

निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर लिखें –

देश प्रेम क्या है? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आलम्बन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि। यह प्रेम किस प्रकार का है? यह साहचर्य प्रेम है जिसके मध्य हम रहते हैं जिन्हें हम बराबर आँखों से देखते हैं, जिनकी बातें बराबर सुनते हैं – जिनका और हमारा हर घड़ी का साथ रहता है, जिनके सात्रिध्य का हमें आभास हो जाता है उनके प्रति लोभ या राग हो सकता है। देश-प्रेम यदि वास्तव में अन्तःकरण का कोई भाव है तो यही हो सकता है। देश प्रेम उच्च कोटि का माना गया है।

  1. (i) आलम्बन शब्द में उपसर्ग का सही रूप है –

    • (अ) आलम्ब + न
    • (ब) आ + अलम्बन
    • (स) आल + अम्बन
    • (द) अ + अलम्बन

    स्पष्टीकरण: 'आलम्बन' शब्द में उपसर्ग 'आ' है और मूल शब्द 'अलम्बन' है।

  2. (ii) प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए –

    • (अ) पशु-प्रेम
    • (ब) देश-प्रेम
    • (स) भक्ति-प्रेम
    • (द) वन-प्रेम

    स्पष्टीकरण: गद्यांश में देश-प्रेम की व्याख्या की गई है, अतः उचित शीर्षक 'देश-प्रेम' है।

  3. (iii) देश प्रेम वास्तव में किस भाव का माना जाता है?

    • (अ) अन्तःकरण
    • (ब) बाहरी भाव
    • (स) लोभ
    • (द) पशु-पक्षी

    स्पष्टीकरण: गद्यांश के अनुसार, देश-प्रेम अन्तःकरण का भाव है।

  4. (iv) साहचर्य से क्या उत्पन्न होता है?

    • (अ) लोभ या राग
    • (ब) अन्तःकरण
    • (स) साहचर्य
    • (द) प्रेम

    स्पष्टीकरण: गद्यांश में कहा गया है कि साहचर्य से लोभ या राग उत्पन्न होता है।

  5. (v) देश-प्रेम का आलम्बन किसे माना गया है?

    • (अ) मनुष्य, पशु, पक्षी, वन, पर्वत
    • (ब) मनुष्य
    • (स) पशु
    • (द) भूमि

    स्पष्टीकरण: गद्यांश के अनुसार, देश-प्रेम का आलम्बन मनुष्य, पशु, पक्षी, वन, पर्वत सहित सारी भूमि है।

  6. (vi) जिसके मध्य हम रहते हैं, कैसा प्रेम है?

    • (अ) साहचर्य प्रेम
    • (ब) लोभ प्रेम
    • (स) अन्तःकरण
    • (द) राग

    स्पष्टीकरण: गद्यांश में स्पष्ट किया गया है कि जिसके मध्य हम रहते हैं, वह साहचर्य प्रेम है।

  7. (vii) प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार देश प्रेम किस प्रकार का माना गया है?

    • (अ) उच्च कोटि
    • (ब) निम्न कोटि
    • (स) सामान्य
    • (द) निम्न व सामान्य

    स्पष्टीकरण: गद्यांश के अंत में कहा गया है कि देश प्रेम उच्च कोटि का माना गया है।

  8. (viii) सारा देश किसे माना गया है?

    • (अ) मनुष्य, पशु, पक्षी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि
    • (ब) देश जैसे – भारत, नेपाल इत्यादि
    • (स) जहाँ मनुष्य रहते हों
    • (द) देश की खाली भूमि

    स्पष्टीकरण: गद्यांश के अनुसार, सारा देश मनुष्य, पशु, पक्षी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि है।

निम्नलिखित अपठित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

दिवसावसान का समय,
मेघमय आसमान से उतर रही है
वह संध्या-सुन्दरी परी सी
धीरे-धीरे टाउन ।

प्रश्न 3

किन्तु जरा गम्भीर नहीं है उनमें हास-विलास |
हँसता है तो केवल तारा एक
गुंथा हुआ उन घुँघराले काले-काले बालों से
हृदय राज्य की रानी का वह करता है अभिषेक।

  1. प्रस्तुत पद्यांश में किस समय का वर्णन है?
    • (अ) प्रातः
    • (ब) दोपहर
    • (स) संध्या
    • (द) रात्रि

    व्याख्या: पद्यांश में 'तारा' और 'रात्रि' के संकेत हैं, जो रात्रि के समय का वर्णन करते हैं।

  2. संध्या-सुन्दरी किसके समान प्रतीत हो रही थी?
    • (अ) गुड़िया-सी
    • (ब) कामिनी-सी
    • (स) चंचल-सी
    • (द) सुन्दरी-सी

    व्याख्या: पद्यांश में 'संध्या-सुन्दरी' को कामिनी (स्त्री) के समान बताया गया है।

  3. उपर्युक्त पद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए -
    • (अ) दिवसावसान
    • (ब) संध्या-सुन्दरी
    • (स) चंचलता
    • (द) आसमान

    व्याख्या: पद्यांश में 'संध्या-सुन्दरी' का वर्णन है, इसलिए यह शीर्षक उपयुक्त है।

  4. “चंचलता' शब्द में प्रत्यय है -
    • (अ) चंचल
    • (ब) लता
    • (स) ता
    • (द) च

    व्याख्या: 'चंचलता' शब्द में 'चंचल' मूल शब्द है और 'ता' प्रत्यय है।

  5. 'हँसता है केवल तारा एक' तारा कहाँ हँसता है?
    • (अ) आकाश में
    • (ब) अधर पर
    • (स) तिमिरांचल में
    • (द) घुँघराले काले-काले बालों से गुंथा हुआ

    व्याख्या: पद्यांश के अनुसार तारा 'अधर' (होंठ) पर हँसता है।

  6. संध्या-सुन्दरी कहाँ से उतर रही है?
    • (अ) तिमिरांचल से
    • (ब) धरती से
    • (स) मेघमय आकाश से
    • (द) पानी से

    व्याख्या: पद्यांश में संध्या-सुन्दरी के मेघमय आकाश से उतरने का वर्णन है।

  7. दिवसावसान का अर्थ है -
    • (अ) सूर्यास्त का समय
    • (ब) सूर्योदय का समय
    • (स) रात्रि का समय
    • (द) दोपहर का समय

    व्याख्या: 'दिवसावसान' का अर्थ दिन का अंत या सूर्यास्त का समय होता है।

खण्ड 4

दिये गये बिन्दुओं के आधार पर किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए -

(क) पर्यावरण प्रदूषण : कारण और निवारण

  • (i) प्रस्तावना
  • (ii) पर्यावरण प्रदूषण की समस्या
  • (iii) पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रभाव
  • (iv) पर्यावरण प्रदूषण निवारण के उपाय
  • (v) उपसंहार

(ख) विद्यार्थी जीवन में नैतिक शिक्षा की उपयोगिता

  • (i) प्रस्तावना
  • (ii) नैतिक शिक्षा का स्वरूप
  • (iii) नैतिक शिक्षा की उपयोगिता
  • (iv) नैतिक शिक्षा की आवश्यकता
  • (v) उपसंहार

(ग) मोबाइल एक वरदान या अभिशाप

  • (i) प्रस्तावना
  • (ii) मोबाइल के उपयोग
  • (iii) मोबाइल का शिक्षा में महत्त्व
  • (iv) मोबाइल के दुष्प्रभाव
  • (v) उपसंहार

(घ) विद्यार्थी जीवन : भावी जीवन का आधार

  • (i) प्रस्तावना
  • (ii) विद्यार्थी जीवन के गुण
  • (iii) भावी जीवन की तैयारी
  • (iv) भावी जीवन में विद्यार्थी की भूमिका
  • (v) उपसंहार

आपके मित्र ने बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है उसे बधाई देते हुए एक संवाद लिखिए।

संवाद:

आप: नमस्ते राहुल! बहुत-बहुत बधाई हो, तुमने बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह तुम्हारी मेहनत का फल है।

राहुल: धन्यवाद! तुम्हारे आशीर्वाद और प्रोत्साहन से ही यह संभव हो पाया है।

आप: तुम्हारी सफलता से हम सबको गर्व है। आगे भी इसी तरह सफलता प्राप्त करते रहो।

राहुल: तुम्हारी शुभकामनाओं का हमेशा आभार रहेगा।

अथवा

स्वयं को अभिषेक मानते हुए अपने मित्र को जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में बधाई-पत्र लिखिए।

बधाई-पत्र:

दिनांक: 15 जनवरी 2026

प्रिय मित्र सुमित,

स्नेहपूर्ण नमस्कार।

आज तुम्हारा जन्मदिन है, इस शुभ अवसर पर मैं तुम्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ। ईश्वर तुम्हें दीर्घायु, सुख और समृद्धि प्रदान करे। तुम्हारा यह जीवन सफलता और खुशियों से भरा हो।

तुम्हारा मित्र,
अभिषेक

आपके विद्यालय में आयोजित “वार्षिकोत्सव” पर एक प्रतिवेदन लिखो।

प्रतिवेदन:

विषय: विद्यालय के वार्षिकोत्सव का प्रतिवेदन

दिनांक 10 दिसंबर 2025 को हमारे विद्यालय में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें नृत्य, गीत और नाटिका शामिल थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और मेधावी छात्रों को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

खण्ड - स

रिक्त स्थान की पूर्ति करो -

  1. नभ, गगन, अम्बर आकाश के पर्यायवाची हैं।
  2. “यश” शब्द का विलोम शब्द अपयश होता है।
  3. “उल्टी गंगा बहाना' मुहावरे का अर्थ असंभव कार्य करना होता है।
  4. 'लड़की खेल रही है' वाक्य में लड़की कर्ता कारक है।
  5. जिस शब्द से पुरुष या महिला होने का बोध होता है, उसे लिंगवाचक शब्द कहते हैं।
  6. जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट होती है, उसे विशेषण कहते हैं।
  7. 'पुराण' में 'इक' प्रत्यय लगने पर पौराणिक शब्द बनता है।
  8. 'अंजली ने रोटी खाई' वाक्य में ने कारक है।

खण्ड – स

प्रश्न 3. 'अनल' और 'अनिल' शब्दों का SI (समानार्थी) लिखिए।

  • अनल – अग्नि, आग
  • अनिल – वायु, हवा

प्रश्न 4. परसर्ग 'ने' का प्रयोग कर एक वाक्य निर्माण कीजिए।

उत्तर: राम ने फल खाया।

प्रश्न 5. वाक्य के कितने अंग होते हैं? नाम लिखिए।

उत्तर: वाक्य के दो अंग होते हैं – (1) उद्देश्य (2) विधेय।

प्रश्न 6. 'श्री गणेश करना' मुहावरे का अर्थ बताकर वाक्य में प्रयोग करो।

अर्थ: किसी कार्य को आरंभ करना।

वाक्य: हमने नए साल में पढ़ाई की श्री गणेश कर दी।

प्रश्न 7. संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं? कोई एक संयुक्त वाक्य का निर्माण करो।

उत्तर: जिस वाक्य में दो या दो से अधिक सरल वाक्य किसी योजक शब्द (और, या, इसलिए आदि) से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।

उदाहरण: राम ने खाना खाया और सो गया।

खण्ड – द

निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

सामंती संस्कृति के तत्व भारत में पहले भी रहे हैं और उपभोक्तावाद इस संस्कृति से जुड़ा रहा है। आज सामंत बदल गए हैं, संस्कृति का मुहावरा बदल गया है। हम सांस्कृतिक अस्मिता की बात कितनी ही करें; परम्पराओं का अवमूल्यन हुआ है, आस्थाओं का क्षरण हुआ है। कड़वा सच तो यह है कि हम बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं, पश्चिम के सांस्कृतिक उपनिवेश बन रहे हैं। हमारी नई संस्कृति उपभोक्तावाद की संस्कृति है। हम आधुनिकता के झूठे प्रतिमान अपनाते जा रहे हैं। प्रतिष्ठा की अंधी प्रतिस्पर्धा में हम अपना सब कुछ खो रहे हैं। हम छद्म आधुनिकता की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। संस्कृति की नियन्त्रक शक्तियों के क्षीण हो जाने के कारण हम भ्रमित हो रहे हैं। हमारा समाज ही अन्य-निर्देशित होता जा रहा है। विज्ञापन और प्रसार के सूक्ष्म तंत्र हमारी मानसिकता बदल रहे हैं। उनमें सम्मोहन की शक्ति है, वशीकरण की भी।

  1. सामंती संस्कृति के कौन से तत्व भारत में पहले भी रहे हैं?

    उत्तर: सामंती संस्कृति के तत्व और उपभोक्तावाद भारत में पहले भी रहे हैं।

  2. परम्पराओं का अवमूल्यन और आस्थाओं का क्षरण किसके कारण हुआ है?

    उत्तर: परम्पराओं का अवमूल्यन और आस्थाओं का क्षरण पश्चिमी सांस्कृतिक उपनिवेश बनने और छद्म आधुनिकता अपनाने के कारण हुआ है।

  3. उपभोक्तावाद की संस्कृति का पालन करते हुए हम किसकी दासता स्वीकार कर रहे हैं?

    उत्तर: हम बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं।

  4. हमारी नई संस्कृति कैसी संस्कृति है?

    उत्तर: हमारी नई संस्कृति उपभोक्तावाद की संस्कृति है।

  5. संस्कृति की नियन्त्रक शक्तियों के क्षीण हो जाने के कारण हम कैसे हो रहे हैं?

    उत्तर: संस्कृति की नियन्त्रक शक्तियों के क्षीण हो जाने के कारण हम भ्रमित हो रहे हैं।

  6. हमारी मानसिकता कौन बदल रहा है?

    उत्तर: विज्ञापन और प्रसार के सूक्ष्म तंत्र हमारी मानसिकता बदल रहे हैं।

अथवा

दोनों ने अपनी मूक-भाषा में सलाह की, एक-दूसरे को कनखियों से देखा और लेट गए। जब गाँव में सोता पड़ गया, तो दोनों ने झट मारकर पगहे ढीले डाले और घर की तरफ चल दिए। वे बहुत मजबूत थे। अनुमान न हो सकता था कि कोई बैल उन्हें तोड़ सकेगा; पर इन दोनों में इस समय दूनी शक्ति आ गई थी। एक-एक झटके में रस्सियाँ टूट गईं। झूरी प्रातःकाल सोकर उठा, तो देखा कि दोनों बैल चरनी पर खड़े हैं। दोनों की गरदनों में आधा-आधा गराँव लटक रहा है। घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे हैं और दोनों की आँखों में विद्रोहमय स्नेह झलक रहा है। झूरी बैलों को देखकर स्नेह से गद्गद् हो गया। दौड़कर उन्हें गले लगा लिया। प्रेमालिंगन और चुम्बन का वह दृश्य बड़ा ही मनोहर था।

  1. दोनों बैलों ने अपनी मूक-भाषा में क्या किया?

    उत्तर: दोनों बैलों ने अपनी मूक-भाषा में सलाह की, एक-दूसरे को कनखियों से देखा और लेट गए।

  2. गाँव में सोता पड़ने पर बैलों ने क्या किया?

    उत्तर: गाँव में सोता पड़ने पर दोनों बैलों ने झट मारकर पगहे ढीले डाले और घर की तरफ चल दिए।

  3. झूरी ने प्रातःकाल उठते ही क्या देखा?

    उत्तर: झूरी ने प्रातःकाल उठते ही देखा कि दोनों बैल चरनी पर खड़े हैं, उनकी गरदनों में आधा-आधा गराँव लटक रहा है और घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे हैं।

  4. दोनों बैलों की आँखों में कैसा स्नेह झलक रहा था?

    उत्तर: दोनों बैलों की आँखों में विद्रोहमय स्नेह झलक रहा था।

  5. बैलों को दौड़कर किसने गले लगा लिया?

    उत्तर: झूरी ने बैलों को दौड़कर गले लगा लिया।

  6. कौन सा दृश्य बड़ा ही मनोहर था?

    उत्तर: झूरी का बैलों के साथ प्रेमालिंगन और चुम्बन का दृश्य बड़ा ही मनोहर था।

निम्नलिखित पठित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की,
"बरस बाद सुधि लीन्हीं।"
बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की,
हरसाया ताल लाया पानी परात भर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।

  1. पद्यांश के अनुसार बड़े बन-ठन के सँवर के कौन आया?

    उत्तर: मेघ (बादल) बड़े बन-ठन के सँवर के आए।

  2. बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर किसकी जुहार की?

    उत्तर: बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर मेघों की जुहार (वंदना) की।

  3. इस पद्यांश में “जुहार” शब्द का क्या अर्थ है?

    उत्तर: “जुहार” शब्द का अर्थ है – वंदना, प्रणाम या अभिवादन।

  4. पानी परात भरकर कौन लाया?

    उत्तर: हरसाया ताल (तालाब) पानी परात भरकर लाया।

  5. “बरस बाद सुधि लीन्हीं – बोलीं अकुलाई लता ओट हो किवार की” पंक्तियों का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए।

    भावार्थ: बू

हिन्दी (901) – प्रश्न पत्र (पृष्ठ 4)

कबीर के दोहे (प्रश्न सहित)

हिन्दू मूआ राम कहि, मुसलमान खुदाइ।
कहै कबीर सो जीवता, जो दुहुँ के निकटि न जाई॥ (1)

काबा फिरी कासी भया, रामहिं भया रहीम।
अटे चून मैदा भया, बैठि कबीरा जीम।। (2)

ऊँचे कुल का जनमिया, जै करनी ऊँच न होई।
सुबरन कलस सुरा भरा, साधू निंदा सोई।। (3)

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 20 शब्द)

  1. कबीर के अनुसार कौन व्यक्ति जीवित रहता है?

    कबीर के अनुसार वह व्यक्ति जीवित रहता है जो हिंदू-मुस्लिम के धार्मिक भेदभाव से दूर रहता है और दोनों के निकट नहीं जाता।

  2. कबीर के अनुसार धार्मिक भेदभाव को त्यागने पर काबा और काशी, राम और रहीम क्या हो जाते हैं?

    धार्मिक भेदभाव त्यागने पर काबा काशी बन जाता है और राम रहीम बन जाते हैं, अर्थात् सभी एक समान हो जाते हैं।

  3. "अटे चून मैदा भया" का क्या अर्थ है? लिखिए।

    इसका अर्थ है कि जब सभी धार्मिक भेद मिट जाते हैं, तब सब कुछ एक समान हो जाता है, जैसे अटा (मोटा आटा) और मैदा (बारीक आटा) एक हो जाते हैं।

  4. कुल और अच्छे कर्मों में से किसका महत्त्व अधिक है?

    अच्छे कर्मों का महत्त्व अधिक है, क्योंकि ऊँचे कुल में जन्म लेने से नहीं, बल्कि ऊँचे कर्म करने से व्यक्ति महान बनता है।

  5. 'सुबरन कलस' का आशय क्या है?

    'सुबरन कलस' का अर्थ है सोने का कलश, जो बाहर से सुंदर दिखता है परंतु उसमें शराब भरी होती है, अर्थात् बाहरी दिखावा और भीतर बुराई।

  6. साधु किसकी निंदा करते हैं?

    साधु उस व्यक्ति की निंदा करते हैं जो ऊँचे कुल में जन्म लेकर भी अच्छे कर्म नहीं करता और बाहरी दिखावे में लिप्त रहता है।

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 20 शब्द)

  1. 'ल्हासा की ओर' यात्रा-वृत्तांत किस देश की यात्रा से लिया गया है?

    यह यात्रा-वृत्तांत तिब्बत देश की यात्रा से लिया गया है।

  2. किसने अपनी आत्मकथा का नाम 'फॉल ऑफ ए स्पैरो' (Fall of a Sparrow) रखा था? नाम लिखिए।

    लेखक 'एम. चालुक्य' (M. Chalukya) ने अपनी आत्मकथा का नाम 'फॉल ऑफ ए स्पैरो' रखा था।

  3. 'प्रेमचंद के फटे जूते' शीर्षक निबंध में परसाई जी ने किसके व्यक्तित्व की सादगी का वर्णन किया है?

    परसाई जी ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व की सादगी का वर्णन किया है।

  4. 'ऋतु श्री' कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?

    इस कविता में वसंत ऋतु के सौंदर्य का वर्णन है।

  5. 'कवि और कोकिला' कविता किसने लिखी? नाम लिखिए।

    यह कविता 'सुमित्रानंदन पंत' ने लिखी है।

  6. EMT अध्याय के अनुसार गोपियाँ किसे अपनी सौतन समझती थीं? लिखिए।

    गोपियाँ 'उद्धव' को अपनी सौतन समझती थीं, क्योंकि वे कृष्ण के संदेश लेकर आए थे।

  7. 'इस जल प्रलय में' शीर्षक पाठ के लेखक कौन हैं?

    इस पाठ के लेखक 'फणीश्वरनाथ रेणु' हैं।

  8. 'मेरे संग की औरतें' पाठ के आधार पर 'परदानशीं' शब्द से क्या तात्पर्य है?

    'परदानशीं' का तात्पर्य उन औरतों से है जो पर्दे में रहती हैं और घर से बाहर नहीं निकलतीं।

  9. 'रीढ़ की हड्डी' पाठ के अनुसार लड़के वाले देखने आने पर उमा सितार पर कौनसा गीत गाती है?

    उमा सितार पर 'भजन' गाती है, जो भक्ति रस का गीत होता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 40 शब्द)

  1. लेखक को सिखमंगे का वेश बनाकर यात्रा क्यों करनी पड़ी थी?

    लेखक को सिखमंगे का वेश बनाकर यात्रा करनी पड़ी क्योंकि वह तिब्बत की यात्रा करना चाहता था, जहाँ जाने के लिए उसे ब्रिटिश शासन की अनुमति नहीं थी। इस वेश में वह सुरक्षित यात्रा कर सका।

  2. उपभोक्ता संस्कृति से सबसे बड़ा खतरा क्या है? लिखिए।

    उपभोक्ता संस्कृति से सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह लोगों को भौतिक सुखों में लिप्त कर देती है, जिससे मानवीय मूल्य, पर्यावरण और सामाजिक संबंध कमजोर हो जाते हैं।

  3. लेखिका के जन्म पर उनकी खातिर क्यों की गईं? 'मेरे बचपन के दिन' पाठ के आधार पर लिखिए।

    लेखिका के जन्म पर उनकी खातिर इसलिए की गईं क्योंकि वह एक लड़की थी और उस समय लड़की का जन्म अशुभ माना जाता था। परिवार में निराशा थी, इसलिए खातिर (शोक) मनाया गया।

  4. 'घर कुछ पाएगा नहीं' पंक्ति में ललद्यद ने क्या संदेश दिया?

    ललद्यद ने यह संदेश दिया कि भौतिक वस्तुओं और सांसारिक सुखों से घर को कुछ नहीं मिलेगा। सच्चा सुख आध्यात्मिक ज्ञान और संतोष में है, न कि बाहरी संग्रह में।

  5. कोयल अर्द्धरात्रि को क्यों चीख उठती है? 'कवि और कोकिला' पाठ के आधार पर लिखिए।

    कोयल अर्द्धरात्रि को चीख उठती है क्योंकि वह अपने बच्चों को खो देती है या उनसे बिछड़ जाती है। उसकी चीख मातृत्व के दुख और वियोग को व्यक्त करती है।

  6. लेखक बाढ़ के पानी से घिरे द्वीप पर क्यों नहीं गया?

    लेखक बाढ़ के पानी से घिरे द्वीप पर नहीं गया क्योंकि वहाँ जाना खतरनाक था और उसके पास पर्याप्त साधन नहीं थे। वह केवल दूर से ही बाढ़ के दृश्य का अवलोकन कर सका।

  7. लेखिका की परदादी ने क्या व्रत ले रखा था और क्यों? 'मेरे संग की औरतें' पाठ के आधार पर लिखिए।

    लेखिका की परदादी ने 'मौन व्रत' ले रखा था। उन्होंने यह व्रत इसलिए लिया था क्योंकि वे परिवार में होने वाले अन्याय और पीड़ा को सहन नहीं कर पाती थीं और मौन रहकर विरोध जताती थीं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

  1. लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है?

    लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को चुनौती इसलिए कहा क्योंकि यह लोगों को अत्यधिक भौतिकवादी बना देती है। लोग केवल वस्तुओं को खरीदने और उपभोग करने में लग जाते हैं, जिससे मानवीय मूल्य, पर्यावरण और सामाजिक संबंध कमजोर हो जाते हैं। यह संस्कृति असमानता बढ़ाती है और लोगों को असंतुष्ट रखती है।

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